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कर्नाटक में अश्लील वीडियो पर नपे DGP रैंक के अधिकारी

बेंगलुरु. अश्लील वीडियो मामले में फंसे कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी के रामचंद्र राव के खिलाफ ऐक्शन हुआ है। खबर है कि उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने इन वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और मॉर्फ्ड बताया है। उन्होंने इसे छवि खराब करने की साजिश करार दिया और वीडियो की प्रामाणिकता साबित करने के लिए फॉरेंसिक जांच की मांग की है। कथित रूप से महिलाओं के साथ वीडियो में आपत्तिजनक स्थिति में नजर आने के बाद राव को निलंबित कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद राल कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर से मिलने भी पहुंचे थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। क्या था मामला सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे अधिकारी राव हैं। वह सोना तस्करी मामले की आरोपी रान्या राव के पिता बताए जा रहे हैं। वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि कुर्सी पर बैठा एक अधिकारी कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में है। सिद्धारमैया भड़के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और पूरे प्रकरण पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। न्यूज एजेंसी वार्ता के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को यह जांच करने का निर्देश दिया है कि वीडियो किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया और किसने इसे प्रसारित किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार वीडियो के स्रोत और विश्वसनीयता की जांच के लिए प्रारंभिक जांच शुरू किए जाने की संभावना है। साइबर अपराध विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि फुटेज में डिजिटल छेड़छाड़ की गई है या नहीं। इस घटना पर राजनीतिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

भारत-यूएई के 200 अरब डॉलर के समझौते के सामने बौनी पड़ी पाक-सऊदी की डिफेंस डील

नई दिल्ली. भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को एक बेहद अहम रणनीतिक रक्षा साझेदारी की योजना पेश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने दोनों देशों के बीच 2032 तक वार्षिक व्यापार के लिए 200 अरब अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह कदम पाकिस्तान और सऊदी अरब द्वारा अपने रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के चार महीने बाद उठाया गया है। हालांकि भारत-यूएई के 200 डॉलर के प्रस्तावित समझौते के आगे अब पाकिस्तान और सऊदी की डील बौनी पड़ गई है। इससे पहले पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने सऊदी अरब के साथ 20 अरब डॉलर के ट्रेड और निवेश का लक्ष्य रखा था। अभी दोनों देशों के बीच करीब 5.7 अरब डॉलर का ही व्यापार होता है और इस समझौते के तहत पहले चरण के 5 अरब डॉलर का निवेश अब तक जमीन पर नहीं पाया है। कई क्षेत्रों में सीधा निवेश भारत और यूएई के बीच ट्रेड पहले ही 100 अरब डॉलर को पार कर चुका है। मजबूत नींव को देखते हुए अब दोनों देशों ने 2032 तक इसे 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इस समझौतों में कई अहम सेक्टर शामिल हैं। डिफेंस सेक्टर में दोनों देश अब केवल खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि संयुक्त हथियार विकास की दिशा में रणनीतिक साझेदारी बनाएंगे। वहीं गुजरात के धोलेरा स्पेशल इनवेस्टमेंट रीजन में यूएई एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट, स्मार्ट टाउनशिप और पोर्ट विकसित करेगा। यह निवेश सीधे तौर पर होगा, ना कि कर्ज या क्रेडिट के रूप में। वहीं टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के तहत भारत के IN-SPACe और यूएई स्पेस एजेंसी मिलकर सैटेलाइट फैक्ट्री और लॉन्च कॉम्प्लेक्स बनाएंगे। इसके अलावा न्यूक्लियर एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी समझौते हुए हैं। क्यों अहम है यह फर्क पाकिस्तान का 20 अरब डॉलर का लक्ष्य ज्यादातर कर्ज और क्रेडिट पर निर्भर दिखता है, जबकि भारत और यूएई सीधे निवेश, टेक्नोलॉजी साझेदारी और लंबी अवधि की रणनीति पर काम कर रहे हैं। जिस रकम को पाकिस्तान महीनों से सऊदी अरब में हासिल करने की कोशिश कर रहा है, उतनी रकम भारत-यूएई के किसी एक बड़े प्रोजेक्ट, जैसे धोलेरा या हाई-टेक डेटा सेंटर, में लग सकती है। इससे दोनों देशों के एक-दूसरे के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि होती है।

