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हृदयघात से बेहोश व्यक्ति को डायल-112 जवानों ने समय पर सीपीआर देकर बचाया

भोपाल  डायल-112 आपात स्थितियों में केवल त्वरित पहुँच ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षित मानवीय हस्तक्षेप के माध्यम से वन रक्षा का भरोसेमंद माध्यम है। देवास जिले में डायल-112 जवानों ने समय पर सीपीआर देकर हृदयघात से पीड़ित व्यक्ति की जान बचाकर अपनी दक्षता और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। दिनांक 24 फरवरी 2026 को देवासजिले के थाना टोकखुर्द अंतर्गत ग्राम कलमा स्थित शर्मा  पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति के अचानक हृदयघात का दौरा पड़ने से बेहोश हो जाने की सूचनाडायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूमभोपालको प्राप्त हुई। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना टोकखुर्द क्षेत्र में तैनात नजदीकी डायल-112 को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 एफआरवी में तैनातप्रधान आरक्षक  राकेश डामोरएवंपायलट  यशवंत पटेलने पाया कि व्यक्ति बेहोशी की अवस्था में है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाएसीपीआरदेना प्रारंभ किया। कुछ मिनटों की निरंतर और सटीक प्रक्रिया के पश्चात पीड़ित को होश आया। इसके पश्चात डायल-112 जवानों द्वारा चिकित्सा वाहन की सहायता से पीड़ित व्यक्ति को उपचार हेतुजिला अस्पताल देवासपहुँचाया। डायल-112 टीम की तत्परता, नियमित प्रशिक्षण और व्यावसायिक दक्षता के कारण यह वन रक्षक सहायता समय पर संभव हो सकी। पीड़ित के परिजनों ने डायल-112 सेवा की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस स्टाफ का आभार व्यक्त किया। डायल-112 हीरोज द्वारा प्रदर्शित यह साहसिक एवं मानवीय कार्य पुलिस के “जन-सेवा, जन-सुरक्षा” के संकल्प को सुदृढ़ करता है।  

शिवराज सिंह चौहान बोले—किसानों के हित सर्वोपरि, समझौता किसी कीमत पर नहीं

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में केंद्र सरकार की ओर से किए गए कार्यों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज की तारीख में कृषि क्षेत्र में हालात सुधरे हैं। वहीं शेष विसंगतियों को दूर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही ना बरती जाए। उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली का ही नतीजा है कि आज हम चावल के उत्पादन में शीर्ष स्थान पर आ चुके हैं। गेहूं के उत्पादन की मात्रा में भी इजाफा देखने को मिला है। खाद्यान्न का 33 फीसद हिस्सा बढ़ा है और हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में हम इसी दिशा में काम करते रहेंगे। हमने इस संबंध में पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। हम उसी के अनुरूप अभी काम कर रहे हैं।  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम इस चीज को लेकर भी चिंतित हैं कि भारत पूरी दुनिया का फूड बास्केट बन जाए। हम इस पर भी काम कर रहे हैं कि उच्च गुणवत्ता वाले फल और सब्जियों का उत्पादन कैसे कर सकते हैं। हम इस पूरी प्रक्रिया के सरलीकरण की दिशा में भी काम कर रहे हैं। हमारी सरकार की यही कोशिश है कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े। हमारी सरकार की हमेशा से यही कोशिश रही है कि किसानों के हितों पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात न हो। किसान हमारे देश की धुरी हैं। ऐसे में हम उनके हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने भारत विस्तार प्लेटफॉर्म के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत विस्तार एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसका संबंध किसानों के लिए सरकार द्वारा दी गईं सुविधाओं से है। अब किसानों को कहीं पर भी जाना नहीं होगा। इस प्लेटफॉर्म पर किसानों की समस्याओं से संबंधित हर प्रकार का समाधान मौजूद है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए हम यही कोशिश कर रहे हैं कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि भारत विस्तार प्लेटफॉर्म का यूज करने के लिए आपके पास किसी भी प्रकार का आईटी जैसा ज्ञान होने की आवश्यकता नहीं है। आप इस प्लेटफॉर्म पर कृषि से संबंधित किसी भी प्रकार का सवाल करेंगे, तो आपको उसका जवाब मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हम भारत विस्तार प्लेटफॉर्म को विभिन्न भाषाओं में लॉन्च करेंगे। इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को उन्हें हर प्रकार की समस्याओं का समाधान विभिन्न प्रकार की भाषाओं में प्राप्त हो जाएगा। इस दिशा में उन्हें किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना होगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विज्ञान मेले को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस मेले के जरिए हम किसानों को विभिन्न प्रकार की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। इस मेले में कई लोग शामिल होंगे। ऐसे में यह मेला हमारे लिए काफी अहम हो जाता है। हमारी कोशिश है कि इस मेले के आयोजन में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि इस मेले के जरिए हम कृषि क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनों के बारे में किसानों को विस्तार से बता रहे हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जब किसानों को इस बारे में पूरी जानकारी दी जाए, तो उन्हें कल को खेतीबाड़ी करते समय किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े।

