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यूक्रेन में बर्फीली ठंड, माइनस 10 डिग्री तापमान में 12 लाख लोग परेशान, रूसी हमले का असर

कीव  यूक्रेन पर रूस के हमले लगातार और भी घातक होते जा रहे हैं. शनिवार तड़के रूस ने यूक्रेन के एनर्जी सिस्टम पर एक और बड़े पैमाने पर हमला किया, जिससे राजधानी कीव समेत देश के कई हिस्सों में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजीं. इस हमले के बाद पूरे यूक्रेन में करीब 12 लाख संपत्तियां बिजली से वंचित हो गईं, जबकि तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है. यूक्रेन के उप प्रधानमंत्री ओलेक्सी कुलेबा ने बताया कि राजधानी कीव में देर रात तक 3,200 से ज्यादा इमारतों में हीटिंग की व्यवस्था ठप हो गई है. सुबह यह संख्या करीब 6,000 थी, जिसे इमरजेंसी मरम्मत के जरिए कुछ हद तक कम किया गया. उन्होंने कहा कि राजधानी में 160 से ज्यादा आपातकालीन टीमें हीटिंग सिस्टम बहाल करने में जुटी हुई हैं. ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मिहाल ने बताया कि सिर्फ कीव में ही 8 लाख से ज्यादा घरों में अब भी बिजली नहीं है. वहीं, राजधानी के उत्तर में स्थित चेर्निहिव क्षेत्र में करीब 4 लाख लोग अंधेरे में हैं. उन्होंने कहा कि "दुश्मन" के लगातार हमलों के कारण स्थिति को स्थिर करना बेहद मुश्किल हो गया है. यूक्रेन के कई हिस्से में हीटिंग सिस्टम क्षतिग्रस्त इन हमलों का असर आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिख रहा है. पहले से ही कई इलाकों में केंद्रीय हीटिंग सिस्टम क्षतिग्रस्त था, जिससे अपार्टमेंट पहले ही ठंडे हो चुके थे. अब नए हमलों ने हालात और खराब कर दिए हैं. यूक्रेन की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेन्को ने कहा कि रूस ने राजधानी कीव के साथ-साथ देश के उत्तर और पूर्व के चार अन्य क्षेत्रों को भी निशाना बनाया. उन्होंने बताया कि सरकार तेजी से क्षतिग्रस्त बिजली संयंत्रों की मरम्मत कर रही है, बिजली आयात बढ़ाया जा रहा है और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को भी जोड़ा जा रहा है. रूसी हमले में शख्स की मौत, 30 घायल इस बीच कीव के मेयर विताली क्लिच्को ने बताया कि राजधानी में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें से तीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं यूक्रेन के दूसरे बड़े शहर खारकीव में 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है. गौरतलब है कि ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच संयुक्त अरब अमीरात में बातचीत चल रही है. हालांकि दो दिन की वार्ता के बाद भी किसी समझौते के संकेत नहीं मिले हैं और अगले सप्ताह फिर बातचीत होने की संभावना है.

ग्वालियर में कलेक्टर रूचिका चौहान ने आंगनवाड़ी बच्चों को ABCD सिखाने के लिए अपनाया आसान तरीका

ग्वालियर प्रशासनिक सख्ती के साथ संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए ग्वालियर जिला कलेक्टर आईएएस रूचिका चौहान एक अलग ही भूमिका में नजर आईं। शनिवार को वे बिना पूर्व सूचना अपने सरकारी आवास से निकलकर आंगनबाड़ी और स्कूलों के निरीक्षण पर पहुंचीं, जहां उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर टीचर की भूमिका निभाई। आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचते ही कलेक्टर रूचिका चौहान नन्हे बच्चों के बीच घुल-मिल गईं। उन्होंने नर्सरी कक्षा के बच्चों से बातचीत की और बेहद आसान व रोचक तरीके से अंग्रेजी वर्णमाला ABCD लिखना व पहचानना सिखाया। कलेक्टर को इस रूप में देखकर बच्चे भी बेहद खुश नजर आए। शिक्षकों से की सीधी बातचीत निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्कूल में मौजूद शिक्षकों और स्टाफ से पढ़ाई की गुणवत्ता, उपस्थिति और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने शासकीय माध्यमिक विद्यालय दानाओली सहित आसपास के अन्य शैक्षणिक संस्थानों का भी निरीक्षण किया। साफ-सफाई पर दिखाई सख्ती निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर, शौचालय और आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लिया गया। कलेक्टर रूचिका चौहान ने नगर निगम अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि स्कूलों के अंदर और बाहर सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सड़क, गलियों और स्कूल परिसरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर का यह मानवीय और प्रेरणादायक रूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। बच्चों को पढ़ाते हुए उनका यह अंदाज प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिफ्ट होंगे किराए के कमरों वाले आंगनबाड़ी केंद्र

