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ग्वालियर मेले में छूट का असर, फॉर्च्यूनर सहित कारों की बुकिंग बंद, ग्राहक उमड़े शोरूम्स में

ग्वालियर ग्वालियर व्यापार मेले में इस बार ऑटोमोबाइल सेक्टर में आकर्षक ऑफर और आरटीओ टैक्स छूट के बावजूद ग्राहकों को लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बुकिंग के दो-दो महीने बाद भी गाड़ियों की डिलीवरी नहीं हो पा रही है। मेले में छूट की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में ग्राहकों ने कार बुक कराई, लेकिन अब डिलीवरी में देरी से असंतोष बढ़ता जा रहा है। कई शोरूमों पर ग्राहकों को यह तक कहा जा रहा है कि मेला छूट जल्द खत्म होने वाली है, जबकि परिवहन विभाग की छूट पूरी मेला अवधि तक लागू है। इस भ्रमित जानकारी से ग्राहक और अधिक परेशान हैं। एक से दो महीने तक की वेटिंग लोकप्रिय मॉडलों पर एक से दो महीने तक की वेटिंग बताई जा रही है। ग्राहक मेले के ऑफर के भरोसे तुरंत कार लेने पहुंचते हैं, लेकिन लंबी प्रतीक्षा अवधि सुनते ही निराश हो जाते हैं। टाटा शोरूम के सीईओ श्रवण सिंह के अनुसार, बढ़ती मांग के कारण कई मॉडलों पर वेटिंग बढ़ी है, जिससे ग्राहक असंतोष जता रहे हैं। रोड टैक्स में छूट से बदला माहौल ग्वालियर व्यापार मेले में सरकार की ओर से रोड टैक्स में 50 फीसदी छूट का ऐलान भले ही कुछ देर से हुआ हो, लेकिन इसका असर तुरंत नजर आने लगा. ऑटोमोबाइल सेक्टर में अचानक रौनक लौट आई और कार-बाइक खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ गई. ग्राहक लंबे समय से इस छूट का इंतजार कर रहे थे. ऑटोमोबाइल सेक्टर में उमड़ी भीड़ मेले में अब देशी ही नहीं, विदेशी कारों और बाइकों के शोरूम भी सज चुके हैं. टैक्स छूट के साथ-साथ जीएसटी स्लैब में हुए बदलाव का भी फायदा ग्राहकों को मिल रहा है. इसी वजह से लोग बड़ी संख्या में मेले का रुख कर रहे हैं और जमकर खरीदारी कर रहे हैं. चार दिन में 4000 गाड़ियों की बिक्री टैक्स में छूट लागू होने के बाद सिर्फ चार दिनों में करीब 4000 गाड़ियों की बिक्री हो चुकी है. इन वाहनों की कुल कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है. इससे मेले में कारोबार पहले से कहीं ज्यादा तेजी पकड़ चुका है. लाखों रुपये की हो रही सीधी बचत रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट के चलते 20 लाख रुपये तक की कीमत वाली गाड़ियों पर करीब डेढ़ लाख रुपये तक की सीधी बचत हो रही है. यही वजह है कि मध्यम वर्ग और उच्च वर्ग दोनों ही बड़ी संख्या में वाहन खरीद रहे हैं. पहले से हो चुकी थी बड़ी प्री-बुकिंग रोड टैक्स छूट लागू होने से पहले ही मेले में डीलरों के पास 10 हजार से ज्यादा कार और बाइक की प्री-बुकिंग हो चुकी थी. सोमवार से जैसे ही टैक्स छूट शुरू हुई, खरीदार सीधे रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी के लिए पहुंचने लगे. पिछले साल ग्वालियर व्यापार मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 1550 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था. इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आंकड़ा ढाई हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा जा सकता है. अभी तो मेले की शुरुआत ही हुई है, बाकी दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है. रजिस्ट्रेशन के लिए परिवहन विभाग का अस्थायी कार्यालय गाड़ियों की बढ़ती बिक्री को देखते हुए परिवहन विभाग ने मेले में ही अपना अस्थायी कार्यालय खोल दिया है. यहां पर वाहन पंजीयन का काम किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े. ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह टैक्स छूट का फायदा उठाकर वाहन लेकर लौट रहे ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. कई लोग परिवार के साथ मेले में पहुंच रहे हैं और अपनी पसंद की कार या बाइक खरीद रहे हैं. व्यापारियों और डीलरों का कहना है कि अगर यही रफ्तार बनी रही, तो इस साल ग्वालियर व्यापार मेला नए रिकॉर्ड बना सकता है. लग्जरी कारों की बिक्री गुरुवार को मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर से चार लग्जरी वाहन बिके, जिनमें एक करोड़ 44 लाख रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर सहित ऑडी और बीएमडब्ल्यू की गाड़ियां शामिल रहीं। हालांकि इस बार लग्जरी वाहनों की बिक्री देरी से शुरू हुई है। फारच्यूनर की बुकिंग बंद टोयोटा शोरूम के प्रतिनिधि के अनुसार, अधिक मांग और लंबी वेटिंग के चलते फारच्यूनर की बुकिंग फिलहाल बंद कर दी गई है। समय पर डिलीवरी न होने से विवाद की स्थिति बन रही थी। महंगी एसेसरीज और बीमा की शर्तें कुछ ग्राहकों ने आरोप लगाया कि मेले में एसेसरीज बाजार से तीन से पांच हजार रुपये तक महंगी दी जा रही हैं। शोरूम संचालकों का कहना है कि वे केवल कंपनी की ओरिजिनल और वारंटी वाली एसेसरीज उपलब्ध करा रहे हैं। पार्किंग में भी अव्यवस्था मेला परिसर की पार्किंग व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। अब तक तीन वाहन चोरी हो चुके हैं और ठेकेदार पर सात-आठ नोटिस तथा एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके बावजूद शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ग्राहकों की प्रतिक्रिया महिंद्रा थार के एक ग्राहक ने बताया कि उन्होंने तीन महीने पहले बुकिंग कराई थी, तब जाकर डिलीवरी मिली। वहीं एक अन्य ग्राहक ने कहा कि वे तुरंत कार लेने की उम्मीद से आए थे, लेकिन एक महीने की वेटिंग सुनकर निराश लौटना पड़ा। पहले से हो चुकी थी बड़ी प्री-बुकिंग रोड टैक्स छूट लागू होने से पहले ही मेले में डीलरों के पास 10 हजार से ज्यादा कार और बाइक की प्री-बुकिंग हो चुकी थी. सोमवार से जैसे ही टैक्स छूट शुरू हुई, खरीदार सीधे रजिस्ट्रेशन और डिलीवरी के लिए पहुंचने लगे. पिछले साल ग्वालियर व्यापार मेले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 1550 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था. इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आंकड़ा ढाई हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा जा सकता है. अभी तो मेले की शुरुआत ही हुई है, बाकी दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है. रजिस्ट्रेशन के लिए परिवहन विभाग का अस्थायी कार्यालय गाड़ियों की बढ़ती बिक्री को देखते हुए परिवहन विभाग ने मेले में ही अपना अस्थायी कार्यालय खोल दिया है. यहां पर वाहन पंजीयन का काम किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े. ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह टैक्स छूट … Read more

