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बच्चे के जन्म के बाद सिरदर्द को न करें नजरअंदाज, पोस्टपार्टम माइग्रेन के संकेत और मैनेजमेंट टिप्स

मां बनना बेहद खूबसूरत एहसास है, लेकिन इसके बाद कई फिजिकल और मेंटल बदलावों से गुजरना पड़ता है, जो आसान नहीं होते। डिलीवरी के बाद कई महिलाएं तेज सिरदर्द से भी परेशान रहती हैं, जिसे पोस्टपार्टम माइग्रेन कहा जाता है। कई महिलाएं इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। इस बारे में डॉ. मानसी कुमार (सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्स्ट्रेटिक्स एंड गायनेकोलॉजी, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से जानते हैं कि यह समस्या है क्या और इसे कैसे मैनेज किया जा सकता है।   क्या है पोस्टपार्टम माइग्रेन और इसके लक्षण? प्रसव के बाद होने वाला माइग्रेन सामान्य सिरदर्द से कहीं ज्यादा गंभीर होता है। यह बार-बार होने वाला एक तेज दर्द है, जिसके साथ महिला को कुछ समस्याएं हो सकती हैं, जैसे-     जी मिचलाना     रोशनी या शोर के परेशानी होना     देखने में दिक्कत या धुंधलापन हैरानी की बात यह है कि यह माइग्रेन उन महिलाओं को भी हो सकता है जिन्हें प्रेग्नेंसी से पहले कभी माइग्रेन की शिकायत नहीं रही हो। आखिर क्यों होता है यह दर्द? इसका मुख्य कारण प्रसव के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में अचानक आने वाली गिरावट है। इसके अलावा कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं-     नींद की भारी कमी और शारीरिक थकान     तनाव और बच्चे की देखभाल का दबाव     शरीर में पानी की कमी और एनीमिया (खून की कमी)     ब्रेस्ट फीडिंग से जुड़े शारीरिक बदलाव इसे मैनेज करने के तरीके     आराम को प्राथमिकता- जब भी मौका मिले, भरपूर नींद लें और आराम करें।     खान-पान का ध्यान- शरीर में पानी की कमी न होने दें और आयरन व पोषक तत्वों से भरपूर खाना खाएं।     ट्रिगर्स की पहचान- समय पर खाना न खाना या बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम माइग्रेन को बढ़ा सकता है, इनसे बचें।     स्ट्रेस मैनेजमेंट- हल्की वॉक और रिलैक्सेशन तकनीकें रिकवरी में मदद करती हैं। डॉक्टर से सलाह कब लें? डॉ. मानसी कुमार चेतावनी देती हैं कि अगर सिरदर्द लगातार बना रहता है या गंभीर है, तो इसकी जांच करवाना जरूरी है, खासकर ब्रेस्टफीड करवाने वाली महिलाओं के लिए। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें, क्योंकि कुछ पेनकिलर ब्रेस्टफीडिंग के दौरान असुरक्षित हो सकते हैं। तुरंत डॉक्टर के पास जाएं अगर सिरदर्द अचानक और बहुत तेज हो, सिरदर्द के साथ धुंधला दिखे या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो, बुखार,कन्फ्यूजन या बहुत ज्यादा बेचैनी महसूस हो।