जयपुर. किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को अब पास के सरकारी स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। आंगनबाड़ी में शाला पूर्व शिक्षा लेने वाले बच्चों को आगे उसी स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस दिशा में कवायद शुरू कर दी है। जो केंद्र स्कूलों में शिफ्ट नहीं हो पाएंगे, उनकी पास के स्कूलों से मैपिंग को जाएगी। दूरी का निर्धारण शहरी क्षेत्रों में एक किमी के दायरे में स्थित स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र शिफ्ट होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 500 मीटर के दायरे में स्थित स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र शिफ्ट किए जाएंगे। जयपुर में सबसे अधिक किराए के भवनों में सबसे अधिक आंगनबाड़ी केंद्र जयपुर में चल रहे हैं। जिले में कुल 1078 केंद्र किराए के भवनों में संचालित हैं। स्थिति इतनी खराब है कि कई केंद्र छोटे-छोटे कमरों में चल रहे हैं। इनका कहना है किराए के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को पास के स्कूलों में जोड़ रहे हैं, जिससे स्कूल प्रबंधन की मॉनिटरिंग भी हो सकेगी। वहीं, बच्चों को स्कूल जैसा माहौल भी मिलेगा। 6 वर्ष की आयु पूरी होते ही बच्चे को उसी स्कूल में प्रवेश मिल जाएगा। – वासुदेव मालावत, निदेशक, समेकित बाल विकास सेवाएं

बिहार में 22 जाबांज पुलिस कर्मियों को मैडल और 3 को मिलेगा गैलंट्री अवॉर्ड

पटना. गणतंत्र दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बिहार 22 पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों के लिए पदक की घोषणा की है। तत्कालीन एसपी और वर्तमान डीजी कुंदन कृष्णन समेत तीन को गैलंट्री पदक देने की घोषणा हुई है। दो पुलिस पदाधिकारी को राष्ट्रपति का विशिष्ट पदक जबकि 17 पुलिस पदाधिकारी को सराहनीय सेवा के लिए पदक दिया गया है। जिन तीन पदाधिकारी-कर्मी को गेलेंट्री मेडल मिला है। इनमें डीजी कुंदन कृष्णन, एसआई अर्जुन लाल और सिपाही जितेंद्र सिंह हैं। वहीं, विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक से दो पदाधिकारी सम्मानित हुए हैं। इनमें डीएसपी उमेश लाल रजक और एसआई नवरत्न कुमार शामिल हैं। यह सम्मान राष्ट्रपति द्वारा घोषित किया जाता है और इसे पुलिस सेवा में लंबे समय तक अनुकरणीय कार्य के लिए प्रदान किया जाता है। इस सूची में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर फील्ड में कार्यरत जवानों तक को शामिल किया गया है, जो यह दर्शाता है कि बिहार पुलिस में हर स्तर पर किए गए बेहतर कार्यों को मान्यता दी जा रही है। सम्मानित अधिकारियों में दलजीत सिंह, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), बिहार शामिल हैं। उनके साथ राजीव रंजन द्वितीय, सहायक महानिरीक्षक (एआईजी), और अजय कुमार पांडेय, कमांडेंट, बिहार सरहनीय सेवा पदक मिला है। इसके अलावा डीएसपी शैलेश मिश्रा, सब-इंस्पेक्टर मो. ऐनुल हक, ऋषिकेश कुमार, मनोज कुमार, निक्कू कुमार सिंह, तथा एएसआई नागेंद्र पांडेय को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। वहीं, जमीनी स्तर पर सेवा देने वाले हेड कांस्टेबल संजय कुमार सिंह, सुकड़ा उरांव, धर्मेंद्र कुमार, जवाहर लाल मंडल, उमेश कुमार सिंह, ओम प्रकाश, एमडी रफी और कांस्टेबल मनोज कुमार सिंह को भी मेरिटोरियस सर्विस मेडल प्रदान किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी सम्मानित अधिकारियों और कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे बिहार पुलिस बल के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सम्मान न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। दो CBI अधिकारियों को सम्मान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्रांच, पटना में तैनात दो अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट और सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस मेडल फार मेरिटोरियस सर्विस से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) रूबी चौधरी और हेड कांस्टेबल भोला राय को प्रदान किया गया। दोनों अधिकारियों ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, जटिल मामलों की सफल जांच और संगठन के प्रति अनुकरणीय निष्ठा का परिचय दिया है।

