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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जन्मदिन पर करेंगे गृह ग्राम में अनुष्ठान

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज 62वां जन्मदिन है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आज जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे और अपना जन्मदिन अपने गृह ग्राम बगिया में धार्मिक अनुष्ठान के साथ मनाएंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री साय सुबह मुख्यमंत्री निवास सिविल लाइन रायपुर से रवाना होकर पुलिस ग्राउंड हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा बगिया के लिए प्रस्थान करेंगे। बगिया हेलीपैड पर आगमन के बाद वे अपने निज निवास पहुंचेंगे, जहां जन्मदिन के अवसर पर सत्यनारायण व्रत कथा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद मुख्यमंत्री साय अपराह्न 3.40 बजे बगिया से प्रस्थान कर हेलीकॉप्टर से रायपुर लौटेंगे और शाम करीब 5.20 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे। निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन नहर पारा विकास समिति द्वारा गुरुनानक चौक स्थित लाइंस क्लब परिसर में एक निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित रहेगा। नाट्य मंचन ‘जाणता राजा’ तीसरा नाट्य मंचन ‘जाणता राजा’ का तीसरा प्रदर्शन नाट्य मंडली पुणे एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा किया जाएगा। यह भव्य मंचन साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित होगा। कार्यक्रम शाम 6.30 बजे से प्रारंभ होगा।

ट्रंप का बड़ा दांव! 10% वैश्विक टैरिफ से भारत और अन्य देशों की अर्थव्यवस्था पर कितनी मार?

नई दिल्ली अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ पर ट्रंप की जोरदार हार हुई है. US Supreme Court ने बड़ा फैसला सुनाते हुए Donald Trump को बड़ा झटका देते हुए उनके द्वारा इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है. इस हार के बाद ट्रंप ने 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ (10% Global Tariff) लगाने का ऐलान कर दिया है. आइए समझते हैं इसका भारत समेत दुनिया के तमाम देशों पर क्या असर होने वाला है और क्या अब पहले से लागू टैरिफ के बजाय सिर्फ 10% टैरिफ ही देना होगा? कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने फोड़ा टैरिफ बम सबसे पहले बता दें कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से US Reciprocal Tariff को अवैध करार दिए जाने के बाद ट्रंप के तेवर गर्म हो गए हैं. कोर्ट के फैसले के कुछ घंटों के बाद ही राष्ट्रपति ने एक कार्यकारी आदेश पर साइन कर दिए और दुनिया के सभी देशों से आयात पर 10 फीसदी का ग्लोबल टैरिफ जड़ दिया. इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपने अकाउंट से एक पोस्ट शेयर कर भी दी है.  क्या भारत और दूसरे देशों पर सिर्फ 10% टैरिफ?  Donald Trump के टैरिफ को गैरकानूनी बताए जाने और इसके बाद ट्रंप द्वारा नए ग्लोबल टैरिफ (Global Tariff) का ऐलान करने के बाद बड़ा सवाल ये है कि भारत समेत तभी देशों को अब सिर्फ 10% ही टैरिफ देना होगा. तो एएनआई की रिपोर्ट में इसे लेकर व्हाइट हाउस के अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि हां, जब तक कोई अन्य प्राधिकरण लागू नहीं किया जाता, तब तक 10% टैरिफ ही लागू रहेगा. इसका मतलब 18% नहीं, अब भारतीय सामानों के आयात पर अमेरिका में 10 फीसदी टैरिफ रह सकता है. हालांकि, यहां ट्रंप के बयान पर गौर करें, तो उन्होंने कहा था कि 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ मौजूदा टैरिफ के अतिरिक्त होगा.  IEEPA की जगह लेगा नया टैरिफ?  ट्रंप ने बीते साल 2025 के अप्रैल महीने में अमेरिका के लिए लिब्रेशन डे करार देते हुए टैरिफ का ऐलान किया था, जो 10 फीसदी से 50 फीसदी तक था. ये रेसिप्रोकल टैरिफ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाया था और कोर्ट ने इस संबंध में साफ किया है कि ऐसा करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास नहीं है और ये सिर्फ इमरजेंसी के हालात में यूज होता है. ऐसे में अधिकारी ने साफ किया कि हां, ये IEEPA के तहत लागू किए गए टैरिफ की जगह लेगा, जब तक कोई नया सिस्टम लागू नहीं किया जाता.  कितने दिन तक लागू रहेगा नया टैरिफ?  Donald Trump ने सुप्रीम कोर्ट में मिली टैरिफ पर हार के बाद आनन-फानन में 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ लगाने का आदेश दे दिया. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि करीब पांच महीने या 150 दिनों के लिए लागू रहेगा. क्या ट्रंप लगा सकते हैं अधिक टैरिफ?   इस सवाल का जबाव भी खुद डोनाल्ड ट्रंप ने दिया है और प्रेस कॉन्फ्रेंस में 10% ग्लोबल टैरिफ पर बात करते हुए संकेत दिया है कि उचित टैरिफ तय करने के लिए जरूरी जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर Tariff Hike किया जा सकता है.  ट्रंप ने क्यों लगाया नया ग्लोबल टैरिफ?  White House के अधिकारी ने बताया है कि अमेरिका का नया 10% ग्लोबल टैरिफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संरक्षणवादी व्यापार एजेंडे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भुगतान संतुलन संबंधी समस्याओं और अनुचित व्यापार प्रथाओं का समाधान करना है. इसके साथ ही उन्होंने सभी ट्रेड पार्टनर्स को Trade Deals का पालन करने की सलाह भी दी है. 

