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IPS पूरन कुमार की बेटी को नौकरी देगी हरियाणा सरकार

पंचकूला. आत्महत्या करने वाले आइपीएस वाई पूरन कुमार के परिजनों को नौकरी नहीं देने का मामला विधानसभा में उठा। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने यह मामला उठाते हुए कहा कि जैसे आपने एएसआइ संदीप लाठर की पत्नी को नौकरी दी, वैसे ही वाई पूरन कुमार की बेटी को भी नौकरी देनी चाहिए। मुआवजा भी देना चाहिए। इस मुद्दे पर जब सदन में विवाद बढ़ा तो कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि सरकार की ओर से वाई पूरन कुमार की बेटी को नौकरी का ऑफर किया गया है। वह आवेदन करेंगी तो सरकार उन्हें नौकरी देने के लिए तैयार है। आठ पन्नों का लिखा था सुसाइड नोट बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में आइपीएस वाई पूरन कुमार ने सात अक्टूबर को अपने सेक्टर-11 स्थित निवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने मरने से पहले आठ पन्नों के फाइनल नोट में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और पूर्व एसपी रोहतक नरेंद्र बिजारणिया सहित कई अधिकारियों पर जातीय उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। आत्महत्या को लेकर एसआईटी गठित हरियाणा के वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया गया था। जिला अदालत से उनका लैपटॉप हासिल करने की मंजूरी मिल गई है, जिसके टीम को अहम सुराग हाथ लगे थे।

चंडीगढ़ जनगणना 2027 में 16 अप्रैल से होगी स्व-गणना

चंडीगढ़. चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश में भारत की जनगणना 2027 के तहत मकानों की सूची तैयार करने पर स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) के काम के लिए ऑफिशियल शेड्यूल नोटिफाई कर दिया है। प्रशासन की तरफ से जारी ऑर्डर के मुताबिक, शहर में सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्व-जनगणना) प्रोसेस 16 अप्रैल, 2026 से शुरू होगा, जबकि मकानों की सूची तैयार करने का काम मई महीने में पूरा हो जाएगा। यह फैसला गृह मंत्रालय के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना कमिश्नर ऑफिस की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के तहत लिया गया है। विवरण के मुताबिक, गृह मंत्रलाय की तरफ से  7 जनवरी, 2026 को जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, चंडीगढ़ प्रशासन ने इसे केंद्र शासित प्रदेश के असाधारण गजट में दोबारा पब्लिश किया है। इसके तहत स्व-गणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल, 2026 से 30 अप्रैल, 2026 तक चलेगी। इसके तुरंत बाद, पूरे केंद्र शासित प्रदेश में घरों की लिस्ट बनाने का काम 1 मई, 2026 से 30 मई, 2026 तक चलेगा। 

कोरिया में पीड़ित/सूचनाकर्ता के लिए प्रत्येक थाना एवं चौकी में दो कुर्सियां आरक्षित

कोरिया. जिला कोरिया पुलिस द्वारा जन-संवेदनशील पुलिसिंग को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे के निर्देशन में जिले के समस्त थाना एवं चौकियों में पीड़ितों एवं सूचनाकर्ताओं के लिए दो-दो कुर्सियां आरक्षित कर उपलब्ध कराई गई हैं। पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि थाना/चौकी में आने वाले प्रत्येक पीड़ित, फरियादी अथवा सूचना देने वाले नागरिक को सम्मानपूर्वक बैठाकर उनकी समस्या सुनी जाए। इसी उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय से सभी थाना एवं चौकी उपरोक्त सामग्री को उपलब्ध कराया गया है, जिसके फलस्वरूप जिले के समस्त थाना एवं पुलिस चौकियों में उक्त व्यवस्था कर ली गई है। इस पहल का उद्देश्य पुलिस एवं आमजन के मध्य विश्वास को सुदृढ़ करना तथा पीड़ितों के साथ संवेदनशील एवं गरिमामय व्यवहार सुनिश्चित करना है। जिला पुलिस यह मानती है कि प्रत्येक नागरिक सम्मान का अधिकारी है और उसकी समस्या को गंभीरता एवं सहानुभूति के साथ सुनना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिला कोरिया पुलिस आमजन से अपील करती है कि वे किसी भी प्रकार की सूचना अथवा शिकायत के लिए निःसंकोच अपने निकटतम थाना/चौकी से संपर्क करें। पुलिस आपकी सेवा एवं सुरक्षा हेतु सदैव तत्पर है।

