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झारखंड में एक हजार अभ्यर्थियों को मिलेगी सरकारी नौकरी

रांची. राज्य सरकार एक और बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश से लौटने पर इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। संबंधित विभागों की तैयारी के अनुसार फरवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में रांची में बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर झारखंड लोक सेवा आयोग तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से अनुशंसित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जा सकता है। Jharkhand Government Jobs राज्य सरकार द्वारा जिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाना है, उनमें सबसे महत्वपूर्ण झारखंड लोक सेवा आयोग से बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) पद के लिए अनुशंसित अभ्यर्थी हैं। आयोग ने इस पद पर नियुक्ति के लिए आयोजित परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी कर दिया। इसमें 64 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा की गई है। इनमें अनारक्षित श्रेणी के 34, एससी श्रेणी के दो, एसटी श्रेणी के 21, बीसी-वन के एक तथा आर्थिक रूप से कमजाेर श्रेणी के छह अभ्यर्थी सम्मिलित हैं। हालांकि विभाग ने अभी इन अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच नहीं की है। मेडिकल कालेजों में सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी जेपीएससी ने मेडिकल कालेजों में सहायक प्राध्यापक (एनेस्थेसिया) की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। इसके माध्यम से चयनित छह अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल सकता है। JPSC के माध्यम से खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सहित कुछ एकल पदों पर भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की गई है। इन अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र दिया जाना है। इधर, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने सीजीएल परीक्षा (CGL Exam) के तहत कुछ अन्य अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया है, जिन्हें नियुक्ति पत्र दिया जाना है। इसी तरह, सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा के तहत भी कुछ अन्य अभ्यर्थियों का परिणाम जारी किया गया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने की तैयारी चल रही है।

मोहनपुरा परियोजना से 26 गांवों में पहुंचेगा पानी, 10 हजार किसानों को होगा लाभ, 26 किलोमीटर पाइपलाइन बिछेगी

राजगढ़   एमपी के राजगढ़ जिले में वृहद सिंचाई परियोजना मोहनपुरा-कुंडालिया का और विस्तार होने वाला है। परियोजना से अछूते रहे सारंगपुर ब्लॉक के 26 गांवों की 11040 हेक्टेयर जमीन सींचित होने लगेगी। इसके लिए तैयार योजना को कैबिनेट में मंजूरी मिली है। मंजूरी के साथ ही परियोजना के विस्तार को हरी झंडी मिल गई है। आगामी दिनों में इसका काम शुरू हो जाएगा। जानकारी के अनुसार वर्तमान में मोहनपुरा और कुंडालिया परियोजना से राजगढ़ और आगर जिले के 1136 गांवों में सिंचाई की जा रही है। साथ ही जिले में राजगढ़, ब्यावरा, खिलचीपुर, जीरापुर क्षेत्र में दोनों का पानी पहुंच रहा था। नरसिंहगढ़ और सारंगपुर इससे वंचित था। अब सारंगपुर क्षेत्र के करीब 26 गांवों में पानी पहुंचेगा। जिससे 10400 किसानों को लाभ मिलेगा और 11040 हेक्टेयर जमीन सींचित होगी। सारंगपुर के इन गांवों को मिलेगा फायदा परियोजना के विस्तार से क्षेत्र अंतर्गत लीमा चौहान, पाडदा, टूट्याहेड़ी, दराना, देवीपुरा, भैंसवा माता, भवानीपुरा, कलाली, अरन्या, लोटट्या, घट्ट्या, रोजड़कलां, धामंदा, गायन, पट्टी, इधीवाड़ा, शंकरनगर, अमलावता, पीपल्या पाल, पाडल्या माता, शेरपुरा, कमलसरा, किशनखेड़ी, सुल्तानिया, जोगीपुरा और छापरा गांव शामिल हैं। दो साल में पूरा करेंगे नई परियोजना जिले के अधिकांश हिस्से में मोहनपुरा-कुंडालिया परियोजना का पानी पहुंच रहा था। इसके अतिरिक्त अधिक से अधिक सिंचित रकबा हम बढ़ाने की तैयारी में थे। कैबिनेट से सारंगपुर क्षेत्र के उक्त गांवों की परियोजना का भी मंजूरी मिली है। इससे 26 गांवों लाभान्वित होंगे। दो साल में इसे पूरा करेंगे ताकि जल्द से किसानों को लाभ मिलेगा। – विकास राजोरिया, प्रशासक, मोहनपुरा-कुंडालिया परियोजना, राजगढ़

