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रेवाड़ी की चहक ने एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में जीता रजत पदक

चंडीगढ़. नई दिल्ली स्थित डा. करनी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित एशियन राइफल/शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में रेवाड़ी जिले की चहक यादव ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। रेवाड़ी के पी.एम. श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की 12वीं कक्षा की छात्रा चहक यादव ने 10 मीटर ऐयर पिस्टल यूथ महिला वर्ग में 600 में से 574 अंक हांसिल कर रजत पदक और भारतीय टीम की प्रतिभागी में यह स्वर्ण पदक हासिल किया है। इस उपलब्धि से चहक यादव ने न केवल अपने जिला रेवाड़ी अपितु हरियाणा व देश का नाम रोशन किया है। चहक यादव हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत सुनील कुमार की पुत्री है। डा. करनी सिंह शूटिंग रेंज नई दिल्ली में आयोजित एशियन राइफल/शूटिंग चैंपियनशिप-2026 में एशिया महाद्वीप के 20 देशों के लगभग 300 खिलाडिय़ों ने अलग-अलग वर्गों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह जानकारी चहक यादव के कोच रमन राव ने दी। उन्होंने बताया कि चहक यादव 12 वर्ष की आयु से उनकी शूटिंग स्पोर्ट्स अकेडमी में शूटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है।

पंजाब में मौसम बदलने से 29 डिग्री पर पहुंचा तापमान

लुधियाना. पंजाब में पिछले दो सप्ताह से मौसम लगातार साफ है। मौसम साफ रहने से दिन में धूप खिल रही है। धूप की वजह से दिन का तापमान भी बढ़ने लगा है। फरवरी में मार्च के आखिरी दिनों जैसी गर्मी महसूस होने लगी है। बढ़ता तापमान गेहूं की फसल को प्रभावित कर सकता है। रविवार को फरीदकोट में दिन का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो कि सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। जबकि लुधियाना, बठिंडा व पटियाला में तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक था। वहीं, फिरोजपुर में 26.5 डिग्री सेल्सियस, चंडीगढ़ में 26.4 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर में 26.8 डिग्री सेल्सियस, मोहाली में 26.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। तीनों जिलों में दिन का तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक था। उधर एसबीएस नगर में 25.0 डिग्री सेल्सियस व होशियारपुर में 25 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। इन जिलों में दिन का तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। पिछले एक सप्ताह से कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक चल रहा है। जबकि रात का तापमान तीन दिनों से कई जिलों में सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। रात में मोहाली में सबसे अधिक 13.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक था। पटियाला में रात का तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक था। वहीं, लुधियाना में रात का तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से 3.0 डिग्रीसेल्सियस अधिक था। जबकि बठिंडा में रात का तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस व फरीदकोट में 11.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में 10.8 डिग्री, अमृतसर में 8.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दूसरी तरफ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार से पंजाब में मौसम बदलेगा। हिमाचल व जम्मू कश्मीर के उपरी हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब में 17 व 18 फरवरी को बादल छाएं रहने, बूंदाबांदी व हल्की वर्षा की संभावना है।

सरगुजा में आज से लगेगा संभाग स्तरीय रोजगार मेला

जशपुर. प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में अधिकाधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरगुजा में 16 और 17 फरवरी 2026 को संभाग स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जाएगा. जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि मेला में सहभागिता के लिए ऑनलाइन पोर्टल erojgar.cg.gov.in या छत्तीसगढ़ रोजगार एप में ऑनलाईन पंजीयन कर सकते है. ऐसे आवेदक जिन्होनें ऑनलाईन पोर्टल erojgar.cg.gov.in या छत्तीसगढ़ रोजगार एप में रोजगार पंजीयन एवं रोजगार मेला हेतु पंजीयन नहीं करवाया है, वे पोर्टल पर अपना पंजीयन करवा सकतें है. एवं अपने समस्त शैक्षणिक योग्यता, पासपोर्ट साईज फोटो, पहचान पत्र, अनुभव प्रमाण पर इत्यादि दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि को उपस्थित हो सकतें है. अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय जशपुर से सम्पर्क किया जा सकता है.

