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आज का राशिफल 31 जनवरी: ग्रह-नक्षत्र बताएंगे किसे मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सतर्क

मेष राशि– आज का दिन ऊर्जा से भरा रहेगा। कामकाज में आपकी मेहनत साफ दिखेगी और सीनियर्स भी इसे नोटिस करेंगे। लव लाइफ में थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है, क्योंकि छोटी बात पर बहस हो सकती है। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन फालतू खर्च से बचें। सेहत सामान्य रहेगी, बस थकान महसूस हो सकती है। वृषभ राशि- आज रिश्तों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। प्रेम संबंधों में अहंकार बीच में न आने दें। करियर में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें अच्छे से निभाएंगे। पैसों को लेकर थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। सेहत में खानपान पर ध्यान दें। मिथुन राशि- आज का दिन पॉजिटिव रहने वाला है। लव लाइफ में खुशियां रहेंगी और सिंगल लोगों की जिंदगी में कोई खास आ सकता है। करियर में नए मौके मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। सेहत भी ठीक रहेगी, लेकिन ज्यादा भागदौड़ से बचें। कर्क राशि- आज भावनाओं पर काबू रखना जरूरी होगा। रिश्तों में गलतफहमियां हो सकती हैं, इसलिए खुलकर बात करें। करियर में काम का दबाव रहेगा और सीनियर्स सवाल उठा सकते हैं। पैसों के मामले में बड़ा फैसला टालें। सेहत को लेकर सतर्क रहें। सिंह राशि- आज आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। लव लाइफ में साथी का पूरा साथ मिलेगा। करियर में आपकी लीडरशिप नजर आएगी और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन गुस्से से बचें। कन्या राशि- आज जिम्मेदारियों से भरा दिन रहेगा। लव लाइफ में समय की कमी महसूस हो सकती है। करियर में मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी, लेकिन नतीजा अच्छा मिलेगा। पैसों में स्थिरता रहेगी। सेहत में थकान संभव है। तुला राशि- आज सोच-समझकर फैसले लेने का दिन है। रिश्तों में जरूरत से ज्यादा आलोचना करने से बचें। कामकाज में धैर्य जरूरी होगा। पैसों के मामले में दिन सामान्य रहेगा। सेहत में पेट से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। वृश्चिक राशि- आज आपकी सोच और आइडिया लोगों को पसंद आएंगे। प्रेम जीवन में आज खुलापन जरूरी होगा। करियर में बदलाव के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। सेहत अच्छी रहेगी। धनु राशि- आज का दिन संतुलन बनाने का है। लव लाइफ में रोमांस रहेगा और रिश्ते मजबूत होंगे। करियर में नए मौके मिल सकते हैं। पैसों के मामले में सुधार होगा। सेहत अच्छी रहेगी और मन भी शांत रहेगा। मकर राशि- आज आपकी मेहनत रंग लाएगी। प्रेम जीवन में गहराई बढ़ेगी, लेकिन शक से बचें। करियर में कोई अहम काम मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सेहत में सुधार रहेगा। कुंभ राशि- आज नए मौके आपके सामने आएंगे। लव लाइफ में खुलकर बात करेंगे तो रिश्ते बेहतर होंगे। करियर में यात्रा के योग बन सकते हैं। पैसों के मामले में दिन अच्छा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मीन राशि- आज भावनात्मक रूप से थोड़ा संवेदनशील रह सकते हैं। लव लाइफ में भरोसा बनाए रखें। करियर में काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। पैसों को लेकर सतर्क रहें। नींद और तनाव पर ध्यान दें।