जिस पत्नी की हत्या में काटी सजा वह जिंदा मिली

फरीदाबाद. फरीदाबाद में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी की हत्या के आरोप में पति ने करीब छह साल जेल की सजा काट ली, लेकिन बाद में पत्नी जिंदा मिल गई। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी पति को हत्या के प्रयास का दोषी मानते हुए छह साल की सजा सुनाई। चूंकि आरोपी पहले ही छह साल से अधिक समय जेल में बिता चुका था, इसलिए एडिशनल सेशन जज ज्योति लांबा की कोर्ट ने सजा को अंडरगोन मानते हुए 13 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर उसे रिहा करने के आदेश दिए। क्या है पूरा मामला नई दिल्ली निवासी मलखान ने सराय ख्वाजा थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपनी बेटी सुधा की शादी वर्ष 2005 में गांव जनौली किशनपुर (हाथरस, यूपी) निवासी मुकेश उर्फ मनोज से की थी। दंपती के छह बच्चे हैं। शादी के कुछ समय बाद दोनों फरीदाबाद आकर रहने लगे और दिहाड़ी मजदूरी करने लगे। 13 दिसंबर 2019 को सुधा और मुकेश रोज की तरह काम पर निकले थे। शाम को मुकेश अकेला घर लौट आया। बच्चों के पूछने पर उसने बताया कि सुधा मायके गई है। अगले दिन जब बच्चों ने मामा के यहां फोन किया तो पता चला कि सुधा वहां नहीं पहुंची थी। चरित्र पर शक, उस्तरे से रेत दिया गला इसके बाद पिता मलखान ने सराय ख्वाजा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के दौरान सुधा के पति मुकेश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मुकेश ने कबूल किया कि उसे सुधा के चरित्र पर शक था। उसने 13 दिसंबर 2019 को काम के बहाने उसे साथ ले जाकर गुरुग्राम नहर के किनारे उस्तरे से उसका गला रेत दिया और चुन्नी से गला घोंट दिया। सुधा को मरा समझकर वह मौके से फरार हो गया। मुकेश की निशानदेही पर पुलिस ने उस्तरा और खून से सना गमछा बरामद किया, लेकिन सुधा का शव नहीं मिला। नहर में भी तलाश की गई, मगर कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने हत्या के आरोप में मुकेश को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।

पंजाब में कोहरे और लो-विजिबिलिटी की मार झेल रही जनता

जालंधर. जालंधर महानगर में घना कोहरा पड़ने की वजह से विजिबिलिटी भी 30 मीटर से भी कम है। ऐसे में वाहन चालकों को परेशानी आ रही है। इसके साथ-साथ सर्द हवाएं चलने की वजह से ठंडक ज्यादा बढ़ गई है। मौसम विभाग की तरफ से दिन निकलने के साथ ही मौसम पूरी तरह से साफ हो जाएगा और धूप निकलने से तापमान में वृद्धि भी दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया है कि फरवरी महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक और वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है, विशेषकर उत्तर-पश्चिम भारत में, जिसमें पंजाब भी शामिल है। इस सूचना के बाद कृषि विशेषज्ञों और किसानों में फसलों पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौसम रबी फसलों, विशेषकर गेहूं पर नकारात्मक असर डाल सकता है। फरवरी में गेहूं की बल्ली में दाना बनना शुरू होता है और इस समय यह दूध जैसे तरल पदार्थ के रूप में होता है। यदि तापमान औसत से अधिक रहा, तो यह दाना सूख सकता है, जिससे दाने का आकार छोटा होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि ऐसा हुआ, तो यह चौथी बार होगा जब पंजाब के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पिछले वर्ष भी फरवरी में गर्मी के कारण गेहूं की पैदावार में कमी आई थी, जिससे किसानों को नुकसान हुआ।

सीएम योगी के पास पहुंच कर बालहठ के साथ निश्छल मन से अपनी बात रखते हैं प्रदेश भर के बच्चे

