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हाइड्रोजन ट्रेन का पहला ट्रायल रहा सफल

जींद. जींद जंक्शन से सीनीपत के बीच चलने वाली देश की पहली और विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन का पहला ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा। जींद जिले के गांव भंभेवा के पास पहले रनिंग ट्रायल किया गया और अब इस ट्रेन का दूसरा ट्रैक ट्रायल किया जाएगा। ट्रैक ट्रायल के बाद इसकी फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच सरपट दौड़ने लगेगी। इस मामले में रेलवे के अधिकारी अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं लेकिन सूत्रों के अनुसार जींद से सोनीपत के बीच हाइड्रोजन ट्रेन विधिवत रूप से फरवरी के आखिर तक चल सकती है। रेलवे से जुड़े सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन का तकनीकी ट्रायल सफल हो गया है। रेलवे के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। तकनीकी ट्रायल के दौरान इंजन से जुड़े सभी प्रमुख सिस्टम संतोषजनक पाए गए। पिछले सप्ताह इंदौर से पहुंची विशेषज्ञों की टीम ने भंभेवा रेलवे स्टेशन के पास इंजन की तकनीकी टैस्टिंग शुरू की थी। हाइड्रोजन इंजन की कार्यप्रणाली, सेफ्टी सिस्टम, प्रैशर कंट्रोल, गैस सप्लाई और इंजन के इलैक्ट्रिक कंट्रोल सिस्टम की गहन जांच की गई। टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों में इंजन को स्टार्ट और शटडाऊनकर उसके प्रदर्शन को परखा। ट्रायल के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी खामी सामने नहीं आई जिसे रेलवे के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। तकनीकी ट्रायल के बाद अब अगले चरण में ट्रैक ट्रायल की तैयारी की जा रही है। इसके तहत ट्रेन को सीमित गति से चलाकर ब्रेकिंग सिस्टम, स्पीड कंट्रोल और ट्रैक पर स्थिरता की जांच की जाएगी। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो 12 फरवरी के बाद नियमित ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय उच्चाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। रेलवे सूत्रों का कहना है कि जब ट्रेन पूरी तरह से सफल हो जाए‌गी तो उसके बाद इसके उद्‌घाटन की औपचारिकता के लिए रेल मंत्रालय से परमिशन ली जाएगी। चूंकि यह देश की पहली और और विश्व की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है इसलिए उम्मीद है कि इस ट्रेन का उ‌द्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हरी झंडी दिखाकर करवाया जाएगा।

गौवंश संरक्षण की दिशा में बड़ी पहल: मध्यप्रदेश पुलिस की तस्करों पर सख्त कार्रवाई

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में अवैध गौवंश एवं पशु तस्करी के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता प्राप्‍त की है। पुलिस की सक्रिय, समन्वित और तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप विगत 7 दिनों में 141 गौवंश एवं अन्‍य पशुओं को सुरक्षित मुक्त कराया गया। तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को भी जब्त किया गया है। छतरपुर (थाना नौगांव): हाईवे पर पुलिस की घेराबंदी थाना नौगांव पुलिस ने सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए फोरलेन हाईवे पर एक संदिग्ध 16 चक्का ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान ट्रक में क्षमता से अधिक 45 मवेशी भरे पाए गए। इस कार्यवाही में पुलिस ने 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। अनूपपुर (थाना कोतमा): अवैध हथियार के साथ तस्कर गिरफ्तार कोतमा पुलिस ने एक ट्रक से 22 नग भैंस/पाड़ा बरामद किए। इस कार्यवाही में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी कट्टा और 02 जिंदा कारतूस भी जप्त किए हैं। जप्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 26 लाख रुपये आंकी गई है। सिवनी (थाना कोतवाली): रात्रि गश्त के दौरान बड़ी सफलता सिवनी पुलिस ने एक कंटेनर वाहन को जब्त कर उसमें अवैध रूप से ले जाए जा रहे 27 गौवंश को मुक्त कराया। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में पुलिस ने एक वाहन से अवैध रूप से ले जाए जा रहे 39 गौवंश को भी मुक्त कराया। खरगोन एवं उमरिया खरगोन पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरणों में कार्यवाही करते हुए 04 गौवंश को मुक्त कराया। वहीं उमरिया पुलिस ने एक पिकअप वाहन को जब्त कर 04 मवेशियों (भैंस व पाड़ा) को तस्करों से मुक्त कराया। इन मामलों में पशु क्रूरता अधिनियम एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गौवंश एवं अन्य पशुओं की तस्करी में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध सतत् कार्यवाही जारी है। यह कार्यवाही न केवल गौवंश संरक्षण बल्कि पशु क्रूरता की रोकथाम एवं कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