प्रदेश की दीदियों के बनाए उत्पाद अब अमेजन सहेली, इंडिया पोस्ट और अन्य ई-प्लेटफार्म पर होंगे उपलब्ध

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आजीविका मिशन से जुड़ी दीदियाँ एकता की शक्ति का सजीव उदाहरण है। बहनों द्वारा एकजुटता से किए जा रहे प्रयास 'बंद मुट्ठी लाख की' के भाव को चरितार्थ करते हुए देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। बहनें आज ट्रैक्टर से लेकर ड्रोन तक चलाने के साथ गैस और पेट्रोल रिफिलिंग जैसे कार्य भी कर रही हैं। कैफे संचालन से लेकर मार्केट का टारगेट पूरा करने में अव्वल बहनें अचार, पापड़ निर्माण सहित कई छोटे उद्योगों से बेहतर कमाई कर रही हैं। भारतीय संस्कृति में मातृ सत्ता का विशेष महत्व है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश की बहनें सशक्त हो रही हैं। प्रदेश के 5 लाख स्व-सहायता समूहों से 65 लाख से अधिक दीदियां जुड़कर सशक्त हुई हैं। इनमें से 12 लाख से अधिक दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। राज्य सरकार प्रदेश की बहनों के सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूहों ने एक वर्ष में विभिन्न कंपनी और मेलों के माध्यम से 310 करोड़ रुपए का व्यापार किया है। मध्यप्रदेश, देश का सर्वाधिक प्राकृतिक खेती वाला राज्य है। हमारे स्व-सहायता समूहों की 50 हजार बहनें प्राकृतिक खेती में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में महिला बाल विकास विभाग में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। साथ ही बजट का कुल 34 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण विकास पर खर्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में स्वसहायता समूहों की आजीविका मिशन क्षमतावर्धन कार्यशाला का शुभारंभ कर कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, कौशल विकास मंत्री  गौतम टेटवाल और पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री मती राधा सिंह उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न जिलों के स्व सहायता समूहों की दीदियों द्वारा लगाए गए विभिन्न उत्पादों के स्टालों का अवलोकन कर दीदियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी स्थल पर ग्राम छावनी पठार के मिलेट्स कैफे पर स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के 7 वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की दीदीयों द्वारा तैयार स्पेशल होली हैम्पर को लाँच किया गया। इसमें प्राकृतिक रंग, देशी घी, मिष्ठान, गोकाष्ठ, पूजन सामग्री और टीशर्ट जैसे 10 उत्पाद शामिल हैं। उज्जैन, सागर, कटनी, सीहोर, रीवा जिले की दीदीयों द्वारा तैयार होली हैम्पर पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र (सीएमटीसी) का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण केन्द्र पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आजीविका मार्ट ग्वालियर, जबलपुर एयरपोर्ट पर स्व-सहायता समूहों के रिटेल आउटलेट और संभागीय एवं जिला स्तर पर होली मेलों का वर्चुअली शुभारंभ किया। कार्यशाला में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ (एमपीएसआरएलएम) इंडिया पोस्ट, अमेजन सहेली, एक्सेस डेवलपमेंट सर्विस, बुद्धा इंस्टीट्यूट, टीआरआईएफ और साइटसेवर संस्थान के साथ एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य