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ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनें शबाना महमूद, तो कश्मीर पर असर कैसा होगा?

लंदन   शबाना महमूद यह नाम विश्व की राजनीति पर हाल ही में चर्चा का केंद्र बन गया है, क्योंकि ऐसी संभावना जताई जा रही है कि शबाना महमूद ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं. शबाना महमूद पाकिस्तानी मूल की ब्रिटिश नागरिक हैं और उन्होंने आर्टिकल 370 को हटाने जाने का विरोध किया था. उन्होंने कश्मीर को लेकर कई बार भारत विरोधी तेवर दिखाया है, ऐसे में उनके प्रधानमंत्री बनने से क्या भारत और यूके के संबंधों पर असर पड़ सकता है? कौन है शबाना महमूद? शबाना महमूद लेबर पार्टी की तेज तर्रार नेता हैं. वह महज 45 साल की हैं. उनका जन्म इंग्लैंड के बर्मिंघम में हुआ है और वे एक पाकिस्तानी मूल के माता–पिता की संतान हैं. शबाना ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है और शुरुआत में पेशे से वकील रही हैं और बाद में उन्होंने राजनेता बनने की ओर कदम बढ़ा दिया. शबाना का परिवार पीओके के मीरपुर से वास्ता रखता है. उनके पिता सिविल इंजीनियर हैं. शबाना ने शादी नहीं की है और अपने 4 भाई-बहनों में वो सबसे बड़ी हैं. 2010 में वे पहली बार संसद सदस्य (MP) के रूप में चुनी गईं. शबाना महमूद लेबर पार्टी की सदस्य हैं और कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुकी है. वर्तमान में वो होम सेक्रेटरी के तौर पर कार्यरत हैं. ब्रिटेन में होम सेक्रेटरी को भारत के गृहमंत्री के समकक्ष माना जा सकता है, लेकिन उसकी भूमिका विदेश नीतियों में भी अहम होती है. 2024 में शबाना ने न्याय मंत्री (Justice Secretary) और लॉर्ड चांसलर (Lord Chancellor) के रूप में भी सेवा दी. ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की कुर्सी पर खतरा क्यों मंडराया? ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर सुपरमेरी जीत(बड़ी जीत) के साथ 5 जुलाई 2024 को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन एपस्टीन फाइल्स ने उनके लिए परेशानी खड़ी कर दी है. दरअसल कीर स्टारमर की परेशानी की वजह हैं पीटर मैंडेलसन. पीटर मैंडेलसन को कुछ समय पहले अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत नियुक्त किया गया था और मैंडेलसन के संबंध जेफ्री एपस्टीन से थे. एपस्टीन फाइल्स में यह बताया गया है कि कि मैंडेलसन ने कई संवेदनशील जानकारी एपस्टीन को मेल की थी. इस मुद्दे को लेकर ब्रिटेन में बड़ा बवाल मचा हुआ है और प्रधानमंत्री की इस बात को लेकर आलोचना हो रही है कि आखिर उन्होंने ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति क्यों की. पीटर मैंडेलसन को पद से हटा दिया गया है, लेकिन ब्रिटेन में प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग हो रही है. हालांकि कीर स्टारमर ने इस्तीफा देने से मना किया है, लेकिन उनपर इस्तीफे का दबाव बहुत बढ़ गया है. शबाना महमूद अगर ब्रिटेन की पीएम बनी, तो भारत के साथ बिगड़ेंगे संबंध? शबाना महमूद पाकिस्तानी मूल की राजनेता हैं. इसी वजह से एक आम भारतीय के मन में यह सवाल है कि क्या शबाना महमूद के प्रधानमंत्री बनने से भारत के साथ ब्रिटेन के संबंध बिगड़ सकते हैं? इस शंका के बीच हमें कुछ बातों को समझना होगा. सबसे बड़ी बात यह है कि किसी भी देश की राजनीति और वहां की नीतियां राष्ट्रीय हित के अनुसार तय होती हैं ना कि किसी व्यक्ति के धर्म और उसके सोच के आधार पर. इस स्थिति में अगर शबाना महमूद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बन भी जाती हैं, तो उनकी व्यक्तिगत राय का असर भारत और ब्रिटेन के संबंधों पर पर पड़ेगा इसकी संभावना शून्य है.

सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को: इन राशियों को होगा विशेष प्रभाव

फरवरी में साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या के दिन पड़ रहा है. यह एक वलयाकार यानी रिंग ऑफ फायर सूर्य ग्रहण होगा. खगोलीय जानकारी के अनुसार यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा. ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. यह मुख्य रूप से अंटार्कटिका, अफ्रीका के कुछ इलाकों और दक्षिण अटलांटिक महासागर के ऊपर दिखाई देगा. साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में लगेगा ज्योतिषीय दृष्टि से यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लग रहा है. ऐसे में इस राशि और नक्षत्र से जुड़े लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी जाती है. सेहत और पैसों से जुड़े मामलों में लापरवाही नुकसान दे सकती है. इस दौरान लिए गए फैसले बाद में गलत साबित हो सकते हैं, इसलिए किसी भी बड़े निर्णय से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करना जरूरी होगा. आंख मूंदकर किसी पर भरोसा करना ठीक नहीं रहेगा. सूर्य ग्रहण से इन राशियों को रहना होगा सावधान साल 2026 के पहले सूर्य ग्रहण का प्रभाव कुछ राशियों पर देखने को मिल सकता है. जिसमें सिंह राशि वालों को दांपत्य जीवन और साझेदारी के काम में सावधानी रखनी होगी. वृश्चिक राशि के लोगों को पारिवारिक मामलों और माता के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना होगा. कुंभ राशि के लिए मानसिक दबाव और उलझन की स्थिति बन सकती है, जिससे काम अटक सकते हैं. वहीं, मकर राशि वालों को धन संबंधी मामलों में संभलकर कदम उठाने की जरूरत है, खासकर निवेश करते समय विशेषज्ञ की राय लेना बेहतर रहेगा. सूर्य ग्रहण के दौरान जरूर करें ये काम 1. ग्रहण के समय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जप करना शुभ माना जाता है.  2. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और दान करना भी लाभकारी बताया गया है.  3. इस दौरान भोजन बनाने या खाने से बचने की परंपरा है.  4. खासकर गर्भवती महिलाओं को सावधानी रखने और तेज या नुकीली वस्तुओं का उपयोग न करने की सलाह दी जाती है.

हुमायूं कबीर के समधी पर ड्रग तस्करी का आरोप, 18 करोड़ की संपत्ति जब्त

  कोलकाता पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में निलंबित तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और भरतपुर से विधायक हुमायूं कबीर के परिवार से जुड़ा मामला सियासी और कानूनी दोनों ही मोर्चों पर तूल पकड़ता जा रहा है. जिस समय हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ के नाम से एक नई मस्जिद के निर्माण की शुरुआत की तैयारी चल रही थी, उससे ठीक दो दिन पहले राज्य पुलिस ने उनकी बेटी के ससुर शरीफुल इस्लाम से जुड़ी करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त कर लिया. यह कार्रवाई ड्रग तस्करी से जुड़े एक मामले में अदालत के आदेश के बाद की गई. पुलिस के अनुसार, शरीफुल इस्लाम के एक रिश्तेदार जियाउर रहमान को इस्लाम के घर के पास से करीब 500 ग्राम नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया गया था. इसी मामले की जांच के तहत संपत्तियों को एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस) एक्ट के तहत अटैच किया गया है. हुमायूं कबीर ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि उन्हें और उनके परिवार को राजनीतिक रूप से अपमानित करने के लिए झूठे मामले में फंसाया गया है. वहीं, उनकी बेटी नजमा सुल्ताना ने पुलिस पर परिवार को लगातार नोटिस भेजकर परेशान करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इशारे पर की जा रही है और इसका मकसद उनके पिता को राजनीतिक रूप से दबाव में लाना है. भारी पुलिस बल ने  लालगोला बस स्टैंड से सटे इलाके में शरीफुल इस्लाम से जुड़ी कई संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की, जिसमें एक होटल और एक आवासीय मकान शामिल है. यह कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली. इसके बाद मंगलवार को भी सुबह से ही लालगोला थाने की पुलिस ने हुमायूं कबीर की बेटी के ससुराल पक्ष की संपत्तियों को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी. पुलिस ने जिले के अलग-अलग इलाकों में स्थित कुल छह संपत्तियों को सील किया, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है. दूसरे दिन सील की गई संपत्तियों में ईंट भट्टे और व्यावसायिक दुकानें शामिल हैं. इस तरह पुलिस ने दो दिनों में हुमायूं कबीर की बेटी के ससुराल पक्ष की कुल 18 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों पर कार्रवाई की है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शरीफुल इस्लाम लालगोला पंचायत क्षेत्र के नलदहारी इलाके के निवासी हैं. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाके में ड्रग्स की तस्करी और उससे अर्जित संपत्तियों की जांच की जा रही है तथा जब्त की गई संपत्तियों को आगे नीलाम किया जाएगा. सूत्रों का दावा है कि शरीफुल इस्लाम ने ड्रग तस्करी के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है और मुर्शिदाबाद के अलावा कोलकाता में भी उनके फ्लैट और मकान हैं. उन्हें पहले भी दो बार ड्रग तस्करी के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है. बता दें कि हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर 2025 को अयोध्या में विवादित ढांचे के ध्वंस की बरसी के दिन बाबरी मस्जिद के मॉडल पर बनने वाली मस्जिद की आधारशिला रखी थी. मस्जिद निर्माण कार्य 11 फरवरी को कुरान तिलावत के बाद शुरू होने वाला है, जिसमें करीब 5,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है. टीएमसी द्वारा मस्जिद निर्माण का विरोध किए जाने के बाद हुमायूं कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था. इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘जनता उन्नयन पार्टी’ (JUP) बनाई और आगामी विधानसभा चुनाव में करीब 135 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. वहीं, बीजेपी उन्हें अक्सर सत्तारूढ़ दल की ‘बी-टीम’ बताकर निशाना बनाती रही है.