होली से पहले किसानों के लिए खुशखबरी, छत्तीसगढ़ में गन्ना किसानों के खातों में पहुंचे पैसे; तुरंत चेक करें स्टेटस

रायपुर  होली से पहले छत्तीसगढ़ के गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित द्वारा किसानों के खातों में 4.73 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है। कारखाना प्रबंधन के अनुसार अब तक कुल 14,518 गन्ना किसानों को 51.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। त्योहार से पहले हुए इस भुगतान से किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है और वे आगामी कृषि कार्यों की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकेंगे। भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से जारी है। प्रशासन और कारखाना प्रबंधन किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए त्वरित भुगतान सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे सहकारी व्यवस्था में किसानों का भरोसा और मजबूत हुआ है। पेराई और उत्पादन में बेहतर प्रदर्शन चालू पेराई सत्र में अब तक: 2,42,990 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई 2,86,743 क्विंटल शक्कर का उत्पादन यह उपलब्धि किसानों के सहयोग, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और कारखाने की बेहतर कार्यप्रणाली का संयुक्त परिणाम है। गन्ना आपूर्ति को लेकर अहम अपील कारखाना प्रबंधन ने शेयरधारक एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से सर्वे के अनुरूप अधिकतम गन्ना आपूर्ति करने की अपील की है। पिछले पेराई सत्र 2024-25 और वर्तमान सत्र 2025-26 में सर्वे अनुमान के अनुसार गन्ना आपूर्ति नहीं होने से पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो सका।  पर्याप्त गन्ना आपूर्ति से: पेराई अवधि बढ़ेगी उत्पादन में वृद्धि होगी समय पर भुगतान जारी रहेगा उपविधि धारा 07(02)(घ) के अनुसार सदस्य किसानों के लिए उत्पादित गन्ना कारखाने में देना अनिवार्य है। लगातार आपूर्ति नहीं करने पर सदस्यता समाप्त किए जाने का प्रावधान भी है। किसानों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं कारखाना केवल एफआरपी भुगतान ही नहीं करता, बल्कि: रिकवरी राशि का अतिरिक्त भुगतान शासन द्वारा घोषित बोनस का वितरण रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध उन्नत बीज वितरण प्रशिक्षण सुविधा कारखाना परिसर में “बलराम सदन” ,केवल 5 रुपये में गरम भोजन की कैंटीन,इन प्रयासों से किसानों की आर्थिक और सामाजिक उन्नति सुनिश्चित की जा रही है। सामूहिक सहभागिता से मजबूत होगा कारखाना प्रबंधन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे सर्वे के अनुसार अधिकतम गन्ना कारखाने में दें, ताकि सहकारी व्यवस्था मजबूत हो और क्षेत्र के किसानों का भविष्य सुरक्षित रहे। होली से पहले किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर होना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

कथा सुनते-सुनते महिला हुई बेहोश, पंडित प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम में कार्डियक अरेस्ट की घटना

डबरा  ग्वालियर जिले की डबरा तहसील में नवग्रह पीठ के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में जमकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का चल रही थी। इसी दौरान एक महिला कार्डियक अरेस्ट आ गया। 65 वर्षीय महिला मौत नवग्रह मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान आयोजित हो रही शिव पुराण कथा में शामिल होने के लिए 65 वर्षीय पुष्पा देवी पहुंची थी। जो कि यूपी के इटावा की रहने वाली थी। शुक्रवार की सुबह करीब 8:00 बजे कथा सुनने के लिए पंडाल में पहुंची थी। जिसके करीब 10 मिनट बाद हालत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 10 मिनट में बिगड़ी तबीयत जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान पुष्पा देवी (65 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के इटावा की निवासी थीं। वह इन दिनों ग्वालियर के सराफा बाजार स्थित अपने जीजा के घर आई हुई थीं। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे वह कथा पंडाल में पहुंचीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कथा शुरू होने के लगभग 10 मिनट बाद ही उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़ीं। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित घटना के बाद मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है। श्रद्धालुओं में शोक धार्मिक आयोजन में हुई इस अचानक घटना से पंडाल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु स्तब्ध रह गए। आयोजन से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया है। फिलहाल परिजन महिला के पार्थिव शरीर को अपने गृह नगर ले जाने की तैयारी में हैं। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, वह सराफा बाजार में स्थित अपने जीजा के घर आईं थी।