करने वालीं स्व-सहायता समूहों की 5 दीदियों को सम्मानित किया। कार्यशाला में विपणन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली गुना जिले की मती मीनाक्षी फरागते ने अपनी सफलता की कहानी सभी के साथ साझा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला उद्यमिता के इतिहास का आज स्वर्णिम दिन है। पारिवारिक स्तर पर मां-बेटियों-बहनों के हाथों से बने व्यंजन पूरे परिवार में आनंद का संचार करते हैं और यह व्यंजन ही त्यौहार की प्रसन्नता का आधार बनते हैं। आजीविका मिशन द्वारा हमारी बहनों के हाथों से बनी सामग्री को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल सराहनीय है। भारतीय संस्कृति में ऋतुओं से व्यंजनों तथा अन्य उपयोगी सामग्री बनाने का विशेष संबंध है। क्षमतावर्धन की आज की कार्यशाला हमारी बहनों के हुनर और कर्मठता को नई दिशा प्रदान करेगी। घर से निकलकर बैंकों और शासन के सहयोग से स्वयं को व्यापारिक गतिविधियों में सफलतापूर्वक स्थापित करने की बहनों की पहल ने ग्राम स्तर पर विकास को नई गति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार बहनों को प्रशिक्षण के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रही है। बहनें अपने समूह की शक्ति को बढ़ाएं और नई मंजिलें प्राप्त करें, राज्य सरकार सदैव उनके साथ है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  पटेल ने कहा कि स्वसहायता समूहों की दीदियों ने सफलता का मुकाम हासिल किया है। हमारी मातृ शक्ति अपनी क्षमता के बल पर आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश के विकास में दीदियों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में बहनों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। मंत्री  पटेल ने कहा कि स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर महिलाओं की सफलता केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके प्रमाण आँकड़ों और जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बहनों से बदलती तकनीक के साथ स्वयं को अपडेट रखते हुए आगे बढ़ने का आव्हान किया। मंत्री  पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश भौगोलिक रूप से देश के बीच में स्थित है, देश का अधिकांश आवागमन मध्यप्रदेश से होता है, इस स्थिति का लाभ उठाते हुए हमें अपने व्यापार-व्यवसाय को बढ़ाने के हरसंभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने आजीविका मिशन के डाक विभाग के साथ हुए एमओयू के संबंध में कहा कि इससे समूहों के उत्पादकों की सप्लाई चेन मजबूत होगी। मंत्री  पटेल होली के अवसर पर नशा और अकर्मण्यता की बुराई को जलाने का सभी से आहवान किया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन मती हर्षिका सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला विभिन्न जिलों के स्व-सहायता समूहों की दीदियों को उत्पादन और मार्केटिंग में सहायता व मार्गदर्शन प्रदान करेगी। इस कार्यशाला से प्रदेश के विभिन्न जिलों से समूहों को अपने उत्पाद राजधानी भोपाल में प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ है। आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना में प्रदेश के 6 जिले- बैतूल, विदिशा, राजगढ़, कटनी, ग्वालियर एवं भोपाल से 7 एजीईवाय गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई गई … Read more

