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US बर्गर कंपनी बर्गर किंग करेगा एशियाई विस्तार, टैरिफ विवादों के बीच हुई डील

नई दिल्ली भारत में काफी पॉपुलर फास्ट फूड चेन में से एक बर्गर किंग भी है. यह अमेरिका की पुरानी और मशहूर बर्गर कंपनी है, जो यहां व्हॉपर, चिकन बर्गर, फ्रेंच फ्राइज और कोल्ड ड्रिंक्स जैसी चीजें बेचती है. लोग इसे मैकडॉनल्ड्स और केएफसी से तुलना करते हैं, क्योंकि ये तीनों ही क्विक सर्विस रेस्टोरेंट यानी क्यूएसआर सेक्टर में बड़े नाम हैं. बर्गर किंग भारत में 575 से ज्यादा आउटलेट्स चला रही है. ये दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, चेन्नई जैसे बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों तक फैली हुई है. कंपनी हर साल नए स्टोर खोल रही है और ग्रोथ पर फोकस कर रही है. भारत में बर्गर किंग चलाने वाली कंपनी रेस्टोरेंट ब्रांड्स एशिया (आरबीए) अब नए हाथों में जा रही है. चाइनीज वोक ब्रांड की मालिक कंपनी इंस्पिरा ग्लोबल आरबीए में कंट्रोलिंग स्टेक ले रही है. यह डील अमेरिका की पुरानी बर्गर कंपनी बर्गर किंग के भारत वाले ऑपरेटर को खरीदने जैसी है, क्योंकि बर्गर किंग अमेरिका की सबसे पुरानी और मशहूर ब्रांड्स में से एक है. अभी वैश्विक स्तर पर अमेरिका-चीन के बीच टैरिफ वॉर चल रही है, ऐसे में यह डील काफी चर्चा में है. इस डील के तहत एवरस्टोन कैपिटल अपनी पूरी 11.26 प्रतिशत हिस्सेदारी इंस्पिरा ग्लोबल को बेच रही है. एवरस्टोन ने यह हिस्सेदारी अपने निवेश वाहन क्यूएसआर एशिया के जरिए रखी थी. इस बिक्री से एवरस्टोन को करीब 460 करोड़ रुपये मिलेंगे. डील ₹70 प्रति शेयर पर हुई है, जो बीएसई पर मंगलवार को बंद हुए ₹64 के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 10 प्रतिशत ज्यादा है. 1500 करोड़ का फ्रेश कैपिटल इंस्पिरा ग्लोबल के प्रमोटर्स आयुष अग्रवाल और मधुसूदन अग्रवाल ने कंपनी में और पैसा लगाने का ऐलान किया है. वे ₹900 करोड़ इक्विटी शेयर के जरिए और ₹600 करोड़ वॉरंट के जरिए निवेश करेंगे. कुल मिलाकर यह करीब ₹1500 करोड़ का फ्रेश कैपिटल होगा. यह निवेश आरबीए में नए प्रमोटर के रूप में इंस्पिरा को मजबूत बनाएगा और कंपनी को ग्रोथ के लिए पैसा मिलेगा. इस डील से ओपन ऑफर भी ट्रिगर होगा, जिसमें पब्लिक शेयरहोल्डर्स को भी शेयर बेचने का मौका मिलेगा. आरबीए भारत और इंडोनेशिया में बर्गर किंग चलाती है. इंडोनेशिया में पोपाइज ब्रांड भी उसी के पास है. भारत में बर्गर किंग के 575 से ज्यादा आउटलेट्स हैं. यह मैकडॉनल्ड्स और केएफसी जैसी बड़ी कंपनियों से सीधा मुकाबला करती है. फास्ट फूड सेक्टर में अभी उपभोक्ता खर्च कम होने से स्लोडाउन चल रहा है, लेकिन इंस्पिरा ग्लोबल को भरोसा है कि यह सेक्टर हाई ग्रोथ वाला है. 60 से 80 नए रेस्टोरेंट्स खोलने की प्लानिंग इंस्पिरा ग्लोबल का फूड एंड बेवरेज हिस्सा लेनेक्सिस फूडवर्क्स पहले से ही 45 से ज्यादा शहरों में 250 से अधिक चाइनीज वोक रेस्टोरेंट्स चला रहा है. आयुष अग्रवाल ने कहा कि यह निवेश उनकी कंज्यूमर बिजनेस पर फोकस को मजबूत करेगा और हाई-ग्रोथ क्यूएसआर सेक्टर में मौजूदगी बढ़ाएगा. वे ब्रांड को अच्छे से संभालने, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और स्मार्ट कैपिटल यूज पर जोर देंगे. यह डील आरबीए को नई एनर्जी देगी. कंपनी हर साल 60 से 80 नए रेस्टोरेंट्स खोलने की प्लानिंग कर रही है. आने वाले सालों में आउटलेट्स की संख्या बढ़ाकर 800 तक पहुंचाने और ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन 70 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य है. एवरस्टोन कैपिटल ने सालों पहले निवेश किया था और अब एग्जिट कर रही है. इंस्पिरा ग्लोबल के आने से बर्गर किंग भारत में और तेजी से फैल सकती है. आम लोग अब देखेंगे कि क्या बर्गर किंग के आउटलेट्स बढ़ेंगे और नई चीजें मिलेंगी. यह डील फास्ट फूड मार्केट में बड़ा बदलाव ला सकती है.