सरकारी कर्मचारियों–पेंशनर्स के लिए खुशखबरी, केंद्र सरकार का अहम फैसला

नई दिल्ली केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बड़ी राहत भरी खबर दी है। अब गंभीर बीमारी के इलाज के बाद भारी-भरकम बिलों के रीम्बर्समेंट के लिए सरकारी दफ्तरों की लंबी फाइलों और 'साहब' की मंजूरी का महीनों इंतजार नहीं करना होगा। सरकार ने क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए वित्तीय शक्तियों का विकेंद्रीकरण कर दिया है। क्या है नया नियम? (10 लाख तक की सीधी मंजूरी) 16 फरवरी, 2026 को जारी नए ऑफिस मेमोरेंडम (OM) के अनुसार, अब मंत्रालयों के विभाग प्रमुख (HOD) बिना किसी बाहरी वित्तीय सलाह (IFD) के 10 लाख रुपये तक के मेडिकल क्लेम को सीधे मंजूरी दे सकेंगे। पहले की सीमा: केवल 5 लाख रुपये। अब: 10 लाख रुपये तक के बिलों का निपटारा स्थानीय स्तर पर ही हो जाएगा। तेजी से पैसा पाने के लिए 2 जरूरी शर्तें अगर आप चाहते हैं कि आपका क्लेम बिना किसी देरी के पास हो, तो इन दो बातों का ध्यान रखना होगा: नियमों का पालन: क्लेम में CGHS या CS(MA) के मौजूदा नियमों में किसी भी प्रकार की छूट (Relaxation) न मांगी गई हो। निर्धारित दरें: अस्पताल का बिल पूरी तरह से सरकार द्वारा तय (CGHS Rates) दरों के अनुसार होना चाहिए। नोट: यदि बिल सरकारी रेट से अधिक है और आप अतिरिक्त भुगतान के लिए छूट चाहते हैं, तो फाइल अभी भी पुरानी लंबी प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ेगी। सेटेलमेंट लिमिट में भी भारी इजाफा सरकार ने क्लेम सेटलमेंट की लिमिट को भी 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा जिनके बिल पूरी तरह सरकारी दरों पर आधारित हैं। इससे भुगतान में होने वाली तकनीकी देरी को लगभग खत्म कर दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया: पेंशनभोगी ध्यान दें इलाज के बाद पैसा वापस पाने की प्रक्रिया अब बेहद सरल है। समय सीमा: अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 6 महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। कहां करें आवेदन: पेंशनभोगी अपने संबंधित वेलनेस सेंटर के CMO (Chief Medical Officer) को फाइल जमा करें। जरूरी दस्तावेज की चेकलिस्ट:     भरा हुआ क्लेम फॉर्म।     डिस्चार्ज समरी और रेफरल स्लिप।     अस्पताल के ओरिजिनल बिल और रसीदें।     इमरजेंसी की स्थिति में 'इमरजेंसी सर्टिफिकेट'।     CGHS कार्ड की कॉपी और कैंसिल चेक। एंबुलेंस का खर्च भी होगा वापस क्या आपको पता है कि अस्पताल ले जाने वाली एंबुलेंस का किराया भी सरकार देती है? नियम के मुताबिक, शहर के भीतर एंबुलेंस का खर्च तब मिलता है जब डॉक्टर यह प्रमाणित कर दे कि मरीज की हालत ऐसी थी कि उसे किसी दूसरे वाहन से ले जाना जानलेवा हो सकता था।  

