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ताजपोशी मंच से PM मोदी का संदेश: नितिन नवीन के साथ राजनाथ सिंह और गडकरी को क्यों किया याद

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष नितिन नवीन की ताजपोशी हो चुकी है। मंगलवार को उन्हें औपचारिक रूप से अध्यक्ष चुना गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपना नया बॉस करार दिया। साथ ही उन्होंने पूर्व में अध्यक्ष रह चुके केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, जगत प्रकाश नड्डा के कार्यकाल को भी याद किया। नवीन भाजपा के 12वें अध्यक्ष बने हैं।   पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा, 'भाजपा एक संस्कार है। भाजपा एक परिवार है। हमारे यहां 'मेंबरशिप' से भी ज्यादा 'रिलेशनशिप' होती है। भाजपा एक ऐसी परंपरा है, जो पद से नहीं प्रक्रिया से चलती है। हमारे यहां पदभार एक व्यवस्था है और कार्यभार जीवन भर की जिम्मेदारी है। हमारे यहां अध्यक्ष बदलते हैं, लेकिन आदर्श नहीं बदलते। नेतृत्व बदलता है लेकिन दिशा नहीं बदलती।' उन्होंने दिवंगत पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर जेपी नड्डा तक के कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'अटल जी, आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी जी के नेतृत्व में भाजपा ने शून्य से लेकर शिखर तक का सफर देखा है।' उन्होंने कहा, 'इस सफर में वेंकैया नायडू जी और नितिन गडकरी जी सहित हमारे कई वरिष्ठ साथियों ने संगठन को विस्तार दिया।' राजनाथ सिंह के कार्यकाल में मिला पहला बहुमत PM मोदी ने कहा, 'राजनाथ जी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया। फिर अमित भाई के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में भाजपा की सरकारें बनीं और लगातार दूसरी बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनी।' उन्होंने कहा, 'फिर जेपी नड्डा जी के नेतृत्व में भाजपा पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक और सशक्त हुई और लगातार तीसरी बार केंद्र में भाजपा की सरकार बनी। मैं भाजपा के पूर्व के सभी अध्यक्षों का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।' नितिन नवीन बने नए बॉस नवीन ने नड्डा का स्थान औपचारिक रूप से ले लिया है। नवीन ने 14 दिसंबर को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद बिहार सरकार में कानून और न्याय, शहरी विकास और आवास मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। भाजपा के संगठनात्मक चुनावों के निर्वाचन अधिकारी के लक्ष्मण ने संगठनात्मक चुनावों के परिणाम घोषित किए और 45 वर्षीय नवीन को चुनाव प्रमाण पत्र सौंपा, जो पार्टी के शीर्ष पद पर आसीन होने वाले अब तक के सबसे युवा व्यक्ति हैं। इस मौके पर पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क एवं परिवहन मंत्री गडकरी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।  

पंजाब में 22-23 जनवरी को झमाझम बारिश की मौसम ने जारी की चेतावनी

पठानकोट. हरियाणा सहित पूरे उत्तर भारत में लगातार पड़ रही धुंध और कड़ाके की ठंड के बीच मौसम विभाग ने 22 जनवरी से पंजाब में मौसम बदलने की भविष्यवाणी की है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार 22 और 23 जनवरी को पंजाब के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि 22 जनवरी को शाम के समय पंजाब में मौसम का मिज़ाज बदलेगा और पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, होशियारपुर, जालंधर और लुधियाना में बारिश होने की संभावना है। उधर, पिछले चार दिनों से चंडीगढ़ के तापमान में 10 डिग्री की बढ़ोतरी होने से अब यह महसूस ही नहीं हो रहा कि इस महीने के पहले 15 दिन शहरवासियों ने रिकॉर्ड तोड़ कड़ाके की ठंड झेली थी। रविवार को उत्तर भारत के 6 राज्यों में सबसे गर्म रहे चंडीगढ़ के तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 25 डिग्री के करीब पहुंचते हुए 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बढ़े हुए तापमान के बीच सोमवार को भी दिल्ली और गुरुग्राम के बाद चंडीगढ़ 6 राज्यों में तीसरा सबसे गर्म शहर रहा।