रायपुर में मंत्री रामविचार नेताम ने केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान से की अहम मुलाकात

रायपुर : मंत्री रामविचार नेताम ने केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान से की मुलाकात मक्का एवं दलहन प्रोत्साहन के लिए मिली 30.42 करोड़ की स्वीकृति राज्य में मक्का एवं दलहन उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा  रायपुर छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री ने नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से उनके शासकीय निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। मंत्री नेताम ने राज्य में दलहन एवं तिलहन फसलों के विकास से जुड़ी प्रमुख मांगों को रखा। बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर केन्द्रीय स्तर से स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे राज्य के कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। कृषि मंत्री नेताम ने इसे राज्य के किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि केन्द्र-राज्य के समन्वय से राज्य में मक्का एवं दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री नेताम ने इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से कृषि विकास, आधुनिक कृषि उपकरणों सहित विभिन्न प्रस्ताव रखें। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने राज्य में मक्का फसल प्रोत्साहन हेतु 6 करोड़ 32 लाख 50 हजार और दलहन-तिलहन फसलों के प्रोत्साहन के लिए 24 करोड़ 10 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की है। इससे राज्य में 55 हजार हेक्टेयर में मक्का फसल का प्रदर्शन होगा, जिससे लगभग 7 हजार किसान लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार दलहन फसलों के अंतर्गत उड़द एवं मूंग के प्रोत्साहन के लिए 24 हजार 100 हेक्टेयर में फसल प्रदर्शन हो सकेगा, जिससे राज्य के लगभग 28 हजार तक के किसान लाभान्वित होंगे। यहां यह उल्लेखनीय है कि मंत्री रामविचार नेताम ने केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान जानकारी दी कि राज्य में परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 के लिए 27 करोड़ 68 लाख का प्रस्ताव कृषि मंत्रालय भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। मंत्री नेताम ने केन्द्रीय मंत्री से उक्त लंबित की स्वीकृति का आग्रह किया।

कुछ बड़ा होने की आशंका: भारत ने बांग्लादेश से अपने राजनयिकों के परिवारों को सुरक्षित वापस लाया

नई दिल्ली भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा संबंधों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। यही वजह है कि भारत लगातार सतर्कता के साथ तेज निर्णय ले रहा है। माना जा रहा है कि बांग्लादेश में बड़े राजनीतिक बदलाव की आशंका को देखते हुए भारत ने अग्रिम तैयारी शुरू कर दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। दरअसल, बांग्लादेश में अब चुनाव महज कुछ दिनों की दूरी पर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने चुनाव टालने की कोशिश की और कट्टरपंथी ताकतों को भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास किया, ताकि चीन और पाकिस्तान के साथ संबंधों को और मजबूत किया जा सके। लेकिन ये कोशिशें नाकाम रहीं। इसी बीच भारत ने एक अहम और चौंकाने वाला फैसला लिया है। भारत ने बांग्लादेश को नॉन-फैमिली स्टेशन घोषित कर दिया है। इसका मतलब है कि बांग्लादेश में तैनात भारतीय राजनयिकों और अधिकारियों को अब अपने परिवार (पति-पत्नी या बच्चे) को साथ रखने की अनुमति नहीं होगी। पहले यह कैटेगरी सिर्फ इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान जैसे देशों के लिए थी। अब बांग्लादेश भी इस सूची में शामिल हो गया है। बताया जा रहा है कि भारतीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि उनके परिवारजन 8 जनवरी तक भारत लौट आएं। स्कूल जाने वाले बच्चों वाले परिवारों को 7 दिन की अतिरिक्त छूट दी गई। इस फैसले के अनुसार, 15 जनवरी तक ढाका समेत अन्य जगहों पर पोस्टेड राजनयिकों के अधिकांश परिवार भारत वापस लौट चुके हैं। हालांकि अभी तक विदेश मंत्रालय ने इस फैसले की कोई आधिकारिक सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह कदम खुफिया रिपोर्ट्स और सुरक्षा आकलन के आधार पर उठाया गया है। यही कारण है कि देश दुनिया में इस फैसले की चर्चा हो रही है।