थाना करनपठार पुलिस ने आरोपी – तुलेश्वर सिह धुर्वे उर्फ सुघरू सिंह के कब्जे से अवैध रूप से लोहे की बका जप्त कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्यवाही की गई।

अनूपपुर /करनपठार पुलिस अधीक्षक अनूपपुर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला अनूपपुर एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अनुभाग पुष्पराजगढ के मार्गदर्शन में निरी. बीरेन्द्र कुमार बरकरे थाना प्रभारी करनपठार के नेतृत्व में सउनि. मुनीन्द्र गवले, प्रआऱ. 56 राजकुमार, प्र.आर.136 राजेन्द्र पडवार, चा. आर. 459 विक्रम मरावी, आर. 476 संतोष मरावी के द्वारा दिनांक 05/02/26 को जरिये मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई की एक व्यक्ति  ग्राम करपा ग्राउण्ड रंग मंच के पास खडा होकर बका लहरा  रहा है और आने जाने वालो को डरा धमका रहा है । सूचना की तस्दीक हेतु गवाहान केशव नायक पिता मोती नायक निवासी मेढाखार एवं हीरा सिंह पिता स्व. नेशू राम निवासी करपा  को मुखबिर की सूचना से अवगत कराने के  उपरान्त गवाहानों को सांथ में लेकर मुखबिर के बताये स्थान में पहुंचा मुखबिर के बताये हुलिया के अनुसार एक व्यक्ति मिला ,जो  पुलिस  को आता देखकर वहां से भागने का प्रयास करने लगा । जिसे हमराह स्टाफ व  गवाहों के घेरा बंदी कर पकडा गया जो नाम पता पूंछने पर वह व्यक्ति अपना नाम तुलेश्वर सिह धुर्वे उर्फ सुघरू सिंह पिता नान सिंह उम्र 24 वर्ष निवासी पंडानटोला मेढाखार थाना करनपठार जिला अनूपपुर (म.प्र.) का होना बताया । हिरासत में लेकर जामा तलाशी ली गई तो उसके दाहिने तरफ कमर में खोंचकर बका रखा होना पाया गया । जिसे मुताबिक जप्ती पत्रक के जप्त कर कब्जे पुलिस लिया गया । वापसी पर अपराध धारा 25B आर्म्स एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया । उपरोक्त कार्यवाही में निरी. वीरेन्द्र कुमार बरकरे के नेतृत्व में हमराह सउनि. मुनीन्द्र गवले, प्रआऱ. 56 राजकुमार, प्र.आर.136 राजेन्द्र पडवार , चा. आर. 459 विक्रम मरावी, आर.476 संतोष मराव  का  सराहनीय योगदान रहा ।

