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Aaj Ka Rashifal 23 February 2026: 12 राशियों का हाल, किस पर बरसेगी किस्मत

मेष: आज मन थोड़ा भटका हुआ रह सकता है। छोटे-छोटे कामों में मन नहीं लगेगा और बार-बार मूड बदल सकता है। खर्चे अचानक निकल सकते हैं, इसलिए फालतू खर्च से बचें। घर में किसी की बात बुरी लग सकती है, लेकिन बात को दिल पर न लें। लव लाइफ में सामने वाले की बात ध्यान से सुनेंगे तो झगड़ा टल सकता है। कामकाज में जल्दबाजी न करें, धीरे-धीरे करेंगे तो बेहतर नतीजे मिलेंगे। सेहत ठीक रहेगी, बस नींद पूरी लें। वृषभ: आज पैसों को लेकर सोच-विचार ज्यादा रहेगा। कहीं से उम्मीद के उलट पैसा आ सकता है, लेकिन टिकेगा नहीं। किसी दोस्त या रिश्तेदार की बात पर तुरंत भरोसा न करें, पहले सच्चाई जान लें। ऑफिस में काम सामान्य चलेगा, ज्यादा दबाव नहीं रहेगा। लव लाइफ में थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है, खुद पहल करेंगे तो बात सुधरेगी। जरूरी न हो तो लंबी यात्रा टाल दें। मिथुन: आज थकान ज्यादा महसूस हो सकती है। नींद पूरी न होने से चिड़चिड़ापन रह सकता है। घर में किसी बात को लेकर बहस हो सकती है, शब्दों का ध्यान रखें। लव लाइफ में गलतफहमी बढ़ सकती है, इसलिए साफ बात करें। नौकरी या काम में जो चल रहा है, उसी पर फोकस रखें। नया काम शुरू करने से अभी बचें। सेहत के लिए पानी ज्यादा पिएं। कर्क: आज मन थोड़ा हल्का रहेगा। परिवार से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। कामकाज में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन सीनियर से बात करते समय सोच-समझकर बोलें। किसी पुराने मामले पर सफाई देनी पड़ सकती है। लव लाइफ में अपनापन महसूस होगा। सेहत सामान्य रहेगी, बस खानपान में लापरवाही न करें। सिंह: आज शरीर में सुस्ती या कमजोरी लग सकती है। बाहर निकलते समय संभलकर रहें, फिसलने या हल्की चोट का खतरा है। काम के मामले में फैसले आपके पक्ष में जा सकते हैं। घर में माहौल ठीक रहेगा। लव लाइफ में अच्छा समय बीतेगा, साथ बैठकर बात करने से रिश्ता मजबूत होगा। पेट से जुड़ी दिक्कत से बचने के लिए हल्का खाना खाएं। कन्या: आज बच्चों या परिवार की किसी बात को लेकर चिंता रह सकती है। घर का माहौल थोड़ा भारी लग सकता है। काम से जुड़ी कोई बात बनते-बनते अटक सकती है। प्रॉपर्टी या गाड़ी से जुड़ा मामला आगे बढ़ेगा, लेकिन समय लगेगा। मां की सेहत पर ध्यान दें। खुद को शांत रखें, ज्यादा सोचेंगे तो मन भारी होगा। तुला: आज बोलचाल में सख्ती आ सकती है। गुस्से में कही बात रिश्तों में दूरी ला सकती है। पैसों की स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन बचत पर ध्यान देना जरूरी है। कोई नया निवेश करने का मन बनेगा, फिलहाल रुकना बेहतर रहेगा। काम में जिम्मेदारी बढ़ सकती है। सेहत को लेकर बीपी या मुंह से जुड़ी दिक्कत परेशान कर सकती है। वृश्चिक: आज गला, नाक या कान से जुड़ी परेशानी हो सकती है। मौसम से बचाव करें। भाई-बहन को लेकर मन परेशान रहेगा। काम में ज्यादा बदलाव नहीं दिखेगा। लव लाइफ ठीक रहेगी और बच्चों से जुड़ी कोई अच्छी बात सुनने को मिल सकती है। भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें। धनु: आज रिश्तों में गलतफहमी की वजह से दूरी बन सकती है। बिना वजह शक करने से बचें। ऑफिस में आपकी बातों को महत्व मिल सकता है। जो लोग पब्लिक डीलिंग या राजनीति से जुड़े हैं, उनके लिए दिन ठीक है। विपरीत लिंग के साथ बातचीत में लिमिट बनाए रखें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन मानसिक दबाव महसूस हो सकता है। मकर: आज मन में बेचैनी रह सकती है। खर्चे उम्मीद से ज्यादा निकल सकते हैं, जिससे टेंशन होगी। उधार देने या जोखिम भरे काम से दूरी रखें। कामकाज में मन नहीं लगेगा, लेकिन दिन जैसे-तैसे निकल जाएगा। लव लाइफ में बात कम हो सकती है। खुद को शांत रखने की कोशिश करें, हालात धीरे-धीरे सुधरेंगे। कुंभ: आज गुस्से पर कंट्रोल रखना जरूरी है। पैरों में दर्द या मोच जैसी दिक्कत हो सकती है। पढ़ाई करने वालों के लिए दिन ठीक है, मन लगाकर पढ़ेंगे तो फायदा मिलेगा। लव लाइफ सामान्य रहेगी। कोई बड़ा फैसला लेने का मन बनेगा, लेकिन आज टालना बेहतर है। भावुक होकर कुछ न करें। मीन: आज खर्चों पर लगाम लगाना जरूरी है। सिरदर्द या आंखों में जलन परेशान कर सकती है। लव लाइफ में मनमुटाव हो सकता है, छोटी बात को बड़ा न बनाएं। मन में बेवजह डर या चिंता रह सकती है। आज खुद को थोड़ा आराम दें और फैसले सोच-समझकर लें। हालात धीरे-धीरे बेहतर होंगे।  

