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केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने मिलन में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि वे समुद्री क्षेत्र में लगातार जटिल और परस्पर संबद्ध चुनौतियों का आपसी सम्मान और सहयोग की भावना से प्रेरित होकर समाधान करने के लिए सामूहिक रूप से काम करें। बृहस्पतिवार को यहां 'अभ्यास मिलन' के उद्घाटन समारोह के दौरान 74 देशों के नौसेना प्रमुखों और प्रतिनिधिमंडलों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि जल दस्यु, समुद्री आतंकवाद, अवैध रूप से मछली पकड़ने, तस्करी जैसे पारंपरिक खतरे के साथ साथ अब साइबर खतरे और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान जैसी उभरती हुई चुनौतियों भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन प्राकृतिक आपदाओं की तीव्रता बढ़ा रहा है जिससे मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान दिनों दिन अत्यधिक चुनौतीपूर्ण हो रहे हैं। कल रात जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में सिंह के हवाले से कहा गया है, ''अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापना में नौसेनाओं की भूमिका समय के साथ बढ़ती ही गई है। पिछले कुछ दशकों में तीव्र आर्थिक विकास हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय व्यापार और परिवहन में भारी वृद्धि हुई है। जलडमरूमध्य और जलमार्गों पर स्वामित्व के लिए प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है, जिससे कभी-कभी संघर्ष की आशंका भी पैदा हो जाती है।'' उन्होंने कहा कि जलमग्न संसाधनों, विशेषकर दुर्लभ खनिजों पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान बढ़ने से तनाव में एक नया आयाम जुड़ रहा है। सिंह ने देशों और क्षेत्रों में फैल रही आतंकवादी गतिविधियों से जलक्षेत्रों की सुरक्षा की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी नौसेना चाहे कितनी भी सक्षम क्यों न हो, वह उभरती चुनौतियों का अकेले सामना नहीं कर सकती। उन्होंने एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए नौसेनाओं के बीच बेहतर सहयोग के महत्व पर बल दिया। केंद्रीय मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से संबंधित मामलों के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) द्वारा प्रदान किए गए मजबूत कानूनी ढांचे पर प्रकाश डाला जिसे एक व्यापक वैश्विक नौसेना संरचना के माध्यम से और मजबूत किया जा सकता है। सिंह के अनुसार, यूएनसीएलओएस राष्ट्रों के बीच विवादों के निवारण और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए एक व्यापक और समय-परीक्षित तंत्र प्रदान करता है, और व्यापक वैश्विक नौसैनिक वास्तुकला सूचना साझाकरण को सुगम बनाएगी, संचार के लिंक की रक्षा करेगी और खुले समुद्र में आतंकवाद सहित आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाएगी, साथ ही वैश्विक स्तर पर राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा करने की अपनी सामान्य भूमिका भी निभाएगी। उन्होंने कहा, ''जब हमारे जहाज एक साथ यात्रा करते हैं, जब हमारे नाविक एक साथ प्रशिक्षण लेते हैं और जब हमारे कमांडर एक साथ विचार-विमर्श करते हैं, तो हम एक साझा समझ विकसित करते हैं जो भूगोल और राजनीति से परे होती है और सहयोग के इस विचार पर मंथन का एक उपयुक्त अवसर प्रदान करती है।'' उनके अनुसार, यूएनसीएलओएस राष्ट्रों के बीच विवादों के समाधान और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए एक व्यापक और समय की कसौटी पर खरा उतरने वाला तंत्र प्रदान करता है। यह व्यापक वैश्विक नौसैनिक संरचना सूचना साझाकरण को सुगम बनाएगी, संचार के माध्यमों की रक्षा करेगी और खुले समुद्र में आतंकवाद सहित आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाएगी, साथ ही वैश्विक स्तर पर राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा करने की अपनी सामान्य भूमिका भी निभाएगी। सिंह ने कहा कि स्थापित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में उथल-पुथल मची हुई है। उन्होंने कहा कि मिलन जैसे मंच पेशेवर विशेषज्ञता को साथ लाते हैं, आपसी विश्वास का निर्माण करते हैं, अंतर-संचालनीयता को बढ़ाते हैं और सामान्य चुनौतियों के लिए समन्वित प्रतिक्रियाओं को सक्षम बनाते हैं। समुद्री सहयोग के प्रति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास योजना (सागर) की परिकल्पना से प्रेरित होकर देशों का दृष्टिकोण अब संपूर्ण क्षेत्र की समग्र सुरक्षा एवं विकास (महासागर) की परिकल्पना में बदल गया है। उन्होंने कहा, ''सागर से महासागर की ओर यह बदलाव इस क्षेत्र और उससे परे के क्षेत्रों के साझेदारों के साथ जुड़ने की भारत की बढ़ती प्रतिबद्धता दर्शाता है।'' राजनाथ सिंह ने कहा कि 'अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026' विश्व की नौसेनाओं के बीच सद्भावना, व्यावसायिकता और पारस्परिक सम्मान की स्पष्ट पुष्टि है।  

