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फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन बैठक: निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर विशेष फोकस

फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक में निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर जोर निवेशक-अनुकूल एफडीआई नीति और औद्योगिक क्षमताओं का हुआ प्रस्तुतिकरण दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के लिए बैठकों को लेकर बनी सहमति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में हेसेन राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। हेसेन की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्य सचिव कैरिन मुलर ने किया। बैठक में द्विपक्षीय सहयोग और निवेश अवसरों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश की निवेशक-अनुकूल एफडीआई नीति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। साथ ही मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, सेमीकंडक्टर, रक्षा, आईटी/आईटीईएस, जीसीसी तथा 660+ मेगावाट डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में राज्य की मजबूत क्षमताओं को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान हेसेन की वित्त, रसायन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में वैश्विक विशेषज्ञता पर भी प्रकाश डाला गया। दोनों पक्षों ने क्षेत्र-विशिष्ट साझेदारियों की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक रुख दिखाया। साथ ही विशेषज्ञ स्तर की सहभागिता को प्रोत्साहित करने और दीर्घकालिक राज्य स्तरीय सहयोग को मजबूत बनाने के लिए बैठकों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई।

कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को दिन में बिजली, डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में सुधार की उम्मीद

प्रदेश में पीएम-कुसुम सी2 से ऊर्जा सुधार को नई गति, 1708 मेगावाट क्षमता के लिए 581 पीपीए कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को दिन में बिजली, डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में सुधार की उम्मीद कौशांबी और बिजनौर की पायलट परियोजनाएं बनीं मॉडल, सब्सिडी बोझ घटाने की दिशा में ठोस कदम लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र के संरचनात्मक सुधार को नई मजबूती मिल रही है। कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए लागू प्रधानमंत्री कुसुम योजना (कंपोनेंट सी2) राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और किसानों की आय वृद्धि की दिशा में प्रभावी पहल बनकर उभर रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से सिंचाई और बिजली की विश्वसनीय सुविधा उपलब्ध कराना, डीजल व परंपरागत बिजली पर निर्भरता कम करना और दिन के समय निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। प्रदेश में अब तक लगभग 1708.1 मेगावाट क्षमता के लिए 581 पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) निष्पादित किए जा चुके हैं। इससे अनुमानित 3.67 लाख कृषि उपभोक्ताओं को दिन में नियमित बिजली आपूर्ति मिलने की संभावना है। योगी सरकार की यह पहल न केवल ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि किसानों को सशक्त बनाने और प्रदेश को हरित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर करने का भी प्रभावी कदम है। 1.55 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तक सहायता योजना के वित्तीय ढांचे के तहत केंद्र सरकार अधिकतम 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तथा राज्य सरकार 50 लाख रुपये प्रति मेगावाट की पूंजीगत सहायता दे रही है। इस प्रकार कुल सहायता लगभग 1.55 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तक पहुंच रही है। इससे परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। कौशांबी और बिजनौर जिलों में स्थापित लगभग 3.3 मेगावाट की पायलट परियोजनाएं राज्य में व्यापक क्रियान्वयन के लिए मॉडल के रूप में देखी जा रहीं हैं। इन परियोजनाओं से प्राप्त अनुभव के आधार पर अन्य जिलों में भी सौर ऊर्जा कार्य को गति दी जा रही है। वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सकारात्मक सुधार की उम्मीद प्रधानमंत्री कुसुम सी2 के तहत कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की वित्तीय स्थिति में मध्यम अवधि में सकारात्मक सुधार की उम्मीद है। वर्तमान में कृषि क्षेत्र को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के कारण डिस्कॉम पर उच्च सब्सिडी भार रहता है। स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन से पावर अनुरक्षण लागत घट सकती है और दिन के समय महंगी बिजली खरीदने की आवश्यकता कम हो सकती है।  ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से एटी&सी लॉस में कमी, कैश फ्लो में सुधार और ऊर्जा लेखांकन की पारदर्शिता बढ़ने जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। यदि बैंकिंग प्रक्रियाएं सरल हों, भुगतान सुरक्षा तंत्र मजबूत किया जाए और परियोजनाओं की मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से हो, तो कुसुम सी2 उत्तर प्रदेश में कृषि बिजली आपूर्ति सुधार और बिजली सब्सिडी के दीर्घकालिक बोझ को कम करने का मजबूत माध्यम सिद्ध हो सकता है।

सिंगापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देख उत्साह से भर गया भारतीय समुदाय

