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आकिब का कहर! MP पर भारी पड़ा जम्मू-कश्मीर, रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में धमाकेदार एंट्री

इंदौर तेज गेंदबाज आकिब नबी के करियर के सर्वश्रेष्ठ 12 विकेट से जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मैच के चौथे दिन सोमवार को इंदौर में मध्य प्रदेश को 56 रन से हराकर पहली बार सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। पहली पारी में सात विकेट चटकाने वाले 29 साल के नबी ने दूसरी पारी में पांच विकेट झटके जिससे जीत के लिए 291 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही 2021-22 की चैंपियन मध्य प्रदेश की टीम 234 रन पर आउट हो गई। जम्मू-कश्मीर के सामने सेमीफाइनल में बंगाल और आंध्र के बीच खेले जा रहे क्वार्टर फाइनल से आगे बढ़ने वाली टीम की चुनौती होगी। दूसरे सेमीफाइनल में उत्तराखंड की टक्कर कर्नाटक से हागी। आकिब ने बीते दिन 23 रन देकर तीन विकेट लिए थे जिससे मध्य प्रदेश का स्कोर दूसरी पारी में पांच विकेट पर 84 रन था। आकिब ने मैच के चौथे दिन रामवीर गुर्जर (11) और फिर मध्य प्रदेश की आखिरी उम्मीद सारांश जैन (81 गेंद में 64 रन) को आउट कर मैच में दूसरी बार पांच विकेट झटकने का कारनामा पूरा किया। आर्यन पांडे (22) आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज रहे। इससे पहले दिन की शुरुआत में टीम ने अभी 20 रन ही जोड़े थे कि अनुभवी वेंकटेश अय्यर (17) सुनील कुमार की गेंद को विकेटकीपर के हाथों में खेल गए। सारांश ने इसके बाद शुभम शर्मा (32) और रामवीर के साथ अहम साझेदारियां कर जम्मू-कश्मीर के जीत के इंतजार को बढ़ाया। वामहस्त स्पिनर आबिद मुश्ताक ने 49 रन देकर तीन विकेट चटकाए। आकिब प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। वहीं, केएल राहुल के 24वें प्रथम श्रेणी शतक की बदौलत कर्नाटक ने सोमवार को 42 बार के चैंपियन मुंबई को चार विकेट से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। राहुल ने 182 गेंद में 14 चौकों और एक छक्के से 130 रन की पारी खेली जिससे कर्नाटक ने 325 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए छह विकेट पर 325 रन बनाकर जीत दर्ज की।

हरियाणा में IMT प्रोजेक्ट पर संकट: जमीन की कमी से विकास में रुकावट, क्षेत्रफल घटाने की संभावना

