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सेना के बाज-डॉग्स की ताकत, कैप्टन हर्षिता के नेतृत्व में होगी विशेष परेड

भोपाल  मध्य प्रदेश के राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार एक अलग ही नजारा देखने को मिलेगा. कर्तव्य पथ पर जांस्कर पोनी, बैक्ट्रियन ऊंट, रैप्टर्स यानी (बाज) और आर्मी डॉग्स कदमताल करते दिखाई देंगे. उनकी कमान भोपाल की कैप्टन हर्षिता राघव के हाथों में होगी. हर्षिता इस साल रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्म्स के कंटिंजेंट की कमांडर हैं और सेना के जानवरों की इस विशेष टुकड़ी का नेतृत्व कर रही हैं. बाज और आर्मी डॉग्स करेंगे कदमताल मध्य प्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा. मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर होगा. जहां मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. इस बार गणतंत्र दिवस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बाज और आर्मी डॉग्स कदमताल करते दिखाई देंगे. जिसकी कमान भोपाल की कैप्टन हर्षिता राघव के हाथ होगी. दुर्गम क्षेत्र में सेवा देती है RVC आरवीसी (रिमाउंट एंड वेटरनरी कोर) भारतीय सेना की वह विशिष्ट शाखा है, जो सेना में उपयोग होने वाले जानवरों के प्रशिक्षण, ट्रेनिंग स्वास्थ्य देखभाल और ऑपरेशनल तैयारियों की जिम्मेदारी संभालती है. यह कोर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों- जैसे ऊंचे पहाड़, रेगिस्तानी इलाके और दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रो में सेना की ताकत को मजबूती देता है. सेना की इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए वे आरवीसी में महिला अफसरों की शुरुआती बैच का हिस्सा हैं. इस कोर में महिला का नेतृत्व अपने आप में अहम माना जा रहा है. कैप्टन हर्षिता राघव करेंगी नेतृत्व कैप्टन हर्षिता राघव ने बताया कि "मैं अपने परिवार की दूसरी पीढ़ी की अधिकारी हूं. पिता वायुसेना में सेवा दे चुके हैं. इस बार आरवीसी कंटिंजेंट को खासतौर पर क्यूरेट किया गया है. ये जानवर भी भारतीय सेना के सिपाही हैं. ये हमारे साइलेंट वॉरियर्स हैं. सेना में ये जानवर रसद ढोने, गश्त, निगरानी और खोज-बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं." वहीं एसएएफ के कमांडेंट हितेश चौधरी ने कहा कि "ये देश और मध्य प्रदेश के लिए बड़े गर्व की बात है कि एक महिला कैप्टन पहली बार बाज और आर्मी डॉग्स का नेतृत्व कार रही है. इससे आम महिलाओं में भी आत्मविश्वास बढ़ेगा और महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का अनुभव कर सकेंगी. सेना के जानवर पहले भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा रहे हैं, पर इस बार उन्हें एक संगठित और विशेष रूप से तैयार किए गए कंटिंजेंट के तौर पर पेश किया जा रहा है.