सिंगापुर में गूंजा नारा “योगी हैं तो यूपी है” सिंगापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देख उत्साह से भर गया भारतीय समुदाय सीएम को प्रदेश की तमाम महिलाओं की तरफ से 'भैया' कहकर संबोधित किया एक महिला ने, कहा अब यूपी में रात में बिना सारे निकल सकती हैं महिलाएं सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों ने गणपति वंदना पर प्रस्तुत किया मनोहारी नृत्य, सीएम ने की मुक्त कंठ से सराहना सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सिंगापुर में अपने बीच देखकर प्रवासी भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह छा गया। मुख्यमंत्री के संबोधन के बीच कार्यक्रम स्थल पर लगातार तालियां बजती रहीं। “योगी हैं तो यूपी है” की गूंज पूरे वातावरण में ऊर्जा भर रही थी। कार्यक्रम में जब एक महिला ने सीएम योगी को प्रदेश की तमाम महिलाओं की तरफ से 'भैया' कहकर बुलाया तो पूरा माहौल भावनात्मक हो गया। आयोजन में एक बच्ची मुख्यमंत्री का स्केच बनाकर लाई थी, जिस पर सीएम योगी ने अपना ऑटोग्राफ देकर उसके चेहरे पर मुस्कान ला दी।  कार्यक्रम के दौरान सिंगापुर में रह रही भारतीय मूल की स्वाति ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए खुद को उत्तर प्रदेश और सीएम योगी आदित्यनाथ की बहन बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृत में मुख्यमंत्री का संबोधन सुनकर वह प्रेरित हुईं। स्वाति ने कहा, “जब संत सियासत में आता है तो सियासत इबादत बन जाती है, बन चुकी है। मैं उत्तर प्रदेश की साढ़े 11 करोड़ महिलाओं की ओर से मुख्यमंत्री को 'भैया' कहती हूं, क्योंकि उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिला है। अब महिलाएं रात में भी निडर होकर बाहर निकल सकती हैं। अपराधियों में कानून का भय है।" स्वाति ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए नारा दिया कि योगी हैं तो यूपी है और संस्कृत में कहा, “योगी नेतृत्वे प्रदेशः भवति सुरक्षितम शुभम”। सिंगापुर में आयोजित यह संवाद प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच बढ़ते संबंधों और सांस्कृतिक जुड़ाव का सशक्त संदेश देता नजर आया। जब मुख्यमंत्री मंच पर थे उस समय एक बच्ची उनका स्केच लेकर वहां पहुंची, सीएम योगी ने उस स्केच पर अपना ऑटोग्राफ दिया, जिसके बाद बच्ची बेहद प्रसन्न नजर आई। एक महिला ने मुख्यमंत्री की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) भी बांधा। इस अवसर पर सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष भारतीय परंपरा को जीवंत करते हुए गणपति वंदना पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुति दी, जिसकी मुख्यमंत्री ने मुक्तकंठ से सराहना की। स्कूल के संस्थापक ने कहा "आपमें हमें हमारे श्रद्धेय पहले प्रधानमंत्री और सिंगापुर के संस्थापक श्री ली क्वान यू की प्रतिछाया प्रतीत हो रही है।"    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की शास्त्रीय विधा को यहां पर इन बच्चों ने गणपति वंदना के माध्यम से बड़े ही सुन्दर ढंग से प्रस्तुत किया। आज जब पाश्चात्य संस्कृति को अपनाने की होड़ लग रही है, उन स्थितियों में भारत से हजारों किलोमीटर दूर सिंगापुर में रहकर भारतीय समुदाय अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत बनाए हुए उन्हें मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहा है।

AI समिट में हंगामा: शर्टलेस प्रोटेस्ट के बाद यूथ कांग्रेस चीफ पर पुलिस की कार्रवाई

