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छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने दी नई आबकारी नीति को हरी झंडी, नवा रायपुर में NMIMS और स्टार्ट-अप हब की शुरुआत

 रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में राज्य की आबकारी नीति, शिक्षा, आईटी स्टार्ट-अप, उद्यमिता और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में स्थित लगभग 40 एकड़ भूमि को श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को 90 वर्षों की लीज पर आवंटित करने की स्वीकृति दी। यहां नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना की जाएगी। यह संस्था वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है और देशभर में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित कर रही है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक शिक्षा को मजबूती मिलेगी। आईटी और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में चार नवीन उद्यमिता केंद्रों की स्थापना हेतु सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया। इसके तहत एआई, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे डोमेन में अगले तीन से पांच वर्षों में 133 स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकास के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की लैब व्यवस्था को मजबूत करने संबंधी आवश्यक निर्णय भी लिए। 

‘वे कांग्रेस वाले गांधी परिवार से बाहर नहीं सोच सकते’: सीएम नायब सैनी

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जैसे भाजपा का विजय रथ आगे बढ़ रहा है, ऐसे ही नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इस रथ को और अधिक तेज गति से आगे बढ़ाने का काम करेंगे। निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास प्रशासनिक व संगठनात्मक दोनों अनुभव हैं। उन्होंने अलग-अलग पदों पर कार्य किया है। बिहार राज्य में पांच बार विधायक निर्वाचित हुए। बिहार सरकार में मंत्री बने। उनके इस प्रशासनिक अनुभव का लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा। सीएम नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर कसा तंज मुख्यमंत्री ने याद कराया कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले से कहा था कि आने वाले समय में एक लाख युवाओं को राजनीति में लाने का काम करेंगे। नए अध्यक्ष की नियुक्ति इसका परिणाम है। भाजपा में साधारण परिवार का व्यक्ति भी ऊंचे पद पर पहुंच सकता है। कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों में ऐसा नहीं है, वहां परिवारवाद है। पीढ़ी दर पीढ़ी एक ही परिवार का व्यक्ति पार्टी की कमान संभालता है। ऐसी पार्टियों की राजनीति अब देश की जनता भी समझने लगी है। नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर तंज कसा और कहा कि कांग्रेस तो गांधी परिवार से बाहर नहीं सोच सकती। कांग्रेस में आम व्यक्ति का कहीं भविष्य नहीं है। वहां तो छोटी-छोटी टोलियां हैं। उनका भविष्य अंधकारमय है। भाजपा संगठनात्मक पार्टी है, कोई भी कार्यकर्ता कहीं भी काम कर सकता है। उसके काम की गिनती होती है। पदभार ग्रहण कार्यक्रम में ये नेता रहे शामिल मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट के कई साथियों और भाजपा पदाधिकारियों के साथ भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद हरियाणा भवन में मीडिया से बात कर रहे थे। पदभार ग्रहण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, राव इंद्रजीत सिंह, कृष्णपाल गुर्जर, भाजपा संसदीय समिति की सदस्य डॉ. सुधा यादव, हरियाणा भाजपा के प्रभारी डॉ. सतीश पुनिया, अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, हरियाणा के कई मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे। इस दौरान विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार और सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा मौजूद रहे। 'पार्टी को नई उर्जा के साथ आगे ले जाएंगे नवीन' हरियाणा के उर्जा तथा परिवहन मंत्री अनिल विज ने अध्यक्ष निर्वाचित होने पर नितिन नवीन से मिलकर बधाई दी। बाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाला समय युवाओं का है। नितिन नवीन युवा हैं और वह पार्टी को और बेहतर स्थिति तक ले जाएंगे। वह संघर्ष के साथ राजनीति में आगे बढ़े हैं। भाजपा ही एक ऐसी पार्टी जो अपने कार्यकर्ता को पार्टी के साथ निष्ठा से काम करते हुए देखकर आगे बढ़ाती है। हरियाणा में मनाया गया बूथ उत्सव नितिन नवीन को भाजपा चुनाव समिति ने पार्टी का राष्ट्रीय जैसे ही घोषित किया, पूरे हरियाणा के बूथों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्सव मनाना आरंभ कर दिया। अधिकतर बूथों पर लाइव कार्यक्रम दिखाने के लिए टीवी स्क्रीन लगाई गई थी। पदभार ग्रहण हो जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाने के बाद खुशी मनाई। हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने बताया कि कई जगहों पर ढोल की थाप पर नृत्य करने का नजारा देखने को मिला।