राजसमंद में 29 करोड़ से बनेगा 100 बेड का उप जिला अस्पताल

राजसमंद. जिले के भीम उपखंड मुख्यालय में चिकित्सा सुविधाओं को नई ऊंचाई देने वाला उप जिला चिकित्सालय एवं मातृ-शिशु चिकित्सा इकाई भवन 29 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। दोनों परियोजनाओं के इस वर्ष जून तक पूर्ण होने की उम्मीद है। राज्य सरकार की ओर से नये वर्ष की शुरुआत में ही यह खबर भीम सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। भीम से लगभग 100 किलोमीटर की परिधि में स्थित भीलवाड़ा और ब्यावर जिले के टॉडगढ़, रायपुर, बदनोर, करेड़ा और आसींद क्षेत्रों की लाखों की आबादी को इन दोनों अत्याधुनिक चिकित्सा भवनों से बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। NHM और डीएमएफ फंड से मिली 2 बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाएं भारत सरकार के नेशनल हेल्थ मिशन एवं डिस्ट्रिक मिनरल फंड ट्रस्ट के बजट से भीम को कुल दो अत्याधुनिक चिकित्सा भवन मिलने जा रहे हैं। इससे क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत आधार मिलेगा और गंभीर रोगियों को बड़े शहरों की ओर रेफर करने की मजबूरी कम होगी। एनएचएम के ठेकेदार कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज सागर पंवार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 29 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन 100 बेड का उप जिला चिकित्सालय भवन लगभग अंतिम दौर में है। आगामी वर्ष में यह भवन आमजन के लिए पूरी तरह उपलब्ध हो जाएगा। यह पूरा भवन चिकित्सा विभाग द्वारा एनएचएम प्रोजेक्ट के अंतर्गत निर्मित किया जा रहा है। मरीजों को ये मिलेंगी सुविधाएं 10 आधुनिक इनडोर वार्ड सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे एवं सोनोग्राफी लाल, पीला और हरा जोन आधारित आपातकालीन व्यवस्था एचडीयू कम आईसीयू एवं आइसोलेशन यूनिट इमरजेंसी ऑपरेशन थियेटर बहिरंग रोगी विभाग (ओपीडी) 50 बेड की मातृ-शिशु गहन चिकित्सा इकाई भी तैयार डिस्ट्रिक मिनरल फंड ट्रस्ट के माध्यम से पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा स्वीकृत 50 बेड की मातृ एवं शिशु गहन चिकित्सा इकाई का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है। यह भवन भी आगामी वर्ष में आमजन को समर्पित होने की उम्मीद है। इससे 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित तीन जिलों की प्रसूता एवं धात्री महिलाओं के साथ-साथ नवजात शिशुओं को उन्नत चिकित्सा सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकेंगी। एमसीएच विंग में मिलेंगी ये सुविधाएं 5 अत्याधुनिक वार्ड शिशु रोग एवं स्त्री रोग के अलग-अलग ओपीडीअल्ट्रासाउंड सुविधा एचडीयू एवं प्रयोगशाला8 लेबर रूम ऑपरेशन थियेटरएसएनसीयू काउंसलिंग सेंटर एवं पोस्ट ऑपरेशन थियेटर

स्कंद षष्ठी की रात दीपदान का चमत्कार, इन जगहों पर जलाने से पूरी होंगी मनोकामनाएं

हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी का व्रत भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। वर्ष 2026 में स्कंद षष्ठी का विशेष महत्व है क्योंकि यह दिन शत्रुओं पर विजय, संतान सुख और जीवन की बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, स्कंद षष्ठी की रात को कुछ विशेष स्थानों पर दीपक प्रज्वलित करने से न केवल भगवान कार्तिकेय प्रसन्न होते हैं, बल्कि भक्तों को चमत्कारी लाभ भी प्राप्त होते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं दीप दान का महत्व। रात में इन 5 जगहों पर जलाएं दीपक: घर के मुख्य द्वार पर घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर घी या तेल का दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। भगवान कार्तिकेय देव सेनापति हैं इसलिए द्वार पर दीप जलाने से वे आपके घर की शत्रुओं और बुरी नजर से रक्षा करते हैं। भगवान कार्तिकेय या शिव प्रतिमा के समक्ष अपने घर के मंदिर में भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा के सामने छह मुखी दीपक जलाएं। चूंकि कार्तिकेय जी के छह मुख हैं इसलिए छह बत्तियों का दीपक उनकी शक्ति का संचार करता है। इससे ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है। पीपल या बरगद के पेड़ के नीचे स्कंद षष्ठी की शाम को किसी पुराने पीपल या बरगद के पेड़ के नीचे दीपक जलाना अत्यंत फलदायी है। यह स्थान देवताओं का वास माना जाता है। यहाँ दीप दान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यदि आप शत्रुओं से परेशान हैं या कानूनी विवादों में फंसे हैं, तो रात के समय घर के दक्षिण भाग में एक सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दक्षिण दिशा मंगल ग्रह और यम की दिशा मानी जाती है। भगवान कार्तिकेय मंगल के अधिपति देव हैं, अतः यहाँ दीप जलाने से साहस और विजय की प्राप्ति होती है।  तुलसी के पौधे के पास तुलसी के पास घी का दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है। स्कंद षष्ठी पर ऐसा करने से पारिवारिक कलह समाप्त होते हैं और घर में सकारात्मकता का प्रवाह बढ़ता है।