‘मल्टी लेन फ्री फ्लो टोल सिस्टम’ से बिना रुके कटेगा टोल टैक्स

घरौंडा. वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब टोल प्लाजा पर रुककर टोल टैक्स देने की झंझट जल्द ही खत्म होने वाली है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत टोल प्लाजा और बैरियर हटाए जाएंगे। उनकी जगह मल्टी लेन फ्री फ्लो प्रणाली लागू की जा रही है, जिसमें वाहन बिना रुके चलते-चलते ही टोल टैक्स का भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए 26 जनवरी से ट्रायल किया जाएगा। इस नई टोल कलेक्शन प्रणाली का ट्रायल फिलहाल हरियाणा और गुजरात में किया जा रहा है। हरियाणा में नेशनल हाईवे स्थित बसताड़ा टोल प्लाजा पर मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम शुरू किया जा रहा है। इस प्रणाली के लागू होने के बाद वाहन चालकों को न तो टोल प्लाजा पर रुकना पड़ेगा और न ही लंबी कतारों में समय बर्बाद करना होगा। 100 फीसदी टोल वसूली का दावा अधिकारियों के अनुसार मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम के लागू होने से टोल टैक्स चोरी की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी और 100 प्रतिशत वाहनों से टोल वसूली सुनिश्चित की जा सकेगी। जहां सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, वहीं वाहन चालकों को समय की बचत, ईंधन की खपत में कमी और ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी। यह ट्रायल सफल रहता है तो इस प्रणाली को देशभर के राजमार्गों पर लागू किया जाएगा। एनएच-44 पर हो जान गंवा रहे लोग एनएच-44 पर लगातार हो रहे हादसों में पैदल पार करने वाले वाहनों की टक्कर से जान गंवा रहे हैं। दैनिक जागरण लगातार हाईवे के ब्लैक स्पाट पर हो रहे हादसों और उनमें हो रही मौतों को प्रमुखता से उठा रहा है। हाईवे पर रोजाना हो रही मौतों को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अब आगे आया है। दिल्ली के मुकरबा चौक से लेकर पानीपत तक 55 किलोमीटर के हिस्से में बीच के डिवाइडर पर आठ फुट ऊंची ग्रिल लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है, ताकि हाईवे को पैदल पार करने से रोका जा सके, और उनकी वाहनों से टकराकर मौत न हो। दिल्ली, सोनीपत या पानीपत के हिस्से में रोजाना हाईवे को पैदल पार करने वाले कई लोगों की वाहनों की टक्कर से मौत हो जाती है। 2025 में जनवरी से दिसंबर तक जिले में 418 हादसों में मौत हो चुकी है। चलती गाड़ियों से ऐसे कटेगा टोल टैक्स मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इसके तहत सड़क के ऊपर ओवरहेड स्ट्रक्चर लगाए गए हैं, जिनमें फास्टैग सेंसर, नंबर प्लेट रीडर (एनपीआर) कैमरे, लेजर कैमरे और वीडियो रिकार्डिंग सिस्टम शामिल हैं। हाईवे पर दोनों तरफ करीब 50 मीटर की दूरी पर ऐसे चार ओवरहेड सिस्टम लगाए गए हैं। स्पीड पर भी रहेगी नजर इस नई प्रणाली की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ टोल वसूली ही नहीं, बल्कि वाहन की गति (स्पीड) पर भी नजर रखी जाएगी। सिस्टम में लगे कैमरे वाहन की स्पीड रिकार्ड करेंगे। यदि कोई चालक तय सीमा से अधिक गति से वाहन चलाता है तो आगे लगे दूसरे ओवरहेड सिस्टम के जरिए उसकी पुष्टि की जाएगी। ऐसे मामलों में न केवल टोल टैक्स कटेगा, बल्कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान भी सीधे वाहन मालिक के पते पर भेजा जाएगा।

