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CM पुष्कर धामी से बैठक के बाद उठे राजनीतिक कदम, उत्तराखंड में क्यों महसूस हो रही हलचल

देहरादून उत्तराखंड में जल्द बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। भाजपा नेताओं ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद दिल्ली में डेरा डाल दिया है। इस घटनाक्रम ने उत्तराखंड में धड़कनें फिर बढ़ा दी हैं। हालांकि भाजपा ने धामी से विधायकों के मिलने को शिष्टाचार भेंट बताया है, लेकिन बीते अगस्त से चल रही मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं को भी हवा मिल गई है। बताया गया है कि नेतागण नितिन नबीन की भाजपा अध्यक्ष पर ताजपोशी के लिए दिल्ली में हैं।   भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के साथ ही सरकार-संगठन के अधिकांश बड़े नेता दिल्ली में डेरा हैं। इस बीच, सोमवार को रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सल्ट विधायक महेश जीना और पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने बारी-बारी से मुख्यमंत्री से भेंट की। इन सभी ने सीएम के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया पेज पर इन मुलाकातों के फोटो अपलोड होते ही उत्तराखंड के सियासी माहौल में थोड़ी गरमी आ गई। मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बीते अगस्त में मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत दिए थे। उसके बाद ये मामला बार-बार अटकता रहा। माना जा रहा है कि अब मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर निर्णय ले सकते हैं। मालूम हो कि धामी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की पांच सीट अरसे से खाली हैं। हालांकि तीन पद वर्ष 2022 से रिक्त रखे गए थे। पर बाद में चंदनराम दास के निधन और प्रेमचंद्र अग्रवाल के इस्तीफे की वजह से रिक्त पदों की संख्या पांच हो गई। नियमानुसार राज्य में मुख्यमंत्री समेत कैबिनेट में अधिकतम 12 सदस्य हो सकते हैं। नितिन नबीन की ताजपोशी के लिए दिल्ली में इकट्ठा हुए नेता उधर, उत्तराखंड भाजपा के बड़े नेता सोमवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की चयन प्रक्रिया में शामिल हुए हैं। इनमें मुख्यमंत्री धामी के साथ, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा, प्रदेश के काबीना मंत्री सतपाल महाराज, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, नैनीताल सांसद अजय भट्ट भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। इनके साथ ही विधायक बंशीधर भगत, मदन कौशिक, बिशन सिंह चुफाल, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल, विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत आदि शामिल हुए। मंत्रिमंडल विस्तार सीएम का विशेषाधिकार:खजानदास भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और राजपुर विधायक खजानदास ने बताया कि वर्तमान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत पार्टी की प्रदेश इकाई के तमाम बड़े नेता, संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में भागीदारी के लिए दिल्ली में हैं। सोमवार को सभी का फोकस उसी पर रहा। रही बात मंत्रिमंडल विस्तार की तो यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। जब उन्हें उचित लगेगा, वो शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार उचित निर्णय लेंगे। खजानदास ने कहा, प्रदेश सरकार जनसेवा में समर्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा राज्य में विजय की हैट्रिक लगाते हुए इतिहास रचेगी।

CM नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा में उमड़ी महिलाओं की भीड़

गोपालगंज. समृद्धि यात्रा के तहत बरौली हाईस्कूल में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुनने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जहां अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष पर तीखा हमला भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। लोग शाम ढलते ही घर से निकलने में डरते थे। समाज में आए दिन विवाद होते थे, हिंदू-मुस्लिम झगड़े आम बात थी। पढ़ाई-लिखाई की स्थिति दयनीय थी और इलाज के समुचित इंतजाम नहीं थे। सड़कों का अभाव था और बिजली बहुत कम जगहों तक ही सीमित थी। उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार बनी, तब हमने एक-एक कर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली के क्षेत्र में व्यापक काम किए गए। आज बिहार में हालात बदले हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अब कहीं हिंदू-मुस्लिम झगड़े होते हैं क्या? विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नेता केवल सात महीने के लिए मुख्यमंत्री बना। उस दौरान गड़बड़ी की और हटने के बाद अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया। उन्होंने कहा कि पुराने लोगों ने कभी विकास के लिए काम नहीं किया, जबकि उनकी सरकार शुरू से ही बिहार के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत रही है।

