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मिचेल ने कोहली का वनडे सिंहासन छीना, रोहित शर्मा की रैंकिंग में गिरावट

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के आक्रामक बल्लेबाज डेरिल मिचेल ने हाल में संपन्न श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय सुपरस्टार विराट कोहली को ताजा आईसीसी वनडे बल्लेबाज रैंकिंग में शीर्ष स्थान से हटा दिया है। न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ यह श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की थी। इस तरह उसने भारतीय सरजमीं पर पहली बार वनडे श्रृंखला जीतकर 37 साल का इंतजार खत्म किया था। मिचेल ने इस श्रृंखला में दो शतक लगाए और 34 वर्षीय यह बल्लेबाज मात्र 54 वीं पारी में सबसे तेज नौ वनडे शतक पूरे करने वाले चौथे पुरुष खिलाड़ी बन गए। केवल इमाम-उल-हक (48), हाशिम अमला (52) और क्विंटन डिकॉक (53) ही उनसे आगे हैं। हैमिल्टन में जन्मे मिचेल अपने करियर की शीर्ष फॉर्म में हैं। उन्होंने तीन मैच की श्रृंखला में कुल 352 रन बनाए। किसी तीन मैच की वनडे श्रृंखला में यह न्यूजीलैंड के खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सर्वाधिक रन हैं और कुल मिलाकर यह तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उनसे आगे केवल पाकिस्तान के बाबर आजम (2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 360 रन) और भारत के शुभमन गिल (2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 360 रन) हैं। आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘845 रैंकिंग अंक के साथ मिचेल ने कोहली (795 अंक) की जगह ली है जो अब दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। दोनों बल्लेबाजों के बाद इब्राहिम जदरान, रोहित शर्मा , शुभमन गिल और बाबर आजम मौजूद हैं।’ यह दूसरी बार है जब मिचेल ने वनडे क्रिकेट में शीर्ष रैंकिंग हासिल की है। इससे पहले वह पिछले साल नवंबर में सिर्फ तीन दिन के लिए शीर्ष पर रहे थे जिसके बाद रोहित शर्मा ने उन्हें पछाड़ दिया था। भारत के खिलाफ उसकी सरजमीं पर खेले गए वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स (पांच शतक) के बाद मिचेल (चार शतक) दूसरे सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं। मिचेल वनडे में 54 पारियों में अब तक एक भी बार शून्य पर आउट नहीं हुए हैं जिससे वह इस उपलब्धि की सर्वकालिक सूची में दूसरे स्थान पर हैं। उनसे आगे केवल केपलर वेसल्स हैं जो 1983 से 1994 के बीच 105 वनडे पारियों में कभी भी शून्य पर आउट नहीं हुए। डेरिल मिचेल के पिता मशहूर रग्बी कोच जॉन मिचेल वर्तमान में इंग्लैंड की विश्व कप विजेता महिला टीम के मुख्य कोच हैं। मिचेल और कोहली के बाद अफगानिस्तान के इब्राहिम जदरान (764 अंक) तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं जिन्होंने भारत के रोहित शर्मा (757 अंक) को चौथे स्थान पर पहुंचा दिया। ग्लेन फिलिप्स और मिचेल ने इंदौर में श्रृंखला के निर्णायक मैच में 219 रन की साझेदारी की जो न्यूजीलैंड के वनडे इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। फिलिप्स ने 88 गेंद पर 106 रन बनाए जिससे वह बल्लेबाजी रैंकिंग में 16 पायदान चढ़कर 20 वें स्थान पर पहुंच गए। फिलिप्स ऑल राउंडरों की वनडे सूची में भी 14 स्थान की छलांग लगाकर संयुक्त 31 वें स्थान पर पहुंच गए हैं जहां अफगानिस्तान के अजमतुल्लाह उमरजई शीर्ष पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के माइकल ब्रेसवेल को वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में सबसे ज्यादा फायदा हुआ। भारत के खिलाफ श्रृंखला के पहले दो मैच में अच्छे प्रदर्शन के बाद वह छह स्थान की छलांग लगाकर 33 वें स्थान पर पहुंच गए। गेंदबाजी रैंकिंग के शीर्ष स्थान पर कोई बदलाव नहीं हुआ है। अफगानिस्तान के स्टार राशिद खान (710 अंक) पहले स्थान पर बने हुए हैं और इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (670 अंक) उनसे पीछे दूसरे स्थान पर हैं। राशिद खान ने दुबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला के पहले मैच में दो विकेट लेने के बाद टी 20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों की ताजा रैंकिंग में भी दो स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया है।  

