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रणनीति साफ: अभिषेक को दबाव में रखे बिना नहीं मिलेगी कामयाबी, बोले हेनरी

तिरुवनंतपुरम अभिषेक शर्मा भले ही दुनिया भर के गेंदबाजों के लिए बुरे सपने की तरह हों, लेकिन न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी के पास इस भारतीय सलामी बल्लेबाज के लिए एक सरल रणनीति है, लगातार सटीक गेंदबाजी करके उन्हें दबाव में रखना। विशाखापत्तनम में चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में हेनरी ने अभिषेक को गोल्डन डक (पहली गेंद पर आउट) कर दिया था, जिससे कीवी टीम को यह मैच 50 रन से जीतने में मदद मिली थी। हेनरी ने यहां पांचवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा, ‘‘पिछले दो वर्षों से वह शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बल्कि आईपीएल में भी गेंदबाजी आक्रमण का डटकर सामना कर रहे हैं। मुझे लगता है कि हम उन पर किस तरह से दबाव बनाते हैं यह हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गेंदबाजी के नजरिए से यह चुनौतीपूर्ण है, लेकिन जब आप किसी ओवर में मिला-जुला प्रदर्शन करते हैं तो उसके बाद किस तरह से वापसी करते हैं और कैसे अपना प्रभाव डालते हैं यह महत्वपूर्ण होता है।’’ हेनरी ने कहा, ‘‘सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी सटीक गेंदबाजी करते हैं। आपको अपने काम में सटीक होना होगा और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करनी होगी।’’ हेनरी ने उम्मीद जताई कि भारत के खिलाफ इस श्रृंखला में खेलना आगामी टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के लिए उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए टी20 क्रिकेट आत्मविश्वास से जुड़ा मामला है। जब आप दबाव में हों तो आप कैसे वापसी करते हैं और बल्लेबाजों को किस तरह से चुनौती देते हैं, यह महत्वपूर्ण होता है। लगातार खेलते रहने से आप निरंतर सीखते रहते हैं और मुझे लगता है कि हमारे लिए इस श्रृंखला का यह महत्वपूर्ण पहलू है।’’ हेनरी ने कहा, ‘‘इस तरह के दबाव में आना कभी अच्छा नहीं लगता, लेकिन हम जानते थे कि दीर्घकालिक लक्ष्य विश्व कप की तैयारी करना था और जब टीमें इस तरह से शानदार प्रदर्शन कर रही हों तो आप उन पर दबाव कैसे डाल सकते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह से देखा जाए तो यह श्रृंखला हमारे लिए सकारात्मक रही है। हमारे खिलाड़ी आखिरी मैच में भी आत्मविश्वास बनाए रखें यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है।’’  

भविष्य की दिशा तय करेगा Budget 2026 – दुनिया के विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?

