samacharsecretary.com

मैट्रिक–इंटर की कॉपी जांच का शेड्यूल तैयार, बिहार बोर्ड रिजल्ट को लेकर बड़ा अपडेट

बिहार बोर्ड मैट्रिक वार्षिक परीक्षा के छठे दिन सोमवार को दोनों पालियों में अंग्रेजी विषय की परीक्षा हुई। राज्य के सभी 1699 केन्द्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इसी के साथ मैट्रिक में सभी मुख्य विषयों की परीक्षा सोमवार को संपन्न हो गई। बिहार बोर्ड इंटर की परीक्षा 13 मार्च 2026 को ही संपन्न हो गई है। अब लाखों परीक्षाओं को अपने रिजल्ट का इंतजार है। बिहार बोर्ड ने भी मैट्रिक व इंटर की कॉपियों की चेकिंग का कार्य तेजी से करने के लिए कमर कस ली है। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) द्वारा 12वीं की आंसर कॉपियों का मूल्यांकन 27 फरवरी से शुरू किया जाएगा। यह कार्य 10 मार्च तक किया जाएगा। मैट्रिक की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन दो से होगा बीएसईबी ने वार्षिक माध्यमिक (सैद्धांतिक) परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं निर्धारित मूल्यांकन केन्द्रों पर 2 मार्च से शुरू होगा और 13 मार्च तक चलेगा। बोर्ड ने विषयवार सह-परीक्षकों और प्रधान परीक्षकों का चयन कर नियुक्ति पत्र समिति की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। समिति ने विद्यालयों के प्रधानों से कहा है कि वे डीईओ कार्यालय से विद्यालय में अद्यतन रूप से कार्यरत शिक्षकों के नियुक्ति पत्र स्वयं या प्रतिनिधि के माध्यम से प्राप्त कर संबंधित शिक्षक को उपलब्ध कराते हुए मूल्यांकन कार्य हेतु विरमित करना सुनिश्चित करें। कब तक आएगा बिहार बोर्ड 10वीं 12वीं का रिजल्ट बिहार बोर्ड (BSEB) हर साल की तरह इस साल भी सबसे पहले मैट्रिक (bihar board 10th result 2026) और इंटर रिजल्ट (bihar board 12th result 2026) जारी करने की तैयारी कर रहा है। मार्च माह के अंत में मैट्रिक व इंटर दोनों का रिजल्ट जारी किया जा सकता है। छात्र बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 और बिहार बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 www.livehindustan.com और बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in, biharboardonline.com , onlinebseb.in पर देख सकेंगे। बिहार बोर्ड इंटर की परीक्षा के लिए 1317846 विद्यार्थी और मैट्रिक परीक्षा के लिए 1512963 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। कैसे चेक कर सकेंगे बिहार बोर्ड 10वीं 12वीं का रिजल्ट सबसे पहले biharboardonline.bihar.gov.in पर जाएं। मैट्रिक परीक्षार्थी मैट्रिक रिजल्ट 2026 लिंक और इंटर वाले इंटरमीडिएट रिजल्ट 2026 पर क्लिक करें। अपना रोल कोड व रोल नंबर डालें। सब्मिट करने पर आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आएगा। इस डाउनलोड कर प्रिंट आउट ले लें पिछले साल के परिणाम की बात करें तो बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा 2025 के नतीजे 29 मार्च 2025 को घोषित किए गए, जहां कुल मिलाकर 82.11 % छात्रों को सफलता मिली। तीन स्टूडेंट्स साक्षी कुमारी, अंशु कुमारी, रंजन वर्मा ने 489 अंक प्राप्त कर टॉप किया है। लड़कियों का पास पर्सेंटेज 80.67 प्रतिशत और लड़कों का पास पर्सेंटेज 83.67 रहा था। पिछले साल के बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट 2025 की बात करें तो कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 86.50% था। स्ट्रीम वाइज रिजल्ट की बात करें तो साइंस का रिजल्ट 89.66 फीसदी, कॉमर्स का रिजल्ट 94.77 फीसदी और आर्ट्स का रिजल्ट 82.75 फीसदी रहा। बिहार बोर्ड इंटर रिजल्ट र्ट्स स्ट्रीम में वैशाली की अंकिता कुमारी और बक्सर के शाकिब साह ने 473 – 473 अंक (94.6 फीसदी) अंक हासिल कर टॉप किया था। प. चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 484 अंक (96.8 फीसदी) प्राप्त कर साइंस स्ट्रीम में टॉप किया था। कॉमर्स स्ट्रीम में वैशाली की रौशनी कुमारी ने 475 अंक (95.1) हासिल कर टॉप किया था।  