परिवर्तनकारी समझौता: भारत-ईयू व्यापार से बढ़ेगा रोजगार और विकास

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को परिवर्तनकारी समझौता बताया। साथ ही कहा कि इससे देश के बाजारों का विस्तार होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री कार्यकाल की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ऐतिहासिक भारत-ईयू ट्रेड डील पर एक लेख लिखा है। यह समझौता पूरी तरह से विकसित भारत के विजन पर समर्पित है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का सफल समापन वास्तव में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो यूपीए युग के विपरीत है, जहां समझौते जल्दबाजी में किए गए थे और भारत ने अकसर हासिल करने की तुलना में कहीं अधिक त्याग किया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौता हमारी अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत करेगा और समृद्धि को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व और रणनीतिक दूरदर्शिता के मार्गदर्शन में हुए समझौते भारत के मूल हितों को प्राथमिकता देते हुए बाजारों का विस्तार करते हैं, रोजगार सृजित करते हैं और आर्थिक विकास को गति देते हैं। इससे पहले, गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर कांग्रेस की आलोचना का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि यह समझौता एकतरफा नहीं है, बल्कि पारस्परिक रूप से लाभकारी है जो भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देगा और व्यवसायों एवं नागरिकों के लिए व्यापक अवसर खोलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह समझौता आर्थिक संबंधों को गहरा करेगा, हमारे लोगों के लिए अवसर पैदा करेगा और समृद्ध भविष्य के लिए भारत-यूरोप साझेदारी को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ यह ऐतिहासिक समझौता, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है, भारत की 1.4 अरब जनता के लिए महत्वपूर्ण लाभ लेकर आएगा। इससे हमारे किसानों और लघु उद्योगों के लिए यूरोपीय बाजारों तक पहुंच आसान हो जाएगी, विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और हमारे सेवा क्षेत्रों के बीच सहयोग मजबूत होगा।

निवेशकों से ठगी का खेल खत्म! 2 करोड़ के चिट फंड फ्रॉड में तन्मय मिर्धा गिरफ्तार

नई दिल्ली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 2 करोड़ रुपए से अधिक के चिट फंड घोटाले में फरार चल रहे आरोपी तन्मय मिर्धा को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 29 जनवरी को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के ब्रह्म नगर इलाके से की गई। सीबीआई ने यह मामला 23 जून 2020 को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दर्ज किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सक्रिय चिट फंड कंपनियों से जुड़े मामलों की गहन जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई को जांच के दौरान पता चला कि आरोपी तन्मय मिर्धा एक्सप्रेस कल्टीवेशन लिमिटेड, कोलकाता का डायरेक्टर था और उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आम जनता से निवेश के नाम पर भारी धनराशि एकत्र की। आरोपी ने आकर्षक रिटर्न का लालच देकर निवेशकों से करीब 2.1 करोड़ रुपए जुटाए और बाद में इस धन का गलत इस्तेमाल किया। निवेशकों को न तो तय समय पर वापस मिला और न ही उनकी मूल राशि वापस की गई, जिससे बड़ी संख्या में लोग आर्थिक नुकसान का शिकार हुए। सीबीआई ने विस्तृत जांच पूरी करने के बाद 4 फरवरी 2022 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, हालांकि आरोपी जांच के दौरान एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुआ और लगातार फरार बना रहा। इसके बाद कोलकाता स्थित एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। लगातार फील्ड वेरिफिकेशन, तकनीकी इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर सीबीआई ने 29 जनवरी को आरोपी की लोकेशन का पता लगाया, जिसके बाद सीबीआई ने इलाके में घेराबंदी कर आरोपी तन्मया मिर्धा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जा सकता है जिससे इस मामले में और जानकारी मिल सके। सीबीआई के अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि चिट फंड घोटालों में शामिल किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। जो भी इसमें दोषी पाए जाएंगे, जल्द से जल्द उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तन्मय मिर्धा के बयान के आधार पर पता चलेगा कि इसमें कितने लोग शामिल हैं और किस तरह से आम जनता का पैसा लिया गया है।

