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क्या घर बैठे अपडेट हो सकता है बच्चे का आधार? जानें नया तरीका, जब ऐप में न मिले सुविधा

नई दिल्ली बच्चों के आधार कार्ड नए UIDAI ऐप पर अपडेट हो सकते हैं लेकिन बायोमेट्रिक डिटेल्स अपडेट कराने के लिए आपको आधार सेंटर जाना होगा। क्या आपको अपने बच्चे का आधार अपडेट कराना है? सरकार ने 5 साल से बड़े बच्चों का आधार अपडेट कराना अनिवार्य कर दिया है। बता दें कि इसे MBU यानी कि Mandatory Biometric Update कहते हैं। इस उम्र से पहले बनने वाले आधार में बच्चों का बायोमेट्रिक डेटा जैसे कि आंखों का स्कैन (आईरिस स्कैन) और उंगलियों के निशान नहीं लिए जाते। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये ऑप्शन आपको UIDAI के ऐप में मिल जाएगा? क्या आप ऑनलाइन घर बैठे बच्चों का MBU करवा सकते हैं? इसका जवाब है नहीं। दरअसल नए आधार ऐप में आप आधार से जुड़ी कुछ जानकारी अपडेट करवा सकते हैं लेकिन बायोमेट्रिक डिटेल्स ऐप से अपडेट नहीं कराई जा सकती। क्या होता है MBU? MBU का मतलब है Mandatory Biometric Update, जो कि बच्चों के आधार कार्ड के लिए होता है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार कार्ड बनवाते समय उनके बायोमेट्रिक डेटा नहीं लिए जाते। बच्चों का आधार कार्ड माता-पिता के आधार से लिंक होता है। हालांकि 5 साल की उम्र के बाद आधार को अपडेट कराना जरूरी होता है। इसे ही MBU कहते हैं। नए आधार ऐप से हो पाएगा काम? हाल ही में UIDAI ने नया आधार ऐप लॉन्च किया था। इसमें कई तरह के फीचर्स दिए गए हैं। मसलन मोबाइल नंबर और पता बदलने का ऑप्शन इस ऐप में दिया गया है। हालांकि बायोमेट्रिक अपडेट के लिए यूजर को आधार सेंटर विजिट करना पड़ता है। सेंटर पर ही क्यों अपडेट होता है डेटा? सवाल उठता है कि आखिर बायोमेट्रिक डेटा आधार सेंटर पर ही क्यों अपडेट होता है? ऐसा इसलिए क्योंकि बायोमेट्रिक डेटा लेने के लिए कुछ खास मशीनों जैसे कि फिंगरप्रिंट रीडर, आईरिस स्कैनर आदि की जरूरत पड़ती है। यह डिवाइस सेंटर पर मौजूद होते हैं और इसके लिए शख्स या बच्चे का सेंटर पर मौजूद होना जरूरी हो जाता है। वहीं नाम या पता जैसी जानकारी ऐप पर भी जरूरी डॉक्यूमेंट सबमिट करके अपडेट हो सकती है। Aadhaar ऐप ऐसे करेगा मदद हालांकि ऐसा नहीं है कि आधार ऐप बच्चे का आधार अपडेट कराने में बिल्कुल मदद नहीं कर सकती। अगर आप नया आधार ऐप इस्तेमाल करते हैं, तो ऐप में नीचे मौजूद Help ऑप्शन के जरिए मदद ले सकते हैं।     Help सेक्शन में आपको FAQ और CONTACT US का ऑप्शन मिलता है।     आप CONTACT US ऑप्शन के जरिए अपने पास मौजूद आधार सेंटर का पता लगा सकते हैं।     इसके अलावा बच्चों के स्कूलों और पोस्ट ऑफिस में भी MBU का काम किया जा रहा है। आप इन दो जगहों पर भी बच्चे की बायोमेट्रिक डिटेल्स आधार में अपडेट करवा सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए विस्तार से बताई बजट की उपलब्धियां

