samacharsecretary.com

बांग्लादेश ने T20 वर्ल्ड कप से किया बहिष्कार, ICC को झटका, क्रिकेट में हलचल

  नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल (ICC) की चेतावनी और अल्टीमेटम के बावजूद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) खिलाड़ियों और अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार ने T20 वर्ल्ड कप को लेकर अपने रुख पर कायम रहने का फैसला किया है. बांग्लादेश ने साफ कर दिया है कि जब तक मैचों का वेन्यू भारत से बदलकर श्रीलंका नहीं किया जाता, तब तक टीम वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेगी. खिलाड़ियों के साथ अहम बैठक के बाद बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने ICC पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ICC ने बांग्लादेश के साथ न्याय नहीं किया है और खिलाड़ियों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है. आसिफ नज़रुल के मुताबिक- सरकार, क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ी तीनों एक मत हैं कि सुरक्षा से किसी भी हालत में समझौता नहीं किया जाएगा. आसिफ नज़रुल ने साफ शब्दों में कहा- हम किसी के दबाव में नहीं झुकेंगे. दुनिया को यह भी समझना चाहिए कि अगर बांग्लादेश वर्ल्ड कप नहीं खेलेगा तो उसके क्या नतीजे होंगे. हम अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं कर सकते. बैठक के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी दोहराया कि उनका फैसला अटल है. बोर्ड का कहना है कि मौजूदा हालात में भारत जाकर खेलना सुरक्षित नहीं है और इसलिए वेन्यू बदलकर श्रीलंका किया जाना चाहिए. हालांकि ICC ने पहले ही साफ कर दिया है कि टूर्नामेंट के मैच भारत से बाहर नहीं ले जाए जाएंगे. ICC की इस सख्त चेतावनी के बाद भी बांग्लादेश ने अपने फैसले से पीछे हटने से इनकार कर दिया है. इस पूरे विवाद के चलते T20 वर्ल्ड कप पर संकट के बादल गहराते नजर आ रहे हैं. अब सबकी नजर ICC के अगले कदम और इस टकराव के समाधान पर टिकी हुई है. पाकिस्तान ने बांग्लादेश को दिया धोखा, कहा-टी20 वर्ल्ड कप से नाम वापस नहीं लेंगे  एक बार सांप पर भरोसा कर लेना लेकिन पाकिस्तान पर नहीं…अकसर पाकिस्तान के लिए ये बात कही जाती है लेकिन बांग्लादेश को शायद ये बात पता नहीं थी. टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के साथ खड़े होने का दावा करने वाला पाकिस्तान अब पलट गया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड कह रहा था कि अगर बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुआ तो वो भी इस टूर्नामेंट का बॉयकॉट करेंगे. अब ऐसे हालात बने हैं तो पाकिस्तान ने टूर्नामेंट से नाम वापस नहीं लेने का फैसला किया है. पाकिस्तानी मीडिया की खबरों के मुताबिक पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड टूर्नामेंट से हटने पर विचार नहीं कर रहा है. पाकिस्तान ने बांग्लादेश का समर्थन किया लेकिन… टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने बांग्लादेश के रुख का समर्थन तो किया लेकिन पीसीबी के अधिकारियों का मानना ​​है कि टूर्नामेंट के बहिष्कार का कोई ठोस आधार नहीं दिखता. उन्होंने कहा,’ पाकिस्तान अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रहा है, लेकिन आयोजन से हटना कभी भी एक विकल्प नहीं था और न ही इस पर विचार किया गया था.’ पीसीबी अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान के मैच पहले से ही एक तटस्थ मैदान पर हो रहे हैं, जहां सुरक्षा से जुड़ी कोई चिंता नहीं है. पीसीबी अधिकारियों ने ये भी कहा कि पाकिस्तान ने कभी भी आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से हटने की धमकी नहीं दी, और ये बात सिर्फ सोशल मीडिया में फैली थी. आईसीसी ने बांग्लादेश को दिया आखिरी मौका बता दें बांग्लादेश के मुद्दे पर आईसीसी ने बुधवार को वोटिंग कराई जिसमें 14 क्रिकेट बोर्ड ने भारत के समर्थन में वोट दिया. बांग्लादेश को सिर्फ दो वोट मिले. ऐसे में आईसीसी ने साफतौर पर कह दिया है कि बांग्लादेश को अपने टी20 मुकाबले भारत में ही खेलने होंगे. अगर वो ऐसा नहीं करता है तो टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड की टीम खेलेगी. अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अपनी सरकार से बात करेंगे. सरकार की इजाजत के बाद ही बांग्लादेशी टीम टी20 वर्ल्ड कप खेल पाएगी. आईसीसी के फैसले का विरोध आईसीसी के इस फैसले का बांग्लादेश और पाकिस्तान में विरोध हो रहा है. पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज कामरान अकमल ने आईसीसी के फैसले पर निराशा जताई. कामरान ने टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट से बातचीत में आरोप लगाया कि आईसीसी के ज्यादातर फैसला भारत के पक्ष में होते हैं. कामरान अकमल के मुताबिक अगर चैंपियंस ट्रॉफी के वेन्यू भारत के लिए बदले जा सकते हैं तो बांग्लादेश को भी ऐसी सुविधा मिलनी चाहिए. कामरान के मुताबिक भारत सबसे ज्यादा पैसा आईसीसी को देता है इसलिए उसके पक्ष में फैसले जाते हैं. ICC की इस सख्त चेतावनी के बाद भी बांग्लादेश ने अपने फैसले से पीछे हटने से इनकार कर दिया है. इस पूरे विवाद के चलते T20 वर्ल्ड कप पर संकट के बादल गहराते नजर आ रहे हैं. अब सबकी नजर ICC के अगले कदम और इस टकराव के समाधान पर टिकी हुई है. वैसे टी20 वर्ल्ड कप के शेड्यूल के मुताबिक पहले बांग्लादेश को ग्रुप C में रखा गया था. इसके  पहले तीन मैच कोलकाता में होने थे. इसके बाद  बांग्लादेश अपना आखिरी ग्रुप मैच 17 फरवरी को मुंबई में नेपाल के खिलाफ खेलना था.  बांग्लादेश का टी20 वर्ल्ड कप के लिए शेड्यल ऐसा था 7 फरवरी 2026: बांग्लादेश vs वेस्टइंडीज, दोपहर 3 बजे, ईडन गार्डन्स (कोलकाता) 9 फरवरी 2026: बांग्लादेश vs इटली, सुबह 11 बजे, ईडन गार्डन्स (कोलकाता) 14 फरवरी 2026: बांग्लादेश vs इंग्लैंड, दोपहर 3 बजे, ईडन गार्डन्स (कोलकाता) 17 फरवरी 2026: बांग्लादेश vs नेपाल, शाम 7 बजे, वानखेड़े स्टेडियम (मुंबई) क्यों बांग्लादेश ने क‍िया टी20 वर्ल्ड कप भारत में ना खेलने का फैसला  हाल के दिनों में भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तब तल्खी देखी गई जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार देखने को म‍िला. इसका असर बाद में क्रिकेट पर भी देखने को म‍िला. इसके बाद  मुस्ताफिजुर रहमान को कोलकाता नाइटराइडर्स फ्रेंचाइजी ने कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर आईपीएल 2026 से  बाहर कर दिया थ. इसके बाद बांग्लादेश ने भी आईपीएल प्रसारण पर बैन लगा द‍िया. बाद में टी20 वर्ल्ड कप के अपने मैच श्रीलंका में कराने की मांग तेज कर दी. जिसे ICC ने स्वीकार नहीं किया था.  22 जनवरी की बैठक के बाद BCB ने किया बायकॉट  ICC से 21 जनवरी को आधिकारिक संदेश मिलने के … Read more