सीएम योगी का बाल प्रेम  जनसेवा, संवेदना और सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं मुख्यमंत्री सीएम योगी के पास पहुंच कर बालहठ के साथ निश्छल मन से अपनी बात रखते हैं प्रदेश भर के बच्चे  बच्चों के सामने झलक पड़ता है सीएम योगी का कोमल हृदय, समाज को जोड़ती है सीएम की बच्चों से यह दोस्ती बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा पर सीएम योगी का है विशेष फोकस एडमिशन, उपचार के लिए तत्काल आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराते हैं मुख्यमंत्री  लखनऊ  नर्सरी में एडमिशन कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची मासूम बच्ची की जिद हो या चॉकलेट की मांग करने वाले बच्चों की हठ। जिन मुख्यमंत्री का नाम सुनकर अपराधी कांप उठते हैं, बच्चे उन्हीं से मिलकर सहजता से अपनी जिद मनवा लेते हैं। कहते हैं, ‘बच्चे मन के सच्चे’, वे अपने दिल की भावना को अत्यंत निश्छलता से प्रकट कर देते हैं, यही भाव उस समय सामने आया, जब सीएम योगी आदित्यनाथ को देखते ही एक छोटी बच्ची ने उन्हें सैल्यूट किया। सीएम ने भी मुस्कुराते हुए बच्ची को खूब मन लगाकर पढ़ने के लिए कहा। उनका यह बाल प्रेम उनके कोमल हृदय व सर्वसुलभ होने के साथ-साथ जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री के बच्चों से जुड़ाव और उनके साथ भावनात्मक संवाद के कई दृश्य समय-समय पर सामने आते रहते हैं। विगत सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आई बच्ची अनाबी अली से सीएम का संवाद इन दिनों चर्चा में है। अपने एडमिशन के लिए जिद, फिर एबीसीडी व कविता सुनाकर अनाबी ने सीएम का दिल जीत लिया। वहीं मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से “और क्या चाहिए” पूछना और उसका मासूम जवाब सुनकर खिलखिलाकर हंसना भी उनके बालप्रेम को प्रकट करता है। बच्चों से अत्यंत आत्मीयता से संवाद और उनके भविष्य को लेकर त्वरित निर्णय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करते हैं। बीते दिनों ‘जनता दर्शन’ में दो साल की अनन्या से संवाद भी लोगों के मन को छू गया। इसी तरह 31 दिसंबर को मेजर की बेटी अंजना भट्ट ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने मकान पर कब्जे की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने 24 घंटे के भीतर न सिर्फ मकान को कब्जा मुक्त कराया, बल्कि आरोपियों पर एफआईआर व तत्काल गिरफ्तारी भी कराई। यह मामला सीएम की जन समस्याओं के प्रति गंभीरता को प्रकट करते हुए स्पष्ट संदेश देता है कि वे कानून व्यवस्था, बच्चों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों का समाधान कराने में तनिक भी विलंब नहीं करते।  कानपुर की मूक-बधिर युवती खुशी गुप्ता की कहानी भी इन दिनों हर किसी की जुबां पर है। मुख्यमंत्री से मिलने की उसकी जिद और अकेले पैदल चलकर लखनऊ पहुंचने की जानकारी जब सीएम योगी आदित्यनाथ को मिली तो उन्होंने उसे बुलाकर उसके बनाए चित्रों को स्वीकार किया और उसके शिक्षित-सुरक्षित भविष्य का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के अपनत्व से भाव-विभोर खुशी की ‘अनकही भावनाओं’ ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों के बीच मुख्यमंत्री की ‘प्रदेश ही परिवार’ धारणा की विश्वसनीय तस्वीर पेश की।  ‘जनता दर्शन’ के जरिए लखनऊ की अनाबी अली, कानपुर की मायरा, गोरखपुर की पंखुड़ी और मुरादाबाद की वाची का स्कूल में एडमिशन कराना भी सीएम योगी की संवेदनशीलता का हिस्सा है। कानपुर की नन्ही मायरा ने कहा था कि मैं बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। इस पर सीएम ने तत्काल उसका प्रवेश कराने का निर्देश दिया। वाची ने कहा कि मैं पढ़ना चाहती हूं,  सीएम ने उसका भी प्रवेश कराया। गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफ कराने के साथ ही उसे पुनः विद्यालय भेजना भी सुनिश्चित कराया। गणतंत्र दिवस परेड में भी सीएम के पास पहुंच गए बच्चे 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में आए बच्चे सीधे सीएम योगी के पास पहुंच गए। सभी ने सीएम के साथ फोटो खिंचवाई, उनसे बातचीत की। सीएम ने उन्हें दुलारा और एक नन्ही बच्ची को गोद में लेकर अपना वात्सल्य भाव प्रकट किया।   वृद्ध मां के दर्द से द्रवित सीएम ने कैंसर पीड़ित बेटे को भिजवाया अस्पताल बीते सितंबर में ‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां अपने कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची थीं। उनकी तकलीफ देखकर सीएम द्रवित हो गए और कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया। ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाल प्रेम, जनसेवा, संवेदना व सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।

