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राज्य दिव्यांगजन सलाहकार बोर्ड गठित

राज्य दिव्यांगजन सलाहकार बोर्ड गठित भोपाल  राज्य शासन ने राज्य दिव्यांगजन सलाहकार बोर्ड का गठन किया है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता वाले इस बोर्ड में विधायक श्रीमती प्रियंका मीणा, सुश्री मंजू राजेन्द्र दादू और श्री गौरव सिंह पारधी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह बोर्ड दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2017 के अनुरूप दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं संरक्षण के लिए सरकार का सर्वोच्च परामर्शी निकाय है। बोर्ड में दिव्यांगता एवं उनके कल्याण के लिए कार्यरत प्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया गया। दिव्यांगजनों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिये बोर्ड में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों को नियुक्त किया गया है, जिनमें रविन्द्र कोपरगांबकर, श्री राजेश शुक्ला, श्री विश्वजीत सरमंडल, श्रीमती प्रीति तांबे, श्री जगदीश अरोड़ा, श्री आशीष कट्टी, श्रीमती मिताली बनर्जी, श्रीमती गीता ढ़ीगरा, श्री दीपक गोयल, डॉ. आकाश सेठ, सुश्री पूजा गर्ग, डॉ. सचिन श्रीवास्वत, डॉ. मनीष कुमार, सुश्री मिनी अग्रवाल, श्री मुकुल गुप्ता, श्रीमती प्रीति सोनी, सुश्री सुषमा पटेल, सुश्री दुर्गा येवले, श्री दीपक शर्मा, श्री निरंजन गुजर, श्री अशोक परियानी, श्री अमित जैन और श्री प्रवीण कक्कड़ शामिल हैं। आयुक्त सामाजिक न्याय इस सलाहकार बोर्ड के सदस्य सचिव होंगे।  

नारी सशक्तिकरण का राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नारी सशक्तिकरण का राष्ट्रीय आंदोलन बन गया है, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के 11 वर्ष पूर्ण होने पर दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के सफलतम 11 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान नारी सशक्तिकरण का राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। देश-दुनिया की मुख्य धारा से बेटियों को जोड़ने वाले इस ऐतिहासिक अभियान के अंतर्गत महिलाओं के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर के लिए  हम सभी प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में स्नान कर किया पूजन

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान कर किया पूजन राष्ट्र की निरंतर प्रगति और कल्याण के पथ पर अग्रसर रहने की माँ गंगा से की प्रार्थना माघ मेले के पुण्य अवसर पर किया गंगा स्नान भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने माघ मेले के पुण्य अवसर पर प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान कर पूजन किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ माघ मास में संगम तट पर स्नान का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस काल में गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान से आत्मशुद्धि, पुण्य लाभ एवं लोक परलोक दोनों का कल्याण होता है। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के पवित्र तट पर संतों, श्रद्धालुओं और साधकों की उपस्थिति ने वातावरण को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण कर दिया। वैदिक मंत्रोच्चार, आरती और पूजन के मध्य किया गया स्नान अंतर्मन को शांति, संतुलन और सकारात्मक संकल्प से भरने वाला रहा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने माँ गंगा से समस्त देशवासियों पर अपनी कृपा बनाए रखने, समाज में सद्भाव, समरसता और नैतिक चेतना का विस्तार करने और राष्ट्र के निरंतर प्रगति और कल्याण के पथ पर अग्रसर रहने की प्रार्थना की है। संत जनों से लिया आशीर्वाद उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने माघ मेला क्षेत्र, प्रयागराज में सतुआ बाबा के शिविर पहुंचकर संतोष दास (सतुआ बाबा) से आत्मीय भेंट कर उनका सान्निध्य प्राप्त किया। इस अवसर पर आध्यात्मिक विषयों, सनातन परंपराओं और सामाजिक समरसता से जुड़े विचारों पर संवाद किया। साथ ही श्रीमद् जगद्गुरु नृसिंह पीठाधीश्वर पूज्य डॉ. स्वामी नरसिंह देवाचार्य जी महाराज (नरसिंह मंदिर – गीताधाम जबलपुर) से भेंट की और मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।  

