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आज का भविष्यफल 4 फरवरी: ग्रहों के योग से इन राशियों पर होगी किस्मत मेहरबान

मेष मेष राशि वालों के लिए दिन सामान्य रहने वाला है। कामकाज में धीरे-धीरे बात बनेगी, बस जल्दबाजी से बचें। आज छोटे फैसले ज्यादा असर दिखा सकते हैं। परिवार या किसी करीबी से बातचीत मन हल्का करेगी। पैसों को लेकर ज्यादा रिस्क न लें और बेवजह खर्च से बचें। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन थकान लगे तो खुद को थोड़ा आराम जरूर दें। वृषभ वृषभ राशि वालों के लिए दिन मिला-जुला रहेगा। काम में रफ्तार भले धीमी लगे, लेकिन मेहनत बेकार नहीं जाएगी। पैसों के मामले में सोच-समझकर चलना जरूरी है, छोटी बचत आगे काम आ सकती है। घर का माहौल ठीक रहेगा और किसी अपने का साथ अच्छा लगेगा। सेहत ठीक रहेगी, बस खानपान में लापरवाही न करें। मिथुन मिथुन राशि वालों के दिमाग में कई बातें चलेंगी। एक साथ बहुत कुछ करने के बजाय एक काम पर ध्यान दें। काम से जुड़ा कोई नया आइडिया फायदेमंद साबित हो सकता है। पैसों में फिजूलखर्ची से बचना बेहतर रहेगा। रिश्तों में बातचीत से बात बनेगी, बस शब्दों का ध्यान रखें। सेहत के लिहाज से दिन सामान्य है। कर्क कर्क राशि वालों का ध्यान परिवार और निजी जिंदगी पर रहेगा। घर से जुड़ी कोई बात मन को सुकून दे सकती है। काम में धैर्य रखना जरूरी है, चीजें अपने समय पर आगे बढ़ेंगी। पैसों में कोई बड़ी दिक्कत नहीं है, लेकिन खर्च संभालकर करें। सेहत ठीक रहेगी, तनाव को खुद पर हावी न होने दें। सिंह सिंह राशि वालों पर जिम्मेदारियां थोड़ी ज्यादा रह सकती हैं। काम में आपकी बात सुनी जाएगी, लेकिन अहंकार से दूरी रखें। पैसों के मामले में स्थिति स्थिर रहेगी। रिश्तों में थोड़ा समझौता करना पड़ सकता है। सेहत सामान्य है, बस ज्यादा भागदौड़ से बचें। तुला तुला राशि वालों के लिए दिन व्यवस्थित रहने वाला है। कामकाज में आपकी मेहनत दिखेगी और तारीफ भी मिल सकती है। पैसों का हिसाब साफ रखें, इससे तनाव नहीं रहेगा। रिश्तों में छोटी बातों को तूल न दें। सेहत ठीक है, दिनचर्या बनाए रखें। धनु धनु राशि वालों को संतुलन बनाकर चलना होगा। काम और घर दोनों जगह तालमेल जरूरी रहेगा। पैसों को लेकर कोई भी फैसला सोच-समझकर लें। रिश्तों में सहयोग मिलेगा और बातचीत से गलतफहमी दूर हो सकती है। सेहत में हल्की सुस्ती रह सकती है, थोड़ा एक्टिव रहें। मकर मकर राशि वालों के लिए बड़े बदलाव का दिन हो सकता है। काम में कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जो आगे फायदेमंद रहेगी। पैसों की स्थिति सुधर सकती है, लेकिन जल्दबाजी ठीक नहीं। रिश्तों में साफ बात रखना जरूरी है। सेहत में पहले से बेहतर महसूस करेंगे। कुम्भ कुंभ राशि वालों को धैर्य से काम लेना होगा। काम में चीजें धीरे आगे बढ़ेंगी, लेकिन दिशा सही रहेगी। पैसों को लेकर प्लानिंग जरूरी है, नहीं तो खर्च बढ़ सकता है। रिश्तों में बातचीत से माहौल बेहतर रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। कन्या कन्या राशि वालों के लिए मेहनत का दिन है। काम में आपकी लगन पहचान दिला सकती है। पैसों में स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन बड़े निवेश फिलहाल टालें। परिवार के साथ समय बिताने से मन को सुकून मिलेगा। सेहत ठीक है, बस काम का बोझ ज्यादा न लें। वृश्चिक वृश्चिक राशि वालों के मन में नए आइडिया आ सकते हैं। काम में बदलाव का फायदा मिल सकता है। पैसों में सुधार के संकेत हैं, लेकिन खर्च संभालकर करें। रिश्तों में दोस्ताना माहौल रहेगा। सेहत के लिहाज से दिन ठीक रहेगा। मीन मीन राशि वालों के लिए दिन थोड़ा शांत रहने वाला है। काम में धीरे-धीरे स्पष्टता आएगी। पैसों को लेकर संतुलन बनाए रखना जरूरी है। रिश्तों में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। सेहत ठीक रहेगी, बस मन को शांत रखने की कोशिश करें।

