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नागौर में 2.5 KM लंबी निकासी में शामिल होंगे 10,000 बाराती

जयपुर. सैनिक क्षत्रिय माली समाज सामूहिक विवाह समिति के तत्वावधान में बुधवार को माली समाज संस्थान परिसर में पारंपरिक घृतपान रस्म के साथ पंचम सामूहिक विवाह सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सुबह सात बजे से वर-वधू अपने परिजनों के साथ समारोह स्थल पर पहुंचने लगे। करीब पांच बीघा में फैला माली समाज भवन परिसर वैवाहिक उल्लास और पारंपरिक सज्जा से सुसज्जित नजर आया। समिति ने प्रत्येक जोड़े को अधिकतम 15-15 परिजन साथ लाने के निर्देश जारी किए थे। जिसका व्यवस्थाओं में सकारात्मक प्रभाव नजर आया। सुबह सवा आठ बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडित सुनील दाधीच के नेतृत्व में पहले 70 वधुओं और बाद में 70 वरों को अलग-अलग घृतपान कराया गया। करीब तीन घंटे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में समाज की परंपरानुसार सभी वैवाहिक रस्में विधिवत संपन्न हुईं। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, सादगी और सामूहिकता का संदेश दिया। परिवारजनों ने इस पल को मोबाइल में कैद किया। करीब तीन घंटे चली धार्मिक प्रक्रिया में सभी पारंपरिक रस्में विधिवत संपन्न हुईं। शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से वातावरण आध्यात्मिक बना रहा। दोपहर बाद महिलाओं के सानिध्य में विनायक पूजन हुआ। ढोलक की थाप पर गूंजते पारंपरिक मंगल गीतों ने वातावरण में उल्लास भर दिया। सुव्यवस्थित भोजन व्यवस्था में स्वयंसेवक लगातार मार्गदर्शन करते रहे। आज माली समाज भवन निकलेगी निकासी फुलरिया दूज पर गुरुवार सुबह आठ बजे माली समाज भवन से 70 दूल्हों की एक साथ घोड़ी पर निकासी निकाली जाएगी। चार बैंडों की अगुवाई में करीब 2.5 किलोमीटर लंबी बारात राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चेनार में बनाए गए विवाह स्थल पर पहुंचेगी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा की जाएगी। समिति के अनुसार निकासी में करीब 10 हजार बाराती शामिल होंगे। यज्ञ वेदी पर होंगे पाणिग्रहण संस्कार विवाह स्थल पर यज्ञ वेदी सजाई गई है। पंडित सुनील दाधीच के मार्गदर्शन में पूर्ण विधि-विधान से पाणिग्रहण संस्कार कराएंगे। भामाशाह रामवल्लभ भाटी, बलदेवराम भाटी, समिति के अध्यक्ष कृपाराम देवड़ा, रामपाल देवड़ा, देवकिशन सोलंकी, मनीष कच्छावा, सूरजमल भाटी, कैलाश गहलोत, अर्जुनराम कच्छावा, रामचंद्र सांखला, पाबूराम सांखला आदि मौजूद रहे। गैर-डांडिया में झूमे समाज बंधु बुधवार को शाम सात बजे शुरू हुए गैर-डांडिया नृत्य ने माहौल में उत्सव का रंग भर दिया। नागौर, ताऊसर, चेनार, रोल, सालवा सहित विभिन्न गांवों से आए समाज बंधुओं ने पारंपरिक परिधानों में नृत्य किया। देर रात तक चले इस सांस्कृतिक आयोजन ने सामूहिक विवाह महोत्सव का उल्लास बढ़ा दिया।

