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राजगीर जैन धर्मशाला मिस्ट्री: फंदे से लटके मिले चार शव

नालंदा. राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक कमरे से तेज दुर्गंध आने लगी। सूचना पर डीएसपी सुनील कुमार सिंह और थानाध्यक्ष रमण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दंडाधिकारी की निगरानी में जब कमरा नंबर छह-एबी का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था। मामले की गहराई से जांच के लिए एसडीपीओ सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। मृतकों के पारिवारिक, आर्थिक और मानसिक हालात की जानकारी जुटाने के लिए एसआईटी के दो सदस्यों को बेंगलुरु भेजा जाएगा। फंदे से लटके मिले मां, बेटा और दो बेटियां कमरे के भीतर एक ही परिवार के चार सदस्य- वृद्ध मां जीआर सुमंगला (78), पुत्र जीआर नागा प्रसाद (50) और पुत्रियां श्रुथा जीबी (43) व शिल्पा जीआर (48)- फंदे से लटके मिले। सभी शव बुरी तरह सड़ चुके थे। मृतकों के हाथ-पैर बंधे हुए थे और मुंह पर लाल रंग का टेप चिपका था, जिससे मामला और भी रहस्यमय हो गया। एंटी-डिप्रेशन की गोलियां और नकदी बरामद पुलिस और एफएसएल टीम की जांच में कमरे से अवसादरोधी दवाओं के 25 पत्ते बरामद किए गए। इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड, डेबिट कार्ड, अन्य कागजात, लगभग एक लाख 18 हजार रुपये नकद और कपड़े भी मिले। आधार कार्ड कन्नड़ भाषा में हैं, जिससे मृतकों के कर्नाटक निवासी होने की पुष्टि हुई है। 31 जनवरी से ठहरे थे, दो फरवरी से बंद था कमरा जानकारी के अनुसार, चारों 31 जनवरी को नेपाल भ्रमण के बाद राजगीर पहुंचे थे और धर्मशाला में ठहरे थे। दो फरवरी तक उन्हें परिसर में देखा गया, इसके बाद कमरा बंद रहा। कई दिनों तक कमरा बंद रहने के बावजूद धर्मशाला प्रबंधन को संदेह न होना अब जांच के दायरे में है। सामूहिक आत्महत्या या जबरन हत्या? प्रथम दृष्टया मामला सामूहिक आत्महत्या का माना जा रहा है, लेकिन हाथ-पैर बंधे होने और मुंह पर टेप लगे होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या कोई व्यक्ति खुद अपने हाथ-पैर बांधकर फंदे से लटक सकता है-इसका जवाब एफएसएल रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है। डॉग स्क्वायड ने भी जांच की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम, वीडियोग्राफी चारों शवों का मेडिकल बोर्ड गठित कर बिहारशरीफ सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है, ताकि किसी भी स्तर पर जांच में चूक न हो। एसआईटी गठित, बेंगलुरु भेजे जाएंगे दो सदस्य एसपी भारत सोनी ने बताया कि मामले की गहराई से जांच के लिए एसडीपीओ सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। मृतकों के पारिवारिक, आर्थिक और मानसिक हालात की जानकारी जुटाने के लिए एसआईटी के दो सदस्यों को बेंगलुरु भेजा जाएगा। रिपोर्ट के बाद ही खुलेगा मौत का राज फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह सामूहिक आत्महत्या है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है। यह मामला अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।