सूर्यकुमार यादव कोहली-रोहित के क्लब में पहुंचे, टी20 क्रिकेट में पूरे किए 9000 रन

नागपुर भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच के दौरान टी20 क्रिकेट में 9000 रन पूरे किए। सूर्यकुमार यादव टी20 क्रिकेट में नौ हजार रन बनाने वाले चौथे भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले ये कारनामा रोहित शर्मा, विराट कोहली और शिखर धवन कर चुके हैं। सूर्यकुमार ने न्यूजीलैंड के खिलाफ नागपुर टी20 मैच में अच्छी पारी खेलकर फॉर्म में वापसी के संकेत भी दे दिए हैं। भारतीय कप्तान ने सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी भी की।   खेल के सबसे छोटे प्रारूप में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है। विराट कोहली ने टी20 क्रिकेट में 414 मैचों में 13543 रन बनाए हैं। कोहली ने टी20 क्रिकेट में नौ शतक लगाए हैं। इस लिस्ट में भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा दूसरे नंबर पर हैं। रोहित ने 463 मैचों में 12248 रन बनाए हैं। रोहित शर्मा के नाम टी20 क्रिकेट में आठ शतक है। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन सूची में तीसरे नंबर पर हैं। शिखर धवन ने 334 मैचों में 9797 रन बनाए हैं। धवन ने दो शतक जड़े हैं। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव टी20 क्रिकेट में 9000 से ज्यादा रन बनाने वाले चौथे भारतीय बन गए हैं। सूर्यकुमार यादव ने 347 मैचों में 9000 से ज्यादा रन बनाए हैं। सूर्यकुमार के नाम 6 शतक है। भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के पहले मैच में 22 गेंद में 32 रन बनाए। अपनी पारी के दौरान विस्फोटक बल्लेबाज ने 4 चौके और एक छक्का लगाया। सूर्यकुमार यादव पिछले कुछ महीने से खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं। हालांकि उन्हें इस साल अपने पहले ही मैच में दमदार पारी खेलकर वापसी के संकेत दे दिए हैं। सूर्यकुमार ने टी20 में आखिरी बार अक्टूबर 2024 में अर्धशतक लगाया था। इसके बाद वह बड़ा स्कोर नहीं बना सके हैं।  

अर्शदीप के बाद हार्दिक ने भी किया शिकार, रचिन रवींद्र के बल्ले से एक रन निकला

नागपुर आज इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड पहला टी20 मैच नागपुर के वीसीए स्टेडियम में खेला जा रहा है। भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 239 रनों का रिकॉर्ड टारगेट रखा है। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 338 रन बनाए। यह टी20 इंटरनेशनल में भातर का न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर है। भारत ने इससे पहले फरवरी 2023 में कीवी टीम के सामने 234/4 का स्कोर बनाया था। अभिषेक शर्मा ने नागपुर में सर्वाधिक रन बनाए। युवा ओपनर ने 35 गेंदों में 84 रनों की तूफानी पारी खेली। उन्होंने पांच चौके और छक्के लगाए। टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। संजू सैमसन (10) का बल्ला नहीं चला। दो साल से अधिक समय बाद भारतीय टीम में लौटे ईशान किशन (5 गेंदों 8) भी सस्ते में आउट हुए। कप्तान सूर्यकुमार यादव (22 गेंदों में 32, चार चौके, एक सिक्स) अच्छे टच में नजर आए। उन्होंने अभिषेक के साथ तीसरे विकेट के लिए 99 रनों की पार्टनरशिप की। शिनम दुबे (9) और अक्षर पटेल (5) दहाई का आंकड़ा पार नहीं सके। हार्दिक पांड्या के बल्ले से 16 गेंदों में 25 रन निकले, जिसमें चीन चौके और एक छक्का है। रिंकू सिंह ने आठवें नंबर पर उतरने के बाद 20 गेंदों में नाबाद 44 रनों की शानदार पारी खेली और भारत को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने चार चौके और तीन छक्के जड़े। न्यूजीलैंड के लिए जैकब डफी और काइल जैमीसन ने दो-दो विकेट चटकाए। क्रिस्टियन क्लार्क, ईश सोढ़ी और कप्तान मिचेल सेंटनर ने एक-एक विकेट हासिल किया। पहले ओवर में भारत को सफलता अर्शदीप ने भारत को पहले ओवर में सफलता दिलाई है। उन्होंने दूसरी गेंद पर डेवोन कॉनवे को विकेटकीपर सैमसन के हाथों कैच कराया। उनका खाता नहीं खुला।