पंचकूला में मां के बॉयफ्रेंड ने बच्चे को अगवा कर मौत के घाट उतारा

पंचकूला. पंचकूला के सेक्टर-12ए स्थित रैली के एक क्रेच से  शनिवार को अगवा हुए मासूम बच्चे का शव देर रात सुखोमाजरी बाईपास पुल के नीचे से एक बोरी में बरामद हुआ है। इस दिल दहला देने वाली वारदात को किसी और ने नहीं, बल्कि बच्चे की मां के ही बायफ्रेंड ने अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपित पिंजौर निवासी अजय को हिरासत में ले लिया है और आज इस पूरी साजिश का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। डेरा बस्सी की रहने वाली लक्ष्मी नाम की महिला का पिंजौर के एक युवक के साथ अफेयर था। 24 जनवरी को लक्ष्मी ने अपने बच्चे को पहली बार सेक्टर-12ए के एक क्रेच में छोड़ा था। लेकिन 11बजे आरोपित युवक पहुंचा और संचालिका को झांसा दिया कि वह बच्चे का पिता है। संचालिका ने मां से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन स्विच ऑफ होने के कारण उसने बिना किसी पहचान के बच्चा आरोपित को सौंप दिया। प्रेमी से मिलने बच्चे को साथ लेकर जाती थी महिला महिला जब भी आपने प्रेमी से मिलने पिंजौर जाती थी, तो अपने बच्चे को साथ ले जाती थी। आरोपित को बच्चे का साथ होना पसंद नहीं था और वह इसे अपने रिश्ते में बाधा मानता था। इसी कारण उसने लक्ष्मी पर दबाव बनाकर बच्चे को क्रेच में दाखिल करवाया था। करीब 15 दिन पहले आरोपित खुद लक्ष्मी के साथ इस क्रेच की रेकी करने गया था। 24 जनवरी को जैसे ही बच्चे का पहला दिन शुरू हुआ, आरोपित ने मौके का फायदा उठाकर उसे अगवा कर लिया। क्रेच से बच्चे को लेकर आरोपित ओटो से पिंजौर की ओर निकल गया। रास्ते में जब मासूम अपनी मां के लिए रोने लगा, तो आरोपित ने गुस्से में आकर उसका गला दबा दिया। हत्या के बाद उसने शव को एक बोरी में भरा और सुखोमाजरी बाईपास पुल के नीचे फेंक कर फरार हो गया।

खालिस्तान संगठन की धमकी- ‘यह एक ट्रेलर, ट्रेन में भी हो सकता था धमाका’