इस्राइल के साथ खड़ा भारत: संसद में पीएम मोदी ने कहा—हमास हमले के बाद आपका दर्द हमारा भी है

तेल अवीव पीएम मोदी ने इजरायल को फादर लैंड और  इंडिया को मदरलैंड बताया और कहा कि हमें इस पर गर्व है. उन्होंने कहा कि विश्व युद्ध के दौरान हजारों भारतीयों ने इस इलाके में अपनी जान कुर्बान की थी. उन्होंने मेजर ठाकुर दलपत सिंह को हीरो ऑफ हाइफा बताया. भारत इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा हैः पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि भारत इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है.  उन्होंने कहा कि कोई भी चीज आतंकवाद को जस्टिफाई नहीं कर सकती. भारत भी आतंकवाद का लंबे समय से पीड़ित रहा है. मुंबई हमलों को याद करते हुए कहा कि इस हमले में इजरायली नागरिक समेत बहुत से लोग मारे गए थे.  इसी के बाद हमने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. इजरायल की मान्यता और मेरे जन्मदिन का अनोखा नाताः पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि इजरायली संसद नेसेट को भारतीय रंगों में रंगा गया है, ये हमारे बीच गहरे संबंधों का प्रतीक है. पिछली बार जब मैं आया था, तब ऐसा करने वाला भारत का पहला प्रधानमंत्री बना था. अब मैं दूसरी बार आया हूं. उन्होंने बताया कि मेरा जन्म उसी दिन हुआ, जिस दिन भारत ने इजरायल को मान्यता दी थी.   इजरायली संसद में आना मेरे लिए सम्मान की बातः पीएम मोदी पीएम मोदी ने नमस्ते से शुरूआत करते हुए कहा कि यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मैं इस प्रतिष्ठित सदन में खड़ा हूं. भारत के प्रधानमंत्री के रूप में, दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता के प्रतिनिधि के रूप में, मैं 1.4 अरब लोगों की शुभकामनाएं और संदेश लेकर यहां आया हूं. मोदी-मोदी के नारों के बीच पीएम मोदी का संबोधन शुरू इजरायली संसद को मोदी-मोदी के नारों के बीच पीएम मोदी ने अपना संबोधन शुरू किया. पीएम मोदी और मैंने कई चमत्कार किए हैं, बोले नेतन्याहू इजरायली पीएम नेतन्याहू ने भूमध्यसागर के तट पर पीएम मोदी के साथ पिछली यात्रा को याद करते हुए कहा कि भारत और इजरायल ने मिलकर कई चमत्कार जरूर किए हैं. 'भारतीय सैनिकों ने इजरायल के लिए अपनी जान दी, नहीं भूलेंगे ' इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने इजरायल के लिए अपनी जान दी है. इसे हम कभी नहीं भूलेंगे.   नेतन्याहू ने कहा, मोदी का गले लगाना दुनिया में मशहूर नेतन्याहू ने कहा कि पीएम मोदी के गले लगाने की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि 'मोदी हग' की वजह ने भारत और इजरायल के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है. नेतन्याहू ने कहा कि हम दोनों के बीच व्यक्तिगत दोस्ती है. दोनों देशों और हमारे लोगों के बीच भी शानदार दोस्ती रही है. आज सुबह मेरी पत्नी सारा और मैंने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया. जैसे ही आप सीढ़ियों से नीचे आए, हमने एक-दूसरे को गले लगा लिया. प्रधानमंत्री मोदी का गले लगना कुछ खास है. इसे मोदी हग कहा जाता है. यह दुनिया भर में मशहूर है, और जब आप किसी को करीब से सच में गले लगाते हैं, तो आप जानते हैं कि यह कोई दिखावा नहीं है, यह असल है. नेतन्याहू ने पीएम मोदी को बताया अपना भाई नेतन्याहू ने पीएम मोदी के लिए कहा कि वह मेरे लिए मित्र से बढ़कर हैं, मेरे भाई की तरह हैं. नेतन्याहू ने पीएम मोदी को कहा- माई डियर फ्रेंड इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अपने संबोधन में पीएम मोदी को माई डियर फ्रेंड कहकर संबोधित किया.  उन्होंने पीएम को ग्रेट लीडर कहकर संबोधित किया. पीएम मोदी को इजरायली संसद में मिला स्टैंडिंग ओवेशन इजरायली संसद में पीएम मोदी का सभी ने खड़े होकर स्वागत किया. मोदी-मोदी के नारों के बीच जय हिंद भी गूंजा. मोदी-मोदी के नारों के बीच इजरायली संसद में गूंजा- जय हिंद इजरायल की संसद में मोदी-मोदी के नारों के बीच प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया. इजरायली स्पीकर ने कहा कि पीएम मोदी लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने डिजिटल इनोवेशन की नींव रखी और लाखों लोगों की जिंदगी की नई दिशा. जय हिंद और भारत जिंदाबाद के नारों के बीच कहा कि पीएम मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जो इजरायली संसद नेसेट को संबोधन करने वाले हैं. तेल अवीव के होटल में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत पीएम मोदी का तेल अवीव के होटल पहुंचने पर रंगारंग स्वागत किया गया. इजरायली और भारतवंशी कलाकारों ने देसी अंदाज में नृत्य-संगीत से समां बांध दिया. भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने उनका जोरदार स्वागत किया.