वास्तु का चमत्कार: इस धातु की मछली घर में रखते ही बदल सकती है किस्मत

वास्तु शास्त्र में प्रतीकों और धातुओं का गहरा महत्व बताया गया है। अक्सर हम अपने जीवन में कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी आर्थिक तंगी या मानसिक तनाव हमारा पीछा नहीं छोड़ता। वास्तु विज्ञान के अनुसार, ऐसी स्थिति में घर की ऊर्जा को संतुलित करना आवश्यक होता है। मछली, जिसे सनातन परंपरा और वास्तु दोनों में ही शुभता और निरंतरता का प्रतीक माना गया है, आपके बंद भाग्य के ताले खोल सकती है। यदि आप घर में जीवित मछलियां रखने में असमर्थ हैं, तो वास्तु शास्त्र धातु की मछली रखने की विशेष सलाह देता है। माना जाता है कि एक खास धातु से बनी यह नन्ही सी मछली न केवल आपके घर से नकारात्मकता को सोख लेती है, बल्कि धन-धान्य और खुशहाली के नए मार्ग भी प्रशस्त करती है। तो आइए जानते हैं कि आखिर वह कौन सी धातु है और उसे किस दिशा में रखने से आपकी किस्मत चमक सकती है। किस धातु की मछली है सबसे उत्तम ? वास्तु विज्ञान के अनुसार, पीतल की बनी मछली घर के लिए सबसे प्रभावशाली मानी जाती है। यह घर में शांति और धन के प्रवाह को बढ़ाती है। यदि आप इसे अपने लॉकर या तिजोरी में रखते हैं, तो यह अनावश्यक खर्चों को रोकती है और बचत बढ़ाती है। घर में मछली रखने के बड़े फायदे धातु की मछली घर में मौजूद वास्तु दोषों के प्रभाव को कम करती है और नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालती है। मछली को लक्ष्मी का कारक माना जाता है। इसे रखने से करियर में तरक्की और व्यवसाय में लाभ के योग बनते हैं। घर के सदस्यों के बीच कलह कम होती है और वातावरण खुशहाल रहता है। सही दिशा और स्थान मछली को हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दिशा में रखना चाहिए। ये दिशाएं धन और स्वास्थ्य के लिए शुभ मानी जाती हैं। इसे आप अपने बैठक में किसी मेज या शोकेस में रख सकते हैं। यदि आप इसे अपने ऑफिस की टेबल पर रखते हैं, तो यह एकाग्रता और सफलता को बढ़ावा देती है। इन बातों का रखें विशेष ध्यान मछली का मुंह हमेशा घर के अंदर की तरफ होना चाहिए, जिससे समृद्धि घर के भीतर आए।  धातु की मछली पर धूल न जमने दें। इसकी चमक जितनी बरकरार रहेगी, सकारात्मक ऊर्जा उतनी ही प्रभावी होगी। यदि संभव हो तो मछलियों का जोड़ा रखें, यह वैवाहिक जीवन और संबंधों में मधुरता लाता है। यदि आप घर में असली फिश एक्वेरियम नहीं रख सकते, तो धातु की मछली उसका एक बेहतरीन और प्रभावशाली विकल्प है।

सहेलियों ने बदनामी से तंग आकर महिला की पीट-पीटकर की हत्या

गरियाबंद. जिले में एक महिला से बर्बरता के बाद उसकी ही सहेलियों ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. आरोपियों ने पहले महिला के प्राइवेट पार्ट पर जबरदस्ती लाल मिर्च डाल दिया. आपा खो चुकी दोनों आरोपी महिला ने डंडे से जमकर पीट, साथ ही लात-घूंसों से हमलाकर हत्या कर दी. मृतिका की पहचान सुमित्रा नेताम (37) के रूप में हुई है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वारदात समाज में बदनाम करने और चरित्र पर आरोप लगाने की रंजिश के कारण अंजाम दिया गया है. मृतका की पहचान सुमित्रा नेताम (37) के रूप में हुई है. पूरा मामला मैनपुर ब्लाक के शोभा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गरीबा का है. जानकारी के मुताबिक, आरोपी सुगतिन नेताम (36) और ईतवारिन बाई (46) के चरित्र को लेकर सुमित्रा गांव में लोगों के बीच आरोप लगाने लगी थी, जिससे उनकी सामाजिक छवि धूमिल हो रही थी. इसी बात को लेकर तीनों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था. घटना के दिन दोनों आरोपी महिलाएं सुमित्रा को सबक सिखाने के इरादे से उसके घर पहुंची थी. आरोप है कि आरोपियों ने सुमित्रा के साथ गंभीर शारीरिक हिंसा की. दोनों महिलाओं ने सुमित्रा के घर पहुंचकर पहले उसके गुप्तांग में लाल मिर्च और अन्य ज्वलनशील पदार्थ डालकर तड़पाया, फिर सीने पर चढ़कर डंडे और लात-घूंसों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. घटना के बाद आरोपी फरार होने की कोशिश में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की. शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है.

