samacharsecretary.com

इंसानियत की मिसाल: फुटबॉलर ने मैच रोककर पक्षी को दिया CPR, सोशल मीडिया पर छाया वीडियो

इस्तांबुल खेल के मैदान पर कई बार हैरतअंगेज नजारे देखने को मिलते हैं, जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना की हो। ऐसा ही एक वाकया तुर्किये के इस्तांबुल में एमेच्योर मैच के दौरान हुआ। यहां लाइव फुटबॉल मैच में सीगल पक्षी गेंद लगने से बुरी तरह घायल हो गया। हालांकि, फुटबॉलर ने वक्त रहते कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देकर उसकी जान बचा ली। इस घटना का सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा। लोग फुटबॉलर की दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं। बता दें कि सीपीआर एक आपातकालीन जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जो सांस या दिल की धड़कन रुकने पर दी जाती है। गोलकीपर का शॉट सीगल से लगा दरअसल, रविवार को इस्तांबुल युर्डम का मुकाबला मेवलानाकापी गुजेलहिसार से था। 22वें मिनट में युर्डम के गोलकीपर मुहम्मद उयानिक का पेनल्टी एरिया से शॉट एक उड़ते हुए सीगल को जाकर लगा। पक्षी फौरन जमीन पर गिर गया। उयानिक को शुरू में पता ही नहीं चला कि उन्होंने पक्षी को हिट किया है। उन्हें बाद में एहसास हुआ कि गेंद पक्षी से टकराई, जिससे गोलकीपर को बहुत अफसोस हुआ। मैच कुछ देर के लिए रुक गया। वहीं, टीम के कप्तान गनी कैटन दौड़कर आए और तुरंत सीपीआर देना शुरू कर दिया। उन्होंने कुछ पल बाद देखा कि पक्षी के पैर और आंखें हिलने लगीं। खिलाड़ियों ने मेडिकल स्टाफ को सौंपा सीगल जैसे ही होश में आया तो खिलाड़ियों ने उसे पानी पिलाया और फिर साइडलाइन पर ले जाकर मेडिकल स्टाफ को सौंप दिया। गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, कैटन ने कहा कि उन्होंने कोई फॉर्मल फर्स्ट-एड ट्रेनिंग नहीं ली थी। उन्होंने सिर्फ सीगल को बचाने की कोशिश की, जो सफल रही। मेडिकल टीम ने सीगल की देखभाल की और बाद में यह कन्फर्म हुआ कि गेंद लगने से पक्षी के पंख डैमेज हो गए, जिससे वह कुछ समय के लिए उड़ नहीं पाया। लाइव ब्रॉडकास्ट पर कमेंट्री कर रहे ओनूर ओजसोय ने कहा कि दर्शक सीगल का अपडेट लेने के लिए बेचैन थे। वायरल वीडियो को लेकर एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कमेंट किया, ''बहुत ही दयालु फुटबॉलर है और बड़े दिल वाला इंसान।'' दूसरे ने कहा, ''जिस फुटबॉलर ने सीपीआर दिया, वह प्रॉपर डॉक्टर लग रहा था। शानदार काम।'' तीसरे ने लिखा, ''यह बहुत बड़ा कमाल हुआ। खिलाड़ी को पता था कि क्या करना है। वह दयालु था।'' अन्य ने कहा, ''फुटबॉलर ने मैदान पर सीगल को बहुत बढ़िया फर्स्ट-एड दिया।''

छत्तीसगढ़ में बारिश और बिजली गिरने की संभावना

रायपुर. छत्तीसगढ़ में मौसम ने यू टर्न ले लिया है। सोमवार को बारिश से मौसम सुहाना हो गया है। राजधानी रायपुर में बादल छाए रहे और बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक दिन के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना जताई गई है। इस बीच एक दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। प्रदेश में सोमवार को कुछ स्थानों पर अति हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32.7°C जगदलपुर में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.0°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। अगले 24 घंटों में प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। वहीं अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 2°C गिरावट के बाद 2–3°C बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान में अगले सात दिनों तक कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया किएक निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में स्थित है तथा इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके लगातार उत्तर पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए अगले 24 घंटे में कमजोर होने की संभावना है। एक द्रोणिका गंगेटिक पश्चिम बंगाल से उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश तक ओडिशा होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में 24 फरवरी को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। वहीं एक दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना है। वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। रायपुर में कैसा रहेगा मौसम रायपुर में 24 फरवरी को आंशिक बादल छाए रहने के आसार है. वहीं तापमान 28°C व 20°C के आसपास रहने की संभावना जताई गई है।