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने पिछले दिनों 10 नई आई. एम. टी. बनाने की घोषणा की थी लेकिन इस घोषणा को सिरे चढ़ाने में जमीन की कमी आड़े आ रही है। ऐसे में सरकार इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए आई.एम.टी. के जमीनी क्षेत्रफल में कटौती करने पर विचार कर रही है। जमीन की कमी के चलते आई.एम.टी. का क्षेत्रफल 1500 की बजाय 1200 एकड़ तक किया जा सकता है। हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वर्ष 2030 तक औद्योगिक विकास को और तेज करने के लिए 10 नई आई.एम.टी. स्थापित करने की घोषणा की थी, जिनमें से 5 आई.एम.टी. को स्वीकृति मिल चुकी है और उन्हें विकसित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। पिछले वर्ष उद्योग विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी और आगामी बजट में इस वृद्धि को और आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 10 में से 3 आई.एम.टी. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विकसित की जाएंगी जिनकी धुरी के.एम.पी. एक्सप्रेस-वे रहेगा। किसानों के साथ जमीन के रेट पर बात बनते ही प्रक्रिया होगी तेज किसानों द्वारा आई.एम.टी. के लिए अपनी जमीन के कई-कई गुणा तक दाम मांगने की वजह से आई. एम.टी. बनाने की परियोजनाएं अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। कई आई. एम टी. के लिए किसान जमीन के रेट कलैक्टर रेट से 6 से 8 गुना तक मांग रहे हैं। प्रदेश सरकार इन किसानों से जमीन का वास्तविक मर्मोल भाव करने में जुटी है। किसानों के साथ जमीन के रेट की बात बनते ही आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रिया में तेजी आ सकेगी। सरकार ने ई-भूमि पोर्टल शुरु किया हरियाणा की भाजपा सरकार की योजना है कि किसानों की मर्जी के विना उनकी जमीन अधिगृहीत नहीं की जाएगी। सरकारी विकास परियोजनाओं के लिए किसानों से वाजार भाव पर जमीन खरीदने की योजना पूर्व मुख्यमत्री मनोहर लाल ने आरंभ की थी जिसे मौजूदा मुख्यमंत्री नायव सैनी भी आगे बढ़ा रहे है। किसानों द्वारा जमीन वेचने की पेशकश के लिए सरकार ने ई-भूमि पोर्टल आरंभ कर रखा है। इस पोर्टल पर किसान अपनी जमीन वेचने की पेशकश करते है और वहीं पर रेट वताते हैं। सरकार को रेट ठीक लगते हैं तो जमीन खरीद ली जाती है अन्यथा ज्यादा दाम मांगने की स्थिति में मोलभाव करने का विकल्प खुला रहता है। कांग्रेस सरकार की भांति अब जमीन का अलॉटमेंट या अधिग्रहण नहीं होताः राव नरबीर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार की भांति अब जमीन का अलॉटमेंट या अधिग्रहण नहीं होता बल्कि भाजपा सरकार किसानों से जमीन खरीदती है। यदि किसी उद्योगपति तो कोई सरकार से चाहिए तो उसे भी बोली देकर जमीन खरीदनी होगी। हरियाणा में 10 आई.एम.टी. बननी हैं। इनमें से 6 पर तेजी से काम चल रहा है। राज्य में जमीन काफी महंगी है। इसकी एक वजह यह है कि हरियाणा बिल्कुल दिल्ली के नजदीक है। साथ ही राज्य की जमीन काफी उपजाऊ है। 5 नए शहर दिल्ली में बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम करेंगे राव नरबीर सिंह ने कहा कि लगभग 135 किलोमीटर लंबा कुंडली-मानेसर-पलवल (के.एम.पी.) एक्सप्रेसवे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एच.एस.आई.आई.डी.सी.) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपत्ति है। वर्ष 2031 की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इसके दोनों ओर 5 नए शहर विकसित करने के उद्देश्य से पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया है। विकसित किए जाने वाले 5 नए शहर 'विकसित भारत' के आकर्षण केंद्र बनेंगे और दिल्ली में बढ़ते जनसंख्या दबाव को भी कम करने में सहायक सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री सैनी ने पिछले बजट में की थी घोषणा हरियाणा के वित्त मंत्री के नाते मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पिछले बजट में 10 आई.एम.टी. बनाने की घोषणा की थी। इनमें से अम्बाला, यमुनानगर, रेवाड़ी, पलवल, फरीदाबाद और जींद में आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रिया आरंभ की जा चुकी है। अम्बाला जिले में 2 आई.एम.टी. बननी प्रस्तावित हैं, जो कि एक मुख्यमंत्री नायब सैनी के पुराने विधानसभा क्षेत्र नारायणगढ़ में बननी प्रस्तावित है। अम्बाला व यमुनानगर की आई.एम.टी. बनाने की प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं, जबकि बाकी आई.एम.टी. के लिए जमीन के अधिक रेट बड़ी बाधा बने हुए हैं। महेंद्रगढ़ के खुडाना में जमीन नहीं मिल पाई, जिस कारण आई.एम.टी. का प्रस्ताव अभी लटका हुआ है।

भारत का US तेल आयात: पीयूष गोयल ने बताया, क्या ये ट्रेड डील का असर है?

