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ब्रिटेन में तिलक लगाने पर 8 साल के हिन्दू छात्र को स्कूल छोड़ने को किया मजबूर

लंदन. ब्रिटेन की राजधानी लंदन से हाल ही में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्राइमरी स्कूल में हिन्दू छात्र के साथ हुए भेदभाव के बाद उसे स्कूल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 8 साल के हिन्दू छात्र को माथे पर तिलक लगाने की वजह से यह सबकुछ झेलना पड़ा है। ब्रिटिश हिंदू और भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले एक सामाजिक आंदोलन और एडवोकेसी संस्था इनसाइट यूके के मुताबिक मामला लंदन के विकर्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल का है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल के स्टाफ ने बच्चे से उसके धार्मिक रीति-रिवाज को समझाने और सही ठहराने के लिए कहा। इस व्यवहार को संगठन ने एक नाबालिग के लिए पूरी तरह से अनुचित बताया है। छात्र के माता-पिता ने अन्य हिंदू माता-पिता के साथ मिलकर, कथित तौर पर हेडटीचर और स्कूल के गवर्नरों को हिंदू रीति-रिवाजों के धार्मिक महत्व के बारे में समझाने की कोशिशें भी कीं लेकिन स्कूल ने इसे खारिज कर दिया। आरोप हैं कि स्कूल की हेडटीचर ने ब्रेक के समय भी बच्चे पर इस तरह से नजर रखी कि बच्चा डर गया, और दोस्तों से भी अलग थलग पड़ गया। यह आरोप भी लगाए गए हैं कि बच्चे को तिलक लगाने की वजह से स्कूल में कुछ पदों से भी हटा दिया। एडवोकेसी समूह ने बताया कि विकर्स ग्रीन प्राइमरी स्कूल में धार्मिक भेदभाव के कारण कम से कम चार बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। INSIGHT UK के एक प्रवक्ता ने कहा, "किसी भी बच्चे को अपने धर्म के कारण निगरानी में, अलग-थलग या अकेला महसूस नहीं करना चाहिए, खासकर किसी अधिकारी द्वारा नहीं। ऐसे अनुभवों का लंबे समय तक भावनात्मक प्रभाव पड़ सकता है और सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल उठ सकते हैं।"

हरियाणा के हिसार में ठंड से दो लोगों की मौत

हिसार. प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। छह जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है, जिसे मौसम विभाग ने आगामी वर्षा के संकेत के रूप में देखा है। जिन जिलों में रात की ठंड में नरमी आई है, वहां छिटपुट वर्षा की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार यह स्थिति तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से बनी है, जिसका असर 25 जनवरी के बाद तक रह सकता है। वहीं, हिसार में सर्दी से दूसरी मौत दर्ज की गई। गांव लाडवा निवासी 72 वर्षीय महेंद्र का शव खेत में मिला, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ठंड बताया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तापमान बादलों की मौजूदगी का संकेत है, दिन के तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। जहां न्यूनतम पारा बढ़ा, वहां वर्षा होने की संभावना ज्यादा हिसार, रोहतक, सिरसा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और अंबाला जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान बढ़ा है। यहां न्यूनतम तापमान में औसतन आठ डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार इन्हीं क्षेत्रों में पहले चरण में छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की वर्षा के आसार बने हैं। ठंड अभी कायम, सुबह-शाम सतर्कता बरतना जरूरी  बादलों और बढ़े तापमान के बावजूद रात की ठंड जानलेवा बनी हुई है। खुले में रहने वाले बुजुर्गों और कमजोर वर्ग के लिए जोखिम बना है। प्रशासन ने अलसुबह और देर रात विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। कृषि क्षेत्र के लिए भी विभाग ने फसलों पर स्प्रे नहीं करने की सलाह दी है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बुलाई हरियाणा BJP की पहली बैठक

