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हरियाणा में सीएम सैनी की निगरानी में बड़ी परियोजनाएं समय पर होंगी पूरी

चंडीगढ़. हरियाणा में अब बड़ी परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी। व्यापक आर्थिक, सामाजिक और दीर्घकालिक प्रभाव वाली 100 महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की पहचान कर उनकी उच्चतम स्तर पर निगरानी की जाएगी ताकि परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी हो सकें। इसके लिए संबंधित विभाग के 4-5 अधिकारियों की टास्क फोर्स बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हर महीने खुद इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे ताकि इनमें आने वाली बाधाओं को दूर कर क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि टास्क फोर्स परियोजनाओं की निगरानी करेगी। परियोजनाओं में देरी की पहचान करेगी और आवश्यकता अनुसार अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि सुशासन के परिणामों को बेहतर बनाने और जन विश्वास को मजबूत करने के लिए के प्रमुख विकास परियोजनाओं का समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग अपनी-अपनी प्रमुख परियोजनाओं की पहचान कर जल्द से जल्द इनकी सूची हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम को भिजवाएं।

बिजली बिल न भरने वालों के काटे जा रहे कनेक्शन

चंडीगढ़/जीरकपुर. बिजली बिल न भरने वाले कंज्यूमर्स के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पावरकॉम ने एक खास मुहिम शुरू की है। नवंबर 2025 तक बकाया बिल जमा न कराने वाले कंज्यूमर्स के कनेक्शन रोजाना काटे जा रहे हैं। डिपार्टमेंट ने साफ कर दिया है कि बकाया रकम जमा कराए बिना कोई राहत नहीं दी जाएगी। ऑफिशियल सूत्रों के मुताबिक, 31 जनवरी 2026 तक इलाके के कंज्यूमर्स पर करीब 62.5 करोड़ रुपये बकाया थे। इस भारी बकाए को देखते हुए फरवरी की शुरुआत से ही रिकवरी मुहिम तेज कर दी गई थी। 1 फरवरी से अब तक करीब 2.5 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। डिपार्टमेंट का टारगेट 31 मार्च तक 20 करोड़ रुपये वसूलना है। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ेगा। पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक, डिफॉल्टर्स में बड़े बिल्डर्स से लेकर छोटे घरेलू कंज्यूमर्स तक शामिल हैं। कई मामलों में तो लंबे समय से बिल जमा नहीं कराए गए थे, जिससे डिपार्टमेंट की फाइनेंशियल हालत पर असर पड़ रहा था। डिपार्टमेंट की टीमें अलग-अलग इलाकों में भेजी जा रही हैं, जो मौके पर जाकर बकाया बिल चेक कर रही हैं और पेमेंट न करने पर तुरंत कनेक्शन काट रही हैं। अधिकारियों ने कंज्यूमर्स से अपील की है कि वे अपना बकाया समय पर जमा कर दें ताकि कनेक्शन काटने की कार्रवाई से बचा जा सके। डिपार्टमेंट का कहना है कि यह कैंपेन पूरी ट्रांसपेरेंसी के साथ चलाया जा रहा है और किसी भी लेवल पर कोई भेदभाव नहीं होगा। लाखों रुपये बकाया छोड़कर गायब बिल्डर्स पर नजर पहले भी शहर में S प्लस फ्लैट बनाने की होड़ में कई बाहरी लोगों ने टेम्परेरी मीटर लेकर कंस्ट्रक्शन का काम शुरू कर दिया था। अब खबर मिली है कि ऐसे कई छोटे बिल्डर्स पावरकॉम का लाखों रुपये बकाया छोड़कर गायब हो गए हैं या किसी दूसरी फर्म के नाम पर नए कनेक्शन लेकर काम कर रहे हैं। पावरकॉम ने साफ किया है कि मामलों की जांच की जा रही है और संदिग्ध कंज्यूमर्स पर खास नजर रखी जा रही है। बकाया वसूलने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। एक हफ़्ते में 100 से ज़्यादा कनेक्शन काटे गए: रक्ष भाटिया SDO राकेश भाटिया ने बताया कि पावरकॉम कर्मचारियों की हाल ही में हुई हड़ताल को देखते हुए शहर के कई कंज्यूमर्स ने डिपार्टमेंट की कार्रवाई को हल्के में लिया था और समय पर बिजली बिल जमा नहीं किए थे, लेकिन अब डिपार्टमेंट ने साफ़ कर दिया है कि इस मामले में कोई ढील नहीं दी जाएगी। पिछले एक हफ़्ते से एक स्पेशल कैंपेन चलाया जा रहा है, जिसके दौरान 100 से ज़्यादा डिफॉल्टर कंज्यूमर्स के बिजली कनेक्शन काटे गए हैं, जिन कंज्यूमर्स ने बकाया रकम जमा कर दी है, उनके कनेक्शन नियमानुसार दोबारा जोड़े जा रहे हैं। कंज्यूमर्स से रिक्वेस्ट है कि वे बिना देर किए अपने बिजली बिल जमा करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि एक बार कनेक्शन कटने के बाद पूरी बकाया रकम जमा होने के बाद ही सप्लाई बहाल की जाएगी। 31 मार्च तक 20 करोड़ रुपये वसूलने का टारगेट: हेमंत कुमार SDO हेमंत कुमार ने बताया कि पावरकॉम की तरफ से बकाया रकम वसूलने के लिए चलाए जा रहे स्पेशल कैंपेन को शहर में बड़ा सपोर्ट मिल रहा है। पिछले 20 दिनों में पावरकॉम के अकाउंट में करीब 2.5 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। जीरकपुर सर्कल के कंज्यूमर्स पर कुल 62 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया था, जिसमें से अब तक 2.5 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। डिपार्टमेंट ने 31 मार्च तक 20 करोड़ रुपये और वसूलने का टारगेट रखा है और दावा किया गया है कि यह टारगेट तय समय से पहले ही हासिल कर लिया गया है। अभी सिर्फ उन्हीं कंज्यूमर्स पर एक्शन लिया जा रहा है, जिनका 30 नवंबर 2025 तक का बकाया है। जो लोग समय पर बिल जमा करेंगे, उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