भीलवाड़ा सर्राफा बाजार में 100 साल में पहली बार बड़ी गरजे बुलडोज़र

भीलवाड़ा. भीलवाड़ा शहर के सबसे पुराने और तंग रास्तों वाले सर्राफा बाजार में सोमवार को नगर निगम का 'पीला पंजा' खौफ की तरह गरजा। करीब सौ साल के इतिहास में यह पहला मौका था, जब इस व्यस्ततम बाजार में बुलडोजर की गर्जना सुनाई दी। इस कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मच गया। वहीं, सालों से अतिक्रमण की मार झेल रहे आमजन ने राहत की सांस ली। वहीं, नगर निगम ने बाजार क्षेत्र और आवासीय क्षेत्र में सालों से दबी नालियों को भी अतिक्रमण एवं पक्के कब्जों से मुक्ति दिलाई। निगम की कार्रवाई से दहशत में आए सर्राफा व अन्य कारोबारी स्वयं दुकानों व प्रतिष्ठानों के बाहर से अतिक्रमण हटाने में जुट गए। लोग व व्यापारी भी कटर, हथौड़ा, गेती व फावड़ा, संबल लेकर खुद के अतिक्रमण को हटाने के साथ ही प्रशासन के हटाने गिरे मलबे को समटने में जुट गए। बड़ा मंदिर से लेकर सांगानेरी गेट क्षेत्र के लोग तो अतिक्रमण का दस्ता पहुंचने से पहले ही स्वयं कब्जे हटाने में जुट गए। विरोध के बावजूद नहीं थमा 'पीला पंजा' क्षेत्र के बड़े बुजुर्गों का कहना है कि सर्राफा बाजार में पहली बार अतिक्रमण हटाने की इतनी बड़ी कार्रवाई हुई। उन्होंने खुशी भी जाहिर की कि इस कार्रवाई से पुराना भीलवाड़ा के इस सर्राफा बाजार में आवागमन सहज हो सकेगा। दूसरी ओर कई व्यापारियों ने निगम की कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन पीला पंजा नहीं रुका। निगम की कार्रवाई से क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित रही। पांसल चौराहा क्षेत्र से हटाया अतिक्रमण शहर में पुर रोड के पांसल चौराहा क्षेत्र में नगर निगम के दस्ते ने सड़कें के दोनों तरफ दुकानों के बाहर से होर्डिग्स व बैनर हटाए, दुकानों के टीन शेड भी खोल ले गए। केबिन व फर्नीचरों की भी जब्ती की गई। शिकायतों के बाद लिया गया बड़ा एक्शन नगर निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी ने बताया कि सर्राफा बाजार की अतिक्रमण़ से सिकुड़ती राह को लेकर कई शिकायतें आमजन की तरफ से आ चुकी थीं। अतिक्रमण हटाने को लेकर क्षेत्र के लोगों को पूर्व में कई बार सूचित किया जा चुका। जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर शहर में प्रमुख बाजारों को अतिक्रमण मुक्त किए जाने के अभियान के तहत सोमवार को भी सर्राफा बाजार में प्रभावी कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि भीमगंज थाना से लेकर सर्राफा बाजार होते हुए पुराना भीलवाड़ा के शहीद चौक क्षेत्र से होते हुए सांगानेरी गेट चौराहा तक क्षेत्र के अतिक्रमण हटाए जाएंगे। प्रशासन का सराहनीय कदम सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारी महेश सोनी ने बताया कि सर्राफा बाजार में सोमवार को हुई प्रशासनिक कार्रवाई स्वागत योग्य है। बाजार की सड़कों को कब्जे से मुक्त करने एवं सड़कों को चौड़ा किए जाने की जरूरत भी थी। शहर में नेहरू रोड को चौड़ा किए जाने के दौरान भी सर्राफा बाजार की सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर भी कार्ययोजना बनी थी।

