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रेल ट्रैक धमाके के पीछे खालिस्तानी संगठन का दावा, पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अमृतसर पंजाब के सरहिंद में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट की जिम्मेदारी आतंकी संगठन 'खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स' ने ली है। फोर्स के सरगना रणजीत सिंह नीटा ने हस्ताक्षर वाला एक नोट वायरल हो रहा है। इसमें रणजीत सिंह नीटा ने कहा कि यह तो सिर्फ ट्रेलर था। हम यह विस्फोट पैसेंजर ट्रेन में भी कर सकते थे लेकिन हमारा इरादा किसी का जानी नुकसान करना नहीं है। यह भारत सरकार को एक चेतावनी है। हमारी खालिस्तान की मांग पहले भी थी और आगे भी जारी रहेगी। न ही हम आराम से बैठे हैं और न ही बैठने देंगे। खालिस्तान बनने तक यह संर्घष जारी रहेगा। हमारे एक्शन सरकार की नींद हराम करते रहेंगे। डीआईजी पहुंचे जांच करने, अभी आतंकी हमला मानने से इनकार गणतंत्र दिवस से पहले पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद में रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका हुआ है। आरडीएक्स जैसे विस्फोटक से रेलवे ट्रैक के परखच्चे उड़ गए। इसमें मालगाड़ी के ड्राइवर को चोटें आई हैं। इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। रोपड़ रेंज के डीआईजी नानक सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस और अन्य एजेंसियां जांच कर रही हैं। वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाए जा रहे हैं। बड़ा संपत्ति नुकसान नहीं हुआ और चालक को सिर्फ हल्की चोटें हैं। ट्रैक और गाड़ी को गंभीर क्षति नहीं पहुंची। क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत कर रेल यातायात को बहाल कर दिया गया है। डीआईजी ने फिलहाल इसे आतंकी हमला मानने से इनकार किया। हालांकि उन्होंने कहा कि यह एक आपराधिक गतिविधि लगती है। जांच पूरी होने पर ही साफ होगा। इलाके में नाकेबंदी की गई है और संदिग्धों की तलाश चल रही है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नीटा ने आईएसआई की मदद से किया था खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का गठन आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स की स्थापना रणजीत सिंह नीटा ने की थी। वह जम्मू का मूल निवासी है, लेकिन लंबे समय से पाकिस्तान में रह रहा है। उसने पाकिस्तान में आईएसआई की मदद से खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का गठन किया। इस संगठन का उद्देश्य सिखों को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर उन्हें अपने संगठन में भर्ती करना था। नीटा ने 1980 के दशक में पाकिस्तान में अपने संपर्कों की नींव रख दी थी। उसने जम्मू के सिंबल कैंप, आरएस पुरा और अन्य सिख बहुल इलाकों में अपनी पकड़ बनाई, जहां सिख समुदाय की बड़ी संख्या थी। 1990 के दशक में वह पाकिस्तान चला गया और वहां जाकर खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का गठन किया। उस दौर में इस संगठन ने दिल्ली और पंजाब के बीच चलने वाली बसों और ट्रेनों को निशाना बनाया था। इसके बाद, इसने अपनी रणनीति बदलते हुए धार्मिक नेताओं को भी टारगेट करना शुरू कर दिया। 2009 में इस संगठन ने राष्ट्रीय सिख संगत के प्रमुख रुलदा सिंह की हत्या कर दी, और विएना में संत रामानंद की हत्या में भी इसका हाथ था। साल 2017 के बाद खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने अपनी गतिविधियों को और बढ़ा दिया और पंजाब के कई पुलिस थानों में धमाके किए। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स की मौजूदगी भारत में नहीं, बल्कि इसके सदस्य अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, नेपाल, स्विट्जरलैंड और इटली जैसे देशों में भी मौजूद हैं। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स भारत में पहले से ही प्रतिबंधित है लेकिन इसके सदस्य विदेशों में सक्रिय होकर अपनी साजिशों को अंजाम देने में जुटे हुए हैं।