केरल स्टोरी 2 पर उठे विवाद के बीच, हाईकोर्ट ने खुद फिल्म देखने का किया निर्णय

तिरुवनंतपुरम द केरल स्टोरी 2 विवाद के बीच अब केरल हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। रिलीज से पहले अदालत यह फिल्म देखेगी। बता दें कि मूवी 27 फरवरी 2026 को रिलीज हो रही है। कोर्ट ने यह फैसला एक याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याचिका में कहा गया था कि केरल को बेवजह बदनाम किया जा रहा है और मूवी का कॉन्टेंट देश की अखंडता के लिए ठीक नहीं है। जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस का कहना है कि केरल के लोगों की चिंता को अनदेखा नहीं किया जा सकता। खबर है कि प्रोड्यूसर्स को केरल हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित होना पड़ेगा। क्या है फिल्म पर आपत्ति केरल के एक 26 साल के बायोलॉजिस्ट श्रीदेव नांबूदीरी फिल्म केरल स्टोरी 2 के खिलाफ केरल हाईकोर्ट में याचिका दी थी। उन्होंने जानकारी दी कि वह एक मलयाली ब्राह्मण हैं। श्रीदेव ने फिल्म के टाइटल और कॉन्टेंट दोनों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि केरल और यहां के लोगों को टारगेट करना ठीक नहीं है। याचिकाकर्ता ने सीबीएफसी पर भी सवाल किया है। श्रीदेव का आरोप है कि बोर्ड ने ठीक से मूल्यांक तक नहीं किया कि फिल्म का कॉन्टेंट सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या देश की एकता को खतरा पहुंचा सकता है या नहीं। उन्होंने सीबीएफसी के U/A सर्टिफिकेट को चुनौती दी है। 'फिल्म से खराब हो रही छवि' याचिका में लिखा है, 'फिल्म के ट्रेलर को देखने से पता चलता है कि कहानी तीन अलग-अलग राज्यों की महिलाओं पर आधारित है। मुख्य रूप से घटनाएं भारत के उत्तरी भागों की हैं फिर भी टाइटल और सीन में केरल राज्य की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। यह फिल्म केरल और केरलवासियों को बाकी भारत से अलग-थलग करने वाली है, जबकि सच्चाई यह है कि केरलवासी पूरे भारत और विश्व में काम करते हैं, भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं और भारत के अन्य हिस्सों से आए कई प्रवासी श्रमिकों को निवास और रोजगार प्रदान करते हैं।' याचिकाकर्ता ने टाइटल चेंज, डिस्क्लेमर ऐड करने और रिलीज रोकने की मांग की है। क्या दिखाया गया है विवादित ट्रेलर में द केरल स्टोरी 2 का ट्रेलर आने के बाद से ही इसका विरोध चल रहा है। कई लोगों का आरोप है कि फिल्म से समुदाय विशेष के लोगों की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। वहीं केरल के लोगों की आपत्ति है कि उनके राज्य को नेगेटिव तरीके से दिखाया गया है। ट्रेलर में अलग-अलग राज्यों की कहानी दिखाई है। इसमें मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों को फंसाकर शादी करते हैं फिर उनका शोषण होता है। फिल्म में कुछ सीन्स और डायलॉग्स पर भी विवाद है जैसे- ब्राह्मण की बेटी के 12 लाख। एक सीन में हिंदू लड़की को जबरन बीफ खिलाया गया है।

