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जापानी पीएम ने कसी कड़ी भाषा, कहा- ताइवान संघर्ष में अमेरिका पर हमला बर्दाश्त नहीं

टोक्यो जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने ताइवान को लेकर बेहद सख्त और स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि अगर ताइवान में कोई बड़ा संकट पैदा होता है और वहां अमेरिकी सेना पर हमला किया जाता है, तो जापान मूकदर्शक नहीं बनेगा, बल्कि दखल देगा। टोक्यो में एक टीवी कार्यक्रम के दौरान ताकाइची ने कहा कि ऐसी स्थिति में अगर जापान ने कुछ नहीं किया तो अमेरिका के साथ उसका सुरक्षा गठबंधन कमजोर पड़ जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ताइवान का मामला सिर्फ एक क्षेत्रीय विवाद नहीं, बल्कि जापान की सुरक्षा और उसके अंतरराष्ट्रीय रिश्तों से जुड़ा हुआ है। निक्केई एशिया के मुताबिक, ताकाइची ने यह भी कहा कि आपात स्थिति में ताइवान में फंसे जापानी और अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर अमेरिकी सेना पर हमला होता है और हम दूरी बनाते हैं, तो फिर हमारे गठबंधन का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।”प्रधानमंत्री ने यह भी साफ किया कि सैन्य हमले जैसी इमरजेंसी में जापान हालात का आकलन करेगा और मौजूदा कानूनों के दायरे में रहकर जवाब देगा। उनका कहना था कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।ताकाइची का यह बयान ऐसे समय आया है जब चीन लगातार ताइवान पर अपना नियंत्रण जताने के संकेत दे रहा है। इससे ताइवान पर संभावित चीनी सैन्य कार्रवाई की आशंका और गहरी हो गई है।   गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में भी ताकाइची ने जापानी संसद में कहा था कि ताइवान के खिलाफ चीन की नाकेबंदी या सैन्य कार्रवाई जापान के अस्तित्व के लिए खतरा हो सकती है। उस बयान पर चीन ने कड़ी नाराजगी जताई थी और दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया था।चीन के दबाव के बाद ताकाइची ने दिसंबर में कहा था कि जापान का ताइवान पर रुख 1972 से नहीं बदला है, लेकिन अब उनके ताजा बयान से साफ है कि टोक्यो ताइवान के मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। इससे एक बार फिर चीन-जापान रिश्तों में तल्खी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।  

धोखा खाई पत्नी ने उठाया हृदयविदारक कदम, साली से शादी करने वाले पति के घर का माहौल हुआ बेहाल

पटना बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां बिहार थाना क्षेत्र के पतुआना गांव में एक महिला और उसकी छह साल की बेटी की जहर खाने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई और परिजनों में कोहराम मच गया। पति ने कर ली थी साली से शादी मिली जानकारी के अनुसार, मृतक महिला की पहचान 27 वर्षीय मालो देवी के रूप में हुई है। वहीं मृत बच्ची का नाम प्रिया बताया गया है। बताया जा रहा है कि जहर खाने से दोनों की तबीयत बिगड़ गई जिसके बाद दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि उसके पति पिंटू कुमार ने अपनी ही साली से प्रेम संबंध के बाद शादी कर ली थी, जिससे उनकी बेटी मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। इसी विवाद को लेकर मालो देवी ने अपने पति के खिलाफ पहले भी मामला दर्ज कराया था, जिसमें पिंटू कुमार को जेल जाना पड़ा था। मायके पक्ष ने जताई हत्या की आशंका हालांकि प्रारंभिक तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन महिला के मायके पक्ष ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार किया है। मृतका के पिता ने  दामाद और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस कर रही घटना की  जांच घटना की सूचना मिलते ही बिहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और सभी पहलुओं की बारीकी से छानबीन की जा रही है।

प्राकृतिक खेती में रीवा का नाम रोशन करने में किसान आगे आयें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