‘ऐसे बनती है पार्टनरशिप’ – शाहीन अफरीदी का बाबर आजम पर तंज, वायरल हुआ बयान

इस्लामाबाद पाकिस्तान के अनुभवी बल्लेबाज बाबर आजम के स्ट्राइक रेट की अक्सर आलोचना होती है, खासकर टी20 क्रिकेट में। बाबर टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। उन्होंने पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड सुपर-8 मैच में भी धीमे गति से रन बनाए। उन्होंने पाल्लेकल में 24 गेंदों में दो चौकों की मदद से 25 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 104.17 का रहा। सईम अयूब (7) और कप्तान सलमान आगा के सस्ते में आउट होने के बाद बैटिंग करने आए बाबर ने साहिबजादा फरहान (63) के साथ तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की पार्टनरशिप की। पाकिस्तान ने 164/9 का स्कोर खड़ा करने के बाद दो विकेट से हार का मुंह देखा। पाकिस्तान की हार के बाद तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी ने अप्रत्यक्ष रूप से बाबर के स्ट्राइक रेट का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि टी20 में आप हर ओवर में आठ या नौ रन की उम्मीद करते हैं। अफरीदी ने लेग स्पिनर आदिल राशिद की तारीफ की, जिन्होंने पाकिस्तान को तेजी से रन नहीं बनाने दिए। 'ये होता है पार्टनरशिप का मतलब' अफरीदी ने इंग्लैंड के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर के स्पेल में 30 रन देकर चार विकेट चटकाए। इंग्लैंड ने कप्तान हैरी ब्रूक (100) के शतक के दम पर लक्ष्य हासिल किया और सेमीफाइनल का टिकट कटाया। जब मैच के बाद अफरीदी से प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि फरहान के साथ बाबर अच्छी पार्टरनशिप कर रहे थे लेकिन उनके आउट होने के बाद चीजें वैसी नहीं रहीं। जवाब में अफरीदी ने कहा, “पार्टनरशिप का मतलब होता है कि क्रीज पर कोई ऐसा होना चाहिए जो सिंगल और डबल ले सके। अगर आप पार्टनरशिप भी बनाना चाहते हैं तो टी20 क्रिकेट में आपको हर ओवर में आठ या नौ रन की जरूरत होती है। मुझे लगता है कि मिडिल फेज में आदिल राशिद ने बहुत अच्छी बॉलिंग की, इसलिए इसका क्रेडिट उन्हें भी जाता है।” स्पिन से पाकिस्तान टीम हुई परेशान शानदार लय में चल रहे साहिबजादा फरहान की अर्धशतकीय पारी से पाकिस्तान ने टॉस जीतने के बाद प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया था। फरहान ने 45 गेंदों में 63 रन की अपनी पारी में सात चौके और दो छक्के जड़े। इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाजों ने पाकिस्तान की पारी के अधिकांश हिस्से में सटीक लाइन-लेंथ रखी, लेकिन फरहान ने उनके खिलाफ धैर्य और आक्रामकता का संतुलन दिखाया। फरहान ने पावरप्ले के बाद अपने स्वाभाविक खेल पर कुछ नियंत्रण रखा जबकि बाबर एक बार फिर रन गति बढ़ाने में संघर्ष करते दिखे। फरहान और वापसी कर रहे फखर जमां (16 गेंदों पर 25 रन) के बीच चौथे विकेट के लिए 49 रन की तेज साझेदारी के बाद पाकिस्तान की पारी की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई। बाएं हाथ के स्पिनर लियाम डॉसन इंग्लैंड के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में 12 डॉट गेंद के साथ 24 रन देकर तीन विकेट लिए । आदिल रशीद ने चार ओवर में 31 रन खर्च किए और एक शिकार किया।