दिल्ली से अहमदाबाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द की जल्द मिलेगी सौगात

जयपुर. राजस्थान में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की आस लगाए बैठे रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। माना जा रहा है कि राजस्थान को जल्द ही पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिल सकती है। दरअसल, उत्तर-पश्चिम रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। प्रस्ताव के अनुसार यह ट्रेन दिल्ली से अहमदाबाद वाया जयपुर रूट पर चल सकती है, जिससे राजस्थान के यात्रियों को दिल्ली और अहमदाबाद के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। रेलवे सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से अहमदाबाद के बीच जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। इस ट्रेन का ठहराव जयपुर, अजमेर और आबू रोड जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर हो सकता है। रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद जयपुर को दोहरा लाभ मिलेगा। एक ओर जयपुर से दिल्ली और दूसरी ओर जयपुर से अहमदाबाद का सफर सुविधाजनक हो जाएगा। साथ ही समय की भी काफी बचत होगी। कब चलेगी यह ट्रेन? रेलवे सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड से मंजूरी के बाद सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी कर ली जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि सब कुछ सही रहा तो मार्च तक स्लीपर वंदे भारत ट्रेन राजस्थान में दौड़ती नजर आएगी। इससे रेल यात्रियों को कम समय में बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। राजस्थान के इन स्टेशनों पर हो सकता है ठहराव प्रस्तावित रूट के अनुसार दिल्ली-अहमदाबाद के बीच चलने वाली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन राजस्थान से होकर गुजरेगी। यह ट्रेन प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ेगी। बताया जा रहा है कि जयपुर, अजमेर और आबू रोड रेलव स्टेशन पर इस ट्रेन का ठहराव हो सकता है। ऐसे में पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को काफी फायदा होगा। रेल यात्रियों को मिलेगा बेहतर विकल्प वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए एक आधुनिक और आरामदायक विकल्प साबित होगी। विशेष रूप से यह ट्रेन रात के सफर के लिहज से डिजाइन की गई है। ट्रेन के आधुनिक कोच, बेहतर स्लीपिंग अरेंजमेंट और उन्नत सुविधाएं यात्रियों को प्रीमियम अनुभव देंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सामने म.प्र. और डीपी वर्ल्ड के बीच हुआ एमओयू हस्ताक्षर