1000 साल बाद सोमनाथ में भव्य महाशिवरात्रि, 5 लाख श्रद्धालुओं का होगा उमड़ा हुजूम

अहमदाबाद महाशिवरात्रि के अवसर पर इस वीकेंड पर गुजरात के विश्वप्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. अधिकारियों के मुताबिक, पिछले महीने आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के बाद से मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कैलाश खेर समेत कई कलाकार देंगे प्रस्तुति 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के मद्देनजर सोमनाथ मंदिर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. गिर सोमनाथ जिले के कलेक्टर एनवी उपाध्याय ने सोमवार को बताया कि भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर बड़े पैमाने पर इंतजाम किए जा रहे हैं.गुजरात पर्यटन निगम की ओर से 14, 15 और 16 फरवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर समेत देशभर के कलाकार प्रस्तुति देंगे. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के बाद बढ़ी दर्शनार्थियों की संख्या उन्होंने बताया कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ 8 से 11 जनवरी के बीच आयोजित किया गया था, जो जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले ऐतिहासिक हमले के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रीय आयोजन था. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे. उपाध्याय के अनुसार, पहले जहां रोजाना करीब 20 हजार श्रद्धालु मंदिर आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 75 हजार प्रतिदिन हो गई है. महाशिवरात्रि के मुख्य दिन करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए आने की उम्मीद है. 10 गेटों पर सुरक्षा जांच के प्रबंध भीड़ प्रबंधन के लिए सुरक्षा जांच गेट की संख्या 6 से बढ़ाकर 10 कर दी गई है. दर्शन को सुचारु बनाने के लिए वन-वे एंट्री और एग्जिट सिस्टम लागू किया जाएगा. आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी. इसके अलावा मंदिर परिसर के पार्किंग क्षेत्र में बड़े स्तर पर भंडारे और प्रसाद वितरण के लिए अतिरिक्त काउंटर लगाए जाएंगे. गुजरात पर्यटन निगम की ओर से 14, 15 और 16 फरवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर समेत देशभर के कलाकार प्रस्तुति देंगे.

71 हजार करोड़ का घाटा: मध्य प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों की देश में क्या रैंकिंग?