अब ‘केरल’ नहीं ‘केरलम’! राज्य के नाम बदलाव पर केंद्र की हरी झंडी

केरल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 'सेवातीर्थ' में हुई मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्चिनी वैष्णव ने पत्रकारों को बताया कि भाषाई आधार पर राज्यों के गठन के बाद से ही केरल के नाम को बदलने की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति 'केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026' के मसौदे को केरल विधानसभा की स्वीकृति के लिए भेजेंगी। इसके बाद संविधान के अनुच्छेद तीन के तहत राष्ट्रपति इस विधेयक पर केरल विधानसभा का मत प्राप्त करेंगी। केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि राज्य विधानसभा की स्वीकृति के बाद केंद्र सरकार इस पर आगे कार्रवाई करेगी और इस विधेयक को संसद में पारित कराने के लिए पेश किया जायेगा। इससे पहले केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को केरल का नाम केरलम् करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसमें कहा गया था कि मलयालम भाषा में राज्य का नाम केरलम् है। एक नवंबर 1956 को राज्यों का गठन भाषाई आधार पर किया गया था। बता दें कि 1 नवंबर को केरल परिवार दिवस मनाया जाता है। इस प्रस्ताव में कहा गया कि राष्ट्र के स्वाधीनता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषी लोगों के लिए एक एकीकृत राज्य के गठन की मांग थी, लेकिन संविधान की पहली अनुसूची में हमारे राज्य का नाम केरल अंकित किया गया। केरल विधानसभा के प्रस्ताव में कहा गया है, " यह सभा केन्द्र सरकार से सर्वसम्मति से आग्रह करती है कि वह संविधान के अनुच्छेद तीन के तहत केरल के नाम को केरलम् करने के लिए तत्काल कदम उठाए।" गौरतलब है कि केरल में इस साल चुनाव भी होने हैं। इसके बाद केरल सरकार ने केन्द्र सरकार से इस संबंध में कार्रवाई का अनुरोध किया था। इस पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय में विचार किया गया और प्रस्ताव को गृहमंत्री अमित शाह के अनुमोदन के बाद इस पर कैबिनेट के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया। इस प्रस्ताव पर कानून और न्याय मंत्रालय के कानूनी और विधायी विभाग की राय के बाद इसे मंत्रिमंडल के समक्ष लाया गया था।  

राहुल गांधी से रबी और खरीफ फसल का अंतर समझने की अपील, सीएम मोहन यादव ने नेता प्रतिपक्ष को किया घेराव