अटल सेवा सदन का किया लोकार्पण भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्राकृतिक खेती में रीवा का नाम रोशन करने में किसान आगे आयें। स्वयं एवं परिवार के स्वास्थ्य के साथ जमीन के स्वास्थ्य के लिये प्राकृतिक खेती को अपनायें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ग्राम पंचायत मरहा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने 37.50 लाख रूपये की लागत से निर्मित पंचायत भवन (अटल सेवा सदन) का लोकार्पण किया। उन्होंने मरहा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित करने की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि किसान भाई बसामन मामा गौवंश वन्य विहार का भ्रमण करें। वहां प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र में प्राकृतिक खेती के गुर सीखें। अपनी कृषि भूमि में से कुछ भाग में इसे अवश्य अपनाये, इससे आने वाली पीढ़ी को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बसामन मामा के प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र की केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सराहना की है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी गत वर्षों में रीवा के अपने भ्रमण के दौरान प्रस्तुत धरती माता की पुकार नाटिका के मंथन को गंभीरता से देखा था और अपेक्षा की थी कि किसान प्राकृतिक खेती अपनायें। रीवा जिले में प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किये गये हैं। बसामन मामा, हिनौती गौधाम व हरिहरपुर में प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण केन्द्रों में आसपास के किसानों को लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा जिले में एक लाख गौ के आश्रय के लिये संरक्षण गौवंश वन्य विहार बनाये जायेंगे ताकि गौसंरक्षण से प्राकृतिक खेती को जोड़कर किसानों को समृद्ध किया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने किसानों को सम्मानित किया। उन्होंने पंचायत परिसर में वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।  

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से गरमाई सियासत: भाजपा ने विपक्ष पर साधा तीखा निशाना

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यह निर्णय भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन मूल्यों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसी बीच, सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सनातन को बांटने वाले यूजीसी के नियम पर सर्वोच्च न्यायालय की ओर से रोक लगाए जाने पर हार्दिक आभार। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह निर्णय भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन मूल्यों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है। मोदी सरकार की पहचान सबका साथ, सबका विकास और सनातन की अखंड एकता की है।" भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 'एक्स' पर लिखा, "यूजीसी पर गाली देने वाले सभी ज्ञानी, पिछले 2 दिनों से संसद जा रहा हूं। किसी राजनीतिक दल के किसी सदस्य ने इस पर चर्चा तक करना मुनासिब नहीं समझा? उल्टा जिस सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण देकर गरीब की सुध ली, उसी को गाली।" निशिकांत दुबे ने आगे कहा, "मैं दोबारा आपसे करबद्ध निवेदन करता हूं कि मोदी जी पर भरोसा रखिए, संविधान की धारा 14 और 15 के तहत ही देश के कानून चलेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने वही किया जो मैंने कहा।" सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने यूजीसी के नए रेगुलेशन पर रोक लगाई और स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि तब तक 2012 के यूजीसी रेगुलेशन ही लागू रहेंगे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले में सुनवाई की। चीफ जस्टिस ने कहा कि रेगुलेशन में इस्तेमाल किए गए शब्दों से यह संकेत मिलता है कि इसके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने टिप्पणी की कि अदालत समाज में एक निष्पक्ष और समावेशी माहौल बनाने पर विचार कर रही है।

बिजली व्यवस्था की परख: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग की हाई-लेवल समीक्षा बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जा विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इसकी निर्बाध आपूर्ति सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी विद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल है और भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा अवसंरचना का समयबद्ध विस्तार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने ऑफ-ग्रिड विद्युतीकृत गांवों को शीघ्र ग्रिड से जोड़ने तथा विद्युत अधोसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।    साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सोलर पैनल स्थापना एवं रखरखाव की प्रक्रिया को सरल बनाने, इंस्टालेशन की दैनिक संख्या बढ़ाने और सभी शासकीय भवनों में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं स्मार्ट मीटर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। मुख्यमंत्री ने लंबित बिजली बिलों की समीक्षा करते हुए उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए अवसर और  सुविधा देने विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ अंचलों में ग्रिड आधारित विद्युतीकरण को गति देने, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा पीक डिमांड के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में ट्रांसफार्मर क्षमता 24,227 एमवीए से बढ़कर 27,820 एमवीए हो गई है तथा 400/220 केवी, 220/132 केवी और 132/33 केवी उपकेंद्रों के उन्नयन सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सौर सुजला योजना, कुसुम योजना, नियद नेल्ला नार एवं ग्राम विद्युतीकरण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की। ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पीपीटी के माध्यम से विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, पीएम सूर्यघर, पीएम जनमन, कृषि पंपों के ऊर्जीकरण, मजराटोला विद्युतीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आगामी वर्षों में नए उपकेंद्रों की स्थापना, वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाने और अंडरग्राउंड केबल सहित विभिन्न विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत की।  बैठक में मुख्य सचिव   विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव   सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव   राहुल भगत, सीएसपीडीसीएल, सीएसपीजीसीएल, सीएसपीटीसीएल के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