देवघर के बाबाधाम में अडानी ग्रुप चेयरमैन गौतम अडानी की पूजा-अर्चना, देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना

देवघर झारखंड के देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने रविवार को भोले बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर उन्हें पहले प्रशासनिक भवन ले जाया गया, जहां वैदिक मंत्रोचार के बीच उनके पुश्तैनी तीर्थ पुरोहित दानी नरौने और सहयोगियों द्वारा संकल्प कराया गया। इसके बाद पूरी सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें गर्भगृह में ले जाकर भगवान भोले की पूजा कराई गई। गौतम अडानी करीब सात मिनट तक गर्भगृह में रहे और इस दौरान उन्होंने झारखंड और देशवासियों की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। पूजा के बाद उन्हें बाबा भोले का प्रतीक चिन्ह जिला खेल पदाधिकारी एवं बाबा मंदिर के सहायक प्रभारी संतोष कुमार ने भेंट किया। गोड्डा सांसद निशिकांत दूब से भी अडाणी ने उनके आवास पर मुलाकात की है। निशिकांत दूबे ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा 'अपने देवघर आवास पर अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी जी का स्वागत किया।' अडानी ने कहा, 'मन की शांति के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना करना मेरी बहुत पुरानी इच्छा थी। यहां पूजा कर मैं बहुत खुशकिस्मत महसूस कर रहा हूं।' पूजा-अर्चना के बाद गौतम अडानी पीरपैंती स्थित अडानी पावर लिमिटेड के 2,400 मेगावाट कोयला आधारित (सुपर क्रिटिकल) ताप विद्युत परियोजना स्थल का दौरा करेंगे। परियोजना में 800 मेगावाट की तीन इकाइयां शामिल हैं और यह लगभग 21,400 करोड़ रुपये के निवेश के साथ बिहार का प्रमुख ऊर्जा प्रोजेक्ट है।

दिल्ली के बाद कटरा में अलर्ट, मां वैष्णो देवी यात्रा पर सुरक्षा कड़ी, हर कदम पर निगरानी