पाकिस्तानी सेना में अंदरूनी कलह? जनरल की पिटाई पर हुक्मरानों की सफाई चर्चा में

इस्लामाबाद   पाकिस्तान में एक बार फिर से सेना की थू-थू हो रही है. पूरे देश में पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा की गंभीर चोटों को लेकर चर्चाएं हैं. वो अस्पताल में भर्ती हैं और उनका स्कल फ्रैक्चर बताया जा रहा है. जब पाकिस्तान भर में खुसुर-फुसुर शुरू हुई तो सेना और परिवार ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी करके कहा है कि ‘बाथरूम में फिसल जाने’ से उनका ये हाल हुआ है. हालांकि, भारतीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय खुफिया सूत्र को अंदर की बात पता चली है. CNN न्यूज18 को खुफिया सूत्रों ने बताया है कि बाजवा पर ये अटैक असल में फौजियों ने ही किया है. ‘बाथरूम में फिसले बाजवा’ दावा किया जा रहा है बाजवा के साथ ये घटना 10 फरवरी 2026 की सुबह तड़के 4:30 बजे हुई, ISPR और परिवार ने स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा है कि जनरल बाथरूम में फिसल गए और उनके सिर पर गंभीर चोटें आ गई. रावपिंडी के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) के आईसीयू में भर्ती बाजवा की खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ है और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. इस घटना ने पाकिस्तान सेना के भीतर पनप रहे आंतरिक असंतोष और बदले की आग को एक बार फिर सतह पर ला दिया है. जनरल बाजवा के साले नईम घुम्मन ने बताया कि जनरल नंगे पैर थे और बाथरूम में फिसल गए, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई. इसके बाद ISPR ने भी तुरंत पुष्टि की कि यह एक घरेलू दुर्घटना है और उनका सफल ऑपरेशन हो चुका है. Military Attack या कुछ और? हालांकि, खुफिया सूत्रों का मानना है कि यह कोई साधारण बाथरूम में फिसल जाने वाली घटना नहीं है. असल में जनरल बाजवा को तीन सैन्य कर्मियों ने घेर कर पीटा है. उन पर तब तक अटैक किया गया जब तक स्कल फ्रैक्चर नहीं हो गया. सूत्रों का दावा है कि 2022 में इमरान खान की सरकार गिराने के दौरान जनरल बाजवा ने ISI को कुछ ऐसे अधिकारियों के परिवारों को निशाना बनाने का आदेश दिया था जो इस तख्तापलट का विरोध कर रहे थे. माना जा रहा है कि यह हमला उन्हीं पीड़ित अधिकारियों के परिजनों या जूनियर कर्मियों ने किया है.

महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी पर गंभीर आरोप, पीड़िता ने समझौते की धमकियों की जानकारी पुलिस को दी

जयपुर  महामंडलेश्वर और कथावाचक उत्तम स्वामी पर राजस्थान निवासी एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने ई-मेल के माध्यम से दिल्ली पुलिस को शिकायत दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि धर्म और आस्था का भरोसा दिलाकर उसके साथ मानसिक रूप से प्रभाव डालते हुए दुष्कर्म किया गया। शिकायत में युवती का कहना है कि उत्तम स्वामी स्वयं को आध्यात्मिक गुरु बताते हैं और समाज में उनका व्यापक प्रभाव है। युवती के अनुसार, जब उन्हें यह जानकारी मिली कि वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रही है, तो उसे सीधे और परोक्ष रूप से धमकियां दी जाने लगीं, ताकि वह एफआईआर दर्ज न कराए। पीड़िता का कहना है कि एफआईआर दर्ज करवाने की भनक लगते ही उसे धमकियां मिलने लगी हैं। उत्तम