कुछ सच वर्दी में दबकर भी नहीं मरते: पूर्व DGP का जनरल नरवणे के लिए चेतावनी संदेश

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण (मेमॉयर) पर आधारित एक लेख का हवाला देकर पिछले दो दिनों से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करने की कोशिश की है। मंगलवार को उन्होंने लोकसभा में फिर से चीन के साथ सैन्य टकराव का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, जिसके बाद सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा हो गया। इस हंगामे और विवाद के बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने जनरल नरवणे को नसीहत देते हुए एक बड़ा बयान दिया है। पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे को नसीहत देते हुए लिखा कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे को बेहतर समझदारी दिखानी चाहिए थी। वर्दीधारी सैनिकों के पास जो कुछ भी होता है, उसका अधिकांश हिस्सा उनके साथ कब्र तक जाने के लिए होता है। अगर हर कोई इस बारे में बोलने लगे, तो सरकारें कांप उठेंगी। बता दें कि राहुल गांधी ने मंगलवार को नरवणे की पुस्तक पर आधारित लेख को सत्यापित करने की मांग करते हुए सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि इसे सत्यापित किया जाए, मैं इसे पटल पर रख रहा हूं। इतना ही नहीं, कांग्रेस नेता ने लेख का हवाला देते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो चीन और पाकिस्तान से जुड़ा है तथा राष्ट्रपति के अभिभाषण का प्रमुख हिस्सा है। राहुल गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जब आसन की ओर से व्यवस्था दी जा चुकी है, तो नेता प्रतिपक्ष को उस विषय का उल्लेख नहीं करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के साथ हुई बैठक का हवाला दिया, जिस पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने भी सरकार को घेरा वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी को पूर्व सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे की पुस्तक के बारे में बोलने से रोके जाने पर हैरानी जताई और सवाल उठाया कि आखिर इस किताब में ऐसा क्या है जिससे मोदी सरकार के बड़े-बड़े मंत्री घबरा रहे हैं। खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा कि आरएसएस-भाजपा की वैचारिक आधारशिला ही तथ्यों को छिपाने पर टिकी है, तभी मोदी सरकार संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर सवालों पर जवाब देने से ऐसे बच रही है जैसे उसकी दुखती रग पर किसी ने हाथ रख दिया हो। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर मुद्दा उठाया है। मोदी सरकार के बड़े मंत्री क्यों घबरा रहे? उन्होंने कहा कि पूर्व सेनाध्यक्ष की किताब में ऐसा क्या लिखा है जिससे मोदी सरकार के बड़े-बड़े मंत्री घबरा रहे हैं। उनकी किताब को प्रकाशित होने से कौन रोक रहा है। पूरा देश जानता है कि भाजपा का राष्ट्रवाद झूठा है। वे देशभक्ति की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, पर 2020 में गलवान में हमारे 20 जवानों के सर्वोच्च बलिदान के बाद मोदी जी खुद चीन को क्लीन चिट थमा देते हैं। क्या ये सच नहीं है? उन्होंने सवाल किया कि क्या संसद में इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा तथा विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर देश को विश्वास में नहीं लिया गया है। उन्होंने मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि 'लोकतंत्र की जननी' की बात करने वाले लोकतंत्र की आत्मा को रौंदने में क्यों जुटे हुए हैं।