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए आतंकी घटनाक्रमों के बाद अब जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि आतंकी मां वैष्णो देवी के पावन भवन और आधार शिविर कटरा को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इस गंभीर सूचना के बाद माता के दरबार और पूरे कटरा शहर को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। आतंकी अलर्ट के बाद कटरा से लेकर भवन तक सुरक्षा व्यवस्था को मल्टी-लेयर कर दिया गया है। आधार शिविर कटरा और यात्रा मार्ग पर भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए यात्रा मार्ग पर विशेष QRT टीमों को तैनात किया गया है जो आधुनिक हथियारों से लैस हैं।जमीन के साथ-साथ आसमान से भी निगरानी रखी जा रही है। चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए कड़े नियम सुरक्षा को देखते हुए यात्रियों के लिए भी जांच प्रक्रिया को और अधिक सख्त कर दिया गया है। RFID कार्ड और वेरिफिकेशन: बिना वैध  RFID कार्ड के किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है।   सघन चेकिंग: कटरा के प्रवेश द्वारों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर हर वाहन और यात्री की सघन तलाशी ली जा रही है। पहचान पत्र अनिवार्य: प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे हर समय अपना मूल पहचान पत्र साथ रखें और सुरक्षाकर्मियों के साथ सहयोग करें। यात्रा पर कोई रोक नहीं, पर सतर्कता जरूरी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माता वैष्णो देवी की यात्रा सुचारू रूप से चल रही है और इसे रोका नहीं गया है। हालांकि, श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु को न छुएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति के दिखने पर तुरंत पुलिस या श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों को सूचित करें।

सैम पित्रोदा के विवादित बयान से मचा बवाल, BJP ने कांग्रेस को घेरा

नई दिल्ली भारतीय प्रवासी कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने एक बार फिर से एक बयान के जरिए पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भारत ने दूसरों की सेवा के लिए युवाओं की बड़ी फौज को खड़ा किया है। लेकिन यह भारत के लिए नहीं बल्कि विदेशियों के लिए काम करती है। पित्रोदा ने वर्तमान टेक्नोलॉजी निर्माण की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक 1.5 अरब आबादी वाले देश के लिए यह शर्म की बात है कि उनके पास अपना ऑपरेटिंग सिस्टम तक नहीं है। पित्रोदा की इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने उन पर हमला बोलते हुए भारत की निंदा करने का आरोप लगाया। एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस नेता ने विदेशी कंपनियों में भारतीयों की संख्या जिक्र करते हुए अपनी बात को रखा। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी शिक्षा संस्थाओं के जरिए युवा प्रतिभा का एक बड़ा आधार तैयार किया है, लेकिन भारत में ही नई खोजों के लिए इसका लाभ उठाने में नई दिल्ली पूरी तरह से असमर्थ रही है। उन्होंने कहा, "हमने बहुत सारी युवा प्रतिभा का निर्माण किया है, लेकिन यह अपरिपक्व है। इस प्रतिभा ने भारत का नहीं बल्कि दुनिया की तमाम बहुराष्ट्रीय कंपनियों को प्रोग्रामिंग, कानून, उद्योग, लॉजिस्टिक्स, इनोवेशन, बैंकिंग में मदद की है। इस प्रतिभा के दम पर भारत ने वैश्विक स्तर के प्रोडक्ट्स नहीं बनाए, बल्कि इस प्रतिभा का इस्तेमाल दूसरे की सेवा के लिए किया।" अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सैम पित्रोदा ने कहा, "न हो भारत ने अपना खुद का सोशल मीडिया प्लेटफार्म तैयार किया और न ही माइक्रोसॉफ्ट जैसी कोई बड़ी कंपनी तैयार कर पाए। हमने अपना खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम तक नहीं बनाया। यह शर्म की बात है कि 1.5 अरब आबादी वाले देश के पास खुद का ऑपरेटिंग सिस्टम भी नहीं है। हम मोबाइल फोन के लिए भी ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं बना पाए। हमने सचमुच अपनी युवा प्रतिभा का उपयोग दूसरों की सेवा के लिए किया है।" भाजपा हुई हमलावर वरिष्ठ कांग्रेस नेता की तरफ से आई इस टिप्पणी पर सत्ताधारी भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा की तरफ से प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि 'लश्कर ए कांग्रेस' के मुख्य सलाहकार ने एक बार फिर से झूठ बोलकर भारत का मजाक उड़ाने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा, "एआई समिट में कांग्रेस के टॉपलेस ऐक्ट के बाद लश्कर ए कांग्रेस के मुख्य सलाहकार सैम पित्रोदा मैदान में हैं। एक एक बार फिर भारत को बदनाम करने के एजेंडे पर। अंकल सैम झूठ बोलकर भारत का मजाक उड़ाते हैं। कहते हैं कि भारत पर शर्म आती है कि उसने मोबाइल के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम तक विकसित नहीं किया है।" उन्होंने पित्रोदा की टिप्पणियों का खंडन करते हुए भारत में विकसित ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे बॉस लिनक्स, माया ओएस, प्राइमओएस, भारओएस, इंडस ओएस और एनएक्सटीक्वांटम ओएस का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस का "एकमात्र मिशन झूठ बोलकर भारत को बदनाम करना है।"  