संवेदनशील फैसला: हाथियों के झुंड के कारण रोकी गईं 6 ट्रेनें, बड़ा हादसा टला

चक्रधरपुर हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर रेलवे ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए हाथियों की जान बचाने के लिए देर रात ट्रेनों का परिचालन रोक दिया। चक्रधरपुर रेल मंडल की सतर्कता से एक हाथी के बच्चे समेत पूरे झुंड को सुरक्षित जंगल की ओर जाने का मौका मिला। मंगलवार देर रात चक्रधरपुर रेल मंडल ने बड़ा और संवेदनशील फैसला लेते हुए हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन करीब आधे घंटे के लिए पूरी तरह रोक दिया। जानकारी के अनुसार, भालूलता–जरायकेला रेलखंड के महपानी गेट (किमी 389/5-7) के पास रेलवे ट्रैक पर पांच हाथियों का झुंड घूमता हुआ देखा गया। इस झुंड में एक छोटा बच्चा भी शामिल था। रात करीब 2:50 बजे ट्रैक पर हाथियों की सूचना मिलते ही रेलवे ने तुरंत कार्रवाई की। मुंबई मेल, हावड़ा मेल, बिलासपुर–टाटानगर एक्सप्रेस समेत छह मालगाड़ियों को रोक दिया गया। इससे किसी भी बड़े हादसे को टाल दिया गया। पेट्रोलमैन की सतर्कता से बची जान रेल मंडल के एलीफेंट जोन में तैनात कोल्ड वेदर ट्रैक पेट्रोलमैन नियमित गश्त पर थे। गश्त के दौरान उन्होंने ट्रैक पर हाथियों को देखा और तुरंत वरीय अनुभाग अभियंता को सूचना दी। सूचना मिलते ही ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। पेट्रोलमैन की सतर्कता के कारण हाथियों, खासकर बच्चे की जान बच सकी। हालांकि अचानक ट्रैक पर हाथियों के आने से ट्रैकमेंटनर, गेटमैन और की-मैन में डर का माहौल है। रेलकर्मियों ने रात में ड्यूटी के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। चार घंटे तक धीमी रफ्तार से चली ट्रेनें हाथियों के ट्रैक से हटने के बाद भी एहतियात के तौर पर रेलवे ने कॉशन ऑर्डर जारी किया। रात 12:20 बजे से सुबह 4:00 बजे तक इस रेलखंड पर सभी ट्रेनों को 20 किमी प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से चलाया गया। लोको पायलट लगातार हॉर्न बजाते हुए और सतर्क नजर रखते हुए ट्रेनें चलाते रहे। हाथियों की मौजूदगी के कारण महपानी गेट को रात में बंद कर दिया गया, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित रहा। गेट पर तैनात रेलकर्मी भी सुरक्षित स्थानों पर चले गए। सुबह होते-होते हाथियों का झुंड पास के जंगल में चला गया। रेलवे की इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। यह घटना दिखाती है कि रेल परिचालन और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना कितना जरूरी है।  

छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेतृत्व बना बदलाव की ताकत, विकास के नए सोपान गढ़ रही साय सरकार