ईरान की शर्तों पर होगी अमेरिका से बातचीत, खामनेई तय करेंगे फैसले का समय और स्थान

मस्कट: मिडिल ईस्ट में जंग और बातचीत एक बार फिर आमने-सामने खड़ी नजर आ रही है. अमेरिका और ईरान के बीच महीनों की तल्खी, धमकियों और सैन्य तनाव के बाद आखिरकार ओमान में बातचीत हुई. यह वही दौर है, जब बीते साल अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमले किए थे और पूरा इलाका युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया था. खाड़ी देश ओमान की राजधानी मस्कट में शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता हुई. दोनों देश आमने-सामने नहीं बैठे, बल्कि ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी संदेशवाहक की भूमिका में रहे. यही मॉडल पहले भी ईरान-अमेरिका बातचीत में अपनाया जाता रहा है. हालांकि इस बातचीत के ठीक बाद अमेरिका ने नए प्रतिबंध ठोंक दिए. बातचीत को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसके बाद दोनों पक्ष आगे और बातचीत करने पर सहमत हुए हैं. इसे फिलहाल एक ‘सकारात्मक लेकिन सतर्क शुरुआत’ माना जा रहा है. कौन-कौन था बातचीत में शामिल? ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हुए, जबकि अमेरिका की तरफ से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर मौजूद रहे. ओमान की सरकारी तस्वीरों में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर की मौजूदगी भी दिखी, जिसने इस बातचीत के सैन्य महत्व को और बढ़ा दिया. बातचीत से पहले धमकी दी गईं बातचीत से ठीक पहले माहौल बेहद गर्म था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुली चेतावनी दे चुके थे कि अगर ईरान ने परमाणु समझौते पर दस्तखत नहीं किए या प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है. वहीं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की ओर से भी सख्त तेवर दिखाए गए थे. अराघची ने बातचीत से पहले साफ कहा कि ईरान ‘खुली आंखों से कूटनीति’ में उतरा है और उसे पिछले साल की घटनाएं अच्छे से याद हैं. अपनी शर्तों पर बातचीत कर रहा ईरान ईरान ने ओमान के जरिए अमेरिका को एक शुरुआती प्रस्ताव सौंपा, जिसे मौजूदा हालात संभालने की कोशिश बताया गया. अमेरिका की प्रतिक्रिया इस प्रस्ताव पर अगली बातचीत में ईरान को दी जानी है. ईरान ने साफ कर दिया कि वह सिर्फ अपने परमाणु कार्यक्रम पर बात करना चाहता है. बैलिस्टिक मिसाइल, क्षेत्रीय संगठन और घरेलू विरोध जैसे मुद्दे उसके लिए बातचीत के एजेंडे में नहीं हैं. इसके उलट अमेरिका चाहता है कि मिसाइल कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और मानवाधिकार जैसे मुद्दे भी शामिल हों. हालांकि ईरान किसी भी कीमत पर झुक नहीं रहा है. अमेरिका ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध दिलचस्प बात यह रही कि बातचीत खत्म होते ही अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए. ईरानी तेल ढोने वाले 14 जहाजों और कई कंपनियों को निशाना बनाया गया. अमेरिका का आरोप है कि ईरान तेल से कमाए पैसे का इस्तेमाल दुनिया भर में अस्थिरता फैलाने और अपने ही नागरिकों पर दमन के लिए करता है. वहीं व्हाइट हाउस ने जानकारी दी कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शासन के खिलाफ एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं, जिसमें उन देशों पर टैरिफ लगाने की बात कही गई है जो ईरान से सामान या सेवाएं खरीदना जारी रखते हैं.