नई दिल्ली वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय गंभीर अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ऊँची ब्याज दरों ने निवेश की रफ्तार धीमी कर दी है, वहीं यूरोप आर्थिक सुस्ती से जूझ रहा है। ऐसे माहौल में भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरकर सामने आया है।Moody’s, S&P और OECD जैसे प्रमुख वैश्विक रेटिंग और शोध संस्थानों के मुताबिक भारत की GDP ग्रोथ 6.5 से 7 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। मजबूत घरेलू मांग, निरंतर सरकारी पूंजीगत व्यय और संरचनात्मक सुधार भारत की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को अब “Global Growth Driver” कहा जा रहा है।OECD का मानना है कि Budget 2026 में लिए गए सुधारात्मक और दूरदर्शी फैसले भारत को अगले दशक में सुपर इकॉनमी की श्रेणी में पहुँचा सकते हैं। वैश्विक संकट के इस दौर में भारत का बजट अब केवल घरेलू आर्थिक दस्तावेज नहीं रहा, बल्कि यह पूरी दुनिया की आर्थिक धड़कन से जुड़ चुका है। यह बजट तय करेगा कि भारत केवल उभरती शक्ति बना रहेगा या वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाएगा और सुपर शक्ति । निर्यात और प्रतिस्पर्धा वैश्विक बाजार में भारत के निर्यात को अधिक लचीला और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उद्योग जगत टैक्स राहत, आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज और नए Free Trade Agreements (FTA) की मांग कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय निवेशक Budget 2026 को पूंजी आकर्षण और निवेश सुरक्षा के संकेतक के रूप में देख रहे हैं। FDI में अतिरिक्त छूट, सुविधा-केंद्रित टैक्स नीति और निवेश-अनुकूल विनियमन को इन्वेस्टमेंट-लीड ग्रोथ के लिए अनिवार्य माना जा रहा है, ताकि भारत विदेशी पूंजी के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश गंतव्य बन सके। ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग, खासकर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर, बजट से बड़े फैसलों की उम्मीद कर रहा है। ड्यूटी में कटौती, उत्पादन प्रोत्साहन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से भारत न केवल घरेलू EV मांग को पूरा कर सकता है, बल्कि वैश्विक EV बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक ताकत भी बन सकता है। टेक्नोलॉजी और AI में अगली वैश्विक छलांग AI और एडवांस टेक्नोलॉजी अब केवल उद्योग नहीं, बल्कि रणनीतिक शक्ति बन चुकी है। टेक सेक्टर की अपेक्षा है कि Budget 2026 में AI-संबंधित सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा प्लेटफॉर्म, स्किल-बिल्डिंग और R&D को प्राथमिकता दी जाए, जिससे भारत वैश्विक तकनीकी नवाचार में अग्रणी भूमिका निभा सके।।  भारत की साइलेंट स्ट्रेंथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को अब मूल अवसंरचना माना जा रहा है। डिजिटल बैंकिंग, पेमेंट सिस्टम, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ी पारदर्शिता और पहुँच ने भारत को वैश्विक निवेश और व्यापार के लिए अनुकूल और भरोसेमंद वातावरण प्रदान किया है। Budget 2026 भारत के आर्थिक भविष्य का निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है, जो यह तय करेगा कि भारत केवल वैश्विक संकटों से सुरक्षित रहेगा या दुनिया की आर्थिक दिशा तय करने वाला नेता बनेगा।  वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत का उभरता रोल लगभग $700 अरब का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड $387.6 बिलियन का सेवा निर्यात और दुनिया का सबसे बड़ा $135.4 अरब का रेमिटेंस प्रवाह ये आंकड़े बताते हैं कि भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक मजबूत स्तंभ बन चुका है।    

‘बॉर्डर 2’ को मिल रही जबरदस्त प्रतिक्रिया पर सनी देओल ने प्रशंसकों का जताया आभार

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए अपनी नयी फिल्म ‘‘बॉर्डर 2’’ को मिली प्रतिक्रिया के लिए अपने प्रशंसकों को धन्यवाद दिया। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर पहले ही 200 करोड़ रुपये की कमायी का आंकड़ा पार कर लिया है। अनुराग सिंह द्वारा निर्देशित यह फिल्म 1997 में आई ‘‘बॉर्डर’’ का सीक्वल है। वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी अभिनीत यह फिल्म 23 जनवरी को रिलीज हुई थी। देओल ने बृहस्पतिवार को अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो अपलोड किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘‘मेरी, आपकी, हमारी ‘बॉर्डर 2’ को इतना प्यार देने के लिए, आप सबका बहुत शुक्रिया।’’ भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता द्वारा निर्मित इस फिल्म में मोना सिंह, सोनम बाजवा, अन्या सिंह और मेधा राणा भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। जहां 1997 की फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान लोंगेवाला की लड़ाई की घटनाओं पर आधारित थी, वहीं ‘बॉर्डर 2’ भी उसी युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। देओल अगली बार प्रीति जिंटा के साथ ‘‘लाहौर 1947’’ में नजर आएंगे। इसका निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है और इसका निर्माण आमिर खान के प्रोडक्शन बैनर आमिर खान प्रोडक्शंस के तहत किया गया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वानिकी सम्मेलन एवं आई.एफ.एस. मीट का किया शुभारंभ