 नई दिल्ली    भारत और अमेरिका में लंबे समय से अटकी ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर बात बन चुकी है और इसे लेकर फ्रेमवर्क भी जारी कर दिया गया है. इसके तहत भारत अमेरिका से तेल का आयात भी करेगा. इसके बाद ये सवाल उठने लगे थे कि क्या ट्रेड डील में ऐसी बाध्यता शामिल की गई है, जिसके चलते देश को US Crude Oil खरीदना होगा. इसे लेकर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal On US Oil Import) ने बड़ा बयान दिया है और ऐसी किसी भी बात से साफ इनकार करते हुए अमेरिकी तेल की खरीदारी को पूरी तरह से रणनीतिक फैसला करार दिया है. US Oil खरीद पर पर बड़ा बयान भारत-US के बीच व्यापार समझौते को लेकर Piyush Goyal ने कहा कि अमेरिका से ऊर्जा खरीदने से भारत को तेल के सीमित सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही उन्होंने दोहराया कि इसकी वास्तविक खरीदारी बायर्स और सप्लायर्स कंपनियों द्वारा स्वतंत्र रूप से ही की जाती है. गोयल ने जोर देते हुए कहा कि ये निर्णय वाणिज्यिक विचारों से प्रेरित हैं और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) द्वारा निर्धारित नहीं हैं यानी इस समझौते में ऐसी कोई बाध्यता नहीं रखी गई है. गोयल बोले- 'ये भारत के हित में…' एएनआई को दिए एक इंटरव्यू के दौरान केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ढांचा यह अनिवार्य नहीं करता कि कौन क्या और कहां से खरीदेगा?, बल्कि यह सिर्फ व्यापार और अच्छी पहुंच के लिए एक आसान रास्ता मुहैया कराता है. Piyush Goyal  के मुताबिक, अमेरिका से कच्चा तेल (Crude Oil), एलएनजी (LNG) और एलपीजी (LPG) खरीदना भारत के अपने रणनीतिक हित में है, क्योंकि देश अपने ऊर्जा स्रोतों में लगातार विविधता ला रहा है.    US के साथ ट्रेड डील के ये फायदे इंटरव्यू के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि Trade Deal के तहक आज जब हमें हाई टैरिफ से काफी कम 18% Tariff मिला है, तो हमें अन्य विकासशील देशों पर वरीयता भी मिली है, जो आमतौर पर हमारे प्रतिस्पर्धी हैं. उन्होंने कहा कि ये डील तमाम सेक्टर्स को व्यापक मौके मुहैया कराएगा. इसके साथ ही हमारे युवाओं, बहनों, महिलाओं के लिए भी अपार अवसर मिलेंगे और साथ ही हमारे किसानों और मछुआरों के लिए भी ये अच्छा है.  वाणिज्य मंत्री ने कहा कि हमारे MSMEs तेज रफ्तार से बढ़ेंगे और वे अमेरिका को आवश्यक कई सामग्रियों के आपूर्तिकर्ता बनेंगे. ये समझौता हमारे कपड़ा क्षेत्र, हमारा जूता और चमड़ा क्षेत्र, हमारा खिलौना क्षेत्र, हैंडक्राफ्ट सेक्टर, ऑटो कंपोनेंट्स, फर्नीचर समेत अन्य के लिए असीमित संभावनाओं से भरा हुआ है, जैसा कि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने भी कहा है.  दवाओं से डायमंड तक पर हटेगा टैरिफ! गौरतलब है कि अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह आने वाले समय में चुनिंदा भारतीय निर्यातों पर Reciprocal Tariff हटा देगा, जिसमें जेनेरिक दवाएं, जेम्स एंड ज्वेलरी, डायमंड और विमान के पुर्जे शामिल हैं. इसके साथ ही भारत से कुछ विमानों और विमान के पुर्जों पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शुल्क भी हटाए जाएंगे. इस डील के तहत भारत भी अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर वैल्यू के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, कीमती धातुएं, आईटी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोयला खरीदेगा. 