प्रॉपर्टी रेट में बढ़ोतरी तय: शहर की 256 व ग्रामीण क्षेत्र की 57 लोकेशन सूचीबद्ध

ग्वालियर पंजीयन विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन तैयार करना शुरू कर दिया है। आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआइ) से शहर सहित जिले में हुई रजिस्ट्री का डेटा का विश्लेषण किया। शहर में 256 व गांव में 57 लोकेशन पर बढ़ोतरी बताई है, जिला पंजीयक ने उप पंजीयकों के साथ बैठक की। इस बैठक में उप पंजीयकों से अपने-अपने क्षेत्र की गाइडलाइन के संबंध में जानकारी ली। उप पंजीयकों ने जहां पर ज्यादा रजिस्ट्री हुई हैं, वहां गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। अलग-अलग लोकेशन पर 40 से 100 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी। शहरी क्षेत्र में औसतन 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी संभावित है। ऐसे बढ़ेगी गाइडलाइन -पॉलिगॉन में सुधार किया जा रहा है। स्टांप ड्यूटी चोरी रोकने के लिए पॉलिगॉन का दायर बढ़ाया जा रहा है। एक पॉलिगॉन में अधिक लोकेशन को शामिल किया जाएगा। पॉलिगॉन में जिस लोकेशन की गाइडलाइन अधिक होगी। वह पूरे पॉलिगॉन के ऊपर लागू होगी।   -पॉलिगॉन का दायरा बढ़ने से भी गाइडलाइन स्वतः बढ़ जाएगी। ऐसा करने से स्टांप ड्यूटी चोरी नहीं कर पाएंगे। क्योंकि अभी लोकेशन बदलकर चोरी कर रहे हैं। इस तरह से तैयार की जा रही है गाइडलाइन     संपदा-2 सॉफ्टवेयर एआइ तकनीक पर कार्य करता है। इसके माध्यम से गाइडलाइन तैयार की जा रही है।     उप पंजीयकों ने संपदा-2 से दस्तावेजों का विश्लेषण शुरू कर दिया है। 30 हजार दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है।     उप पंजीयकों ने स्थानीय स्तर पर होने वाली खरीद-फरोख्त की जानकारी जुटा रहे हैं। मल्टियों से भी डेटा लिया गया है।     नवीन क्षेत्रों में निवेश की संभावना को भी देखा जा रहा है। उन्हीं क्षेत्रों का चयन किया जाएगा, जहां पर सबसे ज्यादा विक्रय हो रहा है।     प्लॉट व व्यवसायिक संपत्तियों में ज्यादा बढ़ोतरी संभावित है।   2025 में हुई रजिस्ट्री का डेटा का विश्लेषण करें पंजीयन महानिरीक्षक ने पिछले सप्ताह जिला पंजीयकों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में गाइडलाइन पर चर्चा की गई। जिले में खुद होमवर्क करें। 2025 में हुई रजिस्ट्री का डेटा का विश्लेषण करें। इसके बाद गाइडलाइन में क्या बदलाव चाहते हैं, उनके प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उप पंजीयकों ने बढ़ोतरी के प्रस्ताव के संबंध में जिला पंजीयक को जानकारी दी है। विसंगतियां भी बताई गई हैं। इन सबको दूर किया जाएगा। इन क्षेत्रों में रही सबसे अधिक बिक्री वृत्त-2 : मुरार, न्यू सिटी सेंटर, महाराजपुरा, बड़ागांव वृत्त-1 : पुरानी छावनी, शिवपुरी लिंक रोड, गिरवाई क्षेत्र उप पंजीयकों ने डेटा का विश्लेषण किया है। कहां बढ़ोतरी की संभावना है, उन्हीं क्षेत्रों को चिह्नित किया जा रहा है। संपत्तियों का विक्रय कम है। उन लोकेशन पर गाइडलाइन नहीं बढ़ा रहे हैं।- अशोक शर्मा, जिला पंजीयक