वन विभाग की गतिविधियों का विस्तार जल, थल और नभ सभी ओर है मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वनों की सुरक्षा और बेहतरी में योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड-2026 प्रदान किया पूर्व पीसीसीएफ डॉ. गंगोपाध्याय को प्रदत्त पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गौरी गंगोपाध्याय ने किया प्राप्त   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के वन विभाग की गतिविधियों और प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की पुनर्स्थापना वन विभाग की दक्षता से ही संभव हो पाया है। चंबल में घड़ियाल और नर्मदा जी में मगरमच्छ स्वछंद विचरण के लिये छोड़ने का अनुभव अद्भुत रहा। वन वन्य जीव और क्षेत्रीय रहवासियों के बीच सह अस्तित्व की भावना का विकास वन विभाग की सेवाओं से ही संभव हो पाया। राज्य सरकार असम से वन्य जीवों को लाने के लिए प्रयास कर रही है। वन्य जीवों के संरक्षण में प्रदेश की जल संरचनाओं की भी बड़ी भूमिका है। वन विभाग की गतिविधियों का विस्तार नभ, थल, जल सभी ओर है। आईएफएस मीट प्रोफेशनल संवाद के साथ ही पारिवारिक आतमीयता और सहयोगी संबंधों को मजबूत करने का भी अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में वानिकी सम्मेलन एवं आई.एफ.एस. मीट-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग के आई.एफ.एस. थीम सॉन्ग तथा उसके वीडियो प्रसारण का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्ति अधिकारी और प्रदेश के पूर्व पीसीसीएफ श्रद्धेय डॉ. पी.बी. गंगोपाध्याय को प्रदेश के वनों की सुरक्षा और बेहतरी में उनके योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड-2026 प्रदान किया। यह अवार्ड डॉ. गंगोपाध्याय की पत्नी श्रीमती गौरी गंगोपाध्याय ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल एवं वन अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में आईएएस, आईपीएस एवं अब आईएफएस मीट का आयोजन एक सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विभाग के वर्तमान अधिकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बहुत कुछ सीखते हैं। भारतीय संस्कृति में वनों के साथ हमारा विशेष संबंध है। सनातन संस्कृति के 4 आश्रमों की व्यवस्था में गृहस्थ के बाद हम वानप्रस्थ आश्रम में वनों की महत्ता को समझते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वन अधिकारी-कर्मचारी जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीण परिवारों के लिए एक प्रकार से सहयोगी और मार्गदर्शन के रूप में भी काम करते हैं। वन विभाग के अधिकारी वनग्रामों के लिए सभी जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखते हैं। प्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय अभयारण्य के कोर एरिया और बफर जोन के बीच तार फेंसिंग की शुरुआत सराहनीय है। इससे वन्य जीवों के साथ रहवासियों को भी सुरक्षित वातावरण मिलेगा। प्रदेश सरकार वन विभाग के अधिकारियों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री वी.एन. अंबाडे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शुरू की गई अविरल नर्मदा योजना के अंतर्गत नर्मदा बेसिन में 5000 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में नदी पुनर्भरण एवं पौध-रोपण के कार्य किए जा रहे हैं। पिछला वर्ष मध्यप्रदेश वन विभाग के लिए सामुदायिक सहभागिता की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। विभाग द्वारा प्रति वर्ष 5 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जाता है। रातापानी अभयारण्य को डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है। आने वाले वर्षों में वन संरक्षण एवं पौधारोपण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड श्री जगदीश अहिरवार के प्रयास को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में सराहा है। उन्होंने 125 दुर्लभ वन औषधियों का संकलन करने का कार्य किया है। पर्यावरण संरक्षण को समाज के प्रयासों के साथ भी जोड़ा जा रहा है। मध्यप्रदेश के वन हमारी राष्ट्रीय धरोहर है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ भारतीय वन सेवा के अधिकारियों का समूह चित्र भी लिया गया।

पवार परिवार को नई ताकत: सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम पद स्वीकारा, पावरफुल विभाग मिलने के संकेत

मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. बताया जा रहा है कि यह फैसला सरकार के भीतर सत्ता संतुलन और आगामी राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. सुनेत्रा पवार की नियुक्ति से महायुति सरकार में एक बार फिर नए समीकरण बनते दिख रहे हैं. जानकारी के मुताबिक सुनेत्रा उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ राज्य सरकार में आबकारी और खेल मंत्रालय भी अपने पास रखेंगी. बताया जा रहा है कि कल शनिवार को शाम 5 बजे सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण होगा. इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की विधानमंडल दल यानी CLP की बैठक कल दोपहर 2 बजे बुलाई गई है. इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें नेतृत्व और आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर औपचारिक चर्चा हो सकती है.   इधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी अहम जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार फडणवीस आगामी बजट सत्र से पहले राज्य के वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने हाथ में लेंगे. माना जा रहा है कि बजट तैयारियों और आर्थिक नीतियों पर मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है. एनसीपी नेताओं ने रखा था प्रस्ताव सूत्रों का कहना है कि NCP के वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव पार्टी की भविष्य की दिशा तय करने के मकसद से रखा था. खास तौर पर 7 फरवरी को होने वाले पुणे जिला परिषद चुनाव को देखते हुए यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. इसी प्रस्ताव को सुनेत्रा द्वारा स्वीकार किया गया है. बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर पवार परिवार के भीतर भी चर्चा हुई, जिसके बाद सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करने पर सहमति दी. पार्टी के भीतर इसे संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सियासी संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, अब तक सरकार या पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि CLP बैठक के बाद इस पर मुहर लग सकती है.

घटनास्थल पर मिला चौंकाने वाला सबूत, लोजपा नेता की भाभी की हत्या से इलाके में दहशत

पटना बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में एक हाई-प्रोफाइल हत्या ने इलाके में सनसनी मचा दी है। नगर थाना क्षेत्र के चौहट्टा इलाके में देर रात महिला की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतका गुड़िया लोक जनशक्ति पार्टी (आर) की राष्ट्रीय सचिव मोनिका शर्मा की भाभी बताई जा रही हैं। यह घटना पुलिस और स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। घर के भीतर हुई थी घटना बताया जा रहा है कि घटना घर के भीतर हुई थी। परिजनों के अनुसार, गुड़िया के सिर में गोली लगी और उसे तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही लोजपा (आर) के कई कार्यकर्ता और नेता अस्पताल पहुंच गए, जिससे मामला राजनीतिक तूल पकड़ गया। मृतका का पति अर्जुन पासवान जो हाजीपुर व्यवहार न्यायालय में एडीजे-4 का निजी चालक है, ने बताया कि वह पत्नी के चिल्लाने की आवाज सुनकर बाहर गए और उसे चापाकल के पास गिरा पाया। गिलास पर मिले खून के निशान इधर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल पर जांच की, जिसमें घर के अंदर रखे एक गिलास पर खून के निशान पाए गए। पुलिस ने महिला के पति अर्जुन और अन्य पर संदेह जताया है। पुलिस को शक है कि हत्या घर के अंदर हुई और बाद में शव को चापाकल के पास फेंककर हत्या को भ्रामक रूप देने का प्रयास किया गया। मृतका के पिता ने भी ससुराल वालों पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का बयान इस मामले में सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। 

देश का बजट अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर: वैश्विक निवेशक कर रहे हैं बारीकी से विश्लेषण