भोपाल में 28 फरवरी को होगा राज्य स्तरीय विज्ञान महोत्सव

भोपाल मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकास्ट) द्वारा 28 फरवरी को ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के अवसर पर प्रदेश में विज्ञान जागरूकता एवं नवाचार आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम ‘वीमेन इन साइंस: कैटेलाइजिंग विकसित भारत’ है, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं की सशक्त भूमिका और विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय सहभागिता को रेखांकित करती है। थीम के अनुरूप आयोजनों में विज्ञान एवं अनुसंधान में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, महिला वैज्ञानिकों की उपलब्धियों को सम्मानित करने और छात्राओं को विज्ञान के क्षेत्र में करियर के लिए प्रेरित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 का राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम 28 फरवरी को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित होगा। कार्यक्रम में महिला वैज्ञानिकों एवं नवाचारकर्ताओं के विचार-विमर्श, विशेषज्ञ व्याख्यान, आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी द्वारा ‘स्टेम शो’ और 41वें युवा वैज्ञानिक सम्मेलन के विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया जाएगा। आयोजन में लगभग 1500 विद्यार्थी एवं शिक्षक प्रत्यक्ष रूप से सहभागी होंगे। साथ ही प्रदेश के विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, स्वैच्छिक संगठनों और अनुसंधान संस्थानों से विद्यार्थी, शिक्षक, वैज्ञानिक एवं विज्ञान संचारक कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़ेंगे। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर प्रदेश के 45 जिलों में लगभग 260 शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें विज्ञान मॉडल प्रदर्शनियां, प्रेरक व्याख्यान, विज्ञान जागरूकता गतिविधियां, विद्यार्थी-उन्मुख कार्यक्रम, नवाचार आधारित प्रतियोगिताएं, विज्ञान फिल्म प्रदर्शन, भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान पर संवाद तथा विद्यार्थी–वैज्ञानिक संवाद शामिल होंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य समाज में वैज्ञानिक चेतना और तार्किक सोच को प्रोत्साहित करना है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रतिवर्ष 28 फरवरी को महान भारतीय वैज्ञानिक सर सी.वी. रमन द्वारा वर्ष 1928 में ‘रमन प्रभाव’ की खोज की स्मृति में मनाया जाता है। इस खोज के लिए उन्हें वर्ष 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्ष 1986 में भारत सरकार ने 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस घोषित किया। इस दिवस का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को विज्ञान के प्रति प्रेरित करना, वैज्ञानिक उपलब्धियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना है। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित यह पहल प्रदेश में वैज्ञानिक सोच, नवाचार संस्कृति एवं लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। परिषद का लक्ष्य महान वैज्ञानिक सी.वी. रमन की विरासत से प्रेरणा लेते हुए “विकसित भारत” के निर्माण में विज्ञान तथा विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।  

जिमखाना चुनावों की तारीख तय होगी 14 मार्च को? AGM बैठक पर टिकी नजरें

जालंधर जालंधर जिमखाना क्लब की वार्षिक सामान्य सभा (AGM) इस बार 14 मार्च को आयोजित होने जा रही है, और इसे क्लब की प्रमुख घटनाओं में से एक माना जा रहा है। AGM में लंबे समय से प्रतीक्षित क्लब चुनावों की तारीख की घोषणा की जाएगी। अनुमान है कि मतदान अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक हो सकते हैं, क्योंकि नियम के अनुसार चुनाव AGM के 45 दिनों के भीतर करवाए जाने जरूरी हैं। क्लब के परिसर में हाल ही में आयोजित प्रबंधन बैठक में वरिष्ठ पदाधिकारी और डिविजनल कमिश्नर मौजूद थे, जहां AGM की तारीख तय की गई। क्लब में वर्तमान में लगभग 4,320 सदस्य हैं, जिनकी संख्या अधिकतम 4,400 तक सीमित है। शहर के प्रतिष्ठित परिवार और उच्च अधिकारियों के जुड़ाव के कारण जिमखाना क्लब के चुनाव हमेशा से ही विशेष ध्यान का केंद्र रहे हैं। इस बार भी सभी की नजरें 14 मार्च पर टिकी हुई हैं।

