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वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में रखी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत किया मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का खाका

प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों से बढ़े डॉक्टर्स, चिकित्सा शिक्षा को मिला विस्तार वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में रखी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत किया मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का खाका  बोले, पिछले नौ वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में हुई ऐतिहासिक वृद्धि, वर्ष 2017 के 36 से बढ़कर 2025 में 81 हुए मेडिकल कॉलेज ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच हुई मजबूत, 54 जनपदों में 170 मोबाइल मेडिकल यूनिट से 2.05 करोड़ मरीजों का हुआ उपचार लखनऊ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर सभी का ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता और क्षमता बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से किए गए प्रयासों का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। राजकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों की संख्या में हुई ऐतिहासिक वृद्धि, ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच और आधुनिक तकनीक आधारित टेली मेडिसिन सेवाएं इसकी प्रमुख मिसाल हैं। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या में बढ़ोत्तरी से स्वास्थ्य सेवाएं हुईं बेहतर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2017 तक कुल 36 मेडिकल कॉलेज संचालित थे, जिनमें 15 राजकीय और 21 निजी मेडिकल कॉलेज शामिल थे। पिछले कई वर्षों में प्रदेश सरकार ने मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए कई नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की। वर्ष 2025 के अंत तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 81 हो गई है। इनमें 45 राजकीय और 36 निजी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या में इस निरंतर वृद्धि से न केवल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहतर हुई है, बल्कि हर वर्ष बड़ी संख्या में नए डॉक्टरों को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है। इससे भविष्य में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। 22 लाख से अधिक लोगों ने ई संजीवनी टेली परामर्श सेवा का उठाया लाभ वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में मेडिकल और डेंटल शिक्षा के पाठ्यक्रमों तथा परीक्षाओं के स्तर में एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अटल बिहारी वाजपेयी राज्य चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। प्रदेश के ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं उनके द्वार तक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार ने मोबाइल मेडिकल यूनिट सेवा की शुरुआत की है। वर्तमान में प्रदेश के 54 जनपदों में कुल 170 मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन किया जा रहा है। इन मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए अब तक कुल 2.05 करोड़ रोगियों का उपचार किया जा चुका है। यह सेवा उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है, जिन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों से अस्पतालों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। प्रदेश में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए प्रदेश में टेली मेडिसिन सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 11 मई 2021 से ई-संजीवनी टेली परामर्श सेवाएं प्रारंभ की गईं। वर्तमान में प्रदेश के 26 मेडिकल कॉलेजों में यह सेवा संचालित हैं, जिसके माध्यम से अब तक 22,53,320 ओपीडी परामर्श प्रदान किए जा चुके हैं। इससे मरीजों को घर बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने की सुविधा मिली है।

इशिता दत्ता का 60 दिन का फिटनेस रूटीन: ‘दृश्यम’ एक्ट्रेस ने 15 किलो वजन घटाया, जानिए कैसे

 मुंबई  फिल्म दृश्यम में अजय देवगन की बड़ी बेटी का रोल निभाकर फेम पाने वाली एक्ट्रेस इशिता दत्ता अपने वेट लॉस को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं. दो बच्चों की मां इशिता ने हाल ही में बताया है कि कैसे दूसरी डिलीवरी के बाद उन्होंने 2 महीने में 15 किलो वजन कम  किया था. अक्सर ही प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं का वजन तेजी से बढ़ने लगता है, जिसे कम करना सबसे मुश्किल होता है. डिलीवरी के बाद भी वजन घटने की बजाय स्पीड से बढ़ता है,लेकिन इशिता का महज 2 महीने में ही काफी घट गया था. आखिर इसके पीछे की क्या वजह थी, अब एक्ट्रेस ने खुद खुलासा किया है.  प्रेग्नेंसी के दौरान क्या मुश्किलें आईं? इशिता ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर की है, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी प्रेग्नेंसी के पहले दो ट्राइमेस्टर बहुत अच्छे रहे, जिसमें वो घूमीं, काम किया, अच्छा खाना खाया और सब कुछ नॉर्मल था. लेकिन छठे महीने में उन्हें प्रीमैच्योर डिलीवरी का खतरा हो गया, जिसके कारण डॉक्टरों ने उन्हें पूरा बेड रेस्ट की सलाह दे दी थी.  प्रेग्नेंसी में पता चली नई बीमारी इशिता ने बताया कि प्रेंग्नेंसी के दौरान उनको एक दिन तेज पेट में दर्द हुआ था, कई बार हॉस्पिटल तक जाना पड़ा. तब टेस्ट में मालूम चला कि उनको गॉलब्लैडर स्टोन यानी पित्त की पथरी हो गई है. अब उनके लिए मुश्किल यह थी कि वो प्रेग्नेंट थी और ऐसे में ना तो उनका ऑपरेशन हो सकता था और ना ही वो कोई पेन किलर खा सकती थीं.  उसके बाद उनके लिए प्रेग्नेंसी उनके लिए बहुत दर्दभरी रही, उनको असहनीय दर्द होता था. फिर आठवें महीने में ही उन्होंने अपनी बेटी को जन्म दिया. हालांकि यहां भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई, क्योंकि डॉक्टर ने साफ कहा कि डिलीवरी के बाद एकदम से सर्जरी नहीं कर सकते हैं. वह ब्रेस्टफीडिंग कर रही थीं और शरीर को रिकवर होने में समय लग रहा था, इसलिए लगभग 40 दिन बाद गॉलब्लैडर का ऑपरेशन हुआ.  वेट लॉस की पीछे का असली सच इशिता ने बताया कि ऑपरेशन के बाद भी धीरे-धीरे ही उनकी रिकवरी हुई और इस दौरान उनको सख्त डाइट फॉलो करनी पड़ी. इसलिए उनका वजन किसी डाइट प्लान या एक्सरसाइज से नहीं, बल्कि बीमारी, सर्जरी, बैलेंस डाइट और लंबे समय की रिकवरी की वजह से कम हुआ. यह कोई  मैजिक या शॉर्टकट नहीं है.       