तमिलनाडु असेंबली में राष्ट्रगान के अपमान पर गवर्नर ने छोड़ा सदन

चेन्नई. तमिलनाडु विधानसभा का मंगलवार का सत्र उस समय भारी विवाद में बदल गया, जब राज्यपाल आर एन रवि ने उद्घाटन भाषण देने से पहले ही सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि विधानसभा में राष्ट्रगान को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया और कार्यवाही के दौरान उनका माइक्रोफोन भी बंद कर दिया गया, जिससे वह अपनी बात नहीं रख सके। सदन से बाहर निकलने के बाद राज्यपाल रवि ने मीडिया से बातचीत में कहा- मैं निराश हूं। राष्ट्रगान को उचित सम्मान नहीं दिया गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरे भाषण में बार-बार बाधा डाली गई। उनके इस कदम से विधानसभा के भीतर तीखी बहस छिड़ गई। सदन के भीतर तीखा टकराव विधानसभा अध्यक्ष एम अप्पावु ने राज्यपाल के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्हें सदन की परंपराओं, नियमों और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करने की नसीहत दी। अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही तय प्रक्रिया के तहत चलती है और सभी को उसका सम्मान करना चाहिए। राजभवन का बयान घटना के कुछ घंटों बाद राजभवन की ओर से एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसमें कहा गया कि राज्यपाल को बार-बार बोलने से रोका गया और उनका माइक्रोफोन जानबूझकर बंद किया गया। बयान में यह भी आरोप लगाया गया कि राज्य में दलितों पर अत्याचार और दलित महिलाओं के साथ यौन हिंसा की बढ़ती घटनाओं जैसे गंभीर मुद्दों को राज्यपाल के अभिभाषण में पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। राजभवन ने यह दावा भी किया कि विधानसभा में एक बार फिर राष्ट्रगान का अपमान हुआ और संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों की अवहेलना की गई। पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद यह पहला मौका नहीं है जब राज्यपाल रवि और तमिलनाडु सरकार के बीच टकराव सामने आया हो। पिछले वर्ष भी इसी तरह की एक घटना हुई थी, जब राज्यपाल ने सदन से बाहर निकलते हुए गहरी पीड़ा जताई थी और आरोप लगाया था कि भारत के संविधान और राष्ट्रगान का अपमान किया गया। चुनावी माहौल में सत्र अहम विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण मौजूदा सत्र को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। विपक्षी दल, जिनमें AIADMK और BJP शामिल हैं, सत्तारूढ़ सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाने की तैयारी में हैं। वहीं मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और उनके कैबिनेट सहयोगी विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति बना रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु विधानसभा का यह सत्र बेहद तनावपूर्ण और राजनीतिक रूप से गर्म रहने वाला है।

