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भारत-पाक बॉर्डर से सटे इलाकों में पाकिस्तानी सिम और आवाजाही पर 2 माह तक बैन

श्रीगंगा नगर. भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले के इलाकों में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तानी लोकल सिम कार्ड के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्रीगंगा नगर जिला मजिस्ट्रेट डॉ. मंजू ने बताया कि सीमा से लगे पाकिस्तानी क्षेत्र में स्थापित मोबाइल टॉवरों का नेटवर्क भारतीय सीमा के भीतर तीन से चार किलोमीटर तक आ सकता है, जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे की आशंका बनी रहती है। इसी कारण यह निर्णय लिया गया है। शाम 7 से सुबह 6 बजे तक नो-गो जोन आदेशानुसार भारत-पाक बॉर्डर सटे 3 किमी के दायरे में शाम 7 से सुबह 6 बजे तक लोगों के आवागमन पर पूरी तरह बैन रहेगा। श्रीगंगानगर, श्रीकरणपुर, पदमपुर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़ और घड़साना उपखंड से लगती सीमा पर यह नियम लागू होगा। वहीं, सिंचाई के लिए जाने वाले किसानों को बीएसएफ या सेना के अधिकारियों से परमिशन लेनी होगी। आदेश उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया है कि जिले के किसी भी ऐसे क्षेत्र में, जहां पाकिस्तानी नेटवर्क के जरिए संपर्क संभव है। पाकिस्तानी लोकल सिम के उपयोग पर रोक कोई भी व्यक्ति पाकिस्तानी लोकल सिम का उपयोग नहीं करेगा और न ही किसी को इसकी अनुमति दी जाएगी। आदेश का उल्लंघन करने पर दोषी के खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 15 जनवरी से आगामी दो माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा।

रोनाल्डो की मंगेतर अब डिजिटल आइकन, 8 साल की डेटिंग के बाद हुई सगाई, जानें उनकी कहानी

नई दिल्ली जॉर्जिना रोड्रिगेज की कहानी किसी सपने जैसी है. एक साधारण जीवन से निकलकर वह आज दुनिया की दूसरी सबसे प्रभावशाली सोशल मीडिया मॉडल बन चुकी हैं. वह केवल 31 साल की हैं, लेकिन उनका जीवन रोमांस, ग्लैमर और स्टारडम से भरा हुआ है  एक अज्ञात सेल्स असिस्टेंट के रूप में शुरू हुआ उनका सफर, तब पूरी तरह बदल गया जब उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो से प्यार किया. यह रिश्ता केवल भावनाओं का नहीं, बल्कि पांच बच्चों की मीठी जिम्मेदारियों और लंबे समय के साझे अनुभवों का प्रतीक बन गया.  जॉर्जिना की मोहकता केवल उनके लुक में नहीं, बल्कि उनकी आत्मा की चमक में भी है. सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोवर्स उनके हर मूव और मुस्कान के पीछे छुपे जादू को महसूस करते हैं. इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर उनके 92.4 मिलियन फॉलोवर्स इस बात का सबूत हैं कि उनका प्रभाव कितनी गहराई तक फैला है.   उनका जीवन सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं. जॉर्जिना ने अपने करियर में मॉडलिंग, नेटफ्लिक्स सीरीज और ग्लोबल स्टारडम को छुआ है. लेकिन सबसे इमोशनल और सैन्सुअल पल वह था, जब क्रिस्टियानो ने अगस्त में उन्हें £3.7 मिलियन (लगभग 39 करोड़ रुपये) का एंगेजमेंट रिंग दिया.         जॉर्जिना ने बताया कि रिंग पाकर वह पूरी तरह स्तब्ध रह गई थीं. वह रिंग को सीधे सूर्य की रोशनी में नहीं देख पाईं, बल्कि अगले दिन धीरे-धीरे उसके जादू को महसूस किया. यह पल केवल आभूषण का नहीं, बल्कि उनकी दस सालों की प्रतीक्षा और उनके प्यार की गहराई का प्रतीक था.    फुटबॉल के ग्लैमर और सोशल मीडिया के लाइक्स के बीच, जॉर्जिना की दुनिया प्यार, परिवार और अपनी पहचान के इर्द-गिर्द घूमती है. उनके जीवन की यह कहानी सिर्फ एक मॉडल या स्टार की नहीं, बल्कि एक महिला की है, जिसने अपने प्यार और सपनों के साथ दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया.