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के प्रथम दिन दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया संबोधित

राज्यपाल अभिभाषण-Copy 2 उत्पादन, उत्पादकता और कृषि अर्थव्यवस्था तीनों मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है उत्तर प्रदेश: राज्यपाल लखनऊ विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने अभिभाषण में उत्तर प्रदेश के विकास की व्यापक और तथ्यपरक तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने ऊर्जा आपूर्ति से लेकर कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था, गन्ना किसानों के भुगतान, पशुपालन, पर्यावरण संरक्षण, खनन सुधार, सार्वजनिक परिवहन, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, शहरी आवास और श्रमिक कल्याण तक सरकार की नीतियों और उनके ठोस परिणामों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया।  रोशनी, भरोसा और राहत राज्यपाल ने ऊर्जा क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन दर्ज किया गया है। वर्तमान में नगरीय मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 21 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 19 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। ‘इंटेंसिव डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम’ के अंतर्गत अब तक 59.83 लाख स्मार्ट/इलेक्ट्रिक मीटर स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 37.45 लाख पुराने मीटरों का प्री-पेड में प्रतिस्थापन किया गया है। राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले नौ वर्षों में बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई, जिससे उपभोक्ताओं को स्थायी राहत मिली है और ऊर्जा क्षेत्र में भरोसे का वातावरण मजबूत हुआ है। अन्नदाता की ताकत, प्रदेश की प्रगति राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज उत्पादन, उत्पादकता और कृषि अर्थव्यवस्था तीनों मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2016–17 में 557.46 लाख मीट्रिक टन रहा खाद्यान्न उत्पादन 2023–24 में बढ़कर 670.80 लाख मीट्रिक टन हो गया, और 2024–25 में यह 737.40 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा। कृषि क्षेत्र के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है, जो 2016–17 में ₹2.96 लाख करोड़ से बढ़कर वर्तमान में ₹6.95 लाख करोड़ हो गया है। यह 135 प्रतिशत वृद्धि के साथ लगभग 18 प्रतिशत वार्षिक विकास दर को दर्शाता है। बागवानी बना ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बागवानी क्षेत्र में भी प्रदेश ने नई ऊंचाइयां छुई हैं। खेती का क्षेत्रफल 21.40 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 26 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि उत्पादन 3.80 करोड़ मीट्रिक टन से बढ़कर 6 करोड़ मीट्रिक टन हो गया है। बागवानी उत्पादों के निर्यात में ₹400 करोड़ से बढ़कर ₹1,700 करोड़ तक की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन उपलब्धियों का सीधा लाभ किसानों को मिला है, जिससे फलों और सब्जियों से किसानों की आय ₹41,000 करोड़ से बढ़कर ₹1,25,000 करोड़ तक पहुंच गई है। गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान, चीनी उद्योग को नई मजबूती राज्यपाल ने चीनी उद्योग और गन्ना किसानों को लेकर सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने गन्ना मूल्य भुगतान के क्षेत्र में अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 के बाद से अब तक किसानों को ₹3,04,321 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है, जो 1995 से 2017 के बीच हुए कुल भुगतान ₹2,13,519 करोड़ से ₹90,802 करोड़ अधिक है। राज्यपाल ने बताया कि 2017 के बाद पिपराइच, मुंडेरवा और रामाला में तीन नई चीनी मिलों की स्थापना से प्रदेश की पेराई क्षमता में प्रतिदिन 1.25 लाख क्विंटल की वृद्धि हुई है। किसानों के हित में गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, वहीं गन्ना उत्पादकता 72.38 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 84 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 59.75 करोड़ पौध किसानों तक पहुंचाई गईं तथा ₹76.88 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इन समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि चीनी उद्योग और गन्ना क्षेत्र से जुड़े 10 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। गो-कल्याण ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दी नई मजबूती राज्यपाल ने पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में गो-कल्याण को केवल संरक्षण नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित किया गया है। प्रदेश के 7,497 गो-आश्रय स्थलों में 12,38,547 निराश्रित गोवंश की देखभाल की जा रही है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना और पोषण मिशन के अंतर्गत 1,81,418 गोवंश गो-पालकों को सुपुर्द किए गए हैं, जिससे 1,13,631 परिवारों को स्थायी आजीविका प्राप्त हुई है। गो-पालन को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए प्रति पशु प्रतिदिन ₹50 की दर से सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जा रही है, जिसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक ₹1,484 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है। इन समन्वित प्रयासों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ठोस आधार मिला है और पशुपालन आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी साधन बनकर उभरा है। जनभागीदारी से मजबूत हुआ पर्यावरण संरक्षण राज्यपाल ने वनों और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश की उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि वर्ष 2017 के बाद से अब तक 242.13 करोड़ पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश का वनावरण बढ़कर 9.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी अभियान न मानकर सामाजिक जनभागीदारी से जोड़ने की रणनीति ने उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में एक प्रभावी और अनुकरणीय मॉडल के रूप में स्थापित किया है। पौधरोपण, संरक्षण और संवर्धन के समन्वित प्रयासों से प्रदेश ने सतत विकास और पर्यावरणीय संतुलन की दिशा में ठोस प्रगति की है। पारदर्शी खनन से बढ़ा राजस्व राज्यपाल ने खनन क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2017 के बाद से अब तक प्रदेश को ₹28,920 करोड़ का खनन राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि 2012–17 की अवधि में यह मात्र ₹7,712 करोड़ था। तकनीक-सक्षम निगरानी, ई-टेंडरिंग और पारदर्शी नीलामी व्यवस्था के चलते न केवल राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बल्कि अवैध खनन पर भी प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हुआ है। -सार्वजनिक परिवहन को नई गति* उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने बताया कि निगम की 13,621 बसों ने 103.37 करोड़ किलोमीटर का संचालन किया, जिससे 37.10 करोड़ यात्रियों को सुरक्षित और सुलभ परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इस कुशल प्रबंधन के परिणामस्वरूप निगम ने ₹3,810.63 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो … Read more