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही नितिन नबीन ने हरियाणा बीजेपी की पहली बैठक बुला ली है। नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, संगठन मंत्री फणीन्द्र नाथ शर्मा शामिल होंगे। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। हरियाणा के संगठनात्मक ढांचे को लेकर भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ प्रदेश के नेता मंथन करेंगे। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा में पार्टी नेताओं के बीच चल रहे सियासी घमासान का भी बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष फीडबैक लेंगे। नई दिल्ली में हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ हरियाणा के नेताओं की यह पहली बैठक होगी। इस बैठक को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में समय की गणना को बहुत महत्व दिया गया है. शुभ कार्यों के लिए जहां हम मुहूर्त देखते हैं, वहीं कुछ समय ऐसा भी होता है जिसे वर्जित माना गया है. ऐसा ही एक समय है पंचक. आज यानी 20 जनवरी की देर रात से पंचक शुरू हो रहे हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचक के दौरान कुछ विशेष कार्यों को करने से बचना चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि इस दौरान किए गए अशुभ कार्य का प्रभाव पांच गुना बढ़ जाता है. कब से कब तक है पंचक? ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार पंचक की अवधि कुछ इस प्रकार रहेगी. पंचक का आरंभ: 21 जनवरी 2026 (बुधवार) को रात 01:35 AM से (यानी आज 20 जनवरी की आधी रात के बाद). पंचक का समापन: 25 जनवरी 2026 (रविवार) को दोपहर 01:35 PM पर. चूंकि यह पंचक बुधवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे ज्योतिष की भाषा में शुभ फल देने वाला राज पंचक भी कहा जाता है, लेकिन कुछ सावधानियां फिर भी जरूरी हैं. क्या होता है पंचक? जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों में विचरण करता है, तो उस काल को पंचक कहा जाता है. सरल शब्दों में कहें तो जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में होता है, तब पंचक लगता है. शास्त्रों के अनुसार, पंचक का अर्थ है ‘पांच’. ऐसी मान्यता है कि इस दौरान होने वाली कोई भी शुभ या अशुभ घटना पांच बार दोहराई जा सकती है. पंचक में भूलकर भी न करें ये 5 काम लकड़ी इकट्ठा करना: पंचक के दौरान ईंधन के लिए लकड़ी एकत्र करना या घास-फूस इकट्ठा करना अशुभ माना जाता है. इससे अग्नि का भय बना रहता है. घर की छत डलवाना: अगर आप घर बनवा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि पंचक के दौरान छत न डलवाएं. माना जाता है कि इससे घर में क्लेश और धन की हानि हो सकती है. चारपाई या बेड बनवाना: पंचक काल में नया बेड, चारपाई बुनना या खरीदना शुभ नहीं माना जाता. यह सुख-शांति में बाधा उत्पन्न कर सकता है. दक्षिण दिशा की यात्रा: दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना गया है. पंचक के दौरान इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए, क्योंकि यह कष्टकारी हो सकती है. अंतिम संस्कार में सावधानी: यदि पंचक के दौरान किसी की मृत्यु हो जाए, तो अंतिम संस्कार विशेष नियमों के साथ किया जाता है. शांति के लिए शव के साथ पांच पुतले बनाकर जलाए जाते हैं. पंचक में क्या करें ? क्या करें: आप पूजा-पाठ, नामकरण, और नियमित व्यापारिक कार्य कर सकते हैं. चूंकि यह राज पंचक है, इसलिए सरकारी कामकाज और संपत्ति के लेन-देन में सफलता मिलने के योग बनते हैं. बस ध्यान रखें कि ऊपर बताए गए पांच वर्जित काम न करें. मन में श्रद्धा रखें और किसी भी नए बड़े काम की शुरुआत से पहले अपने कुलदेवता का स्मरण जरूर करें.