भोपाल  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज भोपाल में हैं। वे भारत अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस द्वारा आयोजित किसान चौपाल में शिरकत कर रहे हैं। कार्यक्रम में ​शामिल होने प्रदेशभर से हजारों किसाए आए हैं। कांग्रेस की किसान चौपाल की गूंज विधानसभा में भी सुनाई दी। सीएम मोहन यादव ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी Rahul Gandhi की कृषि संबंधी समझ पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे बताएं कि रबी और खरीफ की फसल क्या होती है! सीएम मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी को फसल उत्पादन में बढ़ोत्तरी करने का सुझाव देना चाहिए। मध्यप्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। मंगलवार को सत्र का सातवां दिन है। सदन में प्रदेश के आगामी वित्त वर्ष के बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। कुछ अन्य मामलों में चर्चा के बाद सदन की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दलहन, तिलहन फसल उत्पादन में बढ़ोत्तरी का सुझाव दें विधानसभा में राजधानी भोपाल में आयोजित कांग्रेस की किसान चौपाल का भी जिक्र हुआ। इस कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए हैं। विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भोपाल आ रहे हैं, उनका स्वागत है… यदि वह चौपाल में किसानों की बात करें तो अच्छा है। सीएम मोहन यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की खेती किसानी के संबंध में जमीनी जानकारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रबी और खरीफ की फसल क्या होती है, राहुल गांधी यह बताएं! दलहन, तिलहन में कौन-कौन सी फसल हो…उनका उत्पादन किस प्रकार बढ़ाएं…यह सुझाव दें। सीएम ने राहुल गांधी से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के उपाय सुझाने की भी अपेक्षा की। विधानसभा भवन के बाहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य सरकार द्वारा लिए किए अहम फैसलों की भी जानकारी दी। उन्होंने दलहन, तिलहनों के उत्पादन और नीतियों के बारे में विस्तार से बताया। भोपाल में मोदी सरकार पर जमकर बरसे राहुल गांधी भोपाल के 'किसान महा चौपाल' में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हमला किया. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों तक, प्रधानमंत्री मोदी को सीधे कटघरे में खड़ा किया. राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देते हुए दावा किया कि जब चीन की सेना भारतीय सीमा में घुस रही थी, तब सरकार ने सेना को उसके हाल पर छोड़ दिया था. राहुल गांधी ने कहा, "नरवणे जी ने अपनी किताब में साफ लिखा है कि जब चीन के टैंक हिंदुस्तान के अंदर आ रहे थे, तब उन्होंने रक्षा मंत्री, एनएसए और विदेश मंत्री को फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया. 2 घंटे बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि जो उचित लगे वो करो. उस वक्त प्रधानमंत्री सेना प्रमुख से बात करने के बजाय अपने कमरे में छिपे थे." राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोकसभा में उनका भाषण खत्म होते ही पीएम मोदी सदन से भाग गए और उसी शाम राष्ट्रपति ट्रंप को फोन कर उस व्यापारिक समझौते (India-US Trade Deal) पर सहमति दे दी जो 4 महीने से रुका हुआ था. राहुल ने आरोप लगाया कि इस डील से अमेरिका की बड़ी कंपनियां भारत में सोया, कपास और दालें बेच सकेंगी, जिससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि भारत को हर साल अमेरिका से 9 लाख करोड़ रुपये का माल खरीदना होगा, जिससे हमारी टेक्सटाइल इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी. इतना ही नहीं राहुल ने आरोप लगाया कि यह सब दबाव में किया गया क्योंकि मोदी 'कंप्रोमाइज्ड' हैं. राहुल गांधी ने कहा,  'हिंदुस्तान के पास दुनिया में सबसे ज़्यादा डेटा है. ⁠दूसरे नंबर पर चाइना है. ⁠आपके डेटा के बिना अमेरिका चाइना का मुक़ाबला नहीं कर सकता है.'  'एपस्टीन फाइल्स' का जिक्र राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका में “एपस्टीन फाइल्स” से जुड़े लाखों दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम दबाव बनाने के लिए उजागर किया गया. उन्होंने उद्योगपति अनिल अंबानी और गौतम अडाणी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को अपने संबंध स्पष्ट करने चाहिए. राहुल ने आरोप लगाया कि अडाणी समूह पर अमेरिका में आपराधिक मामले चल रहे हैं और इस पूरे प्रकरण का असली निशाना प्रधानमंत्री हैं, न कि अडाणी. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) के रिलीज होने से सरकार दबाव में है. राहुल ने चुनौती देते हुए कहा, "मैं मोदी जी को चुनौती देता हूं कि अगर आपमें दम है तो अमेरिका के साथ इस जनविरोधी डील को रद्द करके दिखाएं." रैली में राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और कहा कि “देश के किसान और युवा दबाव में लिए गए फैसलों को स्वीकार नहीं करेंगे.” भोपाल की इस रैली ने आने वाले राजनीतिक महीनों में केंद्र और कांग्रेस के बीच टकराव को और तेज करने के संकेत दे दिए हैं.