राज्य राजनीति में हलचल: NCP और CM फडणवीस के बीच नए पदों पर मंथन

मुंबई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। जानकारी सामने आई कि विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी नेताओं ने मुख्यमंत्री के साथ विधायक दल के नेता और उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश इकाई प्रमुख सुनील तटकरे, मंत्री छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे शामिल थे। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा, "हमने मुख्यमंत्री के साथ नए विधायक दल के नेता और उपमुख्यमंत्री के चुनाव पर चर्चा की। नए नेता को चुनने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी।" उन्होंने आगे कहा, "हमने मुख्यमंत्री फडणवीस को सूचित किया है कि कैबिनेट पोर्टफोलियो और नेतृत्व के संबंध में जल्द से जल्द फैसला लिया जाना चाहिए। हम अपने सभी पार्टी विधायकों से सलाह लेने के बाद अपना रुख तय करेंगे।" प्रफुल्ल पटेल ने यह स्पष्ट किया कि पार्टी विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने दिवंगत अजित पवार की पत्नी और सांसद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने के बारे में कोई औपचारिक संकेत नहीं दिया है। उन्होंने कहा, "हमने आज मुख्यमंत्री के साथ सुनेत्रा पवार के नाम पर चर्चा नहीं की। यह पार्टी का आंतरिक मामला है। हमारा मानना ​​है, जिसे जनता और हमारे विधायक भी मानते हैं कि एक उचित फैसला लिया जाना चाहिए।" एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष ने आगे कहा, "परिवार अभी भी शोक में है। कुछ अनुष्ठान पूरे होने के बाद हम आज रात या कल सुबह सुनेत्रा पवार से बात करेंगे।" पटेल ने दोहराया कि उपमुख्यमंत्री पद के बारे में कोई भी फैसला पार्टी के विधायकों की भावनाओं पर आधारित होगा। उन्होंने कहा, "यह पद जल्द से जल्द भरा जाएगा और एक उपयुक्त फैसला लिया जाएगा।" इससे पहले, एनसीपी नेता नरहरि जिरवाल ने गुरुवार को बारामती में अजित पवार के अंतिम संस्कार के बाद पत्रकारों से कहा था कि सुनेत्रा पवार को अगला उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि पवार परिवार की राजनीतिक विरासत जारी रहे।

आसमान में हड़कंप! इंडिगो विमान को उड़ाने की धमकी, अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतारा गया

अहमदाबाद कुवैत से दिल्ली लौट रहे इंडिगो विमान की शुक्रवार को बम से उड़ाने की धमकी के बाद अहमदाबाद में आपात लैंडिंग कराई गई। सभी यात्रियों को नियंत्रित तरीके से विमान से बाहर निकाला गया और एयरपोर्ट के एक सुरक्षित इलाके में ले जाया गया। इस प्रक्रिया के दौरान किसी के घायल होने या मेडिकल इमरजेंसी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। जानकारी सामने आई कि इस विमान में 180 यात्रियों समेत 186 लोग सवार थे। शुक्रवार को विमान में मिले एक टिश्यू पेपर पर धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। हाथों से लिखे गए इस नोट में हाईजैकिंग और बम का जिक्र था, जिसके बाद फ्लाइट क्रू ने तुरंत कार्रवाई की। स्टैंडर्ड एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अलर्ट किया और विमान को सबसे नजदीकी अहमदाबाद एयरपोर्ट की ओर मोड़ने का फैसला किया। फ्लाइट अहमदाबाद एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गई, जहां उसके आने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया था। एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर एन. डी. नाकुम ने कहा कि धमकी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई की। उन्होंने कहा, "धमकी मिलने के बाद सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। बम निरोधक दस्ते ने विमान की पूरी तरह से जांच की। अब तक कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक चीज नहीं मिली है। विमान की जांच प्रक्रिया पूरी हो गई है।" बम निरोधक दस्ते, सीआईएसएफ टीमों, डॉग स्क्वॉड और एयरपोर्ट सुरक्षा टीमों ने विमान की विस्तृत जांच की। विमान के अलावा, सभी यात्रियों के सामान की भी जांच की गई और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के अनुसार यात्रियों की व्यक्तिगत सुरक्षा जांच की गई। ऑपरेशन के दौरान पूरे एयरपोर्ट पर भारी पुलिस बल तैनात था। एयरपोर्ट सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा जांच जारी रहने के दौरान फ्लाइट ऑपरेशन मामूली और अस्थायी बदलावों के साथ जारी रहे। फिलहाल, अधिकारी हाथ से लिखे धमकी भरे नोट की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इसे विमान के अंदर कैसे रखा गया था। अधिकारियों ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

