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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज सिरोही से किसान सम्मान निधि करेंगे ट्रांसफर

जयपुर. राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश के 65 लाख किसानों को 653 करोड़ रुपए की बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी। आज यानी 22 जनवरी को इस योजना की 5वीं किस्त सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। योजना के तहत करीब 65 लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को सिरोही दौरे पर रहेंगे। कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे जयपुर से प्लेन से रवाना होकर 12.50 बजे सिरोही हवाई पट्टी पहुंचेंगे। 12.55 बजे सिरोही हवाई पट्टी से कार से शहर के अरविंद पैवेलियन स्टेडियम पहुंचेंगे। यहां कार्यक्रम स्थल पर सहकार उत्थान शिविर 2026 में भाग लेंगे और किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को योजना का लाभ हस्तांतरण करेंगे। मुख्यमंत्री यहां सभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के समापन के बाद सीएम दोपहर 2.25 बजे सिरोही हवाई पट्टी से जयपुर के लिए रवाना होंगे। राज्यस्तरीय कार्यक्रम में हुआ वितरण इस अवसर पर सिरोही के अरविंद पैवेलियन स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशभर के किसानों को वित्तीय सहायता प्रदानहोगी। वहीं, जयपुर जिले में जिला स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन दोपहर 11.30 बजे हरीशचन्द्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा) सभागार में किया। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ना और उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है। ये है योजना की खास बातें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM–Kisan) के अंतर्गत केंद्र सरकार देशभर के किसानों को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता देती है। इसी तर्ज पर राजस्थान सरकार ने किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पीएम किसान योजना के लाभार्थियों को सालाना 3,000 रुपए अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका मतलब है कि एक वित्त वर्ष में राज्य के किसानों को कुल 9,000 रुपए की मदद मिलती है।

सिंगरौली में नाले में पड़ा मिला CISF जवान, अधमरी हालत में मिली सूचना से हड़कंप

सिंगरौली  मध्य प्रदेश के सिंगरौली में खाकी पर हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कबाड़ माफिया अब इतने बेखौफ हो चुके हैं कि, वे सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों पर भी जानलेवा हमला करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के अमलोरी खदान अलाके में केबल चोरों ने सीआईएसएफ जवान पर जानलेवा हमला कर उसे अधमरी हालत में नाले में फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में जवान के मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मामले की जांच में जुटी पुलिस के मुताबिक, सीआईएसएफ के प्रधान आरक्षक सतीशचंद्र भारती पर ये हमला 18-19 जनवरी की मध्य रात्रि करीब 02 बजेहुआ है। जब निरीक्षक विकास कुमार रूटीन चेकिंग पर निकले तो व्यू-पॉइंट पोस्ट से जवान गायब मिला। तलाश के दौरान वो पास के ही नाले में मरणासन्न अवस्था में पड़ा मिला। अपराधियों ने लाठी-डंडों से जवान को इतना पीटा कि, उनके शरीर पर एक भी हिस्सा सुरक्षित नहीं बचा। यही नहीं, बदमाशों ने जवान को झोले के पट्टे से बांधकर नाले में फेंक दिया, ताकि वे बेखौफ होकर चोरी कर सकें। करीब 15 मीटर कीमती केबल तार लेकर हमलावर मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में जवान वाराणसी रेफर गंभीर हालत में जवान को उपचार के लिए सिंगरौली जिला अस्पताल लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत ही वाराणसी रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि, जवान की हालत अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है। इस मामले ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है और वो ये है कि, अगर यहां सीआईएसएफ जैसे महत्वपूर्ण विभाग का जवान ही सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन क्या है? आरोपियों पर 10 हजार इनाम अधर, घटना सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है। शहर सीएसपी पीएस. सिंह परस्ते ने बताया कि, अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा 307 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। कबाड़ माफिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस की कई टीमें मैदान में हैं। फरार अज्ञात आरोपियों की सूचना देने वाले को 10 हजार का इनाम देने की घोषणा की गई है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