मीडिया मामलों पर सीएम साय को सलाह देंगे आर. कृष्णा दास

रायपुर वरिष्ठ पत्रकार आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सलाहकार नियुक्त किया गया है. सलाहकार के रूप में वे मुख्यमंत्री को मीडिया एवं अन्य विषयों पर परामर्श देंगे. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि सलाहकार के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा. इसके साथ उन्हें राज्य शासन के विशेष सचिव के समकक्ष अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी. कृष्ण दास ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ के छत्तीसगढ़ प्रमुख के रूप में लंबे समय से कार्यरत रहे हैं.

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड कार्यालय में ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाकर फर्जीवाड़ा

जयपुर. जयपुर में दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केन्द्र स्थित राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड कार्यालय में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है। ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) शीट्स में नंबर बढ़ाकर अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ दिलाने के महाघोटाले की जांच स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) कर रही है। यह गड़बड़ी चयन बोर्ड के तकनीकी प्रमुख संजय माथुर के कार्यकाल में हुई बताई जा रही है। एसओजी अब कंपनी की ओर से करवाई सभी परीक्षाओं की गहन जांच करेगी। एसओजी को आशंका है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है, जिसमें तकनीकी स्तर पर छेड़छाड़ कर अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए गए और इसके बदले मोटी रकम का लेन-देन हुआ। अनुसंधान जारी है – डीआइजी परिस देशमुख डीआइजी परिस देशमुख ने बताया कि मामले में अनुसंधान जारी है और संदेह में आए सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। 3 आरोपी जेल भेजे मामले में गिरफ्तार आउटसोर्स फर्म राभव लिमिटेड, नई दिल्ली के प्रतिनिधि विनोद कुमार गौड़, शादान खान और अभ्यर्थी पूनम को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। पूछताछ में आए तथ्यों के आधार पर एसओजी अब उन अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर बुलाने की तैयारी कर रही है, जिनकी ओएमआर शीट्स में नंबर बढ़ाए गए। अनुसंधान के बाद इन अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया जाएगा। एसओजी उन बिचौलियों की भी तलाश में है, जिन्होंने अभ्यर्थियों और तकनीकी टीम के बीच सेतु का काम किया। माना जा रहा है कि इन्हीं बिचौलियों के जरिये सौदे तय हुए और रकम का लेन-देन हुआ। इस संबंध में बैंक खातों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल की जा रही है। तकनीकी प्रमुख और प्रोग्रामर रिमांड पर अनुसंधान अधिकारी यशवंत सिंह ने बताया कि तकनीकी प्रमुख संजय माथुर को 23 जनवरी को और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल को 22 जनवरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों फिलहाल एसओजी रिमांड पर हैं।

रिकॉर्ड ब्रेकर अभिषेक शर्मा, T20I में 34 मैचों में ही रच दिया नया इतिहास

नई दिल्ली नंबर-1 टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का बल्ला न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 में जमकर हल्ला बोला। नागपुर में हुए पहले टी20 में अभिषेक ने भारत को तूफानी शुरुआत देते हुए 35 गेंदों पर 84 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। इस पारी में उन्होंने एक बार फिर चौकों से ज्यादा छक्कों की बरसात की। अभिषेक ने अपने 84 रनों में 8 छक्के और 5 चौके लगाए। इसका मतलब है कि 68 रन उन्होंने बाउंड्री से बटौरे, जो 50 प्रतिशत से भी अधिक है। उनकी इस तूफानी शुरुआत के दम पर टीम इंडिया 238 के स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रही। न्यूजीलैंड निर्धारित 20 ओवर में 190 रन ही बना सका और भारत 48 रनों से मैच जीत गया। अभिषेक शर्मा को उनकी इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। अभिषेक शर्मा के छोटे से ‘इंपैक्टफुल’ टी20 करियर का यह 5वां प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड था। इस 25 साल के खिलाड़ी ने अभी तक भारत के लिए 34 ही टी20 मैच खेले हैं। अगर भारत के लिए सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ियों की बात करें तो अभिषेक शर्मा टॉप-5 में अपनी जगह बनाने के बेहद नजदीक हैं। फिलहाल उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की बराबरी कर ली है। भारत के लिए T20I में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच जीतने का रिकॉर्ड विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव के नाम है। इन दोनों स्टार खिलाड़ियों ने 16-16 बार टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। बता दें, कोहली 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद संन्यास ले चुके हैं, उनको रिटायर हुए 2 साल हो चुके हैं, मगर अभी भी कोई उनसे नंबर-1 की गद्दी नहीं छीन पाया है। आईए एक नजर भारत के लिए T20I में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट पर डालते हैं- 16-विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव 14 – रोहित शर्मा 8- अक्षर पटेल 7- युवराज सिंह 6- हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव 5 – अभिषेक शर्मा, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल 4-तिलक वर्मा, शिखर धवन, रवि अश्विन, दिनेश कार्तिक, भुवनेश्वर कुमार, केएल राहुल  