लुधियाना में जबरदस्त धमाके के साथ मकान की उड़ी छत

लुधियाना. महानगर के जनकपुरी स्थित इंदिरा कॉलोनी में आज दोपहर उस समय चीख-पुकार मच गई, जब यहां एक क्वार्टर में अचानक गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई और देखते ही देखते क्वार्टर की छत मलबे में तब्दील होकर नीचे गिर गई। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय या तो परिवार के सदस्य सुरक्षित दूरी पर थे या समय रहते बाहर निकल आए। इस भयानक धमाके में छत तो जमींदोज हो गई और घर का सामान जलकर राख हो गया, लेकिन किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। मोहल्ला निवासियों ने बताया कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि उन्हें लगा जैसे कोई बम फटा हो। हादसे की सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और राहत कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों का कहना है कि धमाके के कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में इसे गैस लीकेज का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है ताकि हादसे की असल वजह साफ हो सके।

राजस्थान के करौली में कुख्यात सटोरिए रशीद के घर पर चला बुलडोजर

करौली. राजस्थान में करौली के सट्टा किंग एवं मोटरसाइकिल रैली पर हुए पथराव और दंगे के मुख्य आरोपी, पूर्व सभापति रशीदा खातून के पुत्र अमीनुद्दीन खान की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को पुलिस ने भारी जाप्ते के साथ उसके अंबेडकर सर्किल क्षेत्र स्थित अवैध भवन और अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाया। कई रास्तों को बंद किया प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्रवाई से पहले नजदीकी स्कूल में छुट्टी करवाकर आसपास की दुकानों एवं भवनों को एहतियातन खाली कराया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील करते हुए मेला गेट, शिकारगंज सहित आसपास के कई रास्तों को बंद किया गया। शहर के मुख्य चौराहों, तिराहों और बाजार क्षेत्रों में करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कई थानों का पुलिस बल मौजूद अधिकारियों ने बताया कि नगर परिषद करौली ने जांच के दौरान भवन निर्माण में अनियमितताएं पाई थीं, जिसके बाद पट्टा और निर्माण स्वीकृति को विधिवत निरस्त कर दिया गया था। पट्टा रद्द होने के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। मौके पर अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिडवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुमना राम, उपखंड अधिकारी प्रेमराज मीणा और पुलिस उपाधीक्षक अनुज शुभम सहित कई थानों का पुलिस बल मौजूद रहा।

एडवांस बुकिंग में ‘बॉर्डर 2’ का रिकॉर्ड ब्रेकिंग प्रदर्शन, एक दिन में कमाए करोड़ों; बड़े हिट्स को छोड़ा पीछे

मुंबई सनी देओल की फिल्म 'बॉर्डर 2' बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली है। यह युद्ध वाली ड्रामा फिल्म इस वीकेंड में बहुत अच्छी शुरुआत कर सकती है। 'बॉर्डर 2' की रिलीज से पहले जानिए इसका एडवांस बुकिंग कलेक्शन। कब शुरू हुई 'बॉर्डर 2' की एडवांस बुकिंग? फिल्म 'बॉर्डर 2' की एडवांस बुकिंग सोमवार से शुरू हुई। सिर्फ 24 घंटे में ही फिल्म को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। Sacnilk के अनुसार, पहले दिन की बुकिंग में फिल्म ने 2.5 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है। देशभर में 11,000 से ज्यादा शो में 73,000 टिकट बिक चुके हैं। BookMyShow पर हर घंटे 2,000 टिकट बिक रहे हैं और यह रफ्तार बढ़ती जा रही है। बाकी फिल्मों से 'बॉर्डर 2' की तुलना?     सनी देओल की पिछली फिल्म 'जाट' की पूरी एडवांस बुकिंग 2.4 करोड़ थी, लेकिन 'बॉर्डर 2' ने इसे पार कर लिया है।     रणवीर सिंह की 'धुरंधर' ने पहले दिन सिर्फ 1 करोड़ की एडवांस बुकिंग की थी।     सनी की पिछली हिट फिल्म 'गदर 2' ने 2.2 करोड़ की एडवांस बुकिंग की थी। 'बॉर्डर 2' इससे भी आगे निकल चूकी है।     अब बात करें बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की तो 'धुरंधर' ने पहले दिन 28 करोड़ कमाए थे और 'गदर 2' ने 40 करोड़, लेकिन फिलहाल एडवांस बुकिंग में आगे होना 'बॉर्डर 2' के लिए बहुत अच्छा संकेत है। 'बॉर्डर 2' के बारे में सबकुछ 'बॉर्डर 2' 1997 की सुपरहिट फिल्म 'बॉर्डर' की दूसरी कड़ी है। इसे अनुराग सिंह ने डायरेक्ट किया है। फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी ने मुख्य भूमिका निभाई है। इस फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने मिलकर किया है। 'बॉर्डर 2' 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