नई दिल्ली दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किए गए एआई इंपैक्ट समिट के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने आज इंडियन यूथ कांग्रेस चीफ उदय भानु चिब को भी गिरफ्तार कर लिया है। उदय भानु की गिरफ्तारी के मद्देनजर तिलक मार्ग थाने के बाहर भारी सुरक्षा तैनात किया गया है। कांग्रेस ने उदय भानु चिब की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है। घंटों चली पूछताछ के बाद गिरफ्तार तिलक मार्ग थाना पुलिस ने सोमवार को युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को पूछताछ के लिए बुलाया था। करीब 20 घंटे चली पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे। उन्हें आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। बता दें कि, शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता के एक ग्रुप ने AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में घुसकर अपनी शर्ट उतारकर प्रोटेस्ट किया, जिन पर "PM कॉम्प्रोमाइज्ड" के नारे लिखे थे। अब तक कुल 8 लोग गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने पिछले सप्ताह आयोजित 'एआई इम्पैक्ट सम्मेलन' के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में सोमवार को ग्वालियर से तीन और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दिल्ली पुलिस द्वारा इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 और धारा 197 के तहत मामले दर्ज किए हैं।आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय अखंडता के लिए हानिकारक दावे करने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार पर बोला हमला उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "यह शर्म की बात है कि उन्हें किसी के शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट करने से दिक्कत है। तानाशाह उन्हें जेल में डाल देगा जो उन्हें आईना दिखाएगा। क्या पुलवामा, पहलगाम अटैक, लाल किला ब्लास्ट के पीछे के सभी टेररिस्ट गिरफ्तार हो गए हैं…आप टेररिस्ट हमलों के पीछे वालों को गिरफ्तार नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन अगर कोई अपनी शर्ट उतार दे तो आप डर जाते हैं। यह सरकार की असलियत है…" कांग्रेस के सीनियर नेता भूपेश बघेल ने सरकार को तानाशाही बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''मैं दिल्ली पुलिस द्वारा IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई उदय भानु चिब जी एवं अन्य युवा साथियों की गैरकानूनी गिरफ्तारी की मैं कड़ी निंदा करता हूं। तानाशाह" सरकार यह भूल रही है कि लोकतंत्र में युवाओं का आवाज उठाना, सवाल पूछना और विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे मजबूत हथियार है। हमारे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना किसी हिंसा या उकसावे के, सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से प्रधानमंत्री के समझौतों और युवाओं की अनसुनी पीड़ा को सामने लाया। यह एक साहसी, जायज और लोकतांत्रिक कदम था, जिसे दबाने के लिए अब सरकार के द्वारा पुलिसिया दमन का सहारा लिया जा रहा है। यह कार्रवाई न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र पर सीधा हमला भी है। हम मांग करते हैं कि उदय भानु चिब जी सहित सभी गिरफ्तार IYC कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगाए गए सभी झूठे आरोप वापस लिए जाएं तथा इस तरह की दमनकारी कार्रवाईयों को तत्काल रोका जाए। लड़ेंगे-जीतेंगे।'' बता दें कि, AI समिट में इस मुद्दे पर बात करते हुए उदय भानु ने कहा था कि देश के युवा "अब चुप नहीं रहेंगे"। उन्होंने कहा, "इंडियन यूथ कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि देश के युवा अब चुप नहीं रहेंगे। 'प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं' सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि लाखों बेरोजगार युवाओं का गुस्सा है। अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील हमारे किसानों और जनता के हितों के साथ धोखा है, जिससे सिर्फ अमेरिका को फायदा होगा। डेमोक्रेसी में शांतिपूर्ण विरोध हमारा हक है और हम युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे।" उदय भानु ने साफ किया कि पार्टी "AI समिट के खिलाफ नहीं है", लेकिन "भारत के हितों के साथ किसी भी तरह के कॉम्प्रोमाइज" का कड़ा विरोध करती है। उन्होंने आगे कहा, "हम भारत के हितों के साथ किसी भी तरह के कॉम्प्रोमाइज़ के ख़िलाफ़ हैं। जब देश के किसानों के साथ कॉम्प्रोमाइज किया जा रहा है, भारत विरोधी ट्रेड एग्रीमेंट साइन किए जा रहे हैं, और युवाओं को बेरोजगार रखते हुए नफरत की पॉलिटिक्स में धकेला जा रहा है, तो क्या हमें चुप रहना चाहिए? यह 140 करोड़ लोगों का देश है।" PM मोदी पर और तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि "प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं" और “इसका मतलब यह नहीं है कि जनता चुप रहे।”

योगी आदित्यनाथ से मिले संजय दत्त, बोले- यह मेरे लिए गर्व और सौभाग्य की बात

लखनऊ  बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. सोमवार को एक्टर ने अपने इंस्टाग्राम पर सीएम के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीर शेयर की है. तस्वीर में दोनों हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं. संजय दत्त ने सीएम के साथ हुई मुलाकात का अनुभव भी शेयर किया है.  योगी आदित्यनाथ से मिले संजय दत्त  संजय दत्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ पहुंचें. मुलाकात के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर तस्वीर शेयर कर फैन्स को इसकी जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात करने का अवसर मिला. बेहद सुखद अनुभव रहा, इस बातचीत और शुभकामनाओं के लिए आपका शुक्रिया.  तस्वीर में सीएम योगी आदित्यनाथ और संजय दत्त बेहद खुश नजर आ रहे हैं. मुख्यमंत्री के साथ संजय दत्त को देखकर इनके चाहने वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. फैन्स सीएम और एक्टर को एक फ्रेम में देखकर इसे बेस्ट फोटो ऑफ द ईयर बता रहे हैं.  रोड शो में लगे जय श्रीराम के नारे  पिछले हफ्ते संजय दत्त विधायक राजेश्वर सिंह के बुलावे पर लखनऊ पहुंचे थे. लखनऊ में उन्होंने 'जीरो नेट 2040' के लिए 1 किलोमीटर लंबा रोड शो किया. शहर में उनका फूलों की बारिश से स्वागत किया गया. लोगों ने जयश्री राम के नारे भी लगाए. एक्टर ने युवाओं को पर्यावरण बचाने की सलाह दी. रोड शो में संजय दत्त की झलक पाने के लिए बूढ़े बच्चों की भीड़ उमड़ पड़ी. फैन्स के बीच उनका क्रेज देखने को मिला.  वर्कफ्रंट की बात करें, तो संजय दत्त आखिरी बार धुरंधर में नजर आए थे. आने वाले दिनों में वो 'धुरंधर 2', 'द गुड महाराजा', 'केडी: द डेवेल' जैसी मूवीज में दिखाई देंगे. संजय दत्त के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर फैन्स एक्साइटेड हैं.  संजय दत्त से पहले गोविंदा भी सीएम योगी से मिलने लखनऊ पहुंचे थे, जहां उन्हें सम्मानित भी किया गया था. 

