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चुनावी वादों ने खोली जापान की सच्चाई: वह तस्वीर जो दुनिया नहीं देखती

टोक्यो  यह खबर तो आपको भी पता चल गई होगी कि जापान में संपन्‍न हुए हालिया चुनाव में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता सनाए तकाची ने 75.7 फीसदी सीटों पर कब्‍जा जमाकर जीत हासिल की है. यह दूसरे विश्‍व युद्ध के बाद किसी भी जापानी नेता को मिला सबसे बड़ा समर्थन है. इस चुनाव ने न सिर्फ जापान की सत्‍ता को ग्‍लोबल चर्चा का विषय बना दिया, बल्कि दुनिया के सामने जापान की ऐसी तस्‍वीर भी पेश की जिसके बारे में ज्‍यादातर लोगों को पता ही नहीं है. हमें आपको यही लगता होगा कि विकसित देशों की सूची में शामिल जापान आर्थिक प्रगति का रोल मॉडल है, लेकिन इस बार के चुनाव में की गई घोषणाओं ने जापान की पिछड़ी तस्‍वीर भी दुनिया के सामने रखी. दूसरा विश्‍व युद्ध समाप्‍त होने के बाद जापान साल 1960 से 1980 के बीच इकनॉमिक सुपरपॉवर बनकर उभरा. 90 के दशक तक जापान की जीडीपी ग्रोथ जी-7 में शामिल अन्‍य देशों के मुकाबले काफी तेज रही थी. इसके बाद से ही जापान की अर्थव्यवस्‍था पर दबाव बढ़ने लगा और आज तो यह भयंकर आर्थिक संकट में घिर चुका है. 60 से 70 और 70 से 80 के दशक में जापान की जीडीपी ग्रोथ 16.4 फीसदी और 17.9 फीसदी रही थी. साल 2010 से 2024 तक जापान की जीडीपी ग्रोथ शून्‍य से भी 2.4 फीसदी नीचे रही यानी फिलहाल वहां मंदी चल रही है. दुनिया में सबसे ज्‍यादा सरकारी कर्ज जापान इस समय आगे कुआं और पीछे खाई वाली स्थिति में है. एक तो उसकी जीडीपी ग्रोथ माइनस में चल रही है, जबकि सरकारी कर्ज जीडीपी के मुकाबले 230 फीसदी पहुंच गया है. यह दशकों से चले आ रहे घाटे वाले खर्चों का नतीजा है. जापान की नई प्रधानमंत्री सनाए तकाची ने अपने चुनावी वादों में अतिरिक्‍त खर्चों को घटाने और टैक्‍स कम करने का ऐलान किया था. इसके बाद से ही जापान के बॉन्‍ड मार्केट में हलचल बढ़ गई है. फिलहाल बॉन्‍ड यील्‍ड 3.56 फीसदी के साथ रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया है. इसे जापान के लिए डेट क्राइसिस की शुरुआत माना जा रहा है, जो ग्‍लोबल इकनॉमी के लिए जोखिम पैदा कर सकता है. कमजोर मुद्रा बन रही परेशानी जापान की मुद्रा येन भी लगातार कमजोर हो रही है, जो फिलहाल डॉलर के मुकाबले कई साल के निचले स्‍तर पर पहुंच गई है. जापान ने ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की है, जिससे आयात महंगा हो रहा है और महंगाई भी बढ़ रही है. अमेरिका के साथ टैरिफ वॉर की वजह से निर्यात में कमी आ रही और निवेश भी कमजोर पड़ा है. फिलहाल सबकुछ बैंक ऑफ जापान पर निर्भर करता है, जो आने वाले समय के लिए नीतियां निर्धारित करेगा और जापान को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है. गरीबों के लिए चुनावी वादे प्रधानमंत्री सनाए तकाची ने चुनावी वादों में गरीबों और निम्‍न आय वर्ग के लिए कई घोषणाएं की हैं. उनका कदम महंगाई से निपटने और स्थिर मजदूरी और बढ़ते खर्च से निपटने के लिए है. इस कड़ी में पीएम ने खाद्य उत्‍पादों पर 8 फीसदी का कंजप्‍शन टैक्‍स भी दो साल के लिए खत्‍म कर दिया है. इससे गरीब परिवारों के लिए भोजन की लागत कम होगी और उनके जीवन यापन में सुधार आएगा. साथ ही टैक्‍स छूट का दायरा भी बढ़ाए जाने की तैयारी है, ताकि निम्‍न आय वर्ग वालों की बचत को बढ़ाया जा सके.  