नई दिल्ली जब दुनिया युद्ध, महंगाई, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रही है, ऐसे वक्त में भारत का आम बजट सिर्फ घरेलू दस्तावेज नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम संदेश बनकर उभर रहा है जिसका असर अमेरिका से ब्रिटेन तक दिखेगा  । IMF  और World Bank   जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं भारत के बजट को इस सवाल से जोड़कर देख रही हैं  क्या भारत वैश्विक मंदी के बीच स्थिरता का इंजन बन पाएगा? वैश्विक अर्थव्यवस्था इस समय गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरें ऊंची हैं, पश्चिम एशिया और यूक्रेन जैसे क्षेत्रों में युद्ध जारी हैं, जबकि चीन की सुस्ती ने वैश्विक व्यापार को कमजोर किया है। ऐसे माहौल में भारत का बजट 2026 अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशेष महत्व हासिल कर चुका है।  IMF और World Bank का मानना है कि भारत आने वाले वित्त वर्ष में भी 6.5 से 7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि वैश्विक एजेंसियां भारत के बजट में राजकोषीय घाटा, पूंजीगत खर्च, रक्षा व्यय और सामाजिक योजनाओं पर खास नजर रखे हुए हैं। Reuters और Bloomberg की रिपोर्टों के अनुसार, विदेशी निवेशक यह देखना चाहते हैं कि भारत वैश्विक अस्थिरता के बीच कैसे निवेश-अनुकूल माहौल बनाए रखता है। खासतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और ग्रीन एनर्जी पर बजटीय फोकस को वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। World Bank की टिप्पणी World Bank का कहना है कि यदि भारत राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास पर खर्च बढ़ाता है, तो वह न केवल अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा बल्कि वैश्विक विकास को भी सहारा दे सकता है। वहीं IMF ने चेतावनी दी है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव भारत के लिए जोखिम बने रहेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, अब भारत का बजट सिर्फ देश के लिए नहीं, बल्कि एशिया, अफ्रीका और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक मॉडल बनता जा रहा है। अगर भारत संतुलित बजट पेश करता है, तो यह संदेश जाएगा कि वैश्विक संकट के दौर में भी लोकतांत्रिक और विकासशील अर्थव्यवस्था स्थिर रह सकती है। अमेरिका पर क्या होगा असर? अमेरिका में ब्याज दरें ऊँची होने के कारण निवेशक सुरक्षित और उच्च-ग्रोथ बाजारों की तलाश में हैं। Budget 2026 में अगर भारत  FDI नियमों को और आसान करता है तथा इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर खर्च बढ़ाता है तो तो अमेरिकी पूंजी का बड़ा हिस्सा भारत की ओर शिफ्ट हो सकता है।  Wall Street भारत को अब “Next Growth Engine” के तौर पर देख रहा है। ब्रिटेन (UK) के लिए क्यों अहम भारत का बजट? ब्रेक्ज़िट के बाद ब्रिटेन नए ट्रेड पार्टनर्स की तलाश में है। Budget 2026 में  India-UK FTA के अलावा सर्विस सेक्टर और फाइनेंशियल कोऑपरेशन को गति मिलेगी।  लंदन की कंपनियों को भारत में बड़ा विस्तार मिल सकता है।  ब्रिटिश निवेशक खासकर IT, ग्रीन एनर्जी और स्टार्टअप सेक्टर पर नजर लगाए हुए हैं।  

नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई ‘धुरंधर’, आदित्य धर ने बताया इसे अपने करियर का नया मोड़

मुंबई, बड़े पर्दे पर रिलीज होने के दौरान 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़ने वाली फिल्म ‘धुरंधर’ शुक्रवार से ओटीटी नेटफ्लिक्स पर भी उपलब्ध हो गई है। फिल्म के निर्देशक आदित्य धर ने नेटफ्लिक्स पर इसकी रिलीज को फिल्म के लिए एक नया अध्याय बताते हुए कहा कि यह फिल्म एक महीने से अधिक समय तक सिनेमाघरों में टिकी रही। रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन एवं राकेश बेदी अभिनीत इस फिल्म ने कई रिकॉर्ड तोड़े और भारत में एकल-भाषा वाली सबसे अधिक कमाई करने वाली हिंदी फिल्म के रूप में उभरी। भारत में इसने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक कमाए। फिल्म पिछले साल पांच दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। दर्शक नेटफ्लिक्स पर यह फिल्म हिंदी के अलावा तमिल और तेलुगु में भी देख सकते हैं। धर ने एक बयान में कहा, ‘‘सिनेमाघरों में ‘धुरंधर’ को जो प्रतिक्रिया मिली, वह वाकई बहुत भावुक करने वाली है-खासकर यह देखना कि दर्शकों ने इसकी कहानी, किरदारों और इसकी भव्यता से कितना जुड़ाव महसूस किया। नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने के साथ ही फिल्म का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।’’ ‘नेटफ्लिक्स इंडिया’ में ‘कंटेंट’ उपाध्यक्ष मोनिका शेरगिल ने कहा, ‘‘हम इस फिल्म को नेटफ्लिक्स पर लाने को लेकर उत्साहित हैं, जिससे यह 190 से अधिक देशों में दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी।’’ इस फिल्म का निर्माण जियो स्टूडियोज तथा बी 62 स्टूडियोज ने किया है।  

वैश्विक निवेश की निगाहें भारत पर: बजट 2026 में क्या है निवेशकों की उम्मीदें?