भारत के लिए चौंकाने वाला खुलासा: रूस ने ट्रंप के तेल दावों की पोल खोली

मॉस्को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे के बाद भारत-रूस संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ट्रंप ने भारत पर लगे टैरिफ को घटाते हुए सोमवार को कहा था कि भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के तहत रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति जताई है, लेकिन रूस ने इस दावे पर साफ शब्दों में कहा है कि भारत की ओर से उसे ऐसा कोई आधिकारिक संदेश नहीं मिला है। रूस के राष्ट्रपति कार्यालय (क्रेमलिन) के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मंगलवार को कहा कि मॉस्को भारत के साथ अपने रणनीतिक साझेदारी वाले रिश्तों को बेहद अहम मानता है और उन्हें आगे भी मज़बूत करना चाहता है।   ट्रंप का बड़ा ऐलान ट्रंप ने एक दिन पहले घोषणा की थी कि अमेरिका और भारत के बीच एक नया व्यापार समझौता हुआ है। इसके तहत अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात पर लगने वाला टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया जाएगा। इसी के साथ ट्रंप ने दावा किया था कि इसके बदले भारत रूस से तेल खरीद बंद करेगा और अमेरिका से ज़्यादा तेल खरीदेगा। ट्रंप ने यह भी कहा था कि भारत के रूसी तेल खरीदने से यूक्रेन युद्ध में रूस को अप्रत्यक्ष रूप से मदद मिल रही है। रूस की दो टूक इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रेमलिन के प्रवक्ता पेसकोव ने कहा, “रूस भारत के साथ संबंधों पर ट्रंप की टिप्पणियों का ध्यान से विश्लेषण कर रहा है।” जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद करने का फैसला किया है, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया, "अब तक तो हमने भारत की ओर से रूस से तेल खरीद रोकने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं सुना है।” उन्होंने कहा कि नई दिल्ली भारत-रूस साझेदारी को भी उतनी ही अहमियत देता है। पेसकोव ने कहा, "हम द्विपक्षीय अमेरिकी-भारतीय संबंधों का सम्मान करते हैं लेकिन हम रूस और भारत के बीच एक उन्नत रणनीतिक साझेदारी के विकास को भी उतना ही महत्व देते हैं। भारत के साथ हमारे रिश्ते हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और हम उन्हें आगे भी विकसित करना चाहते हैं।” तेल और कूटनीति यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद 2022 से भारत रियायती रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा है। पश्चिमी देशों ने इस पर नाराज़गी जताई है और रूस की ऊर्जा आय को सीमित करने के लिए कई प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि भारत का रुख हमेशा यही रहा है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है। बहरहाल, तस्वीर अभी साफ नहीं है क्योंकि एक तरफ ट्रंप का बड़ा दावा है, तो दूसरी तरफ रूस का इनकार। भारत की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में यह साफ है कि तेल, व्यापार और कूटनीति का यह खेल अभी जारी रहेगा।

मिडिल स्कूल छात्र की संदिग्ध मौत, शराब पीकर घर लौटते ही 7वीं मंजिल से कूदा

बेंगलुरु कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु शहर में शनिवार रात एक दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब कक्षा 10 के एक छात्र की अपने अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और अब तक की जांच में इसे एक संभावित आत्मघाती कदम माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, छात्र शनिवार शाम अपने स्कूल के कुछ दोस्तों के साथ एक पब गया था। पार्टी के बाद वह करीब रात 9 बजे घर लौटा। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है कि उसके दोस्त उसे अपार्टमेंट के गेट तक छोड़कर चले गए। इसके बाद छात्र अकेले लिफ्ट से सातवीं मंजिल पर गया। पुलिस का कहना है कि वह अपने फ्लैट में जाने के बजाय बालकनी की ओर गया, जहां से उसके गिरने की आशंका है। बालकनी की रेलिंग ऊंची होने के कारण हादसे की संभावना कम मानी जा रही है। छात्र की मौत रात करीब 9.40 बजे हुई। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि छात्र ने शाम को Legacy Brewing Company नामक पब में दोस्तों के साथ कथित तौर पर शराब पी और धूम्रपान भी किया। इसी आधार पर पब के मालिकों और कर्मचारियों के खिलाफ नाबालिग को शराब परोसने का मामला दर्ज किया गया है। हालांकि पब प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने नाबालिग को शराब नहीं दी और वह कथित तौर पर अपने साथ शराब लेकर आया था। पुलिस अब पब के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। इस बीच, पुलिस ने जांच पूरी होने तक पब का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। हर एंगल से जांच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र किन परिस्थितियों में गिरा। आत्महत्या सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।” पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या छात्र परिवार की प्रतिक्रिया से डर रहा था, या फिर उस पर पढ़ाई का दबाव था या मानसिक तनाव या कोई निजी परेशानी इस घटना की वजह तो बनी। पुलिस छात्र के दोस्तों और परिवार के बयान दर्ज कर रही है। सभी सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच के बाद ही स्थिति साफ होने की बात कही जा रही है।  