IG अनूप बिरथरे समेत झारखंड के 12 पुलिसकर्मियों को मिला पदक

रांची. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस के मौके पर मिलने वाले तीन श्रेणी के पदकों की घोषणा रविवार को कर दी है। इन पदकों में पुलिस वीरता पदक, राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक व सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। झारखंड के खाते में इस बार एक भी वीरता पदक नहीं नहीं आया है। इस बार झारखंड के खाते में कुल 12 पदक आए हैं। इनमें एक अधिकारी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक व 11 अधिकारियों-जवानों को सराहनीय सेवा पदक मिले हैं। इनमें झारखंड जगुआर में पदस्थापित डीएसपी सुधीर कुमार को विशिष्ट सेवा पदक मिला है। सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में दो वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी शामिल हैं, जिनमें आइजी झारखंड जगुआर अनूप बिरथरे व आइजी प्रोविजन पटेल मयूर कन्हैयालाल सहित 11 पदाधिकारी-जवान शामिल हैं। ये पदक आने वाले 15 अगस्त या अगले साल 26 जनवरी को रांची के मोरहाबादी मैदान में राज्यपाल या मुख्यमंत्री के हाथों सभी संबंधित अधिकारियों को दिए जाएंगे। जानें क्या है राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा व सराहनीय सेवा पदक? विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक वेसे पुलिस पदाधिकारी-जवान को दिया जाता है, जिनकी सेवा 25 साल शानदार व बेदाग रही है। वहीं, सराहनीय सेवा पदक वैसे अधिकारियों-जवानों को दिया जाता है, जिन्होंने पुलिस विभाग में अपनी 18 साल की सेवा पूरी कर ली होती है। उनका सेवा काल बेदाग रहा हो। इन्हें मिला है विशिष्ट सेवा पदक डीएसपी सुधीर कुमार, डीएसपी, झारखंड जगुआर (एसटीएफ) झारखंड, रांची। इन्हें मिला है सराहनीय सेवा पदक आइपीएस अनूप बिरथरे, आइजी, झारखंड जगुआर (एसटीएफ), झारखंड। आइपीएस पटेल मयूर कन्हैयालाल, आइजी, प्रोविजन। संजय कुमार, डीएसपी, झारखंड पुलिस। कृष्ण कुमार छेत्री, हवलदार, झारखंड। अरुण कुमार ओझा, हवलदार, झारखंड। मारकुस सुनवार, हवलदार, झारखंड। जयदेव प्रधान, सिपाही, झारखंड। जेनेत मारग्रेट लकड़ा, सिपाही, झारखंड। कुमुदनी कुजूर, सिपाही, झारखंड। सुफल ओड़ेया, सिपाही, झारखंड। मोहम्मद वसीम अख्तर, सिपाही, झारखंड।

छतरपुर कोर्ट में गुटखा थूकने पर BJP पार्षद समेत तीन पर भारी जुर्माना, जज ने दी सख्त चेतावनी