बजट सत्र शुरू होते ही MP विधानसभा में कांग्रेस का जोरदार हंगामा, भागीरथपुरा कांड पर सस्पेंस, कार्यवाही टली

 भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र (Madhya Pradesh budget 2026-27) सोमवार को शुरू होते ही हंगामें की भेंट चढ़ गया। राज्यपाल के अभिभाषण में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से लोगों की हुई मौत का उल्लेख ना होने पर कांग्रेस के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। सोमवार को जैसे ही राज्यपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण शुरू हुआ, उसके कुछ देर बाद ही कांग्रेस के सभी विधानसभा सदस्य सदन में खड़े होकर विरोध करने लगे। सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कांग्रेस विधायक इंदौर के भागीरथपुरा कांड का राज्यपाल के अभिभाषण में उल्लेख नहीं होने से नाराज दिखे और हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस सदस्यों का हंगामा बढ़ता देख राज्यपाल ने सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। हालांकि इस बात का पहले से अनुमान लगाया जा रहा था कि इस 12 बैठकों वाले सत्र में इंदौर के दूषित जल कांड, जहरीले कफ सीरप और सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह की अशालीन टिप्पणी पर कार्रवाई न होने, कानून-व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा हो सकता है। दस स्थगन, 236 ध्यानाकर्षण की सूचना बजट सत्र के लिए विधायकों ने 1,750 तारांकित और 1,728 अतारांकित प्रश्न लगाए हैं। 10 स्थगन, 236 ध्यानाकर्षण, 41 अशासकीय संकल्प और 83 शून्यकाल की सूचनाएं विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हुई हैं। उधर, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा सहित सचिवालय के अधिकारियों के साथ विधानसभा की व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षा-व्यवस्था चाकचौबंद रहे। प्रवेश पत्र के माध्यम से ही प्रवेश हो। कांग्रेस ने बुलाई विधायक दल की बैठक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को विधायक दल की बैठक बुलाई थी। सूत्रों के अनुसार इसमें सरकार को घेरने के लिए इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों, बेरोजगारी, एससी-एसटी वर्ग पर बढ़ते अत्याचार, ड्रग्स के मामले, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते कर्ज सहित सदन में उठाए जाने वाले अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।  

डेंगू, मलेरिया और एईएस/जेई पर किया प्रभावी प्रहार, डिजिटल सर्विलांस पोर्टल से मॉनीटरिंग हुई मजबूत