BNP सरकार बनी ‘बिजनेस क्लास’ की कैबिनेट? 70% मंत्री बिजनेसमैन, सांसदों में करोड़पति-अरबपति हावी

ढाका तारिक रहमान (Tarique Rahman) के नेतृत्व में Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने 13वें संसदीय चुनाव में निर्णायक जीत के बाद सरकार का गठन किया है। चुनाव आयोग को सौंपे गए शपथपत्रों के अनुसार 50 सदस्यीय कैबिनेट (मंत्री और राज्य मंत्री) में से 35 यानी करीब 70% ने अपने पेशे के रूप में व्यवसाय दर्ज किया है। यह जानकारी Dhaka Tribune की रिपोर्ट में सामने आई। आंकड़ों के मुताबिक 19 कैबिनेट मंत्री और 16 राज्य मंत्री खुद को व्यवसायी बताते हैं। वकील दूसरी सबसे बड़ी पेशेवर श्रेणी हैं, जबकि कई सदस्यों ने एक से अधिक पेशे का उल्लेख किया है। उल्लेखनीय है कि केवल दो सदस्य प्रधानमंत्री तारिक रहमान और शिक्षा मंत्री एएनएम एहसानुल हक मिलन ने “राजनीति” को अपना मुख्य पेशा बताया। 17 फरवरी को नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में 25 मंत्रियों, जिनमें दो टेक्नोक्रेट कोटे से थे, ने शपथ ली। भ्रष्टाचार-रोधी संस्था Transparency International Bangladesh (TIB) के कार्यकारी निदेशक इफ्तेखारुज्जमान ने चेतावनी दी कि कैबिनेट में व्यवसायियों की अधिकता से हितों के टकराव की आशंका बढ़ सकती है। उनके अनुसार मंत्रियों को उन फैसलों से दूर रहना चाहिए जिनसे उनके निजी या क्षेत्रीय कारोबारी हित प्रभावित हो सकते हैं।  रिपोर्टों के अनुसार 300 निर्वाचित सांसदों में से 174 (59%) ने व्यवसाय को अपना पेशा बताया है, जिनमें कम से कम 15 परिधान उद्योग से जुड़े हैं। BNP ने 209 सीटें जीतीं, जिनमें 145 विजेता उम्मीदवार व्यवसायी पृष्ठभूमि के हैं। वहीं Bangladesh Jamaat-e-Islami ने 68 सीटें हासिल कीं, जिनमें 20 सांसद व्यवसाय से जुड़े हैं। TIB के अध्ययन के अनुसार 236 सांसद (करीब 79.46%) करोड़पति हैं और 13 अरबपति हैं। BNP के 189 सांसद (90.87%) करोड़पति हैं, जबकि जमात के 38 सांसद (55.07%) इस श्रेणी में आते हैं।  

मिशन कनेक्ट से सुकमा में सुदृढ़ हुआ जनविश्वास : इमली के पेड़ तले सजी चौपाल

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अंदरूनी इलाके के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से संचालित मिशन कनेक्ट के अंतर्गत गांवों में चौपाल लगाकर मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी सिलसिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्राम पोंगाभेज्जी पहुंचकर  वहां की जमीनी हकीकत का मुआयना किया। इस मौके पर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मिशन कनेक्ट वास्तव में प्रशासन और ग्रामीणों के मध्य विश्वास एवं संवाद को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।  पोंगाभेज्जी ग्राम पहुंचने पर कलेक्टर एवं अधिकारियों की टीम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित एवं प्रगतिरत आवासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, आंगनबाड़ी भवन, शासकीय विद्यालय तथा पंचायत भवन का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इस मौके पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में आवश्यक गति लाई जाए तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए। भ्रमण के दौरान ग्राम में इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर कलेक्टर ने ग्रामीणों से रूबरू बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, नल-जल कनेक्शन, शौचालय निर्माण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत डबरी निर्माण एवं भूमि समतलीकरण कार्य, बकरी शेड एवं गौशाला शेड जैसी योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर ग्रामीणों की मांग पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने ग्राम में देवगुड़ी निर्माण की स्वीकृति प्रदान की तथा निर्माणाधीन पुल के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से अब अधिकांश घरों तक नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है तथा पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीण बेहद प्रसन्न नजर आए।  ग्रामीणों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने आगामी शुक्रवार को ग्राम में विशेष आधार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। ग्राम पोंगाभेज्जी के पश्चात कलेक्टर ने सिरसट्टी, रवापारा एवं बड़ेसेट्टी ग्रामों का भी भ्रमण कर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश प्रदान किए। मिशन कनेक्ट के माध्यम से जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पहुँचे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास की प्रक्रिया को गति मिले।