जालंधर में चेस इवेंट में पंजाब सहित अन्य राज्यों से आएंगे खिलाड़ी

जालंधर. पहला लाला लक्ष्मी नारायण दुग्गल और विश्वामित्र दुग्गल मेमोरियल ओपन चेस टूर्नामेट का आयोजन 31 जनवरी  से 01 फरवरी सत्य नारायण मंदिर, नजदीक एस डी कॉलेज, जालंधर के ऑडिटोरियम में होगा जिसका आयोजन लाला लक्ष्मी नारायण चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। जिसमें  खिलाड़ियों को एक लाख रुपए तक के नगद इनाम दिए जायेंगे। इसके साथ ही सभी खिलाड़ियों के लिए दो दिन की निःशुल्क  खाने पीने की सुविधा दी जाएगी। चेयर पर्सन राधा दुग्गल ने जानकारी दी कि इस प्रतियोगिता में इंटरेशनल मास्टर, फ़ीडे मास्टर, पूर्व पंजाब चैंपियन हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता में पंजाब के अलावा राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, चंडीगढ़ से नामी खिलाड़ी हिस्सा ले रहे है। इस प्रतियोगिता का अर्ली बर्ड एंट्री फीस का लाभ खिलाड़ी 23 जनवरी वसन्त पंचमी तक उठा सकते हैं।

लाल निशान पर खुला बाजार, सेंसेक्स में 651 अंकों की गिरावट, निफ्टी फिसला

नई दिल्ली विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने से मंगलवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान 2:07 बजे तक सेंसेक्स 650.97 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 82,595.21 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 216.35 अंक या 0.85 प्रतिशत गिरकर 25,369.15 अंक पर आ गया। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 311.33 अंक गिरकर 82,934.85 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 99.5 अंक गिरकर 25,486 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 90.98 पर आ गया। सेंसेक्स की कंपनियों का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से, इटरनल, बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट और बजाज फिनसर्व पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, अल्ट्राटेक सीमेंट और आईटीसी लाभ कमाने वालों में शामिल थे। भू-राजनीतिक तनावों और विदेशी निवेश्कों की बिकवाली का दिखा असर ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली और रुपये की निरंतर कमजोरी से घरेलू शेयरों में आत्मविश्वास पर दबाव पड़ रहा है और अल्पकालिक सुधार के दौरान भी इनमें किसी भी महत्वपूर्ण तेजी की संभावना सीमित है। घरेलू संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार खरीदारी एक प्रमुख स्टेबलाइजर के रूप में काम कर रही है, जो बिकवाली के दबाव को कम कर रही है और बाजार में और अधिक गिरावट को रोकने में मदद कर रही है। एशियाई बाजारों में रहा मिला-जुला हाल एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक ऊंचा कारोबार कर रहा था, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक नीचे कारोबार कर रहे थे। सोमवार को छुट्टी के कारण अमेरिकी बाजार बंद रहे। अमेरिकी बाजारों में राष्ट्रीय अवकाश मार्टिन लूथर किंग जूनियर दिवस के उपलक्ष्य में बाजार बंद रहने के बाद मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में अधिकतर गिरावट देखी गई। सोमवार को अधिकांश यूरोपीय बेंचमार्क में गिरावट के बाद अमेरिकी वायदा बाजार में भी भारी गिरावट आई। तेल की कीमतें स्थिर रहीं। ट्रंप की टैरिफ धमकी के बाद वैश्विक बाजारों में आई गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा आठ यूरोपीय देशों से आयात पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी के बाद वैश्विक शेयरों में गिरावट आई, जिससे अमेरिका में भारी निवेश करने वाले महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया हुई। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची द्वारा 8 फरवरी को अचानक चुनाव की घोषणा के बाद टोक्यो का बेंचमार्क निक्केई 225 सूचकांक 1.1% गिरकर 52,988.24 पर आ गया।   ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 64.01 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.11 प्रतिशत बढ़कर 64.01 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 3,262.82 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) खरीदार बने रहे और उन्होंने 4,234.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सोमवार को सेंसेक्स 324.17 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 83,246.18 पर बंद हुआ। निफ्टी 108.85 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 25,585.50 पर आ गया।