बुलडोजर कार्रवाई से उजड़े 10 परिवार, विरोध में रातू रोड पर चक्का जाम

रांची राजधानी रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने मकानों को तोड़े जाने के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। प्रशासन की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों में आक्रोश है और लोग सड़क पर उतरकर विरोध कर रहे हैं। सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के पीछे स्थित खादगढ़ा, महुआ टोली और जयप्रकाश नगर इलाके में मंगलवार को जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 27 कट्ठा सरकारी जमीन पर बने लगभग 10 मकानों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन सरकारी थी और उस पर अवैध कब्जा किया गया था। कोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। अचानक घर टूटने से लोग बेघर हो गए कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों में नाराजगी फैल गई। लोगों का आरोप है कि उन्हें मकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया और न ही रहने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। कई परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे थे और अचानक घर टूटने से वे बेघर हो गए हैं। महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि साल 2020 में करीब 48 डिसमिल जमीन एक आदिवासी रैयत से खरीदी गई थी और इसके बदले करीब डेढ़ करोड़ रुपये दिए गए थे। उनका कहना है कि जमीन की खरीद-बिक्री आपसी सहमति से हुई थी और वे कानूनी रूप से वहां रह रहे थे। हालांकि बाद में जमीन के मूल मालिक ने मामला दर्ज कराया और अदालत से दखल-दिहानी का आदेश ले लिया। रातू रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया बुधवार को बड़ी संख्या में लोग विरोध में सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने रातू रोड कब्रिस्तान के पास टायर जलाकर सड़क जाम कर दी। इससे रातू रोड पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। खबर लिखे जाने तक प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता जारी थी। प्रभावित परिवारों ने कार्रवाई पर रोक, मामले की दोबारा जांच, मुआवजा और पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जमीन के लेन-देन में कोई विवाद था तो इसकी सजा आम लोगों को नहीं मिलनी चाहिए। अधिकारियों ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।  

कुकरैल वन क्षेत्र में नाइट सफारी पार्क की स्थापना के लिए बजट में 207 करोड़ प्रस्तावित

लखनऊ योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में वन-पर्यावरण क्षेत्र का भी विशेष ध्यान रखा। वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार ने 2017 से प्रदेश में अब तक 242.13 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया। आगामी वर्षाकाल-2026 में भी 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य प्रस्तावित है। वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार में किए गए कार्यों की बदौलत उत्तर प्रदेश वनावरण व वृक्षादन में वृद्धि के मामले में देश में द्वितीय स्थान पर रहा है। योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे पौधरोपण अभियान के कारण राज्य को यह गौरव प्राप्त होने का श्रेय है।  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में वन एवं पर्यावरण विभाग का भी जिक्र किया और बताया कि बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। उन्होंने बताया कि पौधशाला प्रबंधन योजना के लिए 220 करोड़ रुपये तथा राज्य प्रतिकारात्मक वन रोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है।  वित्त मंत्री ने बताया कि लखनऊ स्थित कुकरैल वन क्षेत्र में नाइट सफारी पार्क की स्थापना के लिए लगभग 207 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। वहीं रानीपुर बांध फाउंडेशन, चित्रकूट के कॉर्पस फंड के गठन के लिए 50 करोड़ रुपये की भी व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।  परिसंकटमय अपशिष्ट निस्तारण सुविधा, सामूहिक जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण सुविधा एवं ई. वेस्ट रिसाइकिलिंग एंडे ट्रीटमेंट सुविधा की स्थापना कराए जाने की कार्यवाही करायी जा रही है। उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट वर्ष 2025-2026 से 2030-2031 तक क्रियान्वित होना है। यह विश्व बैंक सहायतित मल्टीसेक्टोरल योजना है। इसके लिए 194 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित की गई है।