शिक्षक बनने का सुनहरा मौका: छत्तीसगढ़ में 5000 पदों पर भर्ती की तैयारी

रायपुर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता एवं सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के कुल 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन शीघ्र ही जारी किया जाएगा। शासन ने परीक्षा आयोजन के लिये छत्तीसगढ़ व्यापम को अधिकृत किया है एवं विभाग द्वारा विज्ञापन जारी करने संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर आवश्यक प्रपत्र व्यापम को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके साथ ही सीधी भर्ती 2023 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में 5,000 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया फरवरी 2026 में शुरू करने जा रही है। इन पदों के लिए चयन व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद यह भर्ती राज्य के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए की जा रही है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य भर के सरकारी स्कूलों में टीचरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी । भर्ती प्रक्रिया के बारे में डिटेल्ड गाइडलाइंस आने वाले दिनों में जारी की जाएगी। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के माध्यम से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। खास बात यह है कि इसमें व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक जैसे कई पद शामिल किए जा रहे हैं, जिससे अलग-अलग योग्यता वाले उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा। ज्ञातव्य है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक सीधी भर्ती 2023 अंतर्गत सहायक शिक्षक पद के पांचवें चरण की भर्ती प्रक्रिया में माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारियों के स्थापन पर डीएड अर्हताधारियों अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया है।

छत्तीसगढ़ रेल मार्ग पर असर: वॉशेबल एप्रन कार्य के चलते 10 ट्रेनें रद्द, 18 का बदला रूट

बिलासपुर  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर रेल मंडल के गोंदिया स्टेशन में वॉशेबल एप्रन कार्य का हवाला दे रेलवे प्रबंधन ने दस यात्री ट्रेनों को निरस्त किया है, वहीं 18 ट्रेनें इस दौरान परिवर्तित मार्ग से चलेंगी. रद्द होने वाली गाड़ियां     03 से 22 मई तक टाटानगर से छूटने वाली 18109 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस नहीं चलेगी.     05 से 24 मई तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 18109 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-टाटानगर एक्सप्रेस नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक डोंगरगढ़ से छूटने वाली 68711 डोंगरगढ़-गोंदिया पैसेंजर नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68712 गोंदिया-डोंगरगढ़ पैसेंजर नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68713 गोंदिया-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 68716 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-गोंदिया पैसेंजर नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 68714 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-बालाघाट पैसेंजर नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक बालाघाट से छूटने वाली 68715 बालाघाट-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)- पैसेंजर नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक रायपुर से छूटने वाली 58205 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर नहीं चलेगी.     04 से 23 मई तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रायपुर पैसेंजर नहीं चलेगी. परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ी     02, 04, 06, 09, 11, 13, 16 एवं 18 मई को रीवा से छूटने वाली 11754 रीवा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) होकर चलेगी.     03, 05, 07, 10, 12, 14, 17 एवं 19 मई को नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 11753 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रीवा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट- नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) होकर चलेगी. बीच में समाप्त होने वाली गाड़ियां     02 से 22 मई तक बरौनी से छूटने वाली 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस दुर्ग एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 23 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस गोंदिया एवं दुर्ग के बीच रद्द रहेगी.     02 से 22 मई तक मुंबई से छूटने वाली 12105 मुंबई-गोंदिया एक्सप्रेस अंजनी एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 23 मई तक बरौनी से छूटने वाली 12106 गोंदिया-मुंबई एक्सप्रेस गोंदिया एवं अंजनी के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक जबलपुर से छूटने वाली 51707 जबलपुर-गोंदिया एक्सप्रेस बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 51708 गोंदिया-जबलपुर एक्सप्रेस गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68813 गोंदिया-तिरोड़ी मेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक तिरोड़ी से छूटने वाली 68814 तिरोड़ी-गोंदिया मेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68809 गोंदिया-तिरोड़ी मेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक तिरोड़ी से छूटने वाली 68810 तिरोड़ी-गोंदिया मेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68811 गोंदिया-कटंगी मेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक कटंगी से छूटने वाली 68812 कटंगी-गोंदिया मेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 78803 गोंदिया-कटंगी डेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक कटंगी से छूटने वाली 78804 कटंगी-गोंदिया डेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 78805 गोंदिया-कटंगी डेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक कटंगी से छूटने वाली 78806 कटंगी-गोंदिया डेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 78809 गोंदिया-कटंगी डेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक कटंगी से छूटने वाली 78810 कटंगी-गोंदिया डेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.  