रायपुर. छत्तीसगढ़ की खूबसूरत वादियों में स्थित जशपुर जिला के ग्राम बगिया में 21 फरवरी को जन्म लेने वाले मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय सज्जनता और सहृदयता की एक मिसाल है। दो वर्ष के अपने मुख्यमंत्रित्व काल में छत्तीसगढ़ राज्य में विकास का एक नया आयाम गढ़ने वाले तथा प्रदेश के नागरिकों के दिलों में राज करने वाले मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज अपनी लोकप्रियता के शिखर पर विद्यमान है।  विष्णुदेव साय जनता के बीच के एक ऐसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं जिनकी सदाशयता और दूरगामी योजनाओं से प्रदेश में विकास और प्रगति का राह आसान हुआ है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आदिवासी पृष्ठभूमि से आते हैं।  केबिनेट बैठक में राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं एक किसान पुत्र हैं वे किसानों की पीड़ा को भलीभांति जानते हैं।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की की गई है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षों में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी। किसान हितैशी सरकार के इस निर्णय से बाजार भी गुलजार होंगे, जिससे शहरी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिखाई देगा, ट्रैक्टर आदि की बिक्री में वृद्धि होगी।  प्रदेश की नवीन औद्योगिक नीति से राज्य में अब तक 7 लाख 83 हजार करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अपने दो साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेश की जनता के बीच जाकर जनता का न केवल विश्वास जीता है बल्कि उनके हित को ध्यान में रखकर उन्होंने ऐसी योजनाओं का क्रियान्वयन किया है जिससे छत्तीसगढ़ का समग्र विकास सम्भव हो पाया है। यह केवल और केवल  विष्णुदेव साय जैसे एक संवेदनशील, कर्मठ तथा ऊर्जावान मुख्यमंत्री ही सम्भव कर सकते हैं। विष्णु देव की सुशासन में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष घोषित किया गया है। राज्य सरकार ने मातृशक्ति का सम्मान करते हुए 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश के 42 हजार 878 महिला स्व- सहायता समूहों को आसान ऋण से अब तक 129.46 करोड़ रूपए का लाभ दिया गया है। प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के अंतर्गत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रूपए की सहायता राशि दी गई है। राज्य की 19 लाख से अधिक महिलाओं को पूरक पोषण आहार सुनिश्चित की गई है। महिला सुरक्षा के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन 181 की स्थापना की गई है। महिलाओं को रोजगार मूलक कार्यों के जरिए स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंचायत स्तर पर 52.20 करोड़ की लागत से 179 महतारी सदनों का निर्माण कराया जा रहा है। महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री हेतु 200 करोड़ की लागत से नवा रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री की पहल पर दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5.62 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार द्वारा आवास और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रख कर अब तक 26 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति किए गए हैं। स्वच्छ पेयजल सबका अधिकार है। प्रदेश के 41 लाख से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति के लिए राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई है। 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं से प्रदेश के 3208 गांव लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा राज्य के शत्-प्रतिशत गांवों का विद्युतीकरण किया जा रहा है।   डबल इंजन की सरकार में रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना के साथ रेल नेटवर्क मैप से बस्तर जुड़ रहा है। जगदलपुर-विशाखापट्नम और रायपुर-विशाखापट्नम नई सड़क परियोजनाओं से विकास की नई राहें खुल रही है। प्रदेश के 32 नगरीय निकायों में नॉलेज बेस्ड सोसाइटी हेतु लाइट हाउस निर्माण की पहल की जा रही है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेश के हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने प्रदेश के हर वर्ग की बुनियादी सुविधाओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पीएम आवास योजना, कृषक उन्नति योजना, नियद नेल्ला नार, अखरा निर्माण योजना जैसी योजनाओं का शुभारम्भ किया है और जनता के बीच अपनी एक अलग छवि निर्मित की है। मुख्यमंत्री  साय जनता के बीच और हर समुदाय के बीच एक ऐसा पुल बनाना जानते हैं जिससे सभी एक दूसरे से जुड़ सके और सभी प्रदेश के हित में अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह भी कर सके। उन्होंने अपने जीवन का बहुमूल्य समय पद्रेश की जनता को समर्पित कर यह सिद्ध कर दिया है कि उनका जीवन केवल उनका नहीं है अपितु प्रदेश की जनता की निः स्वार्थ सेवा के लिए समर्पित है। वे सही मायने में एक ऐसे जननेता हैं जिनके लिए जनता ही सब कुछ हैं। ऐसे सेवाभावी और लोकप्रिय जनसेवक बहुत कम होते हैं जिनके लिए जनता का विकास और जनता का साथ ही सबसे महत्वपूर्ण होता है।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का अब तक का कार्यकाल इस बात का प्रमाण है कि यदि नेतृत्व ईमानदार, समर्पित और जनता की आकांक्षाओं से जुड़ा हो तो विकास की राह कठिन नहीं होगी।