टैरिफ पॉलिसी पर ट्रंप घिरे, बहुमत अमेरिकियों ने जताई नाराजगी और क्षमता पर उठे सवाल

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति अपने कामों से अधिक अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। कब क्या कहेंगे, शायद ट्रंप खुद नहीं जानते। यही कारण है कि वे अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। इस बीच एक सर्वे रिपोर्ट सामने आया है। इस सर्वे के अनुसार, अधिकतर ट्रंप की नीतियों और देश चलाने के तरीके से खुश नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति अपने कामों से अधिक अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। कब क्या कहेंगे, शायद ट्रंप खुद नहीं जानते। यही कारण है कि वे अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। इस बीच एक सर्वे रिपोर्ट सामने आया है। इस सर्वे के अनुसार, अधिकतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और देश चलाने के तरीके से खुश नहीं है। फरवरी 2026 के सर्वेक्षण में ट्रंप की कुल अस्वीकृति दर (Disapproval Rating) लगभग 60% पहुंच गई है, जो उनके दूसरे कार्यकाल में अब तक की सबसे ऊंची दरों में से एक है और 2021 में पद छोड़ते समय वाली स्थिति के समान है। सर्वे के अनुसार, अधिकतर लोग महंगाई, टैरिफ, विदेश संबंध, आव्रजन और समग्र अर्थव्यवस्था जैसे रोजमर्रा के महत्वपूर्ण मुद्दों पर ट्रंप के तरीके से असहमत हैं। यह सर्वेक्षण इप्सोस द्वारा इप्सोस के नॉलेजपैनल के जरिए किया गया था, और यह सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप के पहले के वैश्विक टैरिफ को रद्द करने से ठीक पहले हुआ था। सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग दो-तिहाई अमेरिकी (करीब 65%) ट्रंप द्वारा महंगाई से निपटने के तरीके से असहमत हैं। आयातित वस्तुओं पर टैरिफ लगाने के उनके तरीके को 64% लोग नापसंद करते हैं, जबकि 62% लोग विदेशी संबंधों को संभालने के तरीके से असहमत हैं। 58% प्रतिभागियों ने आव्रजन (इमिग्रेशन) को संभालने के तरीके का विरोध किया, और 57% ने कहा कि समग्र अर्थव्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है। इनमें से किसी भी मुद्दे पर ट्रंप को जनता से स्पष्ट समर्थन नहीं मिल रहा है। ट्रंप से नाखुश लेकिन डेमोक्रेट्स पर भरोसा नहीं सर्वे के अनुसार, अधिकतर लोग ट्रंप से नाखुश हैं, लेकिन अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट्स पर भी पूरा भरोसा नहीं है। दरअसल, जब लोगों से पूछा गया कि देश की सबसे बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए वे किस पर ज्यादा भरोसा करते हैं, तो राय लगभग बराबर बंट गई। ट्रंप (33%), डेमोक्रेट्स (31%), या 'दोनों में से कोई नहीं' (31%)। सर्वे रिपोर्ट से साफ है कि कई अमेरिकी दोनों पक्षों से नाखुश हैं। सर्वे के अनुसार, ट्रंप को सबसे कम समर्थन डेमोक्रेट्स और निर्दलीय (इंडिपेंडेंट) मतदाताओं से मिला, जिन्होंने लगभग हर मुद्दे पर उनसे असहमति जताई। इतना ही नहीं, रिपब्लिकन पार्टी में भी मतभेद हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) आंदोलन के मजबूत समर्थक ज्यादातर ट्रंप के फैसलों से सहमत थे, लेकिन MAGA से खुद को अलग मानने वाले रिपब्लिकन अधिक आलोचनात्मक थे, खासकर महंगाई और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर। कुल मिलाकर, ट्रंप की अस्वीकृति दर लगभग 60% है, जो उनके दूसरे कार्यकाल में अब तक की सबसे ऊंची दरों में से एक है और 2021 में पद छोड़ते समय वाली दर के बराबर है। ट्रंप के सत्ता संभालने के हालात और हुए खराब इस बीच, अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों का नजरिया भी निराशाजनक है। लगभग आधे अमेरिकियों का कहना है कि ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद हालात और खराब हुए हैं। सिर्फ करीब 3% लोगों ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है। सर्वेक्षण में शामिल केवल 22% लोगों ने ही आर्थिक रूप से खुद को बेहतर महसूस किया, जबकि अधिकांश ने कहा कि उनकी स्थिति पहले जैसी है या और खराब हो गई है। सर्वेक्षण में ट्रंप की राष्ट्रपति बनने की योग्यता पर भी सवाल उठे। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, आधे से ज्यादा अमेरिकियों ने कहा कि उनमें राष्ट्रपति बनने के लिए जरूरी मानसिक क्षमता नहीं है, और लगभग आधे ने कहा कि वे शारीरिक रूप से भी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं। रिपब्लिकन इस पर काफी हद तक असहमत थे, लेकिन डेमोक्रेट्स और निर्दलीय मतदाताओं ने इन चिंताओं को मजबूती से साझा किया। भरोसा भी एक बड़ी समस्या है। लगभग 70% अमेरिकियों (दस में से सात) ने कहा कि ट्रंप ईमानदार या भरोसेमंद नहीं हैं। कई लोगों का मानना है कि वे राष्ट्रपति पद का दुरुपयोग अपने निजी फायदे के लिए कर रहे हैं, और अधिकांश को लगता है कि उन्होंने अपनी कानूनी शक्तियों का उल्लंघन किया है। वहीं, खास कार्रवाइयों के बारे में ज्यादातर अमेरिकी बच्चों के लिए अनुशंसित टीकों में कटौती का विरोध करते हैं और अन्य देशों में बदलाव लाने के लिए अमेरिकी सेना के इस्तेमाल का समर्थन नहीं करते। कई लोगों का यह भी मानना है कि प्रशासन जेफरी एपस्टीन फाइलों जैसे संवेदनशील मामलों पर पारदर्शी नहीं रहा है। बता दें कि यह सर्वेक्षण अमेरिका भर में 2500 से ज्यादा वयस्कों पर किया गया है।  