जैद मसूद बने मिस्टर भोपाल संभाग 2026

भोपाल गत दिवस मानस भवन भोपाल में भोपाल संभाग 2026 प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें भोपाल संभाग के लगभग 200 खिलाड़ियों ने सहभागिता की इस प्रतियोगिता में फिटनेस 365 जिम के जेद मसूद ने चैंपियन का चैंपियन का खिताब अपने नाम किया बेस्ट पोजर का खिताब फिटनेस हेडक्वार्टर के सिकंदर खान के नाम रहा बेस्ट इंप्रूव जकी अली एवं मोस्ट मस्कुलर उदय सिंह चौहान बॉडी ग्रो हेल्थ केयर विदिशा के नाम रहा। सभी टाइटल होल्डर खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार भी दिया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक आशीष टॉक,माज कुरैशी , गोविंद गौरव, सीमा वर्मा एवं शराफत खान रहे प्रतियोगिता में मेंस फिजिक चैंपियनशिप का भी आयोजन किया गया जिसमें लगभग 60 खिलाड़ियों ने भाग लिया एवं इस टाइटल  को जैद अली फिटनेस 365 जिम ने अपने नाम किया। प्रतियोगिता के अन्य विजेता इस प्रकार रहे 55 किलो वर्ग में मूवीस कुरैशी फिटनेस हैडक्वाटर प्रथम असलम कुरैशी फिटनेस फॉरएवर द्वितीय निलेश कैलाश चौधरी अलेक्स जिम तीसरे स्थान, 60 किलो वर्ग में विशाल तोमर हंड्रेड क्रंचेज भोपाल प्रथम अभिषेक बंगाली मसाला फैक्ट्री जिम एवं आजाद खान टाइगर फिटनेस तीसरे स्थान पर रहे 65 किलो में उदय सिंह चौहान बॉडी ग्रो हेल्थ केयर विदिशा प्रथम मेघ श्याम धुरी इन शॉप फिटनेस क्लब द्वितीय एवं राकेश लोधी रूटिंग फिटनेस तीसरे स्थान पर रहे 70 किलो में मोहित चौरसिया फिटनेस हैडक्वाटर प्रथम अंकित परस्ते फ्लैश फिटनेस द्वितीय एवं सागर अठवाले शिवाय द फिटनेस क्लब तीसरे स्थान पर रहे 75 किलो कैटेगरी में जकी अली फिटनेस 365 प्रथम असीम फिटनेस हेडक्वार्टर द्वितीय एवं अरशद खान भारत जिम तीसरे स्थान पर रहे 80 किलो में जेद मसूद फिटनेस 365 प्रथम सलमान डी मार्क फिटनेस द्वितीय एवं मोहम्मद नईम टाइगर फिटनेस तृतीय स्थान पर रहे 85 किलो वर्ग में सिकंदर खान फिटनेस हेडक्वार्टर प्रथम संजय सिंह विआईपी फिटनेस द्वितीय एवं मोहम्मद अबरार फिटनेस 365 तीसरे स्थान पर रहे प्लस 85 कैटेगरी में दीपेंद्र गौर से फिटनेस प्रथम माधव इंगले एब्सलूट जिम द्वितीय एवं युसूफ अली स्मार्ट न्यू बॉडी शेप जिम तृतीय स्थान पर रहे।  सभी विजेता खिलाड़ियों को भोपाल जिला संगठन के प्रेसिडेंट राजेंद्र राहूरिकर, आजम खान,इसरार मलिक, गीत धीर, अभय सिंह चौहान शकील खान, अतुल व्यास जी द्वारा पुरस्कृत किया गया।

कथा के दौरान मची अफरा-तफरी, बिहार में बड़ा हादसा