कंपकंपाती ठंड से बचें, इन गर्म और खूबसूरत जगहों पर जनवरी-फरवरी में करें ट्रिप

नई दिल्ली जनवरी और फरवरी का महीना आते ही भारत के कई हिस्सों में ठंड अपने चरम पर पहुंच जाती है। घना कोहरा, तेज सर्द हवाएं और गिरता तापमान लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करने लगता है। ऐसे में बहुत से लोग ठंड से बचने के लिए ऐसी जगहों की तलाश करते हैं, जहां मौसम आरामदायक हो और बिना भारी कपड़ों के घूमने का मजा लिया जा सके। भारत में कुछ डेस्टिनेशन ऐसे भी हैं, जहां सर्दियों के मौसम में भी हल्की गर्माहट बनी रहती है और तापमान सामान्य रूप से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है। समुद्र और धूप का बेहतरीन मेल – गोवा सर्दियों के मौसम में गोवा का नाम सबसे पहले सामने आता है। जनवरी और फरवरी में यहां का मौसम न ज्यादा ठंडा होता है और न ही बहुत गर्म। समुद्र के किनारे बैठकर धूप सेंकना, बीच वॉक और शाम के समय सुहावनी हवा का आनंद लेना लोगों को खासा पसंद आता है। यही वजह है कि इस समय गोवा में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। शहर की रफ्तार में भी गर्माहट – मुंबई मुंबई उन शहरों में शामिल है, जहां ठंड का असर बेहद कम देखने को मिलता है। जनवरी-फरवरी में भी यहां हल्की गर्मी बनी रहती है और स्वेटर या जैकेट की जरूरत नहीं पड़ती। मरीन ड्राइव और जुहू बीच जैसी जगहों पर बैठकर समुद्र की ठंडी लेकिन सुकून देने वाली हवा का आनंद लिया जा सकता है। इसके साथ ही शॉपिंग और स्ट्रीट फूड का अनुभव इस ट्रिप को और खास बना देता है। शांत माहौल और फ्रेंच टच – पुडुचेरी दक्षिण भारत का पुडुचेरी सर्दियों में भी बेहद आरामदायक मौसम के लिए जाना जाता है। जनवरी से फरवरी के बीच यहां का तापमान संतुलित रहता है, जिससे दिनभर घूमना आसान हो जाता है। समुद्री इलाका होने के कारण सुबह और शाम हल्की नमी रहती है, लेकिन कुल मिलाकर मौसम सुकून भरा बना रहता है। शांत सड़कें और समुद्र तट इसे रिलैक्सिंग डेस्टिनेशन बनाते हैं। नीला समंदर और सुकून – लक्षद्वीप अगर आप भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत और गर्म जगह की तलाश में हैं, तो लक्षद्वीप एक बेहतरीन विकल्प है। सर्दियों के मौसम में यहां का पानी साफ और मौसम हल्का गर्म रहता है। द्वीपों की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण इसे जनवरी-फरवरी की ट्रिप के लिए खास बनाता है। परिवार के साथ या सुकून भरी छुट्टियों के लिए यह जगह लोगों को खासा आकर्षित करती है। बीच, एडवेंचर और सादगी – गोकर्ण कर्नाटक का गोकर्ण भी सर्दियों में गर्म रहने वाले डेस्टिनेशन में शामिल है। यहां का मौसम घूमने के लिए अनुकूल रहता है और हल्की गर्माहट बनी रहती है। समुद्र तटों पर समय बिताने के साथ-साथ यहां एडवेंचर एक्टिविटीज और स्थानीय खानपान का अनुभव भी लिया जा सकता है। यह जगह उन लोगों के लिए खास है, जो शांति और प्राकृतिक सौंदर्य दोनों का आनंद लेना चाहते हैं।

इतिहास से रहस्य तक: तात्या टोपे ने जहां काटे 45 दिन, वही रकमगढ़ किला बना भूतिया कहानियों का केंद्र