पंजाब में 60 गैंगस्टर के खिलाफ 12000 पुलिसकर्मियों की दो हजार ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य में ड्रग तस्करी और संगठित गैंगस्टर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से आज से 72 घंटे का विशेष अभियान 'वार अगेंस्ट ड्रग'– ऑपरेशन प्रहार” शुरू कर दिया है।  पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ जंग छेड़ दी गई है। आज से 72 घंटे का ऑपरेशन शुरू किया गया है। इसके पहले चरण में लगभग 12,000 पुलिस अधिकारी लगभग 2,000 ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। 60 प्रमुख गैंगस्टरों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे सुरक्षित हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की विस्तृत मैपिंग के बाद यह सामने आया है कि पंजाब से जुड़े करीब 2000 गैंगस्टर सक्रिय हैं। इनमें से लगभग 1940 गैंगस्टर देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं, जबकि 60 कुख्यात गैंगस्टर विदेशों में बैठकर ड्रग तस्करी, हथियार सप्लाई, हत्या और फिरौती के नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर अधिकारियों के अनुसार, विदेशों में बैठे इन 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं या जारी होने की प्रक्रिया में हैं, जबकि शेष 37 गैंगस्टरों के खिलाफ अगले तीन महीनों में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर नोटिस जारी किए जाएंगे। इन अपराधियों को भारत लाकर न्याय के कटघरे में खड़ा करना सरकार की प्राथमिकता है। ऑपरेशन प्रहार के तहत केवल गिरफ्तारियां ही नहीं होंगी, बल्कि ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क की पूरी मैपिंग की जा रही है। इसमें हर गैंगस्टर की भूमिका, उसका फाइनेंसर, हथियार सप्लायर, ड्रग सप्लाई चेन, सेफ हाउस, डिजिटल कम्युनिकेशन और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। इस मैपिंग के आधार पर एक-एक कड़ी पर कार्रवाई की जाएगी। अभियान के लिए विशेष ढांचा तैयार इस अभियान की निगरानी के लिए एक विशेष ढांचा तैयार किया गया है। आईजी काउंटर इंटेलिजेंस को पूरे ऑपरेशन का समग्र प्रभारी बनाया गया है। काउंटर इंटेलिजेंस के एडीजीपी आशिष चौधरी, जो हाल ही में एनआईए में लंबी सेवाएं देकर लौटे हैं, को ओवरसीज़ फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रडिशन सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीआईजी गुरमीत चौहान, जो एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के प्रमुख हैं, को राज्य और देश में सक्रिय गैंगस्टरों पर कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं डीआईजी अखिल चौधरी, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), को ड्रग नेटवर्क, सप्लाई चेन और तस्करी के रूट तोड़ने का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा एआईजी ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस कमलदीप सिंह को ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखने तथा गैंगस्टर गतिविधियों की तकनीकी मैपिंग की जिम्मेदारी दी गई है। सेल में अलग-अलग डेस्क बनाए गए हैं, जो रेड कॉर्नर नोटिस, प्रत्यर्पण, इंटरपोल समन्वय, कानूनी सहायता और अंतरराष्ट्रीय पत्राचार का काम संभालेंगे। ड्रग से अर्जित धन पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, 68 एनडीपीएस मामलों में ड्रग तस्करों की संपत्तियां फ्रीज़ की जा चुकी हैं। अपराध से अर्जित धन, संपत्तियां और अवैध व्यवसायों को प्रोसिड्स ऑफ क्राइम मानते हुए जब्त किया जा रहा है, ताकि ड्रग माफिया की आर्थिक रीढ़ पूरी तरह तोड़ी जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो युवा ड्रग के जाल में फंसकर गुमराह हो गए हैं और मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जाएगा। लेकिन ड्रग तस्करी या गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एंटी ड्रग हेल्पलाइन नंबर: 93946 93946 24×7 सक्रिय डीजीपी द्वारा घोषित रिवॉर्ड पॉलिसी  ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी किसी भी सूचना का गुप्त रखा जाएगा ड्रग तस्करी और एनडीपीएस मामलों में सूचना देने पर कुल 10 करोड़ रुपये तक इनाम एसएसपी स्तर तक अधिकारी: 1 से 1.5 लाख रुपये तक इनाम देने के अधिकृत पुलिस कमिश्नर / डीआईजी रेंज: 2 लाख रुपये तक इनाम डीसीपी स्तर से ऊपर: 2 लाख से अधिक इनाम की स्वीकृति  ड्रग की कमर्शियल बरामदगी पर 60,000 रुपये प्रति किलो इनाम एनडीपीएस में दोषसिद्धि पर 40,000 रुपये संबंधित जांच अधिकारी को संपत्ति फ्रीज़ कराने पर 20,000 रुपये इनाम पीआईटी-एनडीपीएस (Preventive Detention) प्रस्ताव तैयार करने पर 50,000 रुपये     यह नीति 1 सितंबर 2024 से प्रभावी (रेट्रोस्पेक्टिव) होगी