सीएम योगी के जापान दौरे में मिले मेगा निवेश प्रस्ताव, जापान की कंपनियों ने यूपी में निवेश को दिखाई उत्सुकता

जापान दौरे के पहले दिन लगभग 11 हजार करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर सीएम योगी के जापान दौरे में मिले मेगा निवेश प्रस्ताव, जापान की कंपनियों ने यूपी में निवेश को दिखाई उत्सुकता कृषि और औद्योगिक मशीनरी क्षेत्र में वैश्विक कंपनियों की भागीदारी, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा हॉस्पिटैलिटी, रियल एस्टेट और औद्योगिक प्रिंटिंग सेक्टर में विस्तार जापान/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के पहले दिन औद्योगिक निवेश को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। विभिन्न जापानी कंपनियों के साथ लगभग 11 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। जिन कंपनियों के साथ करार हुआ है उनमें कुबोता कारपोरेशन, मिंडा कारपोरेशन, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, नागासे एंड कंपनी लिमिटेड, सीको एडवांस, ओएंडओ ग्रुप, फूजी जैपनीज जेवी और फूजीसिल्वरटेक कंक्रीट प्रा. लि. शामिल हैं। ये समझौते कृषि यंत्र निर्माण,  औद्योगिक मशीनरी निर्माण, जल और पर्यावरण अवसंरचना समाधान, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक प्रिंटिंग एवं ग्राफिक्स, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े हैं। इससे विनिर्माण क्षमता के विस्तार और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। कुबोता कारपोरेशन, वर्ष 1890 में स्थापित जापान की एक अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी है और जिसका मुख्यालय ओसाका में स्थित है। यह कृषि और औद्योगिक मशीनरी निर्माण में वैश्विक पहचान रखती है। कंपनी ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, इंजन और निर्माण उपकरण के साथ साथ जल और पर्यावरण अवसंरचना समाधान जैसे पाइप, पंप और ट्रीटमेंट सिस्टम के क्षेत्र में भी कार्यरत है। एस्कॉर्ट्स कुबोता लिमिटेड के साथ सहयोग के माध्यम से कंपनी भारत में अपने विनिर्माण विस्तार और फार्म मैकेनाइजेशन क्षेत्र में उपस्थिति को मजबूत कर रही है। मिंडा कारपोरेशन, जो स्पार्क मिंडा समूह का हिस्सा है, ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माण में अग्रणी भारतीय कंपनी है। यह मैक्ट्रॉनिक्स, वायरिंग हार्नेस, प्लास्टिक इंटीरियर, सेंसर और ईवी समाधान उपलब्ध कराती है। जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री जिसे जेएई के नाम से जाना जाता है, ऑटोमोटिव और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए एडवांस कनेक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेस समाधान में विशेषज्ञता रखती है। नागासे एंड कंपनी लिमिटेड, एक विविधीकृत जापानी ट्रेडिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी है जो केमिकल्स, एडवांस्ड मैटेरियल्स, मोबिलिटी सॉल्यूशंस और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सक्रिय है। इन कंपनियों के बीच सहयोग से ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। सीको एडवांस जापान मूल की कंपनी है जो उच्च प्रदर्शन स्क्रीन प्रिंटिंग इंक और कोटिंग सॉल्यूशंस के लिए जानी जाती है। इसके उत्पाद ऑटोमोटिव डीकल्स, इंडस्ट्रियल ग्राफिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स पैनल, ग्लास प्रिंटिंग और कंज्यूमर अप्लायंसेज में उपयोग होते हैं। कंपनी भारत में अपनी विनिर्माण इकाई के माध्यम से विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को आपूर्ति कर रही है। इसके अतिरिक्त ओ एंड ओ  ने हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश को लेकर समझौता किया। पहले दिन हुए इन समझौतों को भारत और जापान के बीच औद्योगिक सहयोग को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है।