एमपी ट्रांसको में थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट शुरू

एमपी ट्रांसको में थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट शुरू भोपाल  केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के दिशा-निर्देशों के तहत मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा प्रदेश के ट्रांसमिशन सिस्टम की थर्ड पार्टी प्रोटेक्शन ऑडिट कराई जा रही है। यह आडिट देश मे पावर क्षेत्र की प्रमुख केंद्रीय एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है। इसमें सेंट्रल बोर्ड आफ इरिगेशन एंड पावर, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन बडौदा जैसी प्रतिष्ठित एजेंसी शामिल हैं। इस स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट में ट्रांसमिशन ग्रिड एवं सबस्टेशनों में लगे प्रोटेक्शन सिस्टम, रिले सेटिंग्स, ट्रिपिंग लॉजिक, कंट्रोल व कम्युनिकेशन सिस्टम का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है। विद्युत पारेषण की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना उद्देश्य एम पी ट्रांसको के मुख्य अभियंता अमरकीर्ति सक्सेना ने जानकारी दी कि ऑडिट का उद्देश्य अनावश्यक ग्रिड ट्रिपिंग को रोकना, सिस्टम रेस्टोरेशन क्षमता बढ़ाना और विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। बार-बार ट्रिपिंग वाले फीडरों के इवेंट लॉग व तकनीकी डेटा का विश्लेषण कर स्थायी समाधान तैयार किए जाएंगे। ऑडिट के बाद विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट व सुधारात्मक कार्ययोजना के आधार पर आवश्यक अपग्रेडेशन किए जाएंगे। यह प्रक्रिया ट्रांसमिशन नेटवर्क की एक समग्र “ग्रिड हेल्थ चेकअप” के रूप में भविष्य की मांगों और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के लिए सिस्टम को सशक्त बनाएंगी।  

भाखड़ा बोर्ड के चेयरमैन की पत्नी की बीजेपी में ज्वाइनिंग कैंसिल

पंचकूला. हरियाणा के पंचकुला से एक हैरान कर देने वाली खबर आई है। यहां बीजेपी ज्वाइन करने जा रहीं भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी की पत्नी दीप्ति त्रिपाठी को बब्बर खालसा की धमकी मिली है। बीजेपी कार्यालय में ज्यादा भीड़ जमा होने पर सुरक्षा कारणों के चलते फिलहाल, दीप्ति त्रिपाठी की ज्वाइनिंग को स्थगित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, बुधवार, 20 जनवरी को पंचकूला स्थित भाजपा कार्यालय पंचकमल में बीबीएमबी के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी की पत्नी दीप्ति त्रिपाठी को पार्टी में शामिल होना था। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल एवं कालका विधानसभा क्षेत्र की विधायक शक्ति रानी शर्मा भी मौजूद रहने वाली थीं। इसके लिए वह घर से करीब एक हजार लोगों को साथ लेकर बीजेपी कार्यालय भी पहुंची। लेकिन इसी दौरान दीप्ति त्रिपाठी को इंटेलिजेंस की तरफ से सूचना मिली कि उनके बीजेपी ज्वाइन करने पर जान का खतरा है। इसके बाद सुरक्षा कारणों के चलते दीप्ति त्रिपाठी की ज्वाइनिंग को स्थगित कर दिया गया। नई तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। बता दें, दीप्ति त्रिपाठी की ज्वाइनिंग को लेकर सुबह से ही मीडिया में खबरें चल रही थी। लेकिन इंटेलिजेंस एजेंसी की तरफ से इनपुट मिली कि आईएसआई , रिंदा ग्रुप और बब्बर खालसा की तरफ से दीप्ति त्रिपाठी की जान को खतरा है। इसको देखते हुए दीप्ति त्रिपाठी की ज्वाइनिंग टाल दी गई और उनके घर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दीप्ति त्रिपाठी के मुताबिक वह लंबे समय से समाज कल्याण के लिए काम कर रही हैं। वह पॉलिटिकल पार्टी ज्वाइन करके लोगों की सेवा करने के लिए अपना दायरा बढ़ाना चाहती है। ताकि वह और बड़े स्तर पर लोगों को मदद कर सके। दीप्ति त्रिपाठी का कहना है कि वह जल्द ही बीजेपी ज्वाइन करेंगी।