शक्ति से सुरक्षा की ओर: सृजन कार्यक्रम का भव्य समापन

भोपाल . राजधानी के निशांतपुरा थाना क्षेत्र में कम्युनिटी पुलिसिंग की भावना को धरातल पर उतारते हुए आयोजित 16 दिवसीय 'सृजन' कार्यक्रम का भव्य समापन समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस विभाग और मुस्कान संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में गांधीनगर, आरिफ नगर, कमला नगर और एहसान नगर के लगभग 350 बच्चों ने भाग लेकर आत्मरक्षा और व्यक्तित्व विकास के गुर सीखे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. विनीत कपूर (DIG),मती किरण लता केरकेट्टा (DIG), मयूर खंडेलवाल (DCP ZONE-4), अमृत मीणा (AIG) और अक्षय चौधरी (ACP) निशातपुरा उपस्थित रहे। साथ ही थाना प्रभारी (TI) मनोज पटवा, एस.आई. अशोक शर्मा एवं निशातपुरा थाने का समस्त स्टाफ, मुस्कान संस्था, यूथ फैसिलिटेटर्स सहित उदय संस्था के स्टाफ की विशेष उपस्थिति रही। समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ, जिसके बाद बच्चों ने मराठी और गोंडी लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक विविधता का परिचय दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मार्शल आर्ट और पावर वॉक का प्रदर्शन रहा। बच्चों ने अपनी शारीरिक क्षमता और आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन करते हुए 'शक्ति से सुरक्षा की ओर' के संकल्प को जीवंत कर दिया। बच्चों ने जब पुलिस की वर्दी पहनकर अनुशासित परेड की, तो हर कदम के साथ यह एहसास गहरा होता गया कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती—उसे बस अवसर और विश्वास चाहिए। कार्यक्रम का सबसे सशक्त, सबसे भावनात्मक क्षण तब आया, जब DCP जोन-4 मयूर खंडेलवाल ने अपनी पावर वॉक करती नन्ही बच्ची को, जो स्वयं पुलिस यूनिफ़ॉर्म में थी, अपनी IPS कैप महिला निरीक्षक के हाथों पहनवाई। यह दृश्य केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि बच्चों के लिए एक जीवित सपना था कि वे भी एक दिन इसी वर्दी में, इसी गरिमा के साथ समाज और देश की सेवा कर सकते हैं। उस एक पल ने बच्चों के मन में आत्मविश्वास बोया, उनकी आँखों में भविष्य जगाया और यह संदेश दे दिया कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और संकल्प हो तो कोई भी बच्चा अपने सपनों तक पहुँच सकता है। यही क्षण इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि बना। प्रशिक्षण के दौरान आए बदलावों पर चर्चा करते हुए बच्चों ने बताया कि इन 16 दिनों ने उनके भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को विकसित किया है। एक प्रतिभागी की माता ने भावुक होकर बताया कि कैसे उनकी बेटी अब पढ़ाई, घर के काम और प्रशिक्षण के बीच बेहतरीन संतुलन बना रही है। मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी को दूर करने और मजबूत पारिवारिक संबंध बनाने पर जोर दिया, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षक गोविंद और अन्य समन्वयकों ने प्रशिक्षण की चुनौतियों और बच्चों के व्यवहार में आए सुधारों की रिपोर्ट साझा की। सभी 350 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह आयोजन केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि पुलिस एवं आमजन के मध्य बढ़ते विश्वास, सहयोग एवं सहभागिता का सशक्त प्रतीक है। ‘सृजन’ कार्यक्रम का उद्देश्य: ‘सृजन’ मात्र एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि सामुदायिक सुरक्षा की दिशा में एक मानवीय पहल है। इसके माध्यम से पुलिस प्रशासन बस्तियों के बच्चों तक पहुँचकर उन्हें मार्शल आर्ट, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं जीवन कौशल (Life Skills) का प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिससे वे आत्मविश्वासी, सक्षम एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकें और पुलिस को अपना विश्वसनीय साथी समझें।  

मद्रास उच्च न्यायालय का फैसला, अभिनेता विजय को 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा

मद्रास   दक्षिण के अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय एक बार फिर विवादों में घिर चुके हैं। इस बार मद्रास उच्च न्यायालय ने अभिनेता को झटका देते हुए आयकर विभाग द्वारा 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना अदा करने के आदेश को बरकरार रखने का फैसला लिया है। अभिनेता ने मद्रास उच्च न्यायालय में आयकर विभाग द्वारा लगाए जुर्माने को गलत बताते हुए याचिका दायर की थी, लेकिन न्यायालय ने याचिका को खारिज करते हुए फैसले को बरकरार रखा है। दरअसल साल 2016-17 में अभिनेता ने आयकर रिटर्न दाखिल किया था और अपनी संपत्ति का विवरण देते हुए 35,42,91,890 रुपए की संपत्ति घोषित की थी। अभिनेता पर आरोप लगा कि उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है और असल संपत्ति छिपाने की कोशिश की। आयकर विभाग ने अभिनेता की संपत्ति की तुलना साल 2015 के दस्तावेजों से की, जिसमें पाया गया कि विजय ने कथित तौर पर फिल्म 'पुली' में अभिनय के लिए प्राप्त 15 करोड़ रुपए की आय को छुपाया था, जिसका खुलासा उन्होंने अपने आयकर रिटर्न में नहीं किया था। जिसके बाद साल 2022 में अभिनेता पर आयकर विभाग ने 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। अभिनेता ने जुर्माना न भरने का फैसला करते हुए आयकर विभाग द्वारा लगाए गए जुर्माने को मद्रास उच्च न्यायालय में चुनौती दी। आदेश को चुनौती देते हुए अभिनेता का दावा था कि आदेश 30 जून, 2019 से पहले पारित किया जाना चाहिए था, और चूंकि आदेश देरी से जारी किया गया था, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। मामले की सुनवाई के दौरान, उच्च न्यायालय ने जुर्माने की राशि के भुगतान पर अंतरिम रोक लगा दी थी, लेकिन अब न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति के समक्ष अंतिम सुनवाई में जुर्माने के फैसले को बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। अब अभिनेता को 1.50 करोड़ रुपए भरने पड़ेंगे। इसके अलावा अभिनेता करूर भगदड़ मामले में भी फंसे हैं। अभिनेता से लगातार सीबीआई घटना को लेकर पूछताछ कर रही है। अभिनेता दो बार सीबीआई के सामने पेश हो चुके हैं। सीबीआई लगातार अभिनेता और उनकी पार्टी की करूर भगदड़ में भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि विजय के देरी से आने की वजह से भीड़ ज्यादा एकत्रित हो गई और उन्हें देखने के लिए जुटी भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। हालांकि अभिनेता और पार्टी से जुड़े अधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया है।उच्च न्यायालय ने फैसले को किया बरकरार मद्रास उच्च न्यायालय का फैसला, अभिनेता विजय को 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा अभिनेता विजय पर 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना, मद्रास उच्च न्यायालय ने रखा फैसला जस का तस

विंध्य में जीएसटी फर्जीवाड़ा खुलासा, सीधी, सतना और कटनी में 9 स्थानों पर छापेमारी, 8 फर्में कागजों पर

जबलपुर  केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) आयुक्तालय, जबलपुर ने टैक्स चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। केंद्रीय जीएसटी आयुक्त लोकेश लिल्हारे के नेतृत्व और निर्देशन में विभाग की एंटी इवेजन टीम ने सीधी, सतना और कटनी जिलों में नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। खुफिया जानकारी मिली थी विभाग को खुफिया जानकारी मिली थी कि इन क्षेत्रों में कई ऐसी फर्में पंजीकृत हैं जो केवल कागजों पर चल रही हैं और इनका उपयोग कोयले की फर्जी बिलिंग कर गलत तरीके से आइटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है। छापामार कार्रवाई के दौरान टीम को चौंकाने वाले तथ्य मिले। जांच की गई नौ फर्मों में से आठ फर्में अपने पंजीकृत पते पर अस्तित्वहीन यानी गैर-परिचालन की पाई गईं। इन फर्मों का मौके पर कोई नामो-निशान नहीं था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इनका गठन केवल सरकारी राजस्व को चूना लगाने के लिए किया गया था। बहरहाल, विभाग अब इन फर्मों द्वारा काटे गए बिलों और पास की गई आइटीसी की गहन जांच कर रहा है, ताकि राजस्व हानि का सही आकलन किया जा सके। कमिश्नर लोकेश लिल्हारे ने स्पष्ट किया है कि टैक्स चोरी करने वालों और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ विभाग की यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी। इन फर्मों के खिलाफ की गई कार्रवाई मेसर्स महादेव ट्रेडर्स (सीधी) मेसर्स मिश्रा ट्रेडिंग कंपनी (सीधी) मेसर्स गायत्री एंटरप्राइजेज (सीधी) मेसर्स जय श्री बालाजी कोल ट्रेडर्स (कटनी) मेसर्स रिशाल एसोसिएट्स (सतना) मेसर्स भव्यंश सेल्स एंड लाजिस्टिक्स (सतना) मेसर्स श्री बालाजी एसोसिएट (सीधी) मेसर्स कुमार ट्रेडिंग कंपनी (कटनी) मेसर्स आदित्य फिलिंग स्टेशन (सीधी)  