इलाज के लिए उड़ान बनी आखिरी सफर: आग में झुलसे संजय और एयर एम्बुलेंस हादसे का सच

  रांची झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के केंदू कसारी स्थित करम टॉड़ के घने जंगल में रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. ये एयर एम्बुलेंस एक हादसे में झुलसे मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए रांची से दिल्ली लेकर जा रही थी. परिवार के सदस्यों ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह पर संतोष को दिल्ली ले जाने के लिए लोन लेकर 8 लाख रुपये में एयर एम्बुलेंस बुक की थी. जानकारी के अनुसार, संजय कुमार चंदवा कस्बे में एक छोटा-सा रेस्टोरेंट चलाते थे. सोमवार को होटल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में वे गंभीर रूप से झुलस गए थे (करीब 63-65 प्रतिशत). उनका इलाज पहले रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा था, लेकिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने परिवार के सदस्यों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की सलाह दी और उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया था. लोन लेकर बुक की एयर एम्बुलेंस इसके बाद बेहतर इलाज की आस में परिवार ने करीब 8 लाख रुपये खर्च कर एयर एम्बुलेंस बुक की थी. इसके लिए परिवार ने लोन और अपने रिश्तेदारों से कर्ज लिया, ताकि संजय को तुरंत दिल्ली पहुंचाया जा सके. लेकिन एयर एम्बुलेंस उड़ान के दौरान अचानक मौसम खराब हो गया. तेज हवाओं और खराब विजिबिलिटी के कारण विमान संतुलन खो बैठा और सिमरिया के घने जंगल में क्रैश हो गया. हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला और सभी की मौके पर ही मौत हो गई. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत इस हादसे ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान छीन ली. मृतकों में मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी बसंती देवी और उनका भांजा ध्रुव शामिल हैं. इनके अलावा विमान के पायलट स्वराज दीप सिंह, सह-पायलट विवेक, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और नर्सिंग स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा ने भी अपनी जान गंवा दी. परिवार के सदस्यों की अचानक हुई इस मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय का परिवार बेहद गरीब पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है और ये रकम कर्ज पर ली गई थी, जिसमें इलाज के लिए पहले से भी लाखों रुपये कर्ज में थे. खबर से मिली हादसे की जानकारी परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें इस हादसे की जानकारी खबरों से मिली. उन्होंने बताया कि रांची एयरपोर्ट से एयर एम्बुलेंस के उड़ा भरने के बाद वो लोग अपने घर आ गए थे और थोड़ी देर बाद विमान में मौजूद अपने परिवार के सदस्यों को फोन किया तो उनका फोन नहीं मिला. इसके कुछ देर बाद ही उन लोगों को एक प्लेन के क्रैश होने की खबर मिली तो उनकी चिंताएं बढ़ गई. उन्होंने बताया कि बाद में हम लोगों ने प्रशासन से संपर्क किया तो पता चला कि हादसे में सभी लोगों की मौत हो गई.  ATC से टूटा संपर्क प्राप्त जानकारी के अनुसार, विमान ने शाम करीब 7:11 बजे रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, लेकिन खराब मौसम (तेज हवाएं और कम विजिबिलिटी) के कारण रूट डायवर्ट करने की कोशिश में 23 मिनट बाद ही ATC से संपर्क टूट गया. विमान चतरा के दुर्गम जंगल में क्रैश हो गया. हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला. हादसे की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन और एसएसबी 35वीं बटालियन के जवान तुरंत हरकत में आए. विमान सड़क से लगभग चार किलोमीटर अंदर घने और दुर्गम जंगल में गिरा था, जिससे राहत कार्य में भारी मुश्किलें आईं. जवानों को मलबे से शवों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. रेस्क्यू टीम ने सभी शवों को अपने कंधों पर उठाकर चार किलोमीटर पैदल दूरी तय की और फिर एंबुलेंस के जरिए उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया. 6000 फुट ऊंचाई पर जाते ही पायलट को हो गया था अंदेशा कोलकाता से संपर्क होने के बाद, विमान ने खराब मौसम की वजह से अपना रास्ता बदलने (deviation) का अनुरोध किया था. इसके बाद, शाम 7:34 बजे वाराणसी से लगभग 100 NM दक्षिण-पूर्व में विमान का कोलकाता कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया और वो रडार से भी गायब हो गया. जानकारी के मुताबिक, IMD ने इस इलाके में पहले ही बिजली गिरने और मौसम खराब रहने का अलर्ट जारी किया था. दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी एविएशन मिनिस्ट्री डीसी कीर्तिश्री जी ने एयर एम्बुलेंस हादसे की वजह तूफान बताई. उन्होंने कहा, 'तूफान के कारण ये हादसा हुआ. डॉक्टरों की टीम ने मृतकों की संख्या 7 बताई. इनमें से दो क्रू मेंबर्स थे और बाकी पांच में एक मरीज और उसके परिवार के सदस्य थे. एविएशन मिनिस्ट्री की टीम कल दुर्घटनास्थल का दौरा करेगी ताकि ब्लैक बॉक्स की पहचान की जा सके और आगे की जांच शुरू की जा सके.' बता दें कि AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की टीम आज दिल्ली स्थित रेडबर्ड एविएशन कार्यालय का दौरा करेगी. टीम यहां रेडबर्ड और क्रैश हुए प्लेन से जुड़े दस्तावेज हासिल कर सकती है. SSB के सेकंड इन कमांड ने सुनाया आंखों देखा हाल SSB के सेकंड इन कमांड रमेश कुमार ने हादसे की पूरी कहानी सुनाई है. उन्होंने बताया, 'हमें सूचना मिली थी कि एक प्लेन क्रैश हो गया है. ये इलाका काफी अंदरूनी है. यहां दो किलोमीटर तक कोई सड़क नहीं है. जब हम रात में यहां पहुंचे, तो हमने देखा कि कोई भी जिंदा नहीं है. शवों को निकालना बहुत मुश्किल था. हमें उन्हें यहां से दो किलोमीटर तक एक तरफ ले जाना पड़ा.' कुमार ने आगे बताया कि उनकी टीम के पास सिर्फ एक स्ट्रेचर था, जो वो एसएसबी से अपने साथ लाए थे. उन्होंने बताया कि प्लेन जंगल के बीचोंबीच क्रैश हुआ था और मेन सड़क यहां से दो किलोमीटर दूर थी. यहां रात में लोगों को निकालना और बचाना उनके लिए काफी मुश्किल रहा.