योगी सरकार ने दी कौशल क्रांति को नई दिशा :  ‘कौशल दिशा’ पोर्टल से ग्रामीण युवाओं को मिलेगा रोजगार का मार्ग डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल अंतर को समाप्त कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है पोर्टल का उद्देश्य तकनीक और नवाचार से मजबूत होगा कौशल इकोसिस्टम लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल के रूप में “कौशल दिशा” पोर्टल विकसित किया गया है। यह पोर्टल राज्य में कौशल विकास की व्यापक और समावेशी नीति का सशक्त डिजिटल माध्यम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल अंतर को समाप्त कर युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। “कौशल दिशा” पोर्टल योगी सरकार की उस सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत युवाओं को कौशल, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर किया जा रहा है। डिजिटल माध्यम से ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने की पहल प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि “कौशल दिशा” एक ऑनलाइन कौशल शिक्षा मंच है, जो सरल पंजीकरण प्रक्रिया, सेल्फ लर्निंग, ऑनलाइन मूल्यांकन एवं प्रमाणन जैसी सुविधाओं के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण को युवाओं की सीधी पहुंच में लाता है। यह प्लेटफॉर्म दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) 1.0 के अंतर्गत चयनित शीर्ष 10 प्रमुख सेक्टरों में ऑनलाइन प्रशिक्षण उपलब्ध कराता है। इनमें आईटी-आईटीईएस, पर्यटन एवं आतिथ्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य सेवाएं, परिधान एवं रेडीमेड गारमेंट, होम फर्निशिंग, रिटेल और लॉजिस्टिक्स जैसे रोजगारोन्मुखी क्षेत्र शामिल हैं। पोर्टल के माध्यम से ग्रामीण निर्धन युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी। महिला सशक्तिकरण को मिलेगा विशेष लाभ “कौशल दिशा” पोर्टल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए लाभकारी है, जो सामाजिक या पारिवारिक कारणों से प्रशिक्षण केंद्रों तक भौतिक रूप से नहीं पहुंच पातीं। स्मार्टफोन और इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाणन हासिल करने की सुविधा योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति को नई मजबूती प्रदान करती है। यह पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कौशल विकास को प्रौद्योगिकी और नवाचार से जोड़कर राज्य में एक मजबूत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख कौशल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है।

फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने स्थापित किया 200वां विशाल राष्ट्रीय ध्वज