आरडीएसएस अंतर्गत मालवा निमाड़ का 87वां ग्रिड बुरहानपुर शहर में ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  शासन की महत्वपूर्ण रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्य़ूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) में मालवा निमाड़ निमाड़ में नए 33/11 केवी ग्रिड श्रृंखलाबद्ध रूप से बनाए जा रहे हैं। आरडीएसएस अंतर्गत मालवा निमाड़ का 87वां सब स्टेशन बुरहानपुर शहर के मंडी क्षेत्र में ऊर्जीकृत किया गया। ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि इस नये ग्रिड से बुरहानपुर मध्य शहर के हजारों उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा गुणवत्ता से बिजली मिलेगी। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक  अनूप कुमार सिंह ने बताया कि निमाड़ का 26वां और पश्चिम क्षेत्र कंपनी का यह 87वां ग्रिड बुरहानपुर के मध्य शहरी क्षेत्र में 2.18 करोड़ रूपए से निर्मित हुआ है। इसकी क्षमता 5 एमवीए है। इससे मध्य शहरी क्षेत्र को ज्यादा गुणवत्ता से बिजली मिलेगी। निमाड़ में सबसे ज्यादा ग्रिड बुरहानपुर, खंडवा में 8, 8, खरगोन में 6, बड़वानी में 4 तैयार किए गए हैं। वहीं इंदौर शहर व ग्रामीण वृत्त में कुल 13, उज्जैन जिले में 12 ग्रिड तैयार किए गए हैं। शेष ग्रिड अन्य जिलों में तैयार किए गए हैं। कंपनी क्षेत्र में अब तक आरडीएसएस के 87 ग्रिड ऊर्जीकृत होकर विद्युत प्रदाय कर रहे हैं। आरडीएसएस के इन ऊर्जीकृत ग्रिडों से पश्चिम मप्र की वितरण क्षमता में 435 एमवीए की और वृद्धि हो चुकी है। कंपनी क्षेत्र में कुछ जिलों में ग्रिडों के कार्य अभी भी प्रगतिरत हैं।  