बॉर्डर 2 को लेकर सस्पेंस खत्म? अक्षय खन्ना की एंट्री पर निधि दत्ता का बयान

मुंबई  90 के दशक के लोगों के लिए बॉर्डर महज एक फिल्म नहीं, बल्कि इमोशन है. यही वजह है कि फैन्स बेसब्री से बॉर्डर 2 का इंतजार कर रहे हैं. फिल्म रिलीज होने में बस दो दिन का समय बचा है. इससे पहले उड़ती-उड़ती खबरें आईं हैं कि फिल्म में अक्षय खन्ना की भी एंट्री होने वाली है. सारी अफवाहों पर प्रोड्यूसर निधि दत्ता ने चुप्पी तोड़ी है.  बॉर्डर 2 में अक्षय खन्ना? जेपी दत्ता की बड़ी बेटी निधि, बॉर्डर की विरासत को अपने पापा जितने ही जोश और इमोशन से आगे बढ़ा रही हैं, जिन्होंने इंडियन सिनेमा में इतिहास रचा. फिल्म में लोग अक्षय खन्ना की एंट्री को लेकर कन्फ्यूज्ड हैं. लेकिन निधि ने इस बारे में बात करके सभी के कंफ्यूजन को दूर कर दिया है. धुरंधर एक्टर बॉर्डर 2 से नहीं जुड़े हैं.  TimesNow संग बातचीत में निधि ने फिल्म में अक्षय की एंट्री को लेकर कहा कि नहीं, ये सच नहीं है. हमने फिल्म के लिए उनसे संपर्क भी नहीं किया. निधि की बातों से साफ हो चुका है बॉर्डर 2 में अक्षय खन्ना का कोई रोल नहीं होगा. ये खबर उनके चाहने वालों के लिए दिल तोड़ने वाली है.  क्यों हो रही थी चर्चा? बॉर्डर 2 का पहला गाना 'घर कब आओगे' 2 जनवरी को जैसलमेर के लोंगेवाला और तनोट में लॉन्च हुआ. ऑफिशियल ऑडियो-विजुअल ट्रैक बीएसएफ ऑफिसर्स, उनकी फैमिली और हजारों फैंस के बीच प्रीमियर हुआ. गाने के एक पार्ट में यूजर्स ने एक एक्टर नोटिस किया, जो अक्षय जैसा लग रहा था. धुरंधर स्टार को बड़े पर्दे पर वापस देखने की उम्मीद में फैंस ने सोचा कि वो स्पेशल अपीयरेंस देंगे.  लेकिन वो अक्षय जैसा दिखने वाला कोई और एक्टर था. संयोग से दोनों काफी मिलते-जुलते हैं. धुरंधर की धांसू सक्सेस के बीच फैंस का बॉर्डर फ्रैंचाइजी में उनका कमबैक चाहना नेचुरल है. लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है. वो फिल्म में नहीं दिखेंगे. बात करें बॉर्डर 2 की तो फिल्म को गुलशन कुमार और टी-सीरीज प्रेजेंट कर रहा है, जेपी फिल्म्स के साथ. फिल्म का डायरेक्शन अनुराग सिंह ने किया है. फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. 