योगी सरकार ने संचारी रोग नियंत्रण में रचा इतिहास, मृत्यु दर में आई उल्लेखनीय कमी  डेंगू, मलेरिया और एईएस/जेई पर किया प्रभावी प्रहार, डिजिटल सर्विलांस पोर्टल से मॉनीटरिंग हुई मजबूत वर्ष 2017 के मुकाबले 2025 में 89 प्रयोगशालाएं हो रहीं संचालित, 86 सेंटिनल और तीन एपेक्स प्रयोगशालाएं शामिल – एईएस से होने वाली मौतों में 99 प्रतिशत और जेई में 98 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई लखनऊ  योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों के दौरान संचारी रोगों के नियंत्रण को लेकर कई व्यापक और परिणामकारी कदम उठाए हैं। योगी सरकार ने डेंगू, मलेरिया तथा एईएस/जेई जैसे गंभीर रोगों पर प्रभावी प्रहार करते हुए जांच, उपचार और मॉनीटरिंग व्यवस्था को मजबूत बनाया। साथ ही डिजिटल सर्विलांस, प्रयोगशालाओं के विस्तार और त्वरित उपचार व्यवस्था से मृत्यु दर में ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। 16 संक्रामक रोगों की 34 हजार से अधिक लैब में हो रही जांच स्वास्थ्य सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि प्रदेश में एकीकृत डिजिटल सर्विलांस पोर्टल (आईडीएसपी) विकसित कर रोगों की निगरानी को सशक्त किया गया है। पोर्टल पर कुल 34,334 लैब पंजीकृत हैं, जिनमें 31,885 सरकारी तथा 2,439 गैर-सरकारी लैब शामिल हैं। इन लैबों के माध्यम से 16 संक्रामक रोगों और 6 वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज की नियमित जांच की जा रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए समयबद्ध सूचना उपलब्ध होने से रोगों की पहचान और नियंत्रण की कार्रवाई तेज हुई है। यही वजह है कि डेंगू की जांच सुविधाओं में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्ष 2017 में जहां 29 जनपदों में मात्र 36 प्रयोगशालाएं संचालित थीं, वहीं वर्ष 2025 तक प्रदेश के सभी जनपदों में 89 प्रयोगशालाएं क्रियाशील हो चुकी हैं। वर्तमान में 86 सेंटिनल प्रयोगशालाएं और तीन एपेक्स प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं। इससे डेंगू की उन्नत जांच सुविधा प्रदेशभर में उपलब्ध कराई जा रही है। जांच और उपचार व्यवस्थाओं में सुधार से डेंगू की मृत्यु दर जहां वर्ष 2017 में 0.91 थी, जो वर्ष 2025 में घटकर 0.06 रह गई है। इस अवधि में मृत्यु दर में लगभग 94 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। एईएस से होने वाली मौतों में 99 प्रतिशत और जेई में 98 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई सचिव ने बताया कि मलेरिया नियंत्रण के क्षेत्र में भी प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2017 में सूचित मलेरिया रोगियों की संख्या 32,342 थी, जो वर्ष 2025 में घटकर 14,688 रह गई। इस प्रकार कुल रोगियों में लगभग 55 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं जांचों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में 46.69 लाख मलेरिया जांचें की गई थीं, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 1.54 करोड़ तक पहुंच गया है। यानी जांचों की संख्या में 229 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी तरह एईएस/जेई नियंत्रण कार्यक्रम के तहत भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2017 से लेकर 2025 तक एईएस रोगियों की संख्या में 85 प्रतिशत की कमी आई है। एईएस से होने वाली मौतों की संख्या में 99 प्रतिशत तथा रोग मृत्यु दर में 94 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी प्रकार जेई के रोगियों की संख्या में 96 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि जेई से होने वाली मृत्यु में 98 प्रतिशत और रोग मृत्यु दर में 76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह उपलब्धि विशेष रूप से पूर्वांचल के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां कभी एईएस/जेई गंभीर चुनौती बने हुए थे। ब्लॉक स्तरीय इंसेफलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर से इलाज की क्षमता हुई सुदृढ़ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में सूबे की कमान संभालने के बाद दिमागी बुखार के समूल उन्मूलन को उच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावित जिलों में व्यापक प्रयास सुनिश्चित किए। इसमें गोरखपुर और बस्ती मंडल के सभी सघन चिकित्सा इकाइयों में वेंटिलेटर सुविधा स्थापित की गई। इसके अतिरिक्त पीआईसीयू, ब्लॉक स्तरीय इन्सेफलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर, वेंटिलेटर, सेंटिनल तथा एपेक्स प्रयोगशालाओं की स्थापना कर उपचार क्षमता को सुदृढ़ किया गया। इससे गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध हो सका। योगी सरकार ने संचारी रोगों की रोकथाम के लिए केवल चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार ही नहीं किया, बल्कि जागरूकता अभियानों, स्वच्छता कार्यक्रमों और सामुदायिक सहभागिता पर भी विशेष बल दिया। गांव-गांव सर्वे, लार्वा निरोधक छिड़काव, फॉगिंग तथा आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर संपर्क अभियान चलाए गए। डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों की त्वरित पहचान कर नियंत्रण उपायों को प्रभावी बनाया गया, जिससे संचारी रोगों पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया गया।

