samacharsecretary.com

केंद्र की बड़ी पहल, दोराहा-धुरी में रेल ओवरब्रिज से बढ़ेगी पंजाब की कनेक्टिविटी, रवनीत बिट्टू खुश

चंडीगढ़  पंजाब को केंद्र सरकार की बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने घोषणा की कि दोराहा और धुरी में रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाने को मंजूरी मिल गई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। रवनीत सिंह बिट्टू ने इसे पंजाब के इंफ्रास्ट्रक्चर सफर में मील का पत्थर बताया और कहा कि ये प्रोजेक्ट सड़कों को जोड़ने से ज्यादा पंजाब की आर्थिक खुशहाली को रफ्तार देंगे। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं लंबे समय से राजनीतिक कारणों से लटकी हुई थीं, लेकिन केंद्र सरकार ने प्राथमिकता देकर मंजूरी दी। लोग वर्षों से धरने-प्रदर्शन कर रहे थे।  अब जल्द काम शुरू होगा। कुल 124 करोड़ रुपए की इन परियोजनाओं से दोनों इलाकों में यातायात की पुरानी परेशानियां दूर होंगी। दोराहा (लुधियाना जिले में) में 70 करोड़ रुपए की लागत से आरओबी बनेगा। यह लेवल क्रॉसिंग नंबर 164ए के पास होगा, जो अंबाला-लुधियाना रेल खंड पर है। यहां ट्रेन गुजरने पर फाटक बंद रहते हैं, जिससे जाम लगता है और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। ब्रिज बनने से सड़क यातायात सुचारू होगा, समय बचेगा और दुर्घटनाएं कम होंगी। धुरी (संगरूर जिले में) में 54 करोड़ रुपए से आरओबी का निर्माण होगा। यह बठिंडा सेक्शन के नॉन-इंटरलेवल क्रॉसिंग क्षेत्र में बनेगा, जहां जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग (जीएडी) को मंजूरी मिल चुकी है। धुरी में फाटक बंद होने से शहर दो हिस्सों में बंट जाता है। कई बार 3-4 घंटे जाम रहता है, जिससे स्कूल, बाजार और रोजमर्रा का काम प्रभावित होता है। इस ब्रिज से एक लाख से ज्यादा लोगों को सीधा फायदा होगा। ये परियोजनाएं पंजाब में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम हैं। आरओबी से यातायात बेहतर होगा, व्यापार और परिवहन बढ़ेगा तथा दैनिक जीवन आसान बनेगा। केंद्र सरकार की यह पहल राज्य के विकास में बड़ा योगदान देगी। बिट्टू ने पंजाब के लोगों को हार्दिक बधाई दी और कहा कि ये बदलाव आर्थिक प्रगति को नई गति देंगे।

2 लाख के केबल चोरी करते कबाड़ी समेत 6 गिरफ्तार

कोरबा. आरडीएसएस योजना के गोदाम से 2 लाख रुपये कीमत का एल्यूमिनियम केबल चोरी के मामले में उरगा पुलिस ने कबाड़ी समेत कबाड़ चोर गिरोह को पकड़ लिया। लबेद गांव में बिजली विभाग का केबल कन्वर्जन कार्य पूरा होने के बाद केबल-तार गोदाम में रखा गया था। सोमवार रात चोरों ने धावा बोलकर सारा माल उड़ा लिया। रिपोर्ट पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना से संदेह के आधार पर मालवाहक ट्रक तक पहुंची। चालक से सख्ती से पूछताछ करने पर उसने झगरहा के कबाड़ी मदन अग्रवाल (43) के संरक्षण में गिरोह द्वारा चोरी करना कबूल लिया। मुख्य आरोपी कबाड़ी मदन समेत सुरेश कुमार सोहा (34), संजय मंडावर (28), सचिन बागड़ी (25), अर्जुन गोड़ (22) और सागर कुमार बरेठ (22) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी का पूरा केबल-तार बरामद हो गया। सभी को कोर्ट पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। पुलिस ने अन्य संलिप्तों की तलाश जारी रखी है।

ठंड, बारिश और बर्फबारी का डबल अटैक, फरवरी की शुरुआत में कांपेगा उत्तर भारत, IMD की चेतावनी