अदालतों से मणिपुर के कांगला फोर्ट तक… फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने स्थापित किया 200वां विशाल राष्ट्रीय ध्वज 23 जनवरी को 'राष्ट्रीय ध्वज दिवस' घोषित करने का प्रस्ताव कांगला 21 जनवरी, 2026: अपनी महान विरासत और देशभक्ति के अद्भुत संगम को दर्शाते हुए फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने आज मणिपुर की राजधानी इम्फाल स्थित ऐतिहासिक कांगला फोर्ट में अपना 200वां विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया। यह अवसर दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उपलब्धियों का प्रतीक है। पहला, दिल्ली उच्च न्यायालय के उस ऐतिहासिक निर्णय के 30 वर्ष, जिसने नागरिकों को सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार दिया और दूसरा सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले के 22 वर्ष, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के अंतर्गत राष्ट्रीय ध्वज फहराने को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी गई।  200वें ध्वज की स्थापना के लिए कांगला फोर्ट का चयन प्रतीकात्मक है, क्योंकि 21 जनवरी 1972 को ही मणिपुर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। मणिपुर के राजाओं की प्राचीन सत्ता और मैतेई पहचान के आध्यात्मिक केंद्र रहे इस किले पर अब तिरंगा राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में लहराएगा और यहां आने वाले हजारों पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारत के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों की याद दिलाता रहेगा।   आज का यह कार्यक्रम फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री नवीन जिन्दल की मेहनत और उनके लंबे संघर्ष को याद करने का एक खास मौका है। अमेरिका से भारत लौटने के बाद श्री जिन्दल ने उस समय लागू प्रतिबंधात्मक भारतीय ध्वज आचार संहिता को चुनौती दी थी, जिसके तहत आम नागरिकों को केवल विशेष अवसरों पर ही राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति थी। श्री जिन्दल शुरू से मानते रहे हैं कि तिरंगा हर भारतीय के गौरव, सम्मान और अभिव्यक्ति का प्रतीक है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को उसे प्रतिदिन फहराने का अधिकार मिलना चाहिए। उनके इसी संकल्प और कानूनी संघर्ष के परिणामस्वरूप आज देशवासियों को गर्व और सम्मान के साथ साल के 365 दिन तिरंगा फहराने का अधिकार प्राप्त है। उनके एक दशक लंबे कानूनी संघर्ष के परिणामस्वरूप 23 जनवरी, 2004 को सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सम्मान के साथ तिरंगा फहराना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता" का हिस्सा है। श्री नवीन जिन्दल ने अपने संदेश में कहा कि तिरंगा भारत की एकता और सफलता का प्रतीक है। राष्ट्रीय ध्वज से हमारा गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने कहा, “हर सुबह जब मैं अपनी जैकेट पर तिरंगे की पिन लगाता हूं तो मुझे देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का एहसास होता है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि तिरंगा का मतलब आराम नहीं, बल्कि युवाओं को हर दिन अपने अधिकारों और कर्तव्यों को निभाने के लिए प्रेरित करना है। फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया इस महत्वपूर्ण अवसर पर 23 जनवरी को आधिकारिक तौर पर 'राष्ट्रीय ध्वज दिवस' के रूप में मान्यता देने की पुरजोर पैरवी कर रहा है। अपने "अधिकार से जिम्मेदारी" पहल के माध्यम से फाउंडेशन अपने मिशन का विस्तार कर रहा है, जिसमें शामिल हैं: * जन-शिक्षा: युवाओं की आकांक्षाओं के साथ तिरंगे को जोड़ना। * पर्यावरण संरक्षण: ध्वज के सम्मानजनक उपयोग, उचित निपटान और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना। * राष्ट्रीय गौरव: नागरिकों को राष्ट्र निर्माण के प्रति व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के रूप में साल भर ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करना। फाउंडेशन देशवासियों का आह्वान करता है कि वे तिरंगे से जुड़े संवैधानिक मूल्यों को अपनाएं। वे ध्वज फहराने के “अधिकार” तक सीमित न रहें, बल्कि उन मूल्यों को जीने की “जिम्मेदारी” भी निभाएं। फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के बारे में श्री नवीन जिन्दल और श्रीमती शालू जिन्दल द्वारा स्थापित फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया एक गैर-लाभकारी संस्था है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक भारतीयों को गर्व के साथ तिरंगा प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। विशाल ध्वजों की स्थापना और राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियानों के माध्यम से फ्लैग फाउंडेशन सभी भारतीय नागरिकों में राष्ट्रवाद और गौरव की भावना पैदा करने के लिए समर्पित है।

सिवान में पटाखा ब्लास्ट में एक की मौत और कई घायल

सिवान. सिवान जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। यात्रा स्थल से कुछ ही दूरी पर जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी। अचानक हुए इस ब्लास्ट से आसपास के लोग सहम गए और देखते ही देखते इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह विस्फोट अवैध रूप से पटाखा बनाने के दौरान हुआ। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। धमाके के बाद घटनास्थल पर पटाखों के अवशेष बिखरे मिले, जिससे अवैध गतिविधि की पुष्टि होती है। एक की मौत, दर्जनों घायल इस भीषण हादसे में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायल लोगों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। मकान क्षतिग्रस्त, लोग बेघर धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के कई मकानों की दीवारें और छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। कई परिवारों को अस्थायी रूप से अपने घर छोड़ने पड़े। स्थानीय लोग प्रशासन से तत्काल मुआवजे और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया है। पुलिस ने विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी है और अवैध पटाखा निर्माण से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। समृद्धि यात्रा पर भी सुरक्षा का साया इसी बीच सिवान में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल भी तेज है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के तहत जिले को 201.83 करोड़ रुपये की 71 विकास योजनाओं की सौगात देने वाले हैं। इसमें 40 योजनाओं का शिलान्यास और 31 का उद्घाटन शामिल है। सजा शहर, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सिवान को दुल्हन की तरह सजाया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। लेकिन धमाके की घटना ने प्रशासन की तैयारियों और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून सख्ती की दरकार समृद्धि यात्रा जैसे बड़े आयोजन के दौरान हुआ यह हादसा साफ संदेश देता है कि अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि विकास के साथ-साथ सुरक्षा और कानून व्यवस्था को भी पूरी मजबूती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