डॉ. हेमलता का निधन, पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में होगा अंतिम संस्कार; 60 करोड़ की संपत्ति पर सस्पेंस

जबलपुर जबलपुर की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन से चिकित्सा जगत और शहर में शोक की लहर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के उपरांत पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज (एमसीएच) के फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है। राइट टाउन निवासी डॉ. श्रीवास्तव को करीब एक माह पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी तबीयत में सुधार भी हुआ था, लेकिन रविवार को अचानक उनका निधन हो गया। उनके पति और बेटे का पहले ही देहांत हो चुका था। संपत्ति हड़पने के आरोप में डॉ. सुमित जैन, पत्नी प्राची जैन, उनकी बहन व जीजा पर मामला दर्ज है। डॉ. श्रीवास्तव की संपत्ति पर कई दावे एसडीएम और पुलिस की मौजूदगी में हेमलता श्रीवास्तव का पोस्टमॉर्टम किया गया। कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर जब उन्हें कार से बाहर ले जाया जा रहा था, तभी उनकी करोड़ों की संपत्ति होने की जानकारी सामने आई, जिस पर अलग-अलग लोग दावा कर रहे हैं। डॉ. सुमित जैन के अनुसार 14 जनवरी को उनके जन्मदिन पर हेमलता उनके साथ थीं, जबकि इससे 12 दिन पहले 2 जनवरी को उन्होंने अपनी इच्छा से करीब 11 हजार वर्गफीट जमीन ससुर और बेटे के नाम मेमोरियल अस्पताल के लिए दान की थी। गायत्री मंदिर ट्रस्ट किया था दान करने का दावा इधर गायत्री मंदिर ट्रस्ट ने भी करोड़ों की संपत्ति को लेकर दावा किया है कि हेमलता श्रीवास्तव ने अपनी छोटी बहन कनक लता मिश्रा के सामने इच्छा जताई थी कि वे अपनी पूरी संपत्ति ट्रस्ट को देना चाहती हैं। हालांकि, इस मामले में आईएमए भी हस्तक्षेप कर चुका है। हेमलता श्रीवास्तव की छोटी बहन शांति तिवारी, जो छत्तीसगढ़ में रहती हैं, उन्हें सूचना दे दी गई है। उनके जबलपुर पहुंचने के बाद सोमवार को शव परिजनों को सौंपा जाएगा। दोपहर करीब 12 बजे पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में रानीताल मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया जाएगा। बयान में फर्जीवाड़े का जिक्र किया था डॉ. हेमलता की 60 करोड़ रुपए मूल्य की 11 हजार वर्गफीट संपत्ति के विवाद के बीच जनवरी में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन ने उनका रेस्क्यू कर उन्हें मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया था। स्वस्थ होने पर उन्होंने बयान में कहा था कि गलत जानकारी देकर दान-पत्र लिखवाकर रजिस्टर्ड कराया गया। मामले में डॉक्टर दंपती, रजिस्ट्रार व अन्य की भूमिका की जांच जारी है। प्रताड़ना और जबरन दस्तावेज लिखवाने के आरोप इस पूरे मामले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। IMA का कहना है कि सीनियर लेडी डॉक्टर को संपत्ति के लिए प्रताड़ित किया गया और उनकी शारीरिक व मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद रजिस्ट्री और दान-पत्र लिखवाए गए। 12 जनवरी को जन्मदिन पर केक काटा, 14 को तबीयत बिगड़ी हेमलता श्रीवास्तव का 12 जनवरी को 81वां जन्मदिन था, जिसका एक वीडियो भी सामने आया था। डॉ. सुमित जैन और उनकी पत्नी प्राची जैन के साथ हेमलता श्रीवास्तव का केक कटवा रहे हैं। आरोप है कि 13 जनवरी तक स्वस्थ रहने वाली हेमलता की अचानक 14 जनवरी को कैसे तबीयत बिगड़ी। उन्हें घर के सामने स्थित मुखर्जी अस्पताल में भर्ती कराया, तभी से उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनके हाथ में अल्सर हो गया। सुमित जैन ने बताया कि तरुण बहरानी वहां पर मौजूद थे। अस्पताल प्रबंधन की मदद से ना जाने क्या दवा दी गई कि हेमलता श्रीवास्तव की हालत इतनी बिगड़ गई। सुमित जैन का कहना है कि जिस वीडियो को मेडिकल कॉलेज का बताया जा रहा है, वो असल में मुखर्जी अस्पताल का है।