मालेगांव की सियासत में नया चेहरा: शेख आसिफ और ISLAM पार्टी ने बदल दी मुस्लिम राजनीति की तस्वीर

मुंबई पिछले हफ्ते महाराष्ट्र में हुए 29 स्थानीय निकाय चुनावों में सेअधिकांश शहरों में जहां भाजपा और उसके गठबंधन ने जीत दर्ज की है, वहीं मुस्लिम बहुल मालेगांव नगरपालिका में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। यहां के मुसलमानों ने मुस्लिम राजनीति के पैरोकार समझे जाने वाले असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी AIMIM को करारा झटका दिया है। 16 जनवरी, 2026 को घोषित चुनावी नतीजों में नवगठित पार्टी इस्लाम (ISLAM) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इस नतीजे ने सबको चौंका दिया है।   कुल 85 सदस्यीय सदन में ISLAM को सबसे ज्यादा 35 सीटें मिली हैं, जबकि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी 26 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही है। शिवसेना (शिंदे गुट) को 18 सीटों पर जीत मिली है, जबकि समाजवादी पार्टी ने 5 सीटों पर कब्जा जमाया है। सपा ने ISLAM के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। राष्ट्रीय पार्टियों कांग्रेस और भाजपा को क्रमश: तीन और दो सीटें मिली हैं। इस तरह किसी भी दल को बहुमत नहीं मिल सका है। हालांकि, ISLAM के पास 40 पार्षदों का संख्या बल है जो बहुमत के आंकड़े (43) से तीन कम है। वहां अपना मेयर बनाने के लिए इस्लाम पार्टी ने AIMIM से समर्थन मांगा है। कौन हैं शेख आशिफ? ISLAM ने कैसे हासिल किया मुकाम शेख आसिफ ISLAM यानी इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र के संस्थापक हैं। उनका पूरा नाम शेख आसिफ शेख रशीद है। वह 2014-2019 के बीच मालेगांव सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक (MLA) रहे हैं। वह दिवंगत कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक शेख रशीद के पुत्र हैं, जिन्होंने भी मालेगांव का दो बार प्रतिनिधित्व किया था। शेख आसिफ ने भी अपने पिता की तरह राजनीति में एंट्री कांग्रेस से ही ली। मालेगांव का विधायक बनने से पहले वह मालेगांव के मेयर के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। शरद पवार की NCP में भी रहे हालांकि, उन्होंने 2021-22 में कांग्रेस छोड़ दी और शरद पवार की NCP में शामिल हो गए। यहां भी वह ज्यादा दिन नहीं रहे। इसके बाद उन्होंने 2024 में महाराष्ट्र विधाम सभा चुनावों से पहले खुद की पार्टी 'इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र' (I.S.L.A.M.) बनाई। उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान मुस्लिम बहुल मालेगांव में एक नैरेटिव स्थापित करने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। भाजपा के खिलाफ खड़ी की पार्टी उन्होंने दिए एक इंटरव्यू में खुद ही बताया कि जब से भाजपा की केंद्र में और राज्यों में सरकार बनी है, तब से देश में एक अलग किस्म का माहौल बना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लाम धर्म को लगातार टारगेट किया जा रहा है और मुस्लिमों पर अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी का जवाब देने के लिए उन्होंने इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र यानी ISLAM पार्टी की स्थापना की। ओवैसी को करारा झटका 78 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले मालेगांव में असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी AIMIM अपना मेयर बनाने का सपना देख रही थी लेकिन ISLAM ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। दरअसल, देश के कई मुस्लिम बहुल इलाकों में भाजपा की काट के रूप में मुसलमान वोटर AIMIM का समर्थन करते रहे हैं। ओवैसी को उम्मीद थी कि मालेगांव में भी मुस्लमान उन्हें अपना वास्तविक संरक्षक मानेंगे लेकिन वहां के मुस्लिमों ने स्थानीय शेख आसिफ को ओवैसी से ज्यादा तवज्जो दी है। अब ओवैसी के सामने भी एक संकट है, अगर वो मेयर चुनाव में ISLAM के उम्मीदवार को समर्थन नहीं देंगे तो उन पर मुस्लिम विरोधी का टैग लग सकता है।  