डॉक्टर की चेतावनी: सीपीआर देने से पहले ABC जरूर चेक करें

नई दिल्ली सीपीआर एक जीवनरक्षक आपातकालीन प्रक्रिया है जो हृदय गति रुकने पर शरीर में ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन के प्रवाह को बनाए रखने में मदद कर सकती है। सही समय पर दी गई सीपीआर अस्पताल पहुंचने से पहले मरीज के जीवित बचने की संभावना को कई गुना बढ़ा सकती है। नोएडा के अमर उजाला कार्यालय में आयोजित एक विशेष हेल्थ कैंप के दौरान हृदय स्वास्थ्य और आपातकालीन चिकित्सा पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में नोएडा के एक निजी अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुरभि छाबड़ा ने जीवन रक्षक तकनीक 'सीपीआर' (CPR) के बारे में एक बड़ा और जरूरी सुझाव दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीपीआर देने से पहले यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि मरीज को वास्तव में इसकी आवश्यकता है भी या नहीं। अक्सर घबराहट में लोग बेहोश पड़े हर व्यक्ति को सीपीआर देना शुरू कर देते हैं, जो कि डॉ. सुरभि के अनुसार मरीज के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। डॉ. छाबड़ा ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को सीपीआर देने से पहले 'एबीसी' (ABC) फॉर्मूले की जांच करना जरूरी है। यह तीन चरणों वाली प्रक्रिया बताने में मदद करती है कि क्या व्यक्ति का दिल या सांस वास्तव में रुक गई है। सही पहचान के बिना दी गई चेस्ट कंप्रेशन (छाती दबाना) मरीज की पसलियों या आंतरिक अंगों को चोट पहुंचा सकती है। एयरवे डॉ. सुरभि के अनुसार, एबीसी फॉर्मूले में सबसे पहला चरण 'ए' यानी एयरवे (Airway) की जांच करना है। जब कोई व्यक्ति अचानक गिर जाए या बेहोश हो जाए, तो सबसे पहले यह देखें कि उसका वायु मार्ग खुला है या नहीं। कई बार गले में कुछ फंसने या जीब के पीछे की ओर गिरने के कारण सांस का रास्ता रुक जाता है। ऐसी स्थिति में मरीज का सिर थोड़ा पीछे झुकाएं और उसकी ठुड्डी को ऊपर उठाएं। यह क्रिया सांस की नली को सीधा करने और हवा के प्रवाह के लिए रास्ता साफ करने में मदद करती है। अगर वायु मार्ग अवरुद्ध है, तो सीपीआर देने का कोई लाभ नहीं होगा क्योंकि ऑक्सीजन फेफड़ों तक पहुंच ही नहीं पाएगी। ब्रिदिंग एबीसी प्रक्रिया का दूसरा महत्वपूर्ण चरण 'बी' यानी ब्रिदिंग है। डॉ. छाबड़ा ने सुझाव दिया कि मरीज के पास अपना कान ले जाएं और उसकी सांसों की आवाज सुनने की कोशिश करें। साथ ही अपनी नजरें मरीज की छाती पर रखें और देखें कि क्या वह ऊपर-नीचे हो रही है। अगर व्यक्ति सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो उसे सीपीआर की आवश्यकता नहीं होती है। अक्सर लोग सामान्य बेहोशी या 'मिर्गी' के दौरे में भी सीपीआर देने लगते हैं, जो गलत है। केवल तभी सीपीआर दें जब व्यक्ति की सांसें पूरी तरह रुक चुकी हों। सर्कुलेशन एबीसी फॉर्मूले का अंतिम स्टेज है 'सी' यानी सर्कुलेशन चेक करना है। इसका मतलब है कि मरीज के शरीर में खून का प्रवाह हो रहा है या नहीं, इसे जांचना। इसके लिए गर्दन के पास स्थित 'कैरोटिड पल्स' को 5 से 10 सेकंड तक महसूस करें। आप कलाई की नब्ज को भी चेक कर सकते हैं लेकिन अगर कलाई पर नब्ज न मिले तो गर्दन के पास ही चेक करें। डॉ. सुरभि के मुताबिक, अगर पल्स महसूस नहीं हो रही है और मरीज की सांसें भी बंद हैं, तो यह 'कार्डियक अरेस्ट' का स्पष्ट संकेत है। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए तुरंत सीपीआर शुरू कर देना चाहिए।  गलत सीपीआर से होने वाले जोखिम डॉ. सुरभि छाबड़ा ने अंत में यह स्पष्ट किया कि सीपीआर एक बेहद शक्तिशाली जीवन रक्षक तकनीक है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता सही समय और सही मरीज के चुनाव पर निर्भर करती है। अगर किसी ऐसे व्यक्ति की छाती जोर से दबाई जाए जिसका दिल धड़क रहा है, तो इससे हार्ट रिदम बिगड़ सकता है और पसलियां टूट सकती हैं। एबीसी फॉर्मूले का पालन करने से आप न सिर्फ मरीज की स्थिति को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सहायता (एम्बुलेंस) आने तक उसे एक नया जीवन देने की संभावना भी बढ़ा सकेंगे।    