ज्योति मिशन स्कूल में यौन उत्पीड़न पर फादर जोसेफ को उम्रकैद व दो महिला स्टाफ को जेल

बिलासपुर. कोरिया जिले के ज्योति मिशन स्कूल यौन उत्पीड़न मामले में निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट ने पलट दिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने निचली अदालत द्वारा आरोपियों को दोषमुक्त किए जाने के फैसले को त्रुटिपूर्ण बताते हुए स्कूल के फादर जोसेफ धन्ना स्वामी को उम्रकैद की सजा सुनाई है, और घटना को छिपाने वाली दो महिला स्टाफ को 7-7 साल कारावास की सजा दी है। दरअसल, कोरिया के सरभोका स्थित ज्योति मिशन स्कूल में चौथी की 9 वर्षीय छात्रा हॉस्टल में रहती थी, उसके साथ 9 सितंबर 2015 को दुष्कर्म हुआ था। पीड़िता ने बताया कि वह रात को बाथरूम गई थी, जहां नशीला पाउडर छिड़का हुआ था, जिससे उसे चक्कर आने लगे। इसके बाद जब वह अपने कमरे में सो रही थी, तब आरोपी ने दुष्कर्म किया। छात्रा ने सुबह इसकी शिकायत स्कूल की सिस्टर फिलोमिना और किसमरिया से की, तो उन्होंने मदद करने की बजाय उसे छड़ी से पीटा और किसी को न बताने की धमकी दी। इस मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। 9 जनवरी 2017 को बैकुंठपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया था। राज्य सरकार ने इस फैसले को चुनौती दी थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इस फैसले को त्रुटिपूर्ण ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने पीड़िता के ठोस बयानों और मेडिकल साक्ष्यों को तकनीकी आधार पर खारिज कर गलत फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में डॉ. कलावती पटेल की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला दिया है। रिपोर्ट में पीड़िता के निजी अंगों पर गंभीर चोटों और सूजन की पुष्टि हुई थी। साथ ही एफएसएल रिपोर्ट में पीड़िता के कपड़ों पर मानव शुक्राणु पाए गए थे, जो अपराध की पुष्टि करते हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि बलात्कार पीड़िता की गवाही अपने आप में पूर्ण है और उसे किसी अन्य स्वतंत्र गवाह के समर्थन की अनिवार्य आवश्यकता नहीं है। हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी फादर जोसेफ धन्ना स्वामी को आईपीसी की धारा 376 (2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद व 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, फिलोमिना केरकेट्टा और किसमरिया को अपराध छिपाने और पीड़िता मदद न करने के लिए आईपीसी की धारा 119 के तहत 7-7 साल की कठोर कारवास और 5-5 हजार रु के जुर्माने की सजा सुनाई है।

25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार, जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही विशाल संभावनाएं: मुख्यमंत्री