एक हफ्ते में दूसरी बड़ी दुर्घटना: दक्षिण अफ्रीका में 11 की जान गई

दक्षिण अफ्रीका दक्षिण अफ्रीका में एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पूर्वी क्वाज़ुलु-नताल प्रांत में एक मिनीबस टैक्सी और ट्रक की जोरदार टक्कर में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक स्कूली बच्चा भी शामिल है। प्रांतीय परिवहन विभाग के अधिकारी सिबोनिसो डूमा ने बताया कि यह आंकड़ा शुरुआती जानकारी पर आधारित है और मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है। हादसा इतना भीषण था कि कई यात्रियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। निजी आपातकालीन सेवा ALS पैरामेडिक्स के प्रवक्ता गैरिथ जेमिसन के अनुसार, हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मिनीबस का ड्राइवर टक्कर के बाद मलबे में फंस गया था, जिसे बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। यह हादसा ऐसे समय हुआ है, जब एक हफ्ते पहले ही दक्षिण अफ्रीका में मिनीबस टैक्सी और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में 14 स्कूली बच्चों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रहे इन हादसों ने देश में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा, तेज रफ्तार और लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लोगों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।  

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

विगत 2 सप्ताह में 34 अवैध हथियार एवं सामग्री जब्त भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से अवैध हथियारों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं उपयोग के विरुद्ध निरंतर, योजनाबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी के परिणामस्‍वरूप विगत 2 सप्ताह में प्रदेश के विभिन्‍नजिलोमें पुलिस ने अवैध हथियार रखने, हवाई फायरिंग करदहशत फैलाने एवं संगीन आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अंतरराज्यीय गिरोह के विरूद्ध कार्यवाही कर34फायर आर्म्स, जिंदा कारतूस, वाहन एवं अन्य सामग्री जब्त की है। एसटीएफ ग्वालियर-दो आरोपी अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार एसटीएफ ग्वालियर इकाई ने मुखबिर की सूचना के आधार पर एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए शिवपुरी क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 03 पिस्टल एवं 04 जिंदा राउंड जप्त किए गए हैं। शिवपुरी– अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री पर निर्णायक कार्रवाई अवैध हथियारों के स्रोत को जड़ से समाप्त करने की दिशा में शिवपुरी जिले के थाना करैरा क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने प्राप्त सूचना के आधार पर अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री पर दबिशदेकर मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।पुलिस ने फैक्ट्री से 07 अवैध हथियार, 05 जिंदा कारतूस सहित हथियार निर्माण में प्रयुक्त मशीनें, औजार एवं अन्य सामग्री जब्त की। जब्त की गई सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख रुपये आँकी गई है।आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट एवं अन्य धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। बड़वानी– अंतरराज्यीय गिरोह पर बड़ी कार्रवाई थाना जुलवानिया पुलिस ने महाराष्ट्र के अहमदनगर (अहिल्यानगर) से चोरी कर लौट रहे 05 अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 05 फायर आर्म्स, 03 जिंदा कारतूस, सोने-चांदी के आभूषण, नगदी एवं अन्य सामग्री सहित 38लाख 91हजाररुपये से अधिक की सामग्री जब्त की है। इसी प्रकार प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी अलग-अलग दिनों में अवैध हथियारों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई। ग्वालियर एवं दतिया जिलों में 05-05 अवैध हथियार, छतरपुर जिले में 03 अवैध हथियार, मुरैना जिले में 02 अवैध हथियारजब्‍त किए हैं।जबकि उज्जैन, सतना, सागर एवं जबलपुर जिलों में01-01 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं। इन कार्रवाइयों से जिलों में अलग-अलग मामलों में सार्वजनिक स्थानों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपियों को चिन्हित कर शीघ्र गिरफ्तार किया गया है।देशी कट्टे, पिस्टल (9MM, 32 बोर, 315 बोर), जिंदा राउंड, खाली खोखे, चाकू, खंजर सहित मोटरसाइकिल एवं कारें जब्त की गईं। अवैध हथियार निर्माण में प्रयुक्त मशीनें, औजार एवं अन्य सामग्री बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस अवैध हथियारों एवं आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निरंतर, कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है।  