चंडीगढ़/फतेहगढ़ साहिब. सरहिंद में हुए रेल ब्लास्ट की जिम्मेदारी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स नाम के अलगाववादी संगठन ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर ली है। एक लेटर हेड पर गुरमुखी में टाइप एक चिट्ठी पोस्ट की गई है, जिसमें ब्लास्ट की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्र सरकार को चुनौती दी गई है। चिट्ठी के नीचे रणजीत सिंह जम्मू नाम लिखा है और हस्ताक्षर भी है। मूल रूप से जम्मू के रहने वाले रणजीत सिंह ने इस अलगवादी संगठन की शुरुआत आईएसआई की मदद से की थी। इसे साल 2008 में वांछित आतंकवादी घोषित किया गया था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, रणजीत सिंह काफी समय से पाकिस्तान में शरण लिए हुए है। चिट्ठी में क्या लिखा है वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह। आज सरहिंद मालगाड़ी में हुए धमाके की जिम्मेदारी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स लेती है। हम आपको बताना चाहते हैं कि यह धमाका पैसेंजर ट्रेन में भी किया जा सकता था, लेकिन हमारा इरादा किसी को कोई बेवजह नुकसान पहुंचाना नहीं था। यह एक ट्रेलर था, जो हमने खालिस्तान घोषणा की 40वीं सालगिरह पर भारत सरकार को दिखाया और बताया कि खालिस्तान के लिए जंग अभी भी जारी है और जारी रहेगी। हम न चैन से बैठेंगे और न तुम्हें बैठने देंगे, यह लड़ाई खालिस्तान की आजादी तक जारी रहेगी और हमारे एक्शन तुम्हारी नींद खराब करते रहेंगे। शहीदों को प्रणाम खालिस्तान जिंदाबाद गुरु पंथ का दास रणजीत सिंह जम्मू मुख्य सेवादार- खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स बता दें कि सरहिंद क्षेत्र में रेलवे लाइन पर देर रात बड़ा धमाका हुआ था। यह ब्लास्ट फतेहगढ़ सहिब-सरहद रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर दूर फ्रेट कॉरिडोर रेलवे लाइन पर हुआ था। यह घटना रात करीब 11 बजे उस दौरान घटी जब जब एक मालगाड़ी फ्रंट कॉरिडोर रेल लाइन से गुजर रही थी। जानकारी के मुताबिक, यह नई रेलवे लाइन विशेष रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए बनाई गई है। जैसे ही मालगाड़ी का इंजन खानपुर फाटकों के पास पहुंचा, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के कारण रेलवे लाइन का करीब 12 फीट हिस्सा पूरी तरह उड़ गया।

कछुआ अंगूठी पहनने से पहले सावधान! इन राशि वालों को हो सकता है नुकसान

कछुए वाली अंगूठी आजकल एक फैशन बन गई है, लेकिन वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में इसका संबंध सीधे आपकी किस्मत और आर्थिक स्थिति से होता है। कछुए को भगवान विष्णु के 'कूर्म अवतार' का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे धारण करने से पहले कुछ नियमों को जानना बहुत जरूरी है। कछुए वाली अंगूठी पहनने के बड़े फायदे आर्थिक समृद्धि: शास्त्रों के अनुसार, कछुआ धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रिय माना जाता है। इसे पहनने से घर में बरकत आती है और धन के नए स्रोत खुलते हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कछुआ धैर्य और शांति का प्रतीक है। इसे धारण करने से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है और मानसिक तनाव कम होता है। सकारात्मक ऊर्जा: यह अंगूठी नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर जीवन में सकारात्मकता और सुख-शांति लाती है। किस धातु में पहनें अंगूठी? धातु का चुनाव आपकी राशि और इसके प्रभाव को तय करता है: चांदी : वास्तु शास्त्र के अनुसार, कछुए की अंगूठी के लिए चांदी सबसे उत्तम धातु मानी जाती है। यह मन को शांत रखती है और शुभ फल देती है। सोना या तांबा: अगर आपकी कुंडली अनुमति देती है, तो आप इसे सोने या तांबे में भी बनवा सकते हैं, लेकिन चांदी को सबसे प्रभावशाली माना गया है। पहनने की सही दिशा और तरीका कछुए का मुख: अंगूठी पहनते समय ध्यान दें कि कछुए का मुख हमेशा पहनने वाले की तरफ (अंदर की ओर) होना चाहिए। इससे धन आपकी ओर आकर्षित होता है। मुख बाहर की ओर होने से धन व्यय होने की संभावना रहती है।  

पेंड्रा में प्रेमी संग भागी विधवा महिला, को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया

पेंड्रा. जिले से हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। खोडरी चौकी क्षेत्र के रानीझाप गांव में एक गंभीर और सनसनीखेज घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, एक विधवा महिला को कथित तौर पर अर्ध नग्न कर गांव में घुमाया गया। यह घटना तब हुई जब महिला शादीशुदा एक पुरुष के साथ भागी थी। दरअसल, पेंड्रा के रानीझाप गांव में एक विधवा महिला को निर्वस्त्र कर पीटा गया। महिला लगभग तीन महीने पहले एक शादीशुदा व्यक्ति के साथ भाग गई थी। गांव लौटने पर उस व्यक्ति के परिजनों ने महिला के साथ यह बर्ताव किया। ग्रामीणों और महिला के परिजनों ने उसे बचाया और पुलिस को सूचना दी। यह घटना खोडरी चौकी अंतर्गत ग्राम रानीझाप में शनिवार सुबह करीब 10 बजे हुई। 35 वर्षीय पीड़ित महिला लगभग एक साल पहले अपने पति के निधन के बाद विधवा हो गई थी। उसका गांव के ही 35 वर्षीय शादीशुदा व्यक्ति हरि प्रसाद राठौर से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों 29 अक्टूबर को घर से भाग गए थे और मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ग्राम मालाचुवा में रह रहे थे। शुक्रवार को जब वे गांव वापस लौटे, तो विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद महिला और हरि प्रसाद के परिजन खोडरी चौकी पहुंचे थे। चौकी में महिला ने हरि प्रसाद के साथ रहने की इच्छा जताई, जिसके बाद सभी अपने गांव रानीझाप लौट आए। हरि प्रसाद और महिला को गांव के भुल्लन गोंड़ ने शुक्रवार रात को अपने घर में शरण दी थी। शनिवार सुबह करीब 10 बजे हरि प्रसाद की पत्नी सरोज राठौर, भाई मनोज और यशोदा राठौर सहित अन्य लोग इकट्ठा हुए। उन्होंने महिला को पीटना शुरू कर दिया, उसे निर्वस्त्र किया और पूरे गांव में घुमाया। हमलावरों ने महिला पर गोबर भी पोता और उसे पीटते हुए गांव के मुख्य मार्ग पर स्थित काली मंदिर तक ले गए। इसके बाद पीड़ित महिला के परिजनों और ग्रामीणों, जिनमें अमर सिंह धुर्वे और दशरथ विश्वकर्मा शामिल थे, ने उसे बचाया। उन्होंने महिला को कपड़े पहनाए और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस गांव पहुंची और घायल महिला को अपने साथ ले गई। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।  