स्वामी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। उनके करीबी लोग समझौते का दबाव बना रहे हैं। युवती ने ई-मेल में लिखा है कि उसके और उसके परिवार के बारे में बेहद निजी जानकारी रखी जा रही है। उसे नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका है। पीड़िता ने कहा- धर्म की आड़ में कई साल किया यौन शोषण युवती ने आरोप लगाया है कि उत्तम स्वामी कई साल से उसका यौन शोषण कर रहा था। जब वह नाबालिग थी, तभी से धर्म की आड़ में उसके साथ गलत काम किए गए। उसने विरोध किया तो उसे डराया-धमकाया गया। उत्तम स्वामी के प्रभाव के कारण लंबे समय तक वह शिकायत नहीं कर सकी। पीड़िता ने यह भी कहा है कि उसके पास आरोपों से जुड़े सबूत हैं और वह कानून की मदद लेना चाहती है। उसने आशंका जताई है कि आरोपी के प्रभाव के कारण साक्ष्यों से छेड़छाड़ की जा सकती है। गवाहों को प्रभावित करने की आशंका युवती ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि मामले के गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है। साथ ही उसने दावा किया है कि उसे लगातार डराया-धमकाया जा रहा है और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी के पास ऐसे समर्थक हैं, जो उसकी गतिविधियों और लोकेशन की जानकारी हासिल कर सकते हैं, जिससे उसकी सुरक्षा को खतरा है। पीड़िता के अंग्रेजी में भेजे गए ईमेल का हिन्दी में अनुवाद… मैं (पीड़िता) अपने लिए तत्काल पुलिस सुरक्षा का औपचारिक अनुरोध करने के लिए यह पत्र लिख रही हूं। मुझे उत्तम स्वामी (आरोपी) द्वारा गंभीर यौन अपराध (बलात्कार) का शिकार बनाया गया है। मैं भारतीय न्याय संहिता (BNS)/भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के अंतर्गत औपचारिक शिकायत दर्ज कराने वाली हूं। आरोपी स्वयंभू आध्यात्मिक व्यक्ति है, जिसका काफी प्रभाव और बड़ा अनुयायी वर्ग है। उसे हाल ही में मेरे द्वारा कानूनी कार्रवाई करने के इरादे की जानकारी मिल गई है। तब से मुझे एफआईआर दर्ज होने से रोकने और चुप कराने के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष धमकियां दी जा रही हैं। आरोपी के “गॉडमैन” जैसे प्रभाव के कारण गवाहों को प्रभावित करने, शारीरिक डराने-धमकाने और सबूत नष्ट करने का गंभीर खतरा है। आरोपी के पास मेरे आवागमन पर नजर रखने के संसाधन हैं, जिससे मैं अत्यंत असुरक्षित महसूस कर रही हूं। साथ ही, मीडिया में खबरें आने और आरोपी को मेरी पहचान पता चलने के कारण मेरी सुरक्षा खतरे में है। आरोपी ने धर्म और आस्था के नाम पर मुझे बहला-फुसलाकर कई स्थानों पर मेरे साथ बलात्कार किया है। बलात्कार के अतिरिक्त उस पर धोखाधड़ी, छल और आपराधिक विश्वासघात के भी आरोप हैं। मैं निवेदन करती हूं कि मेरे वर्तमान निवास पर 24×7 पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। कृपया मेरी पहचान और वर्तमान स्थान को गोपनीय रखा जाए। हमें आपके कार्यालय की प्रतिबद्धता पर विश्वास है और आशा है कि भय के कारण न्याय बाधित नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस ने की जांच और कार्रवाई की मांग उत्तम स्वामी पर लगे दुष्कर्म के आरोपों को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर मामले में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े नेताओं की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