प्रायोगिक परीक्षा के आज अंक अपलोड न करने पर देना होगा तगड़ा जुर्माना

भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षाओं की प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक वेबसाइट पर अपलोड करने की अंतिम तिथि वीरवार को समाप्त हो जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय तक अंक अपलोड नहीं करने वाले विद्यालयों पर प्रति विद्यार्थी 500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। जबकि देरी की स्थिति में विद्यालय मुखिया को जिम्मेदार मानते हुए उनसे पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। 19 फरवरी तक वेबसाइट पर अंक भरना अनिवार्य किया गया है। यदि कोई विद्यालय निर्धारित तिथि तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है तो उसे जुर्माने के साथ 20 से 23 फरवरी तक अंक अपलोड करने का अंतिम अवसर दिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया का कहना है कि किसी स्कूल के बच्चों के अंक अपलोड नहीं किए गए है तो उन्हें तय समय में अपलोड करवा दिया जाएगा।

रेलवे कर्मचारी की बेरहमी से हत्या: छुट्टी पर घर लौटते ही बदमाशों ने बरसाईं गोलियां

रांची बिहार में अपराधियों के बढ़ते मनोबल ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला लखीसराय जिले के पीरी बाजार थाना अंतर्गत घोंघी गांव का है, जहां बुधवार शाम बेखौफ बदमाशों ने रेलवे के एक कर्मचारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। छुट्टी पर गांव आए रेलकर्मी को बनाया निशाना मृतक की पहचान 35 वर्षीय संतोष कुमार के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के अंडाल में रेलवे ग्रुप डी विभाग में कार्यरत थे। संतोष इन दिनों छुट्टी लेकर अपने गांव आए हुए थे। घटना के समय वे अपने खेत में सरसों की फसल की कटाई की देखरेख कर रहे थे। इसी बीच घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम परिजनों और ग्रामीणों ने लहूलुहान स्थिति में संतोष को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन घाव गहरे होने के कारण उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार होने में सफल रहे।    

बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1236 अंक टूटा, निफ्टी ने खोया 25500 का स्तर

मुंबई अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच गुरुवार को भारतीय बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। लगातार तीन दिनों से जारी तेजी का सिलसिला रुकते हुए, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1236.11 अंक या 1.48 प्रतिशत गिरकर 82,498.14 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 365.00 अंक या 1.41 प्रतिशत गिरकर 25,454.35 पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों का हाल सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, अदानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, आईटीसी, इटरनल और पावरग्रिड प्रमुख रूप से पिछड़ने वाली कंपनियां रहीं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक बाजार की भावना को अस्थिर कर दिया, जिससे व्यापक स्तर पर बिकवाली हुई और भारतीय बाजार में मंदी का माहौल छा गया।" उन्होंने आगे कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिससे मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात अवरुद्ध होने के डर से बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। नायर ने कहा कि इसी बीच, अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की दिशा को लेकर अनिश्चितता और रुपये की निरंतर कमजोरी ने घरेलू बाजार को प्रभावित किया। प्रमुख एशियाई बाजारों में चंद्र नव वर्ष की छुट्टी के कारण विदेशी निवेशकों की कम भागीदारी और भारत में क्षेत्रीय बैंकिंग अवकाश के कारण कारोबार बंद रहने से बिकवाली तेज हो गई। यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 3 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। हांगकांग और मुख्य भूमि चीन के बाजार चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के कारण बंद रहे। यूरोपीय बाजारों में सत्र के मध्य में गिरावट देखी जा रही है। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 71.07 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा इसी बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.02 प्रतिशत बढ़कर 71.07 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया।एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,154.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 440.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बुधवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 283.29 अंक बढ़कर 83,734.25 पर बंद हुआ, जबकि व्यापक एनएसई निफ्टी 93.95 अंक बढ़कर 25,819.35 पर बंद हुआ।