छतरपुर  अपने वार्ड, शहर सहित देश-प्रदेश में साफ और स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी उठाने वाले जनप्रतिनिधि ही जब सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने लगे तो आम लोग क्या सबक लेंगे. भरी अदालत में भाजपा के पार्षद सहित 3 लोगों ने गुटखा खाकर थूका तो जज से पार्षद सहित तीनों पर 5-500 रुपये का जुर्माना ठोक दिया. जुर्माने की बात सुनते ही अदालत परिसर में मामला चर्चा का विषय बन गया. स्वच्छता अभियान की उड़ी धज्जियां PM मोदी देश में स्वछता अभियान चलाते हैं, लेकिन उनके ही जनप्रतिनिधि जब उस अभियान की धज्जियां उठाने लगे तो आम जनता पर क्या असर पडेगा. मामला छतरपुर जिला अदालत परिसर का है. जब एक भाजपा पार्षद सहित 3 लोगों ने परिसर में गुटका खाकर थूक दिया. मामले की जानकारी जिला अदालत के जज अरविंद सिंह गुर्जर को लगी तो उन्होंने घटना को गंभीरता से लेते हुए भाजपा पार्षद सहित तीन लोगों पर कार्यवाही कर दी. कोर्ट में थूकने पर पार्षद सहित तीन पर जुर्माना जिला न्यायालय परिसर की गरिमा एवं स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से जिला रजिस्ट्रार जज अरविंद सिंह गुर्जर लगातार देख रेख बनाये रखते हैं. न्यायालय परिसर में गुटखा सेवन कर थूकने तथा न्यायालय की सार्वजनिक संपत्ति को गंदा करने के मामले में तीन व्यक्तियों को दोषी पाया गया. जिनके विरुद्ध 500-500 रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया. जिनमें भाजपा पार्षद बिलाल खान, शानू शाह और जितेन्द्र कुशवाहा शामिल हैं. स्वच्छता को लेकर सीरियस हैं जज साहब जज अरविन्द्र सिंह गुर्जर ने कार्यवाही तब की जब वह अधिवक्ता जितेन्द्र मांगली, राजा भदौरिया सहित अन्य अधिवक्तागण के साथ न्यायालय परिसर का निरीक्षण कर रहे थे. तभी उनके सामने भाजपा पार्षद सहित तीन लोगों ने परिसर में थूंक कर गंदगी फैला दी. तभी जज ने तीनों पर 500-500 रुपए के जुर्माने की कार्यवाही कर दी. न्यायालय प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि न्यायालय परिसर एक गरिमामय सार्वजनिक स्थल है. जहां स्वच्छता, अनुशासन एवं मर्यादा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं कानूनी दायित्व है. परिसर में गंदगी फैलाने अथवा अनुशासन भंग करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी. वही इससे पहले 18 सितंवर 2025 में भी जज अरविन्द्र सिंह गुर्जर 3 लोगों पर इसी तरह की कार्यवाही की थी. गंदगी करने वालों को मिलेगी सजा मामले में जब छतरपुर बार संघ अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया, ''अभी कुछ दिनों पहले अदालत परिसर की साफ सफाई की गई थी. जो भी पक्षकार आ रहे हैं वह जगह-जगह थूक रहे हैं. आज तीन लोगों पर जज अरविन्द्र गुर्जर ने जुर्माना लगाया है. अगर फिर भी लोग नहीं मानते हैं तो सजा के प्रावधान के लिए जज साहब से कहेंगे.''