छिंदवाड़ा में आर्सेनिक जहर मिली काजू की मिठाई खाकर मरे थे 3 लोग

छिंदवाड़ा. जुन्नारदेव के मिठाई कांड में खाद्य विभाग की पहली रिपोर्ट सामने आ चुकी है। लावारिस थैली में रखी मिठाई में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने की पुष्टि जांच रिपोर्ट में हुई है। जिसके कारण मिठाई जहरीली हो गई थी। गौरतलब है कि बीते दिन मिठाई के सेवन से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अब खाद्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को बिसरा की रिपोर्ट का इंतजार है। अब उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में और भी कई खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल खाद विभाग की रिपोर्ट आने के बाद यह तो तय हो गया है की लावारिस मिठाई हत्या के उद्देश्य से ही रखी गई थी। पुलिस मामले में संदिग्ध से पूछताछ कर रही है। थाना प्रभारी राकेश बघेल ने बताया कि मिठाई में अत्यधिक मात्रा में आर्सेनिक मिला होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद संदेह के आधार पर स्थानीय लोगों और स्वजनों से भी पूछताछ की जा रही है। जबलपुर फॉरेंसिक लैब से पोस्टमार्टम की बिसरा की रिपोर्ट का इंतजार भी किया जा रहा है। मिठाई मामले में दसरू यदुवंशी (उम्र 53 वर्ष) एवं सुंदरलाल कथूरिया (उम्र 75 वर्ष) और 22 वर्षीय खुशबू की मौत हो चुकी है। मिठाई कांड में यह कथूरिया परिवार में मृत होने वाली खुशबू (नातिन) इस मामले में सुंदरलाल कथूरिया (दादा) के बाद मौत का शिकार होने वाली दूसरी सदस्य है। कथुरिया परिवार की दूसरी बेटी खुशबू का विवाह चांद क्षेत्र के थावड़ी ग्राम में हुआ था, जिससे उसे चार माह की दूधमुंही बच्ची भी है। मिठाई को लेकर रहस्य गहराया खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में सामने आया है कि यह पंजाबी पिन्नी स्थानीय बाजारों में आम तौर पर नहीं मिलती।दुकानदारों का कहना है कि छिंदवाड़ा में इसकी मांग भी नहीं है। मिठाई की पैकेजिंग अच्छी क्वालिटी की थी, लेकिन डिब्बे पर किसी दुकान या निर्माता का नाम नहीं लिखा था। बाजार में इसकी कीमत करीब 700 से 800 रुपए बताई जा रही है। फिलहाल दो महिलाएं, संतोषी बाई (45) और पूजा (19), जुन्नारदेव स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं।

साय कैबिनेट की कल बैठक में रायपुर पुलिस कमिश्नरी सहित कई नीतिगत प्रस्तावों पर होगी चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (साय कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक कल आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में कई अहम नीतिगत और प्रशासनिक प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण एजेंडे में रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली से जुड़ा प्रस्ताव शामिल है, जिस पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली के अधिकार क्षेत्र और प्रशासनिक सीमाओं के निर्धारण को अंतिम मंजूरी दी जा सकती है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो राजधानी रायपुर के साथ-साथ नवा रायपुर को भी पुलिस कमिश्नरी क्षेत्र में शामिल किया जा सकता है। इससे राजधानी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस प्रशासन को त्वरित निर्णय लेने और अपराध नियंत्रण में अधिक अधिकार मिलेंगे। इस व्यवस्था के तहत पुलिस आयुक्त को मजिस्ट्रेटी शक्तियां भी प्राप्त होंगी, जिससे कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी। मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। कैबिनेट बैठक में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल द्वारा दिए जाने वाले अभिभाषण के प्रारूप को भी स्वीकृति दी जा सकती है। इस अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख किया जाएगा। ऐसे में कैबिनेट की मंजूरी के बाद अभिभाषण को अंतिम रूप दिया जाएगा।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर 50 बसों की हुई जांच

कोंडागांव. सड़क सुरक्षा माह के तहत परिवहन विभाग द्वारा 1 जनवरी से 31 जनवरी तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को परिवहन एवं यातायात विभाग द्वारा जिले के अंतर्गत संचालित 50 स्कूली बसों की जांच की गई। जांच के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूली बसों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों के साथ-साथ फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान 6 वाहन बिना फिटनेस, 2 वाहन बिना परमिट, 3 वाहन बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र तथा 7 वाहनों के अग्निशमन यंत्र बंद पाए गए। इस प्रकार कुल 18 वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 40 हजार 900 रुपये का चालान काटा गया। स्कूली बसों की जांच के साथ-साथ सभी बस चालकों एवं परिचालकों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया, ताकि बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके। जांच के दौरान परिवहन अधिकारी ने सभी चालकों एवं परिचालकों को यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित वर्दी में रहने, ओवर स्पीड वाहन न चलाने, शराब सेवन कर वाहन न चलाने तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए।