सहायक शिक्षक नियुक्तियों की समीक्षा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मांगी पूरी जांच

इलाहाबाद उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग के भीतर जड़ें जमा चुके भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। एक ऐतिहासिक फैसले में अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि पूरे उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापकों की नियुक्तियों की व्यापक जांच की जाए। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हथियाने वाले शिक्षकों को न केवल बर्खास्त किया जाए, बल्कि उनसे अब तक ली गई सैलरी की वसूली भी की जाए। 6 महीने के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को यह जिम्मेदारी सौंपी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि पूरी जांच प्रक्रिया को छह महीने के भीतर पूरा किया जाए। हाईकोर्ट ने उन अधिकारियों को भी कड़ी चेतावनी दी है जिनकी मिलीभगत या लापरवाही की वजह से ऐसे फर्जी शिक्षक सिस्टम में बने रहे। अदालत ने आदेश दिया है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त दंडात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। 15 साल की सेवा के बाद खुली पोल यह पूरा मामला गरिमा सिंह नाम की एक शिक्षिका की याचिका से शुरू हुआ। गरिमा सिंह को जुलाई 2010 में देवरिया जिले के सलेमपुर विकास खंड के एक उच्चतर प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त किया गया था। वह लगभग 15 वर्षों से अपनी सेवा दे रही थीं। 2025 में एक शिकायत के आधार पर हुई जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और अन्य संबंधित अधिकारियों की जांच में पाया गया कि गरिमा सिंह ने जिन शैक्षिक दस्तावेजों और निवास प्रमाण पत्र का उपयोग किया था, वे फर्जी थे। असल में वे दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति के थे, जिनके नाम का सहारा लेकर उन्होंने धोखाधड़ी से नौकरी हासिल की थी। इसके बाद अगस्त 2025 में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) देवरिया ने उनकी नियुक्ति रद्द कर दी थी। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए जताई चिंता गरिमा सिंह ने अपनी बर्खास्तगी को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनके वकील का तर्क था कि वह 15 साल से निष्कलंक सेवा दे रही हैं और नियुक्ति के समय उनके दस्तावेजों का वेरिफिकेशन हो चुका था। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति चौहान ने टिप्पणी की कि "धोखाधड़ी से प्राप्त लाभ का लाभ उठाने वाला व्यक्ति किसी भी तरह की रियायत या जांच का हकदार नहीं है।" अदालत ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा प्रणाली में फर्जी प्रमाण पत्रों के बढ़ते पैटर्न पर गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि कई सहायक अध्यापक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बरसों से नौकरी कर रहे हैं और यह सब प्रबंधन या शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। छात्रों का भविष्य सबसे ऊपर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अधिकारियों की निष्क्रियता न केवल धोखाधड़ी को बढ़ावा देती है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की नींव पर प्रहार करती है। अदालत के अनुसार, छात्रों का हित सर्वोपरि है और अयोग्य शिक्षकों द्वारा बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा के साथ समझौता नहीं किया जा सकता।  

टैरिफ डील का बड़ा खुलासा: क्या किसानों को सच में मिला फायदा?