400 सौ से ज्यादा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों ने दी एक साथ दबिश

निशातपुरा की अमन कॉलोनी से 8 महिलाएं और 31 पुरुष अपराधी गिरफ्तार 17 दोपहिया और 39 मोबाइल समेत लाखों के जेवरात बरामद भोपाल के अलावा दूसरे राज्यों के अपराधी भी लिए हुए थे पनाह भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार के निर्देश पर डीसीपी जोन 4 मयूर खंडेलवाल के मार्गदर्शन में बीती रात 400 से ज्यादा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों एक बार फिर निशातपुरा की अमन कालोनी में एकसाथ दबिश दी। इस दौरान 8 महिलाएं और 31 पुरुष अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 17 दोपहिया वाहन, 39 मोबाइल फोन समेत लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। पकड़े गए बदमाशों ने भोपाल के अलावा दूसरे राज्यों के अपराधी भी शामिल हैं, जो यहां आकर पनाह लिए हुए थे।  जानकारी के अनुसार राजधानी की अमन कालोनी निशातपुरा अपराधियों का गढ़ बना हुआ था। पिछले दिनों पुलिस ने इस इलाके से आधा सैकड़ा बदमाशों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये का चोरी का माल बरामद किया था। पिछले दिनों सूचना मिली कि उक्त कार्रवाई के बाद से यहां फिर से स्थानीय और बाहरी राज्यों के बदमाश आकर ठहरे हुए हैं।  पुलिस की टीम जब भी इलाके में बदमाशों की तलाश में पहुंची तो स्थानीय रहवासी एकजुट होकर पुलिस कार्रवाई का विरोध करते थे। जिसके चलते पुलिस टीम को मजबूरन वापस लौटना पड़ता था। पिछले दिनों पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने इलाके में पहुंचकर स्थानीय लोगों से संवाद किया था, जिसके बाद एकसाथ काम्बिंग गश्त करते हुए कार्रवाई की योजना तैयार की गई। बीती रात डीसीपी मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मलकीत सिंह एवं अनिल शर्मा, सहायक पुलिस उपायुक्त अक्षय चौधरी के साथ ही 8 अन्य सहायक पुलिस आयुक्त, 16 पुलिस निरीक्षकों के साथ ही 400 पुलिस कर्मचारियों का बल तैयार कर एकसाथ कार्रवाई की गई। बदमाशों से जब्त हुआ लाखों रुपये कीमत का माल पुलिस टीमों ने बीती रात एकसाथ पूरी कॉलोनी को चारों तरफ से घेर लिया, जिसके बाद गंभीर किस्म के आपराधिक मामलों में फरार चल रहे बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। गिरफ्तार आरोपियों में कुछ दूसरे राज्यों के भी है, जो यहां कर शरण लिए हुए थे। इन बदमाशों की दूसरे राज्यों की पुलिस द्वारा तलाश की जा रही थी, जिनमें से कईयों पर इनाम भी घोषित था। पकड़े गए बदमाश में 5 स्थाई वारंटी भी पकड़े गए हैं।  गिरफ्तार हुए बदमाशों के कब्जे से चोरी के संदेह में 17 दोपहिया वाहन, 39 मोबाइल फोन, 640 ग्राम सोने एवं 240 ग्राम चांदी के जेवरात और नकदी 1 लाख 35 हजार रुपये जब्त किए गए हैं।इसके साथ ही एक महिला नाजमा के कब्जे से 1 किलो 700 ग्राम गांजा भी जब्त हुआ है, जिसके खिलाफ अलग से एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। बदमाशों से बरामद हुए माल की कुल कीमत करीब सवा करोड़ रुपये आंकी जा रही है। गिरफ्तार पुरुष आरोपियों की विवरण कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी सादिक अली, काजी बाबू खान, रहमान इमदाद, गुलाब नबी, मोहम्मद अली उर्फ साविर हुसैन, सरु उर्फ यूसूफ अली, मुख्तार खान उर्फ मुकद्दर मिर्जा, बाकर अली, वसीम खान, शब्बीर अली, सज्जाद हुसैन, मिर्जा उर्फ पिल्लू, जावेद अली उर्फ ईशा, शब्बीर अली, जाकिर हुसैन, शब्बीर अली उर्फ एपी, जहीर अली, रायत अली, हसनैन अली, जाफर अली उर्फ मिच्चा, नबी हसन उर्फ नबलू, अब्बास अली उर्फ अब्बासी, सफदर अली उर्फ सबदर अली, हसन अली, मोहम्मद अली उर्फ टिड्डा, शहादत हुसैन उर्फ शादाब, फतेह उल्ला, हैदर अली, शब्बीर खान उर्फ शब्बे, अमजद अली उर्फ गब्बर, मुजायद उर्फ मुजाहिद और जाकिर हुसैन शामिल है। आठ महिलाओं को भी पुलिस ने किया गिरफ्तार अमन कालोनी से पुलिस ने आठ महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिलाओं में जायदा बी, मरीयम, फतीम बी, बानो अली, खुशनूर, राबिया, मरियम अली और नाजमा शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त मनीष भारद्वाज, रजनीश कश्यप, आदित्यराज ठाकुर,देवेंद्र यादव, उमेश तिवारी, सुजीत तिवारी, हेमंत श्रीवास्तव, दिव्या झारिया, निरीक्षक मनोज पटवा, मनीषराज भदौरिया, अवधेश भदौरिया, अवधेश तोमर, अमित सोनी, जितेंद्र गढ़वाल, सरस्वती तिवारी, बृजेंद्र मर्सकोले, निरुपा राय, पल्लवी पांडे, सरिता बर्मन, नीतू कुनसारिया, नीरज वर्मा और एसआई इंदर सिह मुजाल्दे का सराहनीय योगदान रहा है।