2 लाख बिजली खपतकारों की मीटर किराया राशि लौटाई

चंडीगढ़. चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने शहर के करीब 2 लाख बिजली खपतकारों को राहत देते हुए मीटर किराय के रूप में वसूली गई राशि वापस कर दी है। जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन और बिजली लोकपाल के निर्देशों की पालना करते हुए कंपनी ने ये रिफंड सीधा खपतकारों के बिजली खातों में जमा कर दिया है। यह फैसला रेगुलेटरी अथॉरिटीज द्वारा मीटर किराया खत्म किए जाने के बावजूद लंबे समय तक की गई वसूली के विरोध में आया है। उन्होंने कहा कि कंपनी खपतकारों के हितों की रक्षा करने और बिलिंग प्रणाली में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वचनबद्ध है। इस कदम से शहर के लाखों लोगों को आर्थिक राहत मिली है, जिससे बिजली विभाग और नई कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का भी निपटारा हो गया है।

खेल भावना की मिसाल: हार्दिक पांड्या का गिफ्ट, डच खिलाड़ी की आंखों से छलके आंसू

अहमदाबाद अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और नीदरलैंड्स के बीच खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबले के बाद एक बेहद भावुक पल देखने को मिला। भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने नीदरलैंड्स के स्टार ऑलराउंडर बास डी लीडे को अपनी साइन की हुई जर्सी उपहार में दी। मैच खत्म होने के बाद हार्दिक पांड्या की दरियादिली देखने को मिली। उन्होंने नीदरलैंड के ऑलराउंडर बास डी लीडे के जुझारू खेल की सराहना की और व्यक्तिगत रूप से उनके पास जाकर उन्हें गले लगाया। पांड्या ने अपनी मैच वाली जर्सी पर ऑटोग्राफ दिया और सम्मान के साथ उसे डच खिलाड़ी को भेंट कर दिया। इस उपहार से बास डी लीडे भावुक हो गए। एक विश्व स्तरीय खिलाड़ी से मिले इस सम्मान को देखकर बास डी लीडे अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और मैदान पर ही उनकी आंखें नम हो गईं। मैच की बात करें तो अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड्स को 17 रनों से हरा दिया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 193 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसमें शिवम दुबे ने 31 गेंदों में 66 रनों की सर्वाधिक पारी खेली। जवाब में नीदरलैंड्स की टीम ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन वे 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 176 रन ही बना सके। भारत के लिए वरुण चक्रवर्ती सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 3 ओवरों में मात्र 14 रन देकर 3 विकेट लिए। हार्दिक पांड्या ने इस मैच में बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावशाली प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 21 गेंदों में 30 रन बनाए, जिसमें 3 छक्के शामिल थे, और उन्होंने शिवम दुबे के साथ पांचवें विकेट के लिए 76 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गेंदबाजी में पांड्या ने 3 ओवरों में 40 रन देकर नीदरलैंड्स के सलामी बल्लेबाज माइकल लेविट का विकेट हासिल किया। खेल के बाद उन्होंने अपनी साइन की हुई जर्सी बास डी लीडे को भेंट कर खेल भावना का परिचय दिया, जिससे डच खिलाड़ी काफी भावुक हो गए।

भ्रष्टाचार पर प्रहार: ACB ने जनपद पंचायत के RES SDO को रिश्वत लेते दबोचा

बलौदाबाजार जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रिश्वतखोरी के मामले में जनपद पंचायत पलारी के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग (Rural Engineering Service – RES) में पदस्थ एसडीओ गोपाल कृष्ण शर्मा को 25 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से RES विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत भवानीपुर के उप सरपंच फागु सेन ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी कि मुरूम समतलीकरण कार्य के बदले एसडीओ द्वारा 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत की जांच के बाद ACB की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी एसडीओ को 25 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि गोपाल कृष्ण शर्मा का कुछ माह पूर्व ही प्रमोशन हुआ था और वे जनपद पंचायत पलारी के RES विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत थे। ACB की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।