नई दिल्ली उत्तर पश्चिम और मध्य भारत को फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग या IMD ने बुधवार के ऐसा पूर्वनुमान लगाया है। मौसम विभाग ने पंजाब और दिल्ली समेत कम से कम पांच राज्यों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है। खास बात है कि कड़ाके की ठंड के बीच बुधवार को कई राज्यों में बारिश भी दर्ज की गई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Active Western Disturbance) के प्रभाव से हिमालयी इलाकों में बड़े लेवल पर बर्फबारी और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा स्थित गुरेज सेक्टर में आए बर्फीले तूफान की वजह से 100 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. मध्य प्रदेश के खरगोन में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं और चने की खड़ी फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है.  उत्तराखंड के टिहरी में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में 12 घंटों से जारी बारिश की वजह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है. मौसम विभाग ने 30 जनवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी है, जिससे आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और बिहार में घना कोहरा और शीत लहर जारी रहेगी. राजस्थान के कोटा जिले के रामगंजमंडी में बिजली लाइनों में फैले करंट की चपेट में आने से 24 साल के युवक करणदान की मौत हो गई, जिसकी अप्रैल में शादी होनी थी. बारिश और तेज हवा के आसार मौसम विभाग ने बताया कि 1 फरवरी को उत्तर पश्चिम भारत, उससे सटे मैदानी इलाकों में और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में आंधी तूफान की संभावनाएं हैं। उस दौरान हवा 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती है। राजस्थान में 31 जनवरी और 1 फरवरी को बारिश के आसार हैं। जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश में 1 फरवरी भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है। कोहरे और शीत लहर की मार IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, जम्मू और कश्मीर, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, ओडिशा में 30 जनवरी तक सुबह और रात के समय घना कोहरा छा सकता है। ऐसा ही मौसम हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश में 31 जनवरी को रह सकता है। उप हिमालयी पशअचिम बंगाल, सिक्किम, बिहार में 30 और 31 जनवरी को घना कोहरा छा सकता है। इधर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 31 जनवरी तक शीत लहर के आसार हैं। गुरेज से टिहरी तक बर्फबारी का असर हिमालय की पहाड़ियों पर कुदरत का कहर जारी है. बांदीपोरा के गुरेज में बर्फीले तूफान ने रिहाइशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जहां 100 घर इसकी चपेट में आए हैं. हालांकि, विषम परिस्थितियों के बीच भारतीय सेना वहां 'स्नो क्रिकेट लीग' आयोजित कर युवाओं का उत्साह बढ़ा रही है.  उत्तराखंड के टिहरी में चिरबिटिया और कद्दूखाल जैसे इलाकों में बर्फबारी से लोग घरों में कैद हैं. गनीमत रही कि पांच दिनों से बंद घुत्तू–गंगी मार्ग को अब बहाल कर लिया गया है. ओलावृष्टि से 'सफेद' हुए खेत, किसान बेहाल मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की कसरावद तहसील में अचानक आए मौसम के बदलाव ने तबाही मचा दी है. दोगावां क्षेत्र में बड़े-बड़े ओलों के गिरने से गेहूं की बालियां टूट गईं और चने की फसल पूरी तरह झड़ गई. खेतों में लहलहाती फसलें अब जमीन पर बिछी हुई हैं. पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर किसानों को तुरंत मुआवजा देने और फसलों के सर्वे की मांग उठाई है. किसानों का कहना है कि इस आपदा ने उनकी आर्थिक कमर तोड़ दी है. कोटा में दर्दनाक हादसा… राजस्थान के कोटा में बारिश के दौरान बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई. रामगंजमंडी के कुम्भकोट कस्बे में बिजली की लाइनों से घरों में करंट फैल गया. इसकी चपेट में आने से युवक करणदान की मौके पर ही मौत हो गई. कितना रहेगा तापमान मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है। हालांकि, इसके दो दिन बाद 2-4 डिग्री सेल्सियस बढ़ने के आसार हैं। गुजरात में अगले 2 दिनों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। IMD का कहना है कि देश में कहीं और न्यूनतम तापमान में खास बदलाव के आसार नहीं हैं। ठंड के बीच बौछार उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बुधवार को बारिश हुई और उत्तरी भारत में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई, जिनमें जम्मू कश्मीर भी शामिल है, जहां भारी हिमपात के कारण पहले बंद किए गए राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से बहाल कर दिया गया था।

इकोनॉमिक सर्वे 2026: भारत की अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत? लाइव देखने का लिंक और पूरा विश्लेषण

नई दिल्‍ली संसद बजट सत्र का आज दूसरा दिन है और 29 जनवरी यानी आज इकोनॉमी सर्वे रिपोर्ट 2026 पेश होने जा रही है. यह रिपोर्ट भारत की इकोनॉमी का लेखा-जोखा दिखाएगी और यह बताएगी कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था कितनी मजबूत है. इसके तीन दिन बाद बजट पेश किया जाएगा.  इतिहास में यह पहली बार है कि केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जाएगा, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह 9वां बजट होगा. इस बजट में सरकार भारत के विकास के लिए रोडमैप पेश करेगी. वहीं अलग-अलग कैटेगी और क्‍लास के लिए छूट का ऐलान भी किया जा सकता है.  आमतौर पर बजट से ठीक एक दिन पहले इकोनॉमिक सर्वे या आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाता है, लेकिन इस बार 3 दिन पहले ही यह काम किया जा रहा है. आर्थिक सर्वेक्षण 2026   इस साल 29 जनवरी, गुरुवार को सुबह 11 बजे पेश किया जा रहा है. संसद के दोनों सदनों में भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) इस सर्वेक्षण को पेश करेंगे.  क्‍या होता है इकोनॉमिक सर्वे?  आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) सरकार की वह रिपोर्ट होती है, जिसमें देश की आर्थिक स्थिति, चुनौतियों और आगे की दिशा के बारे में विस्‍तार से आकलन किया गया होता है.  इसमें विकास के संकेतकों, महंगाई के अनुमान और देश की नौकरियों, व्यापार और वित्तीय सेहत के बारे में भी जानकारी दी गई होती है. आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट को हर साल केंद्रीय वित्त मंत्रालय की टीम तैयार करती है. इस रिपोर्ट को केंद्रीय बजट पेश होने के ठीक एक दिन पहले संसद में रखा जाता है.  बजट से पहले क्‍यों होता है इकोनॉमिक सर्वे आर्थिक सर्वेक्षण में देश के एक साल के दौरान किए गए काम और उससे होने वाले लाभ का लेखा-जोखा होता है. साथ ही देश की अर्थव्‍यवस्‍था किस तरीके से प्रदर्शन कर रही है, इसकी भी जानकारी होती है. इससे बजट का बेसलाइन और रोडमैप दिखाई देता है. इसमें  मौजूदा वित्त वर्ष की GDP ग्रोथ, महंगाई, रोजगार, निर्यात-आयात, राजकोषीय स्थिति, अलग-अलग सेक्टर (कृषि, उद्योग, सेवाएं) की हालत पर भी अपडेट जानकारी और डाटा होता है.  कबतक चलेगा बजट सत्र  इस साल संसद के बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण से की गई. केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस महीने की शुरुआत में एक पोस्ट में बताया था कि यह सत्र 2 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा.  कहां देख सकते हैं इकोनॉमिक सर्वे  आप यूट्यूब पर सरकार के Sansad TV चैनल या DoorDarshan TV चैनलों पर इकोनॉमिक सर्वे को लाइव देख सकते हैं. Union Budget की वेबसाइट (indiabudget.gov.in) पर भी इसकी जानकारी ली जा सकती है, वित्त मंत्रालय के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज और प्रेस सूचना ब्यूरो (Press Information Bureau) के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर भी अपडेट दिखाई देगा. इसकी पीडीएफ भी पीआईबी की अधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड की जा सकती है . 