विदिशा हादसा: बारातियों की कार भटक कर तालाब में गिरी, कई घायल और तीन की मौत

विदिशा  मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गुरुवार देर रात बारातियों से भरी तेज रफ्तार टवेरा कार अनियंत्रित होकर 30 फीट गहरे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लाेग घायल हो गए, घायलाें में दाे की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार गैरतगंज के जाफरखेड़ी निवासी दशरथ सिंह के यहां बारात आ रही थी। टवेरा कार में कुल 10 लोग सवार थे। देर रात अंधेरा होने और तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर वाहन से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार सड़क से फिसलकर करीब 30 फीट नीचे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 35 वर्षीय राजेश लोधी, 30 वर्षीय सोनू लोधी (ड्राइवर) और 35 वर्षीय चंद्रशेखर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं घायलों में अशोक लोधी (25) का बायां हाथ फ्रैक्चर हुआ है। 14 वर्षीय राज बोधी के पेट में गंभीर चोट आई है। बृजेश लोधी (27) और सुदीप लोधी (20) के सीने में गंभीर चोटें हैं। 45 वर्षीय भावसिंह लोधी और 10 वर्षीय ऋतुराज लोधी की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को विदिशा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इनमें से एक घायल को देर रात गंभीर हालत में भोपाल रेफर करना पड़ा। ग्रामीणों ने दिखाई मानवता हादसा शादी वाले घर से करीब एक किलोमीटर दूर हुआ। तेज धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कार में फंसे घायलों को बाहर निकालकर निजी वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचाया। कई घायल खून से लथपथ थे—किसी के माथे से तो किसी के हाथ से लगातार खून बह रहा था। कलेक्टर पहुंचे अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अंशुल गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। एडीएम, तहसीलदार, सीएसपी, कोतवाली और सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। डॉ. वर्मा ने बताया कि दो घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और वे फिलहाल खतरे से बाहर हैं।  

ओडीओपी योजना से निर्यात दोगुना, पारंपरिक उत्पादों को मिला वैश्विक मंच, बजट में आवंटन बढ़ा