सीएम मान के निर्देश पर नशा विरोधी अभियान में 45 हजार से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार

फिरोजपुर. पंजाब के फिरोजपुर में पाकिस्तान से मंगवाई गई ढाई किलो ज्यादा के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं, साथ ही दो तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया है। जानकारी के अनुसार, थाना मक्खू की पुलिस ने पाकिस्तान से मंगवाई दो किलो 537 ग्राम हेरोइन सहित दो नशा तस्करों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बताया कि सोमवार को गुप्त सूचना के आधार पर गांव पधरी के पास बिना नंबर की बाइक सवार दो संदिग्धों को काबू किया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 1 किलो 500 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रभसिमरन सिंह और सुखविंदर सिंह उर्फ चन्नण के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि हेरोइन पाकिस्तान में बैठे तस्कर रियाज द्वारा सीमा पर लगी तार के पार से फेंककर भेजी गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि एक और खेप सीमा से सटे खेतों में ट्यूबवेल के पास दबाई गई है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दो पैकेटों में बंद एक किलो 37 ग्राम हेरोइन और बरामद की। इस तरह कुल बरामदगी दो किलो 537 ग्राम हो गई। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से चार दिन का पुलिस रिमांड मिला है। 45,000 से ज्यादा नशा तस्करों गिरफ्तार पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा है कि सीएम भगवंत मान के दिशानिर्देशों के तहत राज्य में नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 45,000 से ज्यादा नशा तस्करों को पकड़ा गया है। पंजाब सरकार प्रदेश से नशा और अपराध को खत्म करने के लिए काम कर रही है। हम पंजाब के अपराधियों को दुनिया के किसी भी कोने से पकड़कर लायेंगे। साल 2025 में हमने 992 गैंगस्टर गिरफ्तार किए थे। इन अभियानों की निगरानी खुद सीएम भगवंत मान कर रहे हैं। पंजाब के अपराधियों को दुनिया के किसी भी कोने से पकड़कर लायेंगे💯 साल 2025 में हमने 992 गैंगस्टर गिरफ्तार किए थे। CM @BhagwantMann जी ख़ुद इन अभियानों की निगरानी कर रहे हैं। भगवंत मान जी के दिशानिर्देशों के तहत नशे के ख़िलाफ़ अभियान चलाया गया और इस अभियान के तहत 45,000 से… — AAP (@AamAadmiParty) January 20, 2026 

बसंत पंचमी 2026: जानिए किस दिशा में करें मां सरस्वती की स्थापना, पढ़ाई-करियर में मिलेगा लाभ

वैदिक पंचांग के अनुसार, 23 जनवरी को बसंत पंचमी को मनाई जाएगी। यह दिन विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मां सरस्वती अवतरित हुई थीं। इसलिए इस तिथि पर बसंत पंचमी का पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद लोग घरों में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित कर पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि गलत दिशा में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करने से साधक पूजा के पूर्ण फल की प्राप्ति से वंचित रहता है। इसलिए शुभ दिशा में मां सरस्वती की मूर्त स्थापित करनी चाहिए। साथ ही मूर्ति को घर लाने से पहले वास्तु शास्त्र के नियम के बारे में जरूर जान लें। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में हम आपको बताते हैं किस मुद्रा में होनी चाहिए मां सरस्वती की मूर्ति और स्थापित करने की सही दिशा। ये हैं शुभ दिशा     वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां सरस्वती की मूर्ति को स्थापित करने के लिए पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। इस दिशा में सरस्वती की मूर्ति को स्थापित कर पूजा करने से साधक को ज्ञान की प्राप्ति होती है और मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है।     इसके अलावा उत्तर पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में मां सरस्वती की मूर्ति को स्थापित करने से धन में वृद्धि होती है और करियर में सफलता के मार्ग खुलते हैं।     सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए मां सरस्वती की मूर्ति को उत्तर दिशा में स्थापित कर सकते हैं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है और करियर और जॉब में सफलता मिलता है। किस मुद्रा में होनी चाहिए मूर्ति     बसंत पंचमी की पूजा के लिए कमल के फूल पर बैठी हुई मां सरस्वती मूर्ति की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस मुद्रा को एकाग्रता का प्रतीक माना जाता है।     मां सरस्वती के चेहरे पर प्रसन्नता का भाव होना चाहिए। घर में उदास मुद्रा वाली मुद्रा नहीं रखनी चाहिए।     मां सरस्वती के दो हाथों में वीणा हो, जो संगीत और कला का प्रतीक माना जाता है।  