पूर्व सीएम भूपेश बघेल बोले—यह बजट नहीं, बल्कि किसानों-महिलाओं-युवाओं की अनदेखी का प्रतीक

रायपुर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए SANKALP थीम पर आधारित 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट को लेकर विपक्षी दलों के नेता सरकार पर हमला बोल रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट को लेकर ने कहा कि यह अज्ञान और दुर्गति विनाश का बजट है। भूपेश बघेल ने कहा कि इस बजट में किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए कुछ भी नहीं है। दो घंटे सिर्फ शब्दों का जाल बुना गया। मैं भी पांच साल बजट पेश किया हूं। एक-एक सड़क, चौक-चौराहों के नाम गिनाए जा रहे थे। धान खरीदी के नाम पर धोखा हुआ है। किसान का रकबा बढ़ा है, उत्पादन बढ़ा है, लेकिन खरीदी कम हुई है। बजट में कुछ नहीं है, सिर्फ शब्दों का खेल खेला गया है। मंत्रियों के बोलने के लिए कुछ नहीं है। मान्य परंपरा के विपरीत जा रहे हैं, परंपराओं को तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे समय की घोषणाओं को बार-बार पढ़ा जा रहा है। रेलवे ट्रैक सिर्फ यहां के खनिज को लूटने के लिए है। कोई स्टॉपेज नहीं होगा। यह सरकार का तीसरा बजट है, लेकिन मोदी की गारंटी का कोई जिक्र नहीं है। भूपेश बघेल ने कहा कि आज क्या एक लाख बीस हजार में घर बन सकता है? जिसने बनाया है, वह साहूकार के कर्ज में लद गया है।

सीएम यादव का बड़ा एलान: एमपी में किसानों के लिए 10,520 करोड़ की 5 योजनाएं अगले 5 साल तक जारी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 24 फरवरी को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने अगले पांच साल तक (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) पांच प्रमुख कृषि योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी है। इन योजनाओं पर कुल 10,520 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि ;किसान कल्याण वर्ष” के तहत यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसानों की आय बढ़े, खेती की लागत घटे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।  कौन-कौन सी योजनाएं जारी रहेंगी? राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2010 करोड़ रुपये- इस योजना के तहत कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के विकास के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे खेती में नई तकनीक और सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप)  2400 करोड़ रुपये- किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीक लगाने पर अनुदान मिलता रहेगा। इससे पानी की बचत होगी और फसल उत्पादन बढ़ेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन 3300 करोड़ रुपये-  इस योजना के तहत धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज और नगदी फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को सहयोग दिया जाएगा। मिट्टी की उर्वरता सुधारने पर भी जोर रहेगा। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग 1010 करोड़ रुपये-  इस योजना के तहत प्रदेश में प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाया जाएगा। इससे रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा मिलेगा, मिट्टी की सेहत सुधरेगी और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलेगी। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (ऑयल सीड योजना)  1800 करोड़ रुपये की लागत की इस योजना का लाभ तिलहन उत्पादन करने वाले किसानों को मिलेगा, जिससे तेल उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। क्या होगा फायदा? किसानों को अगले पांच साल तक योजनाओं का लगातार लाभ मिलेगा। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। उत्पादन बढ़ेगा और लागत घटेगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के जरिए खेती को ज्यादा लाभकारी और टिकाऊ बनाया जाएगा। 

