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OLA विवाद: बाइक रिपेयरिंग के दौरान लापता, CEO भुविश अग्रवाल के खिलाफ वारंट

 नई दिल्ली देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता कंपनी Ola Electric की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. अब तक अपने इलेक्ट्रिक स्कूटरों में लग रही आग से जूझ रहे कंपनी के सीईओ और फाउंडर भाविश अग्रवाल के खिलाफ एक और मामला सामने आया है. गोवा की उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग यानी कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने ओला इलेक्ट्रिक से जुड़े एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी (Arrest Warrant) जारी किया है. यह मामला प्रीतिश चंद्रकांत घाड़ी की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी खरीदी गई इलेक्ट्रिक बाइक मरम्मत के लिए ओला को दी गई थी, लेकिन अब उसका कोई अता पता नहीं है. हैरानी की बात यह है कि बाइक की पूरी कीमत पहले ही ओला को चुका दी गई थी, इसके बावजूद यूजर को न तो बाइक मिली और न ही कोई संतोषजनक जवाब. क्या है पूरा मामला इस मामले में शिकायतकर्ता प्रीतिश चंद्रकांत घाड़ी ने बताया कि उन्होंने ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से इलेक्ट्रिक बाइक खरीदी थी. कुछ समय बाद बाइक में तकनीकी दिक्कत सामने आने लगी. जिसके बाद उन्होंने बाइक की रिपेयरिंग के लिए उसे ओला को सौंप दिया गया. लंबा समय बीत जाने के बाद भी बाइक न तो ठीक होकर लौटी और न ही कंपनी यह बता पाई कि बाइक फिलहाल कहां है. गोवा की कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने 4 फरवरी 2026 को जारी अपने आदेश में कहा कि ओला ने उपभोक्ता से पूरी कीमत वसूलने के बाद बेहद लापरवाह रवैया अपनाया है. आयोग ने माना कि कंपनी का उपभोक्ता के प्रति व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना और उदासीन है. इसी वजह से आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक के CEO और फाउंडर भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया, ताकि वह बाइक के बारे में स्पष्ट जानकारी दे सकें और यह भी बताएं कि इतनी देर से बाइक की मरम्मत और डिलीवरी क्यों नहीं की गई. पेश न होने पर अरेस्ट वारंट आयोग के आदेश के बावजूद जब भाविश अग्रवाल पेश नहीं हुए, तो आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए बेंगलुरु पुलिस को उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया है. आदेश के अनुसार, 1,47,499 रुपये की राशि का जमानती वारंट एक समान जमानत के साथ जारी किया गया है. यह वारंट कोरमंगला, बेंगलुरु स्थित पते पर संबंधित पुलिस थाने के जरिए तामील कराने को कहा गया है. आयोग ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 23 फरवरी 2026 को सुबह 10.30 बजे तय किया है. इस दिन CEO और फाउंडर भाविष अग्रवाल को खुद हाजिर होना होगा. जिसके बाद आयोग उनका स्पष्टीकरण और मौखिक अंतिम दलीलें सुनेगा. यह मामला अब न सिर्फ उपभोक्ता अधिकारों बल्कि बड़ी कंपनियों की जवाबदेही को लेकर भी अहम माना जा रहा है.

BJP से कांग्रेस तक का सरप्राइज, वरिष्ठ नेता की बेटी का पार्टी बदलना मचा रहा हलचल

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और मध्य प्रदेश खाद एवं ग्रामोद्योग निगम के पूर्व अध्यक्ष सत्यनारायण सत्तन की बेटी कनुप्रिया सत्तन कांग्रेस में शामिल हो गई है। कनुप्रिया ने आज भोपाल में कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक और महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष अर्चना जायसवाल की उपस्थिति में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस कार्यालय में हुआ सदस्यता ग्रहण भोपाल स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कनुप्रिया सत्तन को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत करते हुए संगठन को मजबूत करने की बात कही। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, भाजपा के वरिष्ठ नेता के परिवार से जुड़ी यह एंट्री इंदौर और प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है। सियासी हलकों में चर्चा तेज कनुप्रिया सत्तन का कांग्रेस में शामिल होना कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर तब जब प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। अब देखना होगा कि इस घटनाक्रम पर भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और कनुप्रिया सत्तन कांग्रेस संगठन में किस भूमिका में नजर आती हैं।