जयपुर इतिहास से जुड़ा रकमगढ़ किला राजस्थान के राजसमंद जिले से करीब 10 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित रकमगढ़ किला एक छोटी पहाड़ी पर बना ऐतिहासिक किला है। यह किला आज खेड़ाना पंचायत क्षेत्र में आता है और इसका इतिहास एशिया की प्राचीनतम मीठे पानी की कृत्रिम झीलों में शामिल राजसमंद झील से भी जुड़ा हुआ है। आकार में भले ही यह किला छोटा हो, लेकिन इसका ऐतिहासिक महत्व बेहद बड़ा माना जाता है। आज़ादी की लड़ाई में रकमगढ़ की भूमिका जानकारी के अनुसार, इस किले का निर्माण कोठारिया रियासत के तत्कालीन राव साहब ने करवाया था। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह किला उस समय चर्चा में आया, जब महान क्रांतिकारी तात्या टोपे ने यहां लगभग 45 दिनों तक अंग्रेजों से बचकर शरण ली थी। जैसे ही अंग्रेजों को इसकी भनक लगी, उन्होंने रकमगढ़ किले पर हमला कर दिया। उस समय तात्या टोपे ने कोठारिया राव जी से सहायता की गुहार लगाई, जिसके बाद कोठारिया किला और रकमगढ़ के बीच तोपों से जबरदस्त गोलाबारी हुई। आज भी किले की दीवारों पर उस संघर्ष के निशान देखे जा सकते हैं। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का आगमन कहते हैं कि जब झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को तात्या टोपे पर हुए हमले की जानकारी मिली, तो वह स्वयं उनकी सहायता के लिए रकमगढ़ किले तक पहुंचीं। अंग्रेजों को पीछे हटाने के बाद तात्या टोपे ने यह स्थान छोड़ दिया, लेकिन तब से यह किला उनकी वीरता, साहस और बलिदान की मूक गवाही देता हुआ आज भी खड़ा है। किले से जुड़ी रहस्यमय कथाएं इतिहास के साथ-साथ रकमगढ़ किला अपनी रहस्यमय कहानियों के लिए भी जाना जाता है। आबादी से दूर पहाड़ी पर स्थित होने के कारण आसपास के गांवों में यहां भूत-प्रेत होने की चर्चाएं लंबे समय से चलती आ रही हैं। ग्रामीणों का मानना है कि तात्या टोपे और झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अपना सुरक्षित खजाना इसी किले की जमीन में दबाया था। इसी विश्वास के चलते कई लोगों ने वर्षों पहले किले के भीतर 5 से 10 फीट तक गहरे गड्ढे खोद डाले। काले सांप की लोककथा स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, किले के पास दो लोक देवताओं के मंदिर हैं और कहा जाता है कि एक बहुत बड़ा काला सांप उस खजाने की रखवाली करता है। मान्यता है कि उस सांप के सिर पर धार्मिक निशान मौजूद हैं। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि जिन्हें सपने में माताजी के दर्शन होते हैं, वे किले से धन निकाल सकते हैं और उस सांप से उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचता। हालांकि, बीते समय में सांप के काटने से कुछ लोगों की मौत की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे इन कहानियों को और बल मिला। खंडहर में बदलती ऐतिहासिक धरोहर आज यह किला कोठारिया राजपरिवार की निजी संपत्ति माना जाता है। निजी स्वामित्व और वारिसों के कारण, पुरातत्व विभाग के अधीन होने के बावजूद इसकी देखरेख पर अब तक विशेष ध्यान नहीं दिया गया है। संरक्षण के अभाव में यह किला धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है, लेकिन इसकी जर्जर दीवारें आज भी स्वतंत्रता संग्राम, वीरता और इतिहास की अनकही कहानियां बयां करती हैं। रकमगढ़ किला केवल एक ऐतिहासिक इमारत नहीं, बल्कि आज़ादी की लड़ाई, वीरता और लोककथाओं का जीवंत प्रतीक है। जहां एक ओर यह तात्या टोपे और झांसी की रानी के शौर्य की याद दिलाता है, वहीं दूसरी ओर रहस्य और किंवदंतियों के कारण लोगों के लिए कौतूहल का केंद्र बना हुआ है।

रियल एस्टेट पर बजट 2026 का असर — घर खरीदने वालों और निम्न-मध्य वर्ग की उम्मीदें

भागलपुर केंद्र सरकार 1 फरवरी को आम बजट 2026-27 पेश करने जा रही है, जिसमें अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं। बजट से पहले देशभर के अलग-अलग सेक्टर्स में उम्मीदों और सुझावों की चर्चा तेज हो गई है। रियल एस्टेट, शेयर बाजार, एमएसएमई, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को लेकर बजट से क्या अपेक्षाएं हैं, इसे लेकर एक्सपर्ट्स ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए अपनी राय रखी है। ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि रियल एस्टेट ऐसा सेक्टर है जो हर आम आदमी को सीधे प्रभावित करता है। यह सेक्टर देश की जीडीपी में करीब 7 प्रतिशत का योगदान देता है और कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार भी देता है। उन्होंने कहा कि बजट में अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा पर दोबारा विचार होना चाहिए। अभी 45 लाख रुपए तक के घर को अफोर्डेबल माना जाता है, लेकिन आज के समय में यह सीमा बढ़ाकर 75 लाख रुपए की जानी चाहिए, ताकि ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट की भी मांग की। उनका कहना है कि बिल्डर्स को इनपुट टैक्स का लाभ नहीं मिलने से निर्माण लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर घर की कीमतों पर पड़ता है। अगर सरकार इनपुट टैक्स क्रेडिट देती है तो मकानों की कीमत घटेगी और मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना आसान होगा। इसके अलावा, उन्होंने ब्याज दरों में कटौती और इनकम टैक्स में होम लोन पर अतिरिक्त राहत देने की भी उम्मीद जताई। इसके अलावा, भागलपुर के सीए और अर्थशास्त्री प्रदीप झुनझुनवाला ने कहा कि बजट आम जनता तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष टैक्स राहत की मांग की। उनका कहना है कि सीनियर सिटीजन्स के लिए टीडीएस की सीमा और टैक्स-फ्री इनकम की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर कम से कम एक करोड़ रुपए करने की मांग की। उन्होंने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में भी बदलाव की जरूरत बताई। मौजूदा समय में एक लाख रुपए की छूट बहुत कम है, जिसे बढ़ाकर कम से कम पांच लाख रुपए किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने भागलपुर के बुनकरों, टेक्सटाइल सेक्टर, कृषि आधारित उद्योग और टूरिज्म सेक्टर को भी बजट में विशेष प्राथमिकता देने की मांग की। वहीं टैक्स एक्सपर्ट और सीए संजय कुमार सकल ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चलते वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और टैरिफ तनाव के चलते शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है। पिछले कुछ समय से बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से बाजार लगातार गिर रहा है, पहले युद्ध का प्रभाव था फिर टैरिफ ने बाजार को प्रभावित किया। उन्होंने कहा, "हम इस बजट से ये उम्मीद करते हैं कि कुछ ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे निवेशकों को फायदा हो, खासकर कैपिटल गेन टैक्स को लेकर। पहले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगता था। फिर इस पर 10 प्रतिशत टैक्स लगाया गया, बाद में इसे और बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया।" उन्होंने कहा कि अगर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को कम किया जाता है या खत्म किया जाता है, तो इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और बाजार को सहारा मिलेगा। इसके साथ ही महिला उद्यमी प्रिया सोनी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। हालांकि, ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में अभी भी जागरूकता की कमी है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में बड़े पोस्टर्स और अभियानों के जरिए दी जानी चाहिए, ताकि हर महिला इसका लाभ उठा सके। उन्होंने यह भी कहा कि महंगाई बढ़ने के मुकाबले महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी नहीं हुई है। मातृत्व वंदन योजना और पोषण योजनाओं की राशि बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही, महिला उद्यमियों के लिए सिर्फ फंडिंग ही नहीं, बल्कि मार्केटिंग सपोर्ट और अलग महिला बाजार की व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि वे अपने उत्पाद आसानी से बेच सकें।