राहुल गांधी के Epstein Files बयान पर हरदीप पुरी का पलटवार, कहा– आरोपों में कोई सच्चाई नहीं

नई दिल्ली लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान आज कांग्रेस संसद राहुल गांधी ने Epstein Files का जिक्र करते हुए सरकार पर हमला बोला। राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के पास मौजूद इन दस्तावेजों में एक केंद्रीय मंत्री और एक प्रमुख उद्योगपति का नाम शामिल है। सदन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि एक खास उद्योगपति अभी तक जेल से बाहर क्यों है, जबकि उसका नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित फाइलों में है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए पूछा, "मंत्री जी बताएं कि उस उद्योगपति को एपस्टीन से किसने मिलवाया था?" सदन के बाहर भी राहुल ने दोहराया कि भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता खतरे में है और सरकार बाहरी दबाव में काम कर रही है। इन आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया कि राहुल गांधी का हमला पूरी तरह से बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि साल 2014 में जब वे एक अंतरराष्ट्रीय संस्था (IPI) से जुड़े थे और न्यूयॉर्क में थे, तब एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में उनकी जेफरी एपस्टीन से दो-तीन बार औपचारिक मुलाकात हुई थी। जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक बदनाम फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिगों के यौन शोषण और मानव तस्करी के आरोप थे। उसकी मृत्यु के बाद जारी की गई फाइलों में दुनिया भर की कई नामचीन हस्तियों, राजनेताओं और वैज्ञानिकों के नाम शामिल हैं, जो कभी न कभी उसके संपर्क में रहे थे।  

वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रस्तुत किया वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का मेगा बजट

लखनऊ उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में योगी सरकार का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। "नव निर्माण के नौ वर्ष" की थीम पर प्रस्तुत बजट 2026-27 का कुल आकार 9,12,696.35 करोड़ रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। आकार के लिहाज से योगी सरकार ने अपने इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट प्रस्तुत किया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन को बताया कि यह बजट राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता, निवेश के अनुकूल माहौल और सुदृढ़ राजकोषीय प्रबंधन का परिणाम है। यह बजट न केवल राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है, बल्कि दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और सतत विकास की स्पष्ट रूपरेखा भी प्रस्तुत करता है। बजट 2026-27 सरकार की उस सोच को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें विकास, वित्तीय अनुशासन और भविष्य की तैयारी तीनों को समान महत्व दिया गया है। इस बजट में अन्नदाता किसान, युवा, महिला, छात्र-छात्राओं समेत हर वर्ग का ध्यान रखा गया है।  शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि को प्राथमिकता वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में 19.5 प्रतिशत पूंजीगत परिव्यय का प्रावधान किया गया है, जो आधारभूत ढांचे, औद्योगिक विकास, सड़क, ऊर्जा और शहरी-ग्रामीण अधोसंरचना को नई गति देगा। पूंजीगत निवेश से रोजगार सृजन होगा और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। योगी सरकार ने सामाजिक क्षेत्रों को बजट में प्रमुख स्थान दिया है। इसके अंतर्गत शिक्षा के लिए कुल बजट का 12.4 प्रतिशत, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के लिए 6 प्रतिशत और कृषि एवं सम्बद्ध सेवाओं के लिए 9 प्रतिशत का आवंटन किया गया है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार मानव संसाधन विकास और किसानों की आय बढ़ाने को विकास की धुरी मानकर चल रही है। राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत की सीमा में उन्होंने बताया कि 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जो वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह राजकोषीय अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 1,18,480.59 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो राज्य के अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.98 प्रतिशत है। यह 3 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर है और वित्तीय अनुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। समग्र परिप्रेक्ष्य में, बजट 2026-27 में एक ओर जहां विकासोन्मुख नई योजनाओं का विस्तार है, वहीं दूसरी ओर राजस्व बचत और नियंत्रित राजकोषीय घाटे के माध्यम से वित्तीय स्थिरता बनाए रखने का स्पष्ट प्रयास किया गया है।  डीजल से सोलर की ओर बड़ा कदम बजट में विशेष रूप से कृषि विभाग के अंतर्गत डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की महत्वाकांक्षी योजना के लिए 637.84 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों की डीजल पर निर्भरता कम होगी, लागत घटेगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम कृषि क्षेत्र में हरित ऊर्जा संक्रमण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष और एफपीओ को मजबूती संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के मद्देनजर सरकार ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए रिवॉल्विंग फंड योजना के अंतर्गत 150 करोड़ रुपये का कोष नाबार्ड की सहभागी संस्था ‘नैब किसान’ के साथ मिलकर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसमें सरकार 75 करोड़ रुपये का अंशदान देगी। प्रत्येक पात्र एफपीओ को अधिकतम 50 लाख रुपये तक की ऋण सीमा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, यूपी एग्रीज के अंतर्गत प्रदेश में एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए 245 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना और किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत 38 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी, जिसके लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।  इसके अलावा, बजट में स्वच्छताकर्मियों को बड़ा तोहफा देते हुए उनके अकाउंट में सीधे 16 से 20 हजार रुपये भेजने का भी प्राविधान किया गया है। इसके लिए सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। जल्द ही स्कीम का फायदा स्वच्छताकर्मियों को मिलेगा। शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कार्मिकों तथा पीएम पोषण योजना की रसोइयों एवं उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के लिए 357.84 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 89.25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को निशुल्क सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्कूल उपस्थिति में सुधार की उम्मीद है। स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एआई प्रमाणन शुल्क प्रतिपूर्ति योजना हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के अंतर्गत मेधावी छात्रों के शिक्षा ऋण पर अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी के लिए 30 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। एमएसएमई और रोजगार को बढ़ावा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के तहत सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लॉइमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे स्थानीय खाद्य उत्पादों को पहचान और बाजार मिलेगा। इसके साथ ही, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत इंटरनेशनल फिल्म सिटी परियोजना को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में फिल्म उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यूपी एआई मिशन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के तहत ‘उत्तर प्रदेश एआई मिशन’ (यूपीएआई मिशन) शुरू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत अगले तीन वर्षों में लगभग 2000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम चरणबद्ध रूप से लागू किए जाएंगे। इसके लिए 225 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। स्टेट डाटा सेंटर 2.0 के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ … Read more