ओडीओपी योजना से बदली कारीगरों की तकदीर, 3.16 लाख लोगों को मिला रोजगार ओडीओपी योजना से निर्यात दोगुना, पारंपरिक उत्पादों को मिला वैश्विक मंच, बजट में आवंटन बढ़ा सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की गई कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का माध्यम बनकर उभरी है। वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई इस पहल ने पारंपरिक कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को न केवल नई पहचान दी, बल्कि उन्हें बाजार, प्रशिक्षण और वित्तीय संबल भी उपलब्ध कराया। सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही है। परंपरागत उत्पादों को मिला प्रोत्साहन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बजट सत्र 2026-27 में प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को नई पहचान दी है। यह योजना परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहन देने, कारीगरों को प्रशिक्षण, टूल किट और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर जनपद में 2275 कारीगरों को उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई गई, जबकि 454 हस्तशिल्पियों को 16.26 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई।  दोगुना से अधिक हुआ निर्यात उन्होंने बताया कि आर्थिक दृष्टि से भी ओडीओपी योजना ने उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत योगदान ओडीओपी एवं हस्तशिल्प उत्पादों का बताया गया है। वर्ष 2018 से अब तक इस योजना के माध्यम से 3,16,000 लोगों को रोजगार सृजित हुआ है। 200 करोड़ के बजट का प्रावधान वित्तीय प्रतिबद्धता भी इस योजना के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। पिछले बजट में 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 135 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांडिंग को मजबूती मिली है। कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा उन्होंने कहा कि ओडीओपी केवल आर्थिक योजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का अभियान है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा गया है। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन व्यंजन’ जैसी नई पहल स्थानीय पहचान को और व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

वैश्विक बिकवाली का असर, भारतीय बाजार में भारी गिरावट; इन शेयरों को लगा तगड़ा झटका

मुंबई  अमेरिका से भारतीय शेयर बाजार तक कोहराम मचा हुआ है. इसकी सबसे बड़ी वजह AI को लेकर चिंता अब ग्‍लोबल स्‍तर पर आ चुकी है. एआई से मार्केट में भारी गिरावट देखी जा रही है. खासकर आईटी कंपनियों के लिए तो बड़ा संकट खड़ा हो चुका है. शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भी खुलते ही तेजी से गिरा.  सेंसेक्‍स 772.19 अंक या 0.92% टूटकर 82,902.73 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 0.78 फीसदी या 200.30 अंक गिरकर  25,606.90 पर कारोबार कर रहा था. सबसे ज्‍यादा गिरावट आईटी शेयरों में देखी जा रही है. टीसीएस इंफोस‍िस, एचसीएल टेक से लेकर महिंद्रा टेक के शेयर करीब 6 फीसदी तक गिरे हैं.   BSE के टॉप 30 शेयरों में से 24 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. बाकी 6 शेयरों में तेजी है, जो मामूली तेजी पर हैं. Infosys में करीब 6 फीसदी, टीसीएस में 5 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. एचसीएल टेक 4.14 फीसदी और टेक महिंद्रा के शेयरों में करीब 3 फीसदी की गिरावट है.   बीएसई के 3,337  शेयरों में से 847 शेयरों में तेजी और 2,327 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. 163 शेयर अनचेंज हैं. 41 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर और 106 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर हैं. वहीं 55 शेयरों में लोअर सर्किट और 79 शेयरों में अपर सर्किट है.                 अमेरिकी बाजार में 90 लाख करोड़ स्‍वाहा वहीं अमेरिका में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई है. वहीं अब एशियाई मार्केट में भी गिरावट हावी है. निवेशकों को डर है कि नए AI टूल्स कई पारंपरिक बिजनेस मॉडल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है और कंपनियों के मुनाफे को कम कर सकता है. AI का सबसे ज्‍यादा असबर ट्रकिंग, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सॉफ्टवेयर से जुड़े शेयरों में देखने को मिल रहा है. रिपोर्र्ट्स का दावा है कि अमेरिकी बाजार में आई गिरावट से करीब एक ट्रिलियन डॉलर या 90 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए हैं.  अमेरिकी बाजार में कोहराम  अमेरिकी मार्केट में गुरुवार को डॉऊ जोंस 669.42 अंक या 1.34% गिरकर 49,451.98  पर क्‍लोज हुआ. नैसडैक में सबसे ज्‍यादा गिरावट रही, जो 469.32  अंक या 2.03% टूटकर 22,597.15 पर बंद हुआ. S&P 500 इंडेक्‍स 1.57% या 108.71 अंक टूटकर 6,832.76  पर क्‍लोज हुए.