ट्रेड वॉर का अल्टीमेटम! चीन से समझौते पर कनाडा पर 100 फीसदी टैरिफ की धमकी

वॉशिंगटन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को धमकी दी है कि अगर वह चीन के साथ ट्रेड डील करता है, तो अमेरिका उसके सभी एक्सपोर्ट पर 100 फीसदी टैरिफ लगा देगा। इससे अमेरिका और कनाडा के बीच फिर से तनाव बढ़ गया है। ट्रंप ने इससे पहले रूस से तेल आयात करने को लेकर भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया हुआ है। ट्रंप ने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को गवर्नर कार्नी कहते हुए कहा कि चीन को इलेक्ट्रिक वाहनों का इंपोर्ट बढ़ाने की इजाजत देकर कनाडा ने बहुत बड़ी गलती की है। ट्रंप ने कनाडा का मजाक उड़ाते हुए कहा है कि वह चाहते हैं कि कनाडा अमेरिका का 51वां राज्य बन जाए। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "चीन कनाडा को जिंदा खा जाएगा, उसे पूरी तरह निगल जाएगा, जिसमें उनके बिजनेस, सामाजिक ताना-बाना और आम जीवन शैली का विनाश भी शामिल है। अगर कनाडा चीन के साथ कोई डील करता है, तो अमेरिका में आने वाले सभी कनाडाई सामानों और प्रोडक्ट्स पर तुरंत 100 फीसदी टैरिफ लगा दिया जाएगा।" चीन और कनाडा ने पिछले हफ्ते ट्रेड बाधाओं को कम करने और संबंधों को फिर से बनाने के लिए एक व्यापक समझौते पर सहमति जताई, जो कनाडाई विदेश नीति में एक बड़े बदलाव और ट्रंप के ट्रेड एजेंडा से अलग होने का संकेत है। कार्नी ने कहा कि शुक्रवार को चीनी नेता शी जिनपिंग से मिलने के बाद उन्हें उम्मीद है कि चीन कैनेडियन रेपसीड, जिसे कैनोला भी कहा जाता है, पर टैरिफ कम करेगा। यह आठ साल में किसी कैनेडियन नेता का बीजिंग का पहला दौरा था। इसके साथ ही, कनाडा अपने बाजार में 49,000 चीनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लगभग 6 फीसदी की टैरिफ दर पर आने देगा, जिससे 100 फीसदी सरचार्ज हट जाएगा। कार्नी ने कहा कि चीन कनाडाई लोगों को वीज़ा-फ्री यात्रा की सुविधा भी देगा। डील साइन होने के तुरंत बाद, कैनेडियन नेता ने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में एक तीखा भाषण दिया, जिसमें उन्होंने बड़ी शक्तियों द्वारा जबरदस्ती के खिलाफ चेतावनी दी – जो ट्रंप के नेतृत्व की एक अप्रत्यक्ष निंदा थी।

डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी पर बनने वाली फिल्म, रिलीज डेट और कहानी के बारे में जानें

वाशिंगटन अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप व्हाइट हाउस में एक नई फिल्म की स्क्रीनिंग की मेजबानी करेंगी। फिल्म को 'मेलानिया' नाम दिया गया है। यह उनके जीवन के उन 20 दिनों की डॉक्यूमेंट्री है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के उद्घाटन से ठीक पहले के हैं। उनकी सलाहकार और एजेंट मार्क बेकमैन ने बताया कि यह स्क्रीनिंग राष्ट्रपति, उनके परिवार और करीबी दोस्तों के लिए होगी, जहां वे पहली बार पूरी फिल्म देखेंगे। फिल्म में मेलानिया ट्रंप की निजी जिंदगी, फैशन चॉइस, कूटनीतिक गतिविधियां और सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा व्यवस्था जैसी दुर्लभ झलकियां दिखाई गई हैं। ट्रेलर में उद्घाटन दिवस पर मेलानिया की नेवी रंग की चौड़ी टोपी पहनने की तस्वीर और राष्ट्रपति को उनके उद्घाटन भाषण में शांतिदूत वाली सलाह देने का क्षण भी शामिल है। फिल्म का ग्लोबल रिलीज 30 जनवरी को होगा। यह अमेजन की एमजीएम स्टूडियोज के साथ 40 मिलियन डॉलर के सौदे के तहत बनी है। बेकमैन ने कहा कि यह कोई राजनीतिक फिल्म नहीं है, बल्कि मेलानिया ट्रंप ने खुद इसके क्रिएटिव डायरेक्शन का नेतृत्व किया है। फिल्म में राष्ट्रपति ट्रंप के हास्य पलों को भी जगह दी गई है। फॉलो-अप डॉक्यूमेंट्री सीरीज भी आएगी इसके अलावा, अगले साल एक फॉलो-अप डॉक्यूमेंट्री सीरीज रिलीज होगी। इसे मेलानिया ट्रंप की प्राथमिकताओं जैसे फोस्टर केयर में बच्चों पर केंद्रित रखा जाएगा। व्हाइट हाउस स्क्रीनिंग के बाद, राष्ट्रपति और पहली महिला जॉन एफ. केनेडी सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स में प्रीमियर में शामिल होंगे। फिल्म को प्रमोट करने के लिए मेलानिया ट्रंप न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की ओपनिंग बेल बजाएंगी। यह फिल्म उनके दूसरे कार्यकाल में कम सार्वजनिक उपस्थिति वाली पहली महिला की छवि को नई दिशा देती है। इसमें मेलानिया न केवल फैशन और कूटनीति में सक्रिय दिखती हैं, बल्कि राष्ट्रपति के सलाहकार के रूप में भी काम करती हैं।