रॉयल राजस्थान: घूमने की 10 शानदार जगहें, जो आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर हों

जयपुर राजस्थान को यूं ही राजाओं की धरती नहीं कहा जाता। किले, महल, झीलें, रेगिस्तान और वन्यजीवन—यहां का हर रंग यात्रियों को अलग अनुभव देता है। इतिहास की गूंज, परंपराओं की खुशबू और प्रकृति की भव्यता राजस्थान को भारत के सबसे खास पर्यटन राज्यों में शामिल करती है। अगर आप भारत में घूमने की योजना बना रहे हैं, तो राजस्थान की ये 10 जगहें आपकी लिस्ट में जरूर होनी चाहिए। आमेर किला, जयपुर जयपुर की पहाड़ियों पर स्थित आमेर किला राजपूत शौर्य और स्थापत्य कला का शानदार उदाहरण है। ऊंचे दरवाजे, नक्काशीदार दीवारें और शीश महल इसकी पहचान हैं। दिन के समय इसकी भव्यता और शाम को रोशनी में नहाया किला इतिहास को जीवंत कर देता है। सर्दियों का मौसम यहां घूमने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। उदयपुर सिटी पैलेस झीलों के शहर उदयपुर का सिटी पैलेस राजस्थानी और मुगल स्थापत्य का खूबसूरत संगम है। महल के आंगन, बालकनियां और संग्रहालय मेवाड़ राजघराने की शाही जिंदगी की झलक दिखाते हैं। पिछोला झील के किनारे बना यह महल सितंबर से मार्च के बीच सबसे ज्यादा आकर्षक लगता है। जैसलमेर किला थार रेगिस्तान के बीच खड़ा जैसलमेर किला आज भी आबाद है। सुनहरे पत्थरों से बना यह किला सूरज की रोशनी में अलग ही रंग बिखेरता है। इसकी गलियों में घूमते हुए सदियों पुरानी जीवनशैली को करीब से महसूस किया जा सकता है। सर्दियों में यहां का मौसम घूमने के लिए आदर्श रहता है। रणथंभौर नेशनल पार्क वन्यजीवन प्रेमियों के लिए रणथंभौर किसी सपने से कम नहीं। यहां खुले जंगल में बाघ को देखने का रोमांच अलग ही स्तर का होता है। इसके साथ ही पक्षी, हिरण और ऐतिहासिक खंडहर इस पार्क को खास बनाते हैं। अक्टूबर से जून तक का समय सफारी के लिए उपयुक्त माना जाता है। पुष्कर झील और ब्रह्मा मंदिर अरावली की गोद में बसा पुष्कर आध्यात्मिक शांति का केंद्र है। पवित्र झील के चारों ओर बने घाट और ब्रह्मा मंदिर इस शहर की पहचान हैं। यहां की गलियों में घूमते हुए संस्कृति और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिलता है। अक्टूबर से मार्च के बीच पुष्कर सबसे ज्यादा जीवंत रहता है। मेहरानगढ़ किला, जोधपुर नीले शहर जोधपुर के ऊपर स्थित मेहरानगढ़ किला राजस्थान के सबसे प्रभावशाली किलों में से एक है। इसकी ऊंचाई से पूरा शहर एक अलग ही रंग में नजर आता है। किले के भीतर मौजूद संग्रहालय और शाम का लाइट एंड साउंड शो पर्यटकों को खास अनुभव देता है। हवा महल, जयपुर जयपुर का हवा महल अपनी अनोखी बनावट के लिए दुनियाभर में मशहूर है। सैकड़ों झरोखों वाली यह इमारत राजघराने की महिलाओं के लिए बनाई गई थी। सुबह की रोशनी में इसका गुलाबी रंग बेहद आकर्षक दिखाई देता है। चित्तौड़गढ़ किला राजपूती वीरता और बलिदान की गाथाओं का प्रतीक चित्तौड़गढ़ किला भारत का सबसे बड़ा किला माना जाता है। विजय स्तंभ और मंदिरों से सजा यह किला इतिहास प्रेमियों को गहराई से प्रभावित करता है। सर्दियों में यहां घूमना सबसे आरामदायक रहता है। थार रेगिस्तान और कैमल सफारी रेत के टीलों के बीच ऊंट सफारी राजस्थान के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है। सूर्यास्त के समय बदलते रंग और रात में तारों से भरा आसमान रेगिस्तान को जादुई बना देता है। अक्टूबर से मार्च तक का समय इसके लिए सबसे अच्छा माना जाता है। केवलादेव घना नेशनल पार्क, भरतपुर भरतपुर स्थित यह पक्षी अभयारण्य प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग जैसा है। सर्दियों में यहां प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा देखने को मिलता है। शांत वातावरण और हरियाली इसे खास बनाती है। राजस्थान क्यों है खास राजस्थान सिर्फ किलों और महलों तक सीमित नहीं है। यहां के मेले, लोक संगीत, रंगीन बाजार और पारंपरिक खानपान हर यात्रा को यादगार बना देते हैं। चाहे इतिहास में रुचि हो या प्रकृति से लगाव, राजस्थान हर यात्री को कुछ न कुछ खास जरूर देता है।