पत्नी को गुजारा भत्ता देने से बचने छोड़ दी 6 करोड़ की नौकरी

सिंगापुर. तलाक के बाद पत्नी को गुजारा भत्ता देने से बचने के लिए लोग नए-नए तरकीब निकालते रहते हैं। हाल ही में सिंगापुर के एक शख्स ने पत्नी को भरण-पोषण ना देना पड़े, इसके लिए एक ऐसा कदम उठा लिया, जिसे सुनकर अदालत भी दंग रह गई। यह मामला सिंगापुर की फैमिली कोर्ट से सामने आया है। यहां कोर्ट ने एक कनाडाई नागरिक को बड़ा झटका देते हुए उसकी अलग रह रही पत्नी और चार बच्चों को करीब 6.34 लाख सिंगापुर डॉलर का बकाया गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि कोई शख्स अच्छी सैलरी वाली नौकरी छोड़कर और देश छोड़कर अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों से नहीं बच सकता। ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने माना कि व्यक्ति ने जानबूझकर अक्टूबर 2023 में सिंगापुर में अपनी एक अच्छी नौकरी छोड़ दी। ठीक उसी समय उसकी पत्नी ने विमेंस चार्टर के तहत मेंटेनेंस की अर्जी दी थी। कोर्ट ने कहा कि नौकरी छोड़ना उसे पत्नी और बच्चों की आर्थिक जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करता। पत्नी गृहिणी दोनों पति-पत्नी कनाडा के नागरिक हैं और दिसंबर 2013 में अपने चार बच्चों के साथ सिंगापुर आए थे। पति सिंगापुर में एक मल्टीनेशनल कंपनी के ऑफिस में सीनियर एग्जीक्यूटिव था और 2023 में उसकी सालाना आमदनी करीब 8.60 लाख सिंगापुर डॉलर यानी करीब 6 करोड़ रुपए थी। वहीं उसकी पत्नी गृहिणी थी और डिपेंडेंट पास पर रह रही थी। बच्चे इंटरनेशनल स्कूलों में पढ़ते थे। दोनों के रिश्ते में अगस्त 2023 में दरार आई, जब पति घर छोड़कर एक दूसरी महिला के साथ रहने लगा। अलग होने के बाद शुरुआत में पति ने हर महीने 20 हजार सिंगापुर डॉलर देने की पेशकश की थी, जिसमें किराया, स्कूल फीस और ट्रांसपोर्ट खर्च अलग थे। बाद में यह रकम घटाकर 11 हजार डॉलर कर दी गई। सितंबर 2023 में सपोर्ट और कम होने के बाद पत्नी ने 2 अक्टूबर 2023 को कोर्ट में गुजारा भत्ते की अर्जी दी और कहा कि पति ने सही आर्थिक मदद नहीं दी। नौकरी के साथ देश भी छोड़ा मेंटेनेंस की अर्जी दाखिल होने के कुछ ही दिनों बाद, 9 अक्टूबर 2023 को पति ने सिंगापुर की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद जनवरी 2024 में वह सिंगापुर छोड़कर कनाडा चला गया। कोर्ट की सुनवाई में शामिल ना होने पर उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। उसने दलील दी कि पत्नी ने उसके ऑफिस में बदनाम करने की कोशिश की, इसलिए उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। लेकिन कोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि उसकी नौकरी पर कोई खतरा नहीं था। कोर्ट ने क्या कहा? जज ने अपने आदेश में कहा कि मेंटेनेंस तय करते समय केवल मौजूदा कमाई नहीं, बल्कि व्यक्ति की कमाने की क्षमता देखी जाती है। अक्टूबर 2024 तक, जब तक उसे कनाडा में नई नौकरी नहीं मिली, उसकी कमाई की क्षमता सिंगापुर वाली सैलरी के आधार पर ही मानी जाएगी। इसके बाद आदेश दिया गया कि अक्टूबर 2024 से आगे बच्चों और परिवार के खर्च में दोनों माता-पिता बराबर योगदान देंगे।

भारतीय मूल का शख्स बोला- ‘पत्नी को मैंने मारा है, कोई कत्ल नहीं किया’

एडिलेड. ऑस्ट्रेलिया में पत्नी का कत्ल करने वाले भारतीय मूल के विक्रांत ठाकुर ने अदालत में अजीबोगरीब दावा किया है। उन्होंने एडिलेड मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि मैंने ही अपनी पत्नी को मारा है, लेकिन यह कत्ल नहीं है। 42 साल के शख्स ने कहा कि मैं इस मामले में हत्या का दोषी नहीं हो सकता। विक्रांत ठाकुर को 14 जनवरी को इस मामले में दूसरी बार अदालत में पेश किया गया। उस पर बीते साल दिसंबर में अपनी पत्नी सुप्रिया ठाकुर के कत्ल का आरोप है। विक्रांत ठाकुर ने कहा कि मैंने अपनी पत्नी को मारा है, लेकिन यह कत्ल का मसला नहीं है। कहा जा रहा है कि उसने अपनी वकील की सलाह पर ऐसी दलील दी है। विक्रांत ठाकुर ने कहा कि यह मामला manslaughter यानी हत्या का है, लेकिन मर्डर का नहीं है। उसका कहना है कि मैनस्लॉटर की स्थिति वह होती है, जब गुस्से में या मौके पर उत्तेजना के चलते कोई घटना हो जाती है। वहीं मर्डर का मामला वह है, जब किसी की हत्या सोच-समझकर की जाए। इसलिए मेरे खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस चलना चाहिए। मर्डर का मामला मेरे ऊपर नहीं चलना चाहिए। माना जा रहा है कि विक्रांत ठाकुर ने ऐसी मांग इसलिए की है ताकि उसकी सजा कम हो सके। हत्या का मामला ज्यादा गंभीर है, जबकि गैर-इरादतन हत्या उससे कम श्रेणी वाला अपराध है। एडिलेड के उत्तरी इलाके में सुप्रिया ठाकुर को 21 दिसंबर को अचेत अवस्था में पाया गया था। इसके बाद पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुप्रिया को सीपीआर देने की कोशिश की थी, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस का कहना था कि वह पहले ही मर चुकी थी। इस केस की पहली सुनवाई 22 दिसंबर को हुई थी। विक्रांत ने बेल की अपील नहीं थी। इसके अलावा उसके वकीलों ने मांग की थी कि इस मामले में सबूतों को जुटाने, पोस्टर्माटम रिपोर्ट और डीएनए रिपोर्ट आने तक सुनवाई को 16 सप्ताह तक के लिए रोक लिया जाए। अब इस मामले की सुनवाई अप्रैल में की जाएगी। दोस्तों ने सुप्रिया के बेटे की मदद के लिए जुटाया फंड सुप्रिया के बेटे की मदद के लिए उसके दोस्तों और अन्य लोगों ने एक फंड भी तैयार किया है। उसके समर्थकों द्वारा चलाए जा रहे चैरिटी पेज GoFundMe में लिखा गया कि सुप्रिया ठाकुर एक अच्छी मां थीं। वह खूब मेहनत करती थीं ताकि उनके इकलौते बेटे का भविष्य बन सके। बेटे के लिए उसने सब कुछ किया। वह केयरिंग नेचर की थीं और सबकी चिंता करती थीं। वह कई बार लंबे वक्त तक काम करती रहती थीं और नर्स के पेशे में उनकी पहचान काफी अच्छी थी। इसलिए हम उसके बेटे के लिए एक फंड जुटा रहे हैं।