रोबोटिक्स में क्रांति: NVIDIA के वर्ल्ड मॉडल से रोबोट पाएंगे इंसानी जैसी समझ

नई दिल्ली रोबोट समय के साथ-साथ स्मार्ट होते जा रहे हैं। अब वो दिन भी ज्यादा दूर नहीं जब रोबोट इंसानों की तरह सोच-समझ पाएंगे। जी हां, NVIDIA ने कॉसमॉस पॉलिसी  पेश की है। यह कुछ और नहीं बल्कि रोबोट को कंट्रोल करने का एक नया तरीका है। यह NVIDIA के उस बड़े प्लान का हिस्सा है, जिसमें वे फिजिकल AI सिस्टम के लिए कुछ ऐसे मॉडल बना रहे हैं, जिनकी मदद से फिजिकल एआई सिस्टम दुनिया को समझ पाएं। यह फ्रेमवर्क इस तरह से डिजाइन किया गया है कि कंट्रोल और प्लानिंग टास्क के लिए बड़े वीडियो प्रेडिक्शन मॉडल को अडैप्ट करके रोबोट आसानी से तय कर पाएं कि उन्हें कौन सी हरकत करनी है। रोबोट्स के लिए पॉलिसी क्या होती है? बता दें कि रोबोटिक्स में, 'पॉलिसी' का मतलब उस दिमाग से होता है, जो तय करता है कि क्या करना चाहिए। यह रोबोट को मिलने वाली जानकारी जैसे कैमरे की फोटोज और सेंसर के डेटा को रोबोट की हरकत में बदलता है। पुराने रोबोट की पॉलिसी अक्सर खास काम के लिए बनाए गए न्यूरल नेटवर्क होती थीं। इनमें अलग-अलग हिस्से जैसे चीजों को समझना, प्लान बनाना और कंट्रोल करना शामिल होते थे। इन सिस्टम को हर रोबोट या माहौल के लिए बहुत सारा लेबल किया हुआ डेटा चाहिए होता था और खास तौर पर ट्यूनिंग करनी पड़ती थी। कैसे काम करती है Cosmo Policy? Cosmos Policy इससे काफी अलग है। NVIDIA शुरू से एक नया कंट्रोल मॉडल बनाने के बजाय, डेमोंस्ट्रेशन डेटा पर पहले से सीखे हुए वीडियो वर्ल्ड मॉडल को पोस्ट-ट्रेन यानी फिर से ट्रेन करती है। इसे Cosmos Predict कहते हैं। यह मॉडल पहले से ही जानता है कि फिजिकल दुनिया समय के साथ कैसे बदलती है, क्योंकि इसने बड़े पैमाने पर वीडियो डेटा से सीखा है। इस अतिरिक्त ट्रेनिंग के दौरान, रोबोट के एक्शन, फिजिकल स्टेट और टास्क के नतीजों को मॉडल के इंटरनल टेम्परल रिप्रेजेंटेशन का हिस्सा माना जाता है, जिससे यह अनुमान लगाया जा सके कि रोबोट को आगे क्या करना चाहिए और इसके नतीजे क्या होंगे। अलग-अलग मॉडल जोड़ने की नहीं होती जरूरत इस डिजाइन की वजह से Cosmos Policy एक ही आर्किटेक्चर में एक साथ हरकतें, भविष्य की स्थितियां और काम के सफल होने की उम्मीद का अंदाजा लगा पाता है। सिर्फ एक बार की ट्रेनिंग पर निर्भर रहने से, यह फ्रेमवर्क आर्किटेक्चर की जटिलता को कम करता है और परसेप्शन व कंट्रोल के लिए कई अलग-अलग मॉडल को जोड़ने की जरूरत नहीं होती है। ये इमेज NVIDIA की ऑफिशियल साइट से ली गई है। क्या असकरदार है यह नई पॉलिसी? बेंचमार्क के नतीजे बताते हैं कि यह तरीका असरदार है। रोबोटिक मैनिपुलेशन के स्टैंडर्ड बेंचमार्क पर Cosmos Policy ने उन मल्टी-स्टेपकामों में, जिनमें लंबे समय तक सोचने की जरूरत होती है, बहुत अच्छे सक्सेस रेट हासिल किए। कुछ मामलों में, इसने मौजूदा तरीकों के बराबर या उनसे बेहतर परफॉर्म किया, जबकि ट्रेनिंग के लिए बहुत कम डेमो का इस्तेमाल किया। यह डेटा एफिशिएंसी रोबोटिक्स में बहुत जरूरी है, क्योंकि असली दुनिया का ट्रेनिंग डेटा इकट्ठा करना महंगा और समय लेने वाला होता है। बड़े वीडियो मॉडल में पहले से मौजूद जानकारी का फायदा उठाकर Cosmos Policy भरोसेमंद कंट्रोल बिहेविअर सीखने के लिए रोबोट के खास डेटा की जरूरत को कम करता है। पॉलिसी की खास बात Cosmos Policy की एक और खास बात यह है कि यह इन्फेरेंस टाइम पर प्लानिंग कर सकता है। सिर्फ अगली तुरंत होने वाली हरकत बताने के बजाय, मॉडल कई संभावित एक्शन सीक्वेंस बना और उनका मूल्यांकन कर सकता है। इन सीक्वेंस के भविष्य में नतीजों और रिवॉर्ड का अंदाजा लगाकर, रोबोट ऐसी हरकतें चुन सकता है, जिनके लंबे समय तक सफल होने की ज्यादा संभावना हो। यह प्लानिंग क्षमता रोबोट को ज्यादा रिएक्टिव होने के बजाय ज्यादा स्ट्रेटेजिक बनने में मदद करती है, खासकर जब वे मुश्किल काम कर रहे हों। सोच-समझकर ले पाएंगे सही फैसला यह एक बहुत ही अच्छा और जरूरी डेवलपमेंट है। रोबोट सिर्फ वही नहीं करेंगे, जो उन्हें सिखाया गया है। बल्कि वे खुद सोच-समझकर, प्लान बनाकर बेहतर फैसले ले पाएंगे। यह सब इसलिए मुमकिन हो रहा है क्योंकि NVIDIA ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है जो वीडियो देखकर दुनिया को समझता है, ठीक वैसे ही जैसे हम इंसान देखते और सीखते हैं।