सस्ते दाम में मिलेगा Google Pixel, जबरदस्त कैमरा और कीमत का खुलासा

नई दिल्ली यदि आप गूगल पिक्सल के बजट फ्लैगशिप फोन का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. नया पिक्सल 10a जल्द भारत में लॉन्च होने वाला है. हालिया लीक और रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फोन फरवरी में लॉन्च हो सकता है. Pixel 10 सीरीज के बाद अब कंपनी अपने A-सीरीज मॉडल पर फोकस कर रही है. डिजाइन से लेकर प्रोसेसर और कीमत तक, Pixel 10a से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आ चुकी हैं. डिजाइन में नहीं होगा बदलाव लीक हुए CAD रेंडर्स के मुताबिक, Pixel 10a का डिजाइन काफी हद तक पिछले मॉडल जैसा ही रहेगा. फोन में फ्लैट प्लास्टिक बैक दिया जा सकता है, जो गूगल की A-सीरीज की पहचान बन चुका है. पीछे की तरफ एक छोटा पिल-शेप कैमरा मॉड्यूल नजर आ सकता है, जिसमें डुअल कैमरा सेटअप होगा. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार भी फोन में मोटे बेजल्स देखने को मिल सकते हैं. गूगल आमतौर पर अपने प्रीमियम पिक्सल फोन्स से A-सीरीज को अलग दिखाने के लिए ऐसा डिजाइन रखता है. डिस्प्ले में वही पुराना फॉर्मूला Pixel 10a में 6.3 इंच का OLED डिस्प्ले मिलने की बात सामने आई है, जो पिछले साल के मॉडल जैसा ही होगा. इसमें LTPS टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जा सकती है, जिसकी वजह से स्क्रीन 1Hz तक रिफ्रेश रेट कम नहीं कर पाएगी. यानी डिस्प्ले क्वालिटी अच्छी होगी, लेकिन पावर एफिशिएंसी में बड़ा सुधार नहीं दिखेगा. Tensor G4 चिप और बैटरी पर फोकस इस बार Pixel 10a में लेटेस्ट Tensor G5 की जगह Tensor G4 प्रोसेसर मिलने की संभावना है, जो पहले Pixel 9 सीरीज में आया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, TSMC द्वारा बना Tensor G5 ज्यादा महंगा हो सकता है, इसलिए गूगल ने पुराना चिपसेट चुनने का फैसला किया है. हालांकि, Tensor G4 को हल्का स्पीड बूस्ट मिलने की बात कही जा रही है. फोन में 8GB रैम और 128GB स्टोरेज स्टैंडर्ड हो सकती है. बैटरी 5,199mAh की बताई जा रही है, जिसमें चार्जिंग स्पीड पिछले मॉडल जैसी ही रह सकती है. लॉन्च डेट और संभावित कीमत X पर टिप्स्टर @MysteryLupin के मुताबिक, Pixel 10a को 17 फरवरी को लॉन्च किया जा सकता है. भारत में इसके 128GB वेरिएंट की कीमत करीब ₹52,000 हो सकती है. वहीं 256GB स्टोरेज वाला वेरिएंट लगभग ₹63,000 में आ सकता है. हालांकि, गूगल की तरफ से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इसलिए लॉन्च डेट और कीमत को फिलहाल शुरुआती जानकारी के तौर पर ही देखना बेहतर होगा.