बिहार में गुड़ उत्पादन यूनिट लगाने के लिए 1 करोड़ तक सब्सिडी

पटना. सरकार से अनुदान लेकर गुड़ उत्पादन इकाई लगाने के लिए गन्ना उद्योग विभाग में ऑनलाइन आवेदन 25 जनवरी तक जमा कर सकते हैं। रविवार अंतिम दिन है। विदित हो कि राज्य में गन्ना की खेती करने के साथ ही चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की कई योजनाएं चल रही हैं। जिसमें गन्ना की खेती करने के लिए किसानों को अनुदान दिए जा रहे हैं। इसी प्रकार सरकार ने गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम संचालित है। इसमें गुड़ उत्पादन इकाइयों को स्थापित करने लिए गन्ना किसानों एवं निवेशकों को छह लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग ने सातवें चरण में 25 दिसंबर-2025 तक ही ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि निर्धारित किया था। इसके उपरांत तिथि को 25 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। दारोगा के 78 पदों के लिए 27 फरवरी तक आवेदन बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में अवर निरीक्षक मद्य निषेध के 78 पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगलवार से स्वीकार करेगा। आवेदन के लिए लिंक 27 फरवरी तक आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। अभ्यर्थी एक से अधिक आवेदन करते हैं, तो परीक्षा में शामिल होने से वंचित भी हो सकते हैं। एक अगस्त, 2025 तक किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या समकक्ष परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। उम्र की गणना एक अगस्त, 2025 से की जाएगी। विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट https://bpssc.bihar.gov.in/ पर अपलोड है। जेईई-मेन में अब तक 7.70 लाख परीक्षार्थी हुए हैं शामिल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन के जनवरी सेशन की परीक्षा 21 जनवरी से जारी है। बीई-बीटेक के लिए रोजाना दो पालियों में परीक्षा हो रही है। तीसरे दिन एनटीए की ओर से जारी की गई जानकारी के अनुसार 23 जनवरी फर्स्ट शिफ्ट तक पांच पालियों में आठ लाख एक हजार 326 विद्यार्थियों की परीक्षा शिड्यूल जारी की गई थी। इसमें सात लाख 70 हजार 441 विद्यार्थी शामिल हुए। ऐसे में उपस्थिति 96.15 प्रतिशत रही। बड़ी बात है कि परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में आधार कार्ड वैरिफाइड विद्यार्थियों की संख्या सात लाख 40 हजार 412 थी, जो 96.10 प्रतिशत है। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी 2,563 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। अभी बीई-बीटेक के लिए परीक्षा के पांच और शिफ्ट आयोजित की जानी है और एक शिफ्ट बीआर्क के लिए होनी है।