प्रशांत सिंह के इस्तीफे पर सस्पेंस, GST विभाग में मचा हड़कंप, सरकार अनजान

लखनऊ अयोध्या में तैनात जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह द्वारा सार्वजनिक रूप से इस्तीफे का एलान किए जाने के बावजूद, अब तक उनका त्यागपत्र न तो शासन स्तर पर पहुंचा है और न ही राज्य कर आयुक्त कार्यालय में इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि हो सकी है. सूत्रों के मुताबिक, विभागीय अधिकारी स्पष्ट तौर पर कह रहे हैं कि जब तक लिखित रूप में इस्तीफा प्राप्त नहीं होता, तब तक आगे की किसी भी कार्रवाई पर निर्णय नहीं लिया जा सकता. प्रशांत कुमार सिंह ने इसी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में भावनात्मक बयान देते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी. इस एलान ने न सिर्फ प्रशासनिक गलियारों में बल्कि सियासी हलकों में भी हलचल मचा दी थी. यह इस्तीफा एक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा गया, लेकिन उसी दिन देर रात उनके बड़े भाई डॉक्टर विश्वजीत ने यह आरोप लगा दिया था कि प्रशांत फर्जी दिव्यांग प्रमाण के सहारे नौकरी पाई और जब कार्रवाई होने की तैयारी थी तो उससे बचने को इस रूप में इस्तीफे दिया. अब जब प्रशासनिक स्तर पर इसकी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है, तो पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े होने लगे हैं. राज्य कर आयुक्त से मांगी गई पूरी रिपोर्ट इस बीच, उत्तर प्रदेश शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य कर आयुक्त से प्रशांत कुमार सिंह से जुड़ी पूरी रिपोर्ट तलब कर ली है. शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि रिपोर्ट में उनके खिलाफ चल रही जांच, अब तक की गई विभागीय कार्रवाई, जारी नोटिस और भविष्य में संभावित कार्रवाई से जुड़े सभी बिंदुओं को शामिल किया जाए. सूत्रों के अनुसार, शासन यह भी जानना चाहता है कि इस्तीफे की घोषणा किन परिस्थितियों में की गई और क्या इसका सीधा संबंध प्रशांत कुमार सिंह के खिलाफ चल रही जांच से है. रिपोर्ट शासन को मिलते ही आगे की रणनीति तय की जाएगी.  फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र से नौकरी पाने का दावा पूरे विवाद की जड़ में प्रशांत कुमार सिंह के सगे भाई, डॉक्टर विश्वजीत सिंह द्वारा लगाए गए बेहद गंभीर आरोप हैं. डॉ. विश्वजीत सिंह का दावा है कि प्रशांत ने कथित रूप से फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के सहारे सरकारी नौकरी हासिल की है. उन्होंने इस मामले में न सिर्फ विभागीय स्तर पर शिकायत की, बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाई. डॉ. विश्वजीत सिंह के अनुसार, उन्होंने 20 अगस्त 2021 को औपचारिक रूप से प्रशांत कुमार सिंह के दिव्यांग प्रमाणपत्र की जांच कराने की मांग की थी. इसके बाद मंडलीय चिकित्सा परिषद ने दो बार प्रशांत को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने के लिए बुलाया, लेकिन दोनों ही मौकों पर वे पेश नहीं हुए. डॉ. विश्वजीत का कहना है कि यह अपने आप में संदेह पैदा करने वाला तथ्य है. यदि प्रमाणपत्र वैध और सही है, तो जांच से बचने की क्या आवश्यकता थी? डॉ. विश्वजीत सिंह ने उस पत्र को भी दिखाया है, जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिव्यांग प्रमाणपत्र की विधिवत जांच कराने के निर्देश दिए गए थे. इस पत्र के सामने आने के बाद मामला और अधिक तूल पकड़ गया. सूत्र बताते हैं कि मऊ से जुड़े प्रकरण में सीएमओ से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिसे शासन को भेजा जाना है. यह रिपोर्ट तय करेगी कि दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई या नहीं. बीमारी को लेकर सवाल डॉ. विश्वजीत सिंह ने एक और अहम सवाल उठाया है. उनका दावा है कि जिस आंख की बीमारी के आधार पर प्रशांत कुमार सिंह ने दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाया, वह बीमारी चिकित्सकीय दृष्टि से 50 वर्ष की आयु से पहले होना अत्यंत दुर्लभ है. ऐसे में कम उम्र में उस बीमारी के आधार पर दिव्यांगता का प्रमाणपत्र मिलना, कई सवालों को जन्म देता है. यही नहीं, डॉ. विश्वजीत का कहना है कि 2021 से अब तक प्रशांत कुमार सिंह को कम से कम तीन बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने न तो व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष रखा और न ही लिखित जवाब दिया. राजनीतिक पृष्ठभूमि भी बनी चर्चा का विषय प्रशांत कुमार सिंह की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी इन दिनों चर्चा में है. जानकारी के अनुसार, वे कभी वरिष्ठ नेता अमर सिंह की पार्टी ‘लोकमंच’ में जिलाध्यक्ष रह चुके हैं. इसके बाद उन्होंने पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर सेल टैक्स विभाग में चयन पाया. उनका एक और पोस्टर वायरल हो रहा है जिसमें भगवा बैकग्राउंड के बीच वह अपनी फोटो लगाए हैं और उस पर अटल बिहारी वाजपेई की कविता लिखी है. बताया जा रहा है कि वह बीजेपी से टिकट के दावेदार भी थे.