झारखंड में सिविल सेवा प्री सहित सालभर में होंगी 28 परीक्षाएं

रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 आठ मार्च को होगी। इस परीक्षा का अप्रैल माह में परिणाम जारी हो सकता है। इसकी मुख्य परीक्षा दो से चार मई तक संभावित है। मई अंतिम सप्ताह में इसका परिणाम जारी हो सकता है। इसके बाद 16 से 19 जून तक साक्षात्कार आयोजित होगा। इस तरह सभी परीक्षाएं समय पर आयोजित हुईं तथा परिणाम जारी हुआ तो जून माह तक यह परीक्षा पूरी हो जाएगी। हालांकि अभी इस परीक्षा के लिए विज्ञापन प्रकाशित नहीं हुआ है। आयोग ने मंगलवार को जून माह तक आयोजित होनेवाली विभिन्न प्रतियाेगिता परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करते हुए परीक्षाओं की उक्त संभावित तिथि घोषित की। जारी कैलेंडर के अनुसार, 29 मार्च को झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) आयोजित हो सकती है। यह परीक्षा के तहत दो पत्रों की परीक्षा होगी, जिसमें वस्त़ुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार बुधवार से शुरू होगा जो नौ जनवरी तक चलेगा। छठी सीमित उपसमाहर्ता लिखित परीक्षा 10-11 जनवरी को आयोजित होगी। इसी तरह, विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक बैकलाग नियुक्ति प्रतियोगिता के तहत सांख्यिकी, मैथिली और श्रम एवं समाज कल्याण विषय के लिए 18 जनवरी को प्रमाणपत्रों का सत्यापन होगा, जबकि साक्षात्कार 19 जनवरी को होगा। वहीं, सहायक प्राध्यापक नियमित नियुक्ति के तहत जुलाजी तथा अंग्रेेजी विषय के लिए प्रमाणपत्रों की जांच 19 से 21 जनवरी तक होगी। नियमित नियुक्ति के तहत ही हो एवं पंचपरगनिया विषय के लिए प्रमाणपत्रों की जांच तथा साक्षात्कार 10 फरवरी को निर्धारित है। आयोग ने कुल 28 प्रतियोगिता परीक्षाओं की संभावित तिथि घोषित की है, जिससे हजारों पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ होगा। अन्य परीक्षाओं की संभावित तिथि परीक्षा का नाम     परीक्षा की प्रकृति     संभावित तिथि वन क्षेत्र पदाधिकारी नियुक्ति     मुख्य परीक्षा     22-24 जनवरी खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी     साक्षात्कार     29-31 जनवरी यूनिवर्सिटी प्रोफेसर कम चीफ साइंटिस्ट     साक्षात्कार     12 फरवरी एसोसिएट प्रोफेसर कम सीनियर साइंटिस्ट     साक्षात्कार     13 फरवरी आयुर्वेदिक चिकित्सा पदाधिकारी     लिखित परीक्षा     05-07 मार्च होम्योपैथी चिकित्सा पदाधिकारी     लिखित परीक्षा     05-07 मार्च यूनानी चिकित्सा पदाधिकारी     लिखित परीक्षा     05-07 मार्च संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025     प्रारंभिक परीक्षा     08 मार्च संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025     प्रारंभिक परीक्षा     15 मार्च संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023     प्रारंभिक परीक्षा     22 मार्च झारखंड पात्रता परीक्षा-2024     लिखित परीक्षा     29 मार्च सहायक वन संरक्षक नियुक्ति     मुख्य परीक्षा     04-07 अप्रैल प्रोजेक्ट मैनेजर एवं समकक्ष नियुक्ति     लिखित परीक्षा     18-19 अप्रैल कारखाना निरीक्षक नियुक्ति     लिखित परीक्षा     25-26 अप्रैल संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025     मुख्य परीक्षा     02-04 मई संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025     मुख्य परीक्षा     09-11 मई संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023     मुख्य परीक्षा     16-18 मई ब्वायल इंसपेक्टर नियुक्ति     लिखित परीक्षा     29-30 मई सहायक निदेशक/सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर बैकलॉग परीक्षा     लिखित परीक्षा     07 जून सहायक निदेशक/सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर बैकलॉग परीक्षा     लिखित परीक्षा     14 जून संयुक्त सिविल सेवा नियमित परीक्षा-2025     साक्षात्कार     16-19 जून संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025     साक्षात्कार     22-23 जून संयुक्त सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023     साक्षात्कार     24 जून