  यूपी बना रेवेन्यू सरप्लस स्टेट, ऋणग्रस्तता घटकर 23 प्रतिशत लाने का लक्ष्य स्टेट डेटा अथॉरिटी का होगा गठन, एआई मिशन, डेटा सेंटर क्लस्टर और महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा  लखनऊ आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों के दौरान अपना परसेप्शन बदलने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश ने इस दौरान पॉलिसी पैरालिसिस से उभर कर परसेप्शन को बदलकर खुद को अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया है, आज का यह बजट उन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है। प्रदेश का यह बजट  9 वर्षों में तीन गुना से अधिक बढ़ा है। आज 9,12,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। बजट की थीम सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम, तकनीकी निवेश से समृद्ध होते उत्तर प्रदेश पर आधारित है। प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि नई योजनाओं के लिए बजट में प्रस्तावित की गई हैं। वहीं 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आंवटित की गई है। परिसंपत्तियों के नवनिर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट और अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहीं से रोजगार का सृजन होता है। यह प्रदेश में पहली बार है, जब किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ। पिछले 9 वर्षों में कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया गया है। इसके साथ ही यूपी में जो कर चोरी और लीकेज थे, इन सबको रोक कर कुशल वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से बीमारू राज्य से उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था का एक ब्रेकथ्रू के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। वर्ष 2017 में 30 फीसदी से अधिक राज्य में ऋणग्रस्तता थी। हम लोगों ने इसे घटाकर पिछले दो-तीन वर्षों में 27 फीसदी लाने में सफलता प्राप्त की। इस वित्तीय वर्ष में इसे 23 फीसदी तक लाने का लक्ष्य है। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार किसी भी राज्य की जो कुल जीएसडीपी होगी, उस पर 30 फीसदी से अधिक ऋण नहीं होना चाहिए। आज उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जिन्होंने अपने वित्तीय प्रबंधन को एफआरबीएम की निर्धारित सीमा के अधीन रखा है। यह हमारा कुशल वित्तीय अनुशासन है। कोई नया टैक्स लगाए बिना प्रदेश ने जन-कल्याण व इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्कीम के साथ प्रत्येक सेक्टर में नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। आज उत्तर प्रदेश देश की टॉप तीन इकॉनमी में से एक है। स्टेट डेटा अथॉरिटी का किया जाएगा गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम लोगों ने प्रदेश में अनइंप्लॉयमेंट रेट को 2.24 प्रतिशत तक नीचे लाने में सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2017 के पहले यह लगभग 17 से 19 फीसदी तक था। बजट में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एमएसएमई, स्टार्टअप, ओडीओपी और स्थानीय उद्यमों को विकसित करते हुए वृहद निवेश की नई योजनाओं को शुरू करने का प्रावधान किया गया है। बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की कई बड़ी घोषणाएं हुई हैं। पहले प्रदेश में अलग-अलग विभाग अलग-अलग समय में अलग-अलग डेटा प्रस्तुत करते थे। हमारी सरकार ने तय किया है कि हम एक स्टेट डेटा अथॉरिटी का गठन करेंगे। यह स्टेट डेटा अथॉरिटी प्रदेश में रियल टाइम डेटा और इसकी मॉनिटरिंग के साथ भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। वहीं बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना का प्रावधान किया गया है। मेडटेक और डीपटेक के लिए एआई मिशन की घोषणा की गई है, ताकि युवाओं को अधिक से अधिक जॉब उपलब्ध कराए जा सकें। इसके लिए उनकी स्किल डेवलपमेंट की प्लानिंग भी बजट में की गई है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों के जरिये महिलाओं की उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और उनके उत्पादों के लिए शी-मार्ट विपणन केंद्र विकसित करने की बात भी बजट में कही गई है। इस योजना से स्थानीय महिलाओं को काफी मदद मिलेगी, जो एसएचजी के माध्यम से लोकल गांवों और शहरी क्षेत्र में अपना प्रोडक्ट बनाती हैं। आज यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग दूसरे स्थान पर, खुद को चीफ अचीवर स्टेट के रूप में किया स्थापित मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में सिटी इकॉनमिक जोन, एससीआर, काशी-मीरजापुर इकॉनमिक जोन, प्रयागराज-चित्रकूट इकॉनमिक जोन, कानपुर-झांसी इकॉनमिक जोन को विकिसत करने का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2017 में यूपी की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग 13-14 पर थी। आज नंबर दो पर है। इसके बाद यूपी ने चीफ अचीवर स्टेट के रूप में खुद को स्थापित किया। प्रदेश में डिजिटल आन्त्रोप्रेन्योरशिप योजना को आगे बढ़ाने के लिए बजट में व्यवस्था की गयी है। इन सभी सफलता को प्राप्त करने में रूल ऑफ लॉ की बड़ी भूमिका है, यही रियल ग्रोथ है। हर व्यक्ति सुरक्षा की गारंटी चाहता है और वह गारंटी आज यूपी दे रहा है। पहले यूपी में कोई नहीं सोच सकता था कि 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आएंगे। यूपी का एमएसएमई सेक्टर जो पहले मृत हो गया था, आज उसने 3 करोड़ से अधिक नौजवानों को नौकरी दी है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उद्यमी बनाने के लिए नए प्रयास किये जा रहे हैं। विकास की यात्रा में प्रदेश का अन्नदाता भी सक्रिय साझेदार बने, इस दृष्टि से कृषि को इनकम बेस्ड और वैल्यू एडिशन मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। प्रदेश में सिंचाई की क्षमता का विस्तार किया गया है। प्रदेश में 16 लाख ट्यूबवेल का इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया है। वहीं 23 लाख से अधिक डीजल से संचालित ट्यूबवेल को सोलर से जोड़ने के लिए बजट में घोषणा की गई है। इसके साथ पीएम कुसुम योजना को भी जोड़ा जाएगा। इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति, महिला और लघु सीमांत किसानों को 90 फीसदी अनुदान और अन्य किसानों के लिए 80 फीसदी सब्सिडी की घोषणा की गई है। बजट में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण की क्षमता विकसित करने का टारगेट   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा … Read more