भोपाल  मध्य प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। केंद्र सरकार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य की तीनों बिजली वितरण कंपनियों पर मार्च 2025 तक 49 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज हैं। वहीं, तीनों को कुल 71,395 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है। इस भारी नुकसान के साथ मध्य प्रदेश देश में बिजली वितरण के मामले में चौथे सबसे अधिक घाटे वाले राज्यों में शामिल हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो प्रदेश की बिजली वितरण व्यवस्था पर और अधिक वित्तीय दबाव बढ़ सकता है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। यह जानकारी बिजली राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।   एक कंपनी पर सबसे ज्यादा बोझ राज्य की सबसे बड़ी बिजली वितरण कंपनी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमपीएमकेवीवीसीएल) पर अकेले 30,900 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज है। यह नुकसान कई छोटे राज्यों के कुल घाटे से भी अधिक बताया जा रहा है। वहीं, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पर लगभग 27,992 करोड़ रुपये का घाटा है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को करीब 12,503 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। तीनों कंपनियों का संयुक्त घाटा प्रदेश की बिजली व्यवस्था की कमजोर आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। देश में कहां है मध्य प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर डिस्कॉम ने वर्ष 2025 में 2,701 करोड़ रुपए का कर पश्चात मुनाफा दर्ज किया है, लेकिन एमपी समेत कई राज्यों के लिए पुराने कर्ज और घाटे की भरपाई करना चुनौती बना हुआ है। बिजली वितरण कंपनियों के कुल घाटे के मामले में पहले स्थान पर तमिलनाडु है। वहीं, दूसरे नंबर पर उत्तरप्रदेश, तीसरे नंबर पर राजस्थान और चौथे नंबर पर मध्य प्रदेश है।    घाटे के पीछे ये कारण विशेषज्ञों के अनुसार बिजली कंपनियों के घाटे के मुख्य कारणों में तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान, बिजली दरों में समय पर संशोधन न होना, सरकारी विभागों का बकाया भुगतान और सब्सिडी की देर से भरपाई शामिल हैं। 

देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल पर फास्टैग से शुल्क कटने की समस्या, सात मिनट की छूट बनी महज दिखावा

 इंदौर देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई फास्टैग पार्किंग व्यवस्था परेशानी का कारण बन गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहने को तो ‘पिक एंड ड्राप’ के लिए सात मिनट और 59 सेकंड की समय-सीमा तय कर रखी है, लेकिन हकीकत यह है कि निकास द्वार (एग्जिट गेट) पर लगने वाली वाहनों की लंबी कतार के कारण यह छूट बेमानी साबित हो रही है। यदि कोई वाहन चालक समय रहते अपने स्वजन को छोड़कर बाहर निकलने की कोशिश भी करे तो कतार में खड़े-खड़े ही समय की सीमा पार हो जाती है और गेट पर पहुंचते ही फास्टैग से शुल्क कट जाता है। दरअसल, इंदौर एयरपोर्ट पर प्रवेश करते ही ऑनलाइन फास्टैग से एंट्री हो जाती है। निकासी के दौरान फास्टैग के तय समय से अधिक होने पर पार्किंग शुल्क काट लिया जाता है। समय की गणना के लिए यात्री के पास किसी तरह की रसीद नहीं होती है। पार्किंग शुल्क 20 से 55 रुपये वसूल हो रहा निकास द्वार पर तैनात कर्मचारी केवल कंप्यूटर स्क्रीन का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। कई बार निकासी द्वार पर लंबी कतार के कारण वाहन चालकों को पांच से सात मिनट का समय लग जाता है। कई यात्रियों ने शिकायत की है कि प्रवेश और निकास के बीच महज कुछ सेकंड की देरी होने पर भी सिस्टम पार्किंग शुल्क 20 से 55 रुपये वसूल रहा है। फास्टैग और कैश की लाइन अलग-अलग करना चाहिए एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी सदस्य सावन लड्ढा का कहना है कि पिक एंड ड्राप के दौरान हमेशा विवाद की स्थिति बनती है। एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था अलग होने तक फास्टैग और कैश की लाइन अलग-अलग करना चाहिए। इससे फास्टैग वाले वाहनों को निकलने में देरी नहीं होगी। डबल डिडक्शन की गड़बड़ी भी सामने आ रही कैश के साथ फास्टैग भी पार्किंग में एक और बड़ी गड़बड़ी डबल डिडक्शन की सामने आ रही है। यदि कोई यात्री फास्टैग काम न करने की स्थिति में या जल्दबाजी में नकद भुगतान कर देता है तो भी सेंसर वाहन का नंबर स्कैन कर फास्टैग से पैसे काट लेता है। ऐसे मामलों में रिफंड की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि अधिकांश यात्री चंद रुपयों के लिए शिकायत दर्ज कराने का झंझट ही नहीं पालते। मनीष कुमार ने बताया कि जनवरी में एयरपोर्ट पर उन्होंने नकद शुल्क दिया था, बाद में फास्टैग से भी शुल्क कट गया। जाम में फंसी सुविधा एयरपोर्ट पर पार्किंग और पिकअप पाइंट के बीच का ट्रैफिक मैनेजमेंट पूरी तरह फेल नजर आता है। क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ पीक आवर्स के दौरान जब उड़ानों का दबाव ज्यादा होता है, तब सात मिनट के भीतर एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकलना लगभग नामुमकिन है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक निकास द्वारों की संख्या नहीं बढ़ाई जाती और कतार में लगने वाले समय को शुल्क से मुक्त नहीं किया जाता, तब तक यात्रियों की जेब इसी तरह कटती रहेगी।     पिक एंड ड्रॉप में शुल्क लेने की शिकायतें आई थीं और एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस समस्या को रखा था। यदि अभी भी शिकायत आ रही है, तो अधिकारियों से सुधार के लिए बात करेंगे। एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था अलग की जा रही है। बिजासन माता मंदिर की तरफ से एग्जिट रहेगा। इसके बाद समस्या का समाधान हो जाएगा।     – शंकर लालवानी, सांसद  