रीवा के मोहन लाल द्विवेदी, 50 साल से बिना नींद के, डॉक्टरों के लिए अनसुलझी पहेली

 रीवा कहते हैं, बिना नींद के जिंदगी संभव नहीं. शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नींद सबसे जरूरी मानी जाती है. लेकिन मध्य प्रदेश के रीवा में एक शख्स ऐसा भी है, जिसने पिछले 50 सालों से नींद नहीं ली, फिर भी वह पूरी तरह स्वस्थ है. इस अनोखे मामले ने डॉक्टरों को भी हैरानी में डाल दिया है. रीवा के रहने वाले रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर मोहन लाल द्विवेदी की उम्र करीब 75 साल है. मोहन लाल बताते हैं कि उन्होंने आखिरी बार इमरजेंसी के दौर में चैन की नींद ली थी, उसके बाद से आज तक उन्हें नींद नसीब नहीं हुई. हालात ऐसे हैं कि पलकें तो बंद होती हैं, लेकिन आंखों में नींद नहीं आती. न झपकी, न गहरी नींद… पिछले 50 सालों से उनकी आंखों से नींद जैसे गायब हो चुकी है. हैरत की बात ये है कि नींद न लेने के बावजूद मोहन लाल पूरी तरह स्वस्थ हैं. न थकान, न कमजोरी, न मांसपेशियों में दर्द. वह एक ही मुद्रा में घंटों बैठ सकते हैं और लंबे समय तक लगातार काम कर सकते हैं. मोहन लाल द्विवेदी ने बताया, ''मुझे नींद आती ही नहीं है. रात को लेट तो जाता हूं, लेकिन नींद नहीं आती. किताबें पढ़ता हूं, टहलता रहता हूं. अब तो यही दिनचर्या बन गई है.'' नौकरी के दिनों में उनकी कार्यशैली भी चर्चा का विषय रहती थी. उनके अधीनस्थ कर्मचारी उनके साथ काम करने से घबराते थे, क्योंकि मोहन लाल लगातार कई-कई घंटों तक बिना रुके काम करते थे. बाणसागर बांध परियोजना के दौरान वह कई किलोमीटर पैदल चलते थे, लेकिन उन्हें थकान महसूस नहीं होती थी. नींद न आने की इस समस्या को लेकर उन्होंने मुंबई और दिल्ली के बड़े-बड़े डॉक्टरों से भी सलाह ली, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. योग, प्राणायाम से लेकर झाड़-फूंक तक सब कुछ आज़माया, मगर नींद फिर भी नहीं आई. मोहन लाल द्विवेदी बताते हैं, ''शुरुआत में परेशान था, लेकिन अब आदत हो गई है. शरीर साथ दे रहा है, यही बड़ी बात है.'' 50 साल बिना नींद के जिंदगी… विज्ञान के लिए भी ये एक रहस्य है. मोहन लाल द्विवेदी का यह अनोखा मामला आज भी डॉक्टरों के लिए एक सवाल बना हुआ है.

Toll Tax नियमों में नई क्रांति, Fastag से अब होगा स्वचालित भुगतान

नई दिल्ली अगर आप अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान गुजरे जमाने की बात हो जाएगी। केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा पर कैश लेन-देन को पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। सिर्फ FASTag और UPI से होगा भुगतान केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। 1 अप्रैल के बाद टोल प्लाजा पर केवल FASTag और UPI ही भुगतान के मान्य माध्यम होंगे। वर्तमान में कई टोल प्लाजा पर FASTag होने के बावजूद लोग कैश लेन का इस्तेमाल करते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। नए नियम के लागू होने के बाद:     टोल प्लाजा से कैश लेन पूरी तरह हटा दी जाएगी।     वाहन चालकों को जाम से निजात मिलेगी और यात्रा समय की बचत होगी।     पारदर्शिता बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था पूरी तरह डिजिटल होगी। सरकार 'मल्टी लेन फ्री फ्लो' (MLFF) टोलिंग सिस्टम लाने की तैयारी में है। इसके तहत…     बिना बैरियर के टोल: शुरुआत में देशभर के 25 टोल प्लाजा पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे लागू किया जाएगा।     सेंसर तकनीक: इस सिस्टम में कोई बैरियर नहीं होगा। वाहन बिना रुके गुजरेंगे और ऊपर लगे कैमरे व सेंसर FASTag के जरिए अपने आप टोल काट लेंगे।     सुगम यात्रा: पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा, जिससे हाईवे पर वाहनों की गति बाधित नहीं होगी।