तेज रफ्तार भारत: नमो भारत ट्रेन अब सराय काले खां–बेगमपुल रूट पर, प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन

नई दिल्ली अभी तक दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक पहुंच रही नमो भारत रेल अगले तीन दिनों में सराय काले खां तक पहुंचने लगेगी। इससे यात्रियों की नमो रेल के साथ भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रो और बस तक सीधी पहुंच होगी। आज यानी शुक्रवार को इस ट्रेन का ट्रायल रन होगा जबकि प्रधानमंत्री मोदी दो दिन बाद 22 फरवरी को दोनों कॉरीडोर का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के साथ ही आम लोग के लिए कॉरिडोर खोल दिया जाएगा जिससे सराय काले खां मेगा ट्रांसपोर्ट हब से यात्री अपनी मंजिल के लिए आसानी से दूसरा वाहन पकड़ सकेंगे। मेरठ साउथ नमो स्टेशन से आगे बेगमपुल स्टेशन तक जाना भी संभव होगा। दरअसल, दिल्ली-मेरठ नमो कारीडोर का न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ नमो स्टेशन का करीब 55 किमी लंबा हिस्सा चालू है। शेष सेक्शन इससे जुड़ने वाले हैं। इसमें दिल्ली की तरफ सराय काले खां से न्यू अशोक नगर का करीब पांच किलोमीटर लंबा हिस्सा अब तैयार हुआ है। मेरठ साउथ से मोदिपुरम का 21 किमी का स्ट्रेच भी पूरा है। दोनों हिस्सों को आवाजाही के लिए शुरू किया जाना है। अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार पहली बार नमो रेल सरायकाले खां से बेगमपुल तक चलेगी। इसमें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीडियाकर्मी भी शामिल होंगे। मेरठ मेट्रो भी होगी शुरू अधिकारियों का कहना है कि मेरठ मेट्रो का काम भी पूरा हो गया है। 23 किमी लंबी इस मेट्रो में 13 स्टेशन हैं। इस कारीडोर का भी 22 फरवरी को उद्घाटन होगा। इससे मेरठ के भीतर और मेरठ से नमो रेल तक पहुंचने का रास्ता आसान हो जाएगा। यात्रियों को निजी वाहनों से नमो स्टेशन तक जाने की जरूरत नहीं रहेगी। दिल्ली मेट्रो को भी मिलेगी हरी झंडी दिल्ली मेट्रो का मजलिस पार्क–मौजपुर और दीपाली चौक–मजलिस पार्क सेक्शन तैयार है। फेज-4 के तहत बने दोनों सेक्शन पर ट्रायल रन भी पूरा होने के साथ कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी ने भी मेट्रो चलाने की अनुमति दे दी है। इनका उद्घाटन भी 22 फरवरी को होगा। दोनों कॉरिडोर की लंबाई करीब 23 किमी है। इसमें मजलिस पार्क–मौजपुर लाइन के करीब 13 किमी में आठ स्टेशन हैं। दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर के जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग कॉरिडोर का हिस्सा है। यह मजेंटा लाइन का विस्तार है। मजेंटा लाइन अभी बोटेनिकल गार्डन से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन तक चल रही है। कृष्णा पार्क से दीपाली चौक तक निर्माण कार्य जारी है। वहीं, दीपाली चौक से मजलिस पार्क करीब दस किमी लंबा हिस्सा तैयार है। दोनों कारीडोर उद्घाटन के बाद आम