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर संजूदेवी राजपूत ने किया डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन

रायपुर उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर  संजूदेवी राजपूत ने किया डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन कार्य तत्काल प्रारंभ कर पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्य संपादन करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने हेतु अधिकारियों को दिये निर्देश उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर  संजूदेवी राजपूत ने किया डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन कार्य तत्काल प्रारंभ कर पूर्ण गुणवत्ता के साथ कार्य संपादन करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने हेतु अधिकारियों को दिये निर्देश नगर पालिक निगम कोरबा के दर्री जोनांतर्गत जमनीपाली वार्ड के गोपालपुर पुनर्वास गांव की वर्षो से जर्जर पड़ी सड़कों का जीर्णोद्धार व डामरीकरण का कार्य कराया जाएगा, आज उद्योग मंत्री  लखनलाल देवंागन एवं महापौर  संजूदेवी राजपूत ने उक्त महत्वपूर्ण कार्य का भूमिपूजन किया तथा कार्य को तत्काल प्रारंभ कराने, पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य करने तथा समयसीमा में कार्य को पूरा करने के निर्देश निगम के अधिकारियों व निर्माण कार्य एजेंसी को दिये।      प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री तथा कोरबा विधायक  लखनलाल देवांगन के प्रयासों से निगम के वार्ड क्र. 54 जमनीपाली अंतर्गत स्थित एनटीपीसी के पुनर्वास ग्राम गोपालपुर में बर्षो से जर्जर पड़ी सड़कों के जीर्णोद्धार व डामरीकरण हेतु एनटीपीसी के सीएसआर मद से 01 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति प्राप्त हुई थी, आवश्यक प्रक्रिया के पश्चात अब उक्त महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ होने जा रहा है, आज उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर  संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में उक्त महत्वपूर्ण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया गया।  पुनर्वास ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करें प्रतिष्ठान   इस अवसर पर उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने एनटीपीसी सहित अन्य सार्वजनिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों का आव्हान करते हुए कहा है कि वे अपने पुनर्वास ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करें, पुनर्वास ग्रामों की समस्याओं को पूरी गंभीरता से लें तथा उनका समय-समय पर त्वरित निराकरण करायें। उन्होने कहा कि प्रतिष्ठानों का प्रथम दायित्व बनता है कि वे पुनर्वास ग्रामों के प्रति पूर्ण रूप से संवेदनशील रहें तथा इन ग्रामों के विकास एवं उन्हें आदर्श स्वरूप में विकसित करने की दिशा में पूरी इच्छाशक्ति के साथ कार्य करें। उद्योग मंत्री  देवांगन ने आगे कहा कि वर्तमान में निगम द्वारा वार्ड क्र. 54 जमनीपाली वार्ड में 53 लाख रूपये के कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं तथा 02 करोड 61 लाख रूपये के कार्य वार्ड की विभिन्न बस्तियों में प्रगति में हैं, वहीं 58 लाख रूपये के नये कार्य भी इस वार्ड हेतु स्वीकृत किये गये हैं। उन्होने कहा कि इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि निगम के सभी वार्डोे में वहॉं के नागरिकों की आवश्यकता व मांग के अनुसार व्यापक स्तर पर विकास कार्य वर्तमान में कराये जा रहे हैं तथा बिना किसी भेदभाव के कार्य हो रहे हैं। उन्हेाने आगे कहा कि निगम क्षेत्र में विगत 02 वर्षो के दौरान 865 करोड़ रूपये के विकास कार्य विभिन्न मदों के अंतर्गत स्वीकृत कराये जा चुके हैं तथा यह प्रयास किया जा रहा है कि विकास कार्यो हेतु किसी भी प्रकार की धनराशि की कमी न होने पाये।  