डिजिटल दुनिया में नया रिकॉर्ड, 900 मिलियन डॉलर की डील के साथ खाबी लैम नंबर-1 क्रिएटर

 नई दिल्ली टिकटॉक पर बिना बोले किए गए अपने मजेदार रिएक्शन वीडियो से मशहूर हुए खाबी लैम अब एक बड़ी वजह से फिर चर्चा में हैं. खाबी ने करीब 900 मिलियन डॉलर, यानी लगभग 82,800 करोड़ रुपये की एक बड़ी डील साइन की है. यह किसी भी डिजिटल क्रिएटर के लिए दुनिया की सबसे बड़ी डील में से एक मानी जा रही है. साइलेंट वीडियो से दुनिया भर में पहचान खाबी लैम की इस सफलता की शुरुआत उनके साइलेंट वीडियो से हुई थी. वह बिना एक शब्द बोले, सिर्फ चेहरे के हाव-भाव और हाथों के इशारों से ओवर-कॉम्प्लिकेटेड लाइफ हैक्स का मजाक उड़ाते थे.उनकी कहानी दिलचस्प है.कोरोना संकट के दौरान उन्होंने अपनी नौकरी खो दी थी. करने को कुछ नहीं था, तो उन्होंने टिकटॉक पर वीडियो बनाना शुरू किया और धीरे-धीरे दुनिया के सबसे महंगे और सबसे अमीर डिजिटल क्रिएटर बन गए. सोशल मीडिया पर करीब 360 मिलियन फॉलोअर्स हैं. 900 मिलियन डॉलर की डील कैसे बनी? यह बड़ी डील उनकी कंपनी Step Distinctive Limited के आंशिक बिक्री से जुड़ी है, जिसे अमेरिका की Rich Sparkle Holdings ने खरीदा है. यह सिर्फ खरीद-फरोख्त नहीं, बल्कि एक बड़ी पार्टनरशिप का हिस्सा है, जिसका मकसद खाबी के बिजनेस को दुनिया भर में और बड़ा बनाना है.समझौते के मुताबिक, अगले 36 महीनों तक खाबी लैम से जुड़ी सभी कमर्शियल एक्टिविटी जैसे ब्रांड डील, विज्ञापन, लाइसेंसिंग और ई-कॉमर्स का पूरा अधिकार Rich Sparkle के पास रहेगा. यानी तीन साल तक खाबी का पूरा बिजनेस इन्हीं के कंट्रोल में चलेगा.Rich Sparkle का कहना है कि इस मॉडल से भविष्य में 4 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा की सालाना बिक्री हो सकती है. अब क्रिएटर ही नहीं, कंपनी के मालिक भी इस डील का एक बड़ा हिस्सा यह है कि खाबी खुद भी Rich Sparkle Holdings के कंट्रोलिंग शेयरहोल्डर बन जाएंगे. यानी वह सिर्फ कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर नहीं, बल्कि कंपनी के बड़े मालिकों में से एक हो जाएंगे. AI डिजिटल ट्विन  डील में एक दिलचस्प चीज और शामिल है.खाबी का AI डिजिटल ट्विन. इसमें खाबी के चेहरे, आवाज और हाव-भाव का इस्तेमाल करके एक वर्चुअल खाबी लैम बनाया जाएगा. यह वर्चुअल अवतार विज्ञापनों, लाइव स्ट्रीम और कंटेंट में इस्तेमाल किया जा सकेगा. इससे खाबी का ब्रांड 24 घंटे सक्रिय रह सकता है, भले ही वह खुद मौजूद न हों.नई योजना सबसे पहले अमेरिका, मिडिल ईस्ट और साउथ-ईस्ट एशिया में लागू की जाएगी. इसके लिए कंपनी एक चीन स्थित कंटेंट कॉमर्स कंपनी के साथ काम करेगी.