प्लेइंग इलेवन फाइनल, लेकिन एक पोजिशन पर सस्पेंस—दो दावेदार आमने-सामने

नई दिल्ली टीम इंडिया को आज यानी बुधवार 21 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेलनी है। पहला मुकाबला नागपुर में खेला जाना है। इस मुकाबले के लिए टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन वैसे तो सेट है, लेकिन एक पायदान के लिए जबरदस्त माथापच्ची कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव को करनी होगी। नंबर 3 की पोजिशन के बारे में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहले ही कन्फर्म कर दिया है कि तिलक वर्मा की जगह ईशान किशन खेलेंगे, जो कि टी20 वर्ल्ड कप 2025 की टीम का भी हिस्सा हैं। ऐसे में श्रेयस अय्यर को बाहर बैठना होगा।   ऐसे में नंबर एक से नंबर 7 तक हर एक बल्लेबाज फिट है। जिसमें ओपनर संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा होंगे। नंबर 3 पर ईशान किशन, 4 पर कप्तान सूर्यकुमार यादव, 5 पर हार्दिक पांड्या, 6 पर शिवम दुबे और 7 पर ऑलराउंडर और उपकप्तान अक्षर पटेल होंगे। असली लड़ाई 8 नंबर के लिए है, जिसके बारे में आगे बात करेंगे, लेकिन इससे पहले जान लीजिए कि जसप्रीत बुमराह 9वें नंबर पर होंगे, 10वें पर अर्शदीप सिंह और 11वें नंबर पर वरुण चक्रवर्ती खेलते हुए नजर आएंगे। बात अगर नंबर 8 की करें तो इसके लिए दो खिलाड़ी दावेदार है, जिसमें एक हैं कुलदीप यादव और दूसरे रिंकू सिंह। अगर आपको गेंदबाजी में थोड़ा सा कॉम्प्रोमाइज करना है तो आप एक एक्स्ट्रा बल्लेबाज और फिनिशर के तौर पर रिंकू सिंह को खिला सकते हैं, लेकिन आपको अगर प्रोपर स्पिन और विकेट टेकिंग ऑप्शन चाहिए तो फिर आपको कुलदीप यादव के साथ जाना चाहिए। इसके अलावा कुलदीप को खिलाने का विकल्प ये भी है कि आप अर्शदीप सिंह को बाहर करो और हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे से उम्मीद करो कि ये कम से कम 4 से 6 ओवर अच्छे निकालकर दें, बाकी की कमी कुलदीप, अक्षर, वरुण और बुमराह पूरी करें। आप शिवम दुबे की जगह पर भी रिंकू सिंह को मौका दे सकते हैं कुलदीप और वरुण, अर्शदीप और बुमराह को साथ खिला सकते हैं। टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव/रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती  

प्रयागराज में हुआ एयर फोर्स ट्रेनी विमान का क्रैश, तालाब में गिरते ही छात्रों ने पायलट को बचाया