टोक्यो में आयोजित निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के उद्यमियों को दिया यूपी में निवेश का न्योता नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विकसित की जा रही जापान इंडस्ट्रियल सिटी से जापान की कंपनियों को मिलेगा विशेष लाभ: मुख्यमंत्री 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार, जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही विशाल संभावनाएं: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश में निवेश सुरक्षित क्योंकि यहां स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड चारों उपलब्ध: सीएम योगी सीएम ने डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी में वैश्विक साझेदारी का रखा प्रस्ताव, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में भी निवेश का आमंत्रण यूपी के माध्यम से भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा भारत-जापान औद्योगिक सहयोग: सीएम योगी टोक्यो/लखनऊ  उत्तर प्रदेश में दुनिया के बड़े निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के बाद जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे। यहां आयोजित वृहद यूपी निवेश रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां के उद्योगपतियों और निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज सुरक्षित माहौल, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़ी बाजार क्षमता और युवा कार्यबल के कारण निवेश के लिए भारत का सबसे बेहतर राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योगपतियों से उत्तर प्रदेश आने, निवेश करने और प्रदेश के आध्यात्मिक स्थलों का अनुभव लेने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी में निवेश के माध्यम से भारत-जापान औद्योगिक सहयोग भविष्य में और मजबूत होगा। भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंध जापान को 'लैंड ऑफ द सनराइज' बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस पावन धरा को नमन करता हूं। उत्तर प्रदेश सूर्यवंश के राजा भगवान श्रीराम की पावन जन्मस्थली है। यही नहीं, भगवान बुद्ध की पावन कर्मभूमि भी उत्तर प्रदेश ही है। भगवान बुद्ध से जुड़े विश्व के सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थल कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कौशांबी, सहित अनेक पवित्र स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में रामायण सर्किट एवं बौद्ध सर्किट को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा रहा है, जिससे स्पिरिचुअल टूरिज्म को नई गति मिली है। जब भगवान राम और भगवान बुद्ध की बात होती है, तो यह सूर्यवंश की उस महान परंपरा से जुड़ती है, जिसकी प्रथम किरण का उदय जापान की धरती पर होता है। इसी सांस्कृतिक आत्मीयता के साथ मैं आप सभी का स्वागत करता हूं।  निवेशकों के लिए यूपी बड़ा बाजार मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही बड़ी चुनौतियां हैं और उतनी ही विशाल संभावनाएं भी हैं। पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है। जो राज्य कभी बीमारू कहा जाता था, वह आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है। उन्होंने बताया कि देश की केवल 11 प्रतिशत कृषि भूमि होने के बावजूद उत्तर प्रदेश देश का करीब 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है। इससे फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और एग्री लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर हैं। जल संसाधन और युवा शक्ति बनी ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास भरपूर मीठा जल संसाधन है, जिसका उपयोग कृषि के साथ ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए क्षेत्रों में किया जा सकता है। राज्य की 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जिससे उद्योगों को पर्याप्त और कुशल मानव संसाधन मिलता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में प्रदेश में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश में है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि मैं जापान के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करता हूं कि वे यूपी में इन परियोजनाओं में भागीदारी करें।  500 एकड़ में विकसित होगी जापान इंडस्ट्रियल सिटी मुख्यमंत्री ने जापान के उद्यमियों को विशेष रूप से यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल सिटी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं तथा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जल्द शुरू होने वाला है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ही जापानी निवेशकों के लिए जापान इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जा रही है। इसके लिए 500 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है। इसका उद्देश्य है कि जापानी उद्योग एक ही स्थान पर क्लस्टर के रूप में निवेश कर सकें। यहां उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।  मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से सेमीकंडक्टर तक अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश इसलिए सुरक्षित है क्योंकि यहां स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड चारों उपलब्ध हैं। भारत के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। हाल ही में नोएडा क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पास 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। झांसी के पास बुंदेलखंड क्षेत्र में 56,000 एकड़ में नया औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। यूपी के पास एमएसएमई की ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और 7 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रक्रिया में हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। नई इकाइयों को 1000 दिनों तक कई तरह की एनओसी से छूट दी जाती है, ताकि उद्योग आसानी से शुरू हो सकें। आसान निवेश व्यवस्था और सुरक्षित माहौल मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं। निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसी सिंगल विंडो व्यवस्था से निवेश प्रक्रिया सरल हुई है। बेहतर कानून-व्यवस्था और पारदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक आए, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, हेरिटेज और स्पिरिचुअल टूरिज्म में … Read more