वाशिंगटन अमेरिका के साथ सोमवार को घोषित व्यापार समझौते को लेकर कयासों का बाजार गरम है। संसद से लेकर सड़कों तक विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है। इस बीच केंद्र सरकार के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत उन देशों से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा जिन पर प्रतिबंध नहीं हैं। गौरतलब है कि भारत रूस से तेल खरीदने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है, जिस पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए हुए हैं। किसानों के हितों से समझौता नहीं दरअसल, भारत द्वारा अपने राजनीतिक रूप से संवेदनशील कृषि क्षेत्र को अमेरिका की अधिक पहुंच के लिए खोलने से इनकार करना मुक्त व्यापार समझौते के दौरान वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच एक प्रमुख विवाद का मुद्दा रहा है। नई दिल्ली सोयाबीन और डेयरी जैसे कृषि क्षेत्रों को खोलने के लिए अनिच्छुक रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को, जिन्हें अब तक संरक्षित रखा गया है, आगे भी संरक्षित रखा जाएगा। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि भारत ने समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं के हिस्से के रूप में कुछ कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच की पेशकश की है। भारत ने हाल ही में यूरोपीय संघ के साथ एक व्यापार समझौते के तहत कृषि उत्पादों के लिए चुनिंदा बाजारों तक पहुंच की पेशकश की है। प्रतिबंध-मुक्त तेल खरीदेगी सरकार वैश्विक व्यापार डेटा प्रदाता केप्लर के अनुसार, ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत दंडात्मक शुल्क लगाने के बावजूद भारत प्रतिदिन लगभग 1.5 मिलियन बैरल रूसी कच्चे तेल का आयात कर रहा है, जो कुल भारतीय आयात का एक तिहाई से अधिक है। सरकार के सूत्रों ने कहा कि भारत प्रतिबंध-मुक्त दुनिया भर के देशों से कच्चे तेल की खरीद को दर के आधार पर जारी रखेगा। सूत्रों ने बताया कि प्रतिबंध लागू होने के दौरान हमने वेनेजुएला से तेल नहीं खरीदी थी। अब प्रतिबंध हट गए हैं, इसलिए हम खरीदेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नई दिल्ली ऊर्जा खरीद में अपने नागरिकों को प्राथमिकता देना जारी रखेगी। बता दें कि सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर अपना टैरिफ मौजूदा स्तर से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इसके बदले में नई दिल्ली रूस से तेल की खरीद बंद करने और इसके बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदने पर सहमत हो जाएगी। 500 अरब डॉलर के व्यापार ट्रंप ने यह भी कहा कि व्यापार समझौते के तहत भारत ने कई उपायों पर सहमति जताई है, जिनमें टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को 'शून्य' तक कम करना तथा ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि उत्पाद और कोयले सहित 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी सामान खरीदना शामिल है। सूत्रों ने बताया कि अमेरिका के साथ 500 अरब डॉलर की व्यापार प्रतिबद्धता की शर्तों में विमान सौदों और अन्य संबंधित निवेशों को शामिल किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि नया व्यापार समझौता भारत के लिए अपार आर्थिक लाभ के द्वार खोलेगा। भारतीय सरकार के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-नवंबर में अमेरिका को भारत का निर्यात सालाना आधार पर 15.88 प्रतिशत बढ़कर 85.5 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 46.08 अरब डॉलर रहा। इससे पहले एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी उत्पादों को खरीदने की प्रतिबद्धता में फार्मास्यूटिकल्स, दूरसंचार, रक्षा, पेट्रोलियम और विमान जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह प्रक्रिया कई वर्षों में पूरी की जाएगी।

उज्जैन में शिव-विवाह उत्सव की शुरुआत, बाबा महाकाल नौ स्वरूपों में देंगे दर्शन, तैयारियां अंतिम चरण में