शिवपुरी मर्डर के विरोध में MP के वकील कोर्ट से हटेंगे, ज्ञापन देकर सुरक्षा कानून की कर रहे मांग

जबलपुर  मध्य प्रदेश के वकील आज सोमवार को न्यायालयीन कार्य से अलग रहेंगे। 14 फरवरी शिवपुरी जिले में एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात उस समय हुई, जब अधिवक्ता यूनिफॉर्म में कोर्ट जा रहे थे। इससे आक्रोशित वकीलों ने विरोध स्वरूप प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया है। यह फैसला रविवार को मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल की बैठक में लिया गया है। इससे पहले मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जिला बार और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार ने भी संयुक्त रूप से सोमवार को पैरवी न करने का निर्णय लिया था। मप्र स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता ने कहा कि अधिवक्ताओं पर लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए अब एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। रविवार दोपहर सभी सदस्यों की ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया है। 7 दिन का अल्टीमेटम, फिर मुख्यमंत्री निवास घेराव बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया जाएगा। इस दौरान कलेक्टर और तहसील स्तर पर अधिवक्ता, तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इसके बाद भी सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाया, तो काउंसिल के नेतृत्व में प्रदेश के करीब सवा लाख अधिवक्ता भोपाल जाकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। बैठक के अंत में मृत अधिवक्ता को श्रद्धांजलि भी दी गई। एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग स्टेट बार काउंसिल की बैठक से पहले रविवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी, जिला बार अध्यक्ष मनीष मिश्रा, सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के सचिव निखिल तिवारी की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया है कि संजय कुमार सक्सेना के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा, एक आश्रित को सरकारी नौकरी और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग सरकार से की जाएगी। साथ ही एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू करने पर जोर दिया गया। चीफ जस्टिस को पत्र, मुकदमे खारिज न करने का आग्रह तीनों बार एसोसिएशनों ने सोमवार को मनाए जाने वाले प्रतिवाद दिवस की जानकारी मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र के माध्यम से दी है। पत्र में आग्रह किया है कि वकीलों की गैरहाजिरी में मामलों को खारिज न किया जाए। सोमवार को दोपहर 12:30 बजे वकील मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपेंगे। वर्षों से लंबित है एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन ने कहा कि वकीलों की सुरक्षा के लिए कई वर्षों से एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की जा रही है। भोपाल में वकीलों की महा-पंचायत आयोजित कर सरकार ने भरोसा भी दिलाया था, लेकिन अब तक इसका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

हिंदू युवक से मोहब्बत में मुस्लिम युवती ने किया धर्म परिवर्तन, मिस्बा अहमद बनी मनीषा