विकास की नई रूपरेखा: छत्तीसगढ़ में ₹1.72 लाख करोड़ का बजट पेश, 5 सीएम मिशन बने प्रगति की धुरी

रायपुर साय सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज छत्तीसगढ़ का बजट पेश किया, जिसका थीम संकल्प पर आधारित है। बजट पर प्रेस कांफ्रेंस लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, आज हमारी सरकार का तीसरा बजट प्रस्तुत हुआ है। GYAN और GATI के बाद संकल्प थीम पर वित्तीय वर्ष 2026 का बजट पेश किया गया, जिसमें 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सीएम साय ने कहा, संकल्प के माध्यम से हमने S – समावेशी विकास, A – अंधोसंरचना, N – निवेश, K – कुशल मानव संसाधन, A – अंत्योदय, L – लाइवलीहुड, P – पॉलिसी से परिणाम तक इन विषयों को प्रमुखता से शामिल किया गया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना की जरूरतों के अनुरूप बजट को तैयार किया गया है। सीएम साय ने कहा, हमारी सरकार मिशन मोड पर काम करने पर यकीन रखती है। इसके लिए हमने 5 मुख्यमंत्री मिशन बनाए हैं। इसमें मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन, मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन एवं मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन शामिल हैं। इनके माध्यम से प्रदेश के विकास को नई रफ्तार दी जाएगी।

फिल्म अभिनेत्री मेधा शंकर ने बाबा महाकाल की शरण में बिताए दो घंटे, की शिव आराधना

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना सेलिब्रिटी अपनी मनोकामना लिए आते हैं. मंगलवार को अलसुबह होने वाली भस्म आरती में फिल्म अभिनेत्री मेधा शंकर शामिल हुईं. मेधा शंकर उभरती अभिनेत्री हैं. वह 12वीं फेल फिल्म में लीड रोल निभा चुकी हैं. मेधा ने भस्म आरती के दर्शन किए और काफी देर तक भगवान शिव की आराधना की. दर्शन के बाद क्या बोली मेधा शंकर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से इंजीनियर शिवाकांत पांडे द्वारा मेधा शंकर का स्वागत एवं सत्कार किया गया. मेधा ने चांदी द्वार से माथा टेक भगवान का आशीर्वाद लिया. नंदी हॉल में 2 घंटे बैठकर भगवान शिव की भक्ति में लीन रही. इसके बाद अभिनेत्री मेधा शंकर ने कहा "मैं दूसरी बार दर्शन आई हूं. पहले वर्ष 2024 में आई थी. अच्छे व सुगम दर्शन हुए हैं. बाबा महाकाल के दर्शन करने से ही सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं. वह उम्मीद करती हैं कि बाबा महाकाल इसी प्रकार उन्हें अपने दर पर बुलाते रहें." मंदिर का इतिहास, महत्व बताया दो दिन पहले सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान के 43 सदस्यीय दल ने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर कर बाबा महाकाल के दर्शन लाभ प्राप्त किए. मंदिर प्रबंध समिति की ओर से डेलीगेशन के सदस्यों का स्वागत एवं सत्कार किया गया गया. प्रबंध समिति के सदस्यों ने इस मौके पर अतिथियों को श्री महाकालेश्वर मंदिर की प्राचीनता, धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता, मंदिर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत कराया. सभी सदस्यों नंदी हॉल में बैठ शिव साधना की. श्री महाकालेश्वर मंदिर में फिल्मी हस्तियों के साथ ही क्रिकेटर्स, राजनेता, उद्योगपति लगातार आते हैं. यहां वीवीआईपी मूवमेंट बना ही रहता है. बॉलीवुड कलाकार अपनी फिल्म रिलीज होने से पहले बाबा महाकाल के दर हाजिरी लगाते हैं. अगर इंदौर के आसपास फिल्म की शूटिंग होती है तो भी सारे कलाकार महाकालेश्वर मंदिर आते हैं. इंदौर में क्रिकेट मैच खेलने से पहले और बाद में क्रिकेटर्स लगातार हाजिरी लगाते रहते हैं. 

नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: पहली बार देवजी सहित दो शीर्ष माओवादी नेताओं ने डाले हथियार

जगदलपुर माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक झटका लगा है। पोलित ब्यूरो सदस्य टिप्पिरी थिरुपथी उर्फ देवजी उर्फ कुम्मा दादा ने अपने तीन शीर्ष साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। सभी ने तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष हथियार डालते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। देवजी के साथ जिन बड़े माओवादी नेताओं ने आत्मसमर्पण किया, उनमें केंद्रीय समिति सदस्य मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम, स्टेट कमेटी मेंबर बड़े चोक्का राव उर्फ दामोदर, स्टेट कमेटी सदस्य नुने नरसिम्हा रेड्डी उर्फ गंगन्ना उर्फ सन्नू दादा शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार दो केंद्रीय स्तर के माओवादी नेताओं ने एक साथ हथियार डाले हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, लगातार बढ़ते फोर्स प्रेशर, सघन ऑपरेशनों और संगठन के भीतर कमजोर पड़ते नेटवर्क के चलते यह बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। वहीं इसे नक्सल उन्मूलन की दिशा में सुरक्षा बलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

झारखंड में 1.58 लाख करोड़ का बजट पेश, 100 एक्सीलेंस स्कूल खुलेंगे

रांची. झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा में साल 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। इसका नाम अबुआ दिशोम बजट दिया गया है। इस बजट में युवा, महिला और किसानों पर फोकस किया गया है। सरकारी विद्यालयों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण हेतु हेमन्त सरकार कृत संकल्पित है। इस सोच के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार ने धनबाद में 2 तथा पलामू, लातेहार एवं गढ़वा में 1-1 कुल 5 झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालय के निर्माण का निर्णय लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 नये उत्कृष्ट विद्यालय (CM School of Excellence) के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार के विशेष पहल पर शहीद के आश्रितों के लिए एक आदर्श विद्यालय की स्थापना और संचालन की व्यवस्था की जाएगी। 17 पोलिटेकनिक संस्थान जे प्रगति योजना के तहत आइआइटी और एनआइटी के तहत विकसित होगा चतरा में आंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। लातेहार, साहेबगंज तथा सरायकेला सदर अस्पताल मेडिकल कॉलेज के रूप में होंगे विकसित किसानों के लिए एलान उन्होंने कहा, "हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता किसानों को ऋण से मुक्त करना, कृषि में समग्र विकास को बढ़ावा देना और सबसे महत्वपूर्ण किसानों की आय में वृद्धि करना रही है।" उन्होंने बताया कि अद्यतन आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण (पी०एल०एफ०एस०) के अनुसार कृषि प्रक्षेत्र में रोजगार का प्रतिशत गत तिमाही में 44.3 प्रतिशत से बढ़कर 50.4 प्रतिशत हो गया है।  वित्तीय वर्ष 2023-24 में लागू बिरसा बीज उत्पादन, विनिमय वितरण एवं फसल विस्तार योजना में वित्तीय वर्ष के 95 करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2026-27 में 145 करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव है। बंजर भूमि राईस फैलो उपयोजना एवं जलनिधि उपयोजना अन्तर्गत सरकारी/निजी तालाबों का गहरीकरण/जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, जिसके माध्यम से कृषि कार्य हेतु अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए इस बार कुल 475 करोड 50 लाख रुपये का बजट प्रस्ताव है। कृषि समृद्धि योजना के तहत सौर ऊर्जा चालित सिंचाई इकाईयों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई। आगामी वित्तीय वर्ष में इस हेतु 75 करोड़ रुपये का बजटीय उपबंध किया गया है। बिरसा-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महिला के लिए एलान महिला किसान खुशहाली योजना: महिला किसानों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग से जोड़कर अद्यतन तकनीक की मदद दी जाएगी और ऑफलाइन एवं ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इस योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 25 करोड़ का बजटीय उपबंध किया है। महिला किसान खुशहाली योजना: महिला किसानों को तकनीक और मार्केटिंग से जोड़ने हेतु 25 करोड़ रुपये । झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना: 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह की सहायता हेतु 14,065.57 करोड़ रुपये का प्रावधान। जेन्डर बजट: महिलाओं से संबंधित 232 योजनाओं के लिए 34,211.27 करोड़ रुपये का प्रावधान । अन्य घोषणाएं 750 अबुआ दवाखाना खोलेगी सरकार, जहां सस्ती दवाएं मिलेंगी। 5 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में PET & CT Scan मशीनें और 24 जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें स्थापित की जाएंगी। अबुआ आवास योजना: गरीब परिवारों को तीन कमरों का पक्का मकान (2 लाख रुपये की सहायता)। इसके लिए 4,100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। सर्वजन पेंशन योजना: लगभग 34 लाख लाभार्थियों के लिए 3,517.23 करोड़ रुपये आवंटित। पथ निर्माण: 785 कि॰मी॰ नए पथों का उन्नयन और 35 फ्लाईओवर्स/ROBs का निर्माण प्रस्तावित है। मुफ्त बिजली: घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली देना जारी रहेगा, जिसके लिए 5,405 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। केंद्र सरकार पर सहयोग न करने का आरोप बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड का विकास अकेले राज्य के बस की बात नहीं है। इसमें केंद्र का आर्थिक सहयोग जरूरी है। वित्त मंत्री ने कहा कि अभी तक केंद्रीय करों में पांच हजार करोड़ और अनुदान का 11 हजार करोड़ अभी तक नहीं मिला। दूसरी ओर, केंद्र सरकार की अविवेकपूर्ण निर्णयों के कारण झारखण्ड के ऊपर घोर आर्थिक बोझ पड़ रहा है अथवा पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि माल एवं सेवा कर के कर दर युक्तिकरण से झारखण्ड राज्य को प्रतिवर्ष 4 हजार करोड़ रुपये की क्षति हो रही है। इसी तरह मनरेगा का परिवर्तित नाम VB-G RAM G योजना के लिए केंद्र और राज्य के बीच 60:40 राशि के बंटवारे से झारखण्ड को लगभग प्रतिवर्ष 5 हजार 640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने वाला है।

लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त: रणवीर सिंह को कोर्ट की दो-टूक, ‘कानून से ऊपर कोई नहीं’

कर्नाटक गोवा में आयोजित इफ्फी 2025 में रणवीर सिंह ने ऋषभ शेट्टी की फिल्म 'कांतारा' के एक सीन की नकल की थी। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था। अभिनेता के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने को लेकर शिकायत दर्ज हुई। मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है। आज मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट की तरफ से उन्हें राहत मिली है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 'रणवीर सिंह को राहत देते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट ने मंगलवार को पुलिस को निर्देश दिया कि वह एक स्थानीय देवता का कथित तौर पर मजाक उड़ाने के मामले में बॉलीवुड एक्टर के खिलाफ कोई सख्त कदम न उठाए। बेशक रणवीर सिंह को कोर्ट ने राहत दे दी हो, मगर साथ ही फटकार भी लगाई। गोवा में एक इवेंट के दौरान कर्नाटक के देवता का कथित तौर पर मजाक उड़ाने के लिए एफआईआर रद्द करने की अभिनेता की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एम नागप्रसन्ना की बेंच ने बेंगलुरु पुलिस को यह निर्देश दिया। हालांकि, बेंच ने एक्टर को उनके बर्ताव के लिए फटकार भी लगाई और कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बेंच ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में कहा, 'सुपरस्टार कानून से ऊपर नहीं होते'। रणवीर के खिलाफ हुई थी एफआईआर बता दें कि रणवीर सिंह ने 30 नवंबर, 2025 को गोवा में 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के समापन समारोह के दौरान 'कांतारा' के सीन की नकल की थी। एक्टर की इस मिमिक्री और टिप्पणी से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए एक वकील ने एक्टर के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए शहर की एक अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट के निर्देश पर शहर की पुलिस ने 'धुरंधर' के लीड एक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। रणवीर सिंह का वर्क फ्रंट बता दें कि ने इफ्फी 2025 में कथित तौर पर चावुंडी (चामुंडा) देवी का मजाक बनाया। इस दौरान 'कांतारा' मूवी फेम कन्नड़ एक्टर-डायरेक्टर ऋषभ शेट्टी भी मौजूद थे। क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान रणवीर ने ऋषभ शेट्टी की खूब तारीफ की। उन्होंने 'कांतारा 3' में खुद काम करने की ख्वाहिश भी जताई। साथ ही फिल्म के एक सीन की नकल कर दी। रणवीर सिंह के वर्क फ्रंट की बात करें तो वे अपनी आगामी फिल्म 'धुरंधर 2' को लेकर सुर्खियों में हैं, जो 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी।