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में म.प्र. और डीपी वर्ल्ड के बीच हुआ एमओयू लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश सहयोग के लिए बनी सहमति संयुक्त अरब अमीरात स्थित वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी है डीपी वर्ल्ड भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में बुधवार को दावोस में मध्यप्रदेश और वैश्विक लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन क्षेत्र की संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) में स्थित अग्रणी कंपनी डीपी वर्ल्ड के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मध्यप्रदेश शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने एवं डीपी वर्ल्ड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा वित्त एवं व्यवसाय विकास अधिकारी श्री अनिल मोहता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर डीपी वर्ल्ड के समूह अध्यक्ष श्री सुल्तान अहमद बिन सुलायेम उपस्थित रहे। इस एमओयू के माध्यम से औद्योगिक विकास और निवेश सहयोग से जुड़े विषयों पर सहमति बनी, जो राज्य में लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। एमओयू में डीपी वर्ल्ड द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई। यह पहल राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण एवं बुनियादी ढांचे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। एमओयू के दौरान दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और औपचारिक रूप से समझौता दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और व्यापार के क्षेत्र में एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।  

26 जनवरी पर तिरंगा फहराने के लिए राज्यपाल और सीएम के साथ मंत्री किस जिले में जाएंगे? देखें पूरी लिस्ट

भोपाल  देश के अन्य राज्यों की तरह ही मध्य प्रदेश में भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें राज्य सरकार के अलग-अलग जनप्रतिनिधि हिस्सा लेकर झंडावंदन करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस बारे में जानकारी देते हुए एक पत्र जारी किया है और बताया है कि इस साल होने वाले जिलास्तरीय आयोजनों कौन से प्रतिनिधि कहां पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। राज्य के सभी कलेक्टरों के नाम पर जारी इस पत्र में बताया गया है कि राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय कार्यक्रमों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उप मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्यमंत्री और कलेक्टर किन जिला मुख्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। मध्य प्रदेश में 26 जनवरी पर मनाए जाने वाले भारत के गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरो शोर से चल रही है। इस दिन प्रदेशभर के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें राज्य सरकार के अलग-अलग जनप्रतिनिधि हिस्सा लेकर झंडावंदन करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सूची जारी करते हुए बताया है कि, इस साल होने वाले जिलास्तरीय आयोजनों में कौन किस जिले में राष्ट्रीय ध्वज फहराएगा। प्रदेश के सभी कलेक्टरों के नाम पर जारी इस लिस्ट में बताया गया है कि, राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय कार्यक्रमों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उप मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्यमंत्री और कलेक्टर किन जिला मुख्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे राज्यपाल विभाग की ओर से जारी सूची क अनुसार, राज्यपाल मंगुभाई पटेल राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में होने वाले मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने गृह नगर उज्जैन में होने वाले आयोजन में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इसके अलावा, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर जिले में ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। पत्र के अनुसार, प्रदेश के 23 जिले ऐसे भी हैं, जहां पर स्थानीय कलेक्टर ही ध्वज फहराएंगे। जबकि, शेष में जनप्रतिनिधी झंडावंदन करेंगे। किस जिले में कौनसा मंत्री फहराएगा ध्वज -इंदौर : जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री -सागर : राजेन्द्र शुक्ल, उप मुख्यमंत्री -रतलाम : कुंवर विजय शाह, मंत्री -रीवा : प्रहलाद सिंह पटेल, मंत्री -छिंदवाडा : राकेश सिंह, मंत्री -सिवनी : करण सिंह वर्मा, मंत्री -कटनी : उदय प्रताप सिंह, मंत्री -जबलपुर : सम्पतिया उईके, मंत्री -बुरहानपुर : तुलसीराम सिलावट, मंत्री -दतिया : एदल सिंह कंषाना, मंत्री -नीमच : निर्मला भूरिया, मंत्री -गुना : गोविन्द सिंह राजपूत, मंत्री -खरगोन : विश्वास सारंग, मंत्री -शाजापुर : नारायण सिंह कुशवाह, मंत्री -आगर मालवा : नागर सिंह चौहान, मंत्री -शिवपुरी : प्रद्युम्न सिंह तोमर, मंत्री -अशोकनगर : राकेश शुक्ला, मंत्री -राजगढ़ : चेतन्य काश्यप, मंत्री -दमोह : इंदर सिंह परमार, मंत्री -सीहोर : कृष्णा गौर, राज्यमंत्री -खंडवा : धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, राज्यमंत्री -मंडला : दिलीप जायसवाल, राज्यमंत्री -बड़वानी : गौतम टेटवाल, राज्यमंत्री -विदिशा : लखन सिंह पटेल, राज्यमंत्री -रायसेन : नारायण सिंह पंवार, राज्यमंत्री -नर्मदापुरम : नरेंद्र शिवाजी पटेल, राज्यमंत्री -डिंडौरी : प्रतिमा बागरी, राज्यमंत्री -अनूपपुर : दिलीप अहिरवार, राज्यमंत्री -मैहर : राधा सिंह, राज्यमंत्री इन 23 जिलों में कलेक्टर ध्वज फहराकर पढ़ेंगे सीएम का संदेश 1-देवास, 2-धार, 3-झाबुआ, 4-अलीराजपुर, 5-मुरैना, 6-मंदसौर, 7-श्योपुर, 8-भिंड, 9-सीधी, 10-सतना, 11-मऊगंज, 12-शहडोल, 13-उमरिया, 14-पन्ना, 15-छतरपुर, 16-टीकमगढ़, 17-निवाड़ी, 18-बैतूल, 19-हरदा, 20-सिंगरौली, 21-नरसिंहपुर, 22-बालाघाट, 23-पांढुर्णा।