गौरव की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली रवाना

सतना  युवक कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री उदय भानु चिब जी के नेतृत्व में जंतर मंतर से प्रधानमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम रखा गया है जिसमें मध्यप्रदेश से प्रदेशाध्यक्ष श्री यश घनघोरिया नेतृत्व करेंगे जिनके समर्थन में सतना जिले से गौरव मिश्रा जी के अगुवाई में युवक कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता मंगलवार को दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रवाना हुए । मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस नेता गौरव मिश्रा ने कहा कि पूरी दुनिया में एप्स्टीन फाइल्स को लेकर गंभीर और चिंताजनक खुलासे सामने आ रहे हैं। इस प्रकरण में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए गहरी चिंता का विषय है।

iPhone खोना पड़ा भारी? नहीं! Apple ने थमा दिया 2TB का नया मॉडल

नई दिल्ली एक शख्स के लिए उसके iPhone का खो जाना बेहद फायदेमंद साबित हुआ। दरअसल Reddit यूजर 'ScienceFuture2300' ने आप बीती शेयर करते हुए बताया कि किस तरह उसका 256GB स्टोरेज वाला iPhone 17 Pro Max खो गया था। इसके बाद जब उसने AppleCare+ प्लान के तरह फोन के चोरी या गुमशुदगी का क्लेम फाइल किया, तो ऐपल ने उसे 8 गुना ज्यादा स्टोरेज वाला iPhone लौटा दिया। गौर करने वाली बात है कि इस शख्स का iPhone सिर्फ 256 GB का था लेकिन बदले में उसे 2TB वाला मॉडल मिल गया। सर्विस सेंटर की गलती से यूजर की मौज रेडिट पर शेयर किया गया ये मामला,(REF.) काफी दिलचस्प है। Reddit यूजर 'ScienceFuture2300' को उनके 256GB वाले iPhone 17 Pro Max के बदले 2TB वाला मॉडल थमा दिया गया। इसे लेकर यूजर ने अपने पोस्ट में फोन के सीरियल नंबर और स्टोरेज से जुड़ी तस्वीरें भी शेयर की हैं। बता दें कि iPhone के सीरियल नंबर के जरिए पता लगाया जा सकता है कि फोन नया है या Apple द्वारा रिप्लेस किया गया यूनिट। खोने पर क्यों मिला रिप्लेसमेंट? आपके मन में सवाल आ सकता है कि इस यूजर को आखिर फोन खोने पर रिप्लेसमेंट क्यों मिला। बता दें कि AppleCare+ प्लान लेने पर यूजर फोन खराब होने, टूटने और खो जाने पर ऐपल से रिप्लेसमेंट मांग सकता है। iPhone के टूटने या खराब होने पर अगर फोन रिपेयर हो सकता है, तो ऐपल फोन ठीक करके देता है। वहीं अगर फोन ठीक होने की हालत में न हो या खो जाए, तो AppleCare+ प्लान के तहत बदले में फोन उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए कुछ चार्ज ऐपल लेता है। हालांकि जिस फोन के खोने की शिकायत की जाती है, उसे ऐपल बैकएंड से ब्लॉक कर देता है ताकि उसका इस्तेमाल कोई न कर पाए। ऐपल ने क्यों दिया ज्यादा महंगा फोन? कई बार यूजर जिस फोन के लिए क्लेम करता है, वह अगर ऐपल के पास न हो तो ऐपल हर्जाने के तौर पर उससे बेहतर मॉडल अपने यूजर को उपलब्ध कराता है। ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि संभव है इस यूजर के फोन का मॉडल ऐपल के पास स्टॉक में नहीं होगा। इसके साथ ही ऐसा होने पर ऐपल किसी तरह का एक्सट्रा चार्ज नहीं लेता। ऐसा ही इस यूजर के साथ भी हुआ है। Apple ने पहले भी दिखाई है उदारता ऐसा पहली बार नहीं है कि ऐपल ने किसी के साथ इतनी उदारता दिखाई हो। 