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भारतीय बल्लेबाजी ढही, सूर्या के आउट होते ही आधी टीम पवेलियन

अहमदाबाद   टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की लाइव कवरेज में आपका स्वागत है। आज सुपर-8 का तीसरा मुकाबला भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है। मार्करम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया है। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर निर्धारित 20 ओवर की समाप्ति पर 187 रन बनाए हैं और भारत के सामने 188 रनों का लक्ष्य रखा है। दक्षिण अफ्रीका के लिए डेविड मिलर ने 63 रनों की धमाकेदार पारी खेली। ब्रेबिस ने भी 45 रन बनाए। अंत में ट्रिस्टन स्टब्स ने शानदार फिनिशिंग टच देते हुए 24 गेंदों में 44 रन बनाए। भारत की और से अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए क्रमश: 2 और तीन विकेट लिए। दुबे ने भी एक विकेट चटकाए। वरुण चक्रवर्ती को भी एक विकेट मिला लेकिन काफी महंगे साबित हुए। हार्दिक पांड्या इस मैच में काफी महंगे साबित हुए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। वाशिंगटन सुंदर भी विकेटलेस गए। दक्षिण अफ्रीका ने खोया तीसरा विकेट। जसप्रीत बुमराह ने रिकल्टन को पवेलियन भेज दिया है। अफ्रीका पारी एकदम से लड़खड़ा गई है। भारतीय टीम ने अपने प्रीमियर फॉस्ट बॉलर्स के साथ शुरुआत की है। पहले चार ओवर जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने डाले हैं। बुमराह ने दो अपने शुरुआती दो ओवर में दो विकेट झटके हैं वहीं अर्शदीप सिंह ने भी कप्तान के रूप में बड़े विकेट को शिकार बनाया है। भारत अगर 188 रनों का टारगेट अचीव कर लेता है तो यह टी-20 विश्व कप में भारत का सबसे बड़ा रन चेज होगा। भारत के पास इतिहास रचने का मौका है। केशव महाराज, लुंगी एनिगीडी, डेविड मिलर और मार्को यान्सेन वापस आए हैं। भारत ने कोई बदलाव नहीं किया। ऐसे में उपकप्तान अक्षर पटेल को बाहर ही बैठना होगा। इस टूर्नामेंट में भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों ही टीमें शानदार फॉर्म में हैं और ग्रुप स्टेज के अपने सभी मुकाबले जीतकर सुपर-8 में पहुंची हैं। भारत ने पहले चरण जहां पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम को 61 रनों से करारी शिकस्त दी थी, वहीं दक्षिण अफ्रीका ने भी न्यूजीलैंड सहित ग्रुप स्टेज की सभी टीमों को बुरी तरह से रौंदा था। भारत का टी20 विश्व कप में अब तक का रिकॉर्ड शानदार रहा है, जहां उन्होंने पिछले 12 मैचों में कोई हार नहीं झेली है। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के लिए यह 2024 के फाइनल का बदला लेने जैसा है, क्योंकि पिछले 13 मैचों में उनकी एकमात्र हार उसी खिताबी मुकाबले में भारत के हाथों हुई थी। आज सबकी नजरें भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पर टिकी होंगी, जो इस विश्व कप में अब तक उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं और तीन बार शून्य पर आउट हो चुके हैं। हालांकि, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उन पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा है कि वे अभिषेक की फॉर्म को लेकर चिंतित नहीं हैं, बल्कि उनके लिए चिंतित हैं जो आगे उनका सामना करेंगे। IND 57/5 (10 ओवर) SA 187/7 (20 ओवर)* भारत की प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती। दक्षिण अफ्रीका की प्लेइंग इलेवन: एडेन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, मार्को यान्सेन, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी।

अब एक क्लिक में मिलेगा इलाज का पूरा रिकॉर्ड, BMHRC-हाइट्स एग्रीमेंट से पीड़ितों को बड़ी मदद