किसके खिलाफ सबसे ज्यादा सेंचुरी? T20 वर्ल्ड कप में 19 साल बाद टूटा न्यूजीलैंड का जादू

नई दिल्ली न्यूजीलैंड ने मंगलवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा को 8 विकेट से रौंदकर सुपर-8 राउंड का टिकट कटाया। ग्रुप डी का यह मैच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला गया। न्यूजीलैंड ने भले ही धमाकेदार जीत हासिल की लेकिन उसका 19 सालों से चला आ रहा एक तिलिस्म टूट गया। दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ कभी शतक नहीं लगा था लेकिन कनाडा के युवराज सिंह सामरा ने तिलिस्म तोड़ दिया। सलामी बल्लेबाज सामरा ने चेपॉक में 65 गेंदों में 110 रनों की ऐतिहासिक शतकीय पारी खेली। उन्होंने 11 चौके और 6 छक्के लगाए। ग्रुप डी का हिस्सा कनाडा ने 173/4 का स्कोर खड़ा करने के बाद टूर्नामेंट लगातार तीसरी हार झेली। किस देश के खिलाफ लगे सबसे ज्यादा शतक? टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत साल 2007 में हुई थी। टूर्नामेंट में अब तक 13 शतक लग चुके हैं। टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा शतक बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ लगे हैं। न्यूजीलैंड के पूर्व विकेटकीपर ब्रेंडन मैकुलम ने 2012 टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के विरुद्ध सेंचुरी जमाई। पाकिस्तान के अहमद शहजाद ने 2014 जबकि साउथ अफ्रीका के राइली रोसोउ ने 2022 में आयोजित टूर्नामेंट में बांग्लादेश के सामने शतक जड़ा। वहीं, इंग्लैंड के एलेक्स हेल्स ने 2014 और जोस बटलर ने 2021 में श्रीलंका के खिलाफ सेंचुरी ठोकी। न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स ने 2022 टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के सामने सेंचुरी लगाई। T20 वर्ल्ड कप इतिहास में अब तक लगे शतक 2026 – युवराज सिंह सामरा (110 बनाम न्यूजीलैंड) 2026 – पथुम निस्सांका (100* बनाम ऑस्ट्रेलिया) 2022 – ग्लेन फिलिप्स (104 बनाम श्रीलंका) 2022 – राइली रोसोउ (109 बनाम बांग्लादेश) 2021 – जोस बटलर (101* बनाम श्रीलंका) 2016 – क्रिस गेल (100* बनाम इंग्लैंड) 2016 – तमीम इकबाल (103* बनाम ओमान) 2014 – अहमद शहजाद (111* बनाम बांग्लादेश) 2014 – एलेक्स हेल्स (116* बनाम श्रीलंका) 2012 – ब्रेंडन मैकुलम (123 बनाम बांग्लादेश) 2010 – महेला जयवर्धने (100 बनाम जिम्बाब्वे) 2010 – सुरेश रैना (101 बनाम साउथ अफ्रीका) 2007 – क्रिस गेल (117 बनाम साउथ अफ्रीका) T20 वर्ल्ड कप में सबसे कम उम्र में शतक कनाडा के भारतीय मूल के 19 साल के बल्लेबाज युवराज समरा ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में शतक जमाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। समरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ करियर की सर्वश्रेष्ठ 110 रन की पारी खेली। क्रिकेट के शौकिन पिता बलजीत समरा ने उनका नाम धाकड़ भारतीय बल्लेबाज युवराज सिंह के नाम पर रखा था। पिछले साल मार्च में पदार्पण करने वाले समरा ने अपने 19वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में यह उपलब्धि हासिल की। समरा अंतिम ओवर में जैकब डफी पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हुए। उनकी यह पारी टी20 विश्व कप में किसी एसोसिएट टीम के बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी है। इससे पहले टी20 विश्व कप में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के अहमद शहजाद के नाम था, जिन्होंने 2014 में 22 वर्ष की आयु में यह उपलब्धि हासिल की थी।