संघ प्रमुख मोहन भागवत गणतंत्र दिवस पर झंडोत्तोलन करने मुजफ्फरपुर पहुंचे

मुजफ्फरपुर. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत बिहार दौरे के क्रम में रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे। उत्तर बिहार के प्रांत कार्यालय मधुकर निकेतन, आलमबाग चौक पहुंचने पर उन्होंने अल्पाहार ग्रहण किया। इसके बाद वह मुजफ्फरपुर-दरभंगा फोरलेन पर गडहां स्थित ब्लू डायमंड रिसोर्ट में आयोजित संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे। संघ प्रमुख के आगमन को लेकर कलमबाग क्षेत्र सहित कार्यक्रम स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में संघ कार्यकर्ता और पदाधिकारी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच रहे हैं। दो दिवसीय प्रवास के दौरान मोहन भागवत 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर मधुकर निकेतन परिसर में सुबह नौ बजे झंडोत्तोलन करेंगे। इसके बाद वह खंड से लेकर प्रांत स्तर तक के संघ पदाधिकारियों के साथ संवाद करेंगे। संघ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पहले दिन वह सामाजिक सद्भाव गोष्ठी सह संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान समाज परिवर्तन में सज्जन शक्ति की भूमिका पर अपना उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों से प्रतिनिधि शामिल होंगे। आरएसएस से बाल स्वयंसेवक के रूप में जुड़े 75 वर्षीय अधिवक्ता गौरीशंकर प्रसाद उर्फ गौरी बाबू ने बताया कि यह पहला अवसर है, जब कोई सरसंघचालक गणतंत्र दिवस के दिन मुजफ्फरपुर में संघ कार्यालय परिसर में झंडोत्तोलन करेंगे। उन्होंने बताया कि संघ के दूसरे सरसंघचालक गुरुजी माधवराव सदाशिव गोलवलकर सहित बाद के लगभग सभी सरसंघचालक मुजफ्फरपुर आए हैं, लेकिन इस विशेष अवसर पर झंडोत्तोलन और संबोधन का यह पहला मौका है। संवाद कार्यक्रम स्थल पर उत्तर बिहार प्रांत के विभिन्न जिलों से पहुंचे स्वयंसेवकों और प्रतिनिधियों का रजिस्ट्रेशन जारी है। प्रवेश से पहले सभी आगंतुक अपना निबंधन करा रहे हैं। परिसर में अल्पाहार की समुचित व्यवस्था की गई है, जहां लोग भोजन कर रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर संघ साहित्य बिक्री केंद्र पर भी भारी भीड़ देखी जा रही है। साहित्य में रुचि रखने वाले स्वयंसेवक और कार्यकर्ता वहां जुटे हुए हैं।इसी बीच सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए डॉग स्क्वायड की टीम ने परिसर में पहुंचकर सघन जांच शुरू कर दी है। पूरे परिसर की गहन तलाशी ली जा रही है। उत्तर बिहार प्रांत कार्यालय के सभी प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता व्यवस्था संभालने में जुटे हुए हैं। बिना पहचान पत्र या प्रवेश कार्ड के किसी को भी अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। केवल आमंत्रण पत्र प्राप्त लोगों को ही कार्यक्रम स्थल में प्रवेश दिया जा रहा है।

सावधान! प्रेमानंद महाराज ने बताए सुख-शांति छीनने वाले 7 कारण, पांचवीं आदत हर कोई करता है

रोजमर्रा की जिंदगी में हम अक्सर ऐसी गलतियां कर रहे होते हैं जो हमें नैतिक शिक्षा में भी सिखाया जाता है। अब प्रेमानंद महाराज ने इनका स्पिरिचुअल एंगल भी बताया है और कहा कि ये गलतियां करने से इंसान के पुण्य नष्ट होते हैं। ये आदतें नष्ट कर सकती हैं जीवन की शांति प्रेमानंद महाराज के सत्संग कई लोगों को जीने की राह देते हैं। वह लोगों को धर्म के रास्ते पर चलने की सीख देते हैं ताकि जीवन आसानी से पार हो जाए। उन्होंने अपने एक सत्संग में ऐसी कुछ गलतियां बताईं जो लोग रोजमर्रा के जीवन में करते हैं। प्रेमानंदजी ने कहा कि ऐसा करने वालों की सुख-शांति नष्ट हो जाती है। लालच करना लालच नहीं होना चाहिए। जो चीजें धर्म के मार्ग से मिलें उन्हीं से जीवन चलाना चाहिए। ऐसा करने से बच्चे और परिवार सुखी रहेंगे। सही तरह से आया पैसा लंबे समय तक चलता है। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि लालच में आया पैसा हाइड्रोजन की तरह आएगा और फिर अंधेरा करके जाएगा। अपमान ना सहना प्रेमानंद महाराज ने बताया कि जो लोग छोटे से अपमान से क्रोधित होकर दूसरे का बुरा करने लगते हैं यह उनके पतन का कारण बन सकता है। सामने वाला बेइज्जत करे तो बर्दाश्त कर लेना चाहिए। ऐसा करने से आपके पाप नष्ट होते हैं और सामने वाला उन पापों को ले लेता है। ऐसा करने से आप टेंशन में रहेंगे और कामकाज भी प्रभावित रहेंगे। हमेशा द्वेष करने वालों के बारे में सोचना प्रेमानंदजी ने कहा कि जो आपका बुरा चाहते हैं उन्हें दिमाग में नहीं रखना चाहिए। ऐसा करके अगर आप गुस्सा करते हैं तो आपकी ही हानि होगी। कभी-कभी गुस्सा किसी भी आ सकता है लेकिन उसका पछतावा कर लें। आश्रित की रक्षा करना अगर भागकर कोई पशु, पक्षी या मनुष्य आपके पास आए तो उसकी रक्षा जरूर करें। आप मारते हैं या मरवा देते हैं इससे दर्गति होती है। निडर होकर पाप करना प्रेमानंदजी ने बताया कि जो लोग पाप खुश और निडर होकर करते हैं उनके जीवन की शांति छिन जाती है। अपनी तारीफ करना प्रेमानंद महाराज ने कहा कि इंसान को अपनी बड़ाई अपने मुंह से नहीं करनी चाहिए। बहुत से लोग ऐसा करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से बुद्धि भ्रस्ट हो जाती है और इंसान सही फैसले नहीं ले पाता है। किसी के साथ गलत व्यवहार करना प्रेमानंद महाराज ने बताया कि बच्चा, स्त्री, पागल या असहाय के साथ जो खराब व्यवहार करता है उसके जीवन का सुख और शांति नष्ट होती है। अगर आपकी पत्नी ऐसी है जिससे आप परेशान हैं या पति ऐसा है तो आप समझें कि ईश्वर ने आपके कुछ पिछले कर्म बैलेंस करने के लिए उन्हें भेजा है। कोई असहाय या पागल है उसे भी प्रताड़ित न करें, अच्छे मन से मदद और देखभाल करें।