अंत्योदय के कल्याण भावना के साथ अधिकारी पहुँचे गाँव-गाँव

रायपुर अंत्योदय के कल्याण भावना के साथ अधिकारी पहुँचे गाँव-गाँव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अंत्योदय की कल्याण एवं सुशासन की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सुकमा जिले में शुरू हुआ मिशन कनेक्ट का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से शासन और आमजन के बीच की दूरी को कम करते हुए प्रशासनिक अमला सीधे ग्राम पंचायतों तक पहुँचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का आकलन कर रहा है। शनिवार को जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान के तहत सुकमा विकासखंड की 33 ग्राम पंचायतों में एक साथ अधिकारियों ने दस्तक दी गई। कलेक्टर के नेतृत्व में जिला स्तरीय अधिकारियों ने प्रातः 10 बजे से ही निर्धारित पंचायतों में पहुँचकर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की। अभियान के अंतर्गत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा बच्चों को प्रदत्त मध्यान्ह भोजन एवं पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर तथा स्वच्छता का भी मुआयना किया गया। इसके साथ ही पंचायतों में संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन कर गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मैदानी भ्रमण के उपरांत तुंगल बांध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक पंचायत से प्राप्त प्रतिवेदन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुँच सके। इस अवसर पर डीएफओ अक्षय भोंसले, मिशन कनेक्ट के नोडल अधिकारी रविशंकर वर्मा, जनपद पंचायत सीईओ सुनिधि प्रधान, एसडीपीओ परमेश्वर तिलकवार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। यहां यह उल्लेखनीय है कि सुकमा जिले में मिशन कनेक्ट के माध्यम से प्रशासनिक जवाबदेही एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ सुदूर वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुँचे। 

योगी के विदेशी दौरे पर सियासत गरम, अखिलेश बोले—100 विधायक लाओ और मुख्यमंत्री बन जाओ!