MP से अमृतसर और बैंकाक के लिए सीधी फ्लाइट, इस महीने से शुरू होगा एयरलाइन संचालन

इंदौर   इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट (Devi Ahilyabai Holkar Airport) पर अप्रैल से लागू होने वाले समर शेड्यूल में कई नई उड़ानें मिलने की उम्मीद है। अमृतसर से लेकर बैंकाक तक की फ्लाइट मिल सकती है। 26 अक्टूबर से शुरू हुए विंटर शेड्यूल में 6 नई घरेलू फ्लाइट शुरू हुई, लेकिन एक भी नई इंटरनेशनल उड़ान नहीं मिली थी। मालूम हो दुबई, थाइलैंड और सिंगापुर की डिमांड बहुत है शहर से एक मात्र शारजाह इंटरनेशनल उड़ान का संचालन होता है। तीन साल से थाइलैंड और सिंगापुर के लिए डिमांड है तो दुबई उड़ान फिर से शुरू करने की मांग है। कई बार जनप्रतिनिधि और एयरपोर्ट प्रबंधन इनको लेकर पहल कर चुका है। अभी दिल्ली-मुंबई जाने की मजबूरी वर्तमान में मुंबई, दिल्ली जैसे शहरों से इन देशों के लिए जाना पड़ता है। यह महंगा होने के साथ समय भी ज्यादा लगता है। बीते साल एक एयरलाइंस ने बैंकाक की उड़ान की तैयारी कर सभी औपचारिकता पूरी कर ली थी, लेकिन जानकारों ऐनवक्त पर नहीं चली। एयरपोर्ट के सकती है। इधर, अमृतसर, कोच्ची और के अनुसार इस बार बैंकाक की उड़ान मिल बागडोगरा की भी उड़ानें शुरू हो सकती हैं। जोधपुर जहां बंद हो चुकी है तो उदयपुर, नासिक की उड़ानें भी बंद हो सकती हैं। सर्वे में पता चली डिमांड अक्टूबर में एयरपोर्ट की एडवाइजरी कमेटी की ने कई रूट को लेकर सर्वे बैठक में पता चला था कि एक एयरलाइंस किया था। इसमें बैंकॉक, दुबई और सिंगापुर उड़ान की मांग आई थी। सांसद शंकर लालवानी, अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने आश्वासन दिया था कि उड़ान शुरू हो जाएगी। मार्च में बढ़ जाएगी एयरपोर्ट की क्षमता अप्रेल में समर शेड्यूल लागू होगा, इसके पहले मार्च में रनवे का काम पूरा हो जाएगा जिससे एयरपोर्ट 24 घंटे चालू रहेगा। इतना ही नहीं पुराने टर्मिनल भी नए रूप में शुरू हो जाएगा। इससे उड़ानें बढ़ने पर सुविधाएं भी मिल जाएंगी।  थाइलैंड, दुबई और सिंगापुर की डिमांड से एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रबंधन को हमने डिमांड भेजी बैंकाक, अमृतसर, कोच्ची, बागडोगरा उड़ान मिलने की उम्मीद है। – हेमेन्द्र जादौन, अध्यक्ष, ट्रेवल एसोसिएशन ऑफ इंडिया एमपी-सीजी