लाइब्रेरी में पढ़ रहा था छात्र, बाहर निकला तो बना दूल्हा! बिहार में पकड़ौआ विवाह का वीडियो वायरल

समस्तीपुर  बिहार से 'पकड़ौआ विवाह' का मामला फिर सामने आया है। यहां एक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र को बंधक बनाकर उसकी मर्जी के खिलाफ शादी कराई गई है। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं। जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर जिले के शाहपुर पटोरी थाना क्षेत्र के चकरांजली गांव की है। बताया जा रहा है कि 23 वर्षीय छात्र युवक घर से लाइब्रेरी जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा तो परिवार के लोग चिंतित हो गए। काफी तलाशने के बाद पता चला कि उसे गांव के ही कुछ लोगों ने रोक रखा है और जबरन शादी करवाई जा रही है। वायरल वीडियो में लड़का मंडप पर बैठा अचेत अवस्था में दिख रहा है। इसी हालत में ही उससे शादी की रस्में करवाई जा रही है। वीडियो में युवक खुद को कमरे में बंद बताए जाने और मदद की गुहार लगाते हुए नजर आ रहा है। वह दावा कर रहा है कि उसे करीब 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। इधर पुलिस का कहना है कि अब तक पुलिस को लड़के के परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि छात्र और युवती के बीच पहले से जान-पहचान या कथित प्रेम संबंध हो सकता है। पुलिस ने कहा कि घटना की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली है। वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। सत्यापन के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। 

आजमाएं गुस्से को छूमंतर करने के लिए ये लाजबाव उपाय

कहते हैं क्रोध बुद्धि को खा जाता है, यह बात कई लोग जानते हैं फिर भी क्रोध करते हैं और बेवजह अपना और अपने साथी को परेशान करते हैं। वैसे अगर आपको कभी गुस्सा आ भी जाए तो इन उपायों से आप अपने गुस्से को काबू में रख सकते हैं। अमूमन देखा जाता है कि जब कोई व्यक्ति गुस्सा होता है तो उसके आस-पास का माहौल भी प्रभावित होता है। ऐसे में अगर आपको गुस्सा आ रहा हो तो एकांत मे चले जाइए और उस समस्या के बारे में एक बार सोचिए क्या आप जिस बात या जिस पर गुस्सा कर रहे हैं। क्या वह जायज है? अगर हां तो उसका निवारण तलाशिए। आपकी एक पहल गुस्से को छूमंतर कर सकती है। अगर आपको किसी व्यक्ति का बात करने का तरीका पसंद नहीं है लेकिन उसके हाव-भाव अच्छे लगते हैं तो अपने गुस्से को शांत करने के लिए ध्यान लगाएं। इसे एक सरल उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लीजिए कि एक तालाब काई से ढका हुआ है। वहां एक प्यासा और थका हुआ आदमी पहुंचता है। वह उस काई को हटाता है, पानी पीता है, उसमें नहाता है और अपनी थकावट दूर करता है। ठीक इसी तरह आप उस व्यक्ति के हाव-भाव पर ध्यान न देकर उसकी बातों पर ध्यान लगाएंगे तो आपको कभी गुस्सा नहीं आएगा और आप हमेशा खुश रहेंगे। ऐसा गुस्सा किस काम का जिसके कारण गुस्सा समाधान की वजह खुद एक समस्या बन जाए। बेहतर है गुस्से को शांत करने के बोलना बंद कर दें। ऐसे में आपको उसका खुले दिल से स्वागत करना चाहिए और उसके प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए। अगर कोई ऐसा व्यक्ति है, जिसकी बातें अच्छी हैं, हाव-भाव अच्छे हैं और वह दयालु भी है लेकिन आपको उस पर फिर भी खीझ आती है तो अपने गुस्से पर काबू करने के लिए ध्यान लगाएं। एक तालाब का पानी बहुत मीठा और साफ है। एक प्यासा और गर्मी से बेहाल आदमी उस तालाब के पास पहुंचता है, जिसका पानी पीकर और उसमें नहा कर उसे परम सुख की अनुभूति होती है और उसकी परेशानियां दूर हो जाती हैं। ठीक ऐसे ही आप भी अपना सारा ध्यान उस आदमी की अच्छाइयों पर लगाएं और अपने गुस्से को खुद पर हावी न होने दें।  