उज्जैन  महाशिवरात्रि में कुछ ही दिन का समय शेष बचा है। लेकिन शिव और पार्वती के विवाह के इस त्योहार को लेकर उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। मंदिर की दीवारों से लेकर शिखर पर रंग-रोगन किया जा रहा है। इसी के साथ 6 फरवरी से मंदिर में 9 दिनों तक चलने वाले उत्सव की शुरुआत होगी, जिसमें बाबा भक्तों को नौ अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे। बाबा महाकाल की नगरी में महाशिवरात्रि का त्योहार 9 दिन तक चलता है, जो 6 फरवरी से शुरू होगा और 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें रोजाना भगवान का रुद्राभिषेक, 24 घंटे निराकार रूप में दर्शन और जलधारी, रात के समय स्नान और वस्त्र धारण का कार्यक्रम रहेगा। साथ ही अलग-अलग नौ विग्रहों की स्थापना और पूजा की जाएगी। ये नौ दिन भगवान की पूजा नवरात्रि के नौ दिनों जैसी होती है। भक्तों के लिए मंदिर भी खुले रहेंगे और भक्त बाबा महाकाल पर जलधारी अर्पित कर पाएंगे। महाकाल मंदिर के पुजारी पं महेश शर्मा ने बताया कि पहले दिन बाबा का दुशाला ओढ़ाकर श्रंगार होता है और फिर दूसरे दिन बाबा को शेषनाग धारण कराए जाते हैं। तीसरे दिन घटाघटा स्थापित किया जाता है, जो शिवलिंग के समान ही होता है। चौथे दिन प्रभु के छवि दर्शन होते हैं और पांचवें दिन बाबा को मन-महेश, उमा महेश, शिव तांडव और होलकर के रूप में सजाया जाता है। इस वर्ष 15 फरवरी को होने वाली खास पूजा और अनुष्ठान पर पुजारी पं महेश शर्मा ने बताया कि 15 फरवरी को जलधारी के साथ चारों पहर की पूजा और आरती होगी और रात के समय स्नान के साथ बाबा को दूल्हे के रूप में श्रंगार कर सजाया जाएगा और रात को विशेष श्रंगार पूजा होगी, जिसे सेहरा दर्शन भी कहा जाता है। इस दौरान नौ दिनों तक मंदिर परिसर में भजन और कीर्तन का आयोजन होगा और भक्तों के आगमन के लिए तैयारियां की जा रही हैं क्योंकि महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में भीड़ बढ़ जाती है। मंदिर में हो रही तैयारी पर उन्होंने कहा कि गर्भगृह की सफाई, मंदिर के कुंड़ों की सफाई और रंग-रोगन का काम शुरू हो चुका है, जिसे 6 फरवरी तक खत्म करने की कोशिश रहेगी। अधिकारियों ने देखी व्यवस्था महापर्व 2026 के अवसर पर ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम बनाए जाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह द्वारा आज श्री महाकालेश्वर मंदिर परिक्षेत्र एवं श्री महाकाल लोक के आंतरिक एवं बाह्य क्षेत्रों का विस्तृत भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान रोशन कुमार सिंह ने दर्शन मार्ग, श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं तथा भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही मंदिर परिसर एवं श्री महाकाल लोक में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया गया तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों को कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए, जिससे महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस अवसर पर मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक, अतेंद्र सिंह एडीएम उज्जैन अभिलाष मिश्रा आयुक्त नगर पालिका निगम एवं संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि, मंदिर अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

जयपुर मेट्रो का बदलेगा नाम, अंतिम मंजूरी का इंतजार

जयपुर. जयपुर मेट्रो पर नया अपडेट आया है। जल्द ही जयपुर मेट्रो को नाम मिल सकता है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में जयपुर मेट्रो लाइन-2 की आधारशिला रख सकते है। मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि आधारशिला समारोह के बाद जयपुर मेट्रो रेलवे निगम (जेएमआरसी) का नाम बदलकर राजस्थान मेट्रो रेलवे निगम (आरएमआरसी) हो जाएगा। अंतिम मंजूरी अभी बाकी है जयपुर मेट्रो रेलवे निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इस बारे में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुरोध किया है। हालांकि, केंद्रीय मंत्रिमंडल से परियोजना को अंतिम मंजूरी अभी बाकी है। अधिकारियों ने कहा कि वे पीएमओ से अंतिम मंजूरी और शिलान्यास समारोह की निश्चित तिथि दोनों की एक साथ मिलने की उम्मीद है। जयपुर मेट्रो को जल्द मिलेगा नया नाम मेट्रो के एक अधिकारी के अनुसार जयपुर मेट्रो (कोलकाता मेट्रो के अलावा) एकमात्र मेट्रो है, जिसका निर्माण और संचालन राज्य सरकार ने किया है। अब, हम निगम को केंद्र और राज्य के बीच एक संयुक्त उद्यम इकाई में बदलकर आरएमआरसी का गठन करेंगे।

किसानों को राहत: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की अवधि बढ़ी, 4–5 फरवरी को भी होगी खरीद