डिफॉल्टर कॉलोनाइजरों पर ग्लाडा करेगा सख्त कार्रवाई

लुधियाना. ग्लाडा द्वारा कई बार नोटिस जारी करने के बाद भी बकाया राशि जमा न करवाने वाले डिफॉल्टर कॉलोनाइजरों  के खिलाफ प्रॉपर्टी जब्त करने की कार्रवाई करने का फैसला किया गया है। इस संबंध में ग्लाडा के अधिकारियों ने बताया कि मंजूरी के दावे के साथ महंगे रेट पर प्लॉट बेचने वाले कई कालोनी मालिकों द्वारा लंबे समय से बकाया फीस जमा नहीं की जा रही है। ग्लाडा के अधिकारियों ने बताया कि जिसके मद्देनजर नोटिस जारी करने के बाद करीब 52 करोड़ की रिकवरी हुई है लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में कालोनी मालिक बकाया फीस जमा नहीं करवा रहे हैं, जिसका आंकड़ा कई सौ करोड़ में बताया जा रहा है। ऐसे कालोनी मालिकों द्वारा मंजूरी के समय सिक्योरिटी के रूप में दी गई प्रॉपर्टी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी कोई फीस बकाया होने पर लैंड रैवेन्यू एरियर की रिकवरी के लिए एक्ट के प्रावधानों के तहत डिफॉल्टर काॅलोनाइजरों की अन्य प्रॉपर्टी को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।  यह भी होगी कार्रवाई ग्लाडा द्वारा डिफॉल्टर कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्रॉपर्टी जब्त करने से पहले केस दर्ज के साथ ही रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने की सिफारिश पुलिस-प्रशासन से की गई है। इसके अलावा अब उन कालोनियों में फीस जमा न होने की वज़ह से लाइसैंस रद्द करने के बोर्ड लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनीं सैकड़ों फरियादें, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनीं सैकड़ों फरियादें, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश शहर से गांव तक के नागरिकों ने बिना औपचारिकता रखी अपनी बात, अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनीं। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोग बिना किसी औपचारिकता के कलेक्टर से मिले और अपनी शिकायतें एवं आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।    जनदर्शन में तखतपुर विकासखंड के ग्राम चनाडोंगरी की महिला गंगोत्री बाई ने आवेदन देकर बताया कि उनकी लगभग 20 डिसमिल भूमि चार दशक पूर्व घोंघा जलाशय में डूब क्षेत्र में समा गई, किंतु आज तक मुआवजा नहीं मिला। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता को प्रकरण भेजते हुए परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। तखतपुर के ग्राम पत्थर्रा की सरपंच ज्योति गोस्वामी ने जर्जर हो चुके मिडिल स्कूल भवन के स्थान पर नए भवन के निर्माण की मांग रखी। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।         बिल्हा विकासखंड के ग्राम मदनपुर की श्रमिक महिला सरिता बाई ने मनरेगा के तहत पिछले वर्ष किए गए 15 दिनों के कार्य की लगभग 5 हजार रुपए मजदूरी बकाया होने की शिकायत की। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को मामले का परीक्षण कर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। जनदर्शन में मस्तूरी के सुकुलकारी ग्राम के रोजगार सहायक के विरुद्ध सरकारी राशि से निजी भूमि पर बोर खनन कराए जाने की शिकायत भी प्रस्तुत की गई। इस पर भी जांच के निर्देश दिए गए।        गढ़ कलेवा का संचालन करने वाली महिला समूह ने भोजन पैकेट का भुगतान लंबित होने की शिकायत की, जिस पर जिला पंचायत सीईओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। हरदी कला के किसान मुरली प्रसाद साहू ने गरमी फसल हेतु सोसायटी द्वारा खाद उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत की। कलेक्टर ने उप पंजीयक सहकारिता को तत्काल खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मस्तूरी निवासी श्रीमती लक्ष्मीबाई, जो भूतपूर्व सैनिक की पत्नी हैं, ने बताया कि वर्ष 2021 में उनके पति के निधन के बाद उन्हें मकान निर्माण हेतु 5 डिसमिल भूमि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। कलेक्टर ने प्रकरण एसडीएम मस्तूरी को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।         ढेका बाईपास सड़क निर्माण से प्रभावित किसानों ने फल-सब्जियों की क्षति का आकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग रखी। कलेक्टर ने आवेदन एसडीएम बिलासपुर को भेजते हुए जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। जनदर्शन में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे तथा जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने भी उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक पहल की।