मेगा बजट का खाका तैयार, पोषाहार राशि बढ़ी; कैबिनेट ने लिए कई बड़े निर्णय

देहरादून  वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश सरकार के बजट का आकार 1.10 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार वार्षिक बजट में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना है। कैबिनेट में चर्चा के बाद बजट के आकार में संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने की मंजूरी दी गई। इसके अलावा गर्भवती, धात्री महिलाओं व आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह वर्ष के बच्चों की सेहत में सुधार के लिए पोषाहार में नई सामग्री शामिल करने का निर्णय लिया गया।  सचिवालय में बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 28 प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। प्रदेश में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने और बागवानों को उन्नत प्रजाति के पौध देने के लिए सेब नर्सरी विकास योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना में 10 एकड़ तक नर्सरी लगाने पर 50 प्रतिशत और 10 एकड़ से ऊपर पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा शहद उत्पादन के लिए मौन पालन नीति को मंजूरी दी गई। इस नीति के किसानों को मौनपालन बॉक्स पर 80 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। हल्द्वानी में स्थापित होगी जीएसटी अपीलीय अधिकरण की राज्य पीठ जीएसटी में टैक्स वादों का शीघ्र निपटारा करने के लिए देहरादून में जीएसटी अपीलीय अधिकरण संचालित है। इसी तर्ज पर हल्द्वानी में एक अतिरिक्त राज्य पीठ स्थापित होगी। इसके अलावा कैबिनेट ने प्रदेश में दुष्कर्म और पोक्सो अधिनियम के लंबित अपराधों के शीघ्र निपटारे और सुनवाई के लिए देहरादून जिले के विकासनगर, ऊधमसिंहनगर के काशीपुर और नैनीताल जिला मुख्यालय में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना व पद सृजित करने की मंजूरी दी है। शहरों को मिलेगा भरपूर पानी राज्य में नवीन पेयजल योजनाओं के नियोजन, क्रियान्वयन, निर्माण, संचालन, रखरखाव, अनुश्रवण तथा पूर्व निर्मित योजनाओं की संचालन दक्षता में वृद्धि के लिए वाह्य सहायतित परियोजना के तहत विश्व बैंक की सहायता से 1600 करोड़ की लागत से 10 शहरों में भरपूर पानी मिलेगा। इस योजना राज्य सरकार का अंशदान 320 करोड़ रहेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। ये महत्वपूर्ण फैसले – उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) के ढांचे में 14 नए पद सृजित करने को मंजूरी। – राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में संचालित मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना में 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को शामिल करने का निर्णय। – उच्च शिक्षण संस्थानों में स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड ई-पुस्तकालय योजना संचालित होगी। योजना में बीए, बीएससी, बीकॉम के लिए 100 रुपये, बीएड व लॉ के लिए 250, इंजीनियरिंग, मेडिकल, एग्रीकल्चर छात्रों के लिए 500 रुपये शुल्क देय होगा। – उत्तराखंड वन विभाग सर्वेक्षक सेवा नियमावली को मंजूरी। – शहरी विकास विभाग के तहत 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंताओं को संविदा के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। – विद्यालयी शिक्षा विभाग में तदर्थ, अनुबंध,संविदा, आउटसोर्स के आधार पर कार्यरत चार विशेष शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक विशेष शिक्षा के पदों के सापेक्ष नियमित नियुक्ति देने का निर्णय। – उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का चौबीसवां वार्षिक प्रतिवेदन विधानसभा सदन के पटल पर रखने की मंजूरी। – उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक विधानसभा सदन में रखने की मंजूरी। – सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो को औद्योगिक विकास से स्थानांरित कर वित्त विभाग के तहत गठित किया जाएगा। – उत्तराखंड राज्य में उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग नीति को मंजूरी। – उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह क व ख कार्मिकों की सेवा विनियमावली को मंजूरी। – उत्तराखंड चकबंदी अधिष्ठान में बंदोबस्त अधिकारी के निःसंवर्गीय पद के सृजित करने का निर्णय। – उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) (संशोधन) विधेयक, 2026 को पटल पर रखने की मंजूरी। – समान नागरिक संहिता उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा सत्र में पटल रखा जाएगा। – उत्तराखंड स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट, मोबाइल स्टोन क्रशर, मोबाइल स्क्रीनिंग प्लांट, पल्वराइजर प्लांट, हॉट मिक्स प्लांट, रेडिमिक्स प्लांट अनुज्ञा (तृतीय संशोधन) नीति 2024 में हॉट मिक्स प्लांट लगाने के लिए दूरी के मानकों में संशोधन को मंजूरी। – उत्तराखंड राज्य की वित्तीय स्थिति के दृष्टिगत किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत राज्य स्तरीय चयन समिति के अध्यक्ष को पांच हजार रुपये प्रति बैठक एवं गैर सरकारी संगठनों से नामित दो सदस्यों को तीन हजार रुपये प्रति बैठक मानदेय दिया जाएगा। – कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग में लिपिक व मिनिस्ट्रीयल संवर्ग ढांचे के पुर्नगठन को मंजूरी। – उच्च न्यायालय उत्तराखंड में एक व जिला न्यायालयों के लिए 13 न्यायालय प्रबंधकों के नए पद सृजित किए जाएंगे। – विश्व बैंक के सहयोग से सेवा वितरण में सुधार के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए स्टीयरिंग कमेटी व प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का गठन व पदों के सृजन को मंजूरी। – उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक- 2026 विधानसभा सदन में पटल रखने को मंजूरी। 

10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को रोजगार का प्रशिक्षण दिलाने का लक्ष्य

