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Air India क्रू सदस्य के साथ दोस्त ने की रेप की कोशिश, पुलिस ने दर्ज किया केस

गुड़गांव  नामी चार सितारा होटल में एयर इंडिया की महिला क्रू सदस्य के साथ उनके ही दोस्त द्वारा बदसलूकी और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, 28 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि वह दिल्ली में एयर इंडिया में केबिन सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है और पति सेना में तैनात है। सात फरवरी को वह अपने दोस्त के साथ किसी आधिकारिक काम के सिलसिले में कार से देहरादून के लिए निकली थी। पीड़िता के अनुसार रास्ते में दोस्त ने 250 किलोमीटर तक गाड़ी गलत दिशा में चलाई, जिसके बाद वे वापस बुलंदशहर पहुंचे।   अत्यधिक थकान होने के कारण पीड़िता ने गुड़गांव में रुकने का फैसला किया और दोस्त के साथ चार सितारा होटल में रुकी। पीड़िता का कहना है कि दोस्त के पास पैसे न होने के कारण उसने इंसानियत के नाते उसे अपने कमरे में रुकने की अनुमति दी थी। आरोप है कि कुछ समय बाद संजीव ने महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, उसे गलत तरीके से छुआ और उसे निर्वस्त्र करने का प्रयास किया । घटना के बाद पीड़िता ने गुड़गांव पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए लीगल एडवाइजर को बुलाकर पीड़िता की काउंसलिंग कराई। काउंसलिंग और प्राथमिक तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस  की धारा 74 और 76 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।  

बाथरूम में मिला एमबीबीएस छात्रा का शव, एसिड की बोतल मिलने से मचा हड़कंप

भोपाल  भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा की मंगलवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा का शव कोहेफिजा क्षेत्र स्थित एक निजी छात्रावास में रह रही थी। उसकी लाश छात्रावास के बाथरूम में मिला। घटनास्थल के पास एसिड की खाली बोतल मिलने से आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।  कोहेफिजा थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला ने बताया कि अलीराजपुर निवासी 19 वर्षीय रोशनी ने अक्तूबर माह में गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। वह कोहेफिजा इलाके में एक घर में पेइंग गेस्ट के रूप में रह रही थी। बताया जा रहा है कि पढ़ाई ठीक से समझ में न आने के कारण वह लगातार तनाव में थी और सहपाठियों से भी अपनी परेशानी साझा करती रहती थी। मंगलवार सुबह जब रोशनी तय समय पर कॉलेज जाने के लिए कमरे से बाहर नहीं निकली, तो साथ रहने वाली छात्राओं को चिंता हुई। कई बार आवाज देने और फोन करने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पीजी के गार्ड को सूचना दी गई। दरवाजा तोड़कर जब बाथरूम खोला गया, तो रोशनी वहां बेसुध पड़ी मिली। पास ही एक खाली एसिड की बोतल भी मिली। घटना की जानकारी तत्काल कॉलेज प्रबंधन को दी गई। रोशनी को सुबह करीब 8:30 बजे हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। हाल ही में घर से लौटी थी छात्रा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रोशनी एक सप्ताह पहले ही घर से लौटकर आई थी। वह शांत और गंभीर स्वभाव की थी। पुलिस को छात्रा के मोबाइल फोन से परिजनों को भेजे गए कुछ संदेश मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वह पढ़ाई को लेकर मानसिक दबाव में थी और मेहनत के बावजूद विषय समझ नहीं पा रही थी। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल की मरच्यूरी भेज दिया गया है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। कोहेफिजा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। प्राथमिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि पढ़ाई के तनाव के चलते छात्रा ने यह कदम उठाया, हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही निष्कर्ष निकाला जाएगा।  