विधायक नारायण सिंह पट्टा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी को वाटर प्यूरीफायर समर्पित किया

  घुघरी   विधायक नारायण सिंह पट्टा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी को समर्पित किया वाटर प्यूरीफायर  घुघरी  शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अस्पताल परिसर में मरीजों को स्वच्छ और शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्रीय विधायक नारायण सिंह पट्टा ने विधायक निधि से 'वाटर प्यूरीफायर सह कोल्ड यूनिट' प्रदाय की है। आज विधायक श्री पट्टा ने विधिवत पूजन कर इस यूनिट की शुरुआत की और इसे चिकित्सालय प्रबंधन को समर्पित किया। मरीजों को मिलेगी राहत अस्पताल में लंबे समय से शुद्ध और ठंडे पेयजल की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, विशेषकर गर्मियों के मौसम में परिजनों को पानी के लिए भटकना पड़ता था। इस नई इकाई के लगने से अब अस्पताल में आने वाले लोगों को 24 घंटे स्वच्छ और शीतल जल मिल सकेगा। कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित लोकार्पण के इस अवसर पर मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे:  * नारायण सिंह पट्टा: विधायक (बिछिया विधानसभा)  * डॉ. नीरज राज: खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO)  * विनय चौकसे: तकनीकी विशेषज्ञ  * वरिष्ठ जन: नेतराम साहू, पंकज झरिया, मेवा धुर्वे  * अन्य: अस्पताल का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी। इस दौरान विधायक श्री पट्टा ने अस्पताल प्रबंधन को मशीन के उचित रखरखाव के निर्देश दिए और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का आश्वासन दिया। अस्पताल स्टाफ और ग्रामीणों ने इस जनहितैषी कार्य के लिए विधायक का आभार व्यक्त किया।

छपरा में आर्केस्ट्रा अड्डों पर छापेमारी में 9 नाबालिग लड़कियां करवाईं मुक्त

छपरा/सारण. सारण जिले में नाबालिग लड़कियों के शोषण के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत शनिवार को पुलिस और रेस्क्यू टीम ने  कार्रवाई करते हुए आर्केस्ट्रा संचालकों के अड्डों पर संयुक्त छापेमारी की। इस दौरान गड़खा थाना क्षेत्र समेत अन्य थाना इलाकों से नौ नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। पुलिस ने मौके से आर्केस्ट्रा कर्मी को भी गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी)विनीत कुमार ने बताया कि मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो के पत्र एवं जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के आधार पर यह कार्रवाई की गई।  अड्डे पर विधिवत घेराबंदी कर छापेमारी गड़खा थाना क्षेत्र में स्थित आर्केस्ट्रा अड्डे पर पुलिस ने विधिवत घेराबंदी कर छापेमारी की।  छापेमारी के दौरान वहां मौजूद नाबालिग लड़कियों को जबरन नृत्य करवाने, प्रताड़ित करने और शारीरिक शोषण के आरोपों के बीच बचाया गया। एसएसपी ने बताया कि मुक्त कराई गई सभी लड़कियों का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उन्हें बालिका गृह भेजा जाएगा। साथ ही, उनके स्वजनों से संपर्क कर घर भेजने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आर्केस्ट्रा में कार्यरत लड़कियों को अक्सर दबाव बनाकर नृत्य करवाया जाता है और कई मामलों में उनका यौन शोषण भी किया जाता है। 301 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया एसएसपी ने बताया कि मई 2024 से अब तक सारण जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अभियान चलाकर कुल 301 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया जा चुका है। इनमें पड़ोसी देश नेपाल की लड़कियां भी शामिल रही हैं। इस पूरे अभियान के तहत अब तक 38 कांड दर्ज किए गए हैं और 97 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस मामले में महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। महिला थानाध्यक्ष नेहा कुमारी ने बताया कि मुक्त कराई गई लड़कियों की पहचान की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि वे किस जिले या राज्य की रहने वाली हैं। इस छापेमारी दल में महिला थानाध्यक्ष नेहा कुमारी के साथ मिशन मुक्ति फाउंडेशन, रेस्क्यू फाउंडेशन (दिल्ली), नारायणी सेवा संस्थान (सारण), रेस्क्यू एंड रिलीफ फाउंडेशन (पश्चिम बंगाल) तथा अन्य थानों की पुलिस टीम शामिल थी।