इंडिया में बजेगा कान्‍ये वेस्‍ट का रैप, जल्द होगा धमाकेदार लाइव शो

लॉस एंजिल्स बीते कुछ साल में भारत में लाइव म्‍यूजिक शोज को लेकर क्रेज बढ़ा है। हमने देसी कलाकारों में दिलजीत दोसांझ से लेकर सुनिध‍ि चौहान, हनी सिंह और करण औजला के लिए स्‍टेडियम में जनसैलाब देखा है। यही नहीं, जस्‍ट‍िन बीबर, दुआ लीपा, कोल्‍डप्‍ले और एड शीरन जैसे इंटरनेशनल आर्टिस्‍ट्स के म्‍यूजिक कॉन्‍सर्ट में दर्शकों और फैंस की भारी भीड़ उमड़ी है। अब चर्चा है कि ग्लोबल रैप सुपरस्टार कान्ये वेस्ट भारत आ रहे हैं। जी हां, बताया जाता है कि अप्रैल 2026 में वह अपना पहला इंडिया टूर लाने वाले हैं। हालांकि, अभी तारीखों और शहरों की पुष्‍ट‍ि नहीं है, लेकिन दावा किया गया है कि 24 ग्रैमी अवॉर्ड अपने नाम कर चुके कान्‍ये अपना पहला परफॉर्मेंस-बेस्ड इंडिया टूर प्लान कर रहे हैं। 'पिंकविला' की रिपोर्ट के मुताबिक, कान्ये वेस्‍ट भारत में अपना कॉन्सर्ट डेब्यू करेंगे। मॉडर्न म्यूजिक के साउंडस्केप को बदलने के लिए पहचाने जाने वाले कान्‍ये को 'ग्रेटेस्‍ट ऑफ ऑल टाइम रैपर' कहा जाता है। 'आई वंडर', 'गोल्‍ड डिगर', 'रनअवे' और 'हार्टलेस' के लिए मशहूर कान्‍ये उन सेलेब्‍स में से हैं, जो अपने काम के साथ ही अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। 19 साल की उम्र में पहला ऑफिशियल प्रोडक्‍शन अटलांटा में पैदा हुए 48 साल के कान्‍ये वेस्ट ने अपने प्रोडक्शन करियर की शुरुआत 1990 के दशक में की थी। उन्‍होंने शिकागो के उभरते हुए लोकल कलाकारों के लिए बीट्स बनाए। महज 19 साल की उम्र में उन्‍हें अपना पहला ऑफिशियल प्रोडक्शन क्रेडिट मिला। उन्होंने शिकागो के अंडरग्राउंड रैपर ग्रेव के 1996 के पहले एल्बम 'डाउन टू अर्थ' में आठ ट्रैक प्रोड्यूस किए थे। 24 ग्रैमी अवॉर्ड, दुनियाभर में म्‍यूजिक लवर्स मानते हैं 'OG' कान्ये वेस्ट का नाम सिर्फ उनके हिट सिंगल्स तक ही सीमित नहीं है। वह हिप-हॉप, गॉस्पेल और अवॉन-गार्ड एक्सपेरिमेंटेशन के लिए भी जाने जाते हैं। माना जाता है कि उन्‍होंने ग्लोबल पॉप कल्चर को पॉपुलर बनया। कान्‍ये की बादशाहत का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि वह 24 ग्रैमी अवॉर्ड जीत चुके हैं। 'स्ट्रॉन्गर', 'गुड लाइफ' और 'अल्ट्रालाइट बीम' जैसे उनके सुपरहिट ट्रैक दुनियाभर में म्‍यूजिक लवर्स की प्लेलिस्ट का हिस्‍सा हैं। पहले भी दो बार भारत आ चुके हैं कान्‍ये वेस्‍ट, पर यह पहला कॉन्‍सर्ट यह भी कम दिचलस्‍प नहीं है कि कान्‍ये वेस्‍ट भारत में भले ही पहली बार कॉन्‍सर्ट करने वाले हैं, लेनिक वह इससे पहले हिंदुस्‍तान आ चुके हैं। साल 2009 में आध्यात्म की खोज में भारत आए थे। उन्‍होंने यहां एक आश्रम में काफी समय बिताया था। इसके कुछ साल बाद, 2012 में, वह अपने वमुन फैशन लेबल के सिलसिले में मुंबई आए। कान्‍ये वेस्‍ट की नेट वर्थ, किम कर्दाश‍ियन और बियांका सेनसोरी से शादी कान्‍ये वेस्ट के इंडिया टूर से हिंदुस्‍तान को ग्लोबल लाइव-म्यूजिक मैप पर भी पॉपुलैरिटी मिलेगी। वैसे, जानकारी के लिए बता दें कि वह दुनिया के सबसे अमीर म्‍यूजिक आर्टिस्‍ट हैं। उनकी नेट वर्थ 2.77 बिलियन डॉलर बताई जाती है, जो 2,51,95 करोड़ रुपये है। कान्‍ये वेस्‍ट में साल 2014 में किम कर्दाश‍ियन से शादी की थी, जिनसे 2022 में उनका तलाक हो गया। उसी साल यानी 20222 में ही उन्‍होंने बियांका सेनसोरी से शादी की।

