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राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर साइन क्यों नहीं किया

 नई दिल्ली विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है. अब विपक्षी ने लोकसभा सेक्रेटरी जनरल को बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंप दिया है. इसमें कांग्रेस, DMK, समाजवादी पार्टी जैसे दलों के करीब 120 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के नोटिस पर साइन किए हैं. लोकसभा के महासचिव को सौंपे गए नोटिस के बाद ओम बिरला ने खुद को सदन की कार्यवाही के संचालन से अलग कर लिया है और मंगलवार को वह सदन की कार्यवाही का संचालन करने आसन पर नहीं आए. अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी ने हस्ताक्षर नहीं किया है. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि संसदीय लोकतंत्र की गरिमा को देखते हुए विपक्ष के नेता के द्वारा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर करना ठीक नहीं है. विपक्ष ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया. बिरला ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं को बोलने से रोका था. विपक्ष ने नोटिस में कहा है कि सदन में स्पीकर की टिप्पणी से कांग्रेस सदस्यों पर साफ़ तौर पर झूठे आरोप लगे. अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर से TMC का इनकार संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में लगातार गतिरोध देखने को मिल रहा है. विपक्ष का आरोप है कि राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है. इसके चलते कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियां लोकसभा स्‍पीकर ओम बिरला से बेहद नाराज हैं. यही कारण है कि विपक्षी पार्टियां उनके खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाने जा रही है. हालांकि इस बार विपक्ष बंटा हुआ नजर आ रहा है. विपक्ष की सबसे प्रमुख पार्टियों में से एक तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा अध्‍यक्ष के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर हस्‍ताक्षर नहीं किए हैं. तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि ब्रह्मास्‍त्र का इस्‍तेमाल पहले क्‍यों किया जाए.  लोकसभा अध्‍यक्ष के खिलाफ जब पूरा विपक्ष एकजुट नजर आ रहा है, तृणमूल कांग्रेस ने अलग रुख अपनाया है. टीएमसी ने स्‍पीकर के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर हस्‍ताक्षर नहीं किए हैं. इसे लेकर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने सफाई दी है. स्‍पीकर को साझा चिट्ठी लिखनी चाहिए थी: बनर्जी  उन्‍होंने एनडीटीवी से कहा कि हमारी राय में पहले विपक्ष को अपनी मांगों को लेकर स्पीकर को एक साझा चिट्ठी लिखनी चाहिए थी और तीन दिनों का समय देना चाहिए था.  पहले ही ब्रह्मास्‍त्र का इस्‍तेमाल क्‍यों करें: बनर्जी  उन्‍होंने कहा कि अगर कोई कार्रवाई नहीं होती तो फिर तीन दिन बाद अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देना चाहिए था, तब टीएमसी भी इसमें साथ देती. उन्‍होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव आखिरी कदम है, पहले ही ब्रह्मास्त्र का इस्तेमाल क्यों करें. अभिषेक बनर्जी चाहे कोई भी तर्क दें, लेकिन इससे संदेश ठीक नहीं है. जानकार कहते हैं कि विपक्षी एकता की बात करने वाले इंडिया गठबंधन के दलों के बीच इस तरह की स्थिति बताती है कि ऐसे मतभेद सामूहिक प्रयासों को ही कमजोर करते हैं.  विपक्ष क्यों लेकर आई अविश्वास प्रस्ताव विपक्षी नेताओं का आरोप है कि स्पीकर सदन में पक्षपाती रवैया अपनाते हैं। विपक्ष की आवाज को दबाया जाता है। प्रियंका गांधी ने कहा कि स्पीकर साहब का खुद निरादर किया गया है। स्पीकर साहब पर दबाव है कि उनको खुद बयान देना पड़ रहा है जो सही नहीं है। सवाल ही नहीं उठता कि पीएम पर कोई हमला करे। सरकार द्वारा उन पर दबाव डाला गया है इसलिए उन्होंने ये कहा है क्योंकि उस दिन पीएम मोदी की हिम्मत नहीं हुई सदन में आने की। इसलिए स्पीकर सफाई दे रहे हैं, ये गलत बात है। 'बहुत ही जरूरी कदम…' कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर बी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "विपक्ष ने संवैधानिक मर्यादा में अपना भरोसा रखा है. माननीय स्पीकर का पर्सनल सम्मान करते हुए भी, हम विपक्षी MPs को पब्लिक इंपॉर्टेंस के मुद्दे उठाने का मौका लगातार न देने से दुखी और परेशान हैं. कई सालों के बाद, स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस नोटिस दिया गया है. यह एक बहुत ही जरूरी कदम है."