लोगों के लिए खोल दिए जाएंगे। तीन कॉरिडोर का हो सकता शिलान्यास करीब दो किमी लंबा एरोसिटी से आईजीआई टी-1, करीब चार किमी लंबा तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और करीब दस किमी लंबा रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ मेट्रो कारीडोर का शिलान्यास भी हो सकता है। बीते दिनों दिल्ली सरकार ने इन तीनों कॉरिडोर को कैबिनेट से मंजूरी दी थी। वहीं, केंद्र सरकार की तरफ से इनको बीते साल ही मंजूरी मिल गई है। प्रधानमंत्री तीनों कॉरिडोर का शिलान्यास भी कर सकते हैं।

आज खत्म होगा झारखंड निकाय चुनाव का प्रचार, 23 फरवरी को मतदाता करेंगे फैसला

रांची झारखंड के 48 नगरीय निकायों में होने वाले चुनाव के तहत सोमवार 23 फरवरी को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी। इससे पहले चुनाव प्रचार की समय सीमा शनिवार 21 फरवरी की शाम को समाप्त हो जाएगी। यानी इसके बाद चुनाव प्रचार थम जाएगा, हालांकि उम्मीदवार इसके बाद मतदाताओं से व्यक्तिगत रूप से घर-घर पहुंचकर जनसंपर्क कर सकेंगे। उधर धनबाद में इंडिया गठबंधन के दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं जिससे मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। झारखंड में नगरीय निकायों के चुनाव के लिए प्रचार का सिलसिला चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को शाम 5 बजे प्रचार का शोर थम जाएगा। वोटिंग 23 फरवरी को होगी। झारखंड में 48 नगरीय निकायों के चुनाव 23 फरवरी को होने हैं। इन निकायों में राजधानी रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो और देवघर जैसे बड़े शहरों के नगर निगम भी शामिल हैं। नगरीय निकायों के चुनाव बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन चुनावों के नतीजों से इस बात का परीक्षण होगा कि राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाला सत्ताधारी इंडिया गठबंधन जिसमें कांग्रेस सहित कुछ और दल शामिल है, किस स्थिति में है। बीजेपी इस चुनाव में काफी जोर लगा रही है। धनबाद नगर निगम के चुनाव में राज्य के सत्ताधारी इंडिया गठबंधन में शामिल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार तय करने के बजाय अपने-अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। यानी राज्य की सत्ता में शामिल ये सभी दल धनबाद में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसी स्थिति कुछ अन्य निकायों के चुनाव में भी देखी जा रही है। उम्मीदवार राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि सभी को अलग चिह्न आवंटित किए गए हैं। खास तौर पर नगर निगमों की सत्ता पर कब्जा करने के लिए सभी मुख्य पार्टियां जोर लगा रही हैं। निकाय चुनाव घोषित तौर पर तो गैर दलीय आधार पर हो रहे हैं, लेकिन वास्तव में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से समर्थित उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हो रहा है।