Stock Market Crash: अमेरिका में भूचाल, भारत में भी Sensex में 700 अंकों की गिरावट

मुंबई  अमेरिकी शेयर बाजार में मचे हाहाकार का असर भारतीय शेयर मार्केट पर भी देखने को मिला है. बीते कारोबारी दिन US Stock Market Crash हो गया था और डाउ जोंस 821 अंक फिसलकर बंद हुआ था. इस बीच एशियाई बाजारों से भारत के लिए मिले-जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे थे और जब सेंसेक्स-निफ्टी ने ओपनिंग की, तो BSE Sensex खुलने के साथ ही 700 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. इसके अलावा NSE Nifty टूटकर 25,600 के नीचे कारोबार करता हुआ दिखा. बात करें, सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की तो बाजार में गिरावट से टेक शेयर पर दिखा, Infosys, TCS, HCL और Tech Mahindra जैसे स्टॉक्स धड़ाम नजर आए.  सेंसेक्स-निफ्टी अचानक क्रैश शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत होने पर सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूटकर खुले. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,294.66 की तुलना में गिरावट लेकर 83,052 के लेवल पर खुला, लेकिन फिर कुछ ही मिनटों में Sensex करीब 717 अंक फिसलकर 83,577 पर ट्रेड करता नजर आया.  नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलता नजर आया. Nifty-50 ने अपने पिछले कारोबारी बंद 25,713 की तुलना में गिरावट के साथ 25,641 के लेवल पर ट्रेड शुरू किया था और फिर अचानक इसमें भी तेज गिरावट दिखाई देने लगी और ये 200 अंक से ज्यादा फिसलकर 25,507 के स्तर पर आ गया.  ताश के पत्तों की तरह बिखरे बड़े शेयर  शेयर बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के बीच जो शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए, उनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HCL Tech Share (4%), Eternal Share (3.90%), Infosys Share (3.50%), Tech Mahindra Share (3.20%), TCS Share (3.10%), Bharti Airtel Share (3.05%) सबसे आगे रहे. खासतौर पर आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयर सेंसेक्स-निफ्टी की तरह ही क्रैश (IT Stock Crash) दिखाई दिए.  मिले-जुले आए थे विदेशी संकेत  बता दें कि Donald Trump के नए टैरिफ अटैक से दुनिया में फिर से टेंशन बढ़ची हुई नजर आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति के सख्त तेवरों से खुद US Stock Market भी सहमा दिखा. अमेरिका बाजार में सोमवार को आए क्रैश के बाद मंगलवार को भारत के लिए विदेशों से मिले-जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे था. दरअसल, जहां जापान का निक्केई इंडेक्स ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग, जर्मनी और ब्रिटेन का मार्केट गिरावट मं ट्रेड करता हुआ नजर आ रहा है.  ये भी बाजार में गिरावट का बड़ा कारण US Tariff से ग्लोबल टेंशन में इजाफे के साथ मिले-जुले कमजोर ग्लोबल संकेतों ने तो सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव डाला ही है, लेकिन अगर भारतीय शेयर बाजार में अचानक आई इस तेज गिरावट के पीछे के अन्य कारणों को देखें, तो घरेलू आईटी शेयरों में भारी बिकवाली को भी बड़ी वजह माना जा सकता है, क्योंकि मार्केट टूटने के बीच सबसे ज्यादा IT Stock Crash हुए हैं. 