मोतिहारी बिहार के मोतिहारी जिले के रक्सौल में भारत–नेपाल सीमा के निकट आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान रविवार को अचानक अव्यवस्था फैल गई। प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के सत्संग में हजारों-लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने से आयोजन स्थल रक्सौल हवाई अड्डा परिसर में भीड़ बेकाबू हो गई।   भीड़ प्रबंधन की कमी से बिगड़े हालात कथावाचक के मंच पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं का सैलाब पंडाल की ओर उमड़ पड़ा। आयोजन समिति की ओर से भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण मुख्य द्वार पर अत्यधिक दबाव बन गया। इसी दौरान रेलिंग टूट गई और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे कार्यक्रम कुछ समय के लिए बाधित हो गया।   घायलों को प्राथमिक उपचार, महिलाएं बेहोश अफरातफरी के बीच कई श्रद्धालुओं को चोटें आईं। दबाव बढ़ने से दो महिलाएं बेहोश हो गईं, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। स्थिति की गंभीरता के कारण कुछ देर तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन रोकना पड़ा।   परिजनों से बिछड़े बच्चे, मदद की व्यवस्था पर सवाल हंगामे के दौरान कई छोटे बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए। आयोजन स्थल पर हेल्प डेस्क या लॉस्ट एंड फाउंड जैसी कोई व्यवस्था नहीं होने से माता-पिता बच्चों की तलाश में भटकते नजर आए। श्रद्धालुओं ने इतने बड़े धार्मिक आयोजन में न्यूनतम सहायता व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताई।   वीआईपी व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं में रोष आम श्रद्धालुओं का गुस्सा वीआईपी व्यवस्था को लेकर भी सामने आया। लोगों का कहना था कि चंदा वसूली के बावजूद पंडाल में केवल अधिक राशि देने वालों को अलग सुविधा और प्राथमिकता दी गई, जबकि आम भक्तों को धक्कों का सामना करना पड़ा, जिससे अव्यवस्था और बढ़ती चली गई। पुलिस के हस्तक्षेप से हालात काबू में स्थिति बिगड़ने पर मौके पर तैनात पुलिस ने हस्तक्षेप किया और भीड़ को पीछे हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने लाठीचार्ज से इनकार करते हुए बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से भीड़ नियंत्रण के लिए उचित कार्रवाई की गई और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।   प्रशासन ने आयोजन समिति को लगाई फटकार अव्यवस्था को गंभीर मानते हुए अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार ने आयोजन समिति को कड़ी फटकार लगाई और रात भर में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया, ताकि आगे कोई बड़ा हादसा न हो। वहीं आयोजन समिति की अध्यक्ष शिखा दास की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