भोपाल भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (BMHRC) में उपचार करा रहे गैस पीड़ितों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं अब और अधिक आधुनिक व सुगम होने जा रही हैं। अस्पताल में वर्षों पुराने मेडिकल रिकार्ड्स को अब पूरी तरह डिजिटल प्रारूप में बदला जाएगा। इसके लिए शनिवार को बीएमएचआरसी ने भारत सरकार के उपक्रम एचएलएल इन्फ्राटेक सर्विसेज लिमिटेड ((HITES) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। BMHRC की प्रभारी निदेशक डा. मनीषा श्रीवास्तव और हाइट्स के जोनल हेड प्रेम प्रकाश के बीच हुए इस समझौते के तहत मरीजों के पुराने रिकार्ड को स्कैन कर अस्पताल के 'हास्पिटल इन्फार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम' (HIMS) से जोड़ा जाएगा। यह कार्य आगामी एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद मरीजों को भारी-भरकम फाइलें लेकर अस्पताल नहीं भटकना पड़ेगा।   सटीक इलाज और समय की बचत रिकार्ड डिजिटल होने से डाक्टरों को मरीज का पुराना उपचार इतिहास, पुरानी जांच रिपोर्ट और दवाओं का विवरण कंप्यूटर स्क्रीन पर ही मिल जाएगा। इससे न केवल इलाज में तेजी आएगी, बल्कि बार-बार होने वाली अनावश्यक जांचों से भी बचा जा सकेगा। आपात स्थिति में यह तकनीक जीवनरक्षक साबित होगी, क्योंकि मरीज की एलर्जी या पिछली सर्जरी की जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी। डिजिटलीकरण के फायदे     त्वरित निर्णय: डाक्टर स्क्रीन पर ही देख सकेंगे मरीज की संपूर्ण स्वास्थ्य कुंडली।     फाइलों से मुक्ति: कागजी दस्तावेजों के गुम होने या फटने का डर होगा खत्म।     समय की बचत: रजिस्ट्रेशन से लेकर उपचार तक की प्रक्रिया होगी पेपरलेस।     पारदर्शिता: जांच रिपोर्ट और दवाओं का पूरा विवरण सुरक्षित रूप से रहेगा उपलब्ध।

तेज रफ्तार का कहर! ट्रक पलटने से कार सवारों पर टूटा मौत का मंजर

रायपुर रायपुर में रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में धान से लदी ट्रक कार के ऊपर पलट गई। हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। पट्टा टूटने से अनियंत्रित होकर कार पर गिरा ट्रक घटना विधानसभा थाना क्षेत्र में डीपीएस स्कूल के पास की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक और कार दोनों बलौदाबाजार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चलती ट्रक का पट्टा (हुक/लॉकिंग सिस्टम) अचानक टूट गया, जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर बगल से गुजर रही कार पर जा गिरी। क्रेन और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला गया। यह भी पढ़ें- धमतरी में फर्जी CID अधिकारी बनकर युवक जमा रहा था धौंस, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा, कार और मोबाइल जब्त एक की मौत, चार गंभीर और चालक हिरासत में एक व्यक्ति को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि चार अन्य को गंभीर हालत में अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।  

बारिश की चेतावनी के बीच गर्मी का असर: मध्य प्रदेश के 7 जिलों में हल्की बारिश, तापमान में उछाल

भोपाल मध्य प्रदेश में फरवरी के महीने में चौथी बार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को मंडला, डिंडौरी समेत कुल 7 जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। साथ ही, तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है और पारा 3 से 4 डिग्री तक चढ़ सकता है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की एक्टिविटी के कारण हाल ही में पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, सागर, जबलपुर, धार, इंदौर, खंडवा, रायसेन, रतलाम, उज्जैन सहित 15 से अधिक जिलों में हल्की बारिश हुई थी। इसके बाद भोपाल में शनिवार को बादल छाए रहे, लेकिन दिन के समय तेज धूप निकल आई, जिससे तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज क्षेत्रों में भी मौसम बदला और हल्की बारिश हुई। ग्वालियर में रविवार को मौसम सामान्य रहा, तापमान में कोई खास बदलाव नहीं था। इंदौर में हालांकि, शनिवार को सुबह ठंड थी, लेकिन दिन में गर्मी महसूस हुई, और तापमान 31°C के आसपास पहुंच गया। रात में हल्की ठंड का असर था, तापमान 13°C तक लुढ़क गया। रविवार को भी तेज धूप निकलने से ठंड का असर लगभग खत्म हो गया। प्रदेश में फरवरी महीने में अब तक तीन बार बारिश हो चुकी है। फरवरी की शुरुआत में ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा, जिसके कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद, 18 फरवरी से तीसरी बार बारिश का दौर शुरू हुआ था, और अब चौथी बार 23 फरवरी को बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का प्रभाव अब आगे बढ़ चुका है, जिसके कारण लगातार बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन सोमवार को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में बारिश हो सकती है। 22 फरवरी को मौसम साफ रहेगा और बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।  