धार मुस्लिम समाज ने भोजशाला सर्वे को हाईकोर्ट में चुनौती देने की ठानी, याचिका दायर करने की योजना

धार  भोजशाला को लेकर एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर धार के मुस्लिम समाज ने एतराज जताया है। उन्होंने इस रिपोर्ट को चुनौती देने के लिए अलग से एक याचिका दायर करने की तैयारी की है। उनका कहना है कि सर्वे के यह निष्कर्ष गलत हैं, जिनमें यह कहा गया है कि कमल मौला मस्जिद का निर्माण एक प्राचीन हिंदू मंदिर के अवशेषों का उपयोग करके किया गया था।  मुस्लिम पक्ष ने 1903 के ब्रिटिश काल के एक एएसआई सर्वेक्षण का हवाला भी दिया है, जिसमें इस स्थल को कमल मौला मस्जिद के रूप में दर्ज किया गया था और इसे एक संरक्षित स्मारक घोषित किया गया था। उन्होंने कहा कि यह एक मस्जिद थी, यह एक मस्जिद है और वहां नमाज जारी रहेगी। उनके अनुसार, मस्जिद का निर्माण निजामुद्दीन औलिया के खलीफा कमाल मौलाना द्वारा किया गया था, जो इस्लाम के प्रचार के लिए 1295 में धार आए थे और उन्हें मालवा शासक महमूद खिलजी द्वारा भूमि प्रदान की गई थी। उस भूमि पर मदरसे और मस्जिदें स्थापित की गई थीं। इसके लिए राजा भोज के महल के अवशेषों का इस्तेमाल किया गया, क्योंकि भारी सामग्री का परिवहन कठिन था, इसलिए निर्माताओं ने पास के राजा भोज के महल के पत्थरों का उपयोग किया। उनका दावा है कि राजा भोज का महल चालुक्य-सोलंकी राजवंश के शासकों ने तोड़ा था और उन्हीं पत्थरों का इस्तेमाल यहां हुआ है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर दावे, आपत्तियां व सुझाव देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। हिंदू संगठनों का दावा- सर्वे में मिले मंदिर होने के प्रमाण हिंदू संगठनों ने बताया कि एएसआई द्वारा कोर्ट में पेश की गई सर्वे रिपोर्ट की प्रति दोनों पक्षों को दे दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर दावा किया गया है कि परिसर में सर्वे के दौरान मिले स्तंभ, शिलालेख, मूर्तियां और अन्य अवशेष स्पष्ट रूप से हिंदू संस्कृति के प्रतीक हैं। संगठनों का कहना है कि जमीन के भीतर खुदाई में जो मूर्तियां और संरचनात्मक अवशेष मिले हैं, वे इस बात के ठोस प्रमाण हैं कि यहां प्राचीन काल में मंदिर स्थापित था। मुस्लिम पक्ष बोला- 1904 के सर्वे में तय हुआ था कि यह मस्जिद है दूसरी ओर, मुस्लिम समाज के सदर अब्दुल समद ने सर्वे रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि हम शुरू से ही इस सर्वे को लेकर ऑब्जेक्शन लेते आ रहे हैं। 1903 और 1904 में एएसआई के ही सर्वे में यह स्पष्ट रूप से तय किया गया था कि यह स्थान मस्जिद है और उसकी संरचना भी मस्जिद जैसी ही है। उन्होंने कहा कि अब नए सर्वे रिपोर्ट में कई तथ्य बदले हुए नजर आ रहे हैं। इन्हीं बदलावों को लेकर वे कोर्ट में 15 दिन के भीतर विधिवत अपनी आपत्तियां दर्ज कराएंगे। '2003 के बाद चीजें बदली गईं, रिपोर्ट में मस्जिद का भी जिक्र' सदर अब्दुल समद ने दावा किया कि 2003 के बाद से परिसर में कई चीजें बदली गई हैं, जिन्हें अब सर्वे के नाम पर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे शुरू से इसका विरोध करते आ रहे हैं और आगे भी करेंगे। समद ने यह भी दावा किया कि नई सर्वे रिपोर्ट में भी इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यह स्थान मस्जिद है। 16 मार्च को होगी मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को निर्धारित समय सीमा में अपने दावे, आपत्तियां और सुझाव पेश करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च 2026 को होगी। इस सुनवाई में सर्वे रिपोर्ट के प्रत्येक बिंदु पर विस्तृत बहस होने की संभावना है। भोजशाला मामले को लेकर धार सहित पूरे प्रदेश में चर्चाओं का दौर जारी है।