मध्यप्रदेश: भाजपा विधायक को गांव में घेरा, भीड़ ने बरसाए पत्थर

धार मध्यप्रदेश के धार जिले में धरमपुरी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कालूसिंह ठाकुर पर हमला कर दिया गया। विधायक के गांव में ही कुछ लोगों ने उन पर पत्थर बरसा दिए। इस घटना में विधायक के सिर में चोट आई है। पुलिस ने बताया कि धार मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर सिरसोदिया गांव में विधायक ठाकुर अपने घर के पास खेत पर चल रहे काम देखने गए थे। इसी दौरान पड़ोसियों ने उन पर पत्थरों से हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर धामनोद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल विधायक को धामनोद के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने बताया जानलेवा हमला धामनोद थाने के उप निरीक्षक नारायण कटारे ने बताया कि विधायक की सिरसोदिया गांव में जमीन है, जहां काम चल रहा था। उसी समय पड़ोसियों ने पत्थरों से उन पर जानलेवा हमला किया। विधायक की शिकायत पर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। कटारे के अनुसार, इस मामले में प्रिन्स उर्फ पिंटू, गेंदाबाई और रंजु गिरवाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। हालांकि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। विधायक ने क्या कहा? घटना के संबंध में विधायक कालूसिंह ठाकुर ने कहा कि वह अपने घर के पास खेत पर खड़े थे, तभी दो-तीन लोग आए और उन पर पत्थरों से हमला कर दिया, जिनमें एक-दो महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने बताया कि हमलावरों को वह शक्ल से पहचान सकते हैं, लेकिन नाम नहीं जानते। विधायक ने यह भी कहा कि पहले भी उन पर गोली चलने की घटना हो चुकी है। हालांकि उनकी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।  