बांग्लादेश के बाद पाकिस्तान? टी20 वर्ल्ड कप बायकॉट को लेकर PCB का बयान

 नई दिल्ली भारत और श्रीलंका में 7 फरवरी से शुरू होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Men’s T20 World Cup 2026) से पहले बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. इसी बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने साफ कर दिया है कि वह बांग्लादेश के समर्थन में टूर्नामेंट का बहिष्कार नहीं करेगा. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बांग्लादेश पाकिस्तान से कूटनीतिक और क्रिकेटिंग सपोर्ट मांग रहा है और दोनों देश मिलकर संयुक्त स्टैंड ले सकते हैं. हालांकि, PCB से जुड़े सूत्रों ने एक वेबसाइट को बताया कि पाकिस्तान के पास टूर्नामेंट से हटने का कोई आधार नहीं है, खासकर जब उसके सभी मैच पहले से ही श्रीलंका में तय हैं. विवाद की जड़ बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) का भारत में अपने ग्रुप स्टेज मैच खेलने से इनकार करना है. BCB ने सुरक्षा और खिलाड़ियों की सेफ्टी का हवाला देते हुए टीम को भारत भेजने से मना कर दिया है.  इसकी शुरुआत तब हुई, जब मुस्ताफिजुर रहमान का IPL कॉन्ट्रैक्ट खत्म किया गया, जिसके बाद BCB ने ICC से औपचारिक रूप से अनुरोध किया कि बांग्लादेश के मैच भारत से बाहर कराए जाएं. हालांकि, ICC की स‍िक्योर‍िटी र‍िव्यू में भारतीय वेन्यू पर शून्य से नगण्य खतरा (nil to negligible threat) खतरे की रिपोर्ट सामने आई, जिससे बांग्लादेश की दलील कमजोर पड़ गई. बांग्लादेश सरकार के दबाव में BCB अब भी विकल्पों पर जोर दे रहा है. इनमें आयरलैंड के साथ ग्रुप बदलने का प्रस्ताव भी शामिल है. फिलहाल बांग्लादेश ग्रुप C में है, जहां उसे तीन मैच कोलकाता और एक मैच मुंबई में खेलना है. अगर ग्रुप स्वैप होता है, तो उसे ग्रुप B में भेजा जाएगा, जिसके मुकाबले श्रीलंका में होंगे. इस बीच PCB ने साफ किया है कि वह टूर्नामेंट से पीछे नहीं हटेगा. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने ICC को यह भी प्रस्ताव दिया है कि अगर श्रीलंका में वेन्यू उपलब्ध न हों, तो वह बांग्लादेश के मैचों की मेजबानी के लिए तैयार है. हालांकि, ICC इस लेट स्टेज पर शेड्यूल बदलने के मूड में नहीं है. आयरलैंड को भी आश्वासन दिया गया है कि उसे किसी तरह की लॉजिस्टिक परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी. अब सारा फैसला BCB के हाथ में है. बांग्लादेश को 21 जनवरी, शाम 6:30 तक ICC को अपना फाइनल न‍िर्णय बताना होगा. अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटता है, तो उसे अंक गंवाने के साथ-साथ भारी वित्तीय जुर्माने और ICC रेवेन्यू शेयर में कटौती का सामना करना पड़ सकता है.

ईशान किशन की टी20 में वापसी का ऐलान, सूर्या ने किया रोल और क्रम साफ

नागपुर  भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पुष्टि की है कि ईशान किशन न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार, 21 जनवरी को होने वाले पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम में वापसी करेंगे. इस मुकाबले में ईशान किशन भारत के लिए नंबर-3 पर बल्लेबाज़ी करेंगे. यह मैच नागपुर में खेला जाएगा. ईशान किशन ने भारत के लिए आखिरी टी20 मैच 28 नवंबर 2023 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था. लंबे समय तक टीम से बाहर रहने के बाद 27 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर राष्ट्रीय टीम में दोबारा जगह बनाई है. पहले टी20 मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार यादव ने कहा कि तिलक वर्मा के शुरुआती तीन मैचों के लिए उपलब्ध न होने के कारण ईशान को मौका देना पूरी तरह सही फैसला है. मैच से पहले क्या बोले सूर्या सूर्यकुमार ने कहा, 'ईशान नंबर-3 पर खेलेंगे. वह हमारे वर्ल्ड कप प्लान का हिस्सा हैं और इसी वजह से उन्हें टीम में चुना गया है. उन्होंने लंबे समय से भारत के लिए नहीं खेला है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है. करीब एक साल से ज्यादा समय बाद उन्हें मौका मिल रहा है और वह इसके हकदार हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'अगर बात नंबर-4 या नंबर-5 की होती, तो स्थिति अलग हो सकती थी. लेकिन दुर्भाग्य से तिलक उपलब्ध नहीं हैं और मुझे लगता है कि नंबर-3 के लिए ईशान सबसे बेहतर विकल्प हैं.' ईशान की दमदार वापसी ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को मजबूर कर दिया. उन्होंने झारखंड को उसका पहला सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई. ईशान ने टूर्नामेंट में 10 पारियों में 517 रन बनाए, उनका औसत 57.44 रहा और स्ट्राइक रेट 197 से ज्यादा का रहा. फाइनल मुकाबले में उन्होंने हरियाणा के खिलाफ सिर्फ 49 गेंदों में 101 रन की तूफानी पारी खेली. झारखंड के कप्तान के तौर पर ईशान ने टीम को 262/3 के विशाल स्कोर तक पहुंचाया. उनकी इस पारी में 6 चौके और 10 छक्के शामिल थे, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. झारखंड ने यह मैच 69 रन से जीता. इस प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए शुभमन गिल से पहले टीम में जगह दी. इसके बाद ईशान ने विजय हज़ारे ट्रॉफी में भी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए कर्नाटक के खिलाफ सिर्फ 33 गेंदों में शतक जड़ा.