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनी माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होकर शहर के बीचों-बीच एक तालाब में गिर गया. यह हादसा केपी कॉलेज के पीछे स्थित तालाब में हुआ, जहां अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई. चश्मदीदों के मुताबिक, विमान उड़ान भरते समय सामान्य स्थिति में था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसका संतुलन बिगड़ गया और वह तेजी से नीचे आकर तालाब में गिर पड़ा. हादसे की आवाज सुनकर सैकड़ों स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई. घटना के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया. चश्मदीद पदम सिंह ने बताया, "हम लोग स्कूल कैंपस में थे, तभी रॉकेट जैसी आवाज आई. आवाज सुनकर दौड़कर पहुंचे तो देखा कि कुछ लोग दलदल में फंसे थे. हम लोग तालाब में कूद गए और 3 लोगों को बाहर निकाला." अब मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम विमान को तालाब से निकालने की कोशिश कर रही है. भारतीय वायुसेना की तरफ से शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट एक रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी पर था. विमान में दो पायलट सवार थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. दोनों पायलटों को कोई गंभीर चोट नहीं आई है, जिससे प्रशासन और वायुसेना ने राहत की सांस ली है. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं. तालाब के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. विमान को तालाब से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है, ताकि तकनीकी जांच की जा सके.   वायुसेना और प्रशासन की संयुक्त टीम हादसे के कारणों की जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी या संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनिंग उड़ानों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है और इस हादसे के हर पहलू की गहन जांच की जाएगी.

मंत्री विजय शाह का मामला: मध्यप्रदेश सरकार का असमंजस, आदिवासी वोट या कोर्ट का फैसला?

 भोपाल  मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए अमर्यादित बयान के मामले में सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश ने प्रदेश सरकार के लिए दुविधा की स्थिति बना दी है। एक तरफ आदिवासी वोट बैंक की चिंता हैं, जो सत्ता के समीकरण बनाने-बिगाड़ने में बड़ी भूमिका निभाता है, तो दूसरी तरफ न्यायपालिका के निर्देश हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार विधि विभाग और महाधिवक्ता से सलाह लेगी। आरोपित मंत्री भी सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू अपील कर सकते हैं। मंत्री को पार्टी ने फटकार भी लगाई बता दें कि विजय शाह ने ऑ परेशन सिंदूर में सेना के पराक्रम की जानकारी देश-दुनिया के सामने रखने वाली सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर अमर्यादित बयान दिया था। इससे भाजपा की किरकिरी हुई। मंत्री को पार्टी ने फटकार भी लगाई। उन्होंने पार्टी के निर्देश पर माफी भी मांग ली। हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था इस मामले का हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआइटी ने पूरे मामले की जांच की। अगस्त 2025 में रिपोर्ट सौंपी। एसआइटी की इसी रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह में अभियोजन पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। सरकार के स्तर पर दुविधा की स्थिति इसके साथ ही शाह के अन्य विवादित बयानों की जांच करने के लिए भी कहा गया। सूत्रों का कहना है कि सरकार के स्तर पर अभी इस मामले में दुविधा की स्थिति है। कोर्ट के निर्देशानुसार यदि अभियोजन के मामले में कार्रवाई बढ़ाई जाती है तो सरकार के लिए अजीब स्थिति बन जाएगी। उन्हें मंत्रिमंडल में बनाए रखना परेशानी का कारण बनेगा, इसलिए इस संबंध में पहले सभी कानूनी पहलुओं को देखा जाएगा। यही कारण है कि कानूनी सलाह के लिए प्रकरण विधि विभाग और महाधिवक्ता के पास भेज रहा है। दोनों के अभिमत के आधार पर आगामी निर्णय लिया जाएगा। वहीं, आरोपित मंत्री मंत्री विजय शाह भी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध अपील करने के लिए कानूनी मशविरा ले रहे हैं। महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता स्वीकार नहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर लिखा- सेना की अधिकारी, देश की बेटी और राष्ट्र के सम्मान पर हमला हुआ, लेकिन भाजपा सरकार महीनों तक SIT की रिपोर्ट दबाए बैठी रही। यह कोई एक बयान नहीं, बल्कि सत्ता संरक्षण में पनपती असंवेदनशील और घृणित मानसिकता का उदाहरण है। देश की सुरक्षा में तैनात हमारी बहन के प्रति ऐसी ओछी सोच रखने वाले मंत्री विजय शाह से मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा लेकर पार्टी के सभी दायित्वों से मुक्त करना चाहिए। देश की सेना और महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता स्वीकार नहीं। कानून सबके लिए बराबर है, मंत्री के लिए भी। विजय शाह ने पिछले साल महू में दिया था बयान 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।' शाह ने आगे कहा- 'अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।' सत्ता के समीकरण साधने के लिए महत्वपूर्ण है आदिवासी वोट बैंक प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए विधानसभा की 47 सीटें और लोकसभा की चार सीटें सुरक्षित हैं। 2018 में जब आदिवासी मतदाताओं का झुकाव भाजपा के स्थान पर कांग्रेस की ओर हुआ था तो 15 वर्ष बाद कमल नाथ के नेतृत्व में सरकार बनी थी। भाजपा ने इस वर्ग को साधने के लिए काफी प्रयास किए और 2023 में यह भाजपा के पक्ष में लौटा तो पार्टी की सरकार बनी। छिंदवाड़ा जैसा कांग्रेस का किला भी भाजपा ने इन्हीं आदिवासी मतदाताओं के दम पर ढहाया। ऐसे में जब कांग्रेस ने दलित एजेंडे पर काम शुरू कर दिया है तो आदिवासी मंत्री विजय शाह के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर सत्ता और संगठन दुविधा में है। सरकार के पास कोई विकल्प नहीं पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता अजय मिश्रा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रिव्यू अपील की जा सकती है, लेकिन इसमें राहत मिलने की संभावना नहीं है। सरकार के पास कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। यदि कार्रवाई नहीं की जाती है तो अवमानना का मामला बन जाएगा। जहां तक अभियोजन की स्वीकृति पर मंत्री पद छोड़ने की है तो यह नैतिकता से जुड़ा मामला है। उन्होंने जो बयान दिया, वह मंत्री के तौर पर किए गए कार्य से इतर है। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे यूपी दिवस-2026 के मुख्य अतिथि