ICC के नियमों के चलते सूर्यवंशी को नहीं मिल सकता टीम इंडिया में मौका, BCCI ने दी सफाई

 नई दिल्ली हरारे स्पोर्ट्स क्लब में अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल खत्म हुए भले ही वक्त गुजर गया हो, लेकिन वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी की गूंज अब भी पूरी क्रिकेट दुनिया में सुनाई दे रही है. इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वैभव ने 80 गेंदों पर 175 रन बनाए.यह सिर्फ एक पारी नहीं थी, बल्कि रिकॉर्ड बुक पर सीधा कब्जा था. 15 छक्के, जबरदस्त स्ट्राइक रेट और ऐसा खेल जिसने फाइनल जैसे बड़े मुकाबले को भी एकतरफा बना दिया. बिहार के 14 साल के इस बल्लेबाज को देखकर हर फैन के मन में एक ही सवाल है अगर वैभव इंग्लैंड के बेस्ट युवा गेंदबाजों को तहस-नहस कर सकता है और IPL में भी शतक ठोक सकता है, तो वह सीनियर भारतीय टीम में क्यों नहीं है? इस सवाल का जवाब है- आईसीसी का नियम. क्यों नहीं खेल सकते सीनियर टीम में? वैभव सूर्यवंशी के सामने सबसे बड़ी रुकावट है ICC का न्यूनतम उम्र नियम. 2020 में लागू किए गए इस नियम के तहत किसी भी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए कम से कम 15 साल का होना जरूरी है. यह नियम खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है. वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था. फरवरी 2026 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतते समय वह अभी भी तकनीकी रूप से 14 साल के ही थे. इसका मतलब साफ है  कि चाहे वह बिहार के लिए 36 गेंदों में शतक लगाए, चाहे IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दे, लेकिन सीनियर टीम में चयन 27 मार्च 2026 से पहले मुमकिन नहीं है. यहां एक दिलचस्प बात है. वैभव सीनियर टीम के लिए अभी छोटे हैं, लेकिन अंडर-19 टीम के लिए भी अब वह दोबारा नहीं खेल सकते. BCCI का एक सख्त नियम है कि एक खिलाड़ी सिर्फ एक बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल सकता है. इस नियम का मकसद है कि हर टूर्नामेंट में नए खिलाड़ियों को मौका मिले और कोई भी खिलाड़ी उम्र-ग्रुप का “स्पेशलिस्ट” न बन जाए. 2026 अंडर-19 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने के बाद, वैभव अब 2028 या 2030 का U19 वर्ल्ड कप नहीं खेल सकते जबकि उम्र के हिसाब से वह तब भी अंडर-19 ही होते. पिछले 12 महीनों में वैभव सूर्यवंशी ने जो रिकॉर्ड बनाए हैं, वही उनकी चर्चा की असली वजह हैं: * अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन. * 2026 वर्ल्ड कप में 30 छक्के- टूर्नामेंट का नया रिकॉर्ड * 14 साल 272 दिन की उम्र में लिस्ट-A शतक- दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी * विजय हजारे ट्रॉफी में 59 गेंदों में 150 रन- एबी डिविलियर्स का रिकॉर्ड टूटा * IPL में 35 गेंदों का शतक- सबसे कम उम्र के IPL शतकवीर * भारत-A के लिए T20 शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी * इंग्लैंड U19 के खिलाफ 52 गेंदों में शतक- सबसे तेज यूथ ODI शतक * यूथ टेस्ट में 58 गेंदों में शतक- भारत के लिए सबसे तेज * सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में नाबाद 108- सबसे युवा शतक

US में दवाइयां, डायमंड्स और मसाले पर 0% टैरिफ, पीयूष गोयल ने बताया ट्रेड डील का महत्व