तकनीकी खामी से परीक्षा रद्द: कानपुर के परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों का हंगामा

कानपुर  कानपुर में दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा हंगामा हो गया. परीक्षा केंद्र पर तकनीकी खराबी के कारण पहली शिफ्ट की परीक्षा रद्द कर दी गई, जिससे अभ्यर्थी नाराज हो गए. गुस्साए छात्रों ने परीक्षा केंद्र में कंप्यूटर, दरवाजे, शीशे और वायरिंग को नुकसान पहुंचाया. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया. अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर अन्य केंद्र भी दिए जाएंगे. नाराज अभ्यर्थियों ने कॉलेज परिसर में की तोड़फोड़ मंगलवार को कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर स्थित MGA कॉलेज में दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान भारी हंगामा हो गया. परीक्षा सर्वर खराबी के कारण रद्द कर दी गई, जिससे नाराज अभ्यर्थियों ने कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ कर दी. उम्मीदवारों के अनुसार, पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होनी थी और 8:45 बजे से एंट्री तय थी. लेकिन तय समय के बाद भी कॉलेज का मुख्य गेट नहीं खोला गया. बाहर खड़े सैकड़ों अभ्यर्थी बेचैन हो गए और विरोध करने लगे. कॉलेज प्रबंधन ने सर्वर में तकनीकी दिक्कत बताकर छात्रों से इंतजार करने को कहा, लेकिन सुबह करीब 10:30 बजे तक न तो कोई लिखित सूचना लगाई गई और न ही परीक्षा रद्द होने की साफ जानकारी दी गई. जानकारी न मिलने और लंबे इंतजार की वजह से छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया. गेट और सर्वर रूम में तोड़फोड़ हालात बिगड़ने पर सैकड़ों अभ्यर्थी कॉलेज का मुख्य गेट तोड़कर अंदर घुस गए. इसके बाद सर्वर रूम का गेट भी तोड़ा गया और वहां लगे कंप्यूटर व सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया. छात्रों ने परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए. अधिकारियों ने समझा-बुझाकर छात्रों को शांत किया और स्थिति पर काबू पाया. तीनों शिफ्ट की परीक्षा रद्द हंगामे और तकनीकी दिक्कतों के चलते इस केंद्र पर होने वाली तीनों शिफ्ट की परीक्षाएं रद्द कर दी गई. दूर-दराज से आए हजारों अभ्यर्थियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा. फिलहाल SSC या परीक्षा कराने वाली एजेंसी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. उम्मीदवारों का कहना है कि यह स्थिति समय पर जानकारी न देने और खराब व्यवस्था की वजह से पैदा हुई. घटना के बाद परीक्षा केंद्र की तैयारियों और तकनीकी इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं. अभ्यर्थियों ने मांग की है कि रद्द हुई परीक्षा की नई तारीख जल्द घोषित की जाए और आगे ऐसी अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं.

टैरिफ डर का असर: ट्रंप के बयान से एशिया में बिकवाली, भारत में भी बाजार लुढ़के