सरकारी नौकरी में फायदा! यूपी सरकार दे रही उम्र और अनुभव में विशेष लाभ

लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 32 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 30 को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला मुख्यमंत्री फेलो (CM Fellow) को लेकर रहा, जिसके तहत उन्हें यूपी सरकार की भर्तियों में विशेष राहत दी गई है।कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब सीएम फेलो को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के तहत होने वाली भर्तियों में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट मिलेगी। इसके साथ ही, उनके अनुभव के आधार पर अतिरिक्त वेटेज (भारांक) भी दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिलेगा और वे बेहतर ढंग से प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले सकेंगे।   बैठक में शिक्षकों के लिए भी बड़ी सौगात का ऐलान किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के 11 लाख 95 हजार 391 शिक्षक और कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 2 लाख 97 हजार 589 शिक्षकों और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, विधानसभा के बजट सत्र की तारीखों की भी घोषणा की गई। विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा और 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बजट पेश करेंगे।शहरी विकास से जुड़े प्रस्तावों में वाराणसी के 18 वार्डों में सीवरेज लाइन के लिए 266 करोड़ रुपये और गोरखपुर में 721 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज परियोजना को मंजूरी दी गई। साथ ही उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 को स्वीकृति दी गई, जिसके तहत पुरानी और निष्प्रयोज्य संपत्तियों को तोड़कर नई इमारतें बनाने की अनुमति होगी। बैठक में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक प्रस्ताव भी पारित किया गया। मंत्रिपरिषद ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।