होलिका दहन, धूडेली और होली उत्सव के लिए निर्णय, ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी का आयोजन

होलिका दहन, धूडेली, होली उत्सव, चल समारोह हेतु हुआ निर्णय ज्योतिष मठ संस्थान में संगोष्ठी संपन्न  भोपाल  इस वर्ष तारीख दो की रात्रि को भद्रा के पुच्छकाल में होलिका दहन किया जाएगा। इस दिन पूरी रात्रि भर पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी। लेकिन 3 तारीख को होलिका दहन का प्रश्न ही नहीं उठाता धर्म सिंधु निर्णय सिंधु आदि ग्रंथों के अनुसार प्रतिपदा तिथि को होलिका दहन नहीं करना चाहिए चाहे भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन क्यों ना करनी पड़े।होलिका दहन का कर्म काल रात्रि कालीन होता है अतः 3 तारीख को रात्रि में  पूर्णिमा तिथि नहीं रहेगी , ग्रहण का सूतक तथा ग्रहण की समाप्ति पश्चात रात्रि में प्रतिपदा तिथि आ जाएगी ।  अतः होलिका  दहन के कर्मकाल हेतु यह तिथि उपयुक्त नहीं है । ग्रहण रात्रि दूषित मानी जाती है जो होलिका दहन के लिए अशुभता देगी । यह जरूर है की 2 तारीख की रात्रि में होलिका दहन  पश्चात धुलेंडी  उत्सव प्रारंभ हो जाता है। परंतु इस वर्ष ग्रहण के सूतक काल की वजह से यह कार्य प्रभावित होगा, साथ ही होलिका दहन के दूसरे दिन होने वाला होली उत्सव,चल समारोह भी ग्रहण होने के कारण  4 तारीख को ही किया जाना चाहिए।   लगभग सभी पंचांगकर्ता एवं विद्वानों द्वारा यह जानकारी वेब संगोष्ठी कर प्रदान की गई।संगोष्ठी ज्योतिष मठ संस्थान द्वारा आयोजित की गई थी। संस्थान के संचालक ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया की वेब संगोष्ठी में होली का दहन एवं होली उत्सव को लेकर सभी पंचांगकरो एवं अनेक विद्वानों के तर्क वितर्क हुए एवं सर्वसम्मति से तारीख दो की  रात्रि 2:00 बजे के बाद पुच्छकाल भाद्रा पश्चात पूरे भारत देश में होलिका दहन किया जाएगा। तथा पर्व उत्सव 4 तारीख को मनाया जाएगा अतः भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है ।

जेडीए के कानोता में सैटेलाइट अस्पताल निर्माण का कार्यादेश वापस

जयपुर. कानोता में प्रस्तावित 50 बेड के सैटेलाइट अस्पताल के निर्माण पर अब पूरी तरह ब्रेक लग गया है। बस्सी विधायक लक्ष्मण मीणा की ओर से विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सक्षम स्तर पर निर्णय लेते हुए अस्पताल निर्माण का कार्यादेश वापस ले लिया है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि फिलहाल इस अस्पताल को पुनः स्वीकृत कर बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। गहलोत सरकार की घोषणा पर चली 'कैंची' गौरतलब है कि अप्रेल 2022 में आइपीडी टावर के शिलान्यास समारोह के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस अस्पताल की घोषणा की थी। योजना के मुताबिक, जयपुर के चारों प्रमुख राजमार्गों पर चार सैटेलाइट अस्पताल बनाए जाने थे, जिसके लिए 25-25 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया था। इस बजट का वहन नगरीय विकास विभाग, स्वायत्त शासन विभाग और आवासन मंडल को संयुक्त रूप से करना था। काम शुरू होने के बाद निरस्त हुआ अनुबंध घोषणा के बाद जेडीए ने प्रक्रिया शुरू करते हुए 19.11 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण का जिम्मा मैसर्स हरि नारायण खंडेलवाल को सौंपा था। संशोधित समय-सीमा के अनुसार इस अस्पताल का काम सितंबर 2024 तक पूरा होना था। लेकिन इससे पहले ही जेडीए ने सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से अनुबंध को निरस्त कर दिया, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों की चिकित्सा सुविधाओं की उम्मीदें फिलहाल खत्म हो गई हैं।