गोल्‍ड और सिल्‍वर ETFs में आई बड़ी गिरावट, 12% तक गिरे भाव, जानें क्यों हुआ क्रैश

नई दिल्‍ली गोल्‍ड और सिल्‍वर ईटीएफ के दाम में गुरुवार को भारी गिरावट आई है. दोपहर के कारोबार के दौरान सिल्‍वर ईटीएफ 12 फीसदी तक और गोल्‍ड ईटीएफ 8 फीसदी तक गिर गए. यह गिरावट सुबह के कारोबार के दौरान सोने-चांदी के रेट में बड़ी गिरावट के कारण आया है.  वायदा बाजार MCX पर सोना और चांदी के दाम गुरुवार की सुबह तेजी से गिरे थे. चांदी 20 हजार रुपये तक टूट गई थी और सोने की कीमतों में 4000 रुपये तक की गिरावट आई. हालांकि कुछ देर बाद सोने और चांदी के दाम रिकवर कर गए. दोपहर 12.20 बजे एमसीएक्‍स पर सिल्‍वर 600 रुपये गिरकर 3,17,951 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था. वहीं गोल्‍ड के दाम 400 रुपये टूटकर 1,60,029 रुपये पर था. लेकिन सोना और चांदी ETFs अभी भी बड़ी गिरावट पर थे.  इंट्राडे के दौरान टाटा सिल्‍वर ईटीएफ करीब 25 फीसदी टूट गया था, लेकिन अभी 13 फीसदी गिरकर कारोबार कर रहा है. सिल्‍वर बीस में 8 फीसदी की गिरावट आई है, जो अभी 285 पर करोबार  कर रहा है.  गोल्‍ड बीस में भी 8 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है. टाटा गोल्‍ड 9 फीसदी टूट गया है. HDFC, ICICI, SBI जैसे सिल्‍वर और गोल्‍ड ईटीएफ भी करीब 9 प्रतिशत त‍क गिरे हैं.  सोना-चांदी के दाम क्‍यों गिरे?  सोने और चांदी के दाम में गुरुवार को भारी गिरावट की वजह ट्रंप को माना जा रहा है. दरअसल, अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और भारत की अच्‍छी डील जल्‍द होने जा रही है. उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अच्‍छा दोस्‍त बताया है. Donald Trump ने कहा कि PM Narendra Modi को लेकर उनके मन में बहुत सम्मान है, वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है. इस बयान के बाद शेयर बाजार में शानदार तेजी आई और गोल्‍ड सिल्‍वर के दाम क्रैश हो गए, जिस कारण ईटीएफ भी तेजी से टूटे.  ग्रीनलैंड पर क्‍या दिया बयान?  अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड पर ऐसा समझौता किया जाएगा, जो अमेरिका और नाटो दोनों के लिए अच्‍छा हो. हालांकि उन्‍होंने यह भी स्‍वीकार किया है कि ग्रीनलैंड पर कब्‍जे की कार्रवाई से अमेरिका में यूरोपीय देशों के निवेश पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ सकता है.  ग्‍लोबल टेंशन में कटौती  ट्रंप के इन दोनों बयान के कारण ग्‍लोबल टेंशन थोड़ा कम होते हुए दिखाई दे रहा है. जिस कारण सेफ असेट माने जाने वाले Gold Silver के दाम में गिरावट आई है और सिल्‍वर-गोल्‍ड ईटीएफ के दाम में बिखर गए हैं.  मुनाफावसूली भी वजह  गोल्‍ड और सिल्‍वर ईटीएफ के दाम अपने रिकॉर्ड हाई पर बने हुए थे, लेकिन जैसे ही सोने और चांदी के दाम में गिरावट शुरू हुई निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग करनी शुरू कर दी. सोने और चांदी में प्रॉफिट बुकिंग के साथ ही इनके ईटीएफ में भी प्रॉफिट बुकिंग जारी है. 