‘सिद्धारमैया ने 2.5 साल का फॉर्मूला तय किया था…’, DK कैंप का आरोप

बेंगलुरु कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों के बीच एक बार फिर मुख्यमंत्री पद का मुद्दा सतह पर आ गया है. DK शिवकुमार कैंप के विधायक बसवराज शिवगंगा ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार के बीच 2.5-2.5 साल का पावर-शेयरिंग समझौता हुआ था. बसवराज शिवगंगा ने साफ शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को लेकर किसी भी बयान को तब तक गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए, जब तक वो कांग्रेस हाईकमान की ओर से ना आया हो. उन्होंने यथींद्रा के बयानों को भी हल्के में लेने की बात कही. शिवगंगा ने कहा, हाईकमान के अलावा किसी के बयान को गंभीरता से मत लीजिए. कम से कम मेरे बयान को तो गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि मैं एक विधायक हूं और मुख्यमंत्री चुनने में मेरा वोट है. यथींद्रा के पास ऐसा कोई वोट नहीं है. मीडिया को तय करना है कि किसके बयान को तवज्जो देनी है. उन्होंने आगे दावा किया कि उन्हें यह संदेश मिला है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच 2.5 साल का फॉर्मूला वास्तव में तय हुआ था. शिवगंगा के मुताबिक, सिद्धारमैया ने इस पावर शेयरिंग व्यवस्था का वादा किया था. इस बीच, DK शिवकुमार के समर्थन में एक और विधायक सामने आ गए हैं. मंगलुरु से कांग्रेस विधायक अशोक राय ने खुले मंच से DK शिवकुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है. अशोक राय ने कहा कि DK शिवकुमार छह महीने के भीतर मुख्यमंत्री के रूप में मंगलुरु लौटेंगे. मंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान अशोक राय ने DK शिवकुमार के साथ मंच साझा करते हुए कहा, हम छह महीने में इस कांग्रेस भवन का निर्माण पूरा कर लेंगे और जब आप मुख्यमंत्री बनकर आएंगे, तब इसी भवन का उद्घाटन करेंगे. अशोक राय का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर पहले से ही अंदरूनी खींचतान की खबरें सामने आ रही हैं. एक के बाद एक विधायकों के बयान पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही असहमति को सार्वजनिक रूप से उजागर कर रहे हैं. हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक किसी भी तरह के पावर शेयरिंग फॉर्मूले या नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. कांग्रेस हाईकमान लगातार यह दोहराता रहा है कि सरकार स्थिर है और मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बदलाव तय नहीं है.

T20 वर्ल्ड कप विवाद: ICC की फटकार के बाद पाकिस्तान बातचीत के लिए राजी

देश  भारत-पाकिस्तान के बीच टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले को लेकर जारी विवाद के बीच एक नया ट्विस्ट सामने आया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) से औपचारिक बातचीत की मांग की है. दरअसल, पीसीबी ने पहले आईसीसी को पत्र लिखकर भारत के खिलाफ मैच से हटने की बात कही थी और इसे असाधारण परिस्थितियों का मामला बताते हुए अपनी सरकार के ट्वीट को भी आधार के तौर पर जोड़ा था. इसके जवाब में आईसीसी ने पीसीबी से