पंजाब कांग्रेस चीफ बनने को लेकर खींचतान तेज

चंडीगढ़. चुनावी वर्ष से पहले ही पंजाब कांग्रेस की खींचतान सतह पर आनी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी का अनुसूचित जाति की पार्टी में अनदेखी का आरोप लगाने का वाडियो प्रसारित होने के बाद कांग्रेस में प्रदेश प्रधान बनने को लेकर जोड़तोड़ तेज हो गई है। कारण स्पष्ट है कि 2027 का विधानसभा चुनाव जिसके नेतृत्व में लड़ा जाएगा, टिकट वितरण में भी उसकी भूमिका अहम होगी। अगर उसके समर्थक ज्यादा जीतकर आए तो उसकी मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी भी मजबूत हो जाएगी। यही वजह है कि प्रधानगी हथियाने की कवायद तेज हो गई है। चन्नी ने प्रसारित वीडियो में प्रदेश प्रधान, नेता विपक्ष, संगठन महामंत्री व एनएसयूआइ के प्रधान का पद उच्च जातियों को देने को लेकर सवाल उठाया है। इसके बाद खड़े हुए विवाद से पंजाब में कांग्रेस मुश्किल में पड़ गई है। कांग्रेस प्रधान को लेकर विवाद जारी दरअसल, सारा विवाद प्रदेश प्रधान की कुर्सी को लेकर हैं। कांग्रेस का पिछले ढाई दशकों में इतिहास रहा है कि चुनावी वर्ष से पहले प्रधानगी की कुर्सी को लेकर खींचतान शुरू हो जाती है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा कई मौकों पर इस बात का जिक्र भी कर चुके हैं। कांग्रेस में 2027 का चेहरा बनने की खींचतान लंबे समय से मुख्य रूप से प्रताप सिंह बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सुखजिंदर रंधावा के बीच चली आ रही है। सीएम के चेहरे को आगे किए बिना होगा चुनाव ऐसे में राजा वड़िंग ने इस बात पर जोर दिया कि वह 70 से 80 नए चेहरों को चुनाव मैदान में लाने के पक्ष में हैं। इसके उपरांत प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने यह घोषणा कर दी कि पार्टी 2022 की गलती को पुन: नहीं दोहराएगी और 2027 में कांग्रेस मुख्यमंत्री के चेहरे को आगे किए बिना ही चुनाव लड़ेगी। ऐसे में अगर चुनाव राजा वड़िंग के नेतृत्व में लड़ा गया तो उनका पलड़ा भारी हो जाएगा। चूंकि टिकट बंटवारे में प्रदेश प्रधान की अहम भूमिका रहती है। 2002 और 2017 का चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ा गया और कैप्टन ही मुख्यमंत्री बने। दोनों ही बार कैप्टन ने पार्टी की कमान संभालने के लिए लंबी जद्दोजहद की थी। अनायास नहीं था चन्नी का बयान 2015 में तो उन्होंने प्रताप सिंह बाजवा को प्रधान पद से हटाने के लिए लंबी डिप्लोमेसी की। पार्टी सूत्र बताते हैं कि चन्नी द्वारा ‘अपर कास्ट’ को लेकर दिया गया बयान अनायास नहीं था। बघेल द्वारा 2022 की गलती दोबारा नहीं दोहराने के बयान के बाद से ही चन्नी के समर्थन में जट और गैर जट नेताओं ने लाबिंग करनी शुरू कर दी है। चन्नी के समर्थन में 31 जट नेताओं ने तो हाईकमान को पत्र लिख कर समय भी मांग लिया है। हालांकि हाईकमान की तरफ से अभी तक इन नेताओं को मिलने का समय नहीं दिया है। पार्टी अगर चरण जीत सिंह चन्नी को चेहरा बनाकर 2027 का चुनाव लड़ेगी तो उसे पहले पार्टी की कमान भी सौंपनी होगी। यही कारण है कि कांग्रेस की असली खींचतान प्रदेश प्रधान की कुर्सी को लेकर है, क्योंकि यहीं से 2027 के लिए मुख्यमंत्री का दावा मजबूत होगा।