सीमा पर तनाव बढ़ाने की कोशिश: LoC पर कैमरे इंस्टॉल करते समय पाक गोलीबारी, भारत का मुंहतोड़ पलटवार

जम्मू उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में 20-21 जनवरी की रात भारत और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच गोलीबारी हुई। रक्षा सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह झड़प तब हुई जब 6 राष्ट्रीय राइफल्स के सैनिक केरन बाला इलाके में सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और लाइन ऑफ कंट्रोल के साथ ब्लाइंड स्पॉट को खत्म करने के लिए हाई-टेक सर्विलांस कैमरे लगा रहे थे। पाकिस्तानी सैनिकों की गोलीबारी का भारतीय जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया।   पाकिस्तानी सैनिकों ने इंस्टॉलेशन को रोकने के लिए छोटे हथियारों से दो राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में भारतीय पक्ष से एक, सोच-समझकर जवाबी गोली चलाई गई। हालांकि दोनों तरफ से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन भारतीय सेना ने घने जंगल वाले इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया है, क्योंकि उन्हें शक है कि आग का इस्तेमाल घुसपैठ की कोशिश से ध्यान भटकाने के लिए किया गया हो सकता है। पूरे सेक्टर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, क्योंकि सेना सर्दियों के महीनों में पारंपरिक घुसपैठ के रास्तों पर नजर रखने के लिए टेक्निकल सर्विलांस को अपग्रेड कर रही है। इससे पहले, जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में आतंकवादियों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया गया। इसके तीसरे दिन मंगलवार को सुरक्षा बलों ने कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। चतरू क्षेत्र के मन्द्राल-सिंहपुरा के पास सोनार गांव में रविवार को अभियान शुरू किया गया था और इस बीच हुई मुठभेड़ में एक ‘पैराट्रूपर’ शहीद हो गया तथा छिपे हुए आतंकवादियों द्वारा अचानक किए गए ग्रेनेड हमले से सात अन्य घायल हो गए। आतंकवादी घने जंगल में भाग गए, लेकिन खाने-पीने की चीजें, कंबल और बर्तनों सहित बड़ी मात्रा में सर्दियों के सामान से भरे उनके ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया। जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन तुती और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जम्मू महानिरीक्षक आर. गोपाल कृष्ण राव सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मुठभेड़ स्थल पर पहुंच गए तथा वे अभियान की निगरानी के लिए वर्तमान में कई सेना अधिकारियों के साथ वहीं डेरा डाले हुए हैं।  

मंत्री भूरिया की वर्ल्ड बैंक अधिकारियों के साथ बैठक हुई

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में महिला सशक्तिकरण, पोषण, बाल विकास तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उनके प्रभाव पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने वर्ल्ड बैंक के सहयोग से संचालित परियोजनाओं को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया। बैठक में पोषण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, किशोरी बालिकाओं के सशक्तिकरण, क्षमता निर्माण एवं नवाचारों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों ने राज्य सरकार द्वारा सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा तकनीकी सहयोग, और भविष्य की कार्य-योजनाओं को लेकर अपने सुझाव साझा किए। उन्होंने राज्य के साथ निरंतर समन्वय एवं सहयोग की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बैठक में विभागीय सचिव श्रीमती जीवी रश्मि, उप सचिव श्रीमती माधवी नागेंद्र, आयुक्त श्रीमती निधि निवेदिता, वर्ल्ड बैंक की दक्षिण एशिया की प्रैक्टिस मैनेजर, सुश्री अपर्णा सोमनाथन, सीनियर हेल्थ स्पेशलिस्ट सुश्री दीपिका चौधरी, साउथ एशिया रीजन के लीड हेल्थ स्पेशलिस्ट श्री सोमिल नागपाल एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