वर्ल्ड कप सुपर-8 में वेस्टइंडीज का जलवा, जिम्बाब्वे को करारी शिकस्त

नई दिल्ली आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप का 44वां मैच सोमवार को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया. इस मैच में वेस्टइंडीज को 107 रनों से जीत मिली है. इस मुकाबले में टॉस जीतकर जिम्बाब्वे ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने तूफानी बैटिंग की और 254 रन ठोक डाले. इसके जवाब में उतरी जिम्बाब्वे की टीम महज 147 रन ही बना सकी और 18वें ओवर में ऑलआउट हो गई. वेस्टइंडीज ने इस विश्वकप का सबसे बड़ा स्कोर बनाया था. ऐसी रही जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी वेस्टइंडीज ने तूफानी बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में भी कहर बरपाया. 255 के जवाब में उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत ही बेहद खराब रही. दूसरे ओवर में टीम को पहला झटका लगा. और इसके बाद विकेटों का पतन चालू हो गया. सिकंदर रजा के 27 और मायर्स के 28 रनों के अलावा कोई भी बल्लेबाज लय में नहीं दिखा. आलम ये रहा कि जिम्बाब्वे की टीम महज 147 के स्कोर पर ढेर हो गई. वेस्टइंडीज की ओर से गुडाकेश मोती सबसे सफल गेंदबाज रहे. जिन्होंने 4 ओवर में केवल 28 रन देकर 4 विकेट झटक लिए. अकील ने भी शानदार गेंदबाजी की. ऐसे रही वेस्टइंडीज की बैटिंग पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही. तीसरे ही ओवर में ब्रेंडन किंग अपना विकेट गंवा बैठे. उनके बल्ले से केवल 9 रन आए. लेकिन इसके बाद हेटमायर और शाई होप ने अच्छी बल्लेबाजी की. लेकिन छठे ओवर में विंडीज को दूसरा झटका लगा जब शाई होप 14 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन इसके बाद हेटमायर ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की. उन्होंने केवल 19 गेंद में फिफ्टी जड़ दी. 9वें ओवर में विंडीज का स्कोर 100 के पार चला गया. इसके बाद पॉवेल ने भी 29 गेंद में फिफ्टी जड़ दी. दोनों ओर से ताबड़तोड़ बल्लेबाजी हुई.  आखिरकार 15वें ओवर में जिम्बाब्वे को तीसरी सफलता मिली. जब हेटमायर 34 गेंद में 85 रनों की तूफानी पारी खेलकर आउट हुए. हेटमायर ने 7 चौके और 7 छक्के जड़े. जब उनका विकेट गिरा तो विंडीज का स्कोर 176 रन था. 17वें ओवर में पॉवेल भी अपना विकेट गंवा बैठ. इसके बाद रदरफोर्ड ने तूफानी बल्लेबाजी की. इसके दम पर वेस्टइंडीज ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 254 रन बना डाले. जिम्बाब्वे (प्लेइंग इलेवन): ब्रायन बेनेट, तादिवानाशे मारुमानी, रयान बर्ल, सिकंदर रजा, ताशिंगा मुसेकिवा, टोनी मुनयोंगा, डायोन मायर्स, ब्रैड इवांस, ग्रीम क्रेमर, रिचर्ड नगारवा, ब्लेसिंग मुजरबानी वेस्टइंडीज (प्लेइंग इलेवन): ब्रैंडन किंग, शाई होप, शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्डे, अकील होसेन, गुडाकेश मोटी, शमर जोसेफ.