प्रदेश के युवाओं को बड़ा झटका: छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग की सब-इंस्पेक्टर नियुक्ति रद्द

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के युवाओं को बड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार ने आबकारी विभाग में उपनिरीक्षक पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों के आदेश को रद्द करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभागीय स्तर पर आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। हालांकि, आदेश में नियुक्ति निरस्त करने के पीछे की ठोस वजहों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे चयनित अभ्यर्थियों में असमंजस और नाराजगी का माहौल बन गया है। तकनीकी कारणों का हवाला, लेकिन वजह स्पष्ट नहीं जारी पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2024 की चयन सूची के अनुसार अनुशंसित आबकारी उप निरीक्षक पदों पर कार्यालयीन आदेश से जारी नियुक्ति को “तकनीकी कारणों” के चलते निरस्त किया जाता है। हालांकि, इन तकनीकी कारणों की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसी वजह से चयनित उम्मीदवारों के साथ-साथ विपक्षी दल भी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। 85 चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2024 के माध्यम से आबकारी विभाग में कुल 85 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए साल की शुरुआत में अभ्यर्थियों के शारीरिक मापदंडों की जांच, प्रमाण पत्र सत्यापन और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया प्रस्तावित थी। लेकिन नियुक्ति आदेश निरस्त होने से अब इन सभी युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। युवाओं में नाराजगी, सरकार से स्पष्टीकरण की मांग नियुक्ति रद्द होने की खबर सामने आते ही चयनित अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। कई उम्मीदवारों ने सरकार से तत्काल स्पष्ट कारण बताने और जल्द समाधान निकालने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबी परीक्षा प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस तरह का फैसला न केवल मानसिक आघात पहुंचाने वाला है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय भी है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम और संभावित स्पष्टीकरण पर टिकी हुई हैं।

राशिद लतीफ का बड़ा बयान: पाकिस्तान ने नहीं मानी सलाह तो टी20 वर्ल्ड कप में होगी भारी बेइज्जती

नई दिल्ली बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने सभी मैच भारत में खेलेगा या नहीं इस पर जल्द फैसला आने वाला है। इससे पहले पाकिस्तान की ओर से गीदड़ भभकी आई है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने अपनी टीम को बांग्लादेश का सपोर्ट कनरे के लिए टी20 वर्ल्ड कप को बॉयकॉट करने की सलाह दी है। भारत और बांग्लादेश के बीच जारी तनाव को देखते हुए बांग्लादेश आगामी टी20 वर्ल्ड कप का कोई मैच भारत में नहीं खेलना चाहता। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने आईसीसी को लेटर भी लिखा है, हालांकि आईसीसी ने उनकी इस मांग को ठुकरा दिया है। अब लतीफ का कहना है कि पाकिस्तान को बांग्लादेश का सपोर्ट करना चाहिए। अगर दोनों देश पीछे हटते हैं और वर्ल्ड कप खेलते हैं तो हर कोने से थप्पड़ पड़ेंगे। इस दौरान रशिद ने अमित शाह और जय शाह का भी नाम लिया। यूट्यूब चैनल CaughtBehindShow पर लतीफ ने कहा, “अगर पाकिस्तान और भारत का मैच नहीं होता है, तो आपका 50 परसेंट वर्ल्ड कप खत्म हो जाएगा। यह मौजूदा क्रिकेट सिस्टम को चुनौती देने का एक शानदार मौका है। पाकिस्तान को कहना चाहिए कि वे बांग्लादेश के साथ हैं और T20 वर्ल्ड कप खेलने से मना कर देना चाहिए। यह स्टैंड लेने का समय है। इसके लिए हिम्मत चाहिए।” लतीफ ने इस मामले को लेकर ICC के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि सुरक्षा को लेकर उसका भरोसा गलत था। उन्होंने कहा, "यह कोई अच्छा फैसला नहीं लगता। आज ICC कह रहा है कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को कोई खतरा नहीं है। दुनिया की कोई भी एजेंसी यह नहीं कह सकती कि कोई खतरा नहीं है – ICC ऐसा कैसे कह सकता है? सबसे सुरक्षित जगहों पर भी कोई ऐसी गारंटी नहीं दे सकता। उम्मीद है कि किसी भी टीम के साथ कुछ बुरा न हो।" लतीफ ने भारत के गृह मंत्री और ICC चेयरमैन जय शाह का जिक्र करते हुए कहा, "यह एक पॉलिटिकल चाल है – अमित शाह से लेकर जय शाह तक। ट्रम्प कार्ड अभी भी पाकिस्तान के पास है। बांग्लादेश का रुख सही है। पाकिस्तान को इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा।" लतीफ ने कहा कि पाकिस्तान को सिर्फ बयान देने के बजाय मजबूती से जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर पाकिस्तान नहीं खेलता है, तो यह वर्ल्ड कप रोकने जैसा होगा। पाकिस्तान ही मुख्य है। हां, पाकिस्तान को भविष्य में नुकसान हो सकता है। अगर पाकिस्तान ICC इवेंट्स में खेलने से मना करता है, तो उस पर बैन लग सकते हैं। लेकिन सिर्फ बातों का कोई फायदा नहीं है – अब यह दिखाने का समय है कि आप किसका साथ देते हैं।" दोनों देशों के बीच तालमेल की बात करते हुए लतीफ ने कहा, “अगर पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच भरोसा है, तो यह किया जा सकता है। देखते हैं कि ICC के अल्टीमेटम के जवाब में बांग्लादेश क्या फैसला लेता है।” उन्होंने चेतावनी दी कि पीछे हटने के नतीजे बुरे होंगे। उन्होंने कहा, “अगर वे झुक जाते हैं और वर्ल्ड कप खेलते हैं, तो पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों को हर तरफ से आलोचना झेलनी पड़ेगी, (“हर कोने से थप्पड़ पड़ेंगे”)।  