ICC रैंकिंग अपडेट: ईशान ने लगाई 32 पायदान की छलांग, ऑलराउंडर रैंकिंग में पाकिस्तानी टॉप पर

 नई दिल्ली पाकिस्तान के ओपनर सैम अयूब ने शानदार हालिया प्रदर्शन का पूरा फायदा उठाते हुए ICC मेंस T20I ऑलराउंडर रैंकिंग में टॉप पोजीशन हास‍िल कर ली है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सरज़मीं पर खेली गई तीन मैचों की T20I सीरीज़ में 3-0 से मिली जीत के बाद सैम अयूब नंबर-1 बन गए हैं और उन्होंने ज‍िम्बाब्वे के अनुभवी खिलाड़ी सिकंदर रजा को पीछे छोड़ दिया है. 23 वर्षीय सैम अयूब ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में 119 रन बनाए और तीन विकेट भी हासिल किए थे . ICC मेंस T20 वर्ल्ड कप के आगाज से ठीक पहले आई यह रैंकिंग पाकिस्तान के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि टीम 2009 के बाद अपने दूसरे T20 वर्ल्ड कप खिताब की तलाश में उतरने जा रही है. पाकिस्तान के लिए खुशखबरी यहीं खत्म नहीं होती. स्पिनर अबरार अहमद ने T20I गेंदबाजों की रैंकिंग में दो स्थान की छलांग लगाकर दूसरा स्थान हासिल किया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में छह विकेट लेने वाले अबरार अब भारत के वरुण चक्रवर्ती से सिर्फ 28 रेटिंग अंक पीछे हैं. इसके अलावा मोहम्मद नवाज ने भी शानदार प्रदर्शन किया है. आखिरी मुकाबले में पांच विकेट लेने के बाद नवाज गेंदबाज़ों की रैंकिंग में आठ स्थान ऊपर चढ़कर सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं. ऑलराउंडर्स की सूची में भी नवाज एक पायदान ऊपर चढ़कर चौथे स्थान पर आ गए हैं. बल्लेबाजों की रैंकिंग में पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने 12 स्थान की छलांग लगाकर 29वां स्थान हासिल किया, जबकि सैम अयूब आठ स्थान ऊपर चढ़कर 27वें नंबर पर पहुंचे. टॉप-10 बल्लेबाजों में अभिषेक शर्मा अपनी बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं जोस बटलर, पथुम निसंका, सूर्यकुमार यादव और टिम सिफर्ट को एक-एक स्थान का फायदा मिला है. ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन, साउथ अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक, भारत के ईशान किशन और रायन रिकेलटन ने भी बल्लेबाजों की रैंकिंग में बड़ा सुधार किया है. गेंदबाजरें में इंग्लैंड के आदिल राशिद और न्यूज़ीलैंड के मिचेल सैंटनर की रैंकिंग में भी बढ़त देखने को मिली है. ईशान किशन ने 32 पायदान की लगाई छलांग  बुधवार को आई टी20 रैंकिंग ईशान किशन ने 32 पायदान की छलांग लगाकर 32वें नंबर के टी20 बल्लेबाज बन गए हैं . अभ‍िषेक शर्मा 917 रेटिंग पॉइंट के साथ नंबर 1 बल्लेबाज बने हुए हैं. त‍िलक वर्मा 1 पायदान की ग‍िरावट के साथ नंबर 4 पर काब‍िज हैं. सूर्युकुमार यादव की 1 पायदान का फायदा हुआ है, और वो 728 रेट‍िंग पॉइंट के साथ छठे नंबर के टी20 बल्लेबाज हैं. 