छात्रावास के खाने पर सख्त हुए डॉ. वीरेंद्र खटीक, जिम्मेदारों को लगाई फटकार

टीकमगढ़ सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर रविवार को उस वक्त साफ नजर आया जब केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक पृथ्वीपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान छात्रावास की जो तस्वीर सामने आई, वह न केवल चिंताजनक थी बल्कि व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली थी। रोटियों का कच्चापन देख मंत्री का पारा चढ़ा दोपहर के भोजन के समय जब डॉ. खटीक सीधे छात्रावास की रसोई में दाखिल हुए, तो वहां बन रही रोटियों की गुणवत्ता ने व्यवस्था की पोल खोल दी। डोंगे में रखी रोटियां न केवल ठंडी थीं, बल्कि वे ठीक से सिकी भी नहीं थीं। रोटियों का कच्चापन देख मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद महिला कुक को रोटियां दिखाते हुए कड़े लहजे में नसीहत दी। डॉ. खटीक ने दो टूक शब्दों में कहा ये बेटियां देश का भविष्य हैं, इनके स्वास्थ्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भोजन केवल काम समझकर मत बनाओ, इन्हें अपनी बेटियां समझकर खिलाओ। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधपका भोजन बच्चों के पाचन और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। अव्यवस्थाओं का अंबार: न शुद्ध पानी, न सही बिस्तर भोजन के बाद जब मंत्री ने छात्रावास परिसर का गहराई से जायजा लिया, तो अन्य बुनियादी सुविधाओं में भी भारी कमियां पाई गईं। अधिकांश छात्रावासों की तरह यहां भी पीने के पानी की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। छात्राओं से संवाद के दौरान यह बात सामने आई कि उन्हें स्वच्छ पेयजल के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। छात्राओं के कमरों में रखे पलंग और गद्दों की स्थिति दयनीय मिली, जो लंबे समय से बदले नहीं गए थे। वहीं छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था और चारदीवारी के रखरखाव में लापरवाही नजर आई। कई कमरों में रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अधिकारियों को चेतावनी संवाद के दौरान छात्राओं ने अपनी दिनचर्या और समस्याओं को लेकर खुलकर बात की। छात्राओं की बातें सुनने के बाद डॉ. खटीक ने वार्डन और मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि छात्रावास की बुनियादी सुविधाओं में बिजली, पानी और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार बजट की कमी नहीं होने देती, फिर भी बच्चों को बुनियादी सुविधाएं न मिलना प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने एक निश्चित समय सीमा के भीतर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और उसकी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।  

बिहार में चीनी उद्योग को बढ़ाने दिया गन्ने का रकबा बढ़ाने का टारगेट

पटना. बिहार में 34 नई चीनी मिलों को चलाने को लेकर तैयारिया तेजी से सुनिश्चित की जा रही है। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में गन्ने की खेती का विस्तार करने की तैयारी में जुट गया है। राज्य में एक करोड़ रोजगार सृजित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी के तहत राज्य में बंद नौ चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग ने नई चीनी मिलों की स्थापना को देखते हुए संबंधित जिलों में पांच-पांच हजार हेक्टेयर में गन्ना की खेती का विस्तार करने का निर्णय लिया है, जिससे कि नई चीनी मिलों के साथ ही वर्तमान में कार्यरत चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो सकें। ऐसे में पौने दो लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने की तैयारी सरकार कर रही है। वर्तमान में लगभग 2.50 लाख हेक्यरेटर में गन्ने की खेती हो रही है। विदित हो कि सात निश्चय तीन के तहत राज्य में बंद पड़ी नौ चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना कराने के प्रयास में सरकार जुटी है। इसको देखते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में गन्ने की खेती का विस्तार करने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए संबंधित जिले के अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्य योजना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जिलों से मांगी गई कार्य योजना विभाग ने गन्ने की खेती का विस्तार करने के लिए बगहा, बेतिया, मोतिहारी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी एवं सिवान के सहायक निदेशक और सभी चीनी मिलों कें महाप्रबंधकों के पास पत्र भेजकर शीघ्र कार्य योजना उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। ताकि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गन्ना क्षेत्र का विस्तार करने की कार्रवाई शुरू की जा सके। जिलाधिकारियों को भूमि चयन के निर्देश गन्ना उद्योग विभाग ने बिहार में नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए 25 जिलों में भूमि चिह्नित करने के लिए संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है। प्रत्येक चीनी मिल के लिए एक सौ एकड़ भूमि की आवश्यकता है। बताया जाता है कि अधिकांश जिलों में नई चीनी मिल के लिए भूमि चयन कर लिया गया है। गांव आरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू गन्ना उद्योग विभाग से जारी पत्र के अनुसार सकरी मिल के लिए मधुबनी जिले के अंधराथाढ़ी, बबुरही, घोघाडीहा, झंझारपुर, लडनिया, लखनउर, लौकहा, लौकही, माधेपुर, पंडौर, फुलपरास और राजनगर प्रखंड के कुल 686 गांवों को सम्मिलित किया गया है। वहीं दरभंगा जिले के बरही, मनिगांछी, टारडीह, अलिनगर, बेनीपुर, बिरौल, धनश्यामपुर, गौरा बउराम, किरातपुर, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी तथा दरभंगा प्रखंड के कुल 580 गांवों को चिह्नित किए गए हैं। रैयाम चीनी मिल के लिए दरभंगा जिले के बहादुरपुर, हायाघाट, हनुमाननगर, जाले, सिंघवारा और कोइरी प्रखंड के 580 गांवों को सम्मिलित किया गया है। वहीं, मधुबनी जिले के बासोपट्टी, बेनीपट्टी, बिस्फी, हरलाखी, जयनगर, कलुहीं, खजौली, रहिका एवं माधवापुर प्रखंड के कुल 438 गांव चिह्नित किए गए हैं।