राजधानी को बड़ी सौगात: 24 अटल कैंटीन शुरू, जरूरतमंदों को मिलेगा सस्ता भोजन

नई दिल्ली दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को राजधानी में 24 नई ‘अटल कैंटीनों’ की शुरुआत की। कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल तरीके से इन कैंटीनों का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में अटल कैंटीनों की कुल संख्या बढ़कर 70 हो गई। सरकार ने जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा है उद्घाटन के बाद उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य अतिथियों ने कैंटीन में बैठकर आम लोगों के साथ खाना भी खाया। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि यह योजना गरीबों और जरूरतमंदों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। उधर सीएम ने इस मौके पर कहा कि यह योजना इसी सोच से प्रेरित है कि दिल्ली में रहने वाला कोई भी शख्स भूखा न सोए। घर लौटकर खाना बनाने के तनाव से मिलेगी मुक्ति कृष्णा नगर में अटल कैंटीन का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि यह पहल गरीबों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, 'आज अटल कैंटीन का उद्घाटन हम सबको संतुष्टि देने वाला है। यह हर उस मजदूर, श्रमिक, जरूरतमंद, गरीब, बेसहार भाई-बहन के काम आने वाली रसोई है, जहां उसे भरपेट खाना मिलता है। आपने कितनी ही बार देखा होगा कि परिवार गांव में रहता है, और शहर में घर पर कोई खाना बनाने वाला नहीं रहता, मजदूर भाई अपनी ड्यूटी करके आता है, आकर घर में चूल्हा जलाकर अपने लिए खाना बनाता है। क्योंकि अगर बाजार में जाए तो वही थाली उसे 100 रुपए या 150 रुपए में मिलती है, आज मात्र 5 रुपए में उसे खाना मिलना उसके सम्मान को बचाकर रखने जैसा है। साफ-सुथरा पौष्टिक भोजन हम सब दिल्लीवासियों की सेवा में दे रहे हैं, जिनको इसकी जरूरत है।' सीएम ने बताया थाली में है क्या-क्या? मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि कैंटीनों में दाल, चावल, रोटी और सब्जी जैसे संतुलित भोजन परोसे जा रहे हैं। व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु रखने के लिए डिजिटल टोकन सिस्टम और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। भोजन स्टील की थाली में दिया जाता है और बिलिंग पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड है। समाज की भागीदारी बढ़ाने के लिए अटल कैंटीन का कॉर्पस फंड बनाने का सुझाव भी दिया गया है ताकि समाजसेवी विशेष अवसरों पर भोजन प्रायोजित कर सकें। LG बोले- हर थाली पर इतनी सब्सिडी दे रही सरकार वहीं उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस अवसर पर कहा कि दिल्ली सरकार हर थाली पर 25 रुपए की सब्सिडी दे रही है, ताकि जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ खाना मिल सके। कैंटीनों में खाने की गुणवत्ता पर नियमित नजर रखी जाती है और साफ-सफाई व पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी टीम को इस पहल के लिए बधाई दी और कहा कि इस योजना को आगे भी इसी तरह सफलतापूर्वक चलाया जाना चाहिए। सीएम ने की इस विभाग के अधिकारियों की तारीफ सीएम गुप्ता ने कम समय में अटल कैंटीन योजना को पूरा करने के लिए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के अधिकारियों की तारीफ की और कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन का उद्देश्य दिल्ली भर में शहरी गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को किफायती भोजन उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सुनिश्चित करेगी कि कोई भी भूखा न सोए। हर दिन 1 लाख लोगों को सस्ता भोजन देने की व्यवस्था बता दें कि राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी के श्रमिकों, गरीबों और अन्य जरूरतमंद निवासियों को किफायती और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। सरकार ने इस योजना के संचालन और प्रबंधन के लिए 104.24 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। प्रत्येक अटल कैंटीन में हर दिन लगभग 1,000 लोगों को भोजन परोसा जाएगा, जिससे पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हर दिन 1,00,000 से ज्यादा लोगों को फायदा होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल के अलावा केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद और भाजपा विधायक अनिल गोयल भी उपस्थित थे।