लुधियान  कहते हैं कि मोहब्बत न तो जाति देखती है और न ही धर्म। सच्ची मोहब्बत करने वाले सामाजिक और परिवार की बेड़ियों को भी तोड़ देते हैं। कुछ ऐसा ही मामला यूपी के अलीगढ़ से सामने आया है। यहां पंजाब के लुधियाना की एक युवती ने अलीगढ़ के हिंदू युवक की मोहब्बत में अपना धर्म परिवर्तन कर लिया है। मिस्बा अहमद से मनीषा बनी युवती ने अलीगढ़ में अपने धर्म परिवर्तन का प्रार्थना पत्र दिया है। मामला जिले में उत्तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज किया गया पहला केस है। पंजाब के लुधियान आजाद नगर खन्ना निवासी मिस्बा अहमद ने एक धर्म से दूसरे धर्म में आशायित संपरिवर्तन के संबंध में यूपी विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड प्रार्थना पत्र प्रशासन को दिया है। जिसमें मिस्बा ने स्वेच्छा से मुस्लिम से हिन्दू धर्म परिवर्तन करने की जानकारी दी गई है। युवती ने पिछले दिनों हिन्दू धर्म में वापिसी का शपथ पत्र दिया और प्रयागराज में एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर धर्म परिवर्तन भी कर लिया। मिस्बा अब मनीषा के नाम से पहचानी जाएगी। टप्पल निवासी युवक की मोहब्बत में मिस्बा ने ऐसा किया। टप्पल के गांव बैना निवासी युवक के परिजन धर्म परिवर्तन के साक्षी बने। अब धर्म परिवर्तन को विधिवत रजिस्टर्ड किया जाएगा। प्रशासन इस मामले की कार्रवाई में तैयारी शुरू कर दी है। 2020 में लागू हुआ था अधिनियम यूपी विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम 27 नवंबर 2020 को उत्तर प्रदेश में लागू हुआ था। अधिनियम के तहत जबरन धर्म परिवर्तन करने वालों पर सख्त कार्यवाही का भी प्रावधान है। धर्म परिवर्तन की कानूनी प्रक्रिया नोटरीकृत हलफनामा तैयार किया जाता है जिसमें नाम, पुराना पता, पुराना धर्म, और नया धर्म दर्ज हो। धर्म परिवर्तन केवल अपनी मर्जी से होना चाहिए। लालच, जबरदस्ती, या विवाह के बहाने (केवल शादी के लिए) किया गया धर्मांतरण गैरकानूनी है। यदि प्रशासन को लगता है कि जबरन धर्म परिवर्तन हुआ है, तो पुलिस जांच की जा सकती है। जबरन या अवैध तरीके से धर्मांतरण के मामलों में 1 से 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है। एक सप्ताह पहले संभल में युवती ने बदला था धर्म एक सप्ताह पहले संभल में इसी तरह का मामला सामने आया था। यहां एक युवती हिंदू प्रेमी के लिए घर वालों से बाग बन गई थी। परिवार वालों की मर्जी न होने के बाद उसने धर्म परिवर्तन करके हिंदू युवक से शादी कर ली थी। यही नहीं उसने अपना नाम भी बदल लिया था। हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के नवाड़ा गांव निवासी समरीन और अंकित एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। शादी करने के लिए तैयार नहीं हुए तो 27 जनवरी को समरीन घर छोड़कर अंकित के घर पहुंची और उसके साथ रहने की इच्छा जताई। समरीन के घर से जाने पर उसकी मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और अदालत में पेश किया। अदालत में दोनों ने खुद को बालिग बताया। समरीन ने स्पष्ट कहा कि वह अपनी इच्छा से अंकित के साथ रहना और विवाह करना चाहती है। 2 फरवरी को बयान दर्ज होने के बाद सीडब्ल्यूसी ने युवती को अंकित के सुपुर्द करने का आदेश दिया। सीडब्ल्यूसी के आदेश के बाद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। विवाह के उपरांत समरीन ने हिंदू धर्म अपनाते हुए अपना नाम रूही रख लिया। अंकित के परिवार ने उसे स्वीकार कर लिया है।

असम कांग्रेस में टूट: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने छोड़ी पार्टी