यीडा क्षेत्र में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को सीएम योगी ने बताया जापानी कंपनियों के लिए सुनहरा अवसर

सीएम योगी ने कोनोइके ट्रांसपोर्ट के साथ की अहम बैठक, यूपी में निवेश के लिए किया आमंत्रित लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश की संभावनाओं पर हुई गंभीर चर्चा यीडा क्षेत्र में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को सीएम योगी ने बताया जापानी कंपनियों के लिए सुनहरा अवसर जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हुआ जोरदार स्वागत टोक्यो/लखनऊ  उत्तर प्रदेश को ग्लोबल सप्लाई चेन और हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के पहले ही दिन बड़े निवेश संवाद की शुरुआत कर दी। मुख्यमंत्री ने शीगेकी तानाबे (Shigeki Tanabe), सीनियर मैनेजिंग एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं एग्जीक्यूटिव जनरल मैनेजर (सेल्स मैनेजमेंट डिवीजन/डोमेस्टिक बिजनेस प्रभारी), कोनोइके ट्रांसपोर्ट को. लिमिटेड (Konoike Transport Co. Ltd.) के साथ विस्तृत बैठक की। इस दौरान उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई। निवेशकों के लिए यूपी में असाधारण अवसर मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश का भौगोलिक व औद्योगिक परिदृश्य अब निवेशकों के लिए असाधारण अवसर प्रस्तुत कर रहा है। राज्य सीधे डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) नेटवर्क से जुड़ा है, जिससे माल ढुलाई की गति तेज और लागत प्रतिस्पर्धी बनती है। यह सुविधा निर्यातोन्मुख उद्योगों और ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़े निवेशकों के लिए बड़ा अवसर प्रदान करती है। यही नहीं, मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना जापानी कंपनियों के लिए अत्यंत अनुकूल इकोसिस्टम उपलब्ध कराती है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, नीतिगत समर्थन और सिंगल-विंडो क्लियरेंस की व्यवस्था के कारण यह क्षेत्र हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग के लिए आदर्श गंतव्य बन रहा है। उन्होंने भारत-जापान औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को न केवल भूमि और बुनियादी ढांचा देता है, बल्कि स्थिर नीति, कुशल मानव संसाधन और तेजी से निर्णय लेने वाली सरकार भी उपलब्ध कराता है। टोक्यो में सीएम योगी का भव्य स्वागत जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने पर मुख्यमंत्री का गरिमापूर्ण स्वागत किया गया। उनका स्वागत यामानाशी प्रांत के वाइस गवर्नर जुनिचि इशिदरा (Junichi Ishidera) ने किया। इस अवसर पर जापान में भारत की राजदूत नगमा एम मलिक तथा भारतीय समुदाय के सदस्य भी उपस्थित रहे। सीएम योगी की यह यात्रा उत्तर प्रदेश की बढ़ती वैश्विक भागीदारी और भारत-जापान के बीच गहराते रणनीतिक व आर्थिक संबंधों का प्रतीक मानी जा रही है। ‘उगते सूरज की धरती’ को ‘आदित्य’ का नमस्कार टोक्यो पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अनूठे अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने आधिकारिक हैंडल से लिखा, “अभी जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचा हूं। उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को प्रभु श्री राम की पावन धरा के ‘आदित्य’ का नमस्कार…।”