‘बस्तर पंडुम’ बस्तर की बदली पहचान का सशक्त प्रतीक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ बस्तर को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में आयोजित बस्तर पंडुम को बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य उत्सव बताते हुए इससे जुड़े सभी सहभागियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक समय बस्तर का नाम आते ही माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी, लेकिन आज परिस्थितियाँ पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब बस्तर शांति, विकास और स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कामना की कि बस्तर का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव से परिपूर्ण हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन से बस्तर आज सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास के सशक्त प्रतीक के रूप में अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजन जनजातीय परंपराओं, लोक-संस्कृति और विरासत को सहेजने के साथ-साथ शांति, विश्वास और समावेशी प्रगति का प्रभावी संदेश देते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर के जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका के अवसरों के विस्तार से क्षेत्र में भरोसे और सहभागिता का नया वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनजातीय समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ बस्तर को शांति, समृद्धि और विकास की नई ऊँचाइयों तक निरंतर अग्रसर करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

60 जवानों को समय से पहले प्रमोशन, मध्य प्रदेश के बालाघाट में बनेगा अमर जवान ज्योति

 बालाघाट मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को बालाघाट में आयोजित एक कार्यक्रम में नक्सली मुठभेड़ों में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले 60 जवानों को नियमों से हटकर पदोन्नति प्रदान की। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्य की शांति और सुरक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को अमर जवान ज्योति पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री यादव ने बालाघाट जिले में आईएसओ मानकों के अनुसार विकसित किए गए 32 थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों का रिमोट से उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हॉक फोर्स और पुलिस कर्मियों के साथ दोपहर का भोजन भी किया। नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बालाघाट नाम में ही शक्ति निहित है। अपने दृढ़ संकल्प से इस जिले ने यह साबित कर दिया है कि नक्सलवाद जैसी हिमालयी चुनौती का भी अंत किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया गया। मध्य प्रदेश पुलिस ने प्रभावी अभियान चलाकर नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और राज्य में लाल सलाम को अंतिम विदाई दी। मध्य प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने में हॉक फोर्स के बहादुर जवानों की भूमिका वाकई सराहनीय है। बालाघाट कभी नक्सलियों के खून-खराबे का अड्डा हुआ करता था, लेकिन सुरक्षा बलों की बहादुरी, पुलिस के दृढ़ संकल्प और जनता के भरोसे ने मिलकर इस क्षेत्र को नक्सली आतंक की जंजीरों से मुक्त कराया। राज्य सरकार अमर जवान ज्योति के जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है। हम गर्व से कह सकते हैं कि मध्य प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त है। नक्सल प्रभावित 250 विद्यालयों का जीर्णोद्धार उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था कर रही है कि नक्सलियों को दोबारा पैर जमाने का मौका कभी न मिले। बालाघाट जिले में नक्सल प्रभावित 250 विद्यालयों का जीर्णोद्धार किया गया है। स्थानीय नागरिकों के लिए एकल-खिड़की सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि आदिवासी समुदायों को वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए शिविरों का आयोजन किया गया है। बालाघाट में अमर जवान ज्योति बनेगा मुख्यमंत्री ने इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष घोषित करते हुए महाकौशल क्षेत्र के बालाघाट में कृषि मंत्रिमंडल की बैठक की घोषणा की। बालाघाट में अमर जवान ज्योति नक्सल मुक्त अभियान की स्मृति के रूप में स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता के लिए पुलिसकर्मियों को बधाई दी।

महेंद्र कौर मानहानि केस: कंगना रनोट आज बठिंडा कोर्ट में होंगी पेश, पासपोर्ट जमा करने पर हो सकता है विचार

बठिंडा बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट आज बठिंडा जिला कोर्ट में पेश होंगी। यह पेशी माता महेंद्र कौर द्वारा दायर मानहानि मामले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। आज की सुनवाई में कंगना रनौत के पासपोर्ट जमा करवाने पर विचार किया जा सकता है।  यह मामला दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस समय कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट डाली थी। इस पोस्ट में उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि धरने पर महिलाएं 100-100 रुपये लेकर आती हैं। बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया निवासी बेबे महिंदर कौर ने इस टिप्पणी को लेकर कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। कंगना रनौत ने कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को खत्म करने की अपील की थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार नहीं किया।