गुवाहाटी असम में अगले कुछ महीनों में ही चुनाव होने वाले हैं और उससे ठीक पहले कांग्रेस को करारा झटका लगा है। पार्टी के सीनियर लीडर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सभी पदों के साथ ही प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। रिपुन बोरा ने 2021 में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से तब इस्तीफा दे दिया था, जब कांग्रेस की करारी हार हुई थी। वह राज्यसभा के भी सदस्य रह चुके थे। तरुण गोगोई सरकार के दो कार्यकालों में वह लगातार मंत्री रहे और पहली बार 2001 में विधायक चुने गए थे। वह असम कांग्रेस के करीब 5 सालों तक प्रदेश अध्यक्ष रहे थे। 2016 में उन्हें पार्टी की कमान मिली थी। इसी साल वह राज्यसभा के लिए भी चुने गए थे, जिसका कार्यकाल 2022 में समाप्त हुआ था। उन्होंने 2022 में कांग्रेस छोड़ दी थी और टीएमसी का हिस्सा बन गए थे। हालांकि 2024 में वह फिर से कांग्रेस में लौट आए। कांग्रेस में वापसी के बाद भी वह ज्यादा चर्चा में नहीं थे। ऐसे में उनका इस्तीफा अहम है और माना जा रहा है कि कांग्रेस को इसका नुकसान हो सकता है। राज्य में चुनाव प्रचार अगले कुछ दिनों में जोर पकड़ सकता है, जबकि हिमंत बिस्वा सरमा काफी ऐक्टिव हैं। उनका एक वीडियो भी इन दिनों चर्चा में है।

बिहार में शिक्षक भर्ती का नया नियम, अब सिर्फ CTET पास उम्मीदवारों को मिलेगा मौका

पटना  बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है कि राज्य में अब प्रारंभिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 8) के लिए 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (TET) का आयोजन नहीं किया जाएगा। विभाग के इस निर्णय के बाद, अब बिहार के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षक बनने के लिए केवल 'केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा' (CTET) के आधार पर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला? शिक्षा विभाग के अनुसार, वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली सीटेट (CTET) परीक्षा हर साल नियमित रूप से होती है। राज्य सरकार का मानना है कि सीटेट उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या पर्याप्त है, जिससे शिक्षक बहाली की प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने लगभग तीन साल पहले ही टीईटी के आयोजन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उस समय विभाग ने कहा था कि तत्काल प्रभाव से यह परीक्षा नहीं ली जाएगी, लेकिन भविष्य में इसके आयोजन की संभावना खुली रखी गई थी। हालांकि, अब विभाग ने पूर्ण रूप से यह तय कर लिया है कि सीटेट से ही योग्य शिक्षक मिल रहे हैं, इसलिए अलग से राज्य स्तरीय टीईटी कराने की आवश्यकता नहीं रह गई है। राज्य में टीईटी का इतिहास बिहार में अब तक केवल दो बार ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के माध्यम से टीईटी का आयोजन किया गया है। पहली बार वर्ष 2011 में और दूसरी बार वर्ष 2017 में यह परीक्षा हुई थी। इस परीक्षा के जरिए दो स्तरों पर शिक्षकों की योग्यता जांची जाती थी: प्राथमिक कक्षा (1 से 5): छोटे बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों का मूल्यांकन। उच्च प्राथमिक कक्षा (6 से 8): मध्य विद्यालयों के लिए शिक्षकों की पात्रता का निर्धारण। छात्रों और अभ्यर्थियों पर क्या होगा असर? इस फैसले का सबसे सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जो विशेष रूप से बिहार टीईटी (BTET) की तैयारी कर रहे थे। अब उन्हें अपनी रणनीति बदलनी होगी और केंद्र सरकार द्वारा आयोजित होने वाली सीटेट (CTET) परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करना होगा। सरकार के इस फैसले से चयन प्रक्रिया में एकरूपता आएगी और बार-बार परीक्षा आयोजित करने का प्रशासनिक बोझ भी कम होगा। शिक्षा विभाग के इस कदम से यह भी स्पष्ट हो गया है कि आने वाली शिक्षक बहालियों में केवल वही छात्र हिस्सा ले पाएंगे जिन्होंने सीटेट के पेपर-1 (कक्षा 1-5 के लिए) या पेपर-2 (कक्षा 6-8 के लिए) में सफलता हासिल की है।