स्वर्ण मंदिर के पवित्र सरोवर में कुल्ला करने वाला मुसलमान गिरफ्तार

अमृतसर/गाजियाबाद. श्री हरिमंदिर साहिब के पवित्र सरोवर में कुल्ला करने के आरोपित मुस्लिम युवक सुभान रंगरेज को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की शिकायत के बाद पंजाब पुलिस ने भी केस दर्ज कर लिया है। एसजीपीसी के लीगल एडवाइजर अमनबीर सिंह सियाली ने कहा कि कमेटी ने अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच की। इसमें सामने आया कि संबंधित मुस्लिम युवक बेअदबी की नीयत से ही श्री हरिमंदिर साहिब में आया था। 15 जनवरी को वह अपने चार दोस्तों के साथ बीस मिनट तक परिसर के भीतर मौजूद रहा। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि युवक ने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने की मर्यादा का पालन नहीं किया, जिससे उसके इरादों पर संदेह और गहरा हो गया। एसजीपीसी ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीर करार देते हुए अमृतसर के पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपी, जिसके बाद केस दर्ज कर लिया है। बता दें कि आरोपित युवक ने घटना वाले दिन ही वीडियो जारी कर माफी भी मांगी थी। वीडियो में युवक ने कहा कि अगर प्रसारित वीडियो से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए खेद प्रकट करता है। उसका कहना था कि उसे धार्मिक मर्यादा की पूरी जानकारी नहीं थी, इस वजह से यह गलती हुई।

लालू की छाया में तेजस्वी की ताजपोशी! मंगनी लाल मंडल ने किया RJD के नए कार्यकारी अध्यक्ष का ऐलान