मुंबई     डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का टैरिफ दुनिया के शेयर बाजारों को संभलने का मौका नहीं दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति आए दिन कहीं न कहीं टैरिफ बम (Trump Tariff Bomb) फोड़ते नजर आ रहे हैं, जिसका असर खुद अमेरिकी शेयर बाजारों के साथ ही एशियाई शेयर मार्केट में क्रैश (Asian Market Crash) के रूप में देखने को मिला है. जापान से लेकर साउथ कोरिया तक बुधवार को भगदड़ देखने को मिली. ये पहले से ही बिखरते जा रहे भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के लिए भी खराब सिग्नल रहे, जब सेंसेक्स-निफ्टी ओपन हुए तो शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद दोनों इंडेक्स भी बिखर गए. BSE Sensex ओपनिंग के बाद 200 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार करता नजर आया.  ट्रंप ने दी 200% टैरिफ की धमकी अमेरिका ने एक बार फिर से टैरिफ बम फोड़ा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों पर बीते शनिवार को 10 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया, जो 1 फरवरी को लागू होने वाला है. ये Trump Tariff Warning अमेरिका के ग्रीनलैंड प्लान का विरोध करने पर दी गई है और ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर Greenland कब्जाने में कोई रुकावट आती है, तो फिर 1 जून से ये टैरिफ 25% तक किया जाएगा. इसके बाद अचानक Donald Trump ने फ्रांस की वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ लगाने की नई धमकी दे डाली है.  कल हुआ था क्रैश, आज भी बिखरे सेंसेक्स-निफ्टी बता दें कि ट्रंप टैरिफ से दुनिया के बाजारों में मची हलचल का असर बीते कुछ दिनों से भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ देखने को मिल रहा है. पिछले कारोबारी दिन मंगलवार सेंसेक्स-निफ्टी में तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी. BSE Sensex 83,207 पर ओपन होने के बाद 1066 अंक गिरकर 82,180.47 पर क्लोज हुआ था. तो वहीं NSE Nifty 25,580 पर खुलने के बाद 353 अंक फिसलकर 25,232 पर बंद हुआ था. बुधवार को जब शेयर बाजार में कारोबार ओपन हुए, तो दोनों इंडेक्स में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला. लेकिन महज 10 मिनट के कारोबार के दौरान ही बीएसई का सेंसेक्स करीब 200 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं एनएसई का निफ्टी भी रेड जोन में ट्रेड करता दिखा.  जापान से कोरिया तक मार्केट क्रैश ट्रंप की इस नई धमकी का सीधा असर एशियाई शेयर बाजार में भगदड़ के रूप में दिखाई दिया है. बुधवार को जब Asian Stock Markets में कारोबार शुरू हुआ, तो ज्यादातर टूटे हुए नजर आए. Japan Nikkei खबर लिखे जाने तक 297 अंक फिसलकर 52,693 पर ट्रेड कर रहा था, जबकि शुरुआती कारोबार में ये 796 अंकों की गिरावट के लेकर 52,194 तक फिसल गया था.  जापान के अलावा हांगकांग का Hang Seng 112 अंक टूटकर 26,423 पर आ गया. इसके अलावा साउथ कोरिया का KOSPI इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा गिरकर ट्रेड कर रहा था. अन्य बाजारों में ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200, DAX, CAC भी रेड जोन में दिखाई दिए.  खुद अमेरिका में बुरा हाल Trump Tariff का असर सिर्फ एशियाई बाजारों में ही नहीं, बल्कि खुद अमेरिका में भी बड़े लेवल पर देखने को मिला है. अमेरिकी शेयर बाजार भी बीते कारोबारी दिन तेज गिरावट के साथ बंद हुए. Dow Jones 870 अंक की तेज गिरावट के साथ फिसलकर 48,509 पर आ गया, तो वहीं S&P 500 इंडेक्स भी बिखरा हुआ नजर आया. इसमें क्लोजिंग के समय तक 143 अंक की गिरावट आ गई और ये 6817 पर बंद हुआ.