केसेट में तिरंगे की झलक, इजरायली मीडिया ने कहा – नमस्ते मोदी, ऐतिहासिक स्वागत तय

तेल अवीव पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद से यह बैरियर टूटा है और इजरायल से करीबी बढ़ी है। भारत-इजरायल के संबंधों में काफी करीबी आई है। बता दें कि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने नरेंद्र मोदी को अपना प्रिय मित्र बताया है। उन्होंने कहा कि हमने कैबिनेट में भी अपने दोस्त के इजरायल आने को लेकर चर्चा की है। पीएम नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर निकल गए हैं। वह दो दिन इजरायल रहेंगे और इस दौरान वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलेंगे। उनकी इस विजिट को लेकर इजरायल में काफी उत्साह देखा जा रहा है। वह इजरायल की संसद नेसेट (Knesset) को संबोधित करेंगे। ऐसा करने वाले वह भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे। इससे पहले 2017 में वह इजरायल गए थे और वह यहूदी मुल्क पहुंचने वाले भारत के पहले पीएम थे। अब संसद को संबोधित करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम होगा। इस बीच इजरायल में भी सरकार से लेकर मीडिया तक में उनकी मौजूदगी को लेकर उत्साह है। इजरायल के बड़े अखबार येरूशलम पोस्ट ने उनका खास अंदाज में स्वागत किया है। पीएम नरेंद्र मोदी को समर्पित करते हुए एक अलग पेज ही येरूशलम पोस्ट ने प्रकाशित किया और इसका शीर्षक दिया है- नमस्ते मोदी। अखबार के एडिटर इन चीफ विका क्लेन ने अखबार का पहला पेज सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इसमें नरेंद्र मोदी की तस्वीर दिख रही है। इसके अलावा पेज पर इजरायल और भारत के संबंधों से जुड़ी कई स्पेशल खबरें भी हैं। एक खबर का शीर्षक है, वेलकम मोदी। इसके अलावा एक अन्य हेडलाइन है- दिल्ली की येरूशलम से बढ़ती साझेदारी। अखबार ने मास्टहेड में नमस्ते हिंदी और हिब्रू दोनों भाषाओं में लिखा है। इसके साथ ही यह भी लिखा है कि दुनिया की दो प्राचीनतम सभ्यताएं अपने करीब आने का नया अध्याय लिख रही हैं। अखबार का पूरा पहला पेज ही भारत और इजरायल के रिश्तों को समर्पित है। इस बीच इजरायल की संसद को तिरंगे की रोशनी में रंग दिया गया है। इसकी भी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की गई हैं। नेसेट में पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान पीएम नेतन्याहू समेत पूरी कैबिनेट मौजूद रहेगी। इजरायल और भारत के रिश्ते बीते कुछ सालों में तेजी से बढ़े हैं। लेकिन अब संसद को संबोधित करने का मौका मिलना भारत के लिए बड़ी बात है। लंबे समय तक भारत ने फिलिस्तीन और इजरायल के विवाद में कोई स्पष्ट राय रखने से दूरी बनाई है। नेतन्याहू बोले- कैबिनेट में भी हुई पीएम मोदी के आने की चर्चा भारत की राय टू-स्टेट सॉलूशन के पक्ष में रही है, लेकिन इजरायल के बहुत करीब आने से देश बचता रहा है। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से यह बैरियर टूटा है। भारत और इजरायल के संबंधों में काफी करीबी आई है। बता दें कि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने नरेंद्र मोदी को अपना प्रिय मित्र बताया है। उन्होंने कहा कि हमने कैबिनेट में भी अपने दोस्त के इजरायल आने को लेकर चर्चा की है।  