आगरा में ताबड़तोड़ पुलिस एनकाउंटर, राज चौहान हत्याकांड का मुख्य आरोपी अरबाज मारा गया

आगरा यूपी के आगरा में हुए राज चौहान हत्याकांड के मामले में पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन हुआ है. हत्यारोपियों से पुलिस की तीन अलग-अलग मुठभेड़ हुईं जिसमें मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी ढेर हो गया. वहीं, दो अन्य आरोपी आशु तिवारी और मोहित पंडित के पैर में गोली लगी है. इस मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.   आपको बता दें कि आगरा CP दीपक कुमार के निर्देश पर डीसीपी सिटी अली अब्बास के नेतृत्व में ये बड़ी कार्रवाई हुई है. तीनों आरोपियों पर पुलिस ने 25-25 हजार का इनाम रखा था. तीनों ही बीते 23 जनवरी को हुए राज चौहान हत्याकांड में फरार चल रहे थे. राज चौहान की गोली मारकर हत्या की गई थी. इस हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने 9 टीमें बनाई थीं. इनपुट मिलने पर आरोपियों की घेराबंदी की गई. बचने के लिए इन्होने पुलिस टीम पर फायर किया. आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोली चलाई. इसमें अरबाज मारा गया, जबकि आशु और मोहित घायल हो गए. उन्हें इलाज के लिए SN मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. मुठभेड़ थाना ट्रांस यमुना और डोकी क्षेत्र में हुई.  आगरा पुलिस का बयान 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बरेली पुलिस ने लिखा- पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के निर्देशन में 29 जनवरी 2026 की रात चेकिंग के दौरान अभियुक्त मोहित पंडित को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में मोहित के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की है. 23 जनवरी को हुई इस हत्या के बाद से ही पुलिस टीमें अपराधियों की तलाश में जुटी थीं. इसी तरह थाना डौकी पुलिस टीम द्वारा इनामिया अभियुक्त आशु तिवारी को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया. उसके कब्जे से 1 तमंचा, 1 जिंदा कारतूस व 1 खोखा कारतूस.315 बोर बरामद हुआ.   फिलहाल, आधी रात को हुई इन तीन मुठभेड़ों में एक बदमाश मारा गया जबकि दो को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया. हत्याकांड में शामिल कई और लोगों को चिन्हित किया गया है. उनकी भी गिरफ्तारी की कोशिश जारी है.

वर्ल्ड कप से पहले फिक्सिंग का खुलासा, ICC की सख्ती, USA के आरोन जोंस निलंबित

नई दिल्ली इंटरनेशनल  क्रिकेट परिषद (ICC) ने अमेरिका (USA) के टी20 वर्ल्ड कप 2024 में शामिल बैटर आरोन जोंस (Aaron Jones match fixing) को मैच फिक्सिंग से जुड़े मामलों में दोषी पाया है. ICC और क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने संयुक्त रूप से जोंस पर एंटी-करप्शन कोड के पांच उल्लंघनों का आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्हें सभी तरह की क्रिकेट गतिविधियों से तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया. 31 वर्षीय जोंस अमेरिका के लिए 6 साल के इंटरनेशनल करियर में 100 मैच खेल चुके हैं, जिसमें 52 वनडे और 48 टी20 इंटरनेशनल शामिल हैं. इसके अलावा वह मेजर लीग क्रिकेट में सिएटल ऑर्कास और कैरेबियन प्रीमियर लीग में सेंट लूसिया किंग्स का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.  तीन आरोप 2023-24 के Barbados Bim10 टूर्नामेंट से जुड़े हैं, जो CWI के एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) के दायरे में आता है. वहीं दो आरोप इंटरनेशनल मैचों से जुड़े होने के कारण ICC ने भी कार्रवाई की है. जोंस पर मैच फिक्सिंग, फिक्सिंग की कोशिश, संदिग्ध संपर्कों की जानकारी छुपाने और एंटी-करप्शन जांच में सहयोग न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. ICC के मुताबिक, उन्होंने जांच के दौरान अहम जानकारियां छुपाईं और सबूतों से छेड़छाड़ भी की. ICC ने अपने बयान में कहा- यह मामला एक व्यापक जांच का हिस्सा है और आने वाले समय में अन्य खिलाड़ियों पर भी आरोप लग सकते हैं. जोंस को 28 जनवरी के बाद 14 दिनों के भीतर इन आरोपों पर जवाब देना होगा. वह USA की टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी टीम का हिस्सा थे, लेकिन निलंबन के चलते अब किसी भी चयन के लिए अयोग्य हो गए हैं. टी20 वर्ल्ड कप में खेलने के लिए तैयार एक क्रिकेटर पर ICC और CWI ने मैच फिक्सिंग के पांच मामलों में दोषी पाया है. Bim10 टूर्नामेंट और इंटरनेशनल मैचों से जुड़े आरोपों के बाद उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया गया. वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों का हिस्सा थे, लेकिन अब चयन से बाहर हो गए हैं. कौन हैं आरोन जोंस  2019 में 31 साल के आरोन ने इंटरनेशनल डेब्यू किया. वह USA और वेस्ट इंडीज में आयोज‍ित हुए 2024 T20 वर्ल्ड कप में कनाडा के खिलाफ 40 गेंदों पर मैच जिताने वाली 94 रन की पारी खेली. वहीं उन्होंने उसी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ मशहूर 26 गेंदों पर नाबाद 36 रन बनाए. जोंस  CPL, MLC और BPL जैसी T20 फ्रेंचाइजी लीग में भी खेल चुके हैं, उन्होंने अप्रैल 2025 के बाद से कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है. वहीं 2024 टी20 वर्ल्ड कप में उन्होंने अमेर‍िका की क्रिकेट टीम की कमान भी संभाली थी.   क्रिकइंफो के मुताब‍िक- आरोन जोंस का क्रिकेट सफर बेहद दिलचस्प रहा है. उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज खिलाड़ियों शाई होप और जेसन होल्डर के साथ क्रिकेट खेलते हुए परवरिश पाई, जबकि निकोलस पूरन और रोवमैन पॉवेल जैसे खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबले खेले. साल 2017 में जोंस ने बारबाडोस के लिए अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया और पहले ही मैच में अर्धशतक जड़कर अपनी प्रतिभा का संकेत दे दिया. हालांकि 2018 में न्यूयॉर्क में जन्मे जोंस ने बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिका की ओर से खेलने का विकल्प चुना. इसके बाद वह तेजी से USA टीम की रीढ़ बन गए. 2019 में नामीबिया के खिलाफ WCL डिवीजन-2 मुकाबले में लगाया गया उनका पहला लिस्ट-ए शतक अमेरिका को वनडे स्टेटस दिलाने में अहम साबित हुआ. तीन साल बाद उन्होंने स्कॉटलैंड के खिलाफ 87 गेंदों में नाबाद 123 रन बनाकर अपना पहला वनडे शतक पूरा किया. लेकिन उनकी सबसे यादगार पारी 2024 टी20 वर्ल्ड कप में आई, जब उन्होंने कनाडा के खिलाफ सिर्फ 40 गेंदों में नाबाद 94 रन ठोककर USA को ऐतिहासिक जीत दिलाई. इसके कुछ महीनों बाद जोंस ने सेंट लूसिया किंग्स को उनका पहला CPL खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई. गयाना की मुश्किल पिच पर कम स्कोर का पीछा करते हुए उन्होंने 31 गेंदों में नाबाद 48 रन बनाए और टीम को खिताबी जीत दिलाई.