लगातार जारी रहेगी विकास कार्यो की गति   इस मौके पर महापौर  संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि नगर निगम कोरबा क्षेत्र में विकास की यह गति लगातार जारी रहेगी तथा मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री  अरूण साव एवं उद्योग मंत्री तथा कोरबा विधायक  लखनलाल देवांगन के निरंतर मार्गदर्शन में कोरबा का सर्वांगीण विकास होकर रहेगा। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री  देवांगन विकास कार्यो हेतु विभिन्न मदों के अंतर्गत राशि की स्वीकृति करवा रहे हैं, और इसी के परिणाम स्वरूप विकास कार्यो हेतु फंड की कोई कमी नहीं हो रही है। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री  देवांगन एवं मेरा स्वयं का यह लगातार प्रयास है कि सभी वार्डो में समान रूप से विकास कार्य हों तथा नागरिकों को सभी सुविधाएं मिले, उनकी समस्याएं त्वरित रूप से दूर की जाए।  बहुप्रतीक्षित मांग आज पूरी हुई   वार्ड क्र. 54 जमनीपाली वार्ड के पार्षद  मुकुंद सिंह कंवर ने अपने उद्बोधन में कहा कि 25 वर्षो से ज्यादा समय से पूर्व इस ग्राम की सड़कें बनी थी तथा कई वर्षो से सड़कें जर्जर हो चुकी थी, सड़कों की दयनीय स्थिति है, आवागमन में ग्रामवासियों को अत्यंत असुविधा होती है, किन्तु आज इस सड़क डामरीकरण की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो रही है, जिसके लिए मैं उद्योग मंत्री  देवांगन एवं महापौर  राजपूत के प्रति वार्डवासियों की ओर से कृतज्ञता व्यक्त करता हूॅं। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री  देवांगन के प्रयास से एनटीपीसी के सीएसआर मद से 01 करोड़ 50 लाख रूपये की लागत से यह कार्य सम्पन्न होने जा रहा है, उन्होने कहा कि गांव में अब स्ट्रीट लाईट भी तत्काल लगवाई जाएंगी तथा उद्योग मंत्री  देवांगन के प्रयास से यहांॅ पर स्थित कोसगाई दाई मंदिर प्रांगण में बाउण्ड्रीवाल भी बनेगी।  भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान पार्षद नरेन्द्र देवांगन, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, पार्षद राधा महंत, सम्मत कुंवर कंवर, किशन लाल कैवर्त, सुखविंदर कौर, अयोध्याबाई कंवर,  मंडल अध्यक्ष मनोज लहरे, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, पूर्व पार्षद पुष्पा कंवर व संजय कुर्मवंशी, परविंदर सिंह सोनू, रतन सिंह कंवर, नारायण सिंह ठाकुर, ईश्वर साहू, अंजेय अग्रवाल, गौरीशंकर, अनिल यादव, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश वास्तव, एनटीपीसी के सीनियर मेनेजर सी.एस.आर. शशांक छाजर, जोन कमिश्नर लीलाधर पटेल, राज जायसवाल, यशवंत जोगी, रितेश सिंह, होमलाल भारिया, दुर्गा भारिया आदि के साथ काफी संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे। क्रमांक- :8962/लोन्हारे 

शून्यकाल में वित्त मंत्री का बजट प्रस्तुतीकरण, छात्रों और रैयतों समेत कक्षपालों की समस्याएं उठीं

रांची झारखंड विधानसभा के शून्यकाल में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 6450 करोड़ रुपए का तृतीय अन्नपूर्णक बजट पेश किया। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने सरकार से आग्रह किया कि जेपीएससी की कट ऑफ डेट पर तुरंत निर्णय लिया जाए, क्योंकि आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द फैसला नहीं हुआ तो छात्रों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि B.Ed की छात्राओं को छात्रवृत्ति मिलने तक फीस जमा करने की बाध्यता से राहत दी जाए। लोजपा विधायक जनार्दन पासवान ने रैयतों के मुआवजे का भुगतान होने तक एनटीपीसी और अडानी के खनन पर रोक लगाने की मांग की और कहा कि विवादित मामलों को रैयतों की सहमति से हल किया जाना चाहिए। विधायक अमित महतो ने कक्षपाल नियुक्ति में उम्र सीमा में छूट देने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले ही इस छूट का प्रावधान किया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया।  