भारत-चीन व्यापार ने छुआ नया स्तर, US के साथ डील के बीच राजदूत ने दिया बयान

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल होने की खबरों के बीच चीनी राजदूत ने भी एक खुशखबरी दी है। चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने मंगलवार को बताया जी कि भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 155 अरब अमेरिकी डॉलर के 'रिकॉर्ड उच्च स्तर' पर पहुंच गया है। यह पिछले साल की तुलना में हुए व्यापार से करीब 12 प्रतिशत से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि चीन को भारत का निर्यात भी 9.7 फीसदी बढ़ गया है, जो आर्थिक सहयोग की कई संभावनाओं को रेखांकित करता है। राजदूत चीनी नव वर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने इस दौरान कहा है कि चीन भारत के ब्रिक्स की अध्यक्षता करने का समर्थन करता है और भारत के साथ बहुपक्षीय समन्वय को मजबूत करने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि चीन 'ग्लोबल साउथ' के विकास को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं द्विपक्षीय संबंधों की दिशा पर बात करते हुए, जू ने कहा कि पिछले साल तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद चीन और भारत के संबंधों में लगातार सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तियानजिन में एक सफल बैठक की, जिससे चीन-भारत संबंध 'रीसेट और नई शुरुआत' से सुधार के एक नए स्तर पर पहुंचे।”

भागीरथपुरा हादसे के पीड़ितों को आर्थिक और रोजगार राहत देने की मांग जोर पकड़ रही

इंदौर  देश के सबसे स्वच्छ और मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार हुए लोगों और जान गवाने वालों के परिजन को न्याय दिलाने की मांग उठाते हुए कांग्रेस ने शहर के राजबाड़ा पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन 32 लोगों के परिवार के सदस्य भी शामिल हुए, जिनकी मौत उल्टी-दस्त से ग्रस्त होने से हुई है। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंच से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि, सरकार पीड़ित परिवारों को एक करोड़ रुपए मुआवजा दें। नगर निगम में परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। अगर ये मांग पूरी नहीं होती है तो 8 दिन के बाद कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए जनता से निवेदन कर पूरा इंदौर बंद कराएगी। इंदौर में बनाई जाएं दो वाटर लैब शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि, दो वाटर लैब हर तैयार की जाए। कार्यकर्ता का यह दायित्व है कि घर-घर जाकर उस पानी के सैंपल लेकर जांच कराएं। भागीरथपुरा में रहने वाले छह माह के अव्यान साहू की मां ने कहा, इंदौर के दूषित पानी ने मेरे बेटे की जान ले ली। अन्य परिवारों ने भी उनकी परेशानी बताई। कई परिवारों ने कहा कि, अभी तक सहायता तक नहीं मिल सकी। धरना स्थल पर पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना सेतिया, विपिन वानखेड़े, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, उषा नायड़, अधिवक्ता प्रमोद द्विवेदी, शेख अलीम, पंडित कृपा शंकर शुक्ला, सत्यनारायण पटेल समेत अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि, हर परिवार की अपनी वेदना है। शहरवासियों ये महसूस करो कि, हमारे घर ये त्रासदी आ जाती तो क्या होता? जिन्हें हमने कुर्सी दी, वोट दिया उनसे सवाल करना जरूरी है। अब पानी से किसी की मौत न हो इसके लिए सभी को जागना जरूरी है। संसद तक इस मामले कि गूंज उठ चुकी है। देश के प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री, सुमित्रा महाजन और शिवराज सिंह चौहान ने सवाल क्यों नहीं पूछा? जिस पानी को हम जीवन देने का माध्यम मानते हैं, उस पानी का जहर इंदौर नगर निगम ने लोगों को पिला दिया। ये सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, व्यवस्था का पतन है। सवाल पूछा तो बोले- इंदौर को बदनाम कर रहे हैं पटवारी ने कहा- भागीरथपुरा में जो हुआ वो पूरे इंदौर और पूरे प्रदेश के पानी की स्थिति है। जनता का जीवन इतना सस्ता है कि, दो लाख रुपए देकर सबने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर दिया। उन परिवारों को लालच दिया गया कि, आवाज मत उठाना, एक भी शब्द कहा तो सहायता नहीं मिलेगी। सज्जन सिंह वर्मा और प्रतिनिधि मंडल को काले झंडे दिखाए गए। आखिर कैसा शहर बन रहा है हमारा इंदौर ? जब हम सवाल पूछते हैं तो मंत्री कहते हैं- इंदौर को बदनाम कर रहे हैं। दो हजार करोड़ रुपए की बन गई नकली फाइल जीतू पटवारी ने कहा, निगम में 2 हजार करोड़ रुपए की नकली फाइल बन गई। उनके पैसे भी निकल गए। कोर्ट में मुकदमा चल रहा है, लेकिन आरोपी कोई नहीं है। एक भी राजनीतिक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं। महापौर की साइन से फाइल बनती है। एमआइसी की साइन से फाइल बनती है। पार्षद फाइल पर साइन कर आगे बढ़ाते हैं। अधिकारी उसे आगे बढ़ाते हैं तो राजनीतिक लोगों की 2 हजार करोड़ रुपए के घोटाले में कोई जिम्मेदारी क्यों नहीं? ये रुपए जनता के ही थे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग वहीं, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि, हमने इंदौर की जनता से आह्वान किया था कि, न्याय के लिए आएं। इस दौरान उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफा देने की मांग की। साथ हीये भी कहा कि, कांग्रेस न्याय के लिए हमेशा लड़ती रहेगी। जिस शहर के सीएम खुद प्रभारी, वहां नहीं रुक रहीं मौतें- रीना सेतिया महिला प्रदेश अध्यक्ष रीना सेतिया ने कहा कि, 9 विधायक, 2 मंत्री, महापौर भाजपा के हैं। सीएम खुद इंदौर के प्रभारी मंत्री हैं, बावजूद इसके शहर को जहरीला पानी मिला। इंदौर में लगातार मौतें हो रही हैं, लेकिन अब तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हम इन पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त करते हैं और उनके न्याय के लिए लंबी लड़ाई भी लड़नी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे।