2018 में इंटेल मैकबुक प्रो के मालिक को रिपेयर के बदले सीधे M4 Max चिप वाला मैकबुक प्रो दे दिया गया था। इसी तरह 2019 में मैकबुक प्रो के मालिक को M5 मॉडल वाला लेटेस्ट मैकबुक प्रो रिप्लेसमेंट में मिला था। यही वजह है कि अक्सर लोग ऐपल के प्रोडक्ट लेते समय Apple का Care+ प्लान जरूर लेते हैं।

मिठाई की आड़ में शराब का काला कारोबार: नरसिंहपुर पुलिस ने गुप्त बंकर से पकड़ी 50 लाख की अवैध खेप, दो गिरफ्तार

 नरसिंहपुर  नरसिंहपुर पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन ईगल क्लॉ” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब जब्त की है। कार्रवाई में पुलिस ने दो अंतर्राज्जीय शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में जिले भर में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 10 फरवरी की रात्रि में विश्वस्त मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि महाराष्ट्र पासिंग एक आयशर ट्रक में भारी मात्रा में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी नरसिंहपुर मनोज गुप्ता के नेतृत्व में दो पुलिस टीमों का गठन किया गया। एक टीम को नरसिंहपुर से लखनादौन मार्ग पर तथा दूसरी टीम को राजमार्ग चौराहे की ओर तैनात कर सघन वाहन चेकिंग प्रारंभ की गई। बरमान के पास घेराबंदी कर पकड़ा ट्रक चेकिंग के दौरान थाना करेली पुलिस को राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक आयशर ट्रक नरसिंहपुर की ओर से आता दिखाई दिया। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर चालक ट्रक को तेज गति से भगाने लगा। पुलिस टीम ने पीछा कर बैहर तिराहा, बरमान के पास ट्रक को घेराबंदी कर रोक लिया। वाहन की तलाशी में ट्रक में बड़ी संख्या में मिठाई पैक करने के खाली डिब्बे भरे मिले। चालक की घबराहट को देखते हुए पुलिस को संदेह हुआ। बारीकी से जांच करने पर जब डिब्बों में नुकीली रॉड डाली गई तो नीचे किसी भारी वस्तु की आवाज आई। डिब्बे हटाने पर लगभग तीन फीट नीचे बनाए गए गुप्त बंकर में 286 पेटी अंग्रेजी शराब (इम्पीरियल ब्लू) छिपाकर रखी मिली। हरियाणा व दिल्ली के निवासी हैं आरोपी आरोपियों से पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिला और वे शराब नरसिंहपुर से सिलीगुड़ी ले जाने की बात कह रहे थे, किंतु कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने अवैध शराब एवं आयशर ट्रक क्रमांक एमएच 04 के एफ 3613 जप्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सतीश नंदड निवासी उदेशीपुर, थाना गनोर, जिला सोनीपत हरियाणा एवं मनोज यादव निवासी जफरपुर साउथ वेस्ट दिल्ली शामिल हैं। प्रकरण में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर गहन जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक करेली रत्नाकर हिग्वे, सउनि संतराम मरकाम, प्रधान आरक्षक कुलदीप सोमकुवर, आरक्षक राजेश बागरी, विपिन पटेल, सैनिक रियाज खान एवं रमेश सिसोदिया की विशेष भूमिका रही।  