दक्षिणेश्वर सुरेश ने डेविस कप में टीम को दिलाई ऐतिहासिक जीत, बने भारतीय टेनिस की नई पहचान

 बेंगलुरु भारतीय टेनिस के उभरते सितारे दक्षिणेश्वर सुरेश ने डेविस कप में ऐसा कमाल कर दिया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है. बेंगलुरु में आयोजित नीदरलैंड्स के खिलाफ वर्ल्ड ग्रुप-I मुकाबले में इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 3-2 से जीत दिलाई. नीदरलैंड्स के खिलाफ ये जीत ऐतिहासिक रही क्योंकि डच टीम की वर्ल्ड रैंकिंग 6 है, जबकि भारत 33वें नंबर पर है, इस जीत के बाद सुरेश मौजूदा भारतीय टेनिस के सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे हैं. शुरुआत में दक्षिणेश्वर सुरेश को इस मुकाबले का मुख्य चेहरा नहीं माना जा रहा था, लेकिन रविवार तक आते-आते उन्होंने पूरी कहानी बदल दी. ‘डीके’ के नाम से मशहूर सुरेश ने अपने खेले तीनों मुकाबले जीते. उन्होंने दोनों सिंगल्स मैच तो अपने नाम किए ही, साथ ही युकी भांबरी के साथ डबल्स मुकाबला भी जीता. उनके इस प्रदर्शन ने भारत को डेविस कप के क्वालिफायर राउंड-2 में पहुंचा दिया. यह नए डेविस कप फॉर्मेट में टीम की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. सीरीज का सबसे अहम पल निर्णायक पांचवें मुकाबले में आया, जहां दक्षिणेश्वर सुरेश ने गाय डी ओडेन को 6-4, 7-6(4) से हराकर भारत की जीत पक्की की. आखिरी शॉट के बाद वे कोर्ट पर ही लेट गए और फिर साथियों ने उन्हें घेरकर जश्न मनाया. दक्षिणेश्वर सुरेश कौन हैं? तमिलनाडु के मदुरै से आने वाले 6 फीट 5 इंच लंबे दक्षिणेश्वर सुरेश आधुनिक पावर-बेसलाइनर खिलाड़ी हैं. उनका खेल तेज सर्विस, दमदार फोरहैंड और बेसलाइन से रैलियों पर नियंत्रण बनाने पर आधारित है. पारंपरिक भारतीय 'वॉली' स्टाइल से अलग उनका आक्रामक अंदाज उन्हें खास बनाता है. उनका टेनिस सफर अमेरिकी कॉलेज सिस्टम से होकर गुजरा. उन्होंने जॉर्जिया ग्विनेट कॉलेज में कई एनएआईए खिताब जीते और बाद में वेक फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी में एनसीएए डिवीजन-I टेनिस खेलते हुए ऑल-अमेरिकन सम्मान हासिल किया. कॉलेज टेनिस के कठिन माहौल ने उनके मानसिक संतुलन और फिटनेस को मजबूत बनाया, जिसका फायदा डेविस कप में साफ नजर आया. 2025 के आखिर और 2026 की शुरुआत दक्षिणेश्वर सुरेश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई. बेंगलुरु ओपन में उन्होंने कई बड़े उलटफेर किए और ऊंची रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को हराया. जनवरी 2026 में उनकी रैंकिंग दुनिया में 460 के आसपास पहुंच गई. उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें 2025 में ITD मेल प्लेयर ऑफ द ईयर भी चुना गया. अब नीदरलैंड्स के खिलाफ डेविस कप में तीन मैच जीतकर उन्होंने खुद को भारतीय टेनिस के नए स्टार के रूप में स्थापित कर दिया है. भारत की इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को और बढ़ाया है और फैन्स को एक नया नाम मिल गया है, जिस पर आने वाले वर्षों में सबकी नजर रहने वाली है.  

कैबिनेट मंत्री ने रिपोर्टर के सवालों पर किया बेबाक तरीके से सम्मान, शेयर किया फेसबुक वीडियो