सरकारी कर्मचारियों के लिए चेतावनी: ट्रांसफर के 6 महीने बाद घर नहीं छोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश में शासकीय आवासों को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं चलेगी। राजधानी भोपाल से तबादला होने के बाद अधिकारी-कर्मचारी लंबे समय तक सरकारी आवास पर कब्जा नहीं रख सकेंगे। गृह विभाग ने शासकीय आवास नियमों में संशोधन करते हुए सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है, जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक सभी पर समान रूप से लागू होगी। 6 माह की सीमा, उसके बाद कड़ा एक्शन नए आदेश के अनुसार, भोपाल से बाहर स्थानांतरण होने की स्थिति में शासकीय सेवक अधिकतम 6 माह तक ही सरकारी आवास रख सकेगा। इस अवधि में सामान्य किराया लिया जाएगा 6 माह के बाद आवास खाली नहीं करने पर दंडात्मक किराया वसूला जाएगा.. साथ ही जबरन बेदखली की कार्रवाई की जाएगी..दंडात्मक किराया 90 हजार रुपये तक हो सकता है। कैबिनेट के फैसले के बाद मचा हड़कंप यह फैसला पहले ही कैबिनेट में लिया जा चुका है। इसके बाद कई विधायकों, मंत्रियों और अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। कुछ अधिकारियों ने यह तर्क दिया कि उनके बच्चे भोपाल में पढ़ रहे हैं, इसलिए समय दिया जाए, लेकिन गृह विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीमित राहत सेवानिवृत्ति की स्थिति में कर्मचारियों को कुल 6 माह की सशर्त अनुमति मिलेगी— पहले 3 माह: सामान्य किराया अगले 3 माह: सामान्य किराए का 10 गुना 6 माह बाद भी आवास नहीं छोड़ा तो दंडात्मक किराया और बेदखली इस्तीफा या सेवा से पृथक होने पर सिर्फ 3 माह यदि कोई कर्मचारी— त्यागपत्र देता है सेवा से पृथक होता है. या अनधिकृत पाया जाता है, तो उसे केवल 3 माह तक ही सरकारी आवास में रहने की अनुमति होगी। इसके बाद तत्काल बेदखली और दंडात्मक वसूली की जाएगी। सरकार का मकसद साफ गृह विभाग का कहना है कि इन संशोधित नियमों का उद्देश्य — शासकीय आवासों के दुरुपयोग को रोकना वास्तविक जरूरतमंद अधिकारियों-कर्मचारियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना.. अब मियाद खत्म होते ही सख्त कार्रवाई तय है, किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी। सरकारी आवास पर अनावश्यक कब्जा अब भारी पड़ेगा। तबादला, रिटायरमेंट या सेवा समाप्त—हर स्थिति में तय समय पर आवास खाली करना अनिवार्य होगा, वरना जेब पर सीधा असर पड़ेगा।