कांग्रेस ने किया बड़ा फैसला: खैरागढ़ में पहली बार मंडल कांग्रेस कमेटियों का गठन, 28 अध्यक्ष नियुक्त

खैरागढ़   छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए प्रदेश के सभी जिलों में पहली बार मंडल कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों की नियुक्ति की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट की सहमति के बाद मंडल अध्यक्षों की जिलेवार सूची जारी की। प्रदेशभर में कुल 1370 मंडल कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। कांग्रेस का दावा है कि इस फैसले से पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूती मिलेगी और आगामी चुनावों में इसका सीधा लाभ मिलेगा। इसे भाजपा की तर्ज पर मंडल स्तर तक संगठनात्मक ढांचे को सशक्त करने की कांग्रेस की रणनीतिक पहल माना जा रहा है। पार्टी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने बताया कि मंडल अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों की स्पष्ट जिम्मेदारी दी गई है। वे बूथ, सेक्टर और मंडल स्तर पर संगठन को सक्रिय करेंगे, जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे और पार्टी की नीतियों को आम जनता तक पहुंचाएंगे। उनके अनुसार यह नई संरचना कांग्रेस को अधिक अनुशासित, सक्रिय और चुनावी रूप से प्रभावी बनाएगी। इसी क्रम में खैरागढ़ जिले में कुल 28 मंडल कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। खैरागढ़ नगर, छुईखदान, मुढ़ीपार और गंडई विकासखंडों में मंडलवार अध्यक्ष घोषित किए गए हैं। पार्टी नेतृत्व ने सभी वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है, जिससे संगठन में संतुलन और क्षेत्रीय सहभागिता सुनिश्चित हो सके। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति से संगठन को नई धार मिलेगी और स्थानीय मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा। खासकर केसीजी जिले जैसे क्षेत्र में मंडल स्तर पर संगठन का विस्तार कांग्रेस की चुनावी रणनीति को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

इन्वेस्टर्स समिट, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और चार ग्राउंडब्रेकिंग समारोहों से यूपी बना देश का सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्य