जयमाला के वक्त दूल्हे के सामने दुल्हन पर गोली चलाने वाला सनकी आशिक, यूपी से आई बारात में मची अफरा-तफरी

बक्सर बक्सर के चौसा में खुशियों भरा शादी का माहौल उस वक्त मातम और दहशत में बदल गया, जब 'जयमाला' की रस्म के दौरान एक सिरफिरे आशिक ने दुल्हन को गोली मार दी. घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र का यह मामला है. यहां चौसा नगर पंचायत में एक शादी समारोह रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. दरअसल उत्तर प्रदेश के बलिया से आई बारात के बाद जब दूल्हा और दुल्हन स्टेज पर एक-दूसरे को वरमाला पहना चुके थे, तभी दुल्हन के प्रेमी ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी. गोली सीधे दुल्हन को लगी, जिसके बाद वह स्टेज पर ही गिर पड़ी. बारात यूपी के बलिया जिले से बक्सर के चौसा आई थी. द्वारपूजा के बाद जयमाला की रस्म शुरू हुई. दूल्हा और दुल्हन स्टेज पर खड़े थे, रिश्तेदार फोटो खिंचवा रहे थे और हंसी-खुशी का माहौल था. इसी बीच भीड़ में मौजूद प्रेमी अचानक करीब पहुंचा और पिस्टल निकालकर सीधे दुल्हन पर गोली चला दी. गोली चलते ही वहां भगदड़ मच गई. इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गया.  अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर गोली लगने के बाद खून से लथपथ दुल्हन को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और शादी की रस्में बीच में ही रुक गई हैं. वायरल वीडियो और पुलिस की कार्रवाई वारदात का एक वीडियो सामने आया है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे जयमाला के जश्न के बीच अचानक गोली चलती है और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगते हैं. मुफस्सिल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में मामला एकतरफा प्रेम का बताया जा रहा है. आरोपी युवक दुल्हन का परिचित बताया जा रहा है जो इस शादी से नाराज था.

अंबानी परिवार ने श्रीनाथजी के दर्शन कर मनाया कोकिलाबेन का जन्मदिन

जयपुर. पुष्टिमार्गीय वल्लभ सम्प्रदाय की प्रधान पीठ नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर मंडल की उपाध्यक्ष कोकिला बेन ने अपने जन्मदिन के अवसर पर पूरे परिवार के साथ श्रीजी प्रभु के दर्शन किए। पूरे परिवार ने युवाचार्य विशाल बावा से आशीर्वाद लिया। कोकिला बेन के 92वें जन्मदिन के अवसर पर पूरा अंबानी परिवार अपने ईष्ट प्रभु श्रीनाथजी के दर्शन करने पहुंचा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चैयरमेन मुकेश अंबानी, उनके भाई अनिल अंबानी, पुत्र आकाश अंबानी, बहु श्लोका अंबानी, पुत्र अनंत अंबानी, बहु राधिका अंबानी, अंशुल अंबानी, अनमोल अंबानी, नीना बेन कोठारी, दीप्ति सालगांवकर सहित पूरे अंबानी परिवार एवं धनराज नाथवानी ने श्रीजी प्रभु की संध्या आरती के दर्शन किए। दर्शन पश्चात युवाचार्य विशाल बावा ने अंबानी परिवार के सभी सदस्यों का फेंटा बांधकर, रजाई व ऊपरना ओढ़ाकर एवं प्रसाद प्रदान कर मंदिर की परंपरानुसार समाधान किया। सभी ने विशाल बावा का आशीर्वाद लिया। वल्लभ कुल की दीक्षिता बहू ने भी आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पूरे परिवार ने गोस्वामी तिलकायत इंद्रदमन (राकेश) महाराज और राजेश्वरी गोस्वामी से वीडियो कॉल पर आशीर्वाद लिया। तिलकायत ने कोकिला बेन को जन्मदिन पर आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। महाप्रभुजी की बैठक में 51 वेदपाठी ब्राह्मणों ने स्वस्ति वाचन एवं मंगलाचरण के पाठ किए। मोती महल चौक में भजन गायन कर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। अंबानी परिवार के दर्शन सहित सभी कार्यक्रमों के दौरान श्रीनाथजी मंदिर के अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, तिलकायत के मुख्य सलाहकार अंजन शाह, बोर्ड सदस्य समीर चौधरी, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, मंदिर मंडल के सीईओ जितेंद्र पांडेय, तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित, समाधानी उमंग मेहता, जमादार विट्ठल सनाढ्य, कैलाश पालीवाल, मोती महल निगरा गोपी वर्मा, सेवा विभाग सहित सेवादार मौजूद रहे।