पूछा कि वह असाधारण परिस्थितियों के तहत किन हालातों का हवाला दे रहा है. साथ ही आईसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि मैच से हटने पर कानूनी परिणाम और संभावित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. अब ताजा घटनाक्रम में पीसीबी ने आईसीसी से इस पूरे मुद्दे को सुलझाने के लिए संवाद का रास्ता अपनाने की पहल की है, ताकि भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर पैदा हुए विवाद का समाधान निकाला जा सके. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपनी सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए 15 फरवरी (रविवार) को भारत के खिलाफ ग्रुप मैच के लिए मैदान में नहीं उतरने की बात कही थी और इसे ;असाधारण परिस्थितियों' के तहत रखा. इसके जवाब में आईसीसी ने नियमों के अनुसार पीसीबी से पूछा कि उसने किन परिस्थितियों में यह फैसला लिया और इन हालातों को कम करने के लिए क्या कदम उठाए. संवाद के जरिए निकलेगा समाधान सूत्रों के मुताबिक आईसीसी ने पूरे मामले में अपना रुख साफ करते हुए निष्पक्षता, नियमों की पवित्रता और संवाद को प्राथमिकता देने की बात दोहराई. आईसीसी का उद्देश्य वैश्विक टूर्नामेंट की गरिमा बनाए रखना, खिलाड़ियों और फैन्स के हितों की रक्षा करना और सभी फैसलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है. बांग्लादेश और पाकिस्तान से जुड़े विवादों को संभालते हुए आईसीसी ने टकराव के बजाय संवाद का रास्ता चुना. आईसीसी ने स्पष्ट किया कि किसी भी सदस्य देश के साथ निर्णय लेते समय नियमों, पूर्व उदाहरणों और टूर्नामेंट की अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी. आईसीसी ने अपने आधिकारिक बयान में पाकिस्तान के चयनात्मक भागीदारी के फैसले पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह वैश्विक खेल आयोजन की भावना के अनुरूप नहीं है. आईसीसी ने अपने विस्तृत जवाब में यह भी बताया कि किन शर्तों के तहत कोई बोर्ड असाधारण परिस्थितियों का दावा कर सकता है, इसके लिए किस तरह के सबूत जरूरी होते हैं और मैच से हटने के खेल, व्यावसायिक और प्रशासनिक परिणाम क्या हो सकते हैं. साथ ही आईसीसी ने संभावित आर्थिक नुकसान और कानूनी दावों की भी चेतावनी दी. सूत्रों के मुताबिक आईसीसी ने अपनी आधिकारिक नीति के तहत यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन नियमों और अनुबंधों से समझौता नहीं किया जाएगा. आईसीसी ने कहा कि खेल का हित किसी एकतरफा फैसले से ऊपर है और भविष्य में गलत उदाहरण बनने से रोकना भी जरूरी है. आईसीसी से औपचारिक जवाब मिलने के बाद पीसीबी ने अब अंतरराष्ट्रीय संस्था से आगे की बातचीत शुरू करने की पहल की है. फिलहाल आईसीसी और पीसीबी के बीच संरचित तरीके से संवाद जारी है, ताकि इस विवाद का समाधान निकाला जा सके. आईसीसी का यह रुख नया नहीं है. इससे पहले बांग्लादेश और अन्य सदस्य बोर्डों से जुड़े संवेदनशील मामलों में भी उसने जल्दबाजी या टकराव से बचते हुए संवाद, स्थिरता और नियमों की रक्षा को प्राथमिकता दी थी. आईसीसी ने साफ किया है कि उसका उद्देश्य क्रिकेट, खिलाड़ियों और फैन्स के हितों की रक्षा करना है.  