सिनर का सपना टूटा, जोकोविच की एंट्री फाइनल में; अब अल्कारेज से होगी टेनिस की जंग

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियन ओपन में नोवाक जोकोविच ने कमाल कर दिया. चार घंटे और नौ मिनट के कड़े मुकाबले के बाद जोकोविच ने अपने करियर की सबसे यादगार जीतों में से एक दर्ज करते हुए 11वीं बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बनाई और रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का सपना जिंदा रखा. 38 वर्षीय जोकोविच ने मौजूदा चैंपियन यानिक सिनर को रोड लेवर एरीना में खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल में 3-6, 6-3, 4-6, 6-4, 6-4 से हराया. इस जीत के साथ उन्होंने मेलबर्न पार्क में सिनर की 19 मैचों की जीत की लय तोड़ी और दुनिया के नंबर-2 खिलाड़ी के खिलाफ लगातार पांच हार का सिलसिला भी खत्म किया.   यह मुकाबला सिनर का माना जा रहा था. युवा, तरोताजा और मेलबर्न में अजेय सिनर को प्रबल दावेदार माना जा रहा था. वह पहले ही जोकोविच को तीन ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में हरा चुके थे और हालिया मुकाबलों में दबदबा बनाए हुए थे. इसके उलट, जोकोविच टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में कुछ कमजोर नजर आए थे और पिछले राउंड्स में उन्हें कड़ी चुनौती मिली थी. लेकिन जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, उन्होंने खुद के भीतर कुछ खास खोज निकाला. शुरुआत से ही यह मुकाबला धैर्य और मानसिक मजबूती की परीक्षा बन गया. सिनर ने पहले सेट में आक्रामक लेकिन संतुलित खेल दिखाते हुए बढ़त बनाई. जवाब में जोकोविच ने अपना स्तर ऊंचा किया, रैलियां लंबी कीं और सिनर से गलतियां करवाईं. मैच का पलड़ा बार-बार बदलता रहा, कोई भी खिलाड़ी हार मानने को तैयार नहीं था. अंततः मुकाबला निर्णायक पांचवें सेट तक पहुंच गया, जो शारीरिक से ज्यादा मानसिक लड़ाई बन चुका था. दर्शकों के बीच अपने नाम के नारों के बीच जोकोविच ने 5-4 पर मैच सर्व किया. माहौल बेहद तनावपूर्ण था, खासकर इसलिए क्योंकि इससे पहले इसी स्थिति में अलेक्ज़ेंडर ज़्वेरेव अपना सेमीफाइनल जीतने में असफल रहे थे. मैच पॉइंट आए और गए. सिनर ने असंभव जगहों से विनर लगाए. ड्यूस हुआ और साथ ही संदेह भी. लेकिन जोकोविच ने, जैसा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में कई बार किया है, धैर्य नहीं खोया.   तीसरे मैच पॉइंट पर सिनर का फोरहैंड बाहर चला गया और जोकोविच ने अविश्वास में अपने हाथ ऊपर उठा दिए. 38 साल की उम्र में उन्होंने एक बार फिर उम्र, तर्क और बदलते दौर को चुनौती दे दी. इससे पहले, कार्लोस अल्कारेज़ ने अलेक्ज़ेंडर ज़्वेरेव को पांच सेट के रोमांचक मुकाबले में हराकर पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में जगह बनाई थी. अब रविवार को अल्कारेज़ और जोकोविच आमने-सामने होंगे, जहां दोनों के सामने इतिहास रचने का मौका होगा. फाइनल में अल्कारेज से टक्कर अल्कारेज सबसे कम उम्र में करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि जोकोविच उससे भी बड़ी उपलब्धि के पीछे हैं. मेलबर्न में 11वां फाइनल, रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम खिताब, और एक बार फिर यह साबित करने का मौका कि वह आज भी टेनिस के सबसे बड़े मंच के केंद्र में हैं.