भूख लगी है तो अब ट्रेन की सीट नहीं छोड़नी पड़ेगी, IRCTC ने शुरू की शानदार सर्विस

  नई दिल्ली भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने 'ई-पैंट्री' सर्विस शुरू की है. जिसके जरिए अब यात्री 25 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में ऑनलाइन खाना और पानी पहले से बुक कर सकते हैं. खाना सीधे उनकी सीट पर पहुंचा दिया जाएगा. यह सर्विस उन ट्रेनों के लिए है, जहां टिकट में खाना शामिल नहीं होता. बता दें कि IRCTC भारतीय रेलवे का हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म विभाग है, यह कैटरिंग, टूरिज्म और ऑनलाइन टिकट बुकिंग का काम देखता है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ई-पैंट्री सेवा यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और तकनीक से यात्रा को बेहतर बनाने का हिस्सा है. ई-पैंट्री सर्विस कैसे काम करती है? ई-पैंट्री सर्विस IRCTC की टिकट बुकिंग वेबसाइट और ऐप से जुड़ी हुई है. जिन यात्रियों का टिकट कन्फर्म, RAC या आंशिक कन्फर्म है, वे टिकट बुक करते समय या बाद में "बुक टिकट हिस्ट्री" सेक्शन में जाकर स्टैंडर्ड मील और रेल नीर (पैकेज्ड पानी) पहले से ऑर्डर कर सकते हैं. ऑर्डर करने के बाद यात्री को SMS या ईमेल से कन्फर्मेशन मैसेज और मील वेरिफिकेशन कोड (MVC) मिलता है. यात्रा के दिन ट्रेन में वेंडर को MVC दिखाना होता है, फिर खाना सीट पर डिलीवर कर दिया जाता है. इन ट्रेनों में शुरू ई-पैंट्री सर्विस ई-पैंट्री सर्विस विवेक एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22503/04) पर आजमाई गई थी, जो भारत की सबसे लंबी दूरी वाली ट्रेनों में से एक है. अच्छे रिस्पॉन्स के बाद अब इसे 25 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में शुरू कर दिया गया है. आइए जानते हैं किन प्रमुख ट्रेनों में ई-पैंट्री सर्विस शुरू की गई है.       स्वतंत्र सेनानी एक्सप्रेस     स्वर्णजयंती एक्सप्रेस     कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस     मंगला द्वीप एक्सप्रेस     कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस     पुष्पक एक्सप्रेस     पश्चिम एक्सप्रेस     नेत्रावती एक्सप्रेस     ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस     पूर्वा एक्सप्रेस     लिच्छवी एक्सप्रेस     आजाद हिंद एक्सप्रेस     मालवा एक्सप्रेस     अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस     पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और अन्य कई ट्रेनें.  

सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी की दलीलें बेअसर, SIR पर चीफ जस्टिस की दो-टूक राज्यों को चेतावनी

नई दिल्ली देश के कई राज्यों में चल रहे SIR के खिलाफ देश की शीर्ष अदालत में वकील बनकर पहुंचीं ममता बनर्जी को करारा झटका लगा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने साफ कर दिया है कि SIR की प्रक्रिया में किसी तरह की रोक लगाने की मंजूरी नहीं दी जा सकती। इसमें कोई बाधा भी पैदा करने की परमिशन अदालत नहीं देगी। चीफ जस्टिस ने कहा कि सभी राज्यों को इस बात को समझ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जो कुछ भी स्पष्टता चाहिए, वह सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी जाएगी।

मार्च में होने वाली पहली से आठवीं कक्षा की परीक्षाएं, तिथियां जारी, जिला अधिकारियों को दिशा-निर्देश

चंडीगढ़  हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पहली से आठवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाओं की तिथि सूची जारी कर दी है। यह परीक्षाएं शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत मार्च 2026 में आयोजित की जाएंगी, जबकि अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए अप्रैल 2026 में पूरक परीक्षाएं होंगी। निदेशालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार सभी विद्यालयों को तय कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा करवाने और आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।  जारी तिथि सूची के अनुसार पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों की मुख्य विषयों की परीक्षाएं 13 मार्च से शुरू होकर 18 मार्च तक चलेंगी। इन कक्षाओं में भाषा, गणित और पर्यावरण जैसे विषय शामिल हैं। वहीं छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षाएं 11 मार्च से शुरू होकर 18 मार्च तक आयोजित होंगी। इन कक्षाओं में भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा अन्य वैकल्पिक विषयों की परीक्षाएं निर्धारित की गई हैं। निदेशालय ने सभी जिला अधिकारियों से कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से करवाई जाए। विद्यालय प्रमुखों को विद्यार्थियों और अभिभावकों को समय से जानकारी देने तथा परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि तय समय पर परीक्षाएं पूरी कर परिणाम भी जल्द घोषित किए जाएंगे, ताकि अगले सत्र की तैयारियां समय पर शुरू हो सकें।

35 साल बाद गूंजी किलकारी, 130 गांव के लोग पहुंचे नामकरण समारोह में, हजारों लोग बने गवाह