गिरवानी और कन्हर एनीकट के लिए 7.69 करोड़ स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बलरामपुर रामानुजगंज जिले के अंतर्गत दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 7.69 करोड़ की राशि स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत कार्यो में विकासखण्ड-रामचंद्रपुर की रामानुजगंज शहर के कन्हर एनीकट के जीर्णोद्धार व घाट निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 11 लाख 87 हजार  रुपये स्वीकृत किये गये है।  योजना के निर्माण से भू-जल संवर्धन निस्तारी एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी। इसी तरह से विकासखण्ड-रामचंद्रपुर की गिरवानी नदी एनीकट योजना के निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 57 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना से जल संवर्धन निस्तारी, पेयजल एवं आवागमन के साथ किसानों द्वारा स्वयं के साधनो से 75 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों को कराने मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई हैं।

बांग्लादेश चुनाव: प्रधानमंत्री कौन बनेगा? सर्वे में इशारा, भारत विरोधी जमात की स्थिति कमजोर

ढाका  बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले माहौल काफी गर्म हैं। इस बार बांग्लादेश में भारत विरोधी ताकतें भी चुनाव में पूरा जोर लगा रही हैं। वहीं अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवामी लीग को बैन कर दिया गया है। अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस की अगुआई में अंतरिम सरकार चल रही है। वहीं अब उम्मीद है कि बांग्लादेश को पूर्णकालिक प्रधानमंत्री मिल जाएगा। किसके बीच है मुकाबला इस बार बांग्लादेश में मुख्य मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की अगुआई वाली बीएनपी और कट्टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के बीच है। जमात-ए-इस्लामी का प्रमुख मुद्दा ही अल्पसंख्यकों और भारत के विरोध में रहता है। वहीं बीएनपी का अजेंडा भी भारत के समर्थन में कभी नहीं रहा है। क्या कहता है चुनाव पूर्व का सर्वे बांग्लादेश के अखबार प्रथोमोलो ने इस चुनाव को लेकर सर्वे करवाया है। इसके मुताबिक बीएनपी को 200 से ज्यादा सीटें मिल सकती हैं और तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री हो सकते हैं। तारिक रहमान लंबे समय के बाद ब्रिटेन से बांग्लादेश लौटे है। सर्वे के मुताबिक बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) पूर्ण बहुतम मिल सकता है। वहीं भारत विरोधी जमात की हालत बहुत अच्छी नहीं है। हालांकि वह विपक्ष की भूमिका अदा कर सकता है। जमात-ए-इस्लामी शफीकुर्रहमान के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है। सर्वे में बताया गया है कि बीएनपी 200 से ज्यादा सीटें जीत सकती है वहीं, जमात-ए-इस्लामी 50 के आसपास सीटें जीत सकता है। बांग्लादेश की जातीय पार्टी के खाते में 3 सीटें जा सकती हैं। बाकी सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में जाने का अनुमान है। बता दें कि बांग्लादेश की संसद निर्वाचिन के लिए कुल सीटों की संख्या 350 है। 300 सदस्यों को जनता चुनती है और 50 सदस्यों का सीधा निर्वाचन होता है। भारत की तरह बांग्लादेश में भी सांसदों का कार्यकाल पांच साल का होता है। बांग्लादेश में बनेगी किसकी सरकार? सर्वे ने किया इशारा बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव के लिए चुनाव प्रचार थम चुका है. इसके बाद अब कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार प्रचार नहीं कर सकेगा. मतदान संसद की कुल 300 में से 299 सीटों पर होगा. एक सीट पर चुनाव नहीं हो रहा है. इसके साथ ही मतदाता जुलाई चार्टर पर एक जनमत संग्रह में भी हिस्सा लेंगे. इस चुनाव के लिए भारत ने कोई चुनाव पर्यवेक्षक नहीं भेजा है. वहीं अवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी गई है, जिसका विरोध शेख हसीना कर रही हैं. बांग्लादेश में चुनाव प्रचार 22 जनवरी से शुरू हुआ था. इस दौरान 299 सीटों के लिए 1,981 उम्मीदवार मैदान में हैं और करीब 12.7 करोड़ पंजीकृत मतदाता वोट डालेंगे. चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से दो बड़े गठबंधनों के बीच माना जा रहा है. एक तरफ तारिक रहमान के नेतृत्व वाला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) गठबंधन है, जिसे 33 से 35 फीसदी समर्थन अकेले ही मिलने का अनुमान है. दूसरी तरफ जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के नेतृत्व वाला 11 दलों का गठबंधन है, जिसे 30 से 34 फीसदी समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है. सबसे बुरी खबर तो जमात-ए-इस्लामी के लिए है. निकल गई जमात-ए-इस्लामी की अकड़ अन्य सर्वे क्या कहते हैं? हालांकि एक अन्य सर्वे में मुकाबला काफी करीबी बताया गया है. इस सर्वे के मुताबिक बीएनपी गठबंधन को 44.1 फीसदी और जमात गठबंधन को 43.9 फीसदी वोट मिल सकते हैं. इसमें कहा गया है कि जमात गठबंधन 105 सीटों और बीएनपी गठबंधन 101 सीटों पर जीत दर्ज कर सकता है. चुनाव के नतीजे 13 फरवरी को घोषित किए जाएंगे. चुनाव के साथ ही जनमत संग्रह भी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने अपने देश के लोगों से 12 फरवरी को आम चुनावों के साथ-साथ होने वाले जनमत संग्रह में 'हां' में वोट देने और उनके प्रस्तावित सुधार पैकेज का समर्थन करने की जोरदार अपील की। यूनुस ने सोमवार देर रात वरिष्ठ सचिवों और शीर्ष नौकरशाहों को संबोधित करते हुए कहा, ''यदि जनमत संग्रह के दौरान 'हां' में अधिक वोट मिलते हैं तो बांग्लादेश के भविष्य का निर्माण अधिक सकारात्मक तरीके से होगा।'' यूनुस ने कहा कि जनमत संग्रह के दौरान यदि लोग 'हां' में वोट करते है तो इससे ''कुशासन'' दूर करने में मदद मिलेगी। यूनुस का प्रशासन जटिल 84-सूत्रीय सुधार पैकेज को लेकर जनता का समर्थन हासिल करने के लिए पिछले कई हफ्तों से सक्रिय अभियान चला रहा है।