टी20 वर्ल्ड कप में 200+ स्कोर का जलवा, पथुम निसांका ने की विराट कोहली के रिकॉर्ड क्लब में एंट्री

नई दिल्ली भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे टी-20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका के बल्लेबाज पथुम निसांका शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने इस संस्करण में अब तक 208 रन बना चुके हैं और सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में साहिबजादा फरहान और शिमरन हेटमायर के बाद सूची में तीसरे नंबर पर हैं। पथुम निसांका ने टी-20 विश्व कप 2026 का पहला शतक जड़कर शतकों का सूखा खत्म किया था। उन्होंने इस संस्करण में 200 से अधिक रन बनाकर एक खास उपलब्धि हासिल की है और विराट कोहली और जोस बटलर के क्लब में शामिल हो गए हैं। टी-20 विश्व कप क्रिकेट के इतिहास पथुम निसांका ने विराट कोहली के उस विशेष रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है जिसे हासिल करना बेहद कठिन माना जाता है। श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका अब उस एलीट क्लब का हिस्सा बन गए हैं, जिन्हें टी-20 विश्व कप के अलग-अलग संस्करणों में तीन बार 200 से अधिक रन बनाने का गौरव हासिल है। भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज और 'रन मशीन' के नाम से मशहूर विराट कोहली लंबे समय से इस रिकॉर्ड सूची में शीर्ष पर काबिज रहे हैं। कोहली ने टी-20 विश्व कप के 2014, 2016 और 2022 के संस्करणों में अपनी शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए हर बार 200 रनों का आंकड़ा पार किया था। विराट के बाद इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने भी इस खास रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। बटलर ने साल 2021, 2022 और 2024 के टी-20 विश्व कप आयोजनों में लगातार तीन बार 200 से ज्यादा रन बनाकर अपनी उपयोगिता साबित की है। अब निसांका इस सूची में शामिल होने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। श्रीलंका के पथुम निसांका की इस उपलब्धि ने क्रिकेट पंडितों को प्रभावित किया है, क्योंकि उन्होंने बहुत ही कम समय में बड़े दिग्गजों की बराबरी कर ली है। निसांका ने साल 2021 और 2022 के टूर्नामेंट में अपनी शानदार बल्लेबाजी की छाप छोड़ी थी और अब 2026 के आंकड़ों के साथ उन्होंने तीसरी बार 200 से अधिक रन बनाने का कारनामा पूरा कर लिया है। टी-20 विश्व कप में सबसे अधिक बार 200 से अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज विराट कोहली- 2014, 2016, 2022 जोस बटलर- 2021, 2022, 2024 पथुम निसांका- 2021, 2022, 2026 विराट कोहली ने 2014 के विश्व कप में 319 रन बनाए थे और भारत को फाइनल तक पहुंचाया था। 2016 के टी-20 विश्व कप में कोहली ने 273 रन बनाए थे। कोहली ने 2022 के विश्व कप में अपनी शानदार छाप छोड़ी थी और भारत को कुछ मैच जिताए थे। कोहली ने इस संस्करण में 296 रन बनाए थे। बटलर के लिए साल 2021 का टी-20 विश्व कप शानदार रहा था और इस पूरे संस्करण में उन्होंने 269 रन बनाए थे। दाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ने 2022 टी-20 वर्ल्ड कप 225 रन बनाए थे और 2024 के एडिशन में 214 रन जड़े थे। निसांका ने 2021 टी-20 विश्व कप में 221 रन बनाए थे। 2022 के एडिशन में उन्होंने 214 रन जोड़े और अब तक 2026 में 208 रन बना चुके हैं।

मुंबई में 25 बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी, कोलकाता-दिल्ली-गुजरात से होकर पहुंचे थे मुंबई