नई दिल्ली यूक्रेन-रूस युद्ध, गाजा संकट, लाल सागर में तनाव, चीन की धीमी अर्थव्यवस्था और अमेरिका-यूरोप में ऊंची ब्याज दरों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था डगमगाई हुई है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब भारत के बजट 2026 पर टिकी हैं, जिसे वैश्विक संस्थाएं आने वाले वर्षों की आर्थिक दिशा तय करने वाला मान रही हैं। IMF और World Bank की ताजा रिपोर्टों के अनुसार 2026 में वैश्विक विकास दर 2.7-3% के आसपास रहने की संभावना है।  यूरोप ऊर्जा संकट और युद्ध के असर से जूझ रहा है जबकि  चीन रियल एस्टेट और डिमांड संकट में है। वैश्विक उद्योगों की भारत से उम्मीदें क्यों वैश्विक स्तर पर टैरिफ नीतियाँ और निर्यात मांग में गिरावट जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। अमेरिकी टैरिफों और निर्यात बाधाओं से भारतीय निर्यातकों को दबाव का सामना करना पड़ रहा है, जिसके समाधान की उम्मीद उद्योगों को बजट से है।पहले  World Bank ने भारत की ग्रोथ अनुमान को थोड़ा कम कर 6.3% कर दिया था, यह वैश्विक आर्थिक दबाव और घरेलू नीतिगत अनिश्चितताओं को ध्यान में रखकर किया गया था। हालांकि  संशोधन में यह स्वीकार किया गया कि भारत दक्षिण एशिया में सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है और घरेलू खपत तथा सेवा निर्यात इसे आगे ले जा रहे हैं।     अंतरराष्ट्रीय कंपनियां और निवेशक भारत के बजट 2026 से उम्मीद कर रहे हैं।     IMF ने भारत के लिए 2025-26 के GDP अनुमान को 6.6% तक अपग्रेड किया है।     यह दिखाता है कि वास्तव में भारत वैश्विक मंदी के बीच भी प्रगति कर रहा है।     मैन्युफैक्चरिंग और Make in India को टैक्स प्रोत्साहन।     सेमीकंडक्टर, EV, ग्रीन एनर्जी में सब्सिडी।     स्टेबल टैक्स पॉलिसी और आसान निवेश नियम।     डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI पर खर्च।     Bloomberg और Reuters के अनुसार, बजट के फैसले तय करेंगे कि ग्लोबल सप्लाई चेन चीन से भारत की ओर कितनी तेजी से शिफ्ट होती है।    रक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक असर     NATO और एशिया-पैसिफिक में बढ़ते तनाव के बीच भारत के डिफेंस बजट में बढ़ोतरी पर दुनिया की नजर।     स्वदेशी हथियार और रक्षा निर्यात को मिलेगा बढ़ावा     इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च से लॉजिस्टिक्स और व्यापार  मजबूत होगा     विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत का बजट इंडो-पैसिफिक में शक्ति संतुलन को भी प्रभावित करेगा।  वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत के लिए चुनौती     मुनाफे में फॉरेन इन्वेस्टमेंट फंड (FII) आउटफ्लो और रुपया की कमजोरी ने भी भारत के लिए विनिमय दर संबंधी जोखिम पैदा कर दिए हैं, जिससे बजट में पूंजी आकर्षण और निवेश-सहायक उपायों की मांग बढ़ी है।     चीन सस्ता उत्पादन केंद्र बना हुआ है।     वियतनाम, बांग्लादेश और मैक्सिको प्रतिस्पर्धा में शामिल।     भारत को स्किल, लॉजिस्टिक्स और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर तेज सुधार जरूरी।  

टेनिस खिलाड़ियों ने अंडरवियर में पहन लिया फिटनेस ट्रैकर, जानें क्यों बैन हुआ हाथ पर पहनना