नरसिंहपुर  नरसिंहपुर जिले के बम्होरी में एक अस्पताल के उद्घाटन के दौरान मंच पर एक अद्भुत नजारा देखने को मिला. यहां नन्ही रिपोर्टर छवि विश्वकर्मा ने पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल का इंटरव्यू लिया. छवि के बेबाक अंदाज में पूछे गए सवालों ने मंत्री जी को यह कहने पर मजबूर कर दिया कि लगता है नर्मदा जी का असर आप पर भी है, इसीलिए आप इतना अच्छा प्रश्न पूछ पा रही हैं.  रिपोर्टर छवि ने जब संगम की ऊर्जा पर सवाल किया, तो मंत्री पटेल ने समझाया कि जहां संगम होता है, वहां जीवन की संभावना होती है और उद्गम पर अपूर्व ऊर्जा. चाहे पहाड़ों का संगम हो या नदियों का या फिर चाहे स्त्री-पुरुष का हो, वहां जीवन की संभावना रहती है, इसलिए संगम पर लोग स्नान करने जाते हैं, लेकिन उनको कारण पता नहीं होता. हर गृहस्थ को जीवन चाहिए. जीवन में खुशियां चाहिए, इसलिए वो तीर्थों पर जाता है जहां संगम होते हैं.   छवि ने जब नर्मदा परिक्रमा के दौरान एक भील द्वारा आटा दान करने वाली कहानी पूछी, तो मंत्री हैरान रह गए. उन्होंने चौंकते हुए नन्हीं छवि से पूछा कि आपको किसने बताया? इस पर बालिका ने कहा कि दीदी और पिताजी ने.   इसके बाद जवाब में मंत्री ने कहा, ''उस नशे में धुत भील ने अपनी आधी खुराक दान कर दी थी, जो दुनिया का सबसे बड़ा दान है. वहीं उनके गुरु ने सिखाया कि खुद आधा खाने से बेहतर है किसी दूसरे को पूरी रोटी मिल जाए…'' जब छवि ने पूछा कि आप किस रूप में ज्यादा खुश हैं, तो प्रहलाद पटेल ने मुस्कुराते हुए कहा, "रेवा (नर्मदा) दोधारी तलवार है, यह जोग (योग) भी देती है और भोग भी. मैं दोनों के तालमेल में खुश हूं."  देखें VIDEO:-  छवि विश्वकर्मा के सवाल पूछने के स्टाइल और उनके आत्मविश्वास की रील सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. खुद कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल भी इस नन्ही प्रतिभा के कायल हो गए और उन्होंने अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज पर इस पूरे इंटरव्यू को पोस्ट किया है. यही नहीं, इंटरव्यू खत्म होने के बाद मंत्री ने नन्ही रिपोर्टर को चरण छूकर प्रणाम किया. मोहन सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ''आयुर्वेद औषधालय के लोकार्पण पर एक 12 वर्ष की बेटी छाया विश्वकर्मा ने मेरा इंटरव्यू लिया. उनके प्रश्नों ने मुझे, उनके चरणों में झुका दिया. मैंने विनोदवश पूछा कि आप किस चैनल से हैं? तो उन्होंने कहा- मेरा ही चैनल है. मुझे आपका इंटरव्यू लेना है.'' 

‘मंत्री जी का जवाब संतोषजनक नहीं था’, विधानसभा में मैथिली ठाकुर ने किया पलटवार

 पटना  बिहार विधानसभा के भीतर एक दिलचस्प और गंभीर बहस देखने को मिली. जानी-मानी गायिका और अलीनगर विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने क्षेत्र के अस्पताल की बदहाली का मुद्दा उठाया और सरकार के लिखित जवाब को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कागजों पर जो 'सब ठीक' बताया जा रहा है, धरातल पर सच्चाई उसके ठीक उलट है. सदन में विधायक मैथिली ने कहा, ''मंत्री जी के जवाब में लिखा है कि भवन जर्जर नहीं है, बस मरम्मत चाहिए. लेकिन मैं खुद वहां गई हूं, भवन पूरी तरह जर्जर है और एक छोटे से कमरे में पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था सिमटी हुई है." मैथिली ने बताया कि पहले वहां दो-दो MBBS डॉक्टर थे, लेकिन अब सिर्फ आयुष डॉक्टर के भरोसे अस्पताल चल रहा है. उन्होंने 40 से 50 हजार लोगों की आबादी के लिए कम से कम दो एमबीबीएस डॉक्टरों की मांग की. अस्पताल अलीनगर और घनश्यामपुर जैसे दो प्रमुख प्रखंडों के केंद्र में स्थित है, जिससे हजारों लोग लाभान्वित हो सकते हैं. 'मंत्री जी, मैं जब बहुत छोटी थी तब से आपको देख रही हूं…' युवा विधायक मैथिली ठाकुर ने अपने संबोधन में राजनीति और मर्यादा का अद्भुत संतुलन पेश किया. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि वे बचपन से उन्हें स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करते हुए देख रही हैं, इसलिए यह प्रश्न नहीं बल्कि एक 'निवेदन' है कि जनहित में इस अस्पताल का कायाकल्प किया जाए. उनके इस अंदाज ने सदन में मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींचा. बिहार के मधुबनी जिले में जन्मी मैथिली ठाकुर अपने दो भाइयों के साथ लोक, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, हारमोनियम और तबला में प्रशिक्षित हैं. वह मैथिली, भोजपुरी और हिंदी में बिहार के पारंपरिक लोकगीतों का गायन करती हैं. मालूम हो कि इस गायिका ने बीते साल ही  बीजेपी के टिकट पर दरभंगा की अलीनगर सीट से चुनाव जीता था.     