चौरागढ़ महादेव के लिए श्रद्धालु निकले त्रिशूल लेकर, सतपुड़ा में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

छिंदवाड़ा  सतपुड़ा की वादियों में  हर-हर महादेव के जयकारे गुंजायमान हो गए हैं। महादेव मेले में 30 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहले दिन विभिन्न इलाकों से पचमढ़ी स्थित चौरागढ़ महादेव के लिए निकले। मेले को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। वैसे तो ये मेला पचमढ़ी में भरता है, लेकिन श्रद्धालु छिंदवाड़ा जिले से होकर ही इस मेले में जा रहे हैं। खासतौर से महाराष्ट्र से आने वाले श्रद्धालु परासिया, दमुआ, जुन्नारदेव से गुजरकर दर्शन करने के लिए रवाना हो गए। महादेव मेला जाने के लिए श्रद्धालु भूरा भगत और पचमढ़ी वाले रास्ते से पहुंचते हैं। 15 दिन तक चलने वाले मेले में मप्र और महाराष्ट्र के लगभग पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। वजनी त्रिशूल लेकर निकले श्रद्धालु यात्रा के दौरान श्रद्धालु भारी वजनी त्रिशूल लेकर ऊंची-नीची पहाड़ियों पर पैदल निकले। ये त्रिशूल महादेव को चढ़ाए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, भोजन और पार्किंग की व्यवस्था भूरा भगत क्षेत्र, मटकुली में की गई है। छोटा महादेव मंदिर (जमुनिया) में भी मेला लगा है, जो पेंच नदी के तट पर स्थित है। महादेव मेला रूट पर विशेष जांच डीएसपी यातायात रामेश्वर चौबे ने बताया कि मेला रूट के साथ ही भूरा भगत क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही यातायात व्यवस्था संभालने के लिए तकरीबन 250 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। छिंदवाड़ा से लेकर मटकुली सीमा और भूरा भगत मार्ग पर 30 जगह चेकिंग पाइंट बनाए गए हैं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों को लेकर महादेव मेला रूट पर विशेष जांच कर कार्रवाई की गई। पुलिस ने देहात थाने के आगे और कुआं बादला में दो स्थानों पर चेकिंग पाइंट बनाए हैं। जहां पर वाहन चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की जा रही है। इसके साथ ही परासिया व जुन्नारदेव थाना क्षेत्र में दो स्थानों पर भी वाहन चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। एक्सीडेंटल पाइंट स्थानीय पुलिस ने चिह्नित किए हैं, जिन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पचमढ़ी के साथ ही जुन्नारदेव से तामिया मार्ग और दमुआ मार्ग पर भी हादसों को रोकने इंतजाम किए गए हैं। यह है मेले का इतिहास 16वीं सदी की बात है जब भूरा भगत बचपन से ही प्रभु की आराधना में लीन रहते थे। एक बार भजन के दौरान वे समाधि में चले गए। 24 घंटे बाद उनकी समाधि टूटी। इसके बाद वे घर त्यागकर प्रभु की भक्ति में लीन हो गए। किवदंतियों के अनुसार चौरागढ़ की पहाड़ियों में साधना के दौरान उन्हें महादेव के दर्शन हुए थे। उन्होंने महादेव से वरदान मांगा कि मैं आपके ही चरणों में रहूं और यहां आने वालों को आपका मार्ग बता सकूं। तब से महाशिवरात्रि पर मेले की परंपरा शुरू हुई। भूराभगत हैं भोलेनाथ के द्वारपाल महादेव मेला चौरागढ़ महादेव, पचमढ़ी में लगता है। भूरा भगत का मंदिर छिंदवाड़ा जिले के दमुआ ब्लाक में स्थित है। दमुआ से भूराभगत की दूरी 27 किमी है और ये रास्ता काफी संकरा है। मान्यता अनुसार महादेव मंदिर जाने से पहले श्रद्धालुओं ने भूरा भगत के दर्शन और पूजन किया। उन्हें भगवान भोलेनाथ का द्वारपाल कहा जाता है। किवदंती है कि भूरा भगत भगवान शिव के भक्त थे और महादेव ने उन्हें आशीर्वाद दिया था कि उनके दर्शन के बिना यात्रा अधूरी है। उनकी मूर्ति एक द्वारपाल की तरह भक्तों का मार्गदर्शन करती है। महाशिवरात्रि मेले में यहां भारी भीड़ होती है।

Airtel का धमाकेदार ऑफर: अनलिमिटेड इंटरनेट, डेटा खत्म होने की कोई चिंता नहीं

मुंबई  एयरटेल ने अपने दो पॉपुलर प्लान्स को अपडेट कर दिया है. दोनों ही प्लान्स में कॉलिंग, डेटा और SMS तीनों ही बेनिफिट्स मिलते हैं. अब इन प्लान्स में यूजर्स को पहले के मुकाबले ज्यादा बेनिफिट्स मिलेंगे. कंपनी इन प्लान्स में अनलिमिटेड डेटा ऑफर करेगी.हम बात कर रहे हैं Airtel के 399 रुपये और 449 रुपये के प्लान की, जिन्हें कंपनी ने अपडेट कर दिया है. दोनों ही प्लान्स पॉपुलर हैं और अब इनमें आपको अनलिमिटेड डेटा मिलेगा. इन प्लान्स में कॉलिंग और SMS बेनिफिट्स भी मिलता है.         बात करें Airtel के 399 रुपये के प्लान की, तो इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग, डेली 100 SMS और अनलिमिटेड 4G और 5G डेटा मिलता है. ये प्लान 28 दिनों की वैलिडिटी के लिए आता है. यहां अनलिमिटेड 4G और 5G डेटा से मतलब 300GB तक के डेटा से है, जो 30 दिनों के लिए मिलेगा. यानी 30 दिनों के लिए 300GB डेटा की लिमिट होगी. कंपनी मार्केट के तहत इसे अनलिमिटेड कहती है. इसमें आपको Adobe Express Premium का एक साल का सब्सक्रिप्शन फ्री मिलेगा. इसके अलावा कंपनी Airtel Xstream Play का फ्री एक्सेस और फ्री हैलो ट्यून दे रही है. वहीं दूसरा प्लान 449 रुपये का है. इसमें भी आपको 28 दिनों की वैलिडिटी मिलती है. ये प्लान अनलिमिटेड कॉलिंग, डेली 100 SMS और अनलिमिटेड 4G व 5G डेटा के साथ आता है. हालांकि, इसमें एडिशनल बेनिफिट्स ज्यादा हैं.  इस प्लान में Google One के तहत 30GB का स्टोरेज मिलता है. इसके अलावा JioHotstar Mobile का 28 दिनों का एक्सेस, Airtel Xstream play और ऐपल म्यूजिक का एक्सेस मिलेगा. (Photo: Reuters)