UPI से सीधे PF निकालें! EPFO का नया नियम 1 अप्रैल से लागू

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक अहम बदलाव की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल 2026 से PF का पैसा निकालना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। नए सिस्टम के तहत कर्मचारी अपने PF अकाउंट से सीधे UPI के जरिए पैसा निकाल सकेंगे। इसका मतलब यह है कि अब लंबी प्रक्रिया, फॉर्म भरने और कई दिनों तक इंतजार करने की परेशानी काफी हद तक खत्म हो सकती है। इस फैसले से करीब 8 करोड़ EPFO मेंबर्स को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। PF निकासी की प्रक्रिया बिल्कुल उसी तरह आसान होगी, जैसे रोजमर्रा में मोबाइल से UPI पेमेंट किया जाता है। UPI से PF निकालने की सुविधा कैसे काम करेगी नई व्यवस्था में EPFO मेंबर अपने बैंक अकाउंट से जुड़े UPI ID का इस्तेमाल कर सकेंगे। PF से जितनी रकम निकालने के लिए वे पात्र होंगे, वह उन्हें पहले ही सिस्टम में दिखाई देगी। इसके बाद UPI पिन डालकर रकम सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। पैसा खाते में आने के बाद मेंबर उसे UPI पेमेंट, ATM से कैश निकालने या किसी भी जरूरत के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। तकनीकी तैयारी अंतिम चरण में लेबर मिनिस्ट्री और EPFO मिलकर इस नए सिस्टम को लागू करने पर काम कर रहे हैं। फिलहाल कुछ सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी खामियों को दूर किया जा रहा है, ताकि लॉन्च के बाद किसी तरह की रुकावट न आए। योजना यह भी है कि PF की पूरी रकम एक साथ निकालने के बजाय एक हिस्सा खाते में सुरक्षित रहे और बाकी जरूरत के समय UPI के जरिए निकाला जा सके। इससे एक तरफ रिटायरमेंट के लिए बचत बनी रहेगी और दूसरी तरफ तुरंत पैसों की जरूरत भी पूरी हो सकेगी। अभी PF निकालने का क्या है तरीका वर्तमान में PF निकालने के लिए कर्मचारियों को ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लेम फाइल करना पड़ता है। हालांकि ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम लागू होने के बाद अब क्लेम आमतौर पर तीन दिन के भीतर निपटा दिए जाते हैं। सरकार पहले ही ऑटो-सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर चुकी है। इसके अलावा अक्टूबर 2025 में PF की आंशिक निकासी के नियमों को भी आसान किया गया। पहले जहां 13 अलग-अलग नियम थे, उन्हें अब तीन कैटेगरी में बांट दिया गया है। बीमारी, पढ़ाई, शादी, घर खरीदने या खास परिस्थितियों में योग्य राशि का 100 प्रतिशत तक PF निकाला जा सकता है। नए नियमों से क्या होगा फायदा नए नियमों के अनुसार, शिक्षा के लिए कर्मचारी 10 बार और शादी के लिए 5 बार PF निकाल सकते हैं। किसी भी तरह की आंशिक निकासी के लिए कम से कम 12 महीने की नौकरी पूरी होना जरूरी कर दिया गया है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि मेंबर के PF खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनी रहनी चाहिए, ताकि उस पर 8.25 प्रतिशत सालाना ब्याज और कंपाउंडिंग का लाभ मिलता रहे। समय से पहले फाइनल PF सेटलमेंट के लिए वेटिंग पीरियड 12 महीने और पेंशन निकासी के लिए 36 महीने तय किया गया है।  