बढ़े टैरिफ के बीच नए साझेदारों की तलाश में पोलैंड

नई दिल्ली. पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने कहा है कि बढ़ते वैश्विक टैरिफ के चलते पोलैंड नए व्यापारिक साझेदारों की तलाश कर रहा है और इस दिशा में भारत ने सहयोग के लिए तत्परता दिखाई है। भारत दौरे के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने मुक्त और नियम-आधारित वैश्विक व्यापार की जरूरत पर जोर दिया। दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिकोरस्की ने कहा जब दुनिया के कुछ हिस्सों से हमें बढ़े हुए टैरिफ का सामना करना पड़ता है, तब हम नए व्यापारिक साझेदार तलाशते हैं। भारत ने हमारे साथ जुड़ने की इच्छा दिखाई है। हमें दुनिया को यह दिखाना होगा कि आज भी कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जो मुक्त व्यापार में विश्वास रखते हैं। बढ़ते टैरिफ और नए विकल्प गौरतलब है कि पिछले वर्ष अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच हुए एक व्यापार समझौते के तहत अधिकांश यूरोपीय संघ उत्पादों पर 15 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया गया था। पोलैंड, जो यूरोपीय संघ का सदस्य है, इस फैसले से प्रभावित हुआ है। ऐसे में भारत जैसे उभरते बाजार पोलैंड के लिए अहम साझेदार बनकर सामने आ रहे हैं। भारत-ईयू एफटीए को लेकर आशावाद सिकोरस्की ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच चल रही मुक्त व्यापार समझौता (FTA) वार्ता को लेकर भी सकारात्मक रुख जताया। उन्होंने कहा कि भारत और ईयू के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि कुछ उद्योग संवेदनशील जरूर हैं, लेकिन भारत और यूरोपीय संघ के कृषि क्षेत्र काफी हद तक एक-दूसरे के अनुकूल हैं। यूरोपीय संघ एक स्थिर और पूर्वानुमानित सिंगल मार्केट है, जो व्यापार और निवेश के लिए आकर्षक बनाता है। पोलिश उप-प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारत-ईयू एफटीए वार्ता सफल निष्कर्ष तक पहुंचेगी, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा। 27 जनवरी को हो सकता है बड़ा एलान सूत्रों के अनुसार, भारत-ईयू एफटीए को अंतिम रूप 27 जनवरी को होने वाले 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान दिया जा सकता है। इस अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत दौरे पर रहेंगी। इससे पहले सिकोरस्की ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। बैठक में पड़ोसी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों और वैश्विक हालात पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की। जयशंकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता होनी चाहिए और किसी भी तरह के आतंकी ढांचे को समर्थन नहीं मिलना चाहिए। इस पर सहमति जताते हुए सिकोरस्की ने कहा कि पोलैंड भी हाल ही में आतंकवादी गतिविधियों का शिकार हुआ है, जब एक चलती ट्रेन के नीचे रेलवे लाइन उड़ाने की कोशिश की गई।