दो बड़े मामलों में इंस्पेक्टर समेत कई आरोपी पुलिसकर्मियों पर CBI का शिकंजा

चंडीगढ़. सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस से जुड़े दो बड़े मामलों में सोमवार को सीबीआई की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। एक मामला नामी डॉक्टर के अपहरण का है जिसमें इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों समेत क्राइम ब्रांच के कई पुलिसकर्मी आरोपित हैं। वहीं, दूसरा मामला सबूतों से छेड़छाड़ का है, जिसमें इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा और एसआइ सत्यवान शामिल हैं। अपहरण के मामले में पिछले साल एफआइआर दर्ज हुई थी, जबकि सबूतों से छेड़छाड़ का मामला अप्रैल 2024 में दर्ज हुआ था। पहला मामला: जिला अदालत के बाहर से किया था डॉक्टर को अगवा पिछले साल सीबीआई ने इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आइपीसी की धारा 365 और 34 के तहत केस दर्ज किया था। करीब एक साल चली जांच के बाद सीबीआई ने सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। पिछले साल जिन पर केस दर्ज हुआ था उनमें क्राइम ब्रांच के पूर्व इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों, सब-इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर अजमेर सिंह उर्फ अमितोज सिंह, हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार, कॉन्स्टेबल विकास हुड्डा, कॉन्स्टेबल सुभाष और कॉन्स्टेबल नीरज कुमार के नाम थे। वहीं, सूत्रों से पता चला है कि चार्जशीट में कुछ और पुलिसकर्मियों के नाम भी शामिल जोड़े गए हैं। इनके खिलाफ सेक्टर-21 निवासी डेंटिस्ट डा.मोहित धवन ने शिकायत दी थी। जिला अदालत के बाहर से किया अपहरण आरोप के मुताबिक डा.मोहित धवन ने एक आपराधिक मामले में अग्रिम जमानत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उस याचिका पर हाईकोर्ट ने डॉ.धवन को जिला अदालत, सेक्टर-43 में पेश होने के आदेश दिए थे। सात जनवरी 2022 को डा.मोहित धवन अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे, लेकिन अदालत के एंट्री गेट पर ही क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अगवा कर लिया ताकि वे जज के सामने पेश न हो सकें। कई घंटों तक डॉ.धवन को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया और शाम को उनकी गिरफ्तारी डाल दी गई। अगले दिन पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर उनका सात दिनों का रिमांड भी ले लिया था। डा.मोहित धवन बिना किसी अपराध के करीब दो महीने जेल में रहे, फिर जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकाेर्ट ने जांच के लिए पंजाब पुलिस को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के इस फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2024 को हाईकोर्ट के फैसले को बदल दिया और मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। डॉ.धवन को पकड़ने प्राइवेट कार से आए थे पुलिसकर्मी सीबीआई जांच में सामने आया कि सात जनवरी 2022 को सुबह 10.20 से 10.50 के बीच क्राइम ब्रांच के चार पुलिस मुलाजिम डा.मोहित धवन को पकड़ने एक प्राइवेट आइटी-20 कार से आए थे। यह कार कॉन्स्टेबल विकास हुड्डा की थी जो उनके कजन वीरेंद्र हुड्डा के नाम पर रजिस्टर थी। सीबीआई जांच में सामने आया था कि सात जनवरी 2022 को चार पुलिसकर्मियों अजमेर सिंह, अनिल कुमार, विकास हुड्डा और सुभाष की मोबाइल टावर लोकेशन जिला अदालत के पास की ही थी। दूसरा मामला: आरोपित को बचाने के लिए केस फाइल से बदला मोबाइल दो साल पहले सीबीआई ने इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा और एसआइ सत्यवान के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस केस में भी सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी गई। इन दोनों पुलिसकर्मियों पर एक आरोपित को बचाने के लिए सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप हैं। केस के मुताबिक इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने चार अप्रैल 2022 को एक महिला से यौन उत्पीड़न के आरोप में शहर के एक बड़े माल के जीएम के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित के घर से उसका आइफोन-12 जब्त किया था। पुलिस ने इस मोबाइल को सील नहीं किया, उल्टा इसकी जगह आइफोन-7 को सील कर दिया। यह आइफोन-7 भी आरोपित का ही था। पुलिस ने आरोपित को बचाने के लिए केस के रिकार्ड से मोबाइल ही बदल डाला। आरोप है कि असली मोबाइल और सिम आरोपित को वापस कर दिया गया था उसकी जगह बिना सिम वाला आइफोन-7 केस फाइल में रख दिया गया। सीबीआई ने शिकायत मिलने पर इस मामले की जांच की और आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर दी।