बार-बार आता है गुस्सा? इन उपायों से रखें खुद को शांत

गुस्सा आना और गुस्सा होना दो अलग बातें हैं। किसी इंसान को गुस्सा आ रहा है लेकिन उसने कंट्रोल कर लिया, तो वो कई सारी प्रॉब्लम से बच सकता है। लेकिन गुस्सा हो जाना मतलब कि आपका अपने गुस्से पर कंट्रोल नही है। इसलिए सबसे जरूरी है समझना कि अपने गुस्से पर कैसे कंट्रोल किया जाए। जिससे ना केवल आप बाद में किसी भी तरह की शर्मिंदगी से बचें बल्कि होने वाले नुकसान को भी टाल सकें। गुस्से पर कंट्रोल करने के लिए अगर सांइटिफिक तरीके की बात की जाए तो मायो क्लीनिक ने इसके कई तरीके बताएं हैं, जिससे गुस्से को कंट्रोल किया जा सकता है। गुस्से में बोलने से पहले सोचें किसी भी आध्यात्मिक गुरु से बात करें तो वो गुस्से में बोलने से मना करते हैं। ठीक यहीं बात साइंस भी कहता है कि जब भी आप गुस्सा हो तो बोलने से पहले सोचें। गुस्से में बोले गए शब्द बाद में शर्मिंदगी का कारण बन सकते हैं। इसलिए गुस्सा हो तो चुप हो जाए और सोचकर बोलें। फिजिकल एक्टीविटी करें गुस्से को कंट्रोल करना है तो फिजिकल एक्टीविटी करें। जैसे कि वॉक करना शुरू करें या रन करें। या फिर अपनी मनपसंद किसी फिजिकल एक्टीविटी को करें। काम के बीच से ब्रेक लें कई बार काम करते-करते दिमाग थक जाता है। ऐसे में स्ट्रेसफुल माइंड में एंगर कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है। इससे बचने के लिए ब्रेक लें और माइंड को रिफ्रेश करें। जिससे गुस्सा पर कंट्रोल हो सके। माफ करना सीखें मन में निगेटिव बातें रखना गुस्से को बढ़ाती है। जिसके प्रति गुस्सा हों उसे माफ करने से कड़वाहट कम होती है और आपके अंदर का गुस्सा भी कम होता है। सॉल्यूशन पर फोकस करें जब भी गुस्सा हो तो हमेशा सॉल्यूशन पर फोकस करें। वो कौन सी चीजें हैं जिससे गुस्सा आता है। उसके सॉल्यूशन निकालने की कोशिश करें। जिससे आपका गुस्सा कम हो।  

आपदा से निपटने नायब सरकार देगी एचएसडीआरएफ भर्ती में अग्निवीरों को प्राथमिकता

चंडीगढ़. अग्निवीर योजना के पहले बैच के सेवा काल की समाप्ति से पहले ही हरियाणा सरकार ने एक अहम और दूरगामी कदम उठाया है। राज्य में गठित की जा रही हरियाणा स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एचएसडीआरएफ) में अग्निवीरों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का स्पष्ट इरादा है कि अग्निवीरों की सैन्य ट्रेनिंग, अनुशासन और आपात परिस्थितियों में काम करने की दक्षता का उपयोग करते हुए एक स्पेशल स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स तैयार की जाए। यह फैसला न केवल आपदा प्रबंधन के लिहाज से अहम है, बल्कि अग्निवीरों के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों का भी ठोस जवाब माना जा रहा है। डिजास्टर मैनेजमेंट (संशोधन) एक्ट-2025 के तहत राज्यों को विशेष आपदा प्रतिक्रिया बल गठित करने का अधिकार मिला है। इसी क्रम में हरियाणा सरकार ने एचएसडीआरएफ के गठन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इसको लेकर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ़ सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई। बैठक में मौजूदा आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे एक स्थायी, पेशेवर और पूर्णकालिक बल में बदलने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। एचएसडीआरएफ में प्राथमिकता देने के साथ-साथ हरियाणा सरकार पहले ही अग्निवीरों को फायर सर्विसेज, पुलिस, जेल विभाग, वन विभाग, माइनिंग विभाग सहित कई विभागों में नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विधानसभा में भी ऐलान कर चुके हैं कि अग्निवीरों को सरकार स्थाई रोजगार में प्राथमिकता देगी। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि एक नया एसडीआरएफ बटालियन गठित किया जाएगा, जिसमें अधिकतम संख्या अग्निवीरों की होगी। यह बटालियन प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ औद्योगिक हादसों, आगजनी, बाढ़, भूकंप और केमिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में तैनात होगी। सरकार का मानना है कि कम समय में कठिन प्रशिक्षण से गुजरने वाले अग्निवीर, आपदा जैसी स्थितियों में तेज निर्णय और फील्ड ऑपरेशन के लिए सबसे उपयुक्त संसाधन हैं। एचएसडीआरएफ के ढांचे के तहत राज्य के सभी डिवीजनों में एक-एक क्विक रिस्पांस टीम गठित की जाएगी। इन टीमों में भी अग्निवीरों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। किसी भी संवेदनशील या आपात स्थिति में ये टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करेंगी। हरियाणा पहले ही आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मजबूत आधार रखता है। आईआरबी, भोंडसी की पहली बटालियन वर्तमान में नोडल डिजास्टर रिस्पांस यूनिट के तौर पर कार्यरत है, जहां सैकड़ों कर्मियों को ढही इमारतों में खोज एवं बचाव, बाढ़ राहत सहित अन्य आपदाओं से निपटने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब इसी ढांचे को विस्तार देते हुए अग्निवीरों को शामिल किया जाएगा। गृह विभाग द्वारा 1,149 पदों वाले पूर्ण एसडीआरएफ बटालियन को स्वीकृति दी जा चुकी है। केंद्र सरकार की शर्तों के अनुसार इसके लिए अलग इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेष यूनिफॉर्म, आधुनिक उपकरण और वरिष्ठ नेतृत्व की व्यवस्था की जाएगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा तय गाइडलाइंस के अनुसार प्रशिक्षण और तैनाती की पूरी योजना बनाई जा रही है।