सलमान-अजय की पहल से राजपाल यादव को राहत, गुरुवार को रिहाई का रास्ता साफ!

मुंबई राजपाल याद इस वक्त 5 करोड़ रुपये को लेकर चेक बाउंस केस में तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे हैं। साल 2010 का ये मामला धीरे-धीरे ऐसा नासूर बना कि अब उन्होंने घुटने टेक दिए। तिहाड़ जेल में सरेंडर करने से पहले राजपाल यादव ने सीधे और साफ शब्दों में कहा था कि उनके पास पैसे नहीं है इसलिए कोई और उपाय नहीं है। वहीं उन्होंने ये भी कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा कोई नहीं जो उनकी मदद कर सके। अब घटना ने जहां फैन्स को दुखी किया वहीं बॉलीवुड सितारे भी उनकी मदद के लिए सामने आ रहे हैं। सबसे पहले सोनू सूद ने उनकी मदद के लिए आवाज उठाई और अब सलमान खान से लेकर अजय देवगन तक जैसे एक्टर्स ने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ा दिया है। राजपाल यादव के मैनेजर ने बताया 9 करोड़ रुपये कर्ज और उसके निपटारे और जमानत पर बातें कीं। राजपाल यादव अपनी कुछ गलतियों की वजह से पर्सनल और प्रफेशनल लाइफ में जिस बुरे दौर से गुजर रहे हैं, अब उनकी मदद के लिए इंडस्ट्री ने हाथ बढ़ा दिया है। एक्टर के मैनेजर गोल्डी ने इस खास बातचीत में बताया कि उन्हें मदद करने वालों में अजय देवगन, सलमान खान, वरुण धवन और कई अन्य सितारे शामिल हैं। गोल्डी बोले- बहुत से लोगों ने राजपाल यादव की मदद के लिए हाथ बढ़ाया गोल्डी ने सलमान और अजय देनगन से मिले सपोर्ट पर बातें करते हुए कहा, 'बहुत से लोगों ने राजपाल यादव की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन जैसे एक्टर्स ने उन्हें सपोर्ट दिया है। मेरी अभी डेविड धवन से बात हुई थी, उन्होंने भी सम्पर्क किया है। रतन नैन, वरुण धवन… इस बार कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं, जिसकी राजपाल ने दिल से सराहना की है।' राजपाल यादव के मैनेजर बोले- कल तक हो सकते हैं रिहा उन्होंने कहा, 'अच्छी बात ये है कि उनकी स्थिति बिगड़ने के बाद इंडस्ट्री ने चट्टान की तरह उनका साथ दिया है और इसकी सराहना की जानी चाहिए।' उन्होंने बताया कि घर में सभी चाह रहे हैं कि राजपाल तब तक रिहा हो जाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वो कल तक रिहा हो जाएंगे।