मन की बात में पीएम मोदी ने कहा, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज माह के आखिरी रविवार को मन की बात कर रहे हैं. यह संस्करण इस साल का पहला है. इस दौरान उन्होंने कहा, 'यह साल 2026 की पहली 'मन की बात' है. कल, 26 जनवरी को हम अपना गणतंत्र दिवस मनाएंगे. हमारा संविधान इसी दिन लागू हुआ था. यह दिन, 26 जनवरी, हमें हमारे संविधान बनाने वालों को श्रद्धांजलि देने का मौका देता है.' पीएम मोदी ने कहा, 'जैसे हम जन्मदिन मनाते हैं और विश करते हैं, वैसे ही जब भी कोई नौजवान पहली बार वोटर बने, तो पूरे मोहल्ले, गांव या शहर को एक साथ आकर उन्हें बधाई देनी चाहिए और मिठाई बांटनी चाहिए. इससे वोटिंग के बारे में अवेयरनेस बढ़ेगी और यह एहसास और मजबूत होगा कि वोटर होना कितना जरूरी है.' स्टार्ट-अप से जुड़े युवाओं को पीएम मोदी का सलाम उन्होंने आगे कहा, 'एआई, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी, आप नाम लीजिए, और आपको उस सेक्टर में कोई न कोई इंडियन स्टार्ट-अप काम करता हुआ मिल जाएगा. मैं अपने उन सभी युवा दोस्तों को सलाम करता हूं जो किसी न किसी स्टार्ट-अप से जुड़े हैं, या अपना खुद का स्टार्ट-अप शुरू करना चाहते हैं. आइए हम जो कुछ भी बनाते हैं उसकी क्वालिटी को बेहतर बनाने का संकल्प लें. चाहे वह हमारा टेक्सटाइल हो, टेक्नोलॉजी हो, इलेक्ट्रॉनिक्स हो, या पैकेजिंग हो, इंडियन प्रोडक्ट का मतलब 'टॉप क्वालिटी' होना चाहिए. आइए हम एक्सीलेंस को अपना बेंचमार्क बनाएं.' भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बना मन की बात के 130वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, 'आजकल मैं सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प ट्रेंड देख रहा हूँ. लोग साल 2016 की अपनी यादें ताजा कर रहे हैं. इसी भावना के साथ, आज मैं भी अपनी एक याद आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ. दस साल पहले, जनवरी 2016 में, हमने एक बड़ा सफर शुरू किया था. हमें तब एहसास हुआ था कि भले ही यह छोटा हो, लेकिन यह देश के भविष्य और युवा पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है. आज, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन गया है. ये स्टार्ट-अप लीक से हटकर है. वे ऐसे सेक्टर में काम कर रहे हैं जिनके बारे में 10 साल पहले सोचा भी नहीं जा सकता था.' कोशिशों से फिर से जीवित हुई नदी पीएम मोदी ने प्रदूषण का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा,'तमसा नदी, जो अयोध्या से होकर गंगा में मिलती है, कभी इस इलाके के लोगों के लिए जीवन की धुरी थी लेकिन, प्रदूषण की वजह से इसका बिना रुकावट वाला बहाव रुक गया था. यहां के लोगों ने इसे नया जीवन देने के लिए एक कैंपेन शुरू किया और सभी की कोशिशों से नदी फिर से जिंदा हो गई.' आंध्र में जिंदा हुए 10 से अधिक तालाब प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'आंध्र प्रदेश का अनंतपुर एक ऐसा इलाका है जो बहुत ज्यादा सूखे से जूझ रहा है. यहां की मिट्टी लाल और रेतीली है, जिसकी वजह से लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है. यहां (अनंतपुर) कई इलाकों में लंबे समय तक बारिश नहीं होती है. इस समस्या को दूर करने के लिए, स्थानीय लोगों ने तालाबों को साफ करने का फैसला किया. प्रशासन की मदद से, 'अनंत नीरू संरक्षणम प्रोजेक्ट' शुरू किया गया. 10 से ज्यादा तालाबों को फिर से जिंदा किया गया है. साथ ही, 7000 से ज़्यादा पेड़ लगाए गए हैं.' जेन जी में 'भजन क्लबिंग' पॉपुलर पीएम मोदी ने कहा, 'भजन और कीर्तन सदियों से हमारी संस्कृति की आत्मा रहे हैं. आज के युवाओं ने भक्ति की भावना को अपने अनुभवों और लाइफस्टाइल में शामिल कर लिया है. देश भर के अलग-अलग शहरों में बड़ी संख्या में युवा इकट्ठा हो रहे हैं. स्टेज सजा हुआ है. पूरी धूमधाम है, और माहौल किसी कॉन्सर्ट से कम नहीं है लेकिन वहां जो गाया जा रहा है वह भजन है. इस ट्रेंड को आजकल 'भजन क्लबिंग' कहा जा रहा है, और यह खासकर Gen Z के बीच तेजी से पॉपुलर हो रहा है.' मलेशिया में भारतीय पर जोर मोदी ने कहा, 'भारतीय त्योहार दुनिया के हर कोने में बड़े जोश और खुशी के साथ मनाए जाते हैं. भारतीय मूल के हमारे भाई-बहन, हर तरह की सांस्कृतिक चमक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. मलेशिया में हमारी भारतीय कम्युनिटी भी इस मामले में बहुत अच्छा काम कर रही है. मलेशिया में 500 से अधिक तमिल स्कूल हैं. तमिल भाषा पढ़ाने के अलावा, दूसरे सब्जेक्ट भी तमिल में पढ़ाए जाते हैं. इसके अलावा, तेलुगु और पंजाबी के साथ-साथ दूसरी भारतीय भाषाओं पर भी बहुत ध्यान दिया जाता है. भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने में एक सोसाइटी का बड़ा रोल है. इसका नाम है 'मलेशिया इंडिया हेरिटेज सोसाइटी'. पिछले महीने, मलेशिया में 'लाल पाद साड़ी' आइकॉनिक वॉक ऑर्गनाइज की गई थी. इस साड़ी का हमारे बंगाल के कल्चर से एक खास कनेक्शन रहा है. इस इवेंट ने सबसे ज्यादा लोगों द्वारा यह साड़ी पहनने का रिकॉर्ड बनाया, जिसे मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया.' चांदनकी गांव की अनोखी कम्युनिटी किचन पीएम मोदी ने कहा, 'गुजरात के बेहराजी में चांदनकी गांव की परंपरा अनोखी है. यहां के लोग, खासकर बुजुर्ग, अपने घरों में खाना नहीं बनाते हैं. इसकी वजह गांव का शानदार कम्युनिटी किचन है. पूरे गांव के लिए खाना इसी कम्युनिटी किचन में बनता है, और लोग एक साथ बैठकर खाते हैं. यह परंपरा पिछले 15 सालों से चली आ रही है. यह पहल न सिर्फ लोगों को जोड़ती है, बल्कि परिवार की भावना भी बढ़ाती है.'