शादी टलने के बाद बढ़ा तनाव, प्रशासन सख्त; महापंचायत पर रोक, नेता हाउस अरेस्ट

मेरठ  मेरठ में बकायदा कार्ड छपवाकर मुस्लिम युवक से शादी का ऐलान करने वाली हिंदू लड़की का मामला बहुत ज्यादा गरमा गया है। हिंदूवादी नेताओं ने शादी नहीं होने देने का ऐलान किया तो पुलिस एक्टिव हुई। रार बढ़ने पर फिलहाल आज यानी 13 फरवरी को होनी वाली शादी टल गई है। रिसोर्ट मालिक ने बुकिंग भी कैंसिल कर दी है। युवती के चाचा ने मुस्लिम युवक के खिलाफ धर्मांतरण और लव जेहाद का आरोप लगा मुकदमा गंगानगर थाने में दर्ज कराया है, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, हिंदू संगठनों ने शादी वाले रिसोर्ट के बाहर हिंदू महापंचायत का ऐलान किया है। पुलिस इसे भी रोकने में जुट गई है। हिंदूवादी नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है। क्या है पूरा मामला गंगानगर निवासी युवती की 13 फरवरी को पैराडाइज व्यू रिसोर्ट में शादी होनी थी। शादी के जो कार्ड युवती पक्ष ने छपवाए, उन पर दूल्हे का नाम साहिल था, जबकि युवक का असली नाम शाहवेज बताया गया। हिंदू संगठनों और अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने इसे लेकर हंगामा किया। मामला तूल पकड़ा तो पुलिस ने युवती के चाचा की तहरीर पर शाहवेज के खिलाफ धर्मांतरण का मुकदमा गंगानगर थाने में दर्ज किया। अभी शाहवेज की गिरफ्तारी नहीं की गई है। शादी टल गई है। अब सोशल मीडिया पर पैराडाइव व्यू रिसोर्ट के बाहर शुक्रवार दोपहर हिंदू महापंचायत का ऐलान किया गया है। लव जेहाद और धर्मांतरण के मुद्दे पर महापंचायत बुलाई है। कई संगठनों समेत हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत कई संगठन के पदाधिकारियों ने महापंचायत में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है महापंचायत की अनुमति नहीं है, आयोजन नहीं होने दिया जाएगा। गंगानगर समेत सर्किल के बाकी थानों से फोर्स और पुलिस लाइन से अतिरिक्त फोर्स को शुक्रवार दोपहर गंगानगर में तैनात किया जा रहा है। धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज कराने वाले युवती के चाचा को धमकी भी मिल चुकी है। एसएसपी अविनाश पांडेय के अनुसार पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम कर रही है। इस मामले में पहले से मुकदमा दर्ज है और जांच शुरू कर दी गई है। नियमानुसार कार्रवाई कराई जा रही है। मंडप एसोसिएशन महामंत्री बोले, कोई बुकिंग नहीं मेरठ मंडप एसोसिएशन महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया 13 फरवरी को गंगानगर मवाना रोड स्थित पैराडाइज व्यू रिसोर्ट में आकांक्षा और शाहवेज की शादी का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है। रिसोर्ट मालिक सतीश मंगा ने बताया है कुछ संगठन द्वारा 13 अप्रैल को रिसोर्ट पर कथित हिंदू पंचायत को लेकर मैसेज वायरल किया जा रहा है। इस तरह के आयोजन के लिए रिसोर्ट पर न तो बुकिंग है और न ही ऐसी कोई पंचायत रिसोर्ट में होने दी जाएगी। न तो विवादित विवाह समारोह आयोजित होगा और न पंचायत के लिए कोई व्यवस्था की है। युवती ने पुलिस को दर्ज कराए बयान युवती ने मीडिया को बताया गंगानगर थाने में दर्ज मुकदमे को लेकर बयान दर्ज कराए हैं। 13 फरवरी को होनी वाली शादी को फिलहाल निरस्त कर दिया है। शाहवेज से बात नहीं हो पा रही है। पुलिस से मदद मांगी, लेकिन पुलिस ने मदद करने से इंकार कर दिया। कानून व्यवस्था का हवाला दिया। स्पेशल मैरिज एक्ट में एडीएम कार्यालय पर नवंबर में आवेदन किया था। इसके बाद ही शादी की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। युवती ने कहा कि वह बौद्ध धर्म को मानती है और हिंदू धर्म से कोई वास्ता नहीं है। पुलिस जिसे खोज रही, वो सोशल मीडिया पर एक्टिव अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने बताया वह पंचायत को लेकर सोशल मीडिया पर लाइव थे। इसी दौरान वांटेड शाहवेज सोशल मीडिया पर आया और कमेंट किया। लिखा सिरोही जी, मेरा पीछा छोड़ दो, मेरी शादी हो जाने दो। सचिन सिरोही ने सवाल उठाया जिसके खिलाफ धर्मांतरण में मुकदमा है, वह सोशल मीडिया चला रहा है, लेकिन पुलिस पकड़ नहीं रही। युवती के बौद्ध धर्म वाले बयान पर कहा कि युवती ने अपने घर पर पांच दिन पहले माता की चौकी और पूजा का कार्यक्रम रखा था, जिसकी वीडियो भी है। यदि युवती बौद्ध धर्म अपना चुकी है तो ये पूजा क्यों हुई? बौद्ध धर्म अपनाने के साक्ष्य दें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में है अयोध्या का धार्मिक विकास