मुंबई   मुंबई के अंधेरी पश्चिम स्थित यारी रोड इलाके में वर्सोवा पुलिस स्टेशन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ये सभी लोग अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और पिछले कई वर्षों से मुंबई शहर में ठिकाना बनाए हुए थे। गिरफ्तार किए गए 25 लोगों में 21 ट्रांसजेंडर, 2 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि ये सभी लोग देर रात यारी रोड स्थित एक दरगाह में एकत्रित होने वाले हैं। सूचना के आधार पर वर्सोवा पुलिस की एंटी-टेरर सेल (एटीसी) टीम ने इलाके में छापा मारकर सभी को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में भारतीय और बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी बांग्लादेश से अवैध रूप से पहले कोलकाता पहुंचे थे। इसके बाद वे दिल्ली और गुजरात होते हुए मुंबई आए। मुंबई पहुंचने के बाद आरोपियों ने फर्जी तरीके से भारतीय पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज भी बनवा लिए थे। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन दस्तावेजों को तैयार कराने में किन लोगों की भूमिका रही और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। वर्सोवा पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उन्हें वापस बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, आगे की जांच जारी है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। इन लोगों से पूछताछ की जा रही है, जिससे शहर में और लोगों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अवैध रूप से रह रहे लोगों को खोजने के लिए टीम पहले ही बनाई गई थी, जो लगातार इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

पूर्ण शराबबंदी पर सरकार लेगी बड़ा फैसला

पूर्णिया. बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के बीच सदन की दहलीज पर शराबबंदी को लेकर जबरदस्त घमासान देखने को मिला. इस मुद्दे पर न केवल राजद और कांग्रेस जैसे विपक्षी दल हमलावर थे, बल्कि एनडीए के साथी दल रालोमो और लोजपा के सुर भी बदले-बदले नजर आए. जहां एक ओर विपक्ष ने इसे ‘कागजी शराबबंदी’ करार दिया, वहीं नीतीश सरकार के दिग्गज मंत्रियों ने मोर्चा संभालते हुए यह साफ कर दिया कि शराबबंदी केवल एक कानून नहीं, बल्कि जनता का अटूट जनादेश है. सदन से बाहर शराबबंदी पर सियासी संग्राम शराबबंदी से राज्य के राजस्व पर पड़ने वाले असर को लेकर जब सवाल उठे, तो संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि जब बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी, उसी समय सरकार ने संभावित राजस्व हानि का पूरा आकलन कर लिया था. इस फैसले के बाद राज्य में कई चुनाव हुए और हर बार जनता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीति पर भरोसा जताया.जब जनता लगातार जनादेश दे रही है तो समीक्षा की मांग राजनीतिक बयानबाजी से अधिक कुछ नहीं, क्योंकि लोकतंत्र में जनता का भरोसा ही सबसे बड़ी कसौटी होता है. शराबबंदी पर जारी बहस के बीच ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता आज शराबबंदी पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें शायद अपनी ही पार्टी के सिद्धांतों की जानकारी नहीं है. चौधरी ने तंज कसते हुए याद दिलाया कि कांग्रेस की सदस्यता लेने की मूल शर्तों में ही शराब न पीने का संकल्प शामिल रहा है. सर्वदलीय निर्णय पर सवाल क्यों राजनीतिक गलियारों में हलचल तब बढ़ गई जब एनडीए के घटक दल रालोमो के विधायक माधव आनंद ने खुले तौर पर शराबबंदी की समीक्षा की मांग कर दी. उन्होंने इसे जनहित का मामला बताते हुए कानून में लचीलापन लाने की वकालत की. इस पर जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि शराबबंदी कोई एक दल का फैसला नहीं था, बल्कि सर्वदलीय सहमति से लिया गया निर्णय था. पुलिस की साठगांठ और कागज पर पाबंदी के आरोप विपक्ष की ओर से एआइएमआइएम के विधायक तौसीफ आलम और कांग्रेस के मनोज विश्वास ने सरकार को जमकर घेरा. तौसीफ आलम ने तो यहां तक चुनौती दे डाली कि पुलिस की मिलीभगत से घर-घर शराब बिक रही है और वे खुद सरकार को इसकी जगह दिखा सकते हैं. सत्ता पक्ष इसे सामाजिक सुधार का प्रतीक बता रहा है, जबकि विपक्ष और कुछ सहयोगी दल इसके क्रियान्वयन और प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में साफ है कि बिहार में शराबबंदी अब केवल कानून नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक विमर्श बन चुकी है.