मिट्टी और मानव स्वास्थ्य का आधार है प्राकृतिक खेती: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा जिले की ग्राम पंचायत हरिहरपुर में किसानों को दिये जा रहे प्राकृतिक खेती के नि:शुल्क प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। यहाँ पर प्राकृतिक खेती का मॉडल विकसित कर किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रशिक्षण में उपस्थित किसानों से संवाद किया तथा प्राकृतिक खेती के गुणों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रीवा प्राकृतिक खेती का हब बनेगा। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के साथ ही हिनौती गौधाम में भी प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि संबंधित क्षेत्र के किसान प्रशिक्षण प्राप्त कर प्राकृतिक खेती कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान को अपनी भूमि के कुछ भाग में प्राकृतिक खेती अवश्य करनी चाहिए जो भूमि के स्वास्थ्य के साथ ही स्वयं व परिवार के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हमें अपनी प्राचीन ज्ञान परंपरा को आदत में डालना होगा। रीवा जिले में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्धत है, इसलिए उन्हें सही दिशा में खेती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती उत्पादन के संबंध में गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों में से ही मास्टर ट्रेनर तैयार होंगे जो जिले के अन्य किसानों को प्राकृतिक खेती के संबंध में प्रशिक्षण देंगे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अपने खेत में 4 एकड़ क्षेत्र में गेंहू व एक एकड़ में सब्जी की प्राकृतिक खेती आरंभ की है। उन्होंने खेत में जगपावनी का छिड़काव किया तथा प्रशिक्षण स्थल में गौकृपा अमृत निर्माण की शुरूआत की। प्राकृतिक खेती का ज्ञान जिंदगी व पीढ़ी को बदलने वाला प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे किसान  शिववरण सिंह एवं  विनोद ने बताया कि यह प्रशिक्षण जिंदगी व पीढ़ी को बदलने का प्रशिक्षण है। हम लोग इससे प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि हम प्रशिक्षण प्राप्त कर जिले के किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण में अजगरहा, हरिहरपुर, अगडाल आदि आसपास के गांवों के किसान उपस्थित रहे। हरिरहरपुर में 25 जनवरी तक प्राकृतिक खेती का तीन दिवसीय नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।   रविशंकर की संस्था लिविंग ऑफ आर्ट के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती के लिए भूमि तैयार करने, बीजों के उपचार, केमिकल रहित खाद तथा कीटनाशक बनाने एवं मल्टीलेयर फसल की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण में प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, पंचगव्य जगपावनी, अग्निहोत्र निर्माण, गौकृपा अमृत, अमृत जल/भस्म जल, भस्म खाद, धूम्र चिकित्सा, नीमास्त्र, ब्रहृमास्त्र, आग्नेयास्त्र, ताम्रदही तथा आवर खाद निर्माण की भी जानकारी दी जा रही है। इन सबका निर्माण नाममात्र के खर्च पर गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन जैसे घर में उपलब्ध पदार्थों से किया जाता है।

CM के विदेश में होने से दुमका में रिपब्लिक डे पर उपायुक्त करेंगे ध्वजारोहण

दुमका. झारखंड गठन के बाद से यह परंपरा रही है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री उपराजधानी दुमका में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं, लेकिन इस साल यह परंपरा टूटने जा रही है. इसकी वजह है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विदेश दौरे पर होना. इस वजह से वे 26 जनवरी को दुमका नहीं पहुंच पाएंगे. इधर, संताल परगना प्रमंडल में आयुक्त का पद भी पिछले करीब तीन महीने से खाली है. ऐसे में इस वर्ष दुमका के पुलिस लाइन मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे. फुल ड्रेस रिहर्सल के साथ तैयारियां पूरी गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को पुलिस लाइन मैदान में भव्य परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल कराया गया. रिहर्सल के दौरान डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर अनिकेत सचान और एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने परेड का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. परेड के 15 दस्ते होंगे परेड में शामिल इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में संताल परगना प्रमंडल के सभी छह जिलों से आए कुल 15 दस्ते हिस्सा लेंगे, जो परेड में शामिल भी होंगे. इनमें झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP), आईआरबी, जिला पुलिस बल, स्काउट-गाइड और एनसीसी की टुकड़ियां शामिल हैं. इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से विकास योजनाओं और सरकारी उपलब्धियों को दिखाने वाली कुल 14 आकर्षक झांकियां भी निकाली जाएंगी, जो समारोह का खास आकर्षण का केंद्र होगा. सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह टाइट डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर अनिकेत सचान ने बताया कि मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर हैं और राज्य में निवेश से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, इसलिए इस बार उपायुक्त द्वारा झंडोत्तोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि समारोह से जुड़ी सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. वहीं, एसपी पीताम्बर सिंह खेरवार ने बताया कि सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है. पुलिस लाइन मैदान में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. कार्यक्रम स्थल पर तीन प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जिनमें वीआईपी के लिए अलग गेट निर्धारित गया है. इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अलग-अलग रूट भी फाइनल कर लिए गये हैं.