महाकाल वन मेला “समृद्ध वन, खुशहालजन थीम पर 11 से 16 फरवरी तक

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में बुधवार को शाम 4 बजे दशहरा मैदान, सेठी नगर उज्जैन में वन मेले का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एम.एफ.पी. पार्क द्वारा निर्मित प्राकृतिक "होली रंग गुलाल'' एवं "महाकाल स्मृति उपहार'' का विमोचन करेंगे। साथ ही वन विभाग की एक नवीन पहल "महाकाल वन प्रसादम'' का भी शुभारंभ करेंगे। महाकाल वन मेला "समृद्ध वन, खुशहालजन'' थीम पर आधारित होगा, जो 11 से 16 फरवरी 2026 तक चलेगा। महाकाल की नगरी उज्जैन में वन मेले का आयोजन पहली बार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन विभाग की प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन करेंगे। साथ ही वन मंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, जिला यूनियन दक्षिण पन्ना एवं वन रक्षक, जिला यूनियन दक्षिण पन्ना को प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में वन, पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप सिंह अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन एवं प्रशासक, मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ  अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  व्ही.एन. अंबाडे और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा उपस्थित रहेंगे। मेले में प्रदेश के वनवासियों द्वारा एकत्र की जाने वाली अकाष्ठीय वनोपज के प्रदर्शन, संरक्षण, संवर्धन, प्रसंस्करण एवं विपणन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मेले का आयोजन किया जा रहा है। वन मेला प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता के वैभव को प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है। अकाष्ठीय वनोपज संग्राहक, वन धन केन्द्रों, प्राथमिक लघु वनोपज समितियाँ, व्यापारीगण, हर्बल और आयुर्वेदिक उद्योग के प्रतिनिधि इस आयोजन में भाग लेंगे और अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे। वनों में उपलब्ध अकाष्ठीय वनोपज व्यापक तौर पर ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रदेश में अकाष्ठीय वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। वन मेले में लगभग 250 भव्य एवं आकर्षक स्टॉल्स लगाये जा रहे हैं, जिसमें 16 स्टॉल्स विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी के लिये, 76 स्टॉल्स प्राथमिक लघु वनोपज समितियों एवं वन धन केन्द्रों के लिये, एक भव्य स्टॉल विंध्य हर्बल्स के लिये, 5 स्टॉल्स लघु वनोपज के जीवंत प्रदर्शन के लिये, ओपीडी (नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श) के लिये 50 स्टॉल्स आरक्षित रखे गये हैं। इसके अलावा 76 स्टॉल्स निजी क्षेत्र के स्टॉल धारकों के लिये और 16 स्टॉल्स फूड जेन के लिये रखे गये हैं। मेले में किड्स जोन, व्हील चेयर्स, गोल्फ कार्ट, सिटिंग एरिया, वॉटर पाइंट, सेल्फी पाइंट की सुविधाएँ भी आगंतुकों को उपलब्ध रहेंगी। मेले में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, आयुर्वेर्दिक डॉक्टर्स एवं परम्परागत वैद्यों द्वारा नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श, ज्ञानवर्धक सांस्कृतिक कार्यक्रम और परम्परागत भोज्य पदार्थों की उपलब्धता रहेगी। वन मेले में चीता परिवार एवं डायनासोर का विशाल स्कल्पचर, वरिष्ठ नागरिकों के लिये व्हील-चेयर एवं गोल्फ कॉर्ट की सुविधा, ओपीडी में उपचार कराने वाले लोगों के लिये पृथक से बैठक व्यवस्था, महाकाल मंदिर से मेला परिसर तक नि:शुल्क बस सुविधा, बच्चों के लिये आकर्षक एवं मजेदार किड्स जोन की सुविधा, फूड जोन में बाँधवगढ़ का गोंडी व्यंजन, छिंदवाड़ा का वन भोज रसोई और अलीराजपुर का दाल पानिया आकर्षण का विशेष केन्द्र रहेगा।  

जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने राजस्व मंत्री श्री वर्मा से की मुलाकात

भोपाल  जल संसाधन मंत्री से तुलसीराम सिलावट ने मंगलवार को राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा के निवास पर जाकर उनसे मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने जल संरचनाओं के आसपास, विशेष रूप से बेतवा नदी के कैचमेंट एरिया एवं पेड़ों का संरक्षण और जल स्रोतों की सुरक्षा आदि विषयों पर चर्चा की। मंत्रीद्वय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंध में स्थल निरीक्षण कर तत्परता के साथ कार्रवाई करें और एक सप्ताह के अंदर निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करें.  