7 छक्कों की बरसात फिर भी हार, वाइजैग T20 में न्यूजीलैंड ने भारत को हराया, सूर्या का एक्सपेरिमेंट पड़ा भारी

 विशाखापत्तनम भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला 28 जनवरी (बुधवार) को व‍िशाखापत्तनम (वाइजैग) के डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया. न्यूजीलैंड ने इस मैच में 50 रनों से जीत हासिल की. न्यूजीलैंड ने भारत को जीत के लिए 216 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 18.4 ओवरों में 165 रनों पर सिमट गई. भारत के लिए शिवम दुबे ने 7 छक्के और तीन चौके की मदद से 23 बॉल पर 65 रन बनाए, लेकिन ये इनिंग्स टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थी. भारतीय टीम टी20 सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी है. 21 जनवरी दोनों टीमों के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला नागपुर में खेला गया था, जिसमें टीम इंडिया ने 48 रनों से जीत हासिल की थी. इसके बाद रायुपर टी20 में भारत को 7 विकेट से जीत मिली. फिर गुवाहाटी में खेले गए मैच को भारतीय टीम ने 8 विकेट से जीत लिया था. अब न्यूजीलैंड ने ये मैच जीतकर स्कोर 1-3 कर दिया है. टी20 सीरीज का पांचवां एवं आखिरी मुकाबला 31 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में खेला जाना है. शिवम दुबे ने वाइजैग T20 में किया धुआं-धुआं, बने कई कीर्तिमान  भारत और न्यूजीलैंड के बीच 28 जनवरी (बुधवार) को विशाखापत्तनम (वाइजैग) में खेले गए टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में शिवम दुबे का जलवा देखने को मिला. भारतीय ऑलराउंडर शिवम ने इस मैच में महज 23 गेंदों पर 65 रन बनाए, जिसमें सात छक्के और तीन चौके शामिल रहे. शिवम ने इस दौरान सिर्फ 15 गेंदों पर अर्धशतक पूरा कर लिया. यह टी20 इंटरनेशनल में किसी भारतीय बल्लेबाज का तीसरा सबसे तेज अर्धशतक रहा. इस मामले में युवराज सिंह और अभिषेक शर्मा ही शिवम दुबे से आगे हैं. युवराज ने साल 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों पर अर्धशतक जड़ दिया था. वहीं अभिषेक ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज के दौरान ही गुवााहटी में 14 बॉल पर पचासा जड़ने में कामयाब रहे थे. टी20I में भारत के लिए सबसे तेज अर्धशतक (गेंदों के आधार पर): 12- युवराज सिंह बनाम इंग्लैंड, डरबन 2007 14- अभिषेक शर्मा बनाम न्यूजीलैंड, गुवाहाटी 2026 15- शिवम दुबे बनाम न्यूजीलैंड, विशाखापत्तनम 2026 16- हार्दिक पंड्या बनाम साउथ अफ्रीका, अहमदाबाद 2025 17- अभिषेक शर्मा बनाम इंग्लैंड, वानखेड़े, 2025   शिवम दुबे ने अपनी तूफानी पारी के दौरान न्यूजीलैंड के स्पिनर ईश सोढ़ी की जमकर खबर ली. सोढ़ी के एक ओवर में 29 रन बनाए, जिसमें 28 रन शिवम के बल्ले से निकले. वहीं एक रन वाइ़ड के चलते आया.वो भारत की पारी का 12वां ओवर था. उस ओवर में सोढ़ी का गेंदबाजी आंकड़ा- 2, 4, Wd, 6, 4, 6, 6  रहा. भारत और न्यूजीलैंड के बीच किसी टी20I मैच के दौरान एक ओवर में बनाए गए ये दूसरे सबसे ज्यादा रन रहे. साल 2020 में शिवम दुबे ने माउंट माउंगानुई टी20 मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक ओवर में 34 रन लुटाए थे. शिवम का वो अनचाहा रिकॉर्ड अब भी नहीं टूटा है. टी20I मैच में एक ओवर में बनाए गए सर्वाधिक रन (भारत vs न्यूजीलैंड) 34 रन (गेंदबाज-शिवम दुबे, माउंट माउंगानुई, 2020) 29 रन (गेंदबाज-ईश सोढ़ी, विशाखापत्तनम, 2026) शिवम दुबे अब भारत की ओर से किसी टी20 इंटरनेशनल मैच के दौरान एक ओवर में सबसे ज्यादा बनाने वाले बैटर्स की लिस्ट में संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर आ चुके हैं. शिवम दुबे ने ईश सोढ़ी के ओवर में बल्ले से कुल 28 रन बनाए. शिवम ने रोहित शर्मा की बराबरी कर ली है, जिन्होंने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप के दौरान मिचेल स्टार्क के एक ओवर में 28 रन बनाए थे. युवराज सिंह (36 रन) और संजू सैमसन (30 रन) ही केवल शिवम से आगे हैं.   एक ओवर में सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय बैटर (टी20 अंतरराष्ट्रीय): 36- युवराज सिंह (गेंदबाज- स्टुअर्ट ब्रॉड, डरबन, 2007) 30- संजू सैमसन (गेंदबाज- रिशाद हुसैन, हैदराबाद, 2024) 28- रोहित शर्मा (गेंदबाज- मिचेल स्टार्क, ग्रोस आइलेट, 2024) 28- शिवम दुबे (गेंदबाज- ईश सोढ़ी, विशाखापत्तनम, 2026) शिवम दुबे ने इस मैच में 282.60 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए. 50 ज्यदा की टी20I इनिंग्स में किसी भारतीय बैटर का ये तीसरा सर्वाधिक स्ट्राइक रेट रहा. इस मामले में युवराज सिंह (362.50) और अभिषेक शर्मा (340.00) ही इस मामले में शिवम से आगे हैं. टी20I पारी में भारत के लिए उच्चतम स्ट्राइक रेट (50+ रन) 362.50- युवराज सिंह (16 गेंदों पर 58 रन) बनाम इंग्लैंड, डरबन, 2007 340.00- अभिषेक शर्मा (20 गेंदों पर 68* रन) बनाम न्यूजीलैंड, गुवाहाटी 282.60- शिवम दुबे (23 गेंदों पर 65 रन) बनाम न्यूजीलैंड, विशाखापत्तनम, 2026 सिर्फ शिवम दुबे ही चल पाए… चेज में भारतीय टीम की शुरुआत काफी खराब रही. उसने 9 रनों के स्कोर तक अभिषेक शर्मा और कप्तान सूर्यकुमार यादव के विकेट गंवा दिए. अभिषेक (0 रन) पहली ही गेंद पर मैट हेनरी का शिकार बने. वहीं सूर्यकुमार (8 रन) को जैकब डफी ने कॉट एंड बोल्ड किया. संजू सैसमन की खराब फॉर्म जारी रही और वो 24 रन बनाकर कप्तान मिचेल सेंटनर की गेंद पर बोल्ड हो गए. हार्दिक पंड्या से तूफानी बैटिंग की आस थी, लेकिन वो 2 रन ही बना सके. रिंकू सिंह लय में दिख रहे थे, लेकिन वो अपनी इनिंग्स को काफी बड़ा नहीं कर पाए. रिंकू ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 30 बॉल पर 39 रन बनाए. रिंकू सिंह के आउट होने के समय भारत का स्कोर 82/5 था. इसके बाद शिवम दुबे की आक्रामक बैटिंग देखने को मिली. शिवम ने 6 छक्के और दो चौके की मदद से सिर्फ 15 गेंदों पर फिफ्टी जड़ दी. शिवम दुबे अर्धशतक जड़ने के बाद ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक पाए और वो रनआउट हो गए. यहां से भारत के लिए जीत हासिल करना मुश्किल था और ऐसा हुआ भी. हर्षित राणा (9 रन), अर्शदीप सिंह (0 रन), जसप्रीत बुमराह (4 रन) और कुलदीप यादव (1 रन) आउट होने वाले आखिरी चार बल्लेबाज रहे. कीवी कप्तान मिचेल सेंटनर ने तीन खिलाड़ियों को आउट किया वाइजैग T20 में एक्पेर‍िमेंट पड़ा टीम इंड‍िया पर भारी न्यूजीलैंड ने भारत को बुधवार को वाइजैग (व‍िशाखापत्तनम) खेले गए चौथे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले … Read more

महंगाई का झटका, चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड ₹4 लाख पार, सोने की कीमतें ₹2 लाख के करीब