सड़क पर चलते ही बजेगा संगीत! भारत के इस शहर में शुरू हुआ ‘मेलोडी रोड’ प्रयोग

मुंबई क्या आपने कभी सोचा है कि जिस सड़क पर आप गाड़ी चला रहे हैं, वही आपके लिए सुरीला संगीत बजाने लगे? भारत में यह कल्पना अब हकीकत बन चुकी है। देश में पहली बार एक ऐसी सड़क तैयार की गई है, जहां टायरों की गड़गड़ाहट नहीं, बल्कि मधुर संगीत सुनाई देगा। इस अनूठी पहल से न सिर्फ ड्राइविंग का अनुभव बदलेगा, बल्कि यह सड़क सुरक्षा की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इस जादुई सफर की शुरुआत की गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मुंबई के नवनिर्मित कोस्टल रोड (Coastal Road) पर इस 'मेलोडी रोड' खंड का उद्घाटन किया। समुद्र के किनारे सफर का आनंद अब संगीत के साथ दोगुना हो जाएगा। कैसे काम करती है यह जादुई तकनीक? यह कोई लाउडस्पीकर का कमाल नहीं, बल्कि हंगरी की एक विशेष तकनीक है। इसे वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किया गया है…     खास मार्किंग: सड़क के एक निश्चित हिस्से पर विशेष प्रकार की बारीक खांचें (Grooves) बनाई गई हैं।     संगीत का ट्रिगर: जैसे ही गाड़ी के टायर इन खांचों के ऊपर से गुजरते हैं, घर्षण (Friction) से एक खास फ्रीक्वेंसी पैदा होती है जो संगीत की धुन में बदल जाती है।     स्पीड की शर्त: संगीत का पूरा आनंद तभी मिलता है जब वाहन की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा हो। यदि गाड़ी इससे तेज या धीमी होगी, तो धुन बदल जाएगी। सुरक्षा और मनोरंजन का मेल फिलहाल इसे कोस्टल रोड के कुछ मीटर के हिस्से में प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया है। सरकार की योजना भविष्य में इसकी लंबाई बढ़ाने और अन्य प्रमुख सड़कों पर भी इसे लागू करने की है। यह तकनीक न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि ड्राइवर को एक निश्चित गति सीमा (60 kmph) बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित भी करती है, जिससे हादसों का खतरा कम होता है।