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा है।प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े एवं वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सभी के सहयोग से इस क्षेत्र को प्रगति के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिल त्रुटियों को दूर करने तथा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद मयाली की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ी है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि झुमका जलाशय सहित यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित करने से स्थानीय विकास को गति मिलती है। बैठक में कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय, खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

उद्यम सारथी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आसान हो रहा कारोबार

प्रौद्योगिकी से सशक्त एमएसएमई: योगी सरकार ने यूपी को बनाया डिजिटल औद्योगिक शक्ति केंद्र उद्यम सारथी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आसान हो रहा कारोबार एमएसएमई चैम्पियनशिप और तकनीकी उन्नयन से बढ़ी प्रतिस्पर्धा नई एमएसएमई नीति और प्लग एंड प्ले मॉडल से निवेश को गति लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को प्रौद्योगिकी से जोड़ने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बहुस्तरीय पहल की गति तेज कर दी हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तकनीकी उन्नयन और नीतिगत सुधारों के माध्यम से प्रदेश के 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रतिस्पर्धी और बाजारोन्मुख बनाने का प्रयास किया गया है। योगी सरकार के इन क़दमों से उत्पादन क्षमता बढ़ी है और रोजगार सृजन को नई गति प्राप्त हुई है।  डिजिटल अवसंरचना, नीतिगत सरलता और वित्तीय सहयोग के संयोजन ने प्रदेश को अग्रणी औद्योगिक केंद्र बनाने की आधारभूमि को तैयार करने का काम किया है। एमएसएमई  सेक्टर की योजनाओं के लिए प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में 3,822 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं, जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।  ओडीओपी को मिला डिजिटल आयाम वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत मार्केटिंग डेवलपमेंट, टूलकिट वितरण और प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। इसके माध्यम से एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के कारीगरों को तकनीक आधारित कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पारंपरिक उत्पादों को ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ने से स्थानीय वस्तुओं की पहुंच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक बढ़ी है। तकनीकी उन्नयन और प्रतिस्पर्धा में बढ़त एमएसएमई चैम्पियनशिप इनीशिएटिव (चैंपियंस पोर्टल) के अंतर्गत चयनित इकाइयों को आधुनिक मशीनरी को अपनाने, गुणवत्ता सुधार और डिजिटल टूल्स के उपयोग के लिए तकनीकी सहायता दी जा रही है। इस पहल का उद्देश्य उत्पादन लागत को घटाकर प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और विकसित करना है। लाखों इकाइयों को डिजिटल उन्नयन और विपणन सहयोग का लाभ मिल रहा है। उद्यम सारथी और आरएएमपी का सहारा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 24  जनवरी, 2021 को लॉन्च की गई उद्यम सारथी ऐप के जरिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन, योजनाओं की जानकारी और संचालन मार्गदर्शन एक ही मंच पर उपलब्ध कराया गया है। इससे उद्यमियों की सरकारी योजनाओं और प्रोत्साहनों तक त्वरित पहुंच प्राप्त हो जाती है। प्रदेश में आरएएमपी (राइजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफार्मेंस) योजना विश्व बैंक समर्थित एक केंद्रीय पहल है, इसके अंतर्गत वित्तीय और तकनीकी समर्थन भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे इकाइयों के विस्तार और आधुनिकीकरण को बल मिला है। नीतिगत सरलता और त्वरित संचालन वर्ष 2022 से लागू एमएसएमई नीति के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। प्लग एंड प्ले मॉडल से 72 घंटे में संचालन शुरू करने की सुविधा दी गई है। क्रेडिट प्रवाह में वृद्धि और पांच लाख रुपये तक बीमा कवरेज जैसी व्यवस्थाओं ने उद्यमियों को जोखिम प्रबंधन में सहूलियत प्रदान करने का काम किया है। इन उपायों से निवेश वातावरण मजबूत हुआ है। बढ़ रहा है रोजगार और आर्थिक प्रभाव प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों का असर रोजगार सृजन पर भी पड़ा है। एमएसएमई क्षेत्र पहले से ही करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार रहा है और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से इसमें नए अवसर जुड़े हैं। ई-कॉमर्स और ऑनलाइन सप्लाई चेन से जुड़ने के कारण ग्रामीण और अर्धशहरी इकाइयों को व्यापक बाजार हासिल हुआ है।