डोनाल्ड ट्रंप के नारे की टोपियां लगाकर ग्रीनलैंड में मजाक बना रहे लोग

कोपेनहेगन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड से जुड़े बयानों और दावों पर जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। ग्रीनलैंड और डेनमार्क में लोग ट्रंप के प्रसिद्ध MAGA नारे का मजाक उड़ाते हुए लाल रंग की बेसबॉल टोपियां पहन रहे हैं, जिन पर लिखा है। इन टोपियों पर लिखा है- अमेरिका यहां से चले जाओ। यह टोपियां अब विरोध का प्रमुख प्रतीक बन गई हैं, खासकर पिछले कुछ दिनों में कई बड़े प्रदर्शनों हुए हैं। क्या है पूरा मामला? डोनाल्ड ट्रंप का प्रसिद्ध चुनावी नारा 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) पूरी दुनिया में मशहूर है, जिसे वे अपनी लाल टोपी पर लिखकर पहनते हैं। ग्रीनलैंड के प्रदर्शनकारियों ने इसी स्टाइल को कॉपी करते हुए ट्रंप पर तंज कसा है। वहां के लोग अब वैसी ही लाल टोपियां पहन रहे हैं, लेकिन उन पर 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' की जगह 'मेक अमेरिका गो अवे' लिखा हुआ है। हिंदी में इसका अर्थ है- अमेरिका यहां से दूर रहे या अमेरिका वापस जाओ। कुछ टोपियों में ग्रीनलैंड की राजधानी Nuuk पर खेलते हुए लिखा है- Nu det NUUK, जिसका मतलब- अब बहुत हो गया। इन पर ग्रीनलैंड का झंडा भी छपा होता है। टोपियों का स्टॉक खत्म हो गया ये टोपियां कोपेनहेगन के एक विंटेज कपड़ों की दुकान के मालिक जेस्पर राबे टोननेसेन ने बनाईं। पिछले साल ये ज्यादा नहीं चलीं, लेकिन ट्रंप की हालिया धमकियों के बाद इनकी मांग इतनी बढ़ गई कि स्टॉक खत्म हो गया और दुकान को सैकड़ों नई छपवानी पड़ीं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि ये टोपियां अब चैरिटी के लिए बेची जा रही हैं, और अमेरिका से ही सबसे ज्यादा खरीदारी हो रही है। कोपेनहेगन निवासी एक प्रदर्शनकारी लार्स हरमनसेन ने कहा- मैं ग्रीनलैंड का समर्थन करना चाहता हूं और दिखाना चाहता हूं कि मुझे अमेरिका के राष्ट्रपति पसंद नहीं। ये टोपियां सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। X पर कई पोस्ट में लोग इसे ट्रंप के खिलाफ मजाकिया लेकिन तीखा तंज बता रहे हैं। ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोग साफ कह रहे हैं- हम अमेरिकी नहीं हैं और कभी नहीं होंगे। विरोध का कारण यह विरोध तब तेज हुआ जब डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दोबारा संकेत दिया कि वे दुनिया के सबसे बड़े द्वीप 'ग्रीनलैंड' को खरीदने में रुचि रखते हैं। ग्रीनलैंड डेनमार्क देश का एक स्वायत्त क्षेत्र है। साल 2019 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी ट्रंप ने ग्रीनलैंड को खरीदने का विचार रखा था, जिसे डेनमार्क की सरकार ने बेतुका बताकर खारिज कर दिया था। उस समय ट्रंप ने इसे एक बड़े रियल एस्टेट सौदे की तरह बताया था। अमेरिका ग्रीनलैंड में इसलिए दिलचस्पी रखता है क्योंकि यह आर्कटिक क्षेत्र में है और यहां दुर्लभ खनिज का भंडार है, जो चीन के प्रभुत्व को कम करने के लिए अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण हैं। टोपियों के जरिए दिया कड़ा संदेश ग्रीनलैंड के लोगों का कहना है कि उनका देश कोई बिकाऊ जमीन का टुकड़ा नहीं है। वे अपनी स्वायत्तता और पहचान के साथ खुश हैं। इन लाल टोपियों के जरिए वे ट्रंप को यह संदेश दे रहे हैं कि उनकी डॉलर की ताकत यहां नहीं चलेगी।