रायपुर राज्य सरकार ने धान खरीदी की समय अवधि दो दिन बढ़ा दी है। अब चार और पांच फरवरी को भी धान खरीदी की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि समीक्षा में जानकारी मिली कि कुछ किसानों के टोकन नहीं कट पाए हैं, कुछ पंजीयन नहीं कर पाए। इसलिए समय अवधि बढ़ाई जा रही है। राज्य के ऐसे किसान जो पंजीकृत है और जिनका टोकन कट चुके है, उन किसानों का धान खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने धान खरीदी के दिवस में बढ़ोतरी की  ने अपनी पड़ताल के बाद खबर प्रकाशित कर सरकार को चेताया था कि टोकन कट जाने के बाद भी प्रदेश के लगभग ढाई लाख किसानों का धान नहीं बिक पाया है। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले को संज्ञान में लिया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी जिलों से जानकारी मांगी थी और इसके बाद मुख्यमंत्री ने धान खरीदी के दिवस में बढ़ोतरी कर दी। अब तक 140 लाख टन धान की खरीदी 15 नवंबर 2025 से शुरू धान खरीदी का महाभियान के तहत 31 जनवरी 2026 तक 25 लाख 11 हजार से अधिक किसानों से लगभग 140 लाख टन धान की खरीदी की गई है। धान खरीदी के एवज में इन किसानों को 33 हजार 149 करोड़ रुपये का भुगतान बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत किया जा चुका है। राज्य में इस वर्ष 27 लाख 43 हजार 145 किसानों ने पंजीयन कराया है। 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया हुई है। शासन की यह व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है कि वास्तविक किसान को ही लाभ मिले और बिचौलियों अथवा फर्जी प्रविष्टियों की कोई गुंजाइश न रहे। यह भी पढ़ें- रायपुर-दुर्ग के बीच सफर होगा और भी आसान, सिरसा गेट और खुर्सीपार में बनेंगे ग्रेड सेपरेटर, ₹77 करोड़ मंजूर ये किसान होंगे धान बेचने के पात्र   ऐसे किसान जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद टोकन के लिए आवेदन तो किया था, लेकिन उनका भौतिक सत्यापन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।  वे किसान जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद आवेदन किया और सत्यापन के दौरान जिनके पास वास्तव में धान का स्टॉक (बचा हुआ धान) पाया गया है।  ऐसे किसान जिन्हें 28, 29 या 30 जनवरी 2026 के लिए टोकन जारी किया गया था, लेकिन वे किसी भी कारणवश निर्धारित तिथि पर अपना धान नहीं बेच पाए थे। हमने धान खरीदी की समीक्षा की है। कुछ किसान जिनका टोकन कट गया था और धान नहीं बेच पाए थे और कुछ किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया था। इसलिए दो दिन और किसानों का धान खरीदेंगे। – विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़    

सालाना 6 हजार से बढ़कर 9 हजार! बिहार सरकार ने पीएम किसान और कर्पूरी निधि में की बढ़ोतरी

पटना बिहार में किसान सम्मान निधि योजना की राशि डेढ़ गुना बढ़ा दी गई है। इसके लिए नीतीश सरकार ने जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की है। इसके तहत किसानों को साल में 3000 रुपये एक्स्ट्रा मिलेंगे। यह राशि पीएम किसान सम्मान निधि की मौजूदा राशि के साथ ही डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। मंगलवार को बिहार विधानमंडल में पेश हुए बजट में इसकी घोषणा की गई। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अभी तक हर साल कुल तीन किस्तों में लाभार्थियों को कुल 6000 रुपये दिए जाते हैं। एक किस्त में किसानों के खाते में 2000 रुपये आते हैं। अब बिहार सरकार ने कर्पूरी ठाकुर के नाम पर अलग से किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की है। इसके तहत प्रति किस्त 1000 और कुल तीन किस्तों में 3000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इस तरह, बिहार के किसानों को पीएम किसान एवं जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि, दोनों योजनाओं को मिलाकर हर किस्त में कुल 3000 रुपये मिलेंगे। यानी कि साल में कुल तीन किस्तों में बिहार के किसानों को 6000 की बजाय कुल 9000 रुपये दिए जाएंगे। NDA ने चुनावी संकल्प पत्र में किया था वादा- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एनडीए ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में कर्पूरी ठाकुर के नाम से किसानों के लिए नई योजना शुरू करने का वादा किया था। एनडीए ने संकल्प किया था कि अगर वह दोबारा सत्ता में आते हैं तो पीएम किसान सम्मान निधि पाने वाले लाखों किसानों को साल में 3000 रुपये अतिरिक्त देंगे। पिछले बिहार चुनाव में एनडीए ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की और नीतीश कुमार के नेतृत्व में बीते नवंबर में नई सरकार का गठन हुआ। अब सरकार के पहले पूर्णकालिक बजट में इस योजना की शुरुआत करने की घोषणा कर दी गई है। इस योजना का लाभ बिहार के लगभग 73 लाख से ज्यादा किसानों को मिलेगा।