डब्ल्यूईएफ 2026: ‘AI नौकरियां नहीं छिनेगा, इंसानों के साथ काम करेगा’, एक्सपर्ट्स का बयान

नई दिल्ली  दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) 2026 में शामिल तकनीकी कंपनियों के बड़े अधिकारियों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंसानों की नौकरियां नहीं छीनेगा, बल्कि काम करने के तरीके को बदलेगा। एआई कई कामों को अपने आप कर सकता है, लेकिन यह पूरी नौकरी की जगह नहीं ले सकता। वर्करा के संस्थापक और सीईओ कियान कटानफोरूश ने कहा कि एआई को लेकर भाषा का सही इस्तेमाल बहुत जरूरी है। वे एआई को 'सहकर्मी' कहने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि एआई कुछ खास काम तो अच्छी तरह कर सकती है, लेकिन इंसानों की तरह पूरी नौकरी नहीं कर सकती। उन्होंने बताया कि इंसान एक साथ सैकड़ों तरह के काम करते हैं, जबकि एआई केवल तय किए गए काम ही कर पाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक यह अनुमान गलत साबित हुआ है कि एआई बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियां खत्म कर देगा। हिप्पोक्रेटिक एआई के सह-संस्थापक और सीईओ मुंजाल शाह ने भी कहा कि एआई इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि बड़े स्तर पर कर्मचारियों की मदद करेगा। उन्होंने भविष्य की कल्पना करते हुए कहा कि दुनिया में '8 अरब लोग और 80 अरब एआई सिस्टम' होंगे, जो नए कामों को आसान बनाएंगे। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि एक एआई सिस्टम ने गर्मी की लहर के दौरान हजारों लोगों को फोन करके उन्हें ठंडी जगहों पर जाने की सलाह दी और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे सिस्टम को सही ढंग से लागू करने के लिए कड़े परीक्षण की आवश्यकता होती है। हमारे पास ऐसे मॉडल हैं जो अन्य मॉडल्स की जांच करते हैं और फिर वे मॉडल भी उन्हीं मॉडल्स की जांच करते हैं। अमिनी की संस्थापक और सीईओ केट कैलॉट ने कहा कि एआई अभी भी सिर्फ एक उपकरण है। यह अपने आप सही और गलत का फैसला नहीं कर सकता, क्योंकि इसमें इंसानों जैसी सोच और मूल्य समझने की क्षमता नहीं है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के सीईओ क्रिस्टोफ श्वाइजर ने कहा कि एआई के साथ काम करने का अनुभव कभी-कभी किसी सहकर्मी के साथ काम करने जैसा लगता है। किसी कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने काम करने के तरीके को कितना बदलती है, न कि सिर्फ नई तकनीक अपनाने पर। उन्होंने यह भी कहा कि एआई को एक बड़ी प्रबंधन जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए और इसे सिर्फ तकनीकी टीम पर नहीं छोड़ा जा सकता। एचपी कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ एनरिक लोरस ने कहा कि एआई का इस्तेमाल संतुलन के साथ होना चाहिए। एचपी के कॉल सेंटरों में कभी-कभी एआई गलत जवाब देता है, लेकिन कुल मिलाकर इसकी सटीकता पहले से बेहतर हुई है और ग्राहकों की संतुष्टि भी बढ़ी है।