पिछले नौ वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुआ व्यापक विस्तार, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सीएचसी व पीएचसी की संख्या में हुई वृद्धि

प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को किया मजबूत तो बीमारू से बना उत्तम प्रदेश  पिछले नौ वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुआ व्यापक विस्तार, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सीएचसी व पीएचसी की संख्या में हुई वृद्धि पीएचसी पर 24 घंटे प्रसव, पैथोलॉजी और एक्स-रे की मिल रही सुविधा, आधुनिक मशीनों, दवाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से बढ़ी संस्थागत प्रसव दर डिजिटल सर्विलांस से संचारी रोगों में आई कमी, डेंगू, मलेरिया, एईएस और जेई की रोकथाम के लिए लैब नेटवर्क को किया मजबूत लखनऊ  योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में व्यापक सुधार किए हैं। प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। साथ ही इन केंद्रों को आधुनिक उपकरणों, पर्याप्त दवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों से सुसज्जित किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ केंद्रों पर 24 घंटे मिल रही प्रसव, पैथोलॉजी, एक्स-रे की सुविधा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में कमान संभालने के बाद प्रदेश में सैकड़ों नए स्वास्थ्य उपकेंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के साथ उच्चीकृत भी किए हैं। जहां पहले कई पीएचसी में नाममात्र की सुविधाएं थीं, वहीं अब उनमें 24 घंटे प्रसव सुविधा, पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता देते हुए संस्थागत प्रसव दर में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। योगी सरकार की प्राथमिकता “सबका साथ, सबका विकास” के मूल मंत्र के साथ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत किया गया। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया जिससे लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरा जा सका। साथ ही संविदा और नियमित नियुक्तियों के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता भी बढ़ाई गई। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए मजबूत किया डिजिटल सर्विलांस सिस्टम प्रदेश में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए डिजिटल सर्विलांस सिस्टम को मजबूत किया गया है। डेंगू, मलेरिया, एईएस और जेई जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्राथमिक स्तर पर ही जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जांच प्रयोगशालाओं की संख्या में कई गुना वृद्धि की गई है, जिससे रोगों की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार संभव हो पाया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले वर्षों में कई जिलों में मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से लाखों पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्वास्थ्य कार्ड वितरण और लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया को भी डिजिटल माध्यम से पारदर्शी बनाया गया है। टीकाकरण में देश में अग्रणी स्थान किया प्राप्त प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा पर भी जोर दिया है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण से विशेषज्ञ सेवाओं का दायरा बढ़ा है। इससे प्राथमिक स्तर पर मरीजों की स्क्रीनिंग के बाद उन्हें उच्च संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस सेवाओं 102 और 108 को सशक्त किया गया है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को शीघ्र उपचार मिल सके। कोविड-19 महामारी के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। गांव-गांव में स्वास्थ्य टीमों ने स्क्रीनिंग, जांच और टीकाकरण अभियान चलाया। प्रदेश ने टीकाकरण के मामले में देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया। इस दौरान ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया गया, जिनका लाभ आज भी सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं में मिल रहा है। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में गिरावट, संस्थागत प्रसव में वृद्धि, टीकाकरण कवरेज में सुधार और संचारी रोगों पर नियंत्रण जैसे संकेतक इस परिवर्तन की पुष्टि करते हैं। सरकार द्वारा स्वास्थ्य बजट में लगातार वृद्धि कर प्राथमिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ने से आमजन को राहत मिली स्वास्थ्य केंद्रों में टेलीमेडिसिन सेवाओं की शुरुआत से दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध हो रहा है। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से हजारों मरीज घर बैठे चिकित्सकीय सलाह प्राप्त कर रहे हैं। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत हुई है, बल्कि ग्रामीण आबादी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा भी सुलभ हुई है। योगी सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का जो संकल्प लिया गया था, वह अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। आधुनिक मशीनों की उपलब्धता, प्रशिक्षित स्टाफ, दवा आपूर्ति की बेहतर व्यवस्था और डिजिटल निगरानी प्रणाली ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाई दी है। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ने से आमजन को राहत मिली है और प्रदेश एक सशक्त, स्वस्थ और विकसित राज्य की दिशा में अग्रसर हो रहा है। विशेषज्ञ की राय पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे में जो परिवर्तन हुए हैं, वे जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं। सीएचसी और पीएचसी को 24 घंटे प्रसव, पैथोलॉजी और एक्स-रे जैसी सुविधाओं से सुसज्जित करना ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। डिजिटल सर्विलांस और लैब नेटवर्क के विस्तार से संचारी रोगों की समय पर पहचान और नियंत्रण संभव हुआ है। टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी जैसी पहल ने दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ा है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में गिरावट और टीकाकरण कवरेज में सुधार इस बात का संकेत है कि प्राथमिक स्वास्थ्य को दी गई प्राथमिकता सकारात्मक परिणाम दे रही है। डॉ. लिली सिंह, पूर्व डीजी, स्वास्थ्य विभाग