भारत-न्यूजीलैंड टी20 भिड़ंत: ODI का हिसाब बराबर करने का मौका, SKY के बल्ले से बड़ी पारी की उम्मीद

नई दिल्ली पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए जूझ रहे कप्तान सूर्यकुमार यादव न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार से नागपुर में शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 श्रृंखला से फॉर्म में वापसी करने के लिए बेताब होंगे। भारत की नजर वनडे श्रृंखला में मिली हार का बदला चुकता करके अगले महीने घरेलू धरती पर होने वाले टी20 विश्व कप के लिए अपनी तैयारियों को पुख्ता अंजाम देने पर होगी।   सूर्यकुमार ने 2024 में टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी जिसके बाद भारत का प्रदर्शन अच्छा रहा है और उसकी जीत का प्रतिशत 72 प्रतिशत से अधिक रहा है। इससे कप्तान के बल्लेबाजी में निराशाजनक प्रदर्शन पर ज्यादा गौर नहीं किया गया लेकिन अब ऐसा नहीं है। पिछले दो वर्षों में भारतीय टी20 टीम स्वचालित मोड पर रही है, जिसमें उसे इक्का-दुक्का हार का ही सामना करना पड़ा। आईपीएल के कारण उसके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपनी भूमिकाओं को अच्छी तरह से जानते हैं। भारतीय टीम पर हालांकि विश्व कप में अपने खिताब का बचाव करने और घरेलू धरती पर खेलने का दबाव होगा और सूर्यकुमार न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला से पहले इन बातों पर जरूर गौर कर रहे होंगे। न्यूजीलैंड की टीम काफी मजबूत है और उसने पिछले एक साल में कई उपलब्धियां हासिल की है जिसमें भारत के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में क्लीन स्वीप करना और वनडे श्रृंखला जीतना भी शामिल है। भारतीय धरती पर पहली बार द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला जीतने से निश्चित तौर पर उसके खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा होगा। लेकिन जब टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की बात आती है तो सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत एक अलग ही टीम साबित हुई है, जिसने पिछले 25 में से 18 मैच जीते हैं। इसका श्रेय काफी हद तक अभिषेक शर्मा की तूफानी शुरुआत और वरुण चक्रवर्ती की बीच के ओवरों में शानदार गेंदबाजी को जाता है। न्यूजीलैंड ने 2024 टी20 विश्व कप के बाद खेले गए 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से 13 में जीत हासिल की है। आक्रामक सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉनवे, कप्तान मिचेल सैंटनर, तेज गेंदबाज जैकब डफी, बेहतरीन फॉर्म में चल रहे डैरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स की मौजूदगी में न्यूजीलैंड मजबूत प्रतिद्वंद्वी टीम साबित हो सकती है। इसका यह भी मतलब है कि मौजूदा चैंपियन भारत को विश्व कप की तैयारी के लिए बेहतरीन समय मिलेगा। इस पृष्ठभूमि में केवल सूर्यकुमार ही ऐसे हैं, जिनकी खराब फॉर्म मजबूत टीम की कमजोर कड़ी साबित हुआ है। उन्होंने पिछले 19 मैचों में एक भी अर्धशतक लगाए बिना केवल 218 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 123 से अधिक रहा है। तिलक वर्मा को खेलने का अधिक समय देने के लिए उन्होंने बल्लेबाजी क्रम में खुद को तीसरे नंबर के बजाय चौथे नंबर पर खिसका दिया। सूर्यकुमार अच्छी तरह से जानते हैं कि उनके खराब प्रदर्शन का ड्रेसिंग रूम में असर पड़ सकता है और उन्हें अब हर हाल में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। किसी भी अन्य टीम में श्रेयस अय्यर जैसे काबिल खिलाड़ी को टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में स्वतः ही जगह मिल जाती, क्योंकि उन्होंने तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजी को आईपीएल फाइनल तक पहुंचाया है और एक बार जीत हासिल की है। भारतीय टीम में स्पिनरों के खिलाफ खेलने वाले सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक अय्यर को तिलक वर्मा के चोटिल होने के कारण टीम में जगह मिली है। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि तिलक विश्व कप के लिए समय पर ठीक हो पाएंगे या नहीं, लेकिन नंबर चार पर अय्यर की मौजूदगी से सूर्यकुमार को अपने पसंदीदा नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने का मौका मिलेगा। अगर इस बात को ध्यान में रखा जाए कि तिलक बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं तो इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे इशान किशन भी दावेदारी पेश कर सकते हैं। टी20 श्रृंखला में ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी वापसी होगी जीने जिन्हें वनडे श्रृंखला में विश्राम दिया गया था। पंड्या अपने कौशल से टी20 टीम में संतुलन लाते हैं और उनकी मौजूदगी का मतलब है कि टीम प्रबंधन एक अतिरिक्त विशेषज्ञ खिलाड़ी को खिलाने का जोखिम उठा सकता है। वरुण चक्रवर्ती टीम के तुरुप का इक्का होंगे, जिनके खिलाफ न्यूजीलैंड ने ज्यादा मैच नहीं खेले हैं। वरुण के सातवें से 15वें ओवर के बीच के चार ओवर अक्सर मैच का रुख पलट देते हैं और कुलदीप यादव की खराब फॉर्म को देखते हुए तमिलनाडु के इस खिलाड़ी को और भी बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत होगी। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर क्रिस्टियन क्लार्क टी20 श्रृंखला के लिए टीम में बने रहेंगे क्योंकि माइकल ब्रैसवेल और एडम मिल्ने दोनों ही हल्की चोटों से उबर रहे हैं। टीम इस प्रकार हैं: भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), इशान किशन, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा। न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), डेवोन कॉनवे, बेवन जैकब्स, डैरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम रॉबिन्सन, जिमी नीशम, ईश सोढ़ी, जैक फाउल्स, मार्क चैपमैन, माइकल ब्रैसवेल, रचिन रविंद्र, काइल जैमीसन, मैट हेनरी, जैकब डफी, क्रिस्टियन क्लार्क। समय: मैच शाम सात बजे शुरू होगा।  

टैरिफ संकट की मार: मुरादाबाद का निर्यात लगातार छह महीने से डाउन, 1.5 लाख मजदूरों पर संकट