भूलकर भी न करें इन 3 चीज़ों की शर्म, वरना पीछे रह सकते हैं आप

आमतौर पर शर्म को महिलाओं का गहना कहा जाता है। लेकिन बिना वजह की शर्म, महिला हो या पुरुष, दोनों के लिए ही गुण बनने की जगह कई बार असफलता की वजह बन जाती है। जीवन में कई बार व्यक्ति सिर्फ संकोच में आकर कुछ ऐसी चीजों को करने में शर्म महसूस करता है, जो उसकी सफलता की राह को और अधिक दूर कर देती है। आज सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी कुछ बातों को लेकर शर्म महसूस करते हैं। ऐसे में चाणक्य ने अपने नीतिशास्त्र में मानव जीवन की सफलता के लिए कई बहुमूल्य सुझाव दिए हैं। उन्होंने बताया है कि पुरुषों और महिलाओं को किन 3 बातों के लिए बिल्कुल भी शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। धन कमाने में आचार्य चाणक्य के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति धन के लेन-देन में शर्म महसूस करता है, तो उसे धन की हानि हो सकती है। व्यक्ति को धन कमाने के लिए किसी भी छोटे-बड़े कार्य को करने में शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। आचार्य चाणक्य का मानना था कि धन से जुड़े मामलों में संकोच करने से व्यक्ति को नुकसान हो सकता है, जैसे कि उधार दिए हुए पैसे वापस मांगने में संकोच करना या धन उधार लेने में शर्म करना, दोनों ही सूरतों में व्यक्ति को नुकसान हो सकता है। याद रखें, एक अच्छे, आरामदायक और समृद्ध जीवन के लिए हर व्यक्ति को धन की आवश्यक पड़ती है। व्यक्ति की हर जरूरत सीधे तौर पर धन से जुड़ी हुई होती है। शिक्षा लेने में शिक्षा प्राप्त करने में भी व्यक्ति को कभी शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति कुछ नया सीखने में संकोच करता है, तो वह हमेशा अज्ञानी ही रह जाएगा। इसलिए, कभी भी अपने गुरु से प्रश्न पूछने में संकोच न करें। किसी भी तरह का संदेह मन में उठते ही उसे तुरंत समझने के लिए प्रश्न पूछें। भोजन कई लोग सार्वजनिक रूप से भोजन करने में शर्म महसूस करते हैं। लेकिन भूख मिटाना व्यक्ति का अधिकार और एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। आपको जब भूख लगे तभी खाएं और अपने बगल में बैठे लोगों की चिंता न करें। याद रखें, यदि आप भोजन करने में शर्म महसूस करेंगे, तो आप भूखे रह सकते हैं।

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, बुजुर्गों की पेंशन अब निर्बाध

पटना बिहार में नीतीश सरकार ने प्रदेश के 1.16 करोड़ सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। अब यदि किसी कारणवश लाइफ सर्टिफिकेट जमा नहीं हो सका है तो भी पात्र व्यक्ति की पेंशन नहीं रुकेगी। सरकार ने सुविधा बढ़ाने के लिए हर महीने पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने की योजना बनाई है। जिन बुजुर्गों या लाभार्थियों के लिए केंद्र तक आना मुश्किल होगा, उनके घर जाकर पेंशन सत्यापन किया जाएगा।  समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने बताया कि जीवन प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया अब बहुत सरल कर दी गई है। प्रत्येक प्रखंड और पंचायत में महीने में एक बार शिविर लगाए जाएंगे। यदि कोई लाभार्थी शारीरिक अक्षमता या किसी अन्य कारण से शिविर में नहीं आ पाता है, तो विभाग की टीम उनके घर जाकर सत्यापन करेगी। साथ ही नाम, आधार कार्ड या अंगूठे के निशान में मिलान न होने जैसी समस्याओं के कारण किसी को भी पेंशन से वंचित नहीं किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग की सचिव वंदना प्रेयषी ने बताया कि वर्ष 2005 में पेंशन लाभार्थियों की संख्या केवल 12 लाख थी, जो अब बढ़कर 1.16 करोड़ हो गई है। वर्तमान में विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लगभग 3.5 करोड़ लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 70 लाख लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है। इस नई व्यवस्था से बिहार के बुजुर्ग और अन्य पात्र लाभार्थियों को उनके अधिकारित लाभ समय पर मिलने की सुविधा सुनिश्चित होगी और उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