जनभागीदारी से और भव्य होगा उत्तर प्रदेश दिवस- 2026: मुख्यमंत्री केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे यूपी दिवस-2026 के मुख्य अतिथि ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ होगा इस वर्ष का प्रमुख आकर्षण, हर जिले के स्वाद से परिचय कराएगा यूपी दिवस लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर मुख्य समारोह, सभी जनपदों में होंगे आयोजन संस्कृति उत्सव, लोककलाओं और शिल्प मेले से सजेगा उत्तर प्रदेश दिवस लखनऊ प्रदेश के प्रत्येक जनपद की सक्रिय सहभागिता, सांस्कृतिक विविधता और विकास की साझा चेतना के साथ उत्तर प्रदेश दिवस-2026 इस वर्ष एक भव्य जनोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। 24 से 26 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले इस आयोजन में उत्तर प्रदेश की संस्कृति, शिल्प, व्यंजन और विकास यात्रा को जनभागीदारी के माध्यम से एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की पहचान, उपलब्धियों और संभावनाओं को जनसहयोग के साथ प्रदर्शित करने का अवसर है। उन्होंने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश दिवस को जनोत्सव के रूप में आयोजित किया जाए, जिसमें प्रदेश की आत्मा हर स्तर पर दिखाई दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी की गरिमामयी उपस्थिति आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं गरिमा, अनुशासन एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसका सीधा प्रसारण प्रदेश के सभी जनपदों में किया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश दिवस का उत्सव एक साथ पूरे प्रदेश में मनाया जा सके। बैठक में अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर आधारित विशेष प्रदर्शनी और शिल्प मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश की विकास यात्रा, नवाचार, बुनियादी ढांचे, उद्योग, कृषि, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस वर्ष ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ को आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा। इसके अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जनपद के पारंपरिक और विशिष्ट व्यंजन एक ही परिसर में उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि आगंतुक उत्तर प्रदेश के विविध स्वाद, खान-पान परंपराओं और स्थानीय पहचान से परिचित हो सकें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संस्कृति उत्सव 2025-26 के अंतर्गत प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को उत्तर प्रदेश दिवस से प्रभावी रूप से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ‘हमारी संस्कृति-हमारी पहचान’ की भावना के अनुरूप लोक, शास्त्रीय एवं समकालीन कला रूपों को मंच प्रदान किया जाए तथा कलाकारों एवं आगंतुकों के लिए समुचित सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि 24 जनवरी को आयोजित मुख्य समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सभी जनपदों के गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जाए, ताकि प्रदेश की सामूहिक उपलब्धियों का सम्मान किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस-2026 को ऐसा आयोजन बनाया जाए, जो प्रदेश की संस्कृति, स्वाद, शिल्प और विकास दृष्टि को एक साथ प्रस्तुत करे तथा प्रत्येक आगंतुक के लिए यह अनुभव प्रेरणादायी, स्मरणीय और गर्व का विषय बने।