मोबाइल पर पाबंदी, AI पर बहस! ‘नागिन 7’ सेट की नई पॉलिसी से भड़के फैंस

मुंबई एकता कपूर का टीवी सीरियल 'नागिन 7' लगातार चर्चा में बना हुआ है। इसने आते ही टीआरपी लिस्ट में अपनी जगह बना ली और सीधे दो नंबर पर कब्जा जमाया। दूसरी तरफ हर एपिसोड के साथ AI विजुअल्स के कारण इसकी खूब किरकिरी भी हो रही है। अब नया शिगूफा छिड़ गया है 'सेट पर नो मोबाइल फोन का'। जी हां। रिपोर्ट्स में बताया जाता है कि एकता के सेट पर फोटो और वीडियो लीक होने से रोकने के लिए नए उपाय लागू कर रही हैं। इसमें सख्त 'फोन इस्तेमाल ना करने की नीति' भी शामिल है। एकता कपूर ने 'नागिन 7' के सेट पर 'नो मोबाइल फोन पॉलिसी' का ऐलान किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस छिड़ गई है। एक यूजर ने कहा, 'ये बहुत ज्यादा है।' दूसरे ने बोला, 'नो AI नीति कब आएगी?' एक ने मजाक में कहा, 'बस कुछ दिनों के लिए। फिर सबकुछ की इजाजत होगी। ऐसा हथकंडा एकता अपने शो में बहुत बार अपना चुकी हैं। जैसे YHM, कुंडली और KZK 2 में।' नागिन 7 में AI के इस्तेमाल से हुई किरकिरी इस शो में हर एपिसोड के साथ AI का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। बीते दिनों एपिसोड में ड्रैगन और नागिन की लड़ाई हुई। इस सीन को AI की मदद से बनाया गया। कुछ दर्शकों को ये विजुअली ट्रीट लगा, लेकिन कइयों ने इसकी आलोचना की। उनका कहना है कि AI का इतना ज्यादा इस्तेमाल सही नहीं है। ये बहुत बचकाना लगता है। कुछ ने इसे 'गेम ऑफ थ्रोन' की सस्ती कॉपी भी कहा। 'नागिन 7' की कास्ट इस शो में प्रियंका चाहर चौधरी लीड रोल में हैं। उनके अलावा नामिक पॉल, ईशा सिंह, करण कुंद्रा, एलिस कौशिक सहित कई सितारे हैं। पिछले सीजन की नागिनों को भी AI की मदद से कैमियो के रूप में दिखाया गया है। इनमें तेजस्वी प्रकाश से निया शर्मा तक शामिल हैं। टीआरपी में दूसरे नंबर पर 'नागिन 7' अपने कुछ एपिसोड के बाद ही टीआरपी लिस्ट में दूसरे नंबर पर पहुंच गया। पहले नंबर पर 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2'। दोनों ही एकता कपूर के शोज हैं। दोनों ने रुपाली गांगुली के 'अनुपमा' शो को कड़ी टक्कर दी है।