स्कूलों में बच्चों को ठण्ड से बचाने मिलेगी गुड़-रोटी और सोया खिचड़ी

चंडीगढ़. 18 दिन की छुट्टियों के बाद सोमवार को स्कूल खुल गए है। ऐसे में अब सरकारी स्कूलों के रणीय ऊर्जा छात्रों के लिए सोमवार से मिड डे मील योजना के तहत पौष्टिक भोजन में बदलाव भी किया है। इसमें पहली बार गुड़-रोटी व सोया खिचड़ी भी जोड़ी गई है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने जनवरी 2026 का मिड डे मील शेड्यूल जारी किया है। यह योजना बाल वाटिका से लेकर आठवीं तक के बच्चों के लिए लागू है। जनवरी में प्रत्येक दिन बच्चों को अलग-अलग पौष्टिक भोजन दिया जाएगा। शेड्यूल के अनुसार, 19 जनवरी को सब्जी पुलाव और काला चना, 20 जनवरी को रोटी और घीया चना की दाल, 23 जनवरी को गुड़ रोटी और दही, 27 जनवरी को पौष्टिक सोया खिचड़ी परोसी जाएंगी। चौथे सप्ताह में पहले सप्ताह का जाएगा।

सिरसा में हनीट्रैप में 16 लाख की वसूली पर महिला सहित दो गिरफ्तार

सिरसा. शहर थाना पुलिस ने हनीट्रैप मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित दो आरोपितों को सिरसा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों आरोपितों को अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड हासिल किया है। शहर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि नौ नवंबर 2025 को महावीर कालोनी की गली नंबर चार निवासी शिवकुमार ने शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर पूजा नामक महिला का फोन आया। महिला ने कहा कि आपका परिचित हिसार के डाटा गांव निवासी राजेश कुमार मेरे पास आया है और वह आपसे मिलना चाहता है। इसके बाद पीड़ित को सुरखाब चौक पर बुलाया। कमरे में बंद कर बना लिया वीडियो, फिर लगे धमकाने पीड़ित के अनुसार बाद में उसे आटो मार्केट बुलाकर एक अनजान मकान में ले जाया गया, जहां पहले से एक अन्य महिला मौजूद थी। दोनों महिलाओं ने उसे बैठा लिया और कपड़े उतरवा दिए। इसी दौरान एक युवक आया और उसका वीडियो बनाने लगा। थोड़ी देर बाद दो अन्य युवक भी पहुंचे, जिन्होंने मारपीट कर अभद्र व्यवहार किया। आरोपितों ने उसका मोबाइल छीनकर 20 लाख रुपये की मांग की और राशि न देने पर वीडियो परिवार को भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगे। शहर थाना प्रभारी ने बताया कि 10 नवंबर 2025 को आरोपितों ने फ्लाईओवर के नीचे से पीड़ित का अपहरण कर लिया और लगातार पैसे देने का दबाव बनाते रहे। इस दौरान पीड़ित का एटीएम कार्ड छीनकर 25 हजार रुपये निकलवा लिए तथा उसके प्लाट के कागजात जबरन लेकर सरकारी रेट पर बेचकर कुल 16 लाख 61 हजार रुपये की वसूली की गई। पीड़ित की शिकायत पर थाना शहर सिरसा में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान कीर्ति नगर पुलिस चौकी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी हांसी के डाटा गांव निवासी राजेश कुमार, बाजेकां गांव निवासी दलबीर सिंह तथा एक महिला को सिरसा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया।