एसआईएचएम नया रायपुर में ब्रोशर प्रतियोगिता और पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी में 300 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी

रायपुर राज्य व राष्ट्रीय विजेताओं को मिला सम्मान, प्रदर्शनी और करियर मार्गदर्शन का सफल आयोजन भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय इंडिया टूरिज्म, मुंबई द्वारा स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर (एसआईएचएम) के सहयोग से ‘देखो अपना देश’ ब्रोशर निर्माण प्रतियोगिता, पुरस्कार वितरण समारोह एवं पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में भारत के विविध पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यटन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से उन्हें परिचित कराना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में  इंद्र कुमार साहू, विधायक अभनपुर तथा पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक  मोहम्मद फारूक मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त पश्चिम एवं मध्य क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की डीजीएम सु पूनम शर्मा, आईएचएम रायपुर के वरिष्ठ लेखा अधिकारी  समीर मिश्रा तथा संस्थान के प्राचार्य  विवेक आचार्य के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। राज्य और राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं को मिला सम्मान समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के विजेताओं को नकद पुरस्कार (चेक), पदक, किट एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्यभर से लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। पीएम  जवाहर नवोदय विद्यालय, दुधली के छात्रों ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार हासिल कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। पीएम  केंद्रीय विद्यालय बैकुंठपुर एसईसीएल एवं पीएम  केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर कवर्धा ने राज्य स्तर पर द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं पीएम  केंद्रीय विद्यालय खैरागढ़, पीएम  केंद्रीय विद्यालय कुरुद तथा पीएम  जवाहर नवोदय विद्यालय धमतरी ने राज्य स्तर पर तृतीय पुरस्कार अर्जित किया। पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी में करियर अवसरों की जानकारी कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग में उपलब्ध विविध और बढ़ते करियर अवसरों पर विशेष प्रस्तुति दी गई। छात्रों एवं शिक्षकों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिससे सहभागिता और ज्ञानवर्धन को बढ़ावा मिला। प्रदर्शनी में होटल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया था। प्रतिभागियों को एसआईएचएम रायपुर परिसर का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा। छात्रों ने रिसेप्शन प्रबंधन, खाद्य एवं बेकरी निर्माण, फ्रूट एवं वेजिटेबल कार्विंग, फ्लावर डेकोरेशन, टॉवेल आर्ट तथा मॉकटेल निर्माण जैसी व्यावहारिक गतिविधियों का प्रदर्शन देखा और आतिथ्य उद्योग की बारीकियों को समझा। युवाओं में पर्यटन जागरूकता की सशक्त पहल ‘देखो अपना देश’ पहल के माध्यम से छात्रों में भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के प्रति रुचि और गर्व की भावना विकसित हुई है। यह आयोजन न केवल रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करता है, बल्कि युवाओं को पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं से भी जोड़ता है। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की ‘देखो अपना देश’ पहल वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य देशवासियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध परंपराओं से परिचित कराना तथा घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को अपने ही देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि वे भारत की अद्भुत विविधता को निकट से जान सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में योगदान दे सकें। ‘देखो अपना देश’ अभियान के अंतर्गत वेबिनार श्रृंखलाएँ, ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिताएँ, वर्चुअल टूर, रचनात्मक प्रतियोगिताएँ तथा पर्यटन शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह पहल विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से अवगत कराने का भी कार्य करती है। साथ ही, डिजिटल माध्यमों और जनसहभागिता के जरिए देश के कम प्रसिद्ध लेकिन संभावनाशील पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जाता है। इस प्रकार ‘देखो अपना देश’ पहल न केवल नागरिकों में अपने देश के प्रति गर्व और जागरूकता की भावना को सुदृढ़ करती है, बल्कि पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान कर आर्थिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।