पटना तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया गया है। पटना में राजद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आज अहम बैठक हुई। इस बैठक में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत पार्टी के लगभग सभी बड़े नेता मौजूद थे। बैठक के दौरान राजद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने इसक ऐलान किया। पटना के एक होटल में राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इसका प्रस्ताव भोला यादव ने रखा। लालू प्रसाद के निर्देश पर रखे गये गये इस प्रस्ताव पर कार्यकारिणी के सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। लालू प्रसाद के अस्वस्थता को देखते हुए पार्टी ने पहली बार कार्यवाहक अध्यक्ष चुना है। तेजस्वी को अध्यक्ष की सभी शक्तियाँ दी गई है।   एक राजद नेता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बैठक में मौजूद लगभग सभी नेताओं की मांग थी कि तेजस्वी यादव को अब जिम्मेदारी सौंपी जाए। पार्टी नेताओं का कहना था कि तेजस्वी यादव ही अब बिहार तथा राजद के भविष्य हैं। इसके बाद तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से पार्टी का नया कार्यकारी बॉस चुना गया। लालू प्रसाद यादव ने इसका सर्टिफिकेट तेजस्वी यादव को सौंपा है। राजद ने पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट पर ट्वीट कर तेजस्वी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने की सूचना साझा करते हुए राजद में एक नये युग के शुरू होने की बात कही है। पिछले वर्ष बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाने का निर्णय लिया था। जिसमें “नेतृत्व संबंधी महत्वपूर्ण फैसले” लिए जाने की संभावना जताई गई थी। जिसके बाद अब तेजस्वी यादव को पार्टी का नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया है। बता दें कि वर्ष 1997 में जनता दल से अलग होकर राजद की स्थापना करने वाले लालू प्रसाद पार्टी की स्थापना के बाद से ही शीर्ष पद पर बने हुए हैं। हालांकि उनकी सर्वोच्चता निर्विवाद है, लेकिन पार्टी सूत्रों का मानना था कि 80 वर्ष से अधिक आयु और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए संगठन के रोजमर्रा के कामकाज के लिए नेतृत्व की दूसरी पंक्ति की जरूरत है। राजद की इस अहम बैठक में शामिल होने के लिए 20 से अधिक प्रदेशों के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य शनिवार को ही पटना पहुंच चुके थे। राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने कहा था कि 25 जनवरी को होने वाली इस बैठक में देश की वर्तमान स्थिति के साथ ही आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। JDU का तंज तेजस्वी यादव के राजद के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर जदयू प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कटाक्ष किया है। नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि राजद एक परिवार की पार्टी है और परिवार के ही सदस्य को फिर कमान मिला है। तेजस्वी यादव पर 22 मुकदमे चल रहे हैं, ऐसे में उनको पार्टी का अध्यक्ष बनाना दुर्भाग्य की बात है।  

रायगढ़ में ग्रामीणों ने असली के पैकेट में पकड़ा नकली दही

रायगढ़. जिले में गुरुवार शाम पिकअप लोड दही के डिब्बे व दूग्ध उत्पाद के पैकेट में ब्रांड का लेबल चेंज किया जा रहा था। तभी मोहल्लेवासियों की सूचना में इसे पकड़ लिया गया है। इस मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो दिनों में जांच पूरी की। जहां नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 2 लाख मिलावटी दूग्ध उत्पाद को जब्त किया गया है। चक्रधर नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि जिला दुर्ग से एक संदिग्ध पिकअप वाहन के माध्यम से रायगढ़ शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी मात्रा में दुग्ध उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है। इन उत्पादों में खाद्य लेबल और रैपर से छेड़छाड़ की जा रही है। नदंनम की जगह वैद्य फूड्स का लेबल लगाया जा रहा है। पिकअप वाहन में दही व कॉटेज एनालॉग जैसे दुग्ध उत्पाद 5 व 15 किलोग्राम के बंद प्लास्टिक जारों एवं पैकेटों में थे। इसके बाद पुलिस ने पिकअप को थाने लाकर मामला फूड एंड सेफ्टी विभाग के सुपुर्द किया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम तत्काल थाना परिसर पहुंची। वाहन में भरे दुग्ध उत्पादों की जांच शुरू की।जांच के दौरान यह बात सामने आया कि छोटे अतरमुड़ा गांधी नगर, केलोविहार की रहने वाली कस्तूरी डेयरी की प्रोपराइटर सोनिया जायसवाल के द्वारा बिक्री के लिए वैद्य फूड्स प्रोडक्ट्स शंकर नगर भिलाई-3, कुम्हारी, जिला दुर्ग से मंगाए गए थे।