सोनीपत सोनीपत जिला मुख्यालय से सटे गांव महलाना ने रविवार को सामाजिक चेतना की एक ऐसी नजीर पेश की है, जो सदियों तक याद रहेगी। रोहित बाल्याण के घर में 35 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद बेटी का जन्म हुआ। यह खुशी परिवार तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें 130 गांवों के लोग साक्षी बने। नामकरण संस्कार में राजदुलारी कामाक्षी और उसकी जननी को ढोल-नगाड़ों की गूंज और हाथी-घोड़ों व रथ आदि के साथ आयोजन स्थल तक लाया गया। फूलों की वर्षा ने माहौल को स्वर्ग बना डाला।  कामाक्षी का जन्म 6 जनवरी को हुआ था। रविवार को उसका नामकरण संस्कार पूरे पारंपरिक और भव्य स्वरूप में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में आसपास के करीब 130 गांवों से हजारों लोग शामिल हुए। शंखनाद के बीच पूरे दिन चला यज्ञ, चलता रहा विशाल भंडारा कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन के साथ हुई। शंखनाद के बीच विधिवत रूप से बेटी का नामकरण संस्कार संपन्न कराया गया। परिवार ने बेटी का नाम कामाक्षी (माता पार्वती का एक रूप) रखा। नाम की घोषणा होते ही पूरा पंडाल तालियों और उल्लास से गूंज उठा। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। बेटों से कम नहीं बेटियां पिता रोहित बाल्याण ने भावुक होते हुए कहा कि आज बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। बेटी का जन्म भी उतनी ही खुशी और गर्व का विषय होना चाहिए जितना बेटे का। हमारा यह आयोजन समाज को यह संदेश देने का प्रयास है कि बेटियां परिवार की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत होती हैं। उनके पास पहले एक बड़ा बेटा है। अब दूसरे बच्चे के रूप में घर में बेटी ने जन्म लिया है। ग्रामीणों ने बताया सामाजिक चेतना की मिसाल ग्रामीणों ने इस आयोजन को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का जीवंत उदाहरण बताया। उनका कहना था कि जहां आज भी कुछ स्थानों पर बेटियों के साथ भेदभाव और भ्रूणहत्या जैसी घटनाएं होती हैं, वहीं महलाना का यह आयोजन सोच बदलने वाला प्रेरक संदेश देता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि हर परिवार बेटियों को इसी तरह सम्मान देगा, तो समाज अपने आप बेहतर दिशा में आगे बढ़ेगा। राजनीतिक व सामाजिक लोगों की रही मौजूदगी भव्य कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। मुख्यमंत्री नायब सैनी के सलाहकार तरुण भंडारी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष कमल दिवान, पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार, अभिषेक ब्रह्मचारी, किसान नेता नरेश टिकैत के पुत्र गौरव टिकैत ने भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

खरगोन में हनीट्रैप रैकेट का खुलासा, 3 महिलाएं समेत 5 गिरफ्तार

खरगोन खरगोन जिले में हनीट्रैप और ब्लैकमेल रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने इस मामले में रविवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया. ये आरोपी कथित तौर पर पिछले एक साल में लगभग 40 लोगों से लाखों रुपये बटोर चुके थे. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने जिन 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से तीन महिलाएं हैं. एक अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उससे 2.5 लाख रुपये ऐंठे हैं. शिकायतकर्ता की शिकायत पर सनावद पुलिस स्टेशन ने एक्शन लिया. थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव की अगुवाई में जांच शुरू की गई और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया. लोगों की आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करता था गिरोह सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी अर्चना रावत ने इस गैंग की स्ट्रैटेजी का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि गिरोह की महिलाएं बातचीत के जरिए लोगों को फुसलाती थीं और उन्हें मिलने के लिए बुलाती थीं. तभी गिरोह के दूसरे सदस्य चोरी-छुपे इस मुलाकात की आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लेते थे.  ब्लैकमेलिंग के जरिए वसूलते थे पैसे रावत ने बताया कि आरोपी इन वीडियो को वायरल करने की धमकी या उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देते थे और लोगों से लाखों रुपये वसूल करते थे. उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है.