भारतमाला परियोजना में 43 करोड़ का खेल, विशाखापत्तनम-रायपुर के 12 खसरा में, EOW बाकी 57 की जांच से क्यों बच रही है?

रायपुर विशाखापत्तनम-रायपुर भारतमाला इकोनामिक कारिडोर में अभनपुर के आसपास के जिन छह गांवों की जमीन के अधिग्रहण में मुआवजा घोटाले की शिकायत हुई है, उनमें सभी खसरों की जांच नहीं हो पाई है। जबकि 12 खसरों की जांच में ही 43 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आ चुकी है। चार वर्ष पूर्व सबसे पहले लगभग 53 खसरों की एक साथ शिकायत की गई थी। पिछले कुछ महीनों में 16 खसरा नंबरों की और शिकायत हुई है। अब गड़बड़ी वाले खसरों की संख्या बढ़कर 69 हो गई है। 12 खसरों की जांच में ही बड़े-बड़े नाम घोटाले में लिप्त पाए गए हैं। अब शेष 63 खसरों में खेल करने वाले अफसरों की भूमिका जांच के घेरे में है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) के अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाते हुए जल्द ही अन्य खसरों की जांच शुरू की जाएगी। जांच की कछुआ चाल और सिस्टम पर सवाल जुलाई 2022 में पहली बार शिकायत होने के बाद शासन ने जांच के आदेश तो दिए, लेकिन कार्रवाई की गति बेहद संदिग्ध रही। 14 माह की लंबी जांच के बाद भी नतीजा ‘ढाक के तीन पात’ ही रहा। स्थिति यह है कि ग्राम झांकी में 16 संदिग्ध खसरों में से 12 सरकारी भूमि के हैं, जिनका मुआवजा निजी बताकर उठा लिया गया। इसी तरह ग्राम नायक बांधा में 31 खसरों की शिकायत हुई, लेकिन जांच केवल छह की हुई। यहां जमीन को 247 टुकड़ों में बांटने की शिकायत है, जबकि ग्राम टोकरो के आठ संदिग्ध खसरों में से केवल एक की जांच हो सकी है। अब ईडी की चौखट पर पहुंचा मामला लगातार शिकायतों के बावजूद जब स्थानीय प्रशासन और राजस्व अधिकारियों ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो अब मामले की शिकायत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में की गई है। रिकार्ड बताते हैं कि 38 किलोमीटर के दायरे में आने वाली जमीनों को करीब 561 भागों में बांटा गया है, ताकि मुआवजे की राशि को कई गुना बढ़ाया जा सके। इसमें सरकारी जमीन को निजी दिखाकर हड़पने का आरोप है। दुर्ग-अभनपुर बायपास : 1,196 खसरों पर खामोशी सिर्फ मुख्य कारिडोर ही नहीं, बल्कि दुर्ग-अभनपुर बायपास में भी भारी अनियमितता की बू आ रही है। यहां 18 गांवों के 1,196 खसरे प्रभावित हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत खसरों में गड़बड़ी की शिकायतें हैं। ग्राम भेलवाडीह में 174, झांकी में 114 और पचेड़ा में 102 खसरे में मुआवजे का खेल हुआ है, लेकिन यहां अभी तक जांच शुरू नहीं हो पाई है। सात आरोपित गिरफ्तार रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनामिक कारिडोर (भारतमाला परियोजना) जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में अब तक सात मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अप्रैल 2025 में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने सबसे पहले चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनमें मुख्य जमीन दलाल हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी और उनके पति केदार तिवारी शामिल थे। इसके बाद अक्टूबर 2025 में टीम ने घोटाले में शामिल तीन पटवारियों को गिरफ्तार किया। इनके नाम दिनेश पटेल (नायकबांधा), लेखराम देवांगन (टोकरो) और बसंती घृतलहरे (भेलवाडीह) हैं। ईओडब्ल्यू ने अपनी 7,500 पन्नों की चार्जशीट में कुल 10 लोगों को आरोपित बनाया है, जिनमें से कई राजस्व अधिकारी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बागेश्वर धाम में होगा सामूहिक विवाह, अधिकारियों ने लिया कार्यक्रम स्थल का जायजा