यूपी दिवस विशेष प्रदेश में निवेश के नए युग का आगाज, एमओयू से ग्राउंड ब्रेकिंग तक ऐतिहासिक प्रगति इन्वेस्टर्स समिट, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और चार ग्राउंडब्रेकिंग समारोहों से यूपी बना देश का सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्य रिकॉर्ड निवेश से औद्योगिक आधार का विस्तार, कारखानों, रोजगार और उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, लेदर, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स हब के जरिए संतुलित क्षेत्रीय विकास राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत समग्र योजना, तेज क्रियान्वयन और जनपद स्तर तक इंटीग्रेशन आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के साथ रक्षा कॉरिडोर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का विस्तार लखनऊ योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बीते पौने नौ वर्षों में विकास की वह यात्रा तय की है, जो वर्ष 2017 से पहले कल्पना से परे थी। एक समय निवेशकों के लिए अविश्वसनीय माना जाने वाला प्रदेश आज देश का सबसे बड़ा निवेश गंतव्य बन चुका है। वर्ष 2018 की पहली इन्वेस्टर्स समिट से लेकर 2023 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तक योगी सरकार ने निवेश को सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि ग्राउंड ब्रेकिंग और क्रियान्वयन के मजबूत मॉडल के जरिए उसे धरातल पर उतारा। प्रदेश में अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली 16 हजार से ज्यादा परियोजनाओं का शिलान्यास हो चुका है, जिनमें से हजारों परियोजनाएं व्यावसायिक रूप से संचालित होकर लाखों युवाओं को रोजगार दे रही हैं।  प्रधानमंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान, डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर नीति, आईटी–आईटीईएस, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में किए गए सुनियोजित प्रयासों ने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की छवि से निकालकर भारत के औद्योगिक विकास का अगुआ बना दिया है। कानून-व्यवस्था, पारदर्शिता और समयबद्ध निर्णयों के साथ योगी सरकार ने यह साबित किया है कि उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं का नहीं, बल्कि संभावनाओं को परिणाम में परिवर्तित करने वाला राज्य है। भरोसे की बहाली से निवेश की बहार तक उत्तर प्रदेश का कायाकल्प वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान कमजोर कानून-व्यवस्था, निवेशकों की उदासीनता और अधूरी परियोजनाओं से जुड़ी थी। उद्योग लगाने में वर्षों लग जाते थे, फाइलें दफ्तरों में अटकी रहती थीं और रोजगार की तलाश में युवा प्रदेश से बाहर पलायन करने को मजबूर थे। इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क और आधुनिक लॉजिस्टिक्स की कमी ने राज्य की अर्थव्यवस्था को जकड़ रखा था। वर्ष 2017 में सत्ता संभालते ही योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले कानून-व्यवस्था, पारदर्शिता और गुड गवर्नेंस को प्राथमिकता दी। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, ‘इन्वेस्ट यूपी’ और ‘निवेश सारथी’ जैसे प्लेटफॉर्म्स ने निवेशकों का भरोसा लौटाया। वर्ष 2018 की इन्वेस्टर्स समिट से शुरू हुई यह यात्रा 2023 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तक ₹45 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों तक पहुंची है और अब भी निरंतर जारी है।  घोषणाओं से आगे ग्राउंड ब्रेकिंग का मॉडल योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि निवेश सिर्फ एमओयू तक सीमित नहीं रहे। अब तक चार ग्राउंडब्रेकिंग समारोहों के जरिए 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली 16,000 से ज्यादा परियोजनाओं का शिलान्यास हो चुका है। इनमें 8,300 से अधिक परियोजनाओं का व्यावसायिक संचालन प्रारंभ हो चुका है, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिला है। योगी सरकार की औद्योगिक नीति ने कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रहने के बजाय सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, लेदर, फूड प्रोसेसिंग, प्लास्टिक, परफ्यूम, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विविध क्षेत्रों को समान रूप से बढ़ावा दिया। पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, मेगा लेदर क्लस्टर, फूड पार्क और फ्लैटेड फैक्ट्री मॉडल ने छोटे-मध्यम निवेशकों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा। आज देश के 65% से अधिक मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं और लखनऊ-नोएडा जैसे शहर उभरते टेक हब बन चुके हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर और गति शक्ति से मिली विकास को रफ्तार प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के साथ उत्तर प्रदेश ने योजना, भूमि उपयोग और परियोजना क्रियान्वयन को एकीकृत किया। एक्सप्रेसवे-आधारित औद्योगिक क्लस्टर, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब, ट्रांस-गंगा सिटी और ग्रेटर नोएडा निवेश क्षेत्र ने राज्य को इंफ्रास्ट्रक्चर-ड्रिवन इकोनॉमी की दिशा में अग्रसर किया। जिला स्तर तक डेटा-आधारित योजना आज उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी है। उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस इंटीग्रेशन सुविधा, अदानी डिफेंस जैसी मेगा यूनिट्स ने राज्य को राष्ट्रीय सुरक्षा उत्पादन का केंद्र बनाया। वहीं डेटा सेंटर नीति, आईटी-आईटीईएस विस्तार और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) के जरिए उत्तर प्रदेश डिजिटल और नॉलेज इकॉनमी का नया हब बन रहा है। यह बदलाव केवल निवेश नहीं, बल्कि भविष्य की नौकरियों और तकनीकी नेतृत्व का आधार है। बुंदेलखंड से पूर्वांचल तक विकास का समावेशी मॉडल बुंदेलखंड, पूर्वांचल व तराई क्षेत्रों में औद्योगिक पार्कों की स्थापना साबित करती है कि योगी सरकार का विकास मॉडल केवल पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं। वर्ष 2017 के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय संतुलन के साथ औद्योगिकीकरण साकार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने यह साबित कर दिया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति, सख्त प्रशासन और स्पष्ट विजन से किसी भी राज्य की तस्वीर बदली जा सकती है। यूपी अब बीते कल की चुनौतियों में नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं में जी रहा है। एक ऐसा प्रदेश, जो भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने को तैयार है।