लखनऊ अखिलेश यादव ने कहा कि यदि कोई अपने साथ 100 विधायक तोड़कर लाता है तो विपक्ष उसे मुख्यमंत्री बनने में पूरा सहयोग और समर्थन करेगा। उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम बनने की इच्छा दोनों की है। जो भी 100 विधायक लाएगा वो सीएम बनने का मौका पाएगा। जो नहीं लाएगा वो क्या पाएगा? उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल धीरे-धीरे गरमाने लगा है। रविवार को जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस की। सपा प्रमुख ने इसमें रविवार से शुरू हो रही सीएम योगी की विदेश यात्रा (सिंगापुर और जापान) पर तंज कसा और दोनों डिप्टी सीएम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम तो बाहर जा रहे हैं, पीछे से हम ऑफर देते हैं कि 100 विधायक लेकर आएं और यूपी के सीएम बन जाएं। यह ऑफर दोहराते हुए उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि जो 100 विधायक लाएगा वो सीएम बन जाएगा। उन्होंने इस ऑफर की वैलिडिटी भी बताई। कहा कि एक हफ्ते तक के लिए यह ऑफर है। बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसके पहले भी इस तरह का खुला ऑफर दिया था। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपने साथ 100 विधायक तोड़कर लाता है तो विपक्ष उसे सीएम बनाने में पूरा सहयोग और समर्थन करेगा। उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम बनने की इच्छा दोनों की है। जो भी 100 विधायक लाएगा वो सीएम बनने का मौका पाएगा। जो नहीं लाएगा वो क्या पाएगा? बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार की शाम को सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर रवाना हो रहे हैं। इस यात्रा उद्देश्य यूपी को भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है। यात्रा के दौरान सीएम योगी वैश्विक दिग्गज कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। इस दौरान उनकी कई कंपनियों के साथ चर्चा होगी। प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने कई और मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे पीड़ा बढ़ रही है, वैसे-वैसे पीडीए परिवार भी बढ़ रहा है। सीएम योगी की विदेश यात्रा पर एक और तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि किसी चापलूस अधिकारी की सलाह पर वो वहां जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापान जाकर उन्हें अफसोस होगा कि दस साल में उन्होंने क्या नहीं किया। सपा प्रमुख ने भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पानी की टंकियां अब भ्रष्टाचार का भार नहीं सह पा रही हैं। एक लाख करोड़ की बुलेट ट्रेन अब दो लाख करोड़ में बन रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भले ही उनकी सुरक्षा हटा ली जाए लेकिन वह सरकार को हटाकर ही मानेंगे।  

बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत, उपकेंद्र अपग्रेड से उपभोक्ताओं को राहत

रायपुर ओवरलोड से राहत, अब 63 एमवीए का दूसरा ट्रांसफार्मर शुरू मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में महासमुंद जिले के बागबाहरा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को और अधिक स्थिर व भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने 132/33 केवी उपकेंद्र बागबाहरा में 40 एमवीए क्षमता वाले पुराने पावर ट्रांसफार्मर की जगह 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसका ऊर्जीकरण कर दिया है। खास बात यह है कि यह इस उपकेंद्र का दूसरा 63 एमवीए ट्रांसफार्मर है।  पहले यहां 63 एमवीए और 40 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगे थे, जिससे कुल क्षमता 103 एमवीए थी। अब 40 एमवीए ट्रांसफार्मर को हटाकर 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाए जाने से उपकेंद्र की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 126 एमवीए हो गई है। पिछले साल पीक लोड सीजन में यहां करीब 90 एमवीए तक लोड दर्ज किया गया था, जिससे ओवरलोड की स्थिति बनने लगी थी। नई क्षमता जुड़ने के बाद अब ओवरलोड की समस्या से राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी। बागबाहरा उपकेंद्र को 132 केवी परसवानी और 132 केवी झलप से विद्युत आपूर्ति होती है। यहां से 33 केवी के नौ फीडरों क्रमशः बागबाहरा (महासमुंद), टेमरी, सुनसुनिया, गोयनबहरा, टाउन, तेंदुकोना, मुंगसेर और खलारी के माध्यम से 150 से अधिक गांवों में बिजली पहुंचाई जाती है। क्षेत्र में उन्नत खेती, कृषि आधारित उद्योगों और अन्य औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में क्षमता वृद्धि से इन सभी को सीधा लाभ मिलेगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने नए ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण कर आपूर्ति प्रारंभ की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कंपनी अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। खासकर आदिवासी, वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षमता बढ़ने से अब क्षेत्र के किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सकेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।