डुप्लीकेट फोटोज़ से परेशान? Google Photos का सीक्रेट ट्रिक बनाएगा फोन हल्का

नई दिल्ली  स्मार्टफोन में स्टोरेज भरने की समस्या बहुत आती है। ज्यादा स्टोरेज वाले फोन मंहगे आते हैं। इस कारण लोगों को कम स्टोरेज वाले फोन में ही किसी ऐसी ट्रिक की तलाश होती है, जो हैंडसेट के स्टोरेज को खाली रखे। अगर आप भी ऐसी ही कोई ट्रिक चाहते हैं तो आपके लिए यह आर्टिकल काफी उपयोगी साबित होने वाला है। नई फोटो क्लिक करने या ऐप्स डाउनलोड करने पर 'Storage Full' का नोटिफिकेशन किसी को भी परेशान कर देता है। अक्सर हमारे फोन में एक ही फोटो के कई वर्जन होते हैं। उदाहरण के लिए जैसी कई सारी सेल्फी या व्हाट्सऐप से डाउनलोड की गई डुप्लीकेट फाइलें। ये फोन में काफी स्पेस लेते हैं। इन्हें एक साथ डिलीट करके फोन के स्टोरेज को खाली किया जा सकता है। Google Photos का एक छिपा हुआ और बेहद स्मार्ट फीचर स्मार्टफोन यूजर्स को बिना किसी फोटो को सर्च किए तुरंत सैकड़ों MB या GB जगह खाली करने में मदद कर सकता है। यह फीचर आपके स्टोरेज को क्लीन करने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है, जिससे आपका फोन फिर से सुपरफास्ट हो जाएगा। स्टोरेज खाली होने के फायदा     स्टोरेज खाली होने से आपके स्मार्टफोन की परफॉर्मेंस बेहतर हो जाती है।     डुप्लिकेट, धुंधली और एक जैसी फोटो अपने आप हट जाती हैं।     आपकी फोटो लाइब्रेरी को ऑर्गनाइज करना और नेविगेट करना आसान हो जाता है। डिलीट करने से पहले जरूर कर लें ये काम     फोटोज डिलीट करने से पहले स्मार्टफोन पर Google Photos ऐप खोलें।     स्क्रीन के ऊपर राइट साइड में आ रही अपनी प्रोफाइल फोटो पर क्लिक करें।     इसके बाद फोटो सेटिंग्स पर क्लिक करें और फिर ‘बैक अप एंड सिंक’ पर क्लिक करें।     इससे क्लाउड पर आपकी फोटोज का बैकअप आ जाएगा।     पहले से बैकअप की गई फोटो और वीडियो देखने के लिए ‘स्पेस खाली करें’ पर क्लिक करें।     उन्हें अपने स्मार्टफोन से डिलीट करने के लिए ‘स्पेस खाली करें’ पर क्लिक करें सजेस्ट डिटेक्शन टूल का इस्तेमाल करें     ‘लाइब्रेरी’ टैब पर जाएं और ‘यूटिलिटीज’ एरिया में जाएं।     यहां धुंधली, मिलती-जुलती या पुरानी इमेज को पहचानने और मार्क करने के लिए ‘Suggest Deletion’ को सिलेक्ट करें।     सुझावों को देखें और उन्हें एक-एक करके, एक साथ डिलीट करें, या आर्काइव में ले जाएं। बड़े वीडियो आर्काइव करें     Google Photos ऐप से एक बड़ा वीडियो ढूंढें और सिलेक्ट करें।     वीडियो को दबाकर रखें और ‘मूव टू आर्काइव’ चुनें।     अपने फोन पर काफी जगह खाली करने के लिए इन वीडियो को क्लाउड में सेव करें।