सिर्फ समारोह नहीं, बदलाव की शुरुआत है बालिका दिवस: मंत्री भूरिया

भोपाल. राष्ट्रीय बालिका दिवस पर झाबुआ में आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री  निर्मला भूरिया ने कहा कि “बेटियों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज और राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा में लाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह दिवस केवल उत्सव का नहीं, बल्कि सोच बदलने और संकल्प लेने का अवसर है।” मंत्री  भूरिया ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने की प्रक्रिया सतत होती है और चुनौतियाँ व्यक्ति को अधिक मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज का वातावरण बालिकाओं के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए बेटियों के लिए सुरक्षित, सकारात्मक और सहयोगी माहौल का निर्माण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि रूढ़िवादी मानसिकता को बदलना समय की आवश्यकता है। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसी योजनाओं से सरकार बेटियों को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर उपलब्ध करा रही है। मंत्री  भूरिया ने जनजातीय समाज में बेटियों को प्राप्त सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी सकारात्मक सोच को पूरे समाज में अपनाने की आवश्यकता है। मंत्री  भूरिया ने बताया कि लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना सहित अनेक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं और महिलाओं को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज बेटियाँ शिक्षा, खेल, तकनीक और रोजगार के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं। मंत्री  भूरिया ने बालिकाओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने, साइबर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से यह संकल्प लेने की अपील की कि हर बेटी को सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर सुनिश्चित किए जाएँ।

धार्मिक स्थल के विकास को मिली रफ्तार, डिप्टी सीएम शुक्ल ने लिया सौंदर्यीकरण कार्य का जायजा

भोपाल. उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के कोठी कम्पाउण्ड रीवा मनकामेश्वर मंदिर में सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि गुणवत्ता के साथ कार्य को समय सीमा में पूर्ण कराएं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्माण कार्य के संबंध में निर्माण एजेंसी को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने भगवान आशुतोष के दर्शन किए।

हिमाचल में बर्फबारी से 550 सड़कें बंद, शिमला का पारा 13 डिग्री लुढ़का

शिमला  हिमाचल प्रदेश में कुदरत का रौद्र और खूबसूरत रूप एक साथ देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों से जारी भारी बर्फबारी ने पूरे प्रदेश को सफेद चादर से ढंक दिया है। राजधानी शिमला के जाखू में जहाँ आधा फीट बर्फ गिरी है, वहीं मशहूर पर्यटन स्थल कुफरी और नारकंडा में 1-1 फीट तक बर्फ जम चुकी है। मनाली, चंबा और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में भी भारी हिमपात दर्ज किया गया है। मौसम के इस मिजाज ने पर्यटकों के चेहरे तो खिला दिए हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और निवासियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। तापमान में भारी गिरावट और ब्लैक-आउट बर्फबारी और बारिश के कारण हिमाचल के तापमान में भारी गिरावट आई है। प्रदेश का अधिकतम तापमान सामान्य से 8 डिग्री नीचे चला गया है, जबकि पिछले 24 घंटों में पारे में करीब 13 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी शिमला में शुक्रवार को 'ब्लैक-आउट' जैसी स्थिति बनी रही, जहाँ शहर के 95 प्रतिशत इलाकों में बिजली गुल रही। वर्तमान में प्रदेशभर में 950 से अधिक बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप हैं, जिससे कड़ाके की ठंड में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यातायात और संपर्क टूटा भारी बर्फबारी के कारण प्रदेश की रफ्तार थम गई है। ठियोग, रोहड़ू, रामपुर और चौपाल सहित अपर शिमला का संपर्क कट गया है। लाहौल-स्पीति, चंबा के भरमौर और पांगी क्षेत्रों में सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। प्रदेशभर में करीब 550 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। खराब मौसम के बीच कई सैलानी रास्तों में फंस गए थे, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर शिमला पहुंचाया है। 27 जनवरी तक राहत के आसार नहीं मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते 27 जनवरी तक बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है। विभाग ने 'कोल्ड-डे' और घने कोहरे के साथ तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ऊंचे पहाड़ी इलाकों में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

रायपुर: स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएं, साधारण जीवन के असाधारण दस्तावेज