लैपटॉप से तैयार किया फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर, बैंक को लगाया लाखों का चूना

शहडोल मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की सोहागपुर पुलिस ने बैंकिंग धोखाधड़ी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है जिसने फर्जी एमपीईबी (MPEB) कर्मचारी बनकर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को ₹10,50,500 का चूना लगाया था। फर्जी दस्तावेजों से मिला 'एक्सप्रेस क्रेडिट लोन' जानकारी के अनुसार, सागर जिले की निवासी बिशाखा दांगी (36 वर्ष) ने शहडोल के बस स्टैंड स्थित एसबीआई कुदरी रोड शाखा में एक्सप्रेस क्रेडिट लोन के लिए आवेदन दिया था। उसने खुद को बिजली विभाग अनूपपुर में 'लाइनमैन अटेंडेंट' के पद पर कार्यरत बताया था। आवेदन के साथ उसने फर्जी नियुक्ति पत्र, पे-स्लिप और बैंक स्टेटमेंट जमा किए। बैंक ने दस्तावेजों को सही मानते हुए 10 लाख 50 हजार 500 रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया। राशि प्राप्त करते ही आरोपी महिला फरार हो गई और लोन की किस्तें जमा करना बंद कर दिया। जांच में खुली पोल, सायबर सेल की मदद से गिरफ्तारी जब बैंक मैनेजर क्रांति कुमार साहू ने मामले की आंतरिक जांच कराई, तो पता चला कि बिशाखा दांगी नाम की कोई भी महिला बिजली विभाग में पदस्थ नहीं है। 02 सितंबर 2025 को सोहागपुर थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। सायबर सेल की तकनीकी सहायता से आरोपी का लोकेशन नर्मदापुरम (भोपाल) में मिला। 21 फरवरी को सोहागपुर पुलिस की टीम ने उसे नर्मदापुरम स्थित एक किराए के मकान से धर दबोचा। यूट्यूब और लैपटॉप का किया इस्तेमाल पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसे पैसों की सख्त जरूरत थी और उसे पता चला कि सरकारी नौकरी वालों को बैंक जल्दी लोन देते हैं। उसने अपने स्वयं के लैपटॉप से पुराने नियुक्ति आदेशों को एडिट कर ऑनलाइन फर्जी आफर लेटर और पे-स्लिप तैयार की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।  