अधिमान पत्रकार नेतृत्व सनिति के ब्लॉक अध्यक्ष बने छबिलाल महरा

अधिमान पत्रकार नेतृत्व सनिति के ब्लॉक अध्यक्ष बने छबिलाल महरा  राजेंद्रग्राम  अधिमान पत्रकार नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी व अनूपपुर जिला के जिलाध्यक्ष प्रवीण  कुमार चंद्रवंशी जी के नेतृत्व में पुष्पराजगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष छबिलाल महरा जी को घोषित किया गया। जिसमें जिला व ब्लॉक के सभी सदस्यों के द्वारा स्वागत वंदन अभिनंदन कर अपने काम को निष्ठा पूर्वक करने का दिशा निर्देश दिया गया है। जहां समिति के कर्मचारियों के द्वारा बधाई दिया गया।व क्षेत्रवासियों ने ब्लॉक अध्यक्ष बनने पर खुशी जाहिर किए हैं वह बधाई दिए हैं।

कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में टीएल बैठक सम्पन्न

कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में टीएल बैठक सम्पन्न गर्मी पूर्व पेयजल प्रबंधन, जनगणना की तैयारी और शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर बिलासपुर  कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आज आयोजित टीएल बैठक में जिले में आगामी गर्मी के मद्देनज़र पेयजल व्यवस्था, प्रस्तावित जनगणना की तैयारियों, जल संरक्षण कार्यों, न्यायालयीन प्रकरणों तथा शिकायत निवारण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेयजल संकट वाले ग्रामों की अभी से करें पहचान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभावित पेयजल संकट वाले ग्रामों की अग्रिम पहचान की जाए। गत वर्ष जिन क्षेत्रों में जल समस्या उत्पन्न हुई थी, उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाए। आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, किन्तु टैंकर से सीधे वितरण न करते हुए सार्वजनिक स्थलों पर सिम्प्लेक्स टैंक स्थापित कर उन्हें नियमित रूप से भरा जाए, जिससे लोग सुव्यवस्थित रूप से पानी प्राप्त कर सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में 15वें वित्त आयोग की उपलब्ध राशि का उपयोग पेयजल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु करने के निर्देश भी दिए गए। जनगणना कार्य की तैयारी : शुद्धता, गोपनीयता और गुणवत्ता पर बल बैठक में आगामी मई माह में प्रस्तावित जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना का कार्य पूर्णतः शुद्ध, त्रुटिरहित एवं गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, क्योंकि यह नीति निर्माण एवं विकास योजनाओं का आधार है। उन्होंने नागरिकों से सही एवं सटीक जानकारी दर्ज कराने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल के शिक्षकों को मुख्य रूप से प्रगणक एवं सुपरवाइजर की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह कार्य निर्वाचन की भांति अनिवार्य है,जिसे न स्थगित किया जा सकता है और न ही टाला जा सकता है। जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता, 8 मार्च से पूर्व शौचालय पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर ने जी रामजी योजना के अंतर्गत जल संरक्षण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रस्ताव तत्काल तैयार कर स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि ग्रीष्मकाल में कार्य प्रारंभ किए जा सकें। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों में तालाबों की मिट्टी का उपयोग करने को कहा ताकि तालाब गहरा हो जाए और जल ग्रहण क्षमता बढ़े। उन्होंने साथ ही विद्यालयों में निर्माणाधीन शौचालयों को 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। भंडार क्रय नियमों का कड़ाई से हो पालन शासकीय सामग्री की खरीदी में भंडार क्रय नियमों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रतिबंधित वस्तुओं की खरीदी न किए जाने पर विशेष बल दिया गया। विधानसभा सत्र प्रारंभ होने के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर ने कहा कि पूछे गए प्रश्नों के उत्तर तथ्यपरक, सटीक एवं समयबद्ध रूप से प्रस्तुत किए जाएं। हाई कोर्ट में लंबित प्रकरणों एवं जनहित याचिकाओं का जवाब दावा समयसीमा में प्रस्तुत करने तथा माननीय न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आईगॉट प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। गोपनीय चरित्रावली लेखन के दौरान इसे भी ध्यान में रखा जाएगा। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीएम पोर्टल एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर दिया। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।