छतरपुर  बागेश्वर धाम में होने जा रहे  पर सामूहिक विवाह स्थल का कलेक्टर- एसपी सहित अधिकारियों ने किया निरीक्षण। व्यवस्थाओं का लिया जायजा। इस दौरान बागेश्वर महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ भी हुई अधिकारियों की बैठक, विधायक अरविंद पटेरिया भी रहे मौजूद। खजुराहो के बागेश्वर धाम में 300 जोड़ों की शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। समारोह 12 से 15 फरवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। हर दिन अलग-अलग रस्में होंगी। आने वाले मेहमानों की खातिरदारी भी की जाएगी। दहेज में सभी जोड़ों को 90 लाख की FD, सोने-चांदी समेत गृहस्थी का सामान दी जयेगा।  बागेश्वर धाम में सातवीं बार आयोजन हो रहा है। इस बार 13 राज्यों से 1500 से अधिक आवेदन मिले। 60 जिलों की 600 सदस्यीय टीम ने एक महीने तक सर्वे किया। 300 जोड़ों को शादी के लिए बुलाया गया। इसमें एक जोड़ा नेपाल का भी है। 30,000 रुपये की जॉइंट एफडी बाबा बागेश्वर ने सभी ससुराल वालों को सलाह दी कि वे अपनी बहुओं को अपनी बेटियों जैसा मानें और यह पक्का करें कि किसी भी तरह की कोई शिकायत न हो. उन्होंने कुछ समधियों को बुलाया, उनके साथ मज़ाक किया और उनके चेहरों पर गुलाल लगाया. उन्होंने ऐलान किया कि इस बार दूल्हा और दुल्हन के नाम पर 30,000 रुपये की जॉइंट फिक्स्ड डिपॉज़िट खोली जाएगी. यह फिक्स्ड डिपॉज़िट पांच साल से पहले नहीं तोड़ी जा सकती. उन्होंने बताया कि शादियों के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी रही. सर्वे टीम ने 500 से ज़्यादा लड़कियों में से 300  लड़कियों को चुना, जिसमें उन लड़कियों को प्राथमिकता दी गई जो बहुत गरीब, अनाथ या बेसहारा थीं. धीरेंद्र शास्त्री बोले– ये अब बालाजी की बेटियां आयोजन को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "ये अब बालाजी की बेटियां हो गई हैं। इनका विवाह धूमधाम से किया जाएगा। देशभर के संत, महात्मा, राजपीठ, व्यास पीठ के लोगों के सानिध्य में बेटियां विवाह बंधन में बंधेंगी। उन्होंने बताया कि सर्वे टीम ने 600 से अधिक अति निर्धन, अनाथ, मातृहीन और पितृहीन बेटियों का चयन किया था। इनमें से वर्तमान संसाधनों को देखते हुए 300 बेटियों को विवाह के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि पात्र बेटियों की संख्या अधिक थी, लेकिन बागेश्वर धाम की वर्तमान सामर्थ्य के अनुसार ही चयन किया गया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के ऑफिस में इन दिनों खासी हलचल है। कर्मचारी देर रात तक काम में व्यस्त हैं। सभी की टेबल पर शादी के निमंत्रण कार्ड का ढेर है। ये निमंत्रण पत्र VVIP मेहमानों को भेजे जाने हैं। बीच-बीच में इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे कमल अवस्थी कार्ड उठाकर चेक कर ले रहे हैं। वो इसलिए कि नाम और पता सही है या नहीं। उसे वे अपने आईपैड में दर्ज लिस्ट से भी मिलान कर रहे हैं। कोशिश है कि कहीं कोई गलती न हो जाए। दूसरी तरफ भंडार में दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले उपहार के ढेर लगे हैं। सेवादार सावधानी से पैकेट बना रहे हैं। कमल अवस्थी कहते हैं कि सभी अरेंजमेंट पूरे हो गए हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कुछ दिन पहले ही हर जोड़े को बुलाकर उन्हें कपड़े और बाकी सामान दे दिया है। सभी को 13 फरवरी की सुबह 8 बजे बुलाया है। लगन मंडप तैयार किए जा रहे हैं। भोजन पंडाल अलग-अलग होंगे। तैयारियां तो पूरी हैं, फिर भी बहुत काम बाकी है। उस दिन पूरे बागेश्वर धाम को सजाया जाएगा। कमल अवस्थी ने नेपाल की रहने वाली अस्मिता सुनार से फोन पर हमारी बात कराई। अस्मिता भी नेपाल के युवक ये यहां सात फेरे लेने वाली हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश की दो लड़कियाें से भी बात की।