वसुंधरा राजे अचानक भावुक हुईं और फिर छलक पड़े आंसू

झालावाड़/बकानी. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शनिवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र झालावाड़ के दौरे पर थीं। बकानी के खोयरा गांव स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद जब वे सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद पदयात्रा के तीसरे चरण के शुभारंभ समारोह के मंच पर पहुँची, तो एक अप्रत्याशित घटनाक्रम ने उन्हें भावुक कर दिया। कविता सुन मंच पर रो पड़ीं 'महारानी' समारोह के दौरान बकानी की एक युवती अदिति शर्मा ने वसुंधरा राजे के सम्मान में एक कविता का पाठ किया। इस कविता में राजे के माता-पिता (राजमाता विजयाराजे सिंधिया और जीवाजीराव सिंधिया), उनके दिवंगत भाई (माधवराव सिंधिया), उनके शासन करने के तरीके और उनकी जनकल्याणकारी योजनाओं का मार्मिक उल्लेख था। अपने माता-पिता और भाई का नाम सुनकर राजे स्वयं को रोक नहीं पाईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। 'मैं आंसू रोक नहीं पाई' कार्यक्रम के बाद राजे ने इस वाकये का ज़िक्र सोशल मीडिया पोस्ट पर भी किया। इसमें उन्होंने लिखा, 'तीसरे चरण की इस पदयात्रा के अवसर पर अदिति शर्मा ने एक कविता पढ़ी, जिसमें मेरे संपूर्ण परिवार, मेरे शासन करने के तरीके और योजनाओं के बारे में उल्लेख था। माँ राजमाता विजय राजे सिंधिया जी, पिता श्रीमंत जीवाजी राव सिंधिया जी और भाई श्रीमंत माधव राव सिंधिया जी पर लिखी कविता सुन अपने आँसू रोक नहीं पाई। मेरे जीवन में इन तीनों के योगदान को मैं कभी नहीं भूल सकती।आज इनके बिना जीवन बहुत सूना लगता है। मेरे माता-पिता और भाई अब इस दुनिया में नहीं है। जब भी उनकी याद आती हैं, तब मैं लोगों से मिल रहे प्यार में उनको खोजने लगती हूँ और अहसास करती हूँ कि इन्हीं में मेरे खोए हुए परिवारजन है।' 'जनता का प्यार मिलेगा तो समय बदलेगा' भावुकता के बीच वसुंधरा राजे ने जनता को संबोधित करते हुए एक गहरा राजनीतिक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी बहुत अच्छा समय होता है और कभी बहुत खराब। राजे ने जोर देकर कहा, "धन-दौलत ही सब कुछ नहीं होता, जनता का प्यार सबसे अनमोल है। अगर जनता का प्यार मिलेगा तो समय जरूर बदलेगा।" राजे का यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जिसमें कहा जा रहा था कि चुनाव न होने के बावजूद इस यात्रा का क्या औचित्य है। राजे ने स्पष्ट किया कि वे इस यात्रा के माध्यम से कुछ लेने नहीं, बल्कि केवल जनता का प्यार और आशीर्वाद लेने आई हैं। किसानों के दर्द पर मरहम: फसल खराबे का मुद्दा जनसंवाद यात्रा के दौरान केवल भावनाएं ही नहीं, बल्कि किसानों की समस्याएं भी प्रमुखता से उठीं। पिछले दो दिनों में हुई तेज हवाओं और बेमौसम बारिश के कारण अफीम सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। मुआवजे की मांग: किसानों ने राजे और सांसद दुष्यंत सिंह के सामने विशेष गिरदावरी और शीघ्र मुआवजे की मांग रखी। भरोसा: सांसद दुष्यंत सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया कि वे सरकार से बात कर उचित मुआवजा दिलवाने का प्रयास करेंगे। झालावाड़: राजे का अभेद्य दुर्ग और परिवार पूर्व सीएम ने एक बार फिर दोहराया कि पूरा झालावाड़ जिला उनका परिवार है। उन्होंने कहा कि इस चार दिवसीय यात्रा के दौरान जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उनका त्वरित समाधान किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक गोविंद रानीपुरिया, पूर्व विधायक नरेंद्र नागर और जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय बोले – शिक्षा से जागरूकता, संगठन से मजबूत होता है समाज

रायपुर सशक्त समाज निर्माण में शिक्षा और संगठन की भूमिका अहम : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज बलौदा बाजार जिले के ग्राम चांपा में आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के दो दिवसीय 80वें महाअधिवेशन में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्य तिथि पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा समाज की विभूतियों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने मनवा कुर्मी समाज को परिश्रमी, संगठित और उन्नत कृषक परंपरा वाला समाज बताते हुए कहा कि समाज का योगदान राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने 80वें महाअधिवेशन की बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में मेल-मिलाप, समन्वय और सकारात्मक निर्णयों को बढ़ावा देते हैं, जिसका लाभ पूरे प्रदेश और देश को मिलता है। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा के गृह ग्राम चांपा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिक्षा सशक्त समाज निर्माण का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज द्वारा बेटा-बेटी दोनों को शिक्षा से जोड़ने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही आत्मनिर्भर और प्रगतिशील समाज बनता है। उन्होंने महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने, युवाओं में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता और सामाजिक सुधार के प्रयासों को भी सराहनीय बताया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने में पूरी प्रतिबद्धता से कार्य किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए गए हैं। इस वर्ष समर्थन मूल्य पर 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा गया है तथा होली से पूर्व किसानों को लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की अंतर राशि प्रदान की जाएगी। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में सरकार दृढ़ता से काम कर रही है। नियद नेल्लार योजना के माध्यम से लगभग 400 गांवों में विकास कार्यों को गति दी गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम नरदहा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपये तथा बलौदा बाजार में सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय विकास हुआ है और किसानों, महिलाओं तथा युवाओं के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की गई हैं। अधिवेशन में समाज के केंद्रीय अध्यक्ष  खोड़स राम वर्मा ने समाज द्वारा लिए गए सामाजिक सुधार के महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। कार्यक्रम में राजिम विधायक  रोहित साहू सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, महिलाएं, युवा और स्वजातीय बंधु उपस्थित थे।