‘मैदान में नहीं, घर से देखूंगा वर्ल्ड कप’—रोहित शर्मा ने जताई अलग-सी भावना

मुंबई भारत के 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान रोहित शर्मा जियोहॉटस्टार के ‘कैप्टन रोहित शर्माज रोडमैप फॉर टी20 वर्ल्ड कप' में जतिन सप्रू के साथ बैठे, जहां उन्होंने पहले टी20 वर्ल्ड कप के बारे में बात की जिसमें वह हिस्सा नहीं लेंगे, अपने टीम के साथियों के साथ बनाए गए रिश्तों और बॉन्ड के बारे में अपने विचार शेयर किए, मुश्किल सिलेक्शन के फैसले लेने और आने वाले टूर्नामेंट के लिए टीम के बारे में अपनी राय बताई। रोहित शर्मा ने माना कि अपने करियर में पहली बार टी20 वर्ल्ड कप मिस करना उनके लिए एक अजीब एहसास होगा। उन्होंने कहा, 'हम घर पर इस बारे में बात कर रहे थे कि घर से इसे देखना अजीब लगेगा, खासकर टी20 वर्ल्ड कप। जब से यह शुरू हुआ है, तब से अब तक मैं हर वर्ल्ड कप का हिस्सा रहा हूं, इसलिए यह अलग लगेगा। जब मैं टीम को टी20 मैच खेलते हुए देखता हूं, तो मिस करने का एहसास उतना नहीं होता। लेकिन जब आप वर्ल्ड कप मिस करते हैं, तो असलियत का एहसास होता है। तभी आपको पता चलता है कि आप इसका हिस्सा नहीं बनने वाले हैं। तो यह थोड़ा अजीब लगेगा। हालांकि, मैं स्टेडियम में कहीं रहूंगा। यह वैसा नहीं होगा और यह एक अलग अनुभव होगा, लेकिन मैं असल में इसके लिए उत्सुक हूं। यह काफी शानदार होगा।' अपनी कप्तानी के दौरान टीम के साथियों के बीच सम्मान पाने और रिश्ते बनाने के बारे में रोहित ने कहा, 'खिलाड़ियों के साथ अभी भी वैसा ही रिश्ता होना बहुत अच्छा लगता है और यही मैं हमेशा टीम में चाहता था, किसी भी चीज पर खुलकर बात करना, सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि जिंदगी के बारे में भी, खेल के बाहर की कोई भी बात। जिंदगी में क्या चल रहा है, घर पर क्या हो रहा है, इस तरह की बातें। मैं हमेशा वैसा ही इंसान बनना चाहता था, क्योंकि मुझे पता है कि जब आप पहली बार टीम में शामिल होते हैं, तो खुलने में समय लगता है। इसलिए, जब मैं यहां बैठा होता हूं या जब मैं टीम के ड्रेसिंग रूम में जाता हूं, तो मैं कभी नहीं चाहता कि किसी को ऐसा लगे कि उन्हें खुलने में समय लगेगा।' भारतीय ओपनर ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि उन्हें लगे कि वे बस आकर खुलकर बात कर सकते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए कि वे सोचें कि उन्हें आकर बात करनी चाहिए या नहीं। मैं कभी नहीं चाहता था कि किसी के मन में ऐसा ख्याल आए। मैं जितना हो सके उतना खुला और सीधा रहने की कोशिश करता हूं, और इसीलिए ये लोग मेरा बहुत मजाक उड़ाते हैं। कोई सीमा नहीं है; हमेशा एक खुला दरवाजा होता है। साथ ही, हम एक-दूसरे की टांग खींचते हैं, खैर, हम नहीं, वे मेरी टांग खींचते हैं। मैं हमेशा ऐसा ही माहौल चाहता था, और मुझे यह सच में बहुत पसंद है।' टीम में एकजुटता और पुरुष टी20 वर्ल्ड कप इंडिया और श्रीलंका 2026 के लिए भारतीय टीम के बारे में रोहित ने कहा, 'मुझे लगता है कि एकजुटता और आपसी भरोसा सबसे जरूरी चीजें हैं। अगर मैं गलत नहीं हूं, तो ये खिलाड़ी लगभग 2 साल से एक साथ खेल रहे हैं। कुछ खिलाड़ी बाहर हुए हैं और कुछ नए आए हैं, लेकिन इसके अलावा, मुझे लगता है कि पिछले टी20 वर्ल्ड कप के बाद से लगभग 80 से 90 प्रतिशत टीम वही रही है। जब मैं मैच देखता हूं, तो मुझे लगता है कि टीम में आपसी समझ बहुत अच्छी है, जो एक साथ खेलने से बनी है।' रोहित ने कहा, 'एक अच्छी बात यह है कि कुछ अपवादों को छोड़कर, लगभग सभी खिलाड़ी एक ही उम्र के हैं। वैसे, मुझे लगता है कि औसत उम्र शायद 25 के आस-पास है, जो हमेशा अच्छा होता है, क्योंकि जब आप वर्ल्ड कप में जा रहे होते हैं, तो आपको बहुत सारी बातचीत, खुलकर बातचीत और कुछ मुश्किल बातचीत भी करनी पड़ती है, क्योंकि एकमात्र लक्ष्य वल्डर् कप जीतना होता है। इसके लिए, अगर आपको कुछ मुश्किल फैसले लेने पड़ते हैं, जिससे आपके साथ खेलने वाले किसी खिलाड़ी, यहाँ तक कि किसी करीबी दोस्त को भी बुरा लग सकता है, तो भी ठीक है। इसलिए मुझे लगता है कि खिलाड़यिों के बीच इस तरह का रिश्ता बनाना बहुत जरूरी है।' टी20 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया 2022 टीम और उससे पहले एशिया कप से श्रेयस अय्यर को बाहर रखने पर उन्होंने कहा, 'वर्ल्ड कप से पहले ऐसे मुश्किल फैसले लेने के कई मौके आए हैं। मुझे 2022 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान श्रेयस अय्यर की बात याद आती है। मुझे आज भी याद है कि हम वेस्टइंडीज में खेल रहे थे। राहुल भाई और मुझे हमेशा लगता था कि अगर आप ऐसे फैसले ले रहे हैं, तो यह जरूरी है कि उस खिलाड़ी को पता चले कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं। मुझे याद है कि हमने श्रेयस को पूल के पास बुलाया, और राहुल भाई और मैंने दोनों ने उससे बात की कि वह उस एशिया कप और उसके बाद होने वाले टी20 वल्डर् कप का हिस्सा क्यों नहीं होगा।'  