सरकारी लापरवाही: एंबुलेंस नहीं मिली, पति के सामने पत्नी और बच्चे की गई जान

श्रीनगर उत्तराखंड के श्रीनगर में से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां एंबुलेंस नहीं मिलने से सरकारी कर्मचारी की गर्भवती पत्नी की मौत हुई है। साथ ही उसके पेट में ही बच्चे की जान भी गई है। बताया गया कि मृतक का पति ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में कार्यरत है। इस घटना के बाद एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया है। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार शाम को 31 वर्षीय शिखा पत्नी विनोद घर पर अकेली थी। इस दौरान शिखा की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। गर्भवती महिला कमरे में लहूलुहान हालत में मिली। स्थानीय लोगों की मदद से महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागी पहुंचाया गया। जहां गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर करने की बात कही। लेकिन, अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस का चालक छुट्टी पर पाया गया। जिसकी वजह से मरीज तड़पती-चिल्लाती रही। करीब दो घंटे तक तड़पने के बाद रात 9 बजे एक 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। श्रीनगर ले जाते समय बीच रास्ते में ही जच्चा और बच्चा दोनों ने दम तोड़ दिया। वहीं, चिकित्सकों का कहना है कि अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण महिला की मौत हुई है। जच्चा-बच्चा दोनों को बचाने की कोशिश की गई थी। लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था।  

‘विकास नहीं, सत्ता संघर्ष’: 6,000 करोड़ के घोटाले पर त्रिवेदी का कांग्रेस पर हमला

नई दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर 6,000 करोड़ रुपए के शराब घोटाले का आरोप लगाया गया है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जब केंद्र में भाजपा विपक्ष में थी, तब भी गुजरात मॉडल की खूब चर्चा होती थी, लेकिन आज हम बात करेंगे कि कांग्रेस पार्टी जिन राज्यों में सरकार चला रही है, वहां वह किस तरह का मॉडल पेश कर रही है। कांग्रेस सरकार पर 6,000 करोड़ रुपए के शराब घोटाले का आरोप लगा है। यह आरोप केंद्र सरकार ने नहीं, बल्कि उसी राज्य के शराब व्यापारियों ने लगाया है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस की जिन राज्यों में सरकार है, वे कैसा मॉडल प्रस्तुत कर रहे हैं, उसकी बानगी हम आपके सामने रखना चाहते हैं। वाइन मर्चेंट्स एसोसिएशन ने बताया है कि रेस्टोरेंट से लेकर होटलों तक, किस प्रकार अलॉटमेंट के नाम पर सरकार के विभिन्न स्तरों पर बैठे मंत्रियों और अन्य लोगों तक यह पैसा जाता था। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अगर प्रदेश की जनता किसी भी दल को सत्ता देती है तो अपेक्षा करती है कि वह सरकार विकास और सुशासन के मार्ग पर प्रदेश को ले जाएगी। मध्य प्रदेश में हमने ऐसी योजनाएं लागू की थीं, जिससे बच्चियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। कर्नाटक में जब 2008 में हमारी सरकार थी, तब हमने किसानों को एक साल के लिए बिना ब्याज के ऋण देने का प्रयास किया था और सफल रहे थे। उन्होंने कहा कि जैसे हमारी सरकार के पास विकास का एक मॉडल है, वैसे ही कांग्रेस के पास भी अपना मॉडल है जहां मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के बीच लगातार सत्ता की लड़ाई चलती रहती है, चाहे वह कर्नाटक हो, मध्य प्रदेश हो या राजस्थान हो। कांग्रेस ने कर्नाटक के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया है, जिन्होंने उन्हें इतना बड़ा जनादेश दिया था। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को एक सख्त निर्देश दिया है, जिसमें कहा गया है कि सीमा पर बाड़ लगाने के काम के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक साफ की जाए। यह साफ दिखाता है कि घुसपैठियों के वोटों के लालच में राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया गया। इस फैसले से यह सच्चाई सामने आ गई है कि टीएमसी घुसपैठियों के प्रति हमदर्दी रखती है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग तृणमूल सरकार को नकार देंगे, जिसने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है और आने वाले चुनावों में भाजपा को चुनेंगे। उन्होंने कहा कि लेकिन यह एक बहुत दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और विचलित करने वाला प्रश्न उठाता है। यह दर्शाता है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में देश की सीमाओं पर सुरक्षा की कीमत पर, घुसपैठियों के वोट के लालच में, केवल क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थ के लिए राष्ट्र की सुरक्षा का सौदा किया जा रहा था। उच्च न्यायालय का यह निर्णय तृणमूल कांग्रेस की नीतियों पर करारा प्रहार है।