बीबीएसए विधेयक, उच्च शिक्षा नियामक संरचना को आधुनिक एवं एकीकृत बनाने का समग्र प्रयास

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि "विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025" द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों को संचालित करने के लिए विभिन्न प्रकार की जटिल अनुमतियों को समाप्त करते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिसके द्वारा शैक्षणिक संस्थानों को ज्ञान के केन्द्र के रूप में स्थापित करने का अवसर मिलेगा तथा विभिन्न विसंगतियां भी समाप्त हो सकेंगी। "विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025"; भारत की उच्च शिक्षा नियामक संरचना को आधुनिक एवं एकीकृत बनाने का समग्र प्रयास है। मंत्री  परमार ने कहा कि यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया है। इस विधेयक के लिए देश भर के लोगों से सुझाव भी मांगे जा रहे हैं। मध्यप्रदेश से भी सुझाव जाने चाहिए, इसके लिए आवश्यक है कि सही परिप्रेक्ष्य में और सही तथ्यों के साथ, प्रदेश की बात संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) तक पहुँचे। मंत्री  परमार ने कहा कि यह विधेयक, शिक्षा की गुणवत्ता एवं प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करेगा। मंत्री  परमार शुक्रवार को भोपाल स्थित मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के सभागार में, "विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक-2025" विषय पर आयोजित एक दिवसीय संविमर्श "आनन्दशाला" का शुभारम्भ कर, विधेयक की प्रासंगिकता के आलोक में अपने विचार साझा कर रहे थे। मंत्री  परमार ने कहा कि शिक्षा के मंदिरों से भारतीयता के भाव का उद्घोष होना चाहिए। पराधीनता के पदचिन्हों को अंतिम विदाई देते हुए, हर क्षेत्र-हर विषय में भारतीय दृष्टि से समृद्ध विचार मंथन की आवश्यकता है। इसके लिए करोड़ों लोगों के सुझाव से सृजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है। मंत्री  परमार ने कहा कि यह विधेयक, भारत के उच्च शिक्षा शासन प्रबंधन में महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधार के लिए एकीकृत संस्थागत ढांचे की स्थापना के लिए भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित है। भारतीय शिक्षण मंडल एवं मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह आनंदशाला, विकसित भारत@2047 की संकल्पना सिद्धि के निमित्त, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में शैक्षणिक सरोकार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस संविमर्श से प्राप्त होने वाला निष्कर्ष, भारत सरकार के उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक सिद्ध होगा। इस अवसर पर बीज वक्ता के रूप में  विश्वजीत पेंडसे, मप्र भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. मिलिंद दांडेकर, कुलसचिव डॉ. सुशील मंडेरिया एवं प्रो. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, विविध शिक्षाविद् एवं अन्य विद्वतजन उपस्थित थे।  