बार-बार होने वाले मुंह के छाले? अपनाएं ये सरल इलाज

मुंह में छाले होना, कहने को तो बहुत छोटा-सा रोग है, मगर इसके कारण खाना-पीना बन्द हो जाता है। यदि कुछ खाना भी चाहें तो इसे ठीक से चबाना, इसका स्वाद लेना तथा निगल जाना कठिन हो जाता है और न ही पाचन क्रिया सक्रिय रह पाती है। यहां हम इसी के लिए कुछ घरेलू उपचारों को बता रहे हैं जो ठीक लगें, सम्भव हों, उन्हें जरूर अपनाएं… -मुंह के छाले खत्म करने के लिए जामुन के पत्ते लें। इन्हें धोकर पीसें। छानें। इस पानी (रस) से कुल्ले करें। -इस रोग से छुटकारा पाने के लिए टमाटर का रस निकालें। इस रस में इतनी ही मात्रा में पानी मिलाएं। इस पानी से कुल्ला करें। आराम होगा। -और भी सरल उपाय। तुलसी की ताजा पांच पत्तियां लें। इन्हें धोएं। चबाएं। खूब बारीक चबाकर निगलें। इसपर पानी तीन-चार घूंट धीरे-धीरे पी लें। आराम आयेगा। -मुंह के छालों को हटाने के लिए बंसलोचन पीसें। छानें। इसे शहद में मिलाएं। मुंह के अंदर अंगुली से लगाएं। -इस रोग के लिए आक के दूध की कुछ बूंदें निकालें। इसे एक चम्मच शहद में मिलाएं। मुंह में लगाने से जरूर लाभ होगा। -मामूली मात्रा में पिसा कपूर तथा एक छोटा चम्मच पिसी मिश्री लें। दोनों को मिलाएं। मुंह में लगाने से फायदा होगा। -एक और उपाय। थोड़ा-सा हरा पुदीना, इतना ही सूखा धनिया तथा समभाग मिश्री। तीनों को एक साथ मुंह में डालकर चबाएं। पूरा लाभ मिलेगा। -मुंह के छालों से छुटकारा पाने के लिए डिनर करने के बाद छोटी हरड़ चूसें। छालें गायब होने लगेंगे। -शहतूत का रस भी छाले दूर करता है। एक-एक घूंट करके आधा गिलास एक समय लें। ऐसी दो खुराक रोज लेवें। आराम मिलेगा। -यदि तरबूज का मौसम हो तो इसके छिलके जलाएं। राख तैयार करें। इस राख को लगाने से छालें नहीं रहेंगे। -थोड़ा-सा सुहागा फुला लेंबारीक पीसें। इसे दो चम्मच ग्लिसरीन में मिलाएं। इसको लगाने से छाले दूर हो जायेंगे। -मुंह के छाले नष्ट करने के लिए सत्यानाशी की टहनी लें। इसे दातुन की तरह थोड़ा चबाएं। अवश्य आराम आयेगा। आप जिस वातावरण में रहते हैं, वहां जो भी उपचार सम्भव हो पाए, उसे ही अपनाएं। ये सरल है, सस्ते हैं। लाभकर हैं, इसमें संदेह न करें।