कुरुक्षेत्र में राहुल गांधी बोले- ‘मुगल-ब्रिटिश गए, बीजेपी वाले भी चले जाएंगे’

कुरुक्षेत्र. कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब भी आप किसी संगठन में काम करते हैं तो सर्वप्रथम आपका काम उस संगठन की मजबूती के लिए प्रयास करना होना चाहिए। जब संगठन मजबूत होता है तो आप भी मजबूत होते हैं। आपको जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कर्तव्यनिष्ठा से इसे निभाना है। आप कांग्रेस के योद्धा हैं और योद्धा की तरह ही कार्य करना है। सामने भ्रष्ट सत्ता का साम्राज्य एक बड़ी चुनौती है, निर्भीक होकर इन चुनौतियों का सामना करते हुए संगठन को और सशक्त बनाना है। आपकी आवाज को कोई दबा नहीं सकता, क्योंकि कांग्रेस जैसा मजबूत संगठन आपके साथ खड़ा है। जिस तरह देश से मुगल और ब्रिटिश चले गए, एक दिन भाजपा वाले भी चले जाएंगे। वह सन्निहित सरोवर के निकट पंजाबी धर्मशाला में हरियाणा और उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिवर के के नौवें दिन संबोधित कर रहे थे। जिलाध्यक्षों से सीधा संवाद करते हुए राहुल गांधी ने संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के इतिहास, विचारधारा और रणनीति को साझा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन सख्ती से लागू होना चाहिए। आप सामर्थ्यवान हैं और किसी के दबाव में आकर निर्णय लेने की आवश्यकता नहीं, स्वतंत्र होकर काम करें। उन्होंने कहा कि हम आपकी प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश व सहयोग प्रदान करते रहेंगे। राहुल गांधी सुबह 11 बजकर 20 मिनट पर धर्मशाला पहुंचे और शाम 4:40 बजे अंबाला के लिए निकल गए। यहां पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इनमें प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद, सह प्रभारी जितेंद्र बघेल, प्रफुल्ल गुडधे, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, उत्तराखंड प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, सिरसा सांसद कुमारी सैलजा, थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, प्रदेश मीडिया प्रभारी संजीव भारद्वाज सहित हरियाणा और उत्तराखंड के कई नेता शामिल रहे। शिविर का वीरवार को समापन होगा। राहुल गांधी ने कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा की सरकार बनाने में विदेशी ताकतों का हाथ था। वर्तमान केंद्र सरकार भी विदेशी ताकतों के हाथों खेल रही है। राहुल गांधी ने प्रत्येक जिलाध्यक्ष से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। विस्तृत चर्चा करने के साथ-साथ जानकारियां साझा की और सुझावों का आदान-प्रदान भी किया। उन्होंने जिलाध्यक्षों और उनके स्वजन संग भोजन किया। उनका यह आत्मीयता और अपनत्व भरा व्यवहार कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर गया। राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों को कहा कि संगठन की मजबूती के साथ-साथ स्वयं को भी मजबूत बनाना जरूरी है। सेशन के अंतिम घंटे में राहुल गांधी ने स्वयं की मजबूती पर जोर देते हुए 35 मिनट तक जिलाध्यक्षों को ताइक्वांडो की ट्रेनिंग दी। राहुल के ताइक्वांडो के गुर सिखाते हुए जिलाध्यक्षों को स्वयं भी एक्शन करके दिखाए और जिलाध्यक्षों से भी करवाए। उन्होंने कहा कि यह आत्मरक्षा की एक तकनीक है, जिसे सभी को सीखना चाहिए। यह किसी भी बुरे वक्त में काम आती है। साथ ही उन्होंने जिलाध्यक्षों को पाठ पढ़ाया कि इस तकनीक का कभी गलत प्रयोग नहीं करना चाहिए। कुरुक्षेत्र के सन्निहित सरोवर के निकट स्थित पंजाबी धर्मशाला में चल रहा शिविर 13 जनवरी को शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य पार्टी को जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करना रहा। 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिवर 22 जनवरी वीरवार को संपन्न होगा। इसमें हरियाणा और उत्तराखंड के 60 जिलाध्यक्ष भाग ले रहे हैं। इनमें 33 जिलाध्यक्ष हरियाणा के और 27 जिलाध्यक्ष उत्तराखंड के शामिल रहे। इन जिलाध्यक्षों में चार महिला जिलाध्यक्ष शामिल हैं, जिनमें हरियाणा से एकमात्र सिरसा जिले की संतोष बेनीवाल हैं, जबकि तीन महिला जिलाध्यक्ष उत्तराखंड से हैं।