भागीरथपुरा मामला: हाई कोर्ट का बड़ा निर्देश, टेंडर प्रक्रिया और प्रदूषण बोर्ड के दस्तावेज होंगे संरक्षित

इंदौर भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में हाई कोर्ट का आदेश जारी हो गया है। कोर्ट ने कलेक्टर और निगमायुक्त से कहा है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने का संपूर्ण रिकॉर्ड (टेंडर प्रक्रिया सहित) और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इन दस्तावेजों में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से भी कहा कि उन्हें नगर निगम और शासन द्वारा 20 जनवरी को प्रस्तुत रिपोर्ट को लेकर अगर किसी तरह की आपत्ति है तो प्रस्तुत कर दें। कोर्ट ने इस मामले में कलेक्टर के साथ बनाई जाने वाली स्वतंत्र कमेटी के लिए याचिकाकर्ताओं से नाम मांगे हैं। अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी। भागीरथपुरा दूषित पानी कांड को लेकर हाई कोर्ट में पांच अलग-अलग याचिकाएं चल रही हैं। इन याचिकाओं में मंगलवार 20 जनवरी को करीब डेढ घंटे सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था जो बुधवार दोपहर जारी हुआ। तीन पेज के आदेश में कोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ताओं को आशंका है कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने के लिए हुई टेंडर प्रक्रिया के दस्तावेजों के साथ छोड़छाड़ की जा सकती है।   कोर्ट ने दिया दस्तावेजों को सुरक्षित रखने का निर्देश याचिकाकर्ता ने ऐसी ही आशंका प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की उस रिपोर्ट के साथ होने की आशंका भी व्यक्त की है जिसमें पानी के नमूने दूषित पाए गए थे। ऐसी स्थिति में इन दस्तावजों को सुरक्षित रखा जाना आवश्यक है। कोर्ट ने कलेक्टर और निगमायुक्त से कहा है कि वे इन दोनों दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। याचिकाकर्ता सुझाएं नाम सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने शासन द्वारा गठित समिति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उन्हें इस पर विश्वास नहीं है। शासन ने भागीरथपुरा मामले के लिए दोषी अधिकारियों का पता लगाने के लिए अधिकारियों की कमेटी बना दी है। यह जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने के लिए सिर्फ दिखावा है। कोर्ट ने आदेश में याचिकाकर्ताओं से कहा है कि वे कलेक्टर के साथ इस मामले की स्वतंत्र निगरानी के लिए बनाई जाने वाले कमेटी के लिए सदस्यों के नाम प्रस्तावित करें। 27 से पहले दे दें आपत्ति शासन ने 20 जनवरी को हुई सुनवाई में स्टेटस रिपोर्ट पेश की थी। बताया था कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। बुधवार को जारी आदेश में कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा है कि उन्हें अगर इस रिपोर्ट को लेकर किसी तरह की आपत्ति है तो वे इसे 27 जनवरी से पहले पेश कर दें।

कानून की उड़ रही धज्जियां, सत्ता का दुरुपयोग; डोनाल्ड ट्रंप पर अपनों ने उठाए सवाल

वॉशिगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी देकर उस यूरोप को अपने खिलाफ एकजुट कर लिया है, जिसे अमेरिका का सहयोगी माना जाता है। यूरोपीय देशों के नेताओं ने खुलकर डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करना शुरू कर दिया है। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी का अतिरिक्त इंपोर्ट टैक्स लगाने की धमकी दी है तो वहीं फ्रांस ने भी जवाबी ऐक्शन की धमकी दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का कहना है कि यदि अमेरिका ने ऐसा कोई कदम उठाया तो फिर हम भी ऐसी ही जवाबी कार्रवाई देंगे। इसके अलावा ट्रंप की आलोचना यूरोपीय नेता यह कहते हुए भी कर रहे हैं कि उन्होंने इंटरनेशनल कानूनों को प्रभावित किया है।   इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि आज दुनिया में दबंग राजनीति की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज ऐसी स्थिति हो गई है कि विवाद सामान्य हो चुके हैं। उन्होंने कहा, 'आज वैश्विक नीति इस स्थिति में चली गई है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों को पैरों तले रौंदा जा रहा है। ऐसा लगता है कि उसी की चल रही है, जो सबसे मजबूत है। बिना सामूहिक सहयोग के ऐसी स्थिति हो जाएगी, जिसमें अप्रत्याशित प्रतिस्पार्धा होगी।' उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि यूरोप को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि अंतहीन टैरिफ लादे जा रहे हैं, जिन्हें किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता। मैक्रों ने ट्रंप से लेकर व्लादिमीर पुतिन तक की लगाई क्लास यही नहीं मैक्रों ने ट्रंप के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वह भी साम्राज्यवादी विस्तार चाहते हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि 2024 में ही लगभग 60 जंग दुनिया भर में हुईं। इनमें से कुछ ही जंगें खत्म हो सकी हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप किसी के आगे झुकेगा नहीं। यदि कोई हमारे खिलाफ टैरिफ लगाता है तो फिर हम भी जवाबी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि खेल के नियमों का पालन दूसरी तरफ से नहीं हो रहा है तो फिर हम ही ऐसा क्यों करें। हम भी सख्त कदम उठाने से हिचकेंगे नहीं। ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए ट्रंप ने क्या दी है दलील डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क के अर्धस्वायत्त इलाके ग्रीनलैंड को अमेरिकी कब्जे में लेने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि अमेरिका इस इलाके पर कंट्रोल नहीं करता है तो फिर रूस और चीन ऐसा कर सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है। ग्रीनलैंड के पीएम जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने इसका जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल कानून कोई खेल नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप जैसा कर रहे हैं, वह दुनिया के सारे नियमों को तोड़ने वाला है। यदि ऐसा ही जारी रहा तो दुनिया में अलायंस टूट जाएंगे और यह बेहद खराब स्थिति होगी।  

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन

भोपाल वन विभाग द्वारा अनुभूति कार्यक्रम वर्ष 2025-26 का आयोजन वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में किया गया। अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली विद्यार्थियों को वन, वन्य-प्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अनुभूति कराकर उनके संरक्षण के लिये जागरूक एवं सहभागिता के लिये प्रेरित करना है। साथ ही वन विभाग के कार्यों, उत्तरदायित्वों एवं चुनौतियों से विद्यार्थियों को अवगत कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड के समन्वय से अनुभूति शिविर का आयोजन किया जा रहा है। अनुभूति शिविर में गत वर्ष में "मैं भी बाघ" एवं "हम है बदलाव'' को जोड़ते हुये नई थीम "हम हैं धरती के दूत" के माध्यम से संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण-सह-जागरूकता शिविर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में आज बुधवार को अंतिम शिविर आयोजित किया गया। शिविर में शासकीय माध्यमिक शाला, अब्बास नगर, भोपाल के 59 छात्र-छात्राओं एवं 4 शिक्षकों ने भाग लिया। अनुभूति कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर के रूप में सेवानिवृत उप वन संरक्षक श्री ए.के. खरे उपस्थित रहे। इस अवसर पर सेवानिवृत उप वन संरक्षक श्री राजीव श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संचालक वन विहार श्री विजय कुमार, सहायक संचालक वन विहार श्री वीरेन्द्र सिंह एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे। शिविर में शामिल हुए प्रत्येक बच्चे को अनुभूति बुक, अनुभूति बैग, केप, हर्बल किट, बटन वडी, पेन, वन विहार के ब्रोशर के साथ जलीय पक्षी, स्थलीय पक्षी, तितली प्रजाति और गिद्ध कुंजी के ब्रोशर भी प्रदान किये गये। विद्यार्थियों को मास्टर ट्रेनर एवं नवीन प्रेरकों द्वारा पक्षी दर्शन, वन्य-प्राणी दर्शन, प्रकृति पथ भ्रमण, स्थल पर विद्यमान वानिकी गतिविधियों एवं फूड चैन की जानकारी प्रदान की गई। वन, वन्य-प्राणी व पर्यावरण से संबंधित रोचक गतिविधियों कराई गई एवं जानकारी प्रदान कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। छात्र-छात्राओं को वन्य-प्राणियों को कैसे रेस्क्यू किया जाता है, इसके सम्बंध में वन विहार में उपलब्ध रेस्क्यू वाहन के माध्यम से रेस्क्यू टीम द्वारा अवगत कराया गया। इसका प्रतिभागियों ने गंभीरता के साथ भरपूर आनंद लिया। शिविर में वन, वन्य-जीव एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता के लिये बच्चों को शपथ दिलाई गई एवं पुरस्कार तथा प्रमाण-पत्र भी वितरित किये गये।  