भारतीय दृष्टि से समृद्ध अर्थव्यवस्था ही बनाएगी, विश्वमंच पर सिरमौर

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि अर्थव्यवस्था संघर्ष नहीं समन्वय का विषय है।भारत के दर्शन में "समन्वय" का समग्र दृष्टिकोण रहा है। भारत का वैश्विक अर्थव्यवस्था में योगदान का स्वर्णिम अतीत रहा है। भारत की अर्थव्यवस्था को विश्वमंच पर अग्रणी भूमिका में स्थापित करने के लिए, भारतीय दृष्टिकोण से समृद्ध अर्थव्यवस्था पर समग्र विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है। उच्च शिक्षा मंत्री  परमार शुक्रवार को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल एवं प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय हमीदिया महाविद्यालय भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "मप्र आर्थिक परिषद के 35वें राष्ट्रीय अधिवेशन एवं राष्ट्रीय सेमिनार" का शुभारम्भ कर, भारतीय दृष्टि से समृद्ध अर्थव्यवस्था के आलोक में अपने विचार साझा कर रहे थे। मंत्री  परमार ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम्, भारत का दृष्टिकोण है। हमारी मान्यता है कि विश्व एक बाजार नहीं बल्कि एक परिवार है। समृद्ध अर्थ-तंत्र के परिप्रेक्ष्य में समन्वित भाव के साथ पर विस्तृत मंथन करने की आवश्यकता है। शुभ-लाभ, हमारा सांस्कृतिक एवं आर्थिक चिंतन है, जो अच्छी पद्धति से धन कमाने का व्यापक संदेश देता है। मंत्री  परमार ने ग्रामीण भारत की रसोई और राशन प्रबंधन का उदाहरण साझा करते हुए, ग्रामीणों के आर्थिक प्रबंधन पर प्रकाश डाला। मंत्री  परमार ने कहा कि भारत हमेशा से कौशल प्रधान देश रहा है। भारतीय कौशल को वर्तमान आवश्यकता अनुरूप आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए, विश्वमंच पर आगे लाने की आवश्यकता है। मंत्री  परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत खाद्यान्न, ऊर्जा सहित हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर, अन्य देशों की पूर्ति करने में सामर्थ्यवान देश बनेगा। इसके लिए हम सभी को अपने परिश्रम और पुरुषार्थ की सहभागिता करनी होगी और विकसित भारत@2047 की संकल्पना की सिद्धि के लिए, अपने पूर्वजों के ज्ञान, संस्कृति एवं दर्शन को संजोकर आगे बढ़ना होगा। हर क्षेत्र-हर विषय में विद्यमान परंपरागत ज्ञान पर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में शोध कर, दस्तावेजीकरण करना होगा। इस दो दिवसीय अधिवेशन में, भारत में कौशल विकास एवं मप्र में जनजातीय विकास और भारतीय ज्ञान परम्परा, इन दो महत्वपूर्ण विषयों पर अर्थशास्त्र के शिक्षक, विषयविद और शोधार्थी अपने विचार एवं शोध साझा करेंगे। इस अवसर पर मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स चेन्नई के निदेशक एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु प्रो. एन बी भानुमूर्ति, मप्र आर्थिक परिषद की अध्यक्ष प्रो. नीति जैन, परिषद के सचिव प्रो. सखाराम मुजाल्दे, आयोजक सचिव प्रो. शरद तिवारी, प्रो. अनिल शिवानी एवं जर्नल की मुख्य संपादक प्रो. रेखा आचार्य सहित अर्थशास्त्र के विभिन्न प्राध्यापकगण, विविध शिक्षाविद् एवं अन्य विद्वतजन उपस्थित रहे।  

800 मीटर में इतिहास रच गईं Keely Hodgkinson, पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

लीविन (फ्रांस) ब्रिटेन की ओलंपिक चैंपियन कीली हॉजकिंसन ने महिलाओं की 800 मीटर स्पर्धा में नया विश्व इंडोर रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया।  वर्ल्ड एथलेटिक्स के अनुसार उन्होंने गुरुवार को वर्ल्ड एथलेटिक्स इंडोर टूर गोल्ड मीट में 1:54.87 मिनट का समय निकालते हुए स्लोवेनिया की योलांडा चेपलाक का लगभग 24 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। चेपलाक ने 3 मार्च, 2002 को 1:55.82 मिनट का समय लेकर यह रिकॉर्ड बनाया था। हॉजकिंसन ने इस समय को 0.95 सेकंड से बेहतर करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया। स्विट्जरलैंड की ऑड्रे वेरो दूसरे स्थान पर रहीं, लेकिन वह ब्रिटिश धाविका से काफी पीछे थीं। दौड़ की शुरुआत से ही 23 वर्षीय हॉजकिंसन ने बढ़त बना ली थी। उन्होंने 200 मीटर 26.47 सेकंड में और 400 मीटर 55.56 सेकंड में पूरा किया। 600 मीटर तक पहुंचते-पहुंचते (1:25.06) वह अन्य धाविकाओं से काफी आगे निकल चुकी थीं। रिकॉर्ड बनाने के बाद हॉजकिंसन ने दर्शकों का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें पूरे स्टेडियम से मिल रहा समर्थन साफ सुनाई दे रहा था। हॉजकिंसन ने 2021 टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीता था और इसके बाद पेरिस 2024 ओलंपिक में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।  