चंडीगढ़ मेयर के लिए कांग्रेस-आम आदमी पार्टी में गठजोड़ की खुली पोल!

चंडीगढ़. चंडीगढ़ मेयर चुनाव से पहले सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता अश्वनी शर्मा ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए दोनों दलों के बीच कथित अंदरूनी समझौते का आरोप लगाया है। इसे लेकर उन्होंने ट्वीट किया है। जारी बयान में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आम आदमी पार्टी कांग्रेस के कथित भ्रष्टाचार को समर्थन दे रही है। अश्वनी शर्मा ने ट्वीट कर सवाल उठाए कि क्या पंजाब कांग्रेस के नेताओं को जल्दबाजी में दिल्ली बुलाया गया, ताकि आम आदमी पार्टी के साथ गठजोड़ की जरूरत समझाई जा सके। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस और आप का खुला तालमेल यह साबित करता है कि दोनों दल सिर्फ दिखावे के लिए एक-दूसरे के विरोधी हैं, जबकि हकीकत में पर्दे के पीछे साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि सीएम बार-बार पूर्व कांग्रेस मंत्रियों के भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलों की बात करते हैं, लेकिन अब तक न तो कोई जांच शुरू हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई सामने आई। अश्वनी शर्मा का आरोप है कि इसकी वजह पहले से हुआ राजनीतिक समझौता है, जिसके चलते कार्रवाई नहीं हो रही।

रायपुर पुलिस कमिश्नर की दौड़ में रामगोपाल गर्ग सबसे आगे

रायपुर. विष्णुदेव साय सरकार ने रायपुर में पुलिस कमिश्नर बिठाने का फैसला कर लिया था और आज शाम को राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद सेटअप के हिसाब से आईपीएस अफसरों की कुर्सी तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि यह लिस्ट थोड़ी लंबी हो सकती है, क्योंकि पुलिस कमिश्नर के साथ कुंछ जिले के आईजी और पुलिस अधीक्षक भी प्रभावित हो सकते हैं। पुलिस कमिश्नर के रूप में दुर्ग आईजी रामगोपाल गर्ग का नाम सबसे आगे है। सटीक अनुमान गर्ग पर भी लगाया नहीं जा सकता क्योंकि अमरेश मिश्रा तेज तर्रार अफसर माने जाते है, उनकी पुलिसिंग करने की तारीफ शासन द्वारा भी की जा चुकी है। अगर इनका आदेश जारी हुआ तो दुर्ग आईजी बदलना तय माना जा रहा है। इनके अलावा भी एकाध आईजी प्रभावित हो सकते हैं। बहरहाल, जिस रेंज के आईजी को कमिश्नर बनाया जाएगा, वहां नए आईजी की पोस्टिंग की जाएगी। पुलिस कमिश्नर के बाद सबसे ज्यादा चर्चा रायपुर ग्रामीण एसपी की तैनाती की हो रही है। इसके लिए अटकल लगाई जा रही है कि किसी प्रमोटिव आईपीएस अफसर को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है, यह अफसर डीआईजी स्तर का होगा। रायपुर पुलिस जोन में आईजी रहेंगे और वर्तमान आईजी अमरेश मिश्रा को ही यह प्रभार दिया जाएगा। ग्रामीण रेंज में रायपुर ग्रामीण, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिले रहेंगे। याने अमरेश मिश्रा के प्रभार में पांच जिले यथावत रहेंगे।