प्रकृति की गोद में रोमांच — बारनवापारा अभयारण्य की अनोखी दुनिया

रायपुर, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 100 किलोमीटर दूर महासमुंद जिले में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक आकर्षक पर्यटन स्थल है। लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला यह अभ्यारण्य साल और सागौन के घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां का शांत वातावरण, हरियाली और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियां पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराती है। बारनवापारा में चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर, चौसिंगा, भालू तथा कभी-कभी तेंदुए की झलक भी देखने को मिल जाती है। इसके अलावा विभिन्न प्रजातियों के पक्षी यहां के वातावरण को और जीवंत बनाते हैं। वन विभाग द्वारा संचालित जीप सफारी पर्यटकों को जंगल के भीतर सुरक्षित भ्रमण का अवसर देती है। सुबह और शाम का समय वन्यजीवों को देखने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। यह अभयारण्य सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट है। रेल यात्रियों के लिए रायपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन सबसे सुविधाजनक स्टेशन है। रायपुर, महासमुंद और बलौदाबाजार से नियमित बस एवं टैक्सी सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। निजी वाहन से पहुंचना अधिक सुविधाजनक रहता है। अभयारण्य में प्रवेश शुल्क और सफारी शुल्क निर्धारित हैं। यहां पार्किंग, गाइड, वॉच टॉवर, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे सफारी के लिए अग्रिम बुकिंग कराएं और प्लास्टिक का उपयोग न करें। बारनवापारा की यात्रा को और अधिक सुखद बनाने के लिए पर्यटन मंडल द्वारा संचालित मोहदा रिसोर्ट विशेष आकर्षण का केंद्र है। यह रिसोर्ट प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित है और यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त कमरे, रेस्टोरेंट, बच्चों के खेलने की जगह तथा हरियाली से घिरा शांत परिसर उपलब्ध है। परिवार और समूह में आने वाले पर्यटकों के लिए यह ठहरने का एक उत्कृष्ट विकल्प है। यहां स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया जा सकता है। जंगल सफारी और मोहदा रिसोर्ट की बुकिंग वनविभाग और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की साइट से की जा सकती है। बारनवापारा के समीप स्थित तुरतुरिया भी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। यह स्थान अपने प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां प्राचीन अवशेष, शांत वन क्षेत्र और जलधाराएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। तुरतुरिया को महर्षि वाल्मीकि के आश्रम से जुड़ी मान्यता के कारण धार्मिक और पौराणिक महत्व भी प्राप्त है। यहां पिकनिक और प्रकृति अवलोकन के लिए उपयुक्त वातावरण मिलता है। लोक मान्यता है कि माता सीता ने वनवास के दौरान यहीं आश्रय लिया था और लव-कुश का जन्म भी इसी क्षेत्र में हुआ। इस कारण यह स्थल धार्मिक आस्था का केंद्र है। यह क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और शांत वातावरण से घिरा हुआ है। यहां बहने वाली छोटी जलधाराएं और प्राकृतिक झरने इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं। प्रकृति प्रेमियों और पिकनिक मनाने वालों के लिए यह आकर्षक स्थान है। तुरतुरिया में प्राचीन मंदिरों और संरचनाओं के अवशेष मिले हैं, जो इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दर्शाते हैं। पुरातात्विक दृष्टि से भी यह स्थान महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां प्राकृतिक गरम जल कुंड भी पाए जाते हैं, जिनके बारे में स्थानीय मान्यता है कि इनका जल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। यही “तुर-तुर” ध्वनि से निकले नाम की एक मान्यता भी बताई जाती है। अभयारण्य से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित सिरपुर ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। प्राचीन मंदिर, बौद्ध विहार और पुरातात्विक अवशेष यहां के प्रमुख आकर्षण हैं, जो इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। बारनवापारा घूमने का सर्वाेत्तम समय अक्टूबर से जून तक माना जाता है। वर्षा ऋतु में हरियाली अपने चरम पर होती है, हालांकि कभी-कभी सफारी सेवाएं सीमित हो सकती हैं। यात्रा के दौरान हल्के रंग के वस्त्र पहनना, दूरबीन और कैमरा साथ रखना तथा वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना आवश्यक है। बारनवापारा अभयारण्य, सिरपुर और तुरतुरिया मिलकर एक ऐसा पर्यटन परिपथ तैयार करते हैं, जहां प्रकृति, रोमांच, इतिहास और आरामदायक आवास की सुविधाएं एक साथ मिलती हैं। यदि आप सप्ताहांत में सुकून भरी और यादगार यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह क्षेत्र आपके लिए एक आदर्श गंतव्य सिद्ध हो सकता है।