स्पोर्ट्स और कल्चरल मीट में आए कई रेल अफसरों को फूड पॉइजनिंग

बिलासपुर. स्पोर्ट्स और कल्चरल मीट में शामिल होने के बाद देर रात तक कार्यक्रम आयोजित हुए, फिर तीनों डिवीजन के अधिकारियों और उनके परिजन ने भोजन भी किया, जिसमें से 100 से अधिक रेल अफसर और उनके परिजन फूड पाइजनिंग का शिकार हो गए। आनन-फानन में सभी को उपचार के लिए रेलवे केन्द्रीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम अफसरों का इलाज कर रही है। यह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन अंतर्गत स्पोर्ट्स एंड कल्चरल मीट कार्यक्रम का आयोजन पिछले तीन दिन से बिलासपुर डिवीजन में किया जा रहा है, जिसमें बिलासपुर के अलावा रायपुर और नागपुर डिवीजन के अलावा मोतीबाग एवं जोन के सभी विभागों के अफसरों के साथ उनके परिजन भी शामिल हुए थे। आयोजन सेकेरसा ग्राउंड के अलावा रेलवे नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट, न्यू रेल क्लब आडिटोरियम सहित अन्य स्थानों पर हो रहा था। रविवार की शाम स्पोटर्स एंड कल्चरल मीट कार्यक्रम का अंतिम दिन था। इस कार्यक्रम के समापन के उपरांत रात में न्यू रेल क्लब आडिटोरियम के अलावा अन्य स्थानों पर भोजन का भी प्रबंध किया गया था। भोजन करने के करीब 100 से अधिक रेल अफसर और उनके परिजन को अचानक उल्टी व दस्त होनी शुरु हो गई। अचानक रेल अफसरों व उनके परिजन की तबीयत बिगड़ने के बाद आनन-फानन में सभी को केन्द्रीय रेलवे चिकित्सालय के इमरजेंसी, आईसीयू और वीआईपी वार्ड में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने कुछ का उपचार और दवाई देने के बाद छुट्टी दे दी, लेकिन दूसरे दिन सोमवार को भी एक दर्जन से अधिक अधिकारी व उनके परिजन हास्पिटल में अपना उपचार करा रहे हैं। वहीं आधे से अधिक अधिकारियों व उनके परिजन की घर में भी उपचार कराने की सूचना मिली है। इसके अलावा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के एसडीजीएम मनोज गुरुमुखी को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनके परिजन भी अस्वस्थ बताए जा रहे हैं।

गृहमंत्री विजय शर्मा के बंगले के सामने पहुंचे CAF कैंडिडेट्स

रायपुर. छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्ड (CAF) के लिए 2018 में 1786 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इनमें लगभग 417 कैंडिडेट वेटिंग लिस्ट में थे। जिन्हें 7 साल बाद भी नौकरी नहीं मिल पाई है। जबकि CAF में 3 हजार से ज्यादा पोस्ट खाली है। इनमें से कुछ उम्मीद हारकर दूसरा करियर ऑप्शन देख चुके हैं। कुछ 7 साल से लगातार दफ्तरों और मंत्री बंगलों के चक्कर काट रहे हैं। पिछले एक महीने से परिवार-बच्चों सहित तूता धरना स्थल पर बैठे हैं। मंगलवार को चौथी बार पर गृहमंत्री सदन अपनी मांग लेकर पहुंचे। इस दौरान कैंडिडेट्स और पुलिस के अधिकारियों के बीच तीखी नोंक-झोंक हो गई। बता दें कैंडिडेट्स ने गृहमंत्री विजय शर्मा का बंग्ला घेर रखा है। मुलाकात और चर्चा की मांग पर कैंडिडेट्स अड़े हुए हैं। कैंडिडेट्स को हटाने पुलिस पहुंची हुई है। कैंडिडेट्स का आरोप है कि पुलिस महिलाओं और बच्चों पर जोर आजमाइश कर रही है। इस बात को लेकर विवाद उपजा हुआ है। कैंडिडेट्स का साफ कहना है कि वो गृहमंत्री से मुलाकात किए बिना नहीं जाएंगे। बता दें दो मुलाकात में गृह मंत्री विजय शर्मा से कैंडिडेट्स को आश्वासन मिला था। तीसरी बार कैंडिडेट्स से गृहमंत्री की मुलाकात नहीं हो पाई थी।