 नई दिल्‍ली भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्‍यापार समझौता का फ्रेमवर्क जारी होने के बाद वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री ने शनिवार को विस्‍तार से उन चीजों के बारे में जानकारी दी है, जिनपर 0  टैरिफ अमेरिका ने लगाया है. उन्‍होंने कहा कि भारत ने अमेरिका को किसी भी एग्री और डेयरी प्रोडक्‍ट्स पर छूट नहीं दी है.  उन्‍होने कहा कि अमेरिका बहुत सी चीजों पर भारत के लिए '0 ' ड्यूटी लगा रहा है, जिसमें जेम्‍स एंड ज्‍वैलरी, एग्रीकल्‍चर चीजें,  दवाइंया और अन्‍य वस्‍तुएं शामिल हैं.  0  फीसदी टैरिफ वाली वस्‍तुएं     जेम्‍स एंड डायमंड, फार्मा , स्‍मार्टफोन्‍स, स्‍पाइसेज, चाय कॉफी, कोकोनट, कोकोनोट ऑयल, वेजिटेबल ऑयल, केस्‍यू नट्स, मसाले, कई फल और सब्जियां     केला, आम, चीनी , पाइनएप्‍पल, मसरूम,  वेजिटेबल के रूट्स, कोका और कोका से बने वस्‍तु,  प्रोसेस फ्यूटस जैसे अमरूद का जेम्‍स      एयरक्रॉफॅ्ट के पार्ट्स, मशीनरी पार्ट,  फार्मा की वस्‍तुएं, जेम्‍स एंड डायमंड्स,   कॉइंस प्‍लैटिनम , इसेशियल ऑयल, एल्‍युमिनियम  पार्ट , जिंक ऑक्‍साइड, मिनिरल्‍स और नेचुरल चीजें, नेचुरल रबड आदि कृषि और डेयरी पर छूट नहीं  उद्योग मंत्री ने कहा कि हमने अमेरिका को डेयरी के किसी भी प्रोडक्‍ट्स पर छूट नहीं दी है. साथ ही एग्रीकल्‍चर सेक्‍टर में भी छूट नहीं दी गई हैं, जो हमारे किसानों के हितों को प्रभावित करतीं. उन्‍होंने कहा कि मीट , चीनी, पॉल्‍ट्री, डेयरी, सोयाबीन , मक्‍का, चावल, गेंहूं , चीनी, ज्‍वार, बाजरा, रागी,  अमरनाथ , फल, ग्रीन टी, कोका,  चना , एनीमल सीड्स प्रोडक्‍ट्स, नॉन-एल्‍कोहलिक चीजें,  इथेनॉल, तंबाकू इन सभी वस्‍तुओं पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी गई है.  30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खुला पीयूष गोयल ने कहा कि 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कम टैरिफ पर खुल गया है. किसानों और डेयरी को संरक्षित किया गया है. यह फ्रेमवर्क कल देर रात फाइनाइज हुआ. आज देश के कोने-कोने में इसका स्‍वागत हुआ है.  यह ज्‍वाइंट स्‍टेटमेंट हैं हर भारतीय को अवसर देता है. अब अमेरिका 50 प्रतिशत से घटाकर 18  फीसदी टैरिफ कर रहा है. यह पड़ोसी देशों से कम टैरिफ है. यह भारत के लिए आने वाले दिनों में ज्‍यादा लाभ पहुंचाएगा. उहोंने कहा कि हमारे कम्‍पटीटर देश जैसे चीन पर 35, वियतनाम पर 20 फीसदी और इंडोनेशिया पर 19 फीसदी टैरिफ है.   आज का दिन काफी खास पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कहा कि आज 2047 तक विकसित भारत बनने की भारत की यात्रा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है. भविष्य को ध्यान में रखते हुए, और दोनों देशों के संबंधों, राजनयिक संबंधों और उनके नेताओं के बीच दोस्ती को देखते हुए, फरवरी 2025 में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई. इसका मकसद भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सालाना 500 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हासिल करना था. उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. पूरे देश में खुशी की लहर है.  देश के हर सेक्टर में भविष्य को लेकर बहुत उत्साह है. ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में नए अवसर खुलेंगे और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, लगभग तीस ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला संयुक्त राज्य अमेरिका, अब हमारे निर्यातकों के लिए सबसे पसंदीदा राष्ट्र का दर्जा देगा.