मध्यप्रदेश में 25 जनवरी से तेज सर्दी का असर: मावठा और कोहरे के बाद बढ़ेगी ठिठुरन

भोपाल  मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मावठा गिरने और सुबह-शाम कोहरा छाने के बाद प्रदेश में सर्दी और तीखी होगी। मौसम विभाग भोपाल के मुताबिक, गुरुवार को ग्वालियर-दतिया सहित 5 जिलों में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार से उत्तरी मध्यप्रदेश में बारिश के आसार बन रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि 25 जनवरी से न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिम-उत्तर भारत और उत्तरप्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन सक्रिय हैं। इसके साथ ही एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी असर दिखा रहा है। ये सभी सिस्टम आगे बढ़ रहे हैं, जिसका असर पहले यूपी-बिहार में नजर आया और अब 24 जनवरी से मध्यप्रदेश में भी दिखेगा। इस दौरान बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि 23 जनवरी को ही ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश के संकेत हैं। सिस्टम गुजरते ही बढ़ेगी ठिठुरन मौसम विभाग का कहना है कि जैसे ही ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, उत्तर से ठंडी हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी। इसका सीधा असर तापमान पर पड़ेगा और रात का पारा 2 से 3 डिग्री तक नीचे आ सकता है। सिस्टम आगे बढ़ेंगे तो पारे में गिरावट होगी मौसम विभाग के अनुसार, जब ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे तो न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी। पारा 2 से 3 डिग्री तक लुढ़क जाएगा। उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर फिलहाल उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर है। गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मध्यम कोहरा रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में हल्के कोहरे का असर देखने को मिला। मंदसौर सबसे ठंडा, राजगढ़-छतरपुर में भी सर्दी का असर प्रदेश में ठंड का असर भी है। मंगलवार-बुधवार की रात में मंदसौर सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 6.2 डिग्री, नौगांव में 7 डिग्री, शाजापुर में 7.1 डिग्री, कटनी के करौंदी में 7.6 डिग्री, दतिया में 7.9 डिग्री, खजुराहो में 8 डिग्री, रीवा में 8.2 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और पचमढ़ी में पारा 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे कम 9 डिग्री रहा। भोपाल में 10.8 डिग्री, इंदौर में 12.2 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और जबलपुर में तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तरी MP में कोहरा फिलहाल प्रदेश के उत्तरी हिस्से कोहरे की गिरफ्त में हैं। गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मध्यम कोहरा रहा, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। मंदसौर सबसे ठंडा, कई जिलों में सर्दी  प्रदेश में ठंड का असर साफ नजर आ रहा है। मंगलवार–बुधवार की रात मंदसौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ 6.2, नौगांव 7, शाजापुर 7.1, कटनी के करौंदी 7.6, दतिया 7.9, खजुराहो 8, रीवा 8.2, शिवपुरी 9 और पचमढ़ी में 9.2 डिग्री तापमान रहा।पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 10.8, इंदौर में 12.2, उज्जैन में 12 और जबलपुर में 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा। क्या है वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग के मुताबिक, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाला हवा–बादलों का सिस्टम होता है। इसके सक्रिय होने पर पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होती है। सिस्टम गुजरने के बाद उत्तर से ठंडी हवाएं चलती हैं, जिससे दिन-रात सर्दी का असर बढ़ जाता है।  क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे।

“दावोस में ग्लोबल एक्सपर्ट्स की राय: मजबूत विकास दर के साथ क्या भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनेगा?”