बलौदाबाजार में मरीन ड्राइव की तर्ज पर चौपाटी की शुरुआत

बलौदा बाजार. बलौदाबाजार में राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव की तर्ज पर चौपाटी की शुरआत हुईं जो इसे शहरी पहचान दिलाएगी। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सोमवार को विधिवत पूजा -अर्चना कर बलौदाबाजार चौपाटी का लोकार्पण किया। साथ ही फीता काट कर चौपाटी का उद्घाटन किया गया और आमजनों के लिये खोल दिया गया। शहर के हृदय स्थल स्वामी विवेकानंद सरोवर के किनारे नगर पालिका परिषद द्वारा सुन्दर और आकर्षक चौपाटी विकसित किया गया है। इसके साथ ही सरोवर का सौन्दर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्य भी किए गए हैं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार द्वारा सकारात्मक सोच के साथ चौपाटी विकसित किया गया है जो शहर के लिये उपलब्धि है। इस चौपाटी में शहरवासी मनोरंजन के साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ़ ले सकेंगे। चौपाटी को बहुत ही सुंदर बनाया गया है लेकिन इसकी सुंदरता बनाए रखने के लिये साफ- सफाई का ध्यान रखना होगा। उन्होंने कहा कि आज बलौदाबाजार विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है। विकास के लिये सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर अपने चिर परिचित अंदाज में प्रसिद्ध छत्तीसगढी गीत गाकर लोगों को मंत्र मुग्ध किया।तकनिकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि रायपुर की तर्ज पर बहुत ही सुंदर चौपाटी विकसित की गई है जहां एक ही स्थान पर मनोरंजन व अनेक व्यंजन उपलब्ध होग़ा। बलौदाबाजार नगर तेजी से विकास हो रहा है जिसमें सभी का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के 2047 तक विकसित भारत संकल्प के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को विकसित प्रदेश बनाने सबका सहयोग जरुरी है। इसके पूर्व मंत्री द्वय ने चौपाटी का भ्रमण कर स्टॉलो और दुकानों का अवलोकन किया और लोगों की प्रतिक्रिया भी जानी। उन्होंने लोगों से चौपाटी का आनंद लेने और स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की अपील की। फूड जोन और चिल्ड्रेन प्ले एरिया*-चौपाटी में एक आधुनिक फूड स्टॉल और रेस्टोरेंट विकसित किए गए हैं जिसमें एक दर्जन से अधिक स्टॉल है। इसके अलावा, बच्चों के लिए चिल्ड्रन प्ले एरिया में झूले और अन्य मनोरंजन साधन उपलब्ध कराए गए हैं।चौपाटी में सुरक्षा और सुव्यवस्था के लिए पार्किंग की व्यवस्था, फ्लोटिंग फाउंटेन, सेल्फी प्वाइंट और फ्लोटिंग जेट्टी जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। इसके अलावा, चौपाटी में कांक्रीट सड़क और लॉन जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई है। इस चौपाटी के शुरू ही जाने से शहरवासियो को मनोरंजन का एक नया केन्द्र मिल गया है। युवा और बच्चे मनोरंजन के लिये वहीं बुजुर्ग सरोवार के चारों तरफ बने पाथ-वे में वाकिंग के लिये आ सकते हैं। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन,जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, प्रमोद शर्मा,लक्ष्मी बघेल, जिला अध्यक्ष आनंद यादव,भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी,नगर पालिका उपाध्यक्ष जितेंद्र महाले सहित पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट पर भारत का बड़ा फैसला, राफेल के साथ होगा शामिल