शरद पवार की तबीयत में गिरावट, अस्पताल में कराया गया भर्ती

 पुणे एनसीपी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार की तबीयत सोमवार को अचानक बिगड़ गई है. शरद पवार को बारामती से पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक ले जाया जा रहा है. शरद पवार के कार्यालय ने जानकारी दी है कि उन्हें बुखार और खांसी की शिकायत है. सोमवार को बारामती तालुका के काठेवाड़ी में दिवंगत नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की तेरहवीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है. शरद पवार और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को इस समारोह में शामिल होना था, लेकिन शरद पवार की आज सुबह से ही तबीयत खराब हो गयी. इसकी वजह से वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए. प्राप्त जानकारी के अनुसार शरद पवार को सुबह से ही खांसी, बुखार और जुकाम था, इसलिए डॉक्टरों की एक टीम सुबह ही बारामती के गोविंदबाग स्थित उनके आवास पर पहुंच गई थी. डॉक्टरों ने शरद पवार की नियमित जांच की. इसके बाद, डॉक्टरों की एक टीम दोपहर में शरद पवार की दोबारा जांच करने गई. पुणे के रूबी अस्पताल में किया जाएगा भर्ती शरद पवार को पुणे के रूबी अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला किया गया है. कुछ मिनट पहले शरद पवार पुणे के लिए रवाना हुए. उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले भी उनके साथ हैं. शरद पवार के काफिले में एक एम्बुलेंस भी है. शरद पवार जल्द ही पुणे पहुंचेंगे. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा. उनका आगे का इलाज पुणे के रूबी अस्पताल में होगा. परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि शरद पवार को लगातार खांसी और कफ की दिक्कत हो रही है, जिससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है. उन्होंने प्रोटेक्टिव मास्क पहना हुआ था और मेडिकल सपोर्ट स्टैंडबाय पर था. पिछले कुछ दिनों से पवार की तबीयत ठीक नहीं माना जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से शरद पवार की सेहत ठीक नहीं रही है. बीमारी की वजह से वह पिछले दो-तीन महीनों से ज्यादातर सार्वजनिक कार्यक्रम से दूर रहे थे, लेकिन अपने भतीजे और अजीत पवार की अचानक मौत के बाद उन्होंने पार्टी वर्कर्स और आम लोगों से मिलना फिर से शुरू कर दिया. पिछले हफ्ते, उन्होंने लगातार तीन दिन कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में बिताए, जहां अजीत पवार रहते थे, जहां पार्टी लीडर्स और शुभचिंतक शोक जताने के लिए इकट्ठा हुए थे. माना जा रहा है कि पिछले आठ दिनों से बारामती में लगातार आने वालों की वजह से वह थक गए थे. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब राज्य भर में डिस्ट्रिक्ट काउंसिल और पंचायत चुनाव के नतीजे घोषित होने के साथ पॉलिटिकल एक्टिविटी बढ़ गई है.

शिवराज सिंह चौहान का आश्वासन: किसानों का ध्यान रखते हुए भारतीय मसालों को मिलेगा नया बाजार

भोपाल  भारत-अमरीका ट्रेड डील पर डेयरी और कृषि उत्पादों को लेकर कई दिन से तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं। इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में प्रेसवार्ता कर खेती-किसानी से जुड़े मामले पर बात रखी। कहा कि यह समझौता किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है। भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमरीका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा, लेकिन अमरीकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में यह छूट नहीं मिली है। भारत के कृषि और डेयरी के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, अमरीका ने कृषि क्षेत्र के कई उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती की है। जो टैरिफ पहले 50 प्रतिशत तक था, उसे घटाकर शून्य कर दिया है। विदेशी कृषि उत्पादों को देना होगा टैरिफ शिवराज ने कहा कि हमारे मसालों को अमरीका में भी नया और बड़ा बाजार मिलेगा। भारत पहले से ही मसालों के वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति रखता है। दुनिया के करीब 200 स्थानों पर भारत मसाले और मसालों के उत्पाद निर्यात करता है। इस समझौते से मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी।  अगर विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आते हैं तो उन्हें टैरिफ देना होगा। हमारे किसानों को पूरी छूट प्राप्त है। यही इस डील की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम और कुछ अनाज में टैरिफ शून्य रहेगा। अमरीका के लिए नहीं खोले द्वार शिवराज ने कहा कि ऐसा कोई भी उत्पाद समझौते में शामिल नहीं है, जिससे हमारे किसानों को नुकसान हो। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है। प्रमुख अनाज, प्रमुख फल और डेयरी उत्पादों के लिए अमरीका के लिए द्वार नहीं खोला गया है।