 नई दिल्ली दुनिया के बहुत कम देश इस साल दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में उतनी मजबूती और आत्मविश्वास के साथ पहुंचे हैं, जितना भारत. मजबूत विकास दर, गहरे होते सुधार और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी के बीच भारत आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है. इस मोमेंटम को बनाए रखने के लिए अब कड़े फैसलों और तेज क्रियान्वयन (एक्जीक्यूशन) की जरूरत है. इसी विषय पर इंडिया टुडे ग्रुप के सहयोग से एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसका संचालन इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस-चेयरपर्सन और एग्जीक्यूटिव एडिटर-इन-चीफ कली पुरी ने किया. सत्र में दिग्गज अर्थशास्त्री, सीईओ और केंद्रीय मंत्री ने इस बात का विश्लेषण किया कि भारत को आगे क्या करने की आवश्यकता है. भारत का ‘मोमेंटम मोमेंट’ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर और प्रसिद्ध भारीतय-अमेरिकी अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने अर्थव्यवस्था को नया रूप देने वाली प्रगति को स्वीकार करते हुए चर्चा की शुरुआत की. उन्होंने सबसे पहले भारत की अब तक की उपलब्धियों को रेखांकित किया.  उन्होंने कहा, “डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण बेहद प्रभावशाली रहा है. जीएसटी में जो किया गया, खासकर हालिया सरलीकरण, वह अर्थव्यवस्था के लिए बेहद मददगार है.” जब कली पुरी ने उनसे पूछा कि इस मोमेंटम को बनाए रखने के लिए अब भारत को क्या करना चाहिए? तो गोपीनाथ का जवाब स्पष्ट था. उन्होंने कहा, "इस मोमेंटम को बनाए रखना, प्रति व्यक्ति आय बढ़ाना और 2047 के 'विकसित भारत' के लक्ष्य तक पहुंचना ही असली चुनौती है. आज भारत की बुनियाद मजबूत है. न सिर्फ विकास दर के लिहाज से, बल्कि महंगाई भी लो सिंगल डिजिट में है. यह भारत के लिए अच्छी स्थिति है.”   हालांकि, उन्होंने कुछ पुराने अवरोधों की ओर भी इशारा किया. उन्होंने कहा, "भारत में जमीन अधिग्रहण करना, साफ-सुथरी जमीन के मालिकाना हक होना एक बहुत बड़ी चुनौती है, जो विकास और मैन्युफैक्चरिंग में बाधा डालती है." उन्होंने न्यायिक सुधारों को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया. श्रम बाजार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की जनसांख्यिकीय ताकत का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा. उन्होंने कहा कि भारत के विकास में केवल लगभग 30% हिस्सा ही श्रम से आया है. उन्होंने नए श्रम कानूनों का स्वागत किया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि यदि भारत वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ना चाहता है, तो उसे बहुत बड़ा सोचना होगा. उन्होंने कौशल विकास (Skilling) को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा, “नौकरियों और श्रमिकों के कौशल के बीच बड़ा अंतर है. स्किलिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ाना बेहद जरूरी है.” प्रदूषण: विकास के रास्ते में बड़ी बाधा कली पुरी के एक तीखे सवाल पर कि भूमि और श्रम के अलावा भारत को क्या रोक रहा है, गोपीनाथ ने प्रदूषण के मुद्दे को उठाया. उन्होंने साफ-साफ कहा कि प्रदूषण भारत में एक चुनौती है. यह टैरिफ के किसी भी असर से कहीं ज़्यादा गंभीर है. उन्होंने विश्व बैंक के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, "भारत में हर साल प्रदूषण के कारण लगभग 17 लाख लोग जान गंवाते हैं. यह न केवल आर्थिक बोझ है, बल्कि वैश्विक निवेशकों को भी हतोत्साहित करता है."  