चुनावी प्रचार का शोर बना छात्रों की पढ़ाई में बाधा, अभिभावकों का विरोध तेज

रांची नगर निगम चुनाव के दौरान बज रहे लाउडस्पीकरों का तेज शोर इन दिनों बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। कई इलाकों से शिकायत मिल रही है कि तय समय के बाद भी प्रचार में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाए जा रहे हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बज रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि इससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। देर रात तक शोर रहने से बच्चों का ध्यान पढ़ाई में नहीं लग पा रहा है। कांके रोड निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उनका बेटा इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी कर रहा है, लेकिन कई बार रात 10 बजे के बाद भी लाउडस्पीकर बजते रहते हैं। दिनभर प्रचार वाहनों से तेज आवाज में अनाउंसमेंट किया जाता है। समझाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। बरियातू की रहने वाली सुनीता देवी ने बताया कि उनकी बेटी मैट्रिक की छात्रा है। परीक्षा के समय इस तरह का शोर बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ा रहा है। डोरंडा इलाके के एक अन्य अभिभावक ने भी कहा कि दिन में स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं और शाम-रात का समय ही पढ़ाई के लिए मिलता है, लेकिन प्रचार का शोर पढ़ाई में बाधा बन रहा है। बोर्ड परीक्षाएं जारी, शांति की जरूरत इस समय राज्य में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में स्कूलों और आसपास के इलाकों में शांति और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लाउडस्पीकर का उपयोग केवल तय समय सीमा के अंदर ही किया जा सकता है। ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह रोक है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए सहयोग करें, ताकि परीक्षा के दौरान उन्हें शांत माहौल मिल सके।  

रानी अवंती बाई सागर प्रोजेक्ट ने रचा रिकॉर्ड, तय समय से 39 दिन पहले पूरा किया बिजली उत्पादन टारगेट

भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के रानी अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी ने शुक्रवार को सुबह 7.45 बजे वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्ष‍िक लक्ष्य 508.08 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन को 39 दिनों पूर्व हासिल करने में सफलता पाई है। नब्बे मेगावाट स्थापित क्षमता के बरगी जल विद्युत गृह का इस दौरान प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (पीएएफ) 93 फीसदी रहा। जल विद्युत गृह का फोर्सड् आउटेज मात्र 0.81 फीसदी व प्लान्ड (नियोजित) आउटेज 4.47 फीसदी रहा। बरगी जल विद्युत गृह ने यह सफलता तकनीकी दक्षता, कुशल संचालन व सुदृढ़ अनुरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए हासिल की। 38 वर्ष पुराने जल विद्युत गृह ने 12 हजार घंटे से अधिक किया विद्युत उत्पादन 38 वर्ष पुराने बरगी जल विद्युत गृह की दोनों उत्पादन यूनिट ने सामूहिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 12130 घंटे संचालन दर्ज कर निर्धारित उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान बरगी जल विद्युत गृह की प्रथम यूनिट ने 254.89 मिलियन यूनिट व द्वितीय यूनिट ने 253.19 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया। पिछले वित्तीय वर्ष में भी बरगी ने हासिल किया था लक्ष्य-रानी अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी की 45 मेगावाट की प्रथम यूनिट 3 जून 1988 और 45 मेगावाट की द्वितीय यूनिट 29 नवम्बर 1988 को क्रि‍याशील हुई थी। बरगी जल विद्युत गृह ने इससे पूर्व पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी विद्युत नियामक आयोग के निर्धारित वार्ष‍िक लक्ष्य 508 मिलियन यूनिट की तुलना में 509 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया था। लक्ष्य को समयपूर्व प्राप्त करना हमारी कार्यसंस्कृति का परिचायक प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने रानी अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह द्वारा 39 दिन पूर्व ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्ष‍िक लक्ष्य को हासिल करने की सफलता पर अभियंताओं व कार्मिकों बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान में हम अपने अभियंताओं और कार्मिकों की प्रतिबद्धता, दक्षता और टीम भावना के बल पर सकारात्मक विकास पथ पर अग्रसर हैं। प्रत्येक लक्ष्य को समयपूर्व प्राप्त करना हमारी कार्यसंस्कृति का परिचायक बनता जा रहा है और हम सभी गर्व के साथ इन उपलब्धियों को साकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता सुविचारित निर्णय प्रक्रिया, समयबद्ध तकनीकी हस्तक्षेप, प्रभावी अनुरक्षण रणनीति और अभियंताओं व ठेका श्रमिकों के समन्वित प्रयासों से संभव हो पायी है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पहुंचे NeevCloud स्टॉल पर, AI समिट में स्टार्टअप्स को मिला बड़ा प्रोत्साहन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 नई दिल्ली में नीवक्लाउड के प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया। साथ ही नीवक्लाउड के फाउंडर एवं सीईओ  नरेन सेन से कंपनी की गतिविधियों एवं भावी योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को  सेन ने बताया कि इंदौर आधारित नीवक्लाउड की स्थापना भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से की गई है। कंपनी स्वदेशी एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है, जिससे देश का डेटा देश में ही सुरक्षित रह सके। नीवक्लाउड और रैकबैंक के साथ वर्तमान में 150 से अधिक कुशल प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं, जो इंजीनियरिंग, एआई, क्लाउड, डेटा सेंटर ऑपरेशंस और रिसर्च के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं।  सेन ने बताया कि कंपनी स्वदेशी एआई चिप के विकास की दिशा में भी कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य विदेशी निर्भरता कम करना, संवेदनशील डेटा को देश में सुरक्षित रखना और रणनीतिक तकनीक पर भारत का नियंत्रण सुनिश्चित करना है। अब तक 700 करोड़ रुपये का निवेश सुरक्षित किया जा चुका है और आगामी पाँच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स और सेमीकंडक्टर तकनीक के विकास के लिए प्रस्तावित है। रैकबैंक के माध्यम से ऊर्जा-कुशल और हाई-डेंसिटी एआई डेटा सेंटर्स स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे रोजगार सृजन और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एआई, क्लाउड और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रकार के नवाचार देश को डिजिटल क्षेत्र में सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। 