जमशेदपुर में 100 करोड़ से बनने वाले श्री जगन्नाथ मंदिर का राष्ट्रपति 26 को करेंगी शिलान्यास

जमशेदपुर. श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चर चैरिटेबल सेंटर की ओर से मरीन ड्राइव क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से भव्य श्री जगन्नाथ मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इस मंदिर का शिलान्यास 26 फरवरी को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया जाएगा। उक्त जानकारी ट्रस्ट के चेयरमैन सह आरसीबी ग्रुप इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक एसके बेहरा ने आयोजन स्थल पर मंगलवार दोपहर प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि यह भव्य मंदिर लगभग ढाई एकड़ भूमि पर बनेगा। इसमें डेढ़ एकड़ क्षेत्र में मुख्य मंदिर परिसर विकसित किया जाएगा, जबकि एक एकड़ भूमि पर आध्यात्मिक केंद्र का निर्माण होगा। मंदिर की संरचना उड़ीसा के श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी की तर्ज पर की जाएगी, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा सहित सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित होंगी। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य लगभग चार वर्षों में पूर्ण होगा, जबकि आध्यात्मिक केंद्र दो वर्षों में तैयार हो जाएगा। आध्यात्मिक केंद्र का मुख्य उद्देश्य युवाओं का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास करना है। इसके तहत गीता और भागवत जैसे धार्मिक ग्रंथों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को जीवन मूल्यों की शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मंदिर से 200 से 250 किलोमीटर के दायरे में स्थित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यहां 25-15 दिनों मर आमंत्रित किया जाएगा, ताकि उनके भीतर नैतिकता, अनुशासन और आत्मबल का विकास हो सके। उद्देश्य यह है कि युवा जीवन में आने वाली कठिनाइयों का साहसपूर्वक सामना कर सकें और समाज के लिए जिम्मेदार नागरिक बनें। शिलान्यास समारोह में राष्ट्रपति के अलावा झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति भी रहेगी। कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोपहर 12:20 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगी और 1:20 बजे अपने संबोधन के पश्चात रवाना होंगी। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए भोग-प्रसाद की भी विशेष व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि जमशेदपुर को एक नई आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान भी देगा। आने वाले समय में यह स्थल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

रैनीवेल प्रोजेक्ट से खेतों में दरारें और फसलों को हो रहा नुक्सान

फरीदाबाद. फरीदाबाद के डूंगरपुर गांव में खेतों के समीप लगाए गए रैनीवेल (Ranney Well) प्रोजेक्ट को लेकर किसानों में भारी रोष देखने को मिला। किसानों का आरोप है कि रैनीवेल लगने के बाद उनके खेतों में लंबी-लंबी दरारें आ गई हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और जमीन की उर्वरता पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रैनीवेल के संचालन के बाद से जमी न का जलस्तर तेजी से नीचे गया है, जिसके कारण खेतों की मिट्टी सूखकर फटने लगी है। कई किसानों ने अपने खेतों में आई दरारों को दिखाते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में खेती करना मुश्किल हो जाएगा। गांव के किसानों ने मौके पर एकत्र होकर रैनीवेल के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक रैनीवेल को बंद नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि विशेषज्ञों की टीम भेजकर जमीन की जांच कराई जाए और यदि रैनीवेल से नुकसान साबित होता है तो इसे तुरंत बंद किया जाए। किसानों का कहना है कि खेती ही उनका एकमात्र सहारा है और अगर खेत ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।