बसनारा और पहिया जलाशय योजना के लिए 5.61 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा सूरजपुर जिले की दो जलाशय योजनाओं के कार्यों के लिए 5 करोड़ 61 लाख 51 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। स्वीकृत कार्यों में विकासखण्ड-ओड़गी की बसनारा जलाशय का मरम्मत (जीर्णोद्वार) कार्य के लिए एक करोड 26 लाख 66 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है।  योजना के प्रस्तावित कार्यो के पूर्ण हो जाने से रूपांकित सिंचाई क्षमता 60 हेक्टेयर के विरूद्ध 30 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसी तरह विकासखण्ड प्रतापपुर की पहिया जलाशय योजना के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 34 लाख 85 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के निर्माण से 100 हेक्टेयर खरीफ एवं 30 हेक्टेयर रबी सहित कुल 130 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा होगी। सिंचाई योजनाओं के कार्य पूर्ण कराने मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

आशा ने 2500Km की साइकल यात्रा पूरी की, आर्मी डे पर शुरू कर नारी शक्ति का दिया संदेश

राजगढ़ राजगढ़ जिले की रहने वाली साइक्लिस्ट आशा मालवीय ने अपनी भारत यात्रा के तहत लगभग 2550 किलोमीटर का सफर पूरा कर लिया है। बीती रात वह जयपुर, राजस्थान से गुजरात यात्रा करते हुए पीथमपुर पहुंचीं, जहां उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वे महू के लिए रवाना हुईं। आशा मालवीय ने यह यात्रा आर्मी डे 15 जनवरी के अवसर पर जयपुर से शुरू की थी। उनकी कुल यात्रा 7500 किलोमीटर की है, जो जयपुर से अरुणाचल प्रदेश तक जाएगी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य नारी शक्ति, देशभक्ति और अदम्य साहस का संदेश देना है। मालवीय ने जानकारी दी कि वर्तमान यात्रा से पहले भी वह लगभग 60 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्राएं कर चुकी हैं। वह एक एथलीट भी रह चुकी हैं। पुलिस ने प्रोटोकॉल के तहत सीमा तक छोड़ा पीथमपुर के सेक्टर एक थाना क्षेत्र में संजय जलाशय चौकी प्रभारी अजय भदौरिया, सहायक उप निरीक्षक राजेश चौहान और हेड कांस्टेबल मंजीत सिंह ने आशा मालवीय की आगवानी की। सेक्टर एक थाना पुलिस ने उन्हें प्रोटोकॉल के तहत अपनी सीमा से विदा किया और उनके साहस की सराहना की। किशनगंज थाना पुलिस के उप निरीक्षक सखाराम जामोद, सहायक उप निरीक्षक सुरेश यादव और हेड कांस्टेबल आशीष पारिख ने उन्हें महू के लिए रवाना किया। जहां वो रात रुकेंगी।