मनचाहे पार्टनर के लिए महाशिवरात्रि पर करें खास उपाय

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। हर साल यह पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान और माता पार्वती की पूजा अर्चना होती है। इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026 को है। यह पर्व भगवान शिव व माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। भगवान शिव-पार्वती की पूजा मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से की गई पूजा से भगवान शिव अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं और साथ ही भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है। इस दिन कुछ उपाय करने से मनचाहे पार्टनर की प्राप्ति होती है। क्योंकि मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए सनातन धर्म में इस दिन को बहुत ही अच्छा माना गया है। चलिए जानते हैं कि मनचाहा पार्टनर के लिए महाशिवरात्रि के दिन कौन से उपाय करने चाहिए। मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए उपाय 1. महाशिवरात्रि के दिन अगर आप मनचाहा वर चाहती हैं, तो इस दिन पूजा के समय गाय के कच्चे दूध से भगवान शिव का अभिषेक करना शुभ होगा। अभिषेक करते समय इस समय ॐ क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का जप करते रहें। मान्यता है कि इससे प्रेम विवाह करने में सफलता प्राप्त होती है। 2. अगर आप विवाह के बंधन में जल्द से जल्द बंधना चाहती हैं, तो महाशिवरात्रि के दिन स्नान-ध्यान के बाद भगवान शिव का अभिषेक करें। फिर पूरे विधि-विधान से शिव-शक्ति की पूजा आरधना करें। पूजा के समय अविवाहित लड़कियां मां पार्वती को सिंदूर अर्पित करें। 3. इस दिन कच्चे दूध में शहद और काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करना बेहद शुभफलदायी माना जाता है। इस उपाय से शादी के योग बनते हैं। 4.महाशिवरात्रि के दिन शुद्ध घी या दही से भगवान शिव का अभिषेक करने से ग्रह दोष से मुक्ति मिलती है। इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं। 5. वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए महाशिवरात्रि के दिन वर और वधु एक साथ जोड़े में पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करना शुभ फलदायी माना जाता है। 6. महाशिवरात्रि के दिन शिव-पार्वती का एक साथ पूजन करें। पूजा के दौरान माता पार्वती को सिंदूर, चूड़ियां और बिंदी अर्पित करें। वहीं, शिव जी का पंचामृत से अभिषेक करें। इस उपाय से रिश्तों में संवाद और समझ बढ़ती है। 7. महाशिवरात्रि पर गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करने से धन संबंधी अड़चनें कम होती हैं। 8 ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए ये अभिषेक करने से मन में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बनाता है।