नवगछिया-चौधरीडीह फोरलेन सड़क में बनेगा अंडरपास

भागलपुर. नवगछिया से चौधरीडीह तक बनने वाले फोरलेन सड़क में बंशीटीकर के पास व्हिकल अंडरपास (वीयूपी) का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जीरोमाइल फ्लाईओवर के बगल में समानांतर फ्लाईओवर बनाने की योजना पर पुनर्विचार किया जा रहा है। हाल ही में, जीरोमाइल के पास समानांतर फ्लाईओवर न बनाने और सड़क के चौड़ीकरण के माध्यम से फोरलेन बनाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन अब सर्विस रोड की चौड़ाई बढ़ाने के बजाय, सबौर दिशा में एक और समानांतर टूलेन फ्लाईओवर बनाने पर विचार किया जा रहा है। नवगछिया-चौधरीडीह प्रस्तावित फोरलेन सड़क में बंशीटीकर के पास व्हिकल अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए डीपीआर में बदलाव कर वीयूपी को शामिल किया जाएगा। इस संदर्भ में कंसल्टेंसी को मोर्थ के रिजनल ऑफिस (आरओ) में बुलाया गया है। जीरोमाइल फ्लाईओवर के बगल में समानांतर फ्लाईओवर बनाने पर विचार किया जा रहा है, जबकि पहले डीपीआर में सड़क चौड़ीकरण का निर्णय लिया गया था। अब इसमें बदलाव करने पर चर्चा चल रही है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी मोड़ से चौधरीडीह के बीच तीसरी बार डीपीआर में संशोधन किया जाएगा, जिससे फोरलेन सड़क निर्माण में देरी हो सकती है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि अप्रैल 2028 तक फोरलेन पुल का निर्माण पूरा होना है। इस बीच, 22 मीटर सड़क चौड़ी की जाएगी। महादेवपुर घाट से फोरलेन पुल तक 900 मीटर का बांध 9 करोड़ की राशि से बनाया जाएगा। इस बांध के निर्माण से सड़क को नुकसान नहीं पहुंचेगा और बाढ़ के दौरान गांवों को भी सुरक्षा मिलेगी। नवगछिया से शुरू होने वाले एनएच में जाह्नवी चौक से 53 मीटर अप्रोच रोड का निर्माण होगा। यह 18 मीटर ऊंची अप्रोच रोड फोरलेन सेतु से जुड़ेगी। भागलपुर की दिशा में भी अप्रोच रोड को ऊंचा किया जाएगा। विक्रमशिला सेतु की अप्रोच और नए सेतु की अप्रोच रोड भी फोरलेन की होगी। इस प्रकार, जीरोमाइल से जाह्नवी चौक तक सिक्स लेन की सड़क का निर्माण किया जाएगा। नवगछिया से भागलपुर तक एनएच 131बी को फोरलेन किया जाना है। यह कार्य दो चरणों में पूरा होगा, जिससे यातायात के लिए बेहतर सड़क उपलब्ध होगी। एनएच के अभियंता ने बताया कि नवगछिया जीरोमाइल से जाह्नवी चौक तक 9 किलोमीटर की अनुमानित लागत 295 करोड़ रुपये और बरारी बाइपास मोड़ से चौधरीडीह तक 4.5 किलोमीटर की अनुमानित लागत 111 करोड़ रुपये है। गोपालपुर के पास एक और रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण भी किया जाएगा, जिसकी लंबाई 60 मीटर और चौड़ाई 10 मीटर होगी। बाइपास में सेंट टेरेसा स्कूल और हवाई अड्डा के पास व्हीकल अंडरपास के अलावा दो छोटे ब्रिज का भी निर्माण होगा। जाह्नवी चौक और तेतरी के पास भी व्हीकल अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। भागलपुर-नवगछिया के बीच फोरलेन बनने से न केवल आवागमन में आसानी होगी, बल्कि कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी। इस फोरलेन का जुड़ाव नवगछिया साइड में एनएच-33 और भागलपुर की ओर मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीन फील्ड सहित हंसडीहा फोरलेन से होगा। इसका उपयोग समानांतर फोरलेन पुल के लिए भी किया जा सकेगा।

साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया से 1616 आपत्तिजनक लिंक हटाए

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस द्वारा सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अवैध, आपत्तिजनक एवं भ्रामक गतिविधियों के विरुद्ध प्रारंभ किया गया विशेष अभियान एक माह सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुका है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) के सहयोग से संचालित यह अभियान डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदार ऑनलाइन वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत प्रभावी एवं परिणामकारी सिद्ध हुआ है। सोशल मीडिया पर भ्रामक, उकसाने वाली तथा समाज में भ्रम या तनाव उत्पन्न करने वाली सामग्री की बढ़ती प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए यह सुनियोजित और सकारात्मक पहल शुरू की गई थी। पिछले लगभग एक माह के दौरान साइबर टीम द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग एवं त्वरित समन्वय के माध्यम से कुल 2052 लिंक एवं प्रोफाइल रिपोर्ट किए गए, जिनमें से 1616 आपत्तिजनक सामग्री को संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा हटाया या ब्लॉक किया जा चुका है। शेष 436  लिंक विभिन्न समीक्षा चरणों में हैं और उन पर भी शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। अभियान के अंतर्गत साइबर टीम प्रतिदिन सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, लिंक एवं प्रोफाइल की पहचान कर रही है जिनमें भ्रामक जानकारी, उकसाने वाली भाषा या सार्वजनिक शांति भंग करने वाला कंटेंट पाया जाता है। ऐसे मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(बी) के तहत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को तत्काल नोटिस जारी कर सामग्री हटाने की मांग की जाती है। पूरी प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और बिना किसी ढिलाई के संचालित की जा रही है। डीजीपी अजय सिंघल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर गलत, भ्रामक या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज समाज के हर वर्ग को प्रभावित करता है और किसी भी प्रकार की उकसाने वाली सामग्री सामाजिक सौहार्द एवं शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, निवेश से पूर्व किसी भी ऐप या प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें, बिना पुष्टि के कोई भी संवेदनशील सामग्री साझा न करें तथा संदिग्ध पोस्ट या ऐप की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दें।