The Bluff Review: प्रियंका के हॉलीवुड एक्शन ने देसी ‘एनिमल्स’ को किया पसीने-पसीने, देखें रिव्यू

मुंबई  देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा अमेजन प्राइम की फिल्म 'द ब्लफ़' में जिस अवतार में हैं, वो न जाने कितने मेल एक्टर्स का ड्रीम रोल है. फिल्म में प्रियंका कुछ को खंजर-तलवार से काट दे रही हैं. कुछ को जिंदा फूंक दे रही हैं. और कितनों को तो उन्होंने सीधा बम से उड़ा दिया है. हालांकि, एक-आध बार आप सोच सकते हैं कि उनका शिकार करने आए एक मीडियम साइज पाइरेट शिप में इतने ज्यादा आदमी फिट कैसे हुए! मगर ये सब बातें अभी साइड रखते हैं. जब प्रियंका इतनी भौकाली एक्शनबाजी के साथ अल्टिमेट पाइरेट अवतार में जलवाफरोश हों, तो कितने बंदे कट-पिट रहे हैं इससे क्या फर्क पड़ता है. आने दो. एक आइलैंड, एक पाइरेट और एक परिवार पाइरेट कैप्टन कॉनर (कार्ल अर्बन) ने आदतन समंदर में दिखी एक अनजान शिप पर कब्जा कर लिया है. जिसके कैप्टन टी एच बॉडेन (इस्माइल क्रूज कॉर्डोवा) के पास कॉनर को एक गोल्ड बिस्किट मिला है. सालों पहले कॉनर की पाइरेट गैंग से उसके एक साथी ने बगावत की थी और बक्सा भर सोना लेकर फरार हो गया था. बॉडेन के पास मिला बिस्किट उसी बक्से वाला है. सालों से अपना वो माल और उस गद्दार साथी को तलाश रहा कॉनर का अगला टारगेट अब वो आइलैंड है, जहां बॉडेन का घर है. घर में बॉडेन की बहन है, एक विकलांग बेटा है. इन्हें संभाल रही है बॉडेन की बीवी एरसेल (प्रियंका चोपड़ा). इन्हें उठाने गए कॉनर गैंग के पहले जत्थे को बहुत बुरी तरह 10 ही मिनट में पता चल जाता है कि एरसेल को सिर्फ एक हाउसवाइफ समझकर उन्होंने कितनी बड़ी गलती की है. गलतियां तो ठीक हो जाती हैं, पर उसके लिए आदमी जिंदा होना चाहिए. ईश्वर बेचारों की आत्मा को शांति दे. कॉनर की गैंग को जल्द ही पता चलने वाला है कि एरसेल कौन है, क्या कर सकती है और किस हद तक कर सकती है. उन पर होने वाली ये ज्ञानवर्षा स्टाइलिश, धारदार एक्शन और बिग स्क्रीन हीरोइज्म का शानदार शाहकार है. यहां 'ब्लफ़' भूगोल का शब्द है. समंदर की उफान मारती लहरों की काट-छांट से किनारे की जमीन में गुफानुमा खाली जगहें बन जाती हैं. बॉडेन के आइलैंड पर ऐसे ही एक 'ब्लफ़' में कॉनर गैंग