9 लाख सरकारी कर्मचारियों को मेडिकल इमरजेंसी में कैशलेस इलाज को मिली मंजूरी

पटना. बिहार सरकार ने अपने कर्मचारियों और जन प्रतिनिधियों के लिए राहत का पिटारा खोल दिया है. राज्य के करीब 9 लाख सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों के लिए अब गंभीर बीमारी या अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी के समय अस्पताल में पैसे की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में घोषणा करते हुए राज्यकर्मियों और विधायकों-पार्षदों के लिए ‘कैशलेस इलाज’ की सुविधा लागू करने का एलान किया है. इस फैसले के बाद अब बिहार के कर्मचारी भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों (CGHS) की तर्ज पर बिना भुगतान किए बड़े अस्पतालों में अपना इलाज करा सकेंगे. विधानसभा में बड़हरा से भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप ने कर्मचारियों के इलाज में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया. चर्चा के दौरान जाले विधायक जीवेश मिश्रा भी इस मांग पर अड़ गए. आखिरकार विधायकों की लगातार मांग को देखते हुए उपमुख्यमंत्री ने कैशलेस इलाज को मंजूरी दे दी. इसका मतलब साफ है—अब सरकारी कर्मचारी, विधायक और विधान पार्षद इलाज के वक्त कोई भुगतान नहीं करेंगे, पूरा खर्च सीधे राज्य सरकार वहन करेगी. बिहार सरकार पहले से ही कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना चला रही है, जिसमें इलाज के बाद खर्च की भरपाई की जाती है. लेकिन विधायकों का कहना था कि गंभीर स्थिति में मरीज के पास पहले पैसा मांगना अमानवीय है. इसी समस्या को देखते हुए कैशलेस व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्य की योजना सीजीएचएस से भी बेहतर है और अब इसे और मजबूत किया जाएगा. सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगेगी रोक स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के संकेत देते हुए सम्राट चौधरी ने एक और बड़ा एलान किया. उन्होंने कहा कि सरकारी डॉक्टरों को किसी भी हालत में प्राइवेट प्रैक्टिस की इजाजत नहीं दी जाएगी. इसके लिए सरकार जल्द ही ठोस एक्शन प्लान और नीति लाएगी. साथ ही पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज चलाने के लिए भी नई नीति बनाई जा रही है. नीट छात्रा मौत मामले में सियासी तल्खी विधानसभा के बाहर नीट छात्रा मौत मामले पर भी सियासत गरमाई. उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी मंत्री या उनके बेटे की भूमिका है तो नाम और सबूत दें. उन्होंने दावा किया कि दोषी 24 घंटे में जेल में होंगे. सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि नाम न बताने का मतलब साक्ष्य छुपाना है.