पाकिस्तान स्क्वॉड का ऐलान, बाबर आजम पर तरस खा रहे फैंस! वर्ल्ड कप से स्टार तेज गेंदबाज ड्रॉप

नई दिल्ली पाकिस्तान ने रविवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपने स्कॉड का ऐलान कर दिया। सलमान आगा 15 सदस्यीय टीम की कमान संभालेंगे। खराब फॉर्म के बावजूद अनुभवी बल्लेबाज बाबर आजम को स्कॉड में शामिल किया गया है। वह हाल ही में टी20 क्रिकेट में खराब फॉर्म से जूझते हुए नजर आए। स्टार पेसर हारिस रऊफ और विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान को ड्रॉप कर दिया गया। बाबर की तरह रिजवान भी ऑस्ट्रेलिया मे बिग बैश लीग (बीबीएल) में फ्लॉप रहे थे।   भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होना वाला टी20 वर्ल्ड कप सात फरवरी से शुरू होगा। पाकिस्तान टीम अपने सभी मैच श्रीलंका की सरजमीं पर खेलेगी। 2009 सबसे छोटे फॉर्मेट का वर्ल्ड कप जीतने वाली पाकिस्तान टीम ग्रुप ए का हिस्सा है, जिसमें डिफेंडिंग चैंपियन भारत, नीदरलैंड्स, अमेरिका और नामीबिया है। पाकिस्तान सात फरवरी को पहले मैच में नीदरलैंड्स से भिड़ेगा। वहीं, पाकिस्तान और भारत के बीच हाई वोल्टेज मैच 15 फरवरी को कोलंबो में होगा। हारिस रऊफ की गैरमौजूदगी में शाहीन शाह अफरीदी और नसीम शाह और मोहम्मद वसीम जूनियर पर तेज गेंदबाजी का दारोमदार होगा। स्पिन विभाग का जिम्मा अबरार अहमद के कंधों पर होगा। शादाब खान अहम भूमिका निभाएंगे। स्क्वॉड में शादाब समेत फहीम अशरफ और मोहम्मद नवाज जैसे ऑलराउंडर हैं। बाबर के अलावा फखर जमान, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब और सलमान आगामी टूर्नामेंट में पाकिस्तान के मुख्य बल्लेबाज होंगे। उस्मान खान को बैकअप विकेटकीपर हैं। पाकिस्तान ने लगभग वैसी ही चुनी है, जो 29 जनवरी से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20I सीरीज खेलेगी। टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में सिर्फ सलमान मिर्जा का नाम नहीं है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चीफ मोहसिन नकवी ने शनिवार को अपनी टीम के टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पर सस्पेंस बढ़ दिया था। उन्होंने बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप से हटने के बाद कहा कि पाकिस्तान टीम की भागीदारी पर अंतिम फैसला देश की सरकार करेगी। बता दें कि बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत की यात्रा से इनकार कर दिया था, जिसके बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। टी20 वर्ल्ड 2026 के लिए पाकिस्तान का स्कॉड: सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमान, ख्वाजा मोहम्मद नफे (विकेट कीपर), मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान मिर्जा, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान (विकेटकीपर), सैम अयूब, शाहीन शाह अफरीदी, शादाब खान, उस्मान खान, उस्मान तारिक।