काम में आ रही रुकावट खत्म! सिर्फ 24 घंटे में मिलेगा समाधान, जानें आसान उपाय

जीवन में कई बार ऐसी स्थिति आती है जब हमारी मेहनत के बावजूद काम अंतिम समय पर आकर अटक जाते हैं। चाहे वह नौकरी का प्रमोशन हो, व्यापार की कोई डील, रुका हुआ पैसा या घर का कोई शुभ कार्य जब राह में बार-बार बाधाएं आने लगें, तो इसका कारण आपके परिवेश की नकारात्मक ऊर्जा या वास्तु दोष हो सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे आसपास की ऊर्जा हमारे भाग्य और कार्यसिद्धि को गहराई से प्रभावित करती है। यदि आपके काम भी लंबे समय से अटके हुए हैं, तो यह उपाय आपके लिए बेहद ही फायदेमंद साबित होंगे। मुख्य द्वार की शुद्धि वास्तु में घर का मुख्य द्वार सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहीं से सुख-समृद्धि का प्रवेश होता है। एक लोटे पानी में थोड़ी पिसी हुई हल्दी मिलाएं और इसे मुख्य द्वार की दहलीज पर छिड़कें। हल्दी नकारात्मकता को सोख लेती है और शुभ ऊर्जा को आकर्षित करती है। शाम के समय प्रवेश द्वार पर थोड़ा सा गंगाजल छिड़कें। यदि कोई काम बहुत दिनों से अटका है, तो एक कटोरी में सेंधा नमक भरकर मुख्य द्वार के पीछे रख दें।  नमक का पोंछा: अगर आपको लगता है कि घर में भारीपन है और कोई भी योजना सफल नहीं हो रही, तो नमक का उपाय सबसे तेज काम करता है। घर में पोंछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा समुद्री नमक (Sea Salt) मिला दें। नमक वास्तु दोषों को नष्ट करने की अद्भुत क्षमता रखता है। इसे करने के कुछ ही घंटों भीतर आप घर के वातावरण में हल्कापन महसूस करेंगे, जिससे मानसिक स्पष्टता बढ़ेगी और अटके काम की नई राह खुलेगी। ईशान कोण को करें सक्रिय घर की उत्तर-पूर्व दिशा को 'देव स्थान' कहा जाता है। यदि यह दिशा गंदी है या यहां भारी सामान रखा है, तो प्रगति रुक जाती है। अगले 24 घंटों में सफलता के लिए ईशान कोण को बिल्कुल साफ कर दें। वहां एक सुंदर बर्तन में ताज़ा पानी भरें और उसमें कुछ गुलाब की पंखुड़ियां डाल दें। इसके साथ ही वहां एक घी का दीपक जलाएं। यह उपाय आपकी बुद्धि को सक्रिय करेगा और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाएगा। उत्तर दिशा: यदि आपका काम पैसे से जुड़ा है या व्यापार में रुकावट है, तो उत्तर दिशा पर ध्यान दें। उत्तर दिशा में एक नीले रंग के फूल का गमला या नीली बोतल में पानी रखें। यदि संभव हो, तो उत्तर दिशा में तांबे या चांदी का एक छोटा कछुआ पानी में डालकर रखें। वास्तु के अनुसार कछुआ धैर्य और निरंतर प्रगति का प्रतीक है, जो रुके हुए कार्यों को गति प्रदान करता है। पक्षियों को दाना और पानी अक्सर ग्रहों की चाल और ऊर्जा के असंतुलन से काम अटकते हैं। अपने घर की छत या बालकनी पर पक्षियों के लिए सात तरह के अनाज और पानी की व्यवस्था करें। जब पक्षी आपके द्वारा दिया गया दाना चुगते हैं, तो आपकी कुंडली के अशुभ प्रभाव कम होने लगते हैं और रुके हुए काम आश्चर्यजनक रूप से बनने लगते हैं। कपूर का धुआं अटके हुए कामों का एक बड़ा कारण घर में मौजूद स्टैग्नेंट एनर्जी  होती है।  शाम के समय एक पीतल के बर्तन या दीये में कपूर और दो लौंग जलाकर पूरे घर में घुमाएं। इसके धुएं से घर की सूक्ष्म नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है और कार्यों में आ रही अदृश्य बाधाएं दूर होती हैं।