तारा सुतारिया के ब्रेकअप के बाद टूटे दिल, वीर पहाड़िया से अलग हुईं

मुंबई  एक्ट्रेस तारा सुतारिया अपने कथित ब्रेकअप की वजह से सुर्खियों में हैं. कुछ वक्त पहले ही तारा ने एक्टर वीर पहाड़िया संग अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था. हालांकि एक विवाद के बाद दोनों के अलग होने की खबरें आने लगीं. इस चर्चा के बीच तारा ने अपनी मानसिक शांति, काम और सफलता के अपने नजरिए के बारे में खुलकर बात की है. Elle India को दिए इंटरव्यू में तारा सुतारिया ने कहा, 'मैं हमेशा से मानती रही हूं कि सफलता अंदरूनी होती है… मानसिक शांति, कुछ खास लोग जो आपसे प्यार करते हैं, खुद को जानना, ये हमेशा मेरा लक्ष्य रहा है.' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने सीख लिया है कि अपनी शांति की रक्षा कैसे करनी है.' तारा सुतारिया बचपन से ही कैमरे के सामने पली-बढ़ी हैं, इसलिए उन्हें खुद को शांत करना और शांति बनाए रखना समझने में कुछ वक्त लगा. लेकिन उन्होंने इसके लिए सेल्फ-रिफ्लेक्शन (आत्म-चिंतन) को अपना मंत्र बनाया. एक्ट्रेस ने कहा, 'केवल हम ही जानते हैं कि अपने नर्वस सिस्टम को कैसे शांत करना है.' एक्टर्स को अक्सर जनता द्वारा गलत समझा जाता है, लेकिन अब तारा को लोगों की बातों को ठीक करने की जरूरत महसूस नहीं होती.   उन्होंने कहा, 'जब तक मुझे सच पता है और मेरे सबसे करीबी लोग सच जानते हैं, बस इतना ही काफी है.' विवाद के बाद अलग हुए तारा-वीर? पिछले साल तारा सुतारिया और वीर पहाड़िया के ब्रेकअप की खबरें सुर्खियों में आई थीं. यह खबर तब आई जब मुंबई में सिंगर एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट में एपी ने तारा को गले लगाया और किस किया था. इसपर विवाद शुरू होने के बाद तारा को बेवफा कहा जाने लगा, जिसका उन्होंने और वीर ने कड़ा जवाब दिया था. लेकिन बाद में दोनों के ब्रेकअप की खबरों ने सबको यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या यह एपी के कॉन्सर्ट वाली घटना की वजह से हुआ. फिलहाल न तो वीर और न ही तारा ने इन ब्रेकअप की अफवाहों पर कोई आधिकारिक बयान दिया है. पर्सनल लाइफ पर चर्चा नहीं चाहतीं एक्ट्रेस दिसंबर 2025 में हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में तारा सुतारिया ने कहा था कि वे अपनी निजी जिंदगी को निजी रखना पसंद करती हैं. उन्होंने कहा, 'मैं प्रसिद्धि के साथ आने वाली जांच और ध्यान को शालीनता और नजरिए के साथ संभालती हूं. मैंने सीख लिया है कि हर बात को व्यक्तिगत रूप से न लूं और शोर की बजाय प्यार पर ध्यान दूं. मैं बस पीछे हट जाती हूं, डिस्कनेक्ट कर लेती हूं और अपने ओरिजिन में लौट आती हूं. मेरा परिवार और करीबी दोस्त मुझे जमीन से जुड़ा और संतुलित रखते हैं. मैं अपनी निजी जिंदगी की बहुत रक्षा करती हूं. मैं सिर्फ वही शेयर करती हूं जिसमें मैं सहज हूं, बाकी सबको मैं पवित्र रखती हूं.' काम की बात करें तो तारा को अगली बार फिल्म 'टॉक्सिक' में देखा जाएगा. इस फिल्म में मुख्य भूमिका में KGF स्टार यश हैं, साथ में कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत भी हैं. फिल्म 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी और 'धुरंधर 2' के साथ बॉक्स ऑफिस पर टकराएगी.

जनरल ड्यूटी एवं ट्रेड्समैन के लिए 10 को भिवानी में होगी अग्निवीर भर्ती

रोहतक. अग्निवीर भर्ती योजना के अंतर्गत अग्निवीर जनरल ड्यूटी एवं अग्निवीर ट्रेड्समैन (10वीं पास) श्रेणियों के लिए द्वितीय चरण की भर्ती रैली का आयोजन 10 फरवरी होगा। भर्ती रैली भिवानी स्थित भीम स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। स्थानीय सेना भर्ती कार्यालय के भर्ती निदेशक अनुराग सिंह ने बताया कि कि उक्त श्रेणियों के लिए कामन एंट्रेंस एग्जाम (द्वितीय चरण) में शार्टलिस्ट किए गए उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in से डाउनलोड कर सकते हैं। भर्ती से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए उम्मीदवार सेना भर्ती कार्यालय रोहतक या हेल्पलाइन नंबर 8901384498 एवं 01262-253431 पर संपर्क कर सकते हैं। भर्ती निदेशक ने सभी उम्मीदवारों को दलालों से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि सेना भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं योग्यता आधारित है। भर्ती रैली के दौरान किसी भी प्रकार के शक्तिवर्धक या नशीले पदार्थों का सेवन करने वाले उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया से वंचित कर दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे भर्ती रैली में आवश्यक दस्तावेजों सहित निर्धारित समय पर उपस्थित हो।