राम की नगरी में आने वाले भक्तों का स्वागत करेगा लक्ष्मण द्वार एनएच-330ए पर बन रहा भव्य लक्ष्मण द्वार, 3,970.50 लाख रुपये की लागत से हो रहा निर्माण पिंक सॉलिड स्टोन से सजेगा प्रवेश द्वार, अयोध्या-गोण्डा मार्ग की बढ़ेगी गरिमा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में है अयोध्या का धार्मिक विकास अयोध्या  राम की नगरी अब भक्तों के लिए और अधिक आकर्षक व स्वागतमय बन रही है। राम मंदिर के दर्शनार्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत करने के लिए एनएच-330ए (अयोध्या-गोण्डा मार्ग) पर एक शानदार लक्ष्मण द्वार का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह प्रवेश द्वार अयोध्या की धार्मिक गरिमा को और निखारने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह भव्य लक्ष्मण द्वार देईपुर/कटरा भागचंद्र अहतमाली क्षेत्र में 40 मीटर चौड़े मार्ग पर बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को इस परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुल निर्माण लागत 3,970.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। द्वार को पिंक सॉलिड स्टोन से सजाया जाएगा, जो इसे राजसी एवं आकर्षक बनाएगा। पिंक स्टोन का उपयोग न केवल सौंदर्य बढ़ाएगा, बल्कि यह स्थानीय शिल्प कौशल को भी प्रदर्शित करेगा और अयोध्या की प्राचीन वास्तुकला से प्रेरित होगा। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र यादव ने बताया कि वर्तमान में परियोजना का 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अक्टूबर तक पूरा लक्ष्मण द्वार तैयार हो जाएगा। भव्य और यादगार पड़ाव साबित होगा लक्ष्मण द्वार के बनने से यह मार्ग धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक भी बन जाएगा। रामायण काल में लक्ष्मण जी के भाई राम के प्रति समर्पण की याद दिलाता यह द्वार भक्तों के मन में श्रद्धा एवं उत्साह का संचार करेगा। अयोध्या विकास की इस नई परियोजना से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश का धार्मिक पर्यटन नक्शा और चमकदार हो रहा है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी मजबूती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में धार्मिक स्थलों का विकास एवं पर्यटन संवर्धन प्रमुख स्थान रखता है। अयोध्या में राम मंदिर के लोकार्पण के बाद यहां पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। लक्ष्मण द्वार का निर्माण इसी दिशा में एक और कदम है, जो न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। स्थानीय व्यापारियों, होटलों, परिवहन सेवाओं और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। एनएच-330ए पर यह लक्ष्मण द्वार अयोध्या-गोण्डा मार्ग की गरिमा को कई गुना बढ़ा देगा।