शिवाजी जयंती जुलूस बना विवाद की वजह: 3 राज्यों में झड़प, कई जगह आगजनी

नई दिल्ली देश के तीन अलग-अलग राज्यों कर्नाटक, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश में पिछले 24 घंटों के भीतर सांप्रदायिक तनाव की खबरें सामने आई हैं। शिवाजी जयंती के जुलूस और धार्मिक प्रार्थनाओं के दौरान हुई इन झड़पों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के कारण किसी भी अप्रिय घटना की खबर नहीं है और वर्तमान में तीनों स्थानों पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। MP में मंदिर परिसर में तोड़फोड़ के बाद बवाल जबलपुर के संवेदनशील सिहोरा तहसील में गुरुवार रात उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एक दुर्गा मंदिर परिसर में कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब मंदिर में शाम की आरती और पास की मस्जिद में नमाज का समय एक ही था। एक युवक ने कथित तौर पर मंदिर की ग्रिल को नुकसान पहुंचाया, जिससे दो समूहों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक ढांचे को बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया और अब तक 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। कर्नाटक में जुलूस पर पथराव, एसपी घायल कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती के जुलूस के दौरान हिंसा भड़क उठी। जब यह जुलूस पंका मस्जिद के सामने से गुजर रहा था, तब कथित तौर पर पथराव किया गया। पथराव के दौरान बागलकोट के पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ गोयल के सिर में मामूली चोट आई है। उन्होंने बताया कि मस्जिद की ओर से दो पत्थर फेंके गए थे। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, मस्जिद के पास डीजे पर 'मंदिर बनाएंगे' जैसे गाने बजाने को लेकर मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद तनाव बढ़ा। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया है और शहर में अगले चार दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। आंध्र प्रदेश में नारेबाजी पर विवाद हैदराबाद के अंबरपेट इलाके में भी शिवाजी जयंती के जुलूस और रमजान की प्रार्थना के दौरान झड़प देखने को मिली। जब जुलूस एक मस्जिद के पास से गुजर रहा था, तब वहां मौजूद लोगों ने तेज संगीत और नारेबाजी पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। अंबरपेट की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया। किसी के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है। शुक्रवार को एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।