प्रधानमंत्री ने भाजपा के ‘नवीन नायक’ को दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली. नितिन नवीन भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए हैं। मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इसका एलान किया गया। इस मौके पर पीएम मोदी ने उन्हें माला पहनाकर अभिवादन और स्वागत किया। कुछ ही देर में नितिन नवीन राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का आधिकारिक कार्यभार संभालेंगे। पीएम मोदी ने नितिन नवीन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नितिन नवीन को दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा का ये संगठन पर्व देश के कार्यकर्ता केंद्रित सोच का प्रतीक है। पीएम मोदी ने कहा, 'हमारा नेतृत्व परंपरा से चलता है, अनुभव से समृद्ध होता है और जनसेवा-राष्ट्रसेवा के भाव से संगठन को आगे बढ़ाता है। हमने शून्य से शिखर तक का सफर देखा है।' पीएम मोदी ने भाजपा के सभी पूर्व अध्यक्षों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आज भाजपा का जितना फोकस संगठन के विस्तार पर है, उतना ही कार्यकर्ता के निर्माण पर भी है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री भी रहा, लेकिन मैं भाजपा का कार्यकर्ता रहा। उन्होंने कहा कि मैं कार्यकर्ता हूं और नितिन नवीन मेरे बॉस हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'नितिन नवीन को केवल भाजपा ही नहीं, एनडीए के घटक दलों से भी समन्वय बनाना है। नितिन ने खुद को साबित किया है।' पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले 25 वर्ष बहुत महत्वपूर्ण हैं। आने वाले वर्षों में विकसित भारत का निर्माण होना है और यह तय है। पीएम मोदी ने कहा कि नितिन नवीन मिलेनियल हैं। पीएम ने कहा, 'देश अब 21वीं सदी के एक अहम दौर में प्रवेश कर चुका है। पहले 25 साल तेजी से बीत चुके हैं और अब आने वाले 25 साल बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। यही वह समय है, जब विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करना है। उन्होंने कहा कि इस नए दौर की शुरुआत में नितिन नवीन भाजपा की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि नितिन नवीन आज की युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे उस पीढ़ी से हैं, जिसने बचपन में रेडियो के जरिए जानकारी ली और आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक के साथ काम कर रही है। इससे पार्टी के हर कार्यकर्ता को सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इस वर्ष जनसंघ की स्थापना के 75 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने उन सभी परिवारों को सम्मान दिया, जिन्होंने पीढ़ियों तक त्याग, तपस्या और बलिदान देकर संगठन को मजबूत बनाया। नितिन नवीन ने मंदिर में पूजा-अर्चना से की दिन की शुरुआत इससे पहले नितिन नवीन दिल्ली के झंडेवाला मंदिर, भगवान वाल्मीकि मंदिर, प्राचीन हनुमान मंदिर और गुरुद्वारा बंगला साहिब पहुंचे और माथा टेका। 45 साल की उम्र में नितिन नवीन भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। इससे पहले अमित शाह 49 साल की उम्र में पार्टी अध्यक्ष बने थे। गौरतलब है कि भाजपा मुख्यालय में सोमवार को अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ था। किसी और उम्मीदवार के नामांकन न आने के कारण नितिन नवीन निर्विरोध चुने गए। बता दें कि उन्हें 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी मामले में तीन राज्यों में ईडी का छापा

नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी के मामले में धन शोधन की जांच के तहत तीन राज्यों में तलाशी अभियान शुरू किया। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों के अनुसार है। उन्होंने आगे बताया कि केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में लगभग 21 स्थानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत छापेमारी की जा रही है। केरल उच्च न्यायालय की देखरेख में हो रही जांच बंगलूरू में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष ए पद्मकुमार से जुड़े परिसरों को संघीय जांच एजेंसी द्वारा कार्रवाई के तहत शामिल किए जाने की आशंका है। ईडी ने हाल ही में केरल पुलिस की एफआईआर का संज्ञान लेते हुए पीएमएलए के तहत एक मामला दर्ज किया था। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले की जांच केरल उच्च न्यायालय की देखरेख में राज्य की विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा पहले से ही की जा रही है। क्या है मामला यह जांच कई अनियमितताओं से संबंधित है, जिनमें आधिकारिक कदाचार, प्रशासनिक चूक और भगवान अयप्पा मंदिर की विभिन्न कलाकृतियों से सोना हड़पने की आपराधिक साजिश शामिल है। एसआईटी द्वारा की जा रही जांच मंदिर के द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्तियों की सोने से मढ़ी तांबे की प्लेटों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों के फ्रेम से सोने की चोरी से संबंधित है।