ललित गर्ग ‘पत्रकार शिरोमणि’ सम्मान से अलंकृत होंगे

भोपाल वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार एवं सामाजिक चिंतक ललित गर्ग को उनके चार दशकों से अधिक समय से जारी सृजनात्मक, मूल्यनिष्ठ और जनसरोकारों से जुड़े पत्रकारिता योगदान के लिए ‘पत्रकार शिरोमणि’ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान जैन दर्शन, साहित्य और सामाजिक चेतना को समर्पित एक प्रतिष्ठित संस्था ‘श्रुतसेवा निधि न्यास’ के द्वारा 8 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में फिरोजाबाद क्लब लिमिटेड के सुसज्जित आॅडिटोरियम में आयोजित अक्षराभिषेक उत्सव समारोह में प्रदान किया जाएगा। न्यास के महामंत्री श्री अमित कुमार जैन ने बताया कि न्यास का श्रीमती शांतिदेवी गुप्त श्रुतसेवा अलंकरण के अंतर्गत ‘पत्रकार शिरोमणि’ के रूप में श्री गर्ग को 25000/- रुपये की नगद राशि, सम्मान पत्र, शाॅल, माला, प्रशस्ति पत्र एवं साहित्य प्रदत्त किया जाएगा। इस समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से पत्रकार, साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी कार्यकर्ता सहभागिता करेंगे। समारोह का उद्देश्य सहात्यि एवं पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका को रेखांकित करना है। ललित गर्ग पिछले 40 वर्षों से पत्रकारिता, साहित्य एवं लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं और राजधानी दिल्ली के एक विशिष्ट एवं सम्मानित बौद्धिक व्यक्तित्व के रूप में प्रतिष्ठित रहे हैं। उन्होंने निर्भीक, विचारोत्तेजक और मूल्यपरक लेखन के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर जनचेतना को दिशा दी है। अब तक उन्होंने अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं का संपादन किया है तथा उनकी अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। श्री गर्ग विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वर्तमान में वे सूर्यनगर एजुकेशनल सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष तथा सुखी परिवार फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं। सुखी परिवार फाउंडेशन के माध्यम से गुजरात सहित विभिन्न क्षेत्रों में आदिवासी कल्याण, सामाजिक सशक्तिकरण और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी लंबे समय से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रवादी विचारधारा, सांस्कृतिक चेतना एवं सामाजिक समरसता को अपने लेखन और जीवन-कार्य के माध्यम से अभिव्यक्त करते आए हैं। आयोजक संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार, ललित गर्ग को यह सम्मान उनकी सैद्धांतिक पत्रकारिता, साहित्यिक योगदान और सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए प्रदान किया जा रहा है। समारोह को लेकर पत्रकारिता जगत एवं साहित्यिक क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा जा रहा है