झारखंड वेदर अलर्ट: कोहरे-बादलों के बीच 14 फरवरी तक सख्ती

रांची  झारखंड में अब कड़ाके की ठंड की विदाई हो चुकी है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 फरवरी तक राज्य के मध्य, दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में सुबह के वक्त हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा। 10 से 12 फरवरी के बीच कुछ जिलों में बादलों की आवाजाही रह सकती है, लेकिन बारिश की कोई उम्मीद नहीं है। तापमान की बात करें तो चाईबासा राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहाँ तापमान 31.8°C दर्ज किया गया। वहीं गुमला में न्यूनतम तापमान 6.2°C रिकॉर्ड हुआ। जबकि राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। उत्तर और मध्य झारखंड में दिन का तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि दक्षिणी जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान है। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है। मौसम शुष्क रहने के कारण यह समय कृषि कार्यों के लिए बेहद अनुकूल है। हालांकि, सुबह और शाम हल्की ठंड बरकरार रहेगी, इसलिए स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

हरित पहल को बढ़ावा: वन विकास निगम–एनएमडीसी बचेली के बीच 50 हजार पौधों के रोपण का समझौता

रायपुर. वन विकास निगम और एनएमडीसी बचेली के बीच 50 हजार पौधारोपण का अनुबंध पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना और जैव विविधता का संरक्षण करना है। इसके माध्यम से वायु की गुणवत्ता सुधारना, मिट्टी के कटाव को रोकना, ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाना और सतत विकास के द्वारा भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ व संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करना है। पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से वन विकास निगम एवं एनएमडीसी बचेली के बीच विगत 13 जनवरी  को 50 हजार पौधों के रोपण हेतु अनुबंध हुआ है।                इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में हरियाली बढ़ाना, पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना तथा स्थानीय जैव विविधता का संरक्षण करना है। वन विकास निगम वर्ष 2005 से एनएमडीसी के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार पौधारोपण कार्य कर रहा है। अब तक निगम द्वारा कुल 15 लाख 37 हजार पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली है और क्षेत्र में हरित क्षेत्र का विस्तार हुआ है। यह पौधारोपण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा पौधों की देखरेख और संरक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें।              गौरतलब है कि इस अभियान के लिए वन मंत्री  केदार कश्यप ने वन विकास निगम की सराहना की है। उनका मानना है कि इस अभियान से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। पौधरोपण, देखरेख और संरक्षण कार्यों में स्थानीय श्रमिकों की भागीदारी से ग्रामीणों की आय में वृद्धि होने की संभावना है।  एनएमडीसी बचेली द्वारा यह पहल कंपनी की सामाजिक दायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के अंतर्गत की जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय विकास और आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सामुहिक विवाह में वर्चुअल रूप से जुड़कर नव विवाहितों को दिया आशीर्वाद