Chandrayaan-4: ISRO ने चांद के साउथ पोल पर लैंडिंग साइट चुनी, लैंड रोवर का होगा मिशन

बेंगलुरु  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो (ISRO) अपने अगले बड़े चंद्र मिशन की तैयारी में तेजी से जुट गया है. चंद्रयान-4 मिशन के लॉन्च होने में भले ही अभी करीब दो साल बाकी हैं, लेकिन इसकी सबसे अहम तैयारियों को पूरा कर लिया गया है. इसरो ने चंद्रमा के साउथ पोल में लैंडिंग के लिए एक सुरक्षित जगह भी चुन ली है. केंद्र सरकार पहले ही चंद्रयान-4 मिशन को मंजूरी दे चुकी है. यह मिशन भारत का पहला लूनर सैंपल रिटर्न मिशन होगा. इसका मतलब है कि इस बार चंद्रमा की मिट्टी और चट्टानों के सैंपल को पृथ्वी पर लाया जाएगा. इस कारण से इस मिशन यानी चंद्रयान-4 को अभी तक का सबसे मुश्किल लूनर मिशन यानी चंद्र मिशन माना जा रहा है. इसरो प्रमुख वी नारायणन पहले ही साफ कर चुके हैं कि चंद्रयान-4 को साल 2028 में लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है. इस मिशन के वैज्ञानिकों ने चंद्रमा के साउथ पोल वाले इलाके में स्थित मॉन्स मूटन क्षेत्र का गहराई से अध्ययन किया. इस क्षेत्र में चार संभावित लैंडिंग साइट्स की पहचान की गई है, जिनके नाम MM-1, MM-3, MM-4 और MM-5 रखे गए. MM-4 साइट सबसे सुरक्षित इन सभी जगहों का अध्ययन इसरो के हाई-रिजॉल्यूशन ऑर्बिटर हाई रेजॉल्यूशन कैमरा की मदद से किया गया है. अलग-अलग एंगल से ली गई तस्वीरों और डेटा के आधार पर वैज्ञानिकों ने जमीन की ढलान, ऊंचाई और खतरे की संभावना को परखा. इस जांच में MM-4 साइट सबसे सुरक्षित पाई गई. इसरो अधिकारियों के मुताबिक MM-4 के आसपास एक किलोमीटर के क्षेत्र में खतरे वाली जगहें सबसे कम हैं. यहां जमीन की औसत ढलान करीब 5 डिग्री है, जो लैंडिंग के लिए काफी सुरक्षित मानी जाती है. इस जगह की औसत ऊंचाई 5334 मीटर है और यहां 24 मीटर गुणा 24 मीटर के कई ऐसे ग्रिड मिले हैं, जहां बिना किसी रुकावट के लैंडर उतारा जा सकता है. चंद्रयान-4 मिशन में कुल पांच मॉड्यूल होंगे. इनमें प्रोपल्शन मॉड्यूल, डिसेंडर मॉड्यूल, असेंडर मॉड्यूल, ट्रांसफर मॉड्यूल और री-एंट्री मॉड्यूल शामिल हैं. डिसेंडर और असेंडर मॉड्यूल मिलकर चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेंगे. इसके बाद सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे और उन्हें सुरक्षित तरीके से पृथ्वी तक वापस लाया जाएगा. इस मिशन की सफलता भारत को चंद्र अन्वेषण (Moon Exploration) के क्षेत्र में दुनिया के चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा कर देगी.