का शिकार होना है. इसीलिए फिल्म का टाइटल है 'द ब्लफ़'. एक्शन का जलवा, राइटिंग का हलवा मार्वल की सुपरहीरो फिल्में और एक्शन थ्रिलर्स लेकर आने वाले रूसो बंधुओं के मामले में ये गारंटी रहती है कि एक्शन सांसें रोक देने वाला होगा. कॉनर के बंदों की एरसेल से पहली 'मीटिंग' का एक्शन सच में सांसें रोक देने वाला लगता है. दो वजहों से. एक तो आपको अनुमान नहीं है कि ऐसा होने वाला है और फाइट सीन्स का डिजाइन वाकई दमदार है. लेकिन जब आपको पता लग चुका है कि एरसेल क्या करने वाली है, तो आगे का सहारा यही बचता है कि एक्शन डिजाइन लगातार और धांसू होता जाए. 'द ब्लफ़' में ऐसा थोड़ा कम हुआ है. फ्रैंक ई फ्लावर्स ने प्रियंका की एक्शन स्टार इमेज को एक लेवल और ऊंचा तो किया है. प्रियंका ने ये जिम्मेदारी अपने मजबूत कंधों पर खूब संभाली भी है. मगर इस एक्शन हाइवे के दाएं-बाएं थोड़ी माहौलबाजी के लिए कोई खोखा-टपरी नहीं है. कॉनर से डरने की एक ही वजह है कि खुद प्रियंका का किरदार उससे घबराता है. इसके अलावा कॉनर के पीछे ऐसा कोई सबप्लॉट नहीं है, जो उसका जलवा बताता हो. वो तो कार्ल अर्बन खुद इतने स्टाइलिश स्वैग वाले एक्टर हैं कि अपने काम से आपका ध्यान बांधे रखते हैं. प्रियंका के रहस्यमयी किरदार की बैकस्टोरी भी थोड़ी और गहराई चाहती थी. कॉनर के सेकंड इन कमांड ली (टेमुएरा मॉरिसन) और एरसेल का इंटरेक्शन माहौल बना रहा था. इसे फिल्म थोड़ा और एक्सप्लोर करती तो मजा आ जाता. हॉलीवुड में लंबे समय से कोई पाइरेट फिल्म नहीं बनी है. 'द ब्लफ़' ये कमी स्टाइलिश तरीके से पूरी तो करती है, पर एक बेहतरीन पाइरेट फिल्म बनने से कुछ मीटर पीछे रह जाती है. कुल मिलाकर 'द ब्लफ़' बहुत जल्दी तय कर लेती है कि उसे प्रियंका और कार्ल के फेस-ऑफ पर ही रहना है. उसे प्रियंका के किरदार का करंट खतरनाक अंदाज ही दिखाना है, पास्ट स्ट्रगल्स पर ज्यादा ध्यान नहीं देना. इसलिए कई किरदारों और बैकस्टोरीज को अधपका छोड़ दिया गया है, जिससे आधी फिल्म 'ये होता तो मजा आ जाता' अंदाज में देखनी पड़ती है. लेकिन ये कमी प्रियंका से इस बात का जरा भी क्रेडिट नहीं छीन सकती कि वो एक अल्टिमेट एक्शन स्टार हैं. और उनका ब्लडी पाइरेट अवतार 'द ब्लफ़' देख डालने की पर्याप्त वजह है.