रायपुर. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिला सम्मान और सहारा– उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सामाजिक रिती-रिवाजों और अभुतपूर्व उत्साह के साथ कबीरधाम जिले के 272 जोड़े एक साथ सात फेरे लेकर अटूट बंधन में बंध गए। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से जुड़कर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।          सरदार पटेल मैदान में आयोजित इस समारोह में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा शामिल वधुओं के परिजन बनकर शामिल हुए। इस अवसर में उन्होंने बारात का स्वागत करने के साथ सभी को परघाते हुए समधी की तरह सभी का अभिवादन किया। वरों एवं उनके परिजनों का फूल माला के साथ स्वागत करते हुए सभी का गले लगाकर अभिनंदन किया। उन्होंने परिणय सूत्र में बंधकर नए जीवन की शुरुआत करने वाले सभी नवदंपतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में पंडित द्वारा वर-वधुओं को सात वचनों का संकल्प दिलाया गया, जिसके साथ ही विवाह की रस्में संपन्न हुईं। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने मंच पर पहुंचकर सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े को 35-35 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक और सामग्री भेंट किया।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने भी आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से अनेक जोड़े एक साथ विवाह के पवित्र बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की परेशानियों को समझते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत की थी। पहले बेटियों की शादी के लिए परिवारों को कर्ज तक लेना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने उनकी बड़ी चिंता दूर की है। इस पहल से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल मिला है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो रहा है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नवदाम्पत वर एवं वधु को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से आज पूरे सम्मान के साथ कबीरधाम जिले के 272 बेटियों की विवाह पूरे रीति-रिवाज और सामाजिक परंपरा के साथ एक आदर्श विवाह के रूप में संपन्न कराया गया। आज हम सब इस सामुहिक विवाह के साक्षी बने और नवदाम्पत जोड़ों को एक साथ, एक स्थान और एक मंच पर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करने का अवसर भी हम सबकों मिला। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से नवविवाहित जोड़ों को वर्तमान में 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें जीवन की नई शुरुआत में आर्थिक सहारा मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा में रायपुर के बाद सबसे अधिक नवजोड़ों का विवाह एक साथ संपन्न हो रहा है, जो इस जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यहां विवाह का यह आयोजन सार्वजनिक रूप से पूरे परंपरा और रीति-रिवाज के साथ किया जाता है, जिसमें पूरे जिले के लोग मिलकर सहभागिता निभाते हैं और समाज एक परिवार की तरह साथ खड़ा रहता है। उन्होंने नवजोड़ों को संदेश देते हुए कहा कि सुखी जीवन का सबसे बड़ा सूत्र एक-दूसरे को समझना, सम्मान देना और हर परिस्थिति में साथ निभाना है। आचार्यों द्वारा विधि-विधान से विवाह संस्कार संपन्न कराया गया है, अब सभी नवदंपति अपने वचनों को निभाते हुए जीवनभर साथ चलें और अपने परिवार को आगे बढ़ाएं। पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने कहा कि कवर्धा में आयोजित यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक क्षण है, जहां पूरे मंडप को दूल्हा–दुल्हनों से सजा हुआ देखकर अत्यंत खुशी और गर्व का अनुभव हो रहा है।  इस अवसर पर  कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष  बिसेसर पटेल, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू,  मोतीराम चंद्रवंशी,  अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू,  राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  राम कुमार भट्ट,  अनिल ठाकुर,  नितेश अग्रवाल,  मुकेश ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत  संतोष पटेल,  विदेशी राम धुर्वे, सभापति मती सुमित्रा पटेल, जनपद अध्यक्ष कवर्धा मती सुषमा बघेल, बोड़ला मती बालका वर्मा, पडरिया मती नंदनी साहू, सहसपुर लोहारा मती दुर्गा सिंह, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेंद्र साहू, सभापति  राज कुमार मरावी, मती पूर्णिमा साहू, मती दीपा धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य मती गंगा साहू, सदस्य जिला पंचायत  रोशन दुबे, मती राजकुमारी साहू, मती ललिता धुर्वे सहित सभी जनप्रतिनिधि ने नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया। उपमुख्यमंत्री बेटिंयों के अभिभावक बनकर दुल्हों का किया स्वागत सत्कार  मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत अभूतपूर्व उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सरदार पटेल मैदान में सामुहिक विवाह का आयोजन किया गया। कवर्धा शहर के पुरानी मंडी से बैंड और डीजे सहित आतिशबाजी के साथ 272 दुल्हों की सामुहिक बारात निकाली गई। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा, कलेक्टर  गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू बेटियों की तरफ से उनके अभिभावक बनकर दुल्हों और वर पक्ष का महामाया मंदिर के पास माला पहनाकर स्वागत किया। वही वर पक्ष की ओर से नगर पालिका अध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  रामकुमार भट्ट, पूर्व विधायक  सियाराम साहू,  नितेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि बारात में शामिल होकर दुल्हों का आत्मविश्वास बढ़ाया।  बरातियों का छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति ‘डंडा खेल’ और बैंड से हुआ भव्य परघौनी स्वागत छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करते हुए आज सामूहिक विवाह के दौरान छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति देखने को मिली, जहां बरातियों का स्वागत डंडा खेल के जरिए किया गया। पारंपरिक अंदाज में आयोजित इस ’परघौनी’ ने न सिर्फ शादी समारोह को खास बना दिया, बल्कि ग्रामीण संस्कृति की झलक भी पेश की। वर पक्ष का जब बरात पहुंची, तो वधु पक्ष ने डंडा खेल की आकर्षक प्रस्तुति दी। डंडा खेल, जो छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, आमतौर पर शारीरिक चुस्ती और कलात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस खेल के जरिए वधु पक्ष ने बरातियों का स्वागत किया।

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को धमकी भरा मैसेज, करोड़ों की फिरौती मांगी गई