राहुल नहीं करेंगे अगुवाई! कांग्रेस की अगली यात्रा के लिए नया चेहरा तय, पार्टी ने खेला बड़ा दांव

गुवाहाटी देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने असम में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके तहत पार्टी ने एक बड़ा मेगा प्लान तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी राज्य के ज्यादातर जिलों से होकर गुजरने वाली एक मेगा यात्रा निकालने की तैयारी में है जिसका नेतृत्व राहुल गांधी नहीं बल्कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई करेंगे। इस यात्रा को फरवरी माह में शुरू करने की तैयारी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हालांकि, इस यात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता अलग-अलग चरणों में विभिन्न स्थानों पर शामिल होंगे।   सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनावों से ठीक पहले होने वाली यह यात्रा हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएगी, जिसमें बस-यात्रा के साथ-साथ पदयात्रा, नुक्कड़ सभाएं और बड़ी जनसभाएं शामिल होंगी। इसके जरिए पार्टी सीधे जनता से संवाद स्थापित करने और सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यात्रा के नाम और तारीख को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है। संभावना है कि संसद सत्र के समाप्त होने के बाद इस यात्रा की शुरुआत की जाएगी। कांग्रेस पूरी ताकत झोंक रही उल्लेखनीय है कि असम विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी ताकत झोंक रही है और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को चुनावी राज्य में अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि संगठन को मजबूत किया जा सके और चुनावी बढ़त हासिल की जा सके। गौरव गोगोई न केवल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं बल्कि लोकसभा में सदन के उपनेता भी हैं। इसलिए पार्टी उन्हें ही आगे रखकर और चुनावी चेहरा बनाकर उतरने का प्लान बना रही है, जबकि भाजपा राहुल गांधी पर गमछा विवाद के बाद हमला बोल रहे हैं। पार्टी गौरव गोगोई को आगे रखकर भाजपा के एजेंडे को कमतर करना चाह रही है। अमित शाह ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला दूसरी तरफ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है और शुक्रवार को दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान असम की जनसांख्यिकी में बदलाव आया था और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार इस प्रवृत्ति को खत्म करने के लिए काम कर रही है। शाह ने करेनग चापोरी में ताकाम मिसिंग पोरिन केबांग द्वारा आयोजित 10वें ‘मिसिंग युवा महोत्सव’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने की अपील की ताकि राज्य को घुसपैठ से पूरी तरह मुक्त किया जा सके। कांग्रेस पर घुसपैठ करवाने के आरोप उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस शासन के दौरान असम की जनसांख्यिकी पूरी तरह बदल गई। घुसपैठियों की आबादी शून्य से बढ़कर 64 लाख हो गई और सात जिलों में घुसपैठिए बहुसंख्यक हो गये।’’ शाह ने कहा कि मोदी सरकार राज्य में जनसांख्यिकीय प्रवृत्ति को पलटने के लिए विभिन्न तरीकों से काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप असम में घुसपैठ रोकना चाहते हैं, तो भाजपा सरकार को तीसरी बार चुनकर अवैध प्रवासियों के खिलाफ लड़ाई में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के हाथों को मजबूत करें। असम में भाजपा सरकारों ने अतिक्रमण की गई 1.26 लाख एकड़ भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराया है।’’