नई दिल्ली फाइटर जेट्स की कमी से जूझ रही इंडियन एयरफोर्स को मजबूत बनाने के लिए ऐसा लगता है कि भारत सरकार ने अपनी तिजोरी खोल दी है. फ्रांस की दसॉल्ड एविएशन से 114 राफेल विमान खरीदने संबंधी एयरफोर्स के प्रस्ताव पर जल्द ही सरकार की मुहर लगने वाली है. इस बीच रिपोर्ट आई है कि भारत में रूसी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स सुखोई-57 की लागत को लेकर गंभीरता से विचार चल रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत राफेल के साथ रूस से भी सुखोई-57 फाइटर जेट का सौदा करेगा? दरअसल, इंडियन एक्सप्रेस अखबार में एक रिपोर्ट छपी है. इमसें कहा गया है कि पब्लिक सेक्टर की कंपनी एचएएल को अब भी रूस से उस रिपोर्ट का इंतजार है जिसमें भारत में सुखोई-57 विमानों को बनाने में खर्च का आंकलन किया गया है. सुखोई-57 को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. यह रिपोर्ट इसी माह एचएएल को मिलने की संभावना है. देश में सुखोई-57 बनाने पर कितना खर्च? इस रिपोर्ट में एचएएल को यह बताया जाएगा कि इस प्रोजेक्ट को देश में शुरू करने में कितना खर्च जाएगा. यहां एक बात समझने की जरूरत है कि भारत पहले से सुखोई श्रेणी के विमानों का निर्माण करता है. रूस के साथ वर्ष 2000 में हुई एक डील के तहत भारत में 250 से अधिक सुखोई 30एमकेआई फाइटर जेट बनाए गए हैं. ये एक बहुत पावरफुल चौथी पीढ़ी के विमान हैं. इसके निर्माण के लिए तैयार किया गया इंफ्रास्ट्रक्टर आज भी मौजूद है. पिछले दिनों एसयू-57 को लेकर रूस की एक टीम भारत दौरे पर आई थी. उस टीम ने कहा था कि भारत में इस फाइटर जेट के निर्माण के लिए करीब-करीब 50 फीसदी सुविधाएं मौजूद हैं. उसने इस प्रोजेक्ट पर होने वाले संभावित खर्च को लेकर एक रिपोर्ट देने की बात कही थी.  एचएएल को इसी रिपोर्ट का इंतजार है. फिलहाल एचएएल की नासिक डिवीजन में सुखोई-30 एमकेआई की फाइनल असेंबली लाइन मौजूद है. कोरापुट डिवीजन में एएल-31एफपी टर्बोफैन इंजन का लाइसेंस प्रोडक्शन किया जाता है. केरल में इस फाइटर जेट्स के एवयोनिक्स कंपोनेंट्स तैयार किए जाते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षमता और लागत आंकने का यह काम एएचएल की पहल पर किया जा रहा है. करीब 1000 फाइटर जेट्स की जरूरत अभी तक सरकार ने यह फैसला नहीं लिया है कि पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स की कमी को पूरा करने के लिए कौन विमान खरीदे जाएंगे. भारत अभी 4.5 पीढ़ी के फ्रांसीसी विमान राफेल की खरीद की तैयारी कर रहा है. जहां तक पांचवीं पीढ़ी के जेट की बात है तो हमारे पास मौजूदा वक्त में केवल दो विकल्प मौजूदा हैं. पहला अमेरिकी एफ-35 और दूसरा रूसी सुखोई-57. चीन के पास पांचवीं पीढ़ी के जे-20 विमान हैं. उसे हम नहीं खरीद सकते. इसके अलावा दुनिया में किसी अन्य देश के पास अपना पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट नहीं है. भारत अपना पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट एम्का प्रोजेक्ट चला रहा है. लेकिन, इसमें कभी समय लगेगा. माना जा रहा है कि सब कुछ ठीक रहा तो देसी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट 2035 तक एयरफोर्स को मिल पाएंगे. जहां तक भारतीय एयरफोर्स की बात है तो इस वक्त उसके पास करीब 30 स्क्वाड्रन हैं. उसके लिए मंजूर क्षमता 42 स्क्वाड्रन की है. लेकिन, चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मन देशों की क्षमता और टू-फ्रंट वार की आशंका को देखते हुए एक्सपर्ट इन स्क्वाड्रन क्षमता को बढ़ाकर 60 तक ले जाने की बात कर रहे हैं. यानी इंडियन एयरफोर्स को कम से कम 1000 से 1100 फाइटर जेट्स से लैस करना होगा.