सुखना झील पर सख्त टिप्पणी: ‘अब और कितना नुकसान?’ बीच सुनवाई में क्यों नाराज़ हुए CJI सूर्यकांत

नई दिल्ली देश के मुख्य न्यायधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ आज (बुधवार, 21 जनवरी को) अरावली पहाड़ियों से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी। इस दौरान पीठ ने अवैध निर्माण का मुद्दा उठाते हुए चंडीगढ़ की मशहूर सुखना झील के सूखने पर चिंता जताई। हरियाणा सरकार को पिछली गलतियों को न दोहराने की चेतावनी देते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि अधिकारियों और बिल्डर माफिया की मिलीभगत के कारण सुखना झील "पूरी तरह से खराब" हो चुकी है। पीठ में CJI सूर्यकांत के अलावा जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली भी शामिल हैं।   बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान CJI ने कहा, "राज्य के अधिकारियों और राजनेताओं की मिलीभगत से बिल्डर माफिया काम कर रहा है… आप सुखना झील को कितना सुखाओगे? आपने झील को तो पूरी तरह से खराब कर दिया है।" दरअसल, बारिश के पानी पर निर्भर सुखना झील कभी चंडीगढ़ का प्रमुख पर्यटन केंद्र हुआ करती थी, लेकिन बीते वर्षों में लगातार गिरते जलस्तर ने इसकी सुंदरता और अस्तित्व दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अरावली पहाड़ियों से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान आई। नई परिभाषा को लेकर देशभर में विरोध के बाद, अदालत ने पिछले वर्ष अपने आदेश पर रोक लगाते हुए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था, ताकि इस मुद्दे की विस्तृत जांच की जा सके। इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित परिभाषा को अदालत ने स्वीकार कर लिया था, जिसमें कहा गया था कि 100 मीटर ऊंचाई वाली पहाड़ियों को ‘अरावली पहाड़ियां’ माना जाएगा और 500 मीटर के भीतर स्थित दो या अधिक ऐसी पहाड़ियां, उनके बीच की जमीन सहित पहाड़ियों को ‘अरावली रेंज’ माना जाएगा। बता दें कि अरावली पर्वतमाला हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात तक फैली हुई है। ‘वन’ और ‘अरावली’ की परिभाषा अलग सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने अदालत की सहायता कर रहे एमिकस क्यूरी वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर से कहा कि वे सभी पक्षों और हितधारकों के सुझावों को शामिल करते हुए चार सप्ताह के भीतर विस्तृत नोट दाखिल करें। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आगामी आदेश में ‘वन’ और ‘अरावली’ की परिभाषाओं को अलग-अलग रखा जाएगा। अदालत ने कहा, “वन की परिभाषा को अलग से और व्यापक दृष्टि से देखा जाएगा, जबकि अरावली का मुद्दा अपेक्षाकृत संकीर्ण रहेगा।” अवैध खनन पर सख्ती इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि राज्य में चल रहे अवैध खनन को तुरंत प्रभाव से रोका जाए। पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की यह सख्त टिप्पणी एक बार फिर यह संकेत देती है कि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और अवैध गतिविधियों पर अदालत किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।