उदयनिधि के सनातन धर्म पर बयान से HC नाराज, DMK पर हेट स्पीच का आरोप

चेन्नई  तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को मद्रास हाईकोर्ट से झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने सनातन धर्म को लेकर दिए बयान को 'हेट स्पीच' बताया है। साथ ही भारतीय जनता पार्टी नेता अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया है। साल 2023 में उदयनिधि ने सनातन धर्म की तुलना कोरोनावायरस और मलेरिया जैसी बीमारी से की थी। साथ ही कहा था कि इसे उखाड़ फेंकना जरूरी है। उदयनिधि तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के बेटे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उच्च न्यायालय ने कहा कि डीएमके की तरफ से 100 सालों से ज्यादा समय से 'हिंदू धर्म पर हमला' किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि कई बार जो लोग हेट स्पीच की शुरुआत करते हैं, वो बगैर सजा के ही बचकर निकल जाते हैं। हाईकोर्ट ने कहा, 'यह साफ है कि पिछले 100 साल में द्रविड़ कझगम और उसके बाद द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम ने हिंदू धर्म पर हमला किया है। मंत्री इस पार्टी से ही हैं। हालात पर विचार करते हुए, यह देखा गया है कि याचिकाकर्ता ने मंत्री के भाषण में छिपे हुए मतलब पर सवाल किया था।' कोर्ट ने कहा, 'यह अदालत बड़े दुख के साथ मौजूदा स्थिति को रिकॉर्ड कर रहा है कि हेट स्पीच करने वाले आजाद घूमते हैं। जबकि, जो उस हेट स्पीच पर सवाल उठाते हैं, उन्हें कानून का सामना करना पड़ता है। अदालतें प्रतिक्रिया देने वालों से सवाल कर रही हैं, लेकिन हेट स्पीच की शुरुआत करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं कर रही हैं।' कोर्ट ने कहा कि मंत्री के खिलाफ राज्य में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ, लेकिन कुछ अन्य राज्यों में हुआ है।

छत्तीसगढ़ की ‘नक्सलफ्रेंड’ ASP को सस्पेंड करने के गृहमंत्री ने दिए निर्देश

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के निवर्तमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राजेंद्र जायसवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दिनों बिलासपुर के पूर्व तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के वर्तमान एएसपी राजेंद्र जायसवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यह वीडियो एक स्पा संचालक द्वारा अपने ही डिवाइस से गोपनीय तरीके से रिकॉर्ड किया गया बताया जा रहा है। स्पा संचालक का दावा है कि एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल उनसे स्पा संचालन के एवज में पैसों की वसूली करते थे। संचालक ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर एएसपी ने उन्हें अपने कार्यालय बुलाया, जहां इस दौरान वीडियो रिकॉर्ड किया गया। स्पा संचालक ने स्पष्ट किया है कि उनके स्पा में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि न तो की जाती है और न ही इसकी अनुमति दी जाती है, ऐसे में पैसे देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस महानिरीक्षक (IG) से की है और ऑडियो-वीडियो साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। इस पूरे विवाद पर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी राजेंद्र जायसवाल को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें वायरल वीडियो, ऑडियो क्लिप और शिकायत में उल्लेखित तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर सात दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।