किरगी पंचायत में नहीं है ऑटो स्टैंड की सुविधा पंचायत नहीं है खतरों से खाली

राजेंद्रग्राम  मुख्यालय परिसर के समीप ग्राम पंचायत किरंगी में इन दोनों खतरे का संकेत माना जाता है देखा जाए तो रीवा अमरकंटक मार्ग में ऑटो की भारी संख्या में लगाई जा रही ऑटो की भीड़ जहां आवा जाहि करने वाले अधिकारी कर्मचारी व आम नागरिकों को हो रही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और लगातार घटना का संकेत दिखता नजर आ रहा है जहां रीवा अमरकंटक मार्ग में सारे ऑफिस स्थित हैं जहां अधिकारी रोज आवा गवन करते हैं लेकिन किसी अधिकारी या कर्मचारी को दिखाई नहीं पड़ रहा है अगर सड़क किनारे  ऑटो लगेगी तो खतरा हो सकता है आए दिनों जहां अमरकंटक तिराहा राजेंद्र ग्राम में घटना भी हो चुकी है लेकिन अभी भी शासन प्रशासन मौन है और पूरी तरह दुर्घटना ही दुर्घटना दिखाई दे रही है वही देखा जाए तो अमरकंटक तिराहा में बनी यात्री प्रतीक्षालय जहां यात्रियों को बैठने की जगह दुकानदारों ने अपना कब्जा जमा रखें है और यात्रियों को बैठने के लिए रास्ता ढूंढना पड़ रहा है और असुविधा होने की आशंका जताई जा रही है रोज इस मार्ग से पंचायत कर्मचारी सरपंच सचिव थाना प्रभारी राजेंद्रग्राम एसडीओपी पुष्पराजगढ़ एसडीएम पुष्पराजगढ़ जनपद सीईओ पुष्पराजगढ़ व तहसीलदार एवं सभी अधिकारी कर्मचारी इस मार्ग से आवा गमन करते हैं लेकिन किसी को दिखाई नहीं पड़ता है कहा जाए तो वही पशु चिकित्सालय भी स्थित है जहां आने-जाने या घुसने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जहां शासन प्रशासन इन दिनों बाहर से आए हुए हैंडलूम वालों को पशु चिकित्सालय के अंदर मेला लगाने की अनुमति दी जाती है अगर बाहर के व्यापारियों को मेला लगाने की अनुमति दी जाती है न कि ऑटो स्टैंड बनाने की सुविधा नहीं दी जाती है जहा इन दिनों अतिक्रमण देखा जा रहा है और पुलिस प्रशासन के द्वारा ऑटो संचालकों से हफ्ता वसूली कर अपना जेब भरने में लगे रहते हैं नहीं कि उनको सुविधा दिलाने में और उसी मार्ग से लखौरा स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों व कस्तूरबा गांधी हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थीयो को कतार में आना जाना पड़ता है लेकिन विद्यार्थियों को हो रही है सुविधा किसी अधिकारी या कर्मचारी के नजरों में दिखाई नहीं पड़ रहा है और सड़क के किनारे पचासा में चलने की तो जगह ही नहीं है तो विद्यार्थी रोड में चलने को मजबूर हो रहे हैं जहां घटना का संकेत माना गया है।

चलती ट्रेन में अनोखा प्रसव: साउथ बिहार एक्सप्रेस की बर्थ पर महिला ने दिया बच्ची को जन्म

झाझा झाझा रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह साउथ बिहार एक्सप्रेस की एक सामान्य बोगी में उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला, जब एक गर्भवती महिला ने चलती ट्रेन में बच्ची को जन्म दिया। रायपुर से पटना जा रही इस ट्रेन में सफर कर रहीं पटना निवासी खुशबू कुमारी को जसीडीह स्टेशन पार करते ही अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दो बच्चों के साथ सफर कर रही थी महिला महिला अपने दो छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रही थीं। दर्द बढ़ने के साथ बोगी में मौजूद यात्रियों की चिंता भी बढ़ने लगी। सुबह करीब छह बजे ट्रेन के झाझा स्टेशन पहुंचने तक स्थिति गंभीर हो चुकी थी। बोगी में मौजूद महिलाओं ने की मदद ऐसे में बोगी में मौजूद महिला यात्रियों ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय दिया। कुछ महिलाओं ने चादरों से घेरा बनाकर अस्थायी व्यवस्था की, तो अन्य यात्रियों ने पानी और आवश्यक सामान उपलब्ध कराया। रेलकर्मियों ने भी तत्काल सूचना प्रसारित कर चिकित्सकीय सहायता की व्यवस्था कराई। देखते ही देखते सामान्य बोगी अस्थायी प्रसूति कक्ष में बदल गई। महिला ने बच्ची को दिया जन्म दर्द और दुआओं के बीच महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। नवजात के रोने की आवाज गूंजते ही पूरी बोगी तालियों और राहत की सांस से भर उठी। उस पल तक अनजान यात्री एक परिवार की तरह साथ खड़े नजर आए। मौके पर पहुंची चिकित्सा टीम घटना की सूचना मिलते ही रेल पुलिस और चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची। जच्चा-बच्चा को तत्काल रेफरल अस्पताल, झाझा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को स्वस्थ बताया। सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए ट्रेन को लगभग 45 मिनट तक स्टेशन पर रोका गया। अस्पताल प्रशासन ने रायपुर में रह रहे खुशबू के पति को घटना की सूचना दे दी है।