टेनिस के सबसे बड़े टूर्नामेंट ऑस्टेलियन ओपन 2026 में एक बहुत ही अजीब मुद्दा विवाद का विषय बन गया है। बता दें कि विवाद किसी खिलाड़ी के व्यवहार को लेकर नहीं बल्कि हाथ में फिटनेस बैंड पहनने को लेकर है। दरअसल पिछले दिनों दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज और एरिना सबालेंका जैसे दिग्गजों को अंपायरों ने बीच मैच में अपना फिटनेस बैंड उतारने को कहा था। बता दें कि यह विवाद Whoop नाम की कंपनी के फिटनेस बैंड को लेकर हुआ है। इस कंपनी का फिटनेस बैंड खुद विराट कोहली भी पहनते हैं। हालांकि अचानक यह फिटनेस बैंड ग्रैंड स्लैम के नियमों की भेंट चढ़ गया है। एक र‍िपोर्ट के अनुसार, अब Whoop ने खिलाड़ियों के लिए बैंड पहनने के लिए खास अंडरवियर लॉन्च किया है, ताकि किसी को उनका बैंड हाथों में दिखे नहीं। क्यों हुआ विवाद? बता दें कि ATP और WTA के अन्य टूर्नामेंट्स में टेनिस खिलाड़ी Whoop जैसे फिटनेस बैंड का इस्तेमाल आराम से करते आए हैं। हालांकि ऑस्ट्रेलियन ओपन जैसे ग्रैंड स्लैम के नियम थोड़े अलग और सख्त हैं। X पर दावे किए गए हैं कि इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (ITF) ने दिसंबर 2025 में इस डिवाइस को टेनिस खेलते हुए पहनने की मंजूरी दी थी, फिर भी टूर्नामेंट अधिकारियों ने सुरक्षा और डेटा नियमों का हवाला देते हुए इसे कलाई पर पहनने से मना कर दिया। खिलाड़ियों के लिए काफी चौंकाने वाला मामला था क्योंकि खेल के दौरान अपनी परफॉर्मेंस से जुड़ा डेटा इक्ट्ठा करना खिलाड़ियों के लिए आम बात है। अंडरवियर में लगेगा फिटनेस ट्रैकर ऑस्टेलियन ओपन 2026 में हाथों में Whoop फिटनेस ट्रैकर पहनने को लेकर हुए विवाद के बाद कंपनी ने एक खास स्टाइल का अंडरवियर लॉन्च कर दिया है, ताकि खिलाड़ी अंडरवियर में ट्रैकर पहनकर खेल के दौरान अपना डेटा कलेक्ट कर सकें। बता दें कि WHOOP एक ऐसा फिटनेस ट्रैकर है जिसमें कोई डिस्प्ले नहीं होता और यह सिर्फ शरीर की रिकवरी और स्ट्र्रेन यानी कि तनाव को मापने के काम में लिया जाता है। इसका डिजाइन और ट्रैकिंग की सटीकता के चलते कई मशहूर खिलाड़ी इसका इस्तेमाल करते हैं। टेनिस स्टार्स के लिए हाथों में फिटनेस ट्रैकर पहनने की मनाही के बाद कंपनी ने 'WHOOP Body' कलेक्शन खिलाड़ियों को भेजी है। इस कलेक्शन में खास अंडरवियर भी शामिल है, जिसमें ट्रैकर फिट करने के लिए पॉकेट बनी होगी। अब आगे क्या? अंपायर्स द्वारा हाथों में बैंड पहनने से मना करने और कंपनी द्वारा बैंड को छिपा कर पहनने वाले कपड़े बनाने के बाद भी खिलाड़ियों के लिए खेल के दौरान डिवाइस का इस्तेमाल जोखिम भरा हो सकता है। दरअसल फिलहाल नियम यही है कि टेनिस खेलते समय खिलाड़ी के शरीर पर डेटा इक्ट्ठा करने वाला कोई डिवाइस नहीं हो सकता। ऐसे में खिलाड़ी अगर अंडरवियर में भी डिवाइस पहनते हैं, तो इसे नियमों का उल्लंघन ही माना जाएगा। ऐसा करने पर खिलाड़ियों पर भारी जुर्माना या पेनल्टी लग सकती है। अब जब तक अधिकारियों की ओर से बैंड के इस्तेमाल को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं आती, तब तक खिलाड़ियों को ऐसे डिवाइसेज से दूरी बना कर रखनी होगी।