मुंबई मुंबई से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के बाद अब बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह से रंगदारी की मांग की गई है। बताया जा रहा है कि रणवीर सिंह के व्हाट्सएप पर एक वॉइस नोट मिला है, जिसमें उनसे करोड़ों रुपये की फिरौती की मांग की गई है। वहीं, धमकी भरा मैसेज आते ही रणवीर सिंह से ने मुंबई पुलिस को जानकारी दी। धमकी वाले मैसेज की जानकारी मिलते ही पुलिस मामले की जांच तेज कर दी है और अभिनेता के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस यह पता करने में जुटी है कि धमकी भरा मैसेज किसने भेजा है। गौरतलब है कि फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के आवास के बाहर हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना बॉलीवुड की किसी हस्ती के लिए सुरक्षा खतरे का सामना करने का पहला मामला नहीं है। रविवार की तड़के मुंबई के जुहू इलाके में स्थित रोहित शेट्टी के घर के बाहर गोलीबारी हुई, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने ली है। पुणे पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने पुष्टि की है कि हिरासत में लिए गए लोग कथित रूप से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने मुंबई के जुहू क्षेत्र में स्थित नौ मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर रात करीब 12:45 बजे गोलीबारी की। कम से कम पांच गोलियां चलाई गईं, जिनमें से एक गोली इमारत के अंदर स्थित जिम के कांच के सामने वाले हिस्से पर लगी। घटना के बादगिरोह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से हमले की जिम्मेदारी ली। इसके बाद, कथित तौर पर अर्जू बिश्नोई नाम के एक गैंगस्टर ने एक ऑडियो संदेश जारी किया, जिसमें उसने गोलीबारी की जिम्मेदारी ली।  

विदेशी-देसी शादी बनी मिसाल: इटली के युवक ने मुंबई की युवती से रचाई शादी, संस्कृत मंत्रों के साथ

झुंझुनूं  जिले के मंडावा स्थित एक हेरिटेज होटल में 8 फरवरी को इटली के नागरिक माकार्े और मुंबई की जुई वैदिक रीति से विवाह बंधन मेंं बंध गए। शादी में नौ ब्राह्मणों ने संस्कृत मंत्रों के साथ फेरे कराए, जिनका अंग्रेजी में भी अनुवाद किया गया। इटली सहित 13 देशों से आए लगभग 200 मेहमान शादी समारोह के साक्षी बने। शादी दोपहर करीब 3 बजे तक अग्नि के सात फेरे पूरे होने के साथ सम्पन्न हुई। शादी के बाद  रिसेप्शन नहीं रखा गया। रात को ब्रज परंपरा अनुसार फू लों की होली का आयोजन किया गया, जिसमें गुलाल या रंगों के बजाय ताजे फू लों की पंखुड़ियों से होली खेली गई। इस अवसर पर राधा-कृष्ण के जीवन और ब्रज संस्कृति से जुड़े नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिनमें प्रेम और भक्ति का भाव दर्शाया गया। विदेशी मेहमानों को पहले इस परंपरा की जानकारी दी गई, जिससे  वे इसके सांस्कृतिक महत्व को समझ सकें। इसके बाद मेहमानों ने फ ूलों की होली में भाग लिया। समारोह में भारतीय और यूरोपीय संस्कृति का अद्भुत मिश्रण देखा गया। आयोजन को लेकर उपस्थित मेहमान और परिवारजन बेहद खुश और उत्साहित दिखाई दिए। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ब्रज की परंपरा और प्रेमभाव को दर्शाया, जिससे विदेशी मेहमान भारतीय संस्कृति की झलक नजदीक से देख और समझ सके। 

पशुपालन योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय दल

रायपुर. छत्तीसगढ़ में संचालित केन्द्रीय पशुपालन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग, नई दिल्ली द्वारा तीन राष्ट्रीय स्तर के पर्यवेक्षक (नेशनल लेवल मॉनिटर) नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी 9 से 14 फरवरी 2026 तक दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों का दौरा कर योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम और पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति को मौके पर जाकर परीक्षण करेंगे। भ्रमण दल में भारत सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। भ्रमण कार्यक्रम के पहले दिन संचालनालय स्तर पर ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, पशुधन विकास विभाग तथा भारत सरकार के नोडल अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं द्वारा केन्द्र से आए अधिकारियों और नेशनल लेवल मॉनिटर  दल को योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा योजनाओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके बाद भारत सरकार से आए अधिकारी  मुकेश शर्मा,  ने योजनाओं की समीक्षा ।  बैठक में राष्ट्रीय गोकुल मिशन और राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम के तहत प्रदेश स्तरीय नोडल अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण दिया। वहीं पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम और राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य पशुपालकों को समय पर लाभ दिलाना और पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करना है। 1962 कॉल सेंटर का किया निरीक्षण नेशनल लेवल मॉनिटर और भारत सरकार के प्रतिनिधियों ने संचालनालय परिसर में स्थित मोबाइल वेटेनरी यूनिट के कॉल सेंटर 1962 का भी निरीक्षण किया और वहां संचालित सेवाओं की जानकारी ली।