मुठभेड़ के दौरान कुख्यात अपराधी राजीव उर्फ सूर्या को लगी गोली, अस्पताल में भर्ती

पटना पटना के फुलवारीशरीफ क्षेत्र में बुधवार सुबह पुलिस और कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वह घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। राजीव कुमार उर्फ सूर्या, पिता यदु राय, निवासी सिद्धी घाट, दीवान मोहल्ला (थाना खाजेकलां, जिला पटना) का आपराधिक इतिहास लंबा बताया जाता है। वह आलमगंज और खाजेकलां थाना क्षेत्रों में सक्रिय रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस पर लूट, डकैती की तैयारी, अवैध हथियार रखने, चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त, धोखाधड़ी तथा बिहार मद्य निषेध कानून के उल्लंघन सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2022 में आलमगंज थाना कांड संख्या 560/22 (26 जुलाई 2022) में उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 399, 402, 34 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1b)a/26 के तहत डकैती की तैयारी और अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज हुआ था। इसी वर्ष 23 जुलाई को आलमगंज थाना कांड संख्या 550/22 में धारा 394 IPC के तहत लूट का केस भी दर्ज किया गया। वर्ष 2023 में चोरी के माल से जुड़े मामलों में उसका नाम सामने आया। आलमगंज थाना कांड संख्या 732/23 (14 अगस्त 2023) और कांड संख्या 734/23 में धारा 413/414 IPC के तहत कार्रवाई हुई। वहीं खाजेकलां थाना कांड संख्या 530/23 में धारा 414 IPC और बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(a) के तहत मामला दर्ज किया गया। वर्ष 2024 में भी उसके खिलाफ नए मामले दर्ज हुए। आलमगंज थाना कांड संख्या 595/24 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6) तथा आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ। खाजेकलां थाना कांड संख्या 290/24 और सुलतानगंज थाना कांड संख्या 271/24 में धारा 309(4) BNS के तहत मामले दर्ज हैं। इससे पहले मेंहदीगंज थाना कांड संख्या 184/20 में उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और चोरी के सामान से संबंधित धाराओं 420, 467, 468, 469, 471 और 414 IPC के तहत केस दर्ज था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उस पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। फिलहाल मुठभेड़ की विस्तृत जांच जारी है और आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।

नाविकों से रंगदारी कैसे वसूली जाती है? पटना के IPS अफसर ने किया बड़ा खुलासा

पटना पटना सिटी में गंगा घाटों पर नाविकों से रंगदारी वसूली का मामला उस समय उजागर हुआ, जब कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या उर्फ ‘सूर्या डॉन’ पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि सूर्या डॉन लंबे समय से घाटों पर नाव चलाने वाले नाविकों से अवैध वसूली कर रहा था। बुधवार सुबह वह गाय घाट के पास कथित तौर पर रंगदारी वसूलने पहुंचा था। इसकी सूचना एसटीएफ को मिली। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देख सूर्या ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके बाएं पैर में लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। घायल सूर्या को इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी गंगा घाटों पर नाविकों से नियमित रूप से रंगदारी वसूलता था। उसके खिलाफ पटना और आसपास के थानों में 15 से 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना के बाद एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घाट क्षेत्रों में अवैध वसूली करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।