कहीं आप भी तो नहीं कर रहे झाड़ू से जुड़ी यह भूल? मां लक्ष्मी हो सकती हैं रुष्ट

 सनातन धर्म में झाड़ू का विशेष महत्व है। इसका संबंध मां लक्ष्मी और घर की स्वच्छता से है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, झाड़ू के द्वारा घर की दरिद्रता बाहर निकलती है और धन आगमन के मार्ग खुलते हैं। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में साफ-सफाई रहती है। वहीं, धन की देवी मां लक्ष्मी वास करती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, झाड़ू को घर की उत्तम दिशा में रखना चाहिए। झाड़ू से जुड़ी गलती करने से व्यक्ति को जीवन में कंगाली का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही मां लक्ष्मी की नाराजगी का सामान करना पड़ सकता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में हम आपको बताते हैं कि घर की किस दिशा में झाड़ू रखनी चाहिए और इससे जुड़े नियम के बारे में। वास्तु शास्त्र में झाड़ू से जुड़े नियम के बारे में विस्तार से बताया गया है। वास्तु के अनुसार, झाड़ू को घर की उत्तम दिशा में रखने से आर्थिक स्थिति ठीक बनी रहती है और परिवार में सुख-शांति का वास होता है, लेकिन झाड़ू को गलत दिशा में रखने से जातक को धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है। किस दिशा में रखें झाड़ू? वास्तु के अनुसार, झाड़ू रखने के लिए पश्चिम दिशा को उत्तम माना जाता है, क्योंकि इस दिशा को धन और प्रसिद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिशा में झाड़ू को रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम दिशा में भी झाड़ू को रख सकते हैं। यह दिशा स्थिरता प्रदान करती है। भूलकर भी न रखें इस दिशा में झाड़ू झाड़ू को भूलकर भी उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में झाड़ू रखने से घर में दरिद्रता का आगमन होता है। साथ ही धन की कमी हो सकती है। अगर आप भी इस तरह की गलती कर रहे हैं, तो आज ही इसमें सुधार करें। इसके अलावा झाड़ू को दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना वर्जित है। इस दिशा में झाड़ू को रखने से घर में क्लेश की समस्या बन सकती है। इन बातों का रखें ध्यान     घर या ऑफिस में झाड़ू को किसी की नजरों से दूर रखना चाहिए। ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।     घर में टूटी हुई झाड़ू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस गलती को करने से घर में दरिद्रता का वास होता है और इंसान को कई परेशानियां घेर लेती हैं।    

HCS की 26 अप्रैल को प्रारंभिक व 27 से 29 जून तक तीन दिन होगी मुख्य परीक्षा

चंडीगढ़. हरियाणा लोकसेवा आयोग (एचपीएससी) ने दो साल बाद एचसीएस (हरियाणा सिविल सेवा) व एलाइड सर्विस की भर्ती परीक्षा का शेड्यूल घोषित किया है। है। 26 अप्रैल को प्रारंभिक परीक्षा व 27 से 29 जून तक तीन दिन मुख्य परीक्षा चलेगी। उसके बाद अगस्त-सितंबर में साक्षात्कार लिए जाएंगे। इसके लिए जल्द विज्ञापन जारी होगा। भर्ती परीक्षा में 150 से ज्यादा पद हो सकते हैं। इस बार परीक्षा के लिए नया पैटर्न लागू किया गया है। प्रारंभिक परीक्षा का पेपर 400 अंक का होगा। इसमें दो पेपर शामिल होंगे। एक जनरल स्टडीज व दूसरा सिविल सर्विस एप्टीट्यूड टेस्ट। मुख्य परीक्षा 600 अंकों की होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन के चार पेपर और एक हिंदी व दूसरा अंग्रेजी का पेपर होगा। पेपर हिंदी व अंग्रेजी दोनों ही भाषा में तैयार की जाएगी। भाषा व साहित्य के पेपर छोड़ बाकी सभी परीक्षाओं को हिंदी व अंग्रेजी में देने का विकल्प भी होगा। प्रत्येक परीक्षा की अवधि तीन घंटे और अंक 100 तय होंगे। ऐसे में युवाओं को नए पैटर्न के अनुसार ही तैयारी करनी होगी। इंटरव्यू 75 अंक का होगा। पुराने पैटर्न में प्रारंभिक परीक्षा में 100-100 अंकों के दो पेपर जनरल स्टडीज और एप्टीट्यूड टेस्ट के थे। मुख्य परीक्षा में चार पेपर थे, जिसमें इंग्लिश और हिंदी 100-100 अंक के और जनरल स्टडीज व आप्शनल सब्जेक्ट 200-200 अंक के होते थे।