ग्वालियर कलश यात्रा में भगदड़, हादसे में महिला की मौत, कई लोग घायल

ग्वालियर  ग्वालियर में नवग्रह पीठ मंदिर पर चल रहे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान कलश यात्रा में बड़ा हादसा हो गया. यात्रा में शामिल दो महिलाएं बुरी तरह घायल हो गईं जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है. घायलों में रति साहू, विमला और कला बाथम शामिल हैं. सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है. जानकारी के अनुसार पूर्व गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा नवग्रह मंदिर पर प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन करा रहे थे. इसी कार्यक्रम के तहत कलश यात्रा निकाली गई थी जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे. यात्रा के दौरान किसी कारणवश हादसा हो गया जिससे महिलाएं घायल हो गईं. मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग चिल्लाने-चिल्लाने लगे. आयोजन समिति और प्रशासन ने तुरंत घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया और उनका इलाज शुरू कराया. पुलिस और प्रशासन ने घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति संभाली. नवग्रह पीठ पर प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 20 फरवरी तक चलेगा जिसमें विभिन्न अनुष्ठान और पूजा-अर्चना होंगे. घटना के बाद श्रद्धालुओं में चिंता है लेकिन आयोजकों ने कहा कि सुरक्षा के सभी इंतजाम हैं और आगे ऐसी घटना नहीं होने दी जाएगी. पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: 6,412 जोड़ें आज होंगे शादी के बंधन में, मुख्यमंत्री साय देंगे आशीर्वाद

रायपुर  छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी को सामाजिक समरसता और जनकल्याण का बड़ा दृश्य देखने को मिलेगा. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधेंगे. राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे. यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है. राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सुबह 11 बजे से भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां 1,316 जोड़े विभिन्न धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे. कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अध्यक्षता करेंगे, जबकि उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे, जबकि अन्य जिलों में जिला मुख्यालयों पर सामूहिक विवाह आयोजित किए जाएंगे. नवविवाहित जोड़ों को दिया जाएगा आर्थिक सहयोग योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 35 हजार रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में दी जाएगी. इसके अलावा 15 हजार रुपये की उपहार सामग्री और विवाह आयोजन की अन्य व्यवस्थाएं भी सरकार द्वारा की जाएंगी. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलती है और सामाजिक गरिमा के साथ बेटियों का विवाह संभव हो पाता है. हर धर्म, हर समाज की होगी भागीदारी इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सामाजिक विविधता भी दिखाई देगी. कुल विवाहों में से 6,281 हिंदू रीति रिवाज से, 3 इस्लामिक रीति रिवाज से, 113 ईसाई रीति रिवाज से, 5 बौद्ध रीति रिवाज से कराए जाएंगे. इसके अलावा, 10 बैगा समुदाय के जोड़े भी इस कार्यक्रम में शादी के बंधन में बंधेंगे. यानी यह आयोजन सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी देगा. इन जिलों के जोड़े कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़ेंगे इस कार्यक्रम से बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़ेंगे। शेष जिलों में जिला मुख्यालयों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संबंधित प्रभारी मंत्री एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से राज्य शासन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान कर रहा है। यह वृहद आयोजन सामाजिक समानता, समरसता एवं जनकल्याणकारी शासन के प्रति राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है। कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी होगा शुभारंभ इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का भी शुभारंभ करेंगे. पहले चरण में 6 माह से 52 माह आयु वर्ग के 40 हजार कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पोषण सहायता दी जाएगी. इस अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिलों से होगी. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता, सम्मान और सुरक्षित भविष्य का संदेश देती है. एक ही मंच पर हजारों जोड़ों का विवाह राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच को दर्शाता है, वहीं कुपोषण मुक्त अभियान भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ बनाने की दिशा में अहम कदम है. छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी का दिन सामाजिक उत्सव और जनहित योजनाओं के संगम के रूप में याद किया जाएगा.