मुरादाबाद अमेरिका के टैरिफ की मार का असर निर्यातकों के साथ-साथ कारीगरों पर भी पड़ने लगा है। हस्तशिल्प उत्पादों के ऑर्डर घटने से अधिकांश निर्यातकों ने हफ्ते में दो दिन फैक्टरी बंद रखने का रास्ता पकड़ लिया है। साथ ही काम करने वालों का बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है। इसका ज्यादा असर उन कारीगरों और कामगारों पर पड़ रहा है, जो प्रभावित फैक्टरियों के लिए काम करते हैं। जानकार बताते हैं कि छह माह से निर्यात में लगातार गिरावट से करीब डेढ़ लाख कामगार बेरोजगार हो गए हैं।निर्यात क्षेत्र का अनुभव रखने वाले बताते हैं कि पिछले साल हस्तशिल्प उत्पाद के कारोबार से करीब 5.50 लाख लोग जुड़े थे। इनमें से अब केवल 3.85 लाख कामगारों के पास ही रोजगार बचा है। फैक्टरियों से जुड़े लोगों में से छह माह में करीब डेढ़ लाख कामगारों की सेवा खत्म हो चुकी है। निर्यातक अजय गुप्ता का कहना है कि जिले में छह हजार से अधिक फैक्टरियों में हस्तशिल्प उत्पाद तैयार किए जाते हैं। छह महीने के भीतर 25 से 30 प्रतिशत निर्यात घट गया है। पिछले छह महीने में पीतलनगरी के कुल कारीगारों में से 30 प्रतिशत की सेवा जा चुकी है। अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो आने वाले छह महीने में हजारों कामगारों की सेवाए और प्रभावित होंगी। फैक्टरी संचालकों को नुकसान के कारण एेसे कदम उठाने पड़े हैं। द हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव सतपाल ने बताया कि अमेरिकी काम हाथ से निकलने के कारण तमाम फैक्टरियों में काम के घंटे कम कर दिए गए हैं। नए ऑर्डर कम मिलने का असर फैक्टरियों में काम करने वालों पर पड़ रहा है। जिले में करीब 100 फैक्टरियां ऐसी हैं, जहां पर हफ्ते में दो दिन काम बंद रहता है। उनका कहना है कि अगर अमेरिका की 50 प्रतिशत टैरिफ की मार जारी रही तो आने वाले एक साल में हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात खत्म होने की कगार पर पहुंचने का खतरा है। वह अमेरिकी टैरिफ के साथ धातुओं की महंगाई को भी काम पर असर का बड़ा कारण मान रहे हैं। 40 प्रतिशत ऑर्डर मिलते हैं अमेरिका से जिला उद्योग केंद्र के मुताबिक पीतलनगरी से हर साल 10437 करोड़ रुपये के हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात किया जाता है। बीते साल यह निर्यात 30 प्रतिशत कम हुआ है। करीब सात हजार करोड़ रुपये के ही उत्पादों का निर्यात हो पाया। एमएचईए के प्रेसिडेंट नावेद उर रहमान ने बताया कि कुल निर्यात के 40 प्रतिशत हस्तशिल्प उत्पाद निर्यात के ऑर्डर अमेरिका से मिलतें हैं। अमेरिकी खरीदारों ने तीन महीने से ऑर्डर होल्ड कर दिए हैं। रॉ-मैटेरियल की कीमतें लगातार बढ़ने से 2.75 प्रतिशत सबवेंशन स्कीम का कोई फायदा नहीं मिल पाएगा। विदेशों में स्टोर खोलने से निर्यात नहीं बढ़ेगा, क्योंकि बड़ी फैक्टरियों को बड़े ऑर्डर की जरूरत है न की 10 से 15 पीस के ऑर्डर की। अमेरिका से ही सबसे ज्यादा ऑर्डर मिलते थे। पांच-छह महीने इसी तरह की स्थिति रही तो लाखों का नुकसान उठाना पड़ेगा।  -अजय गुप्ता, निर्यातक फैक्टरियों में ठेके पर काम करने वाले कारीगरों को सबसे ज्यादा नुकसान है। ऑर्डर कम मिलने से उन्हें समय से काम नहीं मिल पा रहा है। कई ठेकेदार तीन महीने से खाली बैठे हुए है। निर्यातकों के पास ऑर्डर नहीं है कि उन्हें काम दे सकें। बड़ी फैक्टरियां चलाने में हर महीने औसतन 50 लाख रुपये तक खर्च आता है। इन फैक्टरियों को करोड़ों का ऑर्डर चाहिए। यह तभी संभव होगा जब विदेशों में शांति और ज्यादा महंगाई न हो। – सतपाल, सचिव, द हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन अमेरिका समेत अन्य देशों में ऑर्डर को लेकर खरीदारों से बातचीत चल रही है लेकिन कोई फायदा नहीं है। रॉ-मैटेरियल के बढ़ते दाम और अमेरिका टैरिफ की स्थिति से ऑर्डर कम मिल रहे हैं। इससे फैक्टरी चलाना मुश्किल हो रहा है। छह महीने में हजारों लोग बेरोजगार हुए हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में समस्याएं और बढ़ जाएंगी।  – विभोर गुप्ता, संचालक, डिजाइनको अमेरिकी टैरिफ की वजह से पुराने आर्डर होल्ड पर हैं। पुराने माल की सप्लाई मुश्किल हो गई है। अमेरिका के लिए अब 30 प्रतिशत निर्यात का औसत है। अमेरिकी खरीदारों का कहना है कि उनके यहां हस्तशिल्प उत्पादों का पुराना स्टॉक नहीं बिका है। इसकी वजह से वह ऑर्डर नहीं दे रहे हैं। पुराना स्टॉक क्लियर होने पर ही ऑर्डर मिल पाएंगे। – मोहम्मद अख्तर शम्सी, चेयरमैन, पैरामाउंट होम कलेक्शंस