उन्होंने प्रदूषण से युद्ध स्तर पर निपटने का आह्वान करते हुए कहा कि अगर आपको वहां रहना है और माहौल ऐसा नहीं है जो आपको अपनी सेहत के लिए अच्छा लगे, तो यह आपको पीछे खींचता है."  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों और वैश्विक अनिश्चितताओं पर बोलते हुए गोपीनाथ ने कहा, “दुनिया पिछले 80 सालों के वैश्विक आर्थिक ढांचे से स्थायी रूप से आगे निकल चुकी है. अब हम पीछे नहीं लौटने वाले.” अभी भी बाकी हैं बड़े सुधार कली पुरी ने भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल से एग्जीक्यूशन से जुड़ा था एक अहम सवाल पूछा कि भारत की ग्रोथ को सच में तेजी देने के लिए हमें और क्या करने की जरूरत है?" मित्तल ने आशावादी लहजे में कहा, “भारत पहले से ही बहुत अच्छी स्थिति में है. हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे ही. अगर आध्यात्मिक भाषा में कहूं तो यह किस्मत में लिखा है.” हालांकि, उन्होंने बड़े पैमाने पर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि हमें 25 से 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचना होगा.  उद्योग जगत की बात करते हुए मित्तल ने कहा कि बुनियादी शर्तें पूरी हैं. उन्होंने कहा, “मेरी जमात यानी बिजनेस कम्युनिटी को एक सक्षम माहौल चाहिए, एक प्रतिबद्ध सरकार चाहिए और नीति में स्थिरता चाहिए. ये तीनों चीजें आज उपलब्ध हैं. उनकी सबसे बड़ी चिंता वैश्विक हालात को लेकर है. जो चीज हमें पटरी से उतार सकती है, वह है दुनिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा. इस माहौल में ट्रेड डील्स बेहद अहम होंगी.” मित्तल ने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि एक लाइसेंस के लिए सैकड़ों विभागों के चक्कर काटने का दौर अब खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा, “मैंने वो दौर देखा है जब DGTD, CCIE जैसे विभागों के बाहर खड़े होकर ढेर सारी किताबें, मैनुअल और हैंडबुक लेकर एक-एक लाइसेंस के लिए चक्कर लगाने पड़ते थे. सैकड़ों विभागों से मंजूरी लेनी होती थी. अब वो सब खत्म हो चुका है.” उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह भारतीय कंपनियों पर और अधिक भरोसा दिखाए. उन्होंने कहा, "हम पर अधिक विश्वास करें, हम नियमों का पालन करेंगे और सही काम करेंगे." भारत की सबसे बड़ी ताकत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “भारत उपभोक्ताओं का महाद्वीप है. हम दुनिया के हर देश के लिए एक बड़ा बाजार हैं. और अब हम सिर्फ उपभोग ही नहीं कर रहे, बल्कि दुनिया के लिए उत्पादन भी कर रहे हैं.” एक वैश्विक CEO की नजर से भारत कली पुरी ने IKEA के वैश्विक प्रमुख जुवेन्सियो मेज़्टु हेरेरा से पूछा कि एक ग्लोबल सीईओ के नजरिए से आज भारत कैसा दिखता है. इस पर IKEA के CEO हेरेरा ने बेहद आत्मीयता और साफगोई के साथ जवाब दिया. उन्होंने कहा, “भारत को लेकर मैं भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ हूं. मैंने यहां छह साल बिताए हैं.” भारत की ताकतों को गिनाते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “भारत एक बहुत बड़ा बाज़ार है. यहां की आबादी युवा है. यह एक लोकतंत्र है. भारत के पास यह क्षमता है कि वह कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था से सीधे अत्याधुनिक AI युग में, किसी भी अन्य देश … Read more