पथिराना की चोट ने बढ़ाई श्रीलंका की टेंशन, सुपर-8 से पहले संकट

नई दिल्ली श्रीलंका के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 विश्व कप के ग्रुप स्टेज मुकाबले के दौरान चोटिल हो गए हैं। वह पहले ही ओवर में गेंदबाजी करने के दौरान चोटिल हो गए। हालांकि श्रीलंका ने पथुम निसंका की शतकीय पारी की मदद से ऑस्ट्रेलिया को 12 गेंदे शेष रहते आठ विकेट से शिकस्त दी। इस जीत के साथ श्रीलंका क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप के सुपर-8 चरण के लिए क्वालीफाई कर लिया। पल्लेकेले इंटरनेशनल स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया को 181 रन पर आउट करने के बाद श्रीलंका ने 18 ओवर में दो विकेट पर 184 रन बनाकर शानदार जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को ट्रेविस हेड और मिचेल मार्श ने दमदार शुरुआत दिलाई थी। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की पारी के तीसरे ओवर में मथीशा पथिराना बॉलिंग करने के दौरान रुक गए और काफी दर्द में दिखे। उन्होंने अपना बायां पैर पकड़ा हुआ था। पथिराना ने अपना पहला ओवर पूरा किए बिना लंगड़ाते हुए मैदान छोड़ दिया। उन्होंने अपनी चार गेंदों में सिर्फ तीन रन दिए थे, जिसके बाद कप्तान दसुन शनाका ने उनका ओवर पूरा किया और दो गेंदें डाली, जिसमें एक पर हेड ने चौका जड़ा। पथिराना शायद हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मैच से बाहर हुए। हालांकि श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है। इससे पहले वानिंदु हसरंगा हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गए हैं। स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर दुशान हेमंथा को मौजूदा टी20 विश्व कप के लिए चोटिल वानिंदु हसरंगा की जगह श्रीलंका की टीम में शामिल किया गया है। श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज हसरंगा आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच के दौरान चोटिल हो गए थे जिसके कारण वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। तीन मैच में दूसरी हार साथ ही ऑस्ट्रेलिया के लिए सुपर आठ में पहुंचने की राह मुश्किल हो गयी।श्रीलंका के लिए सलामी बल्लेबाज निसांका ने 52 गेंद में नाबाद 100 रन की शानदार पारी खेली। कुसल मेंडिस ने 38 गेंद में 51 रन का योगदान दिया।  

पंजाब में फरवरी में मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास

लुधियाना. पंजाब में फरवरी के महीने में ही मार्च-अप्रैल वाली गर्मी का एहसास हो रहा है। कई जिलों में दिन का तापमान लगातार सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। सोमवार को भी अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान सामान्य के आसपास रहा। कुछ जिलों में सामान्य से कम तापमान दर्ज किया गया। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, फरीदकोट में दिन का तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस अधिक था। वहीं पटियाला, चंडीगढ़, रूपनगर और बठिंडा में तापमान 27 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। इसी तरह लुधियाना, फिरोजपुर, मोहाली और होशियारपुर में तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा, जो कि सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। पिछले एक सप्ताह से दिन में लगातार तापमान अधिक रहने से गेहूं की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। हालांकि, अभी गेहूं में बल्लियां पड़नी शुरू हुई है, अगेती गेहूं में बल्लियां पड़ गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार दिन का तापमान रहने से गेहूं की फसल के जल्दी पकने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे दानों के सिंकुड़ने की संभावना रहती है। ऐसे में पैदावार में कमी आने की संभावना रहती है। वर्ष 2023 में भी फरवरी मार्च में अधिक तामपान दर्ज किया गया था। लेकिन राहत की बात यह है कि पंजाब में बुधवार व वीरवार को मौसम बदलने जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में बादल छाएं रह सकते हैं, कुछ जिलों में बूंदाबांदी, कुछ जिलों में हल्की से सामान्य वर्षा हो सकती है। अगर वर्षा होती है, तो ठंड बढ़ने से गेहूं को लाभ होगा। कुछ दिनों के लिए खेतों में नमी बढ़ जाएगी। 19 फरवरी से मौसम साफ हो जाएगा।