मेरठ में पीएम मोदी की जनसभा आज, शहर में लागू हुआ रूट डायवर्जन प्लान

मेरठ मेरठ में 22 फरवरी को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक डायवर्जन प्लान जारी किया है। इसके तहत कार्यक्रम के दिन भारी वाहनों (कमर्शियल) के साथ-साथ निजी कारों और बसों के लिए भी रास्तों में बदलाव किया गया है। यह प्लान सुबह 08:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक पूरी तरह प्रभावी रहेगा। गाजियाबाद से मेरठ: राजनगर एक्सटेंशन, दुहाई, मुरादनगर और मोदीनगर से मेरठ की ओर आने वाले भारी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। ये वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे या पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उपयोग कर सकेंगे।  मुजफ्फरनगर से मेरठ: सठेड़ी पुलिस चौकी पुल से भारी वाहन एनएच-58 होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे।  मुरादाबाद/हापुड़ से मेरठ: टियाला अंडरपास से भारी वाहन किठौर और परीक्षतगढ़ होते हुए बिजनौर या मुजफ्फरनगर की ओर निकाले जाएंगे।  शहर के अंदर: बिजली बम्बा चौराहा से शाप्रिक्स माॅल की ओर सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। परतापुर इंटरचेंज और काशी टोल प्लाजा पर भी भारी वाहनों के लिए विशेष पाबंदियां रहेंगी। मेरठ-परतापुर से मोदीनगर की ओर जाने वाली सड़क रहेगी बंद मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन: मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन मेरठ शहर से रुड़की रोड, मोदीपुरम पुल, सरधना पुल, रोहटा पुल, बागपत पुल- एनएच-58 से काशी टोल प्लाजा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे होते हुए जा सकेगे। मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन :  बिजली बंबा चौराहे से होते हुए हापुड़ से दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे मार्ग से भी दिल्ली जा सकेगे। दिल्ली से मेरठ शहर में आने वाले वाहन: दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे से काशी टोल प्लाजा से एनएच-58 होते हुए बागपत पुल, रोहटा पुल, सरधना पुल, मोदीपुरम, रुड़की रोड होते हुए मेरठ शहर में आ सकेगे। दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन : दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे होते हुए हापुड़ से बिजली बंबा चौराहे से भी मेरठ शहर में आ सकेगे। मेरठ से दिल्ली आने व जाने वाले वाहन : परतापुर इन्टरचेंज से दिल्ली रोड होते हुए मेरठ शहर में प्रवेश नहीं कर सकेगे। यातायात प्रबंधन के दौरान किसी भी प्रकार की आपात कालीन सेवाऐ एवं एम्बुलेंस बाधित नहीं रहेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रमण कार्यक्रम के कारण मेरठ-परतापुर से मोदीनगर की ओर कोई भी वाहन नहीं चलेगा। मेरठ-मोदीनगर-दिल्ली मार्ग बंद रहेगा। अभी तक दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक पहुंच रही नमो भारत रेल अगले तीन दिनों में सराय काले खां तक पहुंचने लगेगी। इससे यात्रियों की नमो रेल के साथ भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रो और बस तक सीधी पहुंच होगी। शुक्रवार को इस ट्रेन का ट्रायल रन होगा। अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार पहली बार नमो रेल सरायकाले खां से बेगमपुल तक चलेगी।उद्घाटन के साथ ही आम लोग के लिए कॉरिडोर खोल दिया जाएगा जिससे सराय काले खां मेगा ट्रांसपोर्ट हब से यात्री अपनी मंजिल के लिए आसानी से दूसरा वाहन पकड़ सकेंगे। मेरठ साउथ नमो स्टेशन से आगे बेगमपुल स्टेशन तक जाना भी संभव होगा।   बस, कार और निजी वाहनों के लिए मार्ग  दिल्ली/गाजियाबाद से: मोदीनगर से कादराबाद पुलिस चौकी से आगे बाएं मुड़कर कार/बस पार्किंग स्थल की ओर जा सकेंगे।  मुजफ्फरनगर/शामली से: गंगनहर पटरी होते हुए सिवालखास पुल से बाएं मुड़कर पार्किंग की ओर जा सकेंगे।  हापुड़ से: थाना खरखौदा तिराहे से मोहिउद्दीनपुर होते हुए पार्किंग स्थल पहुंचेंगे।  मवाना/परीक्षितगढ़ से: मवाना से आने वाले वाहन दौराला और गंगनहर पटरी मार्ग से होते हुए सिवालखास पुल के रास्ते पार्किंग तक जा सकेंगे। बार-बार बदलता रहा ट्रैफिक प्लान यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात करीब 10 बजे ट्रैफिक प्लान जारी किया था। इसके कुछ देर बाद इस प्लान को बदल दिया गया और रात 12 बजे नया प्लान जारी किया। इसके कुछ देर बाद इसमें भी संशोधन कर दिया गया।  