इंदौर   MCX पर गुरुवार, 29 जनवरी को सुबह के सेशन में सोने की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। MCX गोल्ड फरवरी वायदा करीब ₹10,000 या 6% बढ़कर ₹1,75,869 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी 6 पर्सेंट उछलकर ₹4,06,863 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई। MCX गोल्ड फरवरी फ्यूचर्स में करीब ₹10,000 और MCX सिल्वर मार्च फ्यूचर्स में ₹21,500 की तेजी आई। दूसरी ओर सिंगापुर में सुबह 8:02 बजे तक, सोना 0.8 प्रतिशत बढ़कर 5,461.98 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जिससे पहले यह 5,588.71 डॉलर के अपने रिकॉर्ड स्तर को छू चुका था। चांदी 0.9 प्रतिशत बढ़कर 117.119 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। प्लैटिनम और पैलेडियम दोनों में गिरावट रही। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स 0.2 प्रतिशत नीचे था। फेड के फैसले का सोने पर असर नहीं अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का सोने की कीमतों पर बहुत कम प्रभाव पड़ा है, क्योंकि केंद्रीय बैंक की इस चाल को बाजार के सहभागियों ने पहले ही भांप लिया था। चांदी इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही है?     इंडस्ट्रियल डिमांड बहुत तेज: सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), AI डेटा सेंटर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और 5G में चांदी का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है. ये सेक्टर चांदी की 50% से ज्यादा डिमांड ले रहे हैं.     ग्लोबल तनाव और सेफ-हेवन: दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर डॉलर और महंगाई से लोग चांदी को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं.     सप्लाई कम, डिमांड ज्यादा: चांदी का उत्पादन सीमित है, माइनिंग कॉस्ट बढ़ रही है. COMEX पर चांदी $113 के आसपास है और $115+ की तरफ जा रही है.     2026 में अब तक 40-50% उछाल: पिछले साल भी चांदी तेजी से बढ़ी थी, और इस साल ये रफ्तार जारी है. खरीदने वालों और व्यापारियों के लिए क्या मतलब?     अगर आप चांदी के सिक्के, बार या जेवर खरीदने की सोच रहे हैं, तो अभी बहुत महंगा है.     शादी-त्योहार या निवेश के लिए चांदी लेने वालों का – बजट बढ़ गया है.     चांदी व्यापारी और ज्वेलर्स – ग्राहक कम आ रहे हैं, क्योंकि लोग महंगे होने से हिचक रहे हैं.     लेकिन जिनके पास पहले से चांदी है – उनकी संपत्ति बहुत बढ़ गई है. एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि अगर सोलर, EV और AI की डिमांड जारी रही तो चांदी ₹4.5 लाख तक जा सकती है. लेकिन अगर ग्लोबल रिसेशन आया या मुनाफावसूली हुई तो थोड़ी गिरावट भी संभव है. अमेरिका-ईरान तनाव अब फेाकस अमेरिका और ईरान के बीच बदलते हालात पर केंद्रित है। दोनों देशों के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने चेतावनी दी कि वह किसी भी अमेरिकी हमले का मजबूती से जवाब देगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बचने का समय खत्म हो रहा है। पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, "वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने के कारण सोने और चांदी में शरण लेने वाली संपत्ति यानी सेफ-हेवन की खरीदारी मजबूत है। अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया और संकेत दिया कि दरों में बढ़ोतरी की कोई संभावना नहीं है। डॉलर में गिरावट ने दिया सहयोग डॉलर इंडेक्स में 0.30% से अधिक की गिरावट आई, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए डॉलर-आधारित सोना सस्ता हो गया। ब्लूमबर्ग के मुताबिक जापानी बॉन्ड बाजार में हाल की गिरावट भारी राजकोषीय खर्च को लेकर चिंताओं का नया उदाहरण है। साथ ही, यह अटकलें कि अमेरिका येन को सपोर्ट देने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है, ने डॉलर को कमजोर किया है। इससे अधिकांश खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो गया है। ट्रंप के बयान ने भी लगाई आग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह कहा कि उन्हें डॉलर में गिरावट की चिंता नहीं है, जिसने दुनिया की प्रमुख रिजर्व करेंसी को लगभग चार साल के अपने सबसे कमजोर स्तर पर पहुंचा दिया है। हालांकि, बाद में ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि प्रशासन मजबूत मुद्रा के पक्ष में है। ये भी हैं सोने की कीमतों की उड़ान के कारण पिछले दिनो व्हाइट हाउस के कदमों, जैसे ग्रीनलैंड को अपने में मिलाने की धमकी और वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप की बात ने भी बाजारों को अस्थिर किया है। ट्रंप ने दक्षिण कोरियाई सामानों पर टैरिफ बढ़ाने और यदि ओटावा चीन के साथ व्यापार समझौता करता है तो कनाडा पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने का वादा किया है। क्या सोना खरीदने का है सही समय? मनोज कुमार जैन का मानना है कि अमेरिकी बेरोजगारी दावा आंकड़े और भू-राजनीतिक तनावों से पहले, डॉलर इंडेक्स में अस्थिरता के चलते आज के सेशन में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वह सुझाव देते हैं कि सोना तब तक खरीदा जा सकता है जब तक वह 10 ग्राम पर 1,64,400 रुपये के स्तर को बनाए रखता है, जिसके 1,70,000 और 1,75,000 रुपये का लक्ष्य रखा जा सकता है। इसी तरह, चांदी तब तक खरीदी जा सकती है जब तक वह 3,64,000 रुपये (समापन आधार पर) को बनाए रखती है, जिसके 4,00,000 और 4,10,000 रुपये का लक्ष्य रखा जा सकता है।