पुतिन का बड़ा सैन्य संदेश: Su-34 बना दुनिया का पहला फाइटर जेट जो रूस से अमेरिका तक कर सकता है हमला

मॉस्को रूस दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिनकी ताकतवर फाइटर जेट बनाने में महारत मानी जाती है। लड़ाकू विमानों को लेकर रूस की अमेरिका और पश्चिम के दूसरे देशों से प्रतिद्वंद्विता रही है। रूस का ऐसा ही लड़ाकू विमान Su-34 है, जो अमेरिका जैसे देशों का भी ध्यान खींचता रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी हवा में देर तक रहने की क्षमता और बड़ा फ्यूल टैंक है। ये एक ऐसा विमान है, जो रूस से अमेरिका तक उड़ान भर सकता है। मिलिट्री वॉच मैगजीन के मुताबिक, रूसी Su-34 स्ट्राइक फाइटर दुनिया में कहीं भी सबसे लंबी ऑपरेशनल रेंज वाला टैक्टिकल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है। इसकी एंड्योरेंस (हवा में रहने की क्षमता) कई तरह के स्ट्रेटेजिक बॉम्बर्स के बराबर है। यह लंबे समय तक घूमने से लेकर डीप पेनेट्रेशन मिशन जरूरतों के लिए ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी देता है। अलग से फ्यूल टैंक की नहीं होती जरूरत पश्चिमी के फाइटर्स के उलट रूसी फाइटर्स को एक्सटर्नल फ्यूल टैंक ले जाते बहुत कम देखा जाता है क्योंकि उनकी लंबी रेंज इंटरनल फ्यूल का इस्तेमाल करती है। इससे वे बिना ड्रैग लगाए लंबी दूरी पर असरदार तरीके से काम कर सकते हैं। ऐसे फ्यूल टैंकों का इस्तेमाल करके उपलब्ध वेपन हार्डपॉइंट की संख्या को कम कर सकते हैं। Su-34 का तीन PTB-3000 3,000 लीटर एक्सटर्नल फ्यूल टैंक के साथ कम देखा जाना बताता है कि एयरक्राफ्ट इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज पर ऑपरेशन के लिए कॉन्फिगर होने की एक खास क्षमता है। Su-34 को सोवियत Su-27 एयर सुपीरियोरिटी फाइटर के डेरिवेटिव के तौर पर डेवलप किया गया था, जो 20वीं सदी में सबसे लंबी रेंज वाला फाइटर टाइप था। Su-34 की अमेरिका तक रेंज रूस के Su-34 फाइटर Su-27 से 50 प्रतिशत ज्यादा भारी है। इसका बड़ा साइज ज्यादा फ्यूल एफिशिएंट AL-31FM2 इंजन का इंटीग्रेशन और रेंज को ज्यादा आसान बनाता है। Su-27 की इंटरनल फ्यूल पर मैक्सिमम फेरी रेंज 4,000 किलोमीटर थी। Su-34 की रेंज 4,800-5,000 किलोमीटर है। 5000 की यह क्षमता और भी बढ़ सकती है। इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज को 5,500 किलोमीटर से ज्यादा रेंज माना जाता है। इससे Su-34 इस बड़े माइलस्टोन के करीब पहुंच गया। तीन 3,000 लीटर के ड्रॉप टैंक ले जाने पर Su-34 की फेरी रेंज को टैंकों के वजन और ड्रैग को ध्यान में रखते हुए 8,000 किलोमीटर बढ़ाया जा सकता है। इससे Su-34 मॉस्को से वाशिंगटन डीसी तक उड़ सकता है। यानी यह विमान रूस से सीधे अमेरिका पहुंचने की क्षमता रखता है। बिना रीफ्यूलिंग के उड़ान Su-34 बिना एरियल रीफ्यूलिंग सपोर्ट के इंटरकॉन्टिनेंटल दूरियों पर उड़ सकता है। एयरक्राफ्ट ऐसी रेंज पर ऑपरेट करते समय कुछ ऑपरेशनल इस्तेमाल भी बनाए रख सकता है। इलेक्ट्रॉनिक, रडार और फोटो रेकी के लिए पॉड्स को इंटीग्रेट करने की जेट की क्षमता इसे बिना हथियार लोड के जरूरी भूमिका निभाने में मदद करती है। चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन के चीनी छठी पीढ़ी के फाइटर के आने से Su-34 दुनिया के सबसे लंबी दूरी के फाइटर के तौर पर अपनी जगह खो सकता है। चीनी जेट दुनिया के सबसे बड़े फाइटर के तौर पर Su-34 से आगे निकल सकता है। इसके बावजूद Su-34 की अहमियत बनी रहेगी क्योंकि इसमें नई मिसाइल टाइप को इंटीग्रेट किया जा रहा है।