मध्य प्रदेश को मिलेगी नई रेललाइन, 108 गांव होंगे प्रभावित; सरकार ने तय की 2030 की डेडलाइन

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर से बुदनी के बीच बन रही नई ब्रॉडगेज रेल लाइन रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। पहले से ही करीब पांच साल देरी का सामना कर रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति जमीन अधिग्रहण की सुस्त प्रक्रिया के कारण थमी हुई है। कई गांवों में मुआवजा और सीमांकन संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाने से निर्माण कार्य तय गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा। हालात ऐसे हैं कि अब इस रेल लाइन को पूरा करने का लक्ष्य बढ़ाकर साल 2030 तक कर दिया गया है। जिससे क्षेत्रवासियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। परियोजना में खर्च हो चुके हैं 2 हजार करोड़ यह 205 किमी का सेक्शन 342 किमी लंबी इंदौर-जबलपुर नई विद्युत रेल लाइन परियोजना का अहम हिस्सा है, जिसे 2016-17 में मंजूरी मिली और 2018 में काम शुरू हुआ। शुरुआती लक्ष्य 2024-25 था, लेकिन फंड की कमी, जमीन अधिग्रहण और न्यायिक अड़चनों के कारण अब नई समयसीमा 2029-30 तय की गई है। करीब 7,400 करोड़ रुपए की इस परियोजना पर अब तक लगभग 2,000 करोड़ खर्च हो चुके हैं और प्रगति 30% दर्ज की गई है। निर्माण कार्य रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा तीन पैकेज में किया जा रहा है-मांगलिया गांव से खेरी, खेरी से पीपलिया नानकर और पीपलिया नानकर से बुदनी का काम चल रहा है। 75 किमी कम होगा सफर नई लाइन बनने के बाद इंदौर से जबलपुर की दूरी करीब 75 किमी कम हो जाएगी। अभी यात्रियों को भोपाल होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। नई कनेक्टिविटी से समय की बचत होगी और ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा तक हो सकेगी। इससे मालवा और महाकौशल क्षेत्र के यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा, साथ ही माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।   परियोजना में 80 सुरंगें परियोजना में 80 बड़े पुल और दो सुरंगें (1.24 किमी और 8.64 किमी) प्रस्तावित हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर कोई लेवल क्रॉसिंग नहीं होगी, अंडरपास और ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। सुरंगों का डिजाइन वन्यजीव क्षेत्र को सुरक्षित रखते हुए तैयार किया गया है। योजना के अनुसार 2027-28 में बुदनी से सलकनपुर, 2028-29 में मांगलिया गांव से खेरी और 2029-30 तक पूरा ट्रैक तैयार करने का लक्ष्य है। 108 गांवों की जमीन अधिग्रहित कुल 205 किमी में से 186 किमी राजस्व और सरकारी भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। शेष वन क्षेत्र की अनुमति मार्च 2025 में मिल गई। 108 गांवों में अधिग्रहण कर लगभग 721 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है।