रायपुर : स्वर्गीय  विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएं साधारण मनुष्य के असाधारण जीवन का दस्तावेज रायपुर साहित्य उत्सव में  शुक्ल और उनके साहित्य का स्मरण 'स्मृति शेष स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल : साहित्य की खिड़कियां' विषय पर हुई परिचर्चा छत्तीसगढ़ ने बीते 200 वर्षों में हिंदी साहित्य को बार-बार नई दिशा दी, इनमें  शुक्ल भी शामिल : डॉ. सुशील कुमार त्रिवेदी रायपुर   नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित रायपुर साहित्य उत्सव के पहले दिन  देश के शीर्षस्थ साहित्यकार स्वर्गीय  विनोद कुमार शुक्ल और उनके साहित्य का स्मरण किया गया। ‘स्मृति शेष स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल : साहित्य की खिड़कियां’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में साहित्य, प्रशासन, पत्रकारिता और फिल्म से जुड़े वक्ताओं ने  उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर भावपूर्ण संवाद किया। वक्ताओं ने  शुक्ल और उनकी रचनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए उनके साहित्य को मानवीय संवेदना और मौलिक अभिव्यक्ति का अद्वितीय उदाहरण बताया। रायपुर साहित्य उत्सव में  शुक्ल और उनके साहित्य का स्मरण परिचर्चा के प्रथम वक्ता भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं साहित्यकार डॉ. सुशील कुमार त्रिवेदी ने कहा कि वे वर्ष 1973 से लगातार विनोद कुमार शुक्ल से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले 200 वर्षों में हिंदी साहित्य को बार-बार दिशा दी है। ठाकुर जगमोहन सिंह, माधवराव सप्रे, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, मुकुटधर पांडेय से लेकर विनोद कुमार शुक्ल तक की परंपरा ने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है। डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि  शुक्ल ने किसी विचारधारा या कवि का अनुगमन नहीं किया, उनका संपूर्ण लेखन मौलिक है। उनकी रचनाओं में साधारण मनुष्य अपनी पूरी गरिमा और संवेदना के साथ उपस्थित होता है। शोषितों का जीवन, खुद के गढ़े हुए मुहावरे, सरल भाषा और गहरी अनुभूति उनके साहित्य की पहचान है। उनके उपन्यासों में ‘घर’ सबसे खूबसूरत और मानवीय प्रतीक के रूप में उभरता है। नई दिल्ली की युवा कथाकार एवं पत्रकार सु आकांक्षा पारे ने कहा कि कई लोग विनोद कुमार शुक्ल की रचनाओं को दुरूह कहकर खारिज कर देते हैं, लेकिन बहुत से पाठकों को इन्हीं रचनाओं से गहरा और आत्मीय लगाव है। उन्होंने कहा कि  शुक्ल मनुष्यता के पुजारी थे, उनकी रचनाएं मनुष्य को मनुष्य से जोड़ती हैं। जनसंपर्क विभाग के उप संचालक एवं युवा साहित्यकार  सौरभ शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय  विनोद कुमार शुक्ल का साहित्य यह सिखाता है कि सामान्य जीवन जीते हुए भी मनुष्य कैसे खुश रह सकता है। वे बड़े कवि और लेखक तो थे ही, उससे भी बड़े इंसान थे। उन्होंने  शुक्ल के साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा कि उनके साथ बैठना सुकून से भर देता था, समय का पता ही नहीं चलता था। उन्होंने बताया कि ‘स्मृति’ का प्रयोग  शुक्ल के साहित्य में विपुलता से हुआ है। उनकी रचनाएं पाठकों में कौतुक और उत्सुकता जगाती हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं लेखक  अनुभव शर्मा ने कहा कि  विनोद कुमार शुक्ल को पढ़ने के बाद उन्होंने उनके साहित्य को जिया है। उनकी रचनाओं में आए प्रतीक और बिंब हमें अपने आसपास के जीवन में दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि  शुक्ल ने उन्हें भी लिखने के लिए प्रेरित किया। ‘पेड़ों का हरहराना, चिड़ियों का चहचहाना’ जैसे छोटे-छोटे प्रतीक उनकी रचनाओं में हर जगह मिलते हैं। उनकी कथाएं हमारी मिट्टी से उपजे शब्दों में अपनी बात कहती हैं और प्याज की तरह परत-दर-परत खुलती जाती हैं। अभिनेत्री सु टी.जे. भानु ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि साहित्य उन्हें बचपन से संबल देता रहा है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली बार  विनोद कुमार शुक्ल की कविता पढ़ी, तो लगा कि यही वे बातें हैं, जिन्हें वे स्वयं कहना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि वे हर वर्ष 1 जनवरी को  शुक्ल के जन्मदिन पर रायपुर आती थीं और उनसे मिलती थीं। उनकी किताबों में जनमानस की सच्ची और आत्मीय बातें हैं। परिचर्चा की सूत्रधार डॉ. नीलम वर्मा ने समापन करते हुए कहा कि स्वर्गीय  विनोद कुमार शुक्ल के साहित्य की एक नहीं, अनेक खिड़कियां हैं। उनके लेखन में गहरी मानवीय करुणा और संवेदना समाई हुई है। वे किसी एक राज्य या देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी रचनाएं पूरी दुनिया को जोड़ती हैं।