भोपाल वृत्‍त के करीब 3 लाख उपभोक्ताओं को जनवरी में 2 करोड़ से अधिक की छूट

भोपाल वृत्‍त के लगभग 3 लाख उपभोक्‍ताओं को जनवरी में 2 करोड़ से अधिक की छूट स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मिला सोलर ऑवर में 20 प्रतिशत छूट का लाभ भोपाल  मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्य क्षेत्र में 5 लाख 20  हजार 457 स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ डे छूट का लाभ प्रदान करते हुए जनवरी 2026 में कुल 3 करोड़ 61 लाख 26 हजार की रियायत प्रदान की गई है। इसमें भोपाल शहरी एवं ग्रामीण वृत्‍त के 2 लाख 97 हजार 813 उपभोक्‍ताओं को 2 करोड़ 10 लाख 66 हजार रूपए की दिन के टैरिफ में छूट मिली है। कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर टाइम ऑफ डे छूट के तहत यह रियायत प्रदान की गई है।   मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटरिंग पहल के अंतर्गत माह जनवरी 2026 के दौरान यह छूट प्रदान की गई है। दिन के टैरिफ में स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। कंपनी ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर में स्‍मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करें और स्‍मार्ट मीटर लगवाने से न घबराएं। स्‍मार्ट मीटर उनके लिए हर तरह से फायदेमंद है और स्‍मार्ट मीटर की सटीक रीडिंग और बिलिंग के साथ ही कार्यप्रणाली में भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। स्मार्ट मीटर से बिजली उपभोक्‍ताओं को ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद मिलती है। स्‍मार्ट मीटर बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती। ऐप से मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित किया जा सकता है। उपभोक्‍ताओं को ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बनाया जा सकता है। उपभोक्‍ता ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन मोबाइल एप के द्वारा किसी भी समय कहीं से भी देख सकते हैं। स्‍मार्ट मीटर ऊर्जा की खपत को कम करने में सहायक होकर पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करता है।  

राजधानी भोपाल में नया पुलिस थाना स्थापित, कजली खेड़ा क्षेत्र से सुरक्षा बढ़ेगी

भोपाल  राजधानी भोपाल के नगरीय क्षेत्र में एक और थाना बहुत जल्दी बढ़ने वाला है। दरअसल राज्य सरकार ने पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव पर कोलार के ग्रामीण क्षेत्र कजलीखेड़ा पुलिस चौकी को उन्नयन कर थाना बनाने की मंजूरी प्रदान कर चुक है। लेकिन थाना अभी तक संचालित नहीं हो सका है। भोपाल पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अवधेश गोस्वामी, डीसीपी जोन-4 मयूर खंडेलवाल, एडीसीपी जोन-4 मलकीत सिंह के साथ कोलार थाने का निरीक्षण किया और व्यवस्थाएं देखीं।  पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने एक-दो दिन में कजलीखेड़ा थाने को व्यवस्थाएं कर शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने कहा कि कोलार थाना क्षेत्र क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा है और ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल होने के कारण काम का बोझ अधिक है। उन्होंने कहा कि गांवों में पुलिस की तुरंत उपस्थिति के लिए कजलीखेड़ा थाने का संचालन शुरू किया जाए।  उल्लेखनीय है कि कजलीखेड़ा पहले पुलिस सहायता केंद्र था। वर्तमान में वह चौकी है। और वहां उप निरीक्षक केशांत शार्मा पदस्थ हैं। पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारी सहित 13 पुलिसकर्मियों को फिलहाल कोलार थाने से ही कजलीखेड़ा में पदस्थ किया जा रहा है। संभावना है कि बाद में नया थाना प्रभारी भी लाइन से भेजा जाए। पुलिस सूत्रों की मानें तो औपचारिकताएं पूरी होने के बाद फरवरी माह के अंत तक कजलीखेड़ा थाने का संचालन शुरू होने की संभावना है।  यह पुलिसकर्मी नए थाने में होंगे पदस्थ कोलार थाने से अलग होकर कजलीखेड़ा थाने में उप निरीक्षक सहित 13 पुलिसकर्मी पदस्थ किए जा रहे हैं। वर्तमान कजलीखेड़ा चौकी प्रभारी केशांत शर्मा को ही फिलहाल थाने की कमान सौंपी जा रही है। केशांत शर्मा के साथ एएसआई ⁠एएसआई रूपेश नर्रे, संतोष कुमार, ⁠प्रधान आरक्षक देवकीनंदन, सन्तोष यादव, रंजीत, महेश परमार के साथ आरक्षक रविन्द्र तोमर, रविन्द्र मालवीय, राजेश जाटव, ⁠प्रदीप यदुवंशी, ⁠जितेंद्र गुर्जर और ⁠महिला आरक्षक राधिका को नए थाने में पदस्थ करने संबंधी आदेश जारी किए गए हैं।