मध्यप्रदेश के कारीगरों की दिल्ली हाट में सहभागिता

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना अंतर्गत प्रदर्शनी का आयोजन भोपाल प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के पाँच पारंपरिक कारीगर 31 जनवरी 2026 तक दिल्ली हाट, नई दिल्ली में आयोजित शिल्प एवं हस्तकला प्रदर्शनी में सहभागिता कर रहे हैं। यह सहभागिता भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा प्रायोजित है तथा राज्य नोडल विभाग हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प संचालनालय, भोपाल द्वारा समन्वित की जा रही है। मध्यप्रदेश से चयनित ये पाँच कारीगर प्रदेश की जीवंत एवं समृद्ध शिल्प परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनके द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे उत्पादों में इंदौर के पारंपरिक चमड़े के खिलौने, सीहोर के लकड़ी के खिलौने, पारंपरिक लकड़ी की नक्काशीदार मूर्तियाँ, बेतूल की डोकरा (घंटी धातु) कला तथा चमड़े से निर्मित परिधान एवं एसेसरीज़ शामिल हैं। ये सभी शिल्प पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक दक्षता, सांस्कृतिक विरासत एवं क्षेत्रीय पहचान को प्रतिबिंबित करते हैं। कारीगरों का संक्षिप्त परिचय श्री जितेंद्र, बेतूल (म.प्र.) से डोकरा (घंटी धातु) कारीगर हैं, जो पीढ़ियों से अपने परिवार के साथ इस पारंपरिक हस्त ढलाई धातु शिल्प से जुड़े हुए हैं। उनकी कृतियाँ स्थानीय संस्कृति में निहित पारंपरिक शिल्प कौशल को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से उनके शिल्प को राष्ट्रीय पहचान एवं बेहतर विपणन अवसर प्राप्त हो रहे हैं। श्री केदारनाथ साहू, शहडोल जिले के परंपरागत लकड़ी शिल्पकार हैं। उनकी कारीगरी पारंपरिक शिल्प कौशल को आधुनिक डिज़ाइन दृष्टिकोण के साथ संयोजित करती है, जिससे आकर्षक एवं समकालीन लकड़ी की कलाकृतियाँ निर्मित होती हैं। योजना के माध्यम से उन्हें व्यापक बाजार पहुँच एवं नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। श्री प्रकाश, पारंपरिक खिलौना निर्माता हैं, जो विशिष्ट शैली के चमड़े जैसे दिखने वाले खिलौनों का निर्माण करते हैं। ये खिलौने क्रूरता-मुक्त सामग्रियों से बनाए जाते हैं, जबकि पारंपरिक तकनीक, बारीकी एवं फिनिश को पूर्णतः संरक्षित रखा गया है। दिव्यांगता के बावजूद उनकी निरंतर साधना एवं समर्पण प्रेरणास्पद है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से उनके उत्पादों को व्यापक बाजार एवं पहचान मिल रही है। श्री विनोद कुमार शर्मा एवं श्रीमती सविता शर्मा, सीहोर जिले के पारंपरिक लकड़ी के खिलौना निर्माता हैं। लकड़ी के खिलौने सीहोर जिले का ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) हैं। इनके द्वारा निर्मित खिलौने सरल आकृतियों, चमकीले रंगों एवं समय-परीक्षित निर्माण विधियों के माध्यम से बच्चों एवं वयस्कों दोनों कोआकर्षित करते हैं। योजना के माध्यम से इन्हें व्यापक विपणन मंच उपलब्ध हो रहे हैं। श्री सनी स्वामी, इंदौर के मोची कारीगर हैं, जिन्होंने पारंपरिक रूप से चमड़े के जूते बनाने से अपने कार्य की शुरुआत की। वर्तमान में वे चमड़े के परिधान एवं एसेसरीज़ जैसे जैकेट, लैपटॉप स्लीव, हैंडबैग एवं क्लच का निर्माण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत उन्हें एक लाख का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उनके व्यवसाय का विस्तार संभव हुआ। योजना के विपणन सहयोग से वे नए बाजारों तक पहुँच बना रहे हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से इन कारीगरों को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है, बल्कि प्रत्यक्ष विपणन, बाजार संपर्क एवं आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।  

राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध

रायपुर. राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध राजिम कुंभ (कल्प) 2026 के भव्य आयोजन के लिए संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री   राजेश अग्रवाल ने नए मेला मैदान पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी विभागों को अंतिम निर्देश दिए। उन्होंने 30 जनवरी तक हर हाल में तैयारियां पूर्ण करने का आदेश दिया, ताकि 1 से 15 फरवरी तक निर्बाध आयोजन सुनिश्चित हो। कलेक्टर   बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक   वेदव्रत सिरमौर व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री   अग्रवाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने और 30 जनवरी तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। राज्यपाल   रमेन डेका सहित मंत्रीगण शुभारंभ में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने विद्युत, परिवहन, स्वास्थ्य व सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया, जिसमें रात्रिकालीन बस परिचालन व त्वरित चिकित्सा सुविधा शामिल है। मांस-मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध, सख्त कार्रवाई के आदेश राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सख्त निर्देश जारी किए गए। उल्लंघन पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस व परिवहन विभाग को सतत गश्त, यातायात प्रबंधन व व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर फ्लैक्स-रेट सूची अनिवार्य करने के आदेश दिए। शाही स्नान व सुरक्षा व्यवस्थाओं पर फोकस शाही स्नान के लिए नदी तट पर बैरिकेटिंग, भीड़ नियंत्रण व मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खाद्य विभाग को चावल आबंटन व दाल-भात केंद्र संचालन, पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनाती व क्रेन-फायर ब्रिगेड तत्पर रखने को कहा। मेला स्थल पर स्वच्छता, कचरा निस्तारण, धर्मशालाएं व दूरसंचार टावर क्षमता बढ़ाने पर बल दिया। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ प्रदेश की आस्था, परंपरा व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। पिछली कमियों को सुधारने व लापरवाही न बरतने पर जोर देते हुए सभी को तत्परता बरतने का आह्वान किया। उन्होनें आगे कहा कि यह आयोजन व्यवस्थित व ऐतिहासिक रूप से संपन्न होगा, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देगा।