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ उद्योग आधारित व्यावहारिक शिक्षा प्राप्त हो और रोजगारपरक कौशल में वृद्धि हो, इस उद्देश्य से बुधवार को अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) को बढ़ावा देने के लिए अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा की उपस्थिति में 85 महाविद्यालयों, 5 शासकीय एवं 3 निजी विश्वविद्यालयों ने क्रिस्प, नई दिल्ली (CRISP) के सहयोग से बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (BOAT-पश्चिमी क्षेत्र, मुम्‍बई) के साथ एमओयू किया। महाविद्यालय, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों और बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (BOAT- पश्चिमी क्षेत्र) के पदाधिकारियों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। राज्य स्तरीय समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह का आयोजन सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में भोपाल में हुआ। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने कहा कि वर्ष 2024–25 में एईडीपी (Apprenticeship Embedded Degree Program) प्रारंभ किया गया था। विभाग का प्रयास है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में, शिक्षा को रोजगारमूलक बनाया जाए तथा विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ, उद्योग जगत की आवश्यकता अनुरूप रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।  राजन ने कहा कि वर्तमान में आईआईटी दिल्ली के सहयोग से AI, FinTech with AI एवं एईडीपी पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। आज की आवश्यकता के अनुरूप विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग, स्वयं पोर्टल सहित विभिन्न डिजिटल माध्यमों के जरिए निरंतर आगे बढ़ रहा है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।  राजन ने कहा कि एईडीपी पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप की सुविधा मिलेगी। साथ ही अप्रेंटिसशिप अवधि के दौरान प्रतिमाह स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एईडीपी कोर्स के क्रियान्वयन में निजी शैक्षणिक संस्थान भी आगे आ रहे हैं। विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में विभाग लगातार कर रहा प्रयास आयुक्त,उच्च शिक्षा  प्रबल सिपाहा ने कहा कि विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों में रोजगार निमित्त कौशल बढ़ेगा और उन्हें करियर के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। सेवानिवृत्त आईएएस एवं संस्थापक सदस्य, सेंटर फॉर रिसर्च इन स्कीम्स एंड पॉलिसीज (Centre for Research in Schemes and Policies)  राधेश्याम जुलानिया ने क्रिस्प (CRISP) द्वारा किए जा रहे कार्यों के संबंध में महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को विस्तार से जानकारी दी। एमओयू का उद्देश्य एमओयू कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप से जोड़ना है। इसके अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में AEDP लागू करने वाले संस्थानों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को उद्योग आधारित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनका रोजगार निमित्त कौशल निखरेगा। साथ ही अकादमिक शिक्षा को कौशल एवं उद्योग आवश्यकताओं से जोड़कर युवाओं को भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए सक्षम और तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को BOAT के अधिकारियों द्वारा नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) पोर्टल की कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया। समझौता हस्ताक्षर कार्यक्रम में डॉ. पी.एन. जुमले (निदेशक-प्रशिक्षण, Board of Apprenticeship Training (BOAT) – Western Region) सहित विश्वविद्यालयों के कुलगुरु, कुलसचिव तथा महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं नोडल अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2024–25 में एईडीपी (Apprenticeship Embedded Degree Program) प्रारंभ किया गया था। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में 6 सेक्टर स्किल काउंसिल से जुड़े 7 पाठ्यक्रमों का संचालन प्रदेश के 36 महाविद्यालयों एवं 5 विश्वविद्यालयों में किया गया। शैक्षणिक वर्ष 2025–26 में कार्यक्रम का विस्तार करते हुए 7 सेक्टर स्किल काउंसिल से संबद्ध 10 पाठ्यक्रमों का प्रदेश के 85 महाविद्यालयों एवं 5 विश्वविद्यालयों में संचालन किया जा रहा है। आगामी शैक्षणिक वर्ष 2026–27 में इसका और अधिक विस्तार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।  

परिवार की कॉम्प्रोमाइज पॉलिटिक्स पर घिरे Rahul Gandhi, Piyush Goyal ने साधा निशाना

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस की 'कॉम्प्रोमाइज' राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "राहुल गांधी दुनियाभर में भारत को नीचा दिखाने के लिए एआई समिट में बिना शर्ट के लोगों को भेजते हैं, तो यह भारत की छवि और हितों से 'कॉम्प्रोमाइज' करने की उनकी पारिवारिक विरासत को ही आगे बढ़ाता है।" उन्होंने जवाहर लाल नेहरू पर आरोप लगाए कि उनके कार्यकाल में 1950 के दशक में भारत ने चीन को नाराज न करने के लिए स्थायी सीट ठुकराई। 1954 में भारत ने औपचारिक रूप से तिब्बत को चीन का हिस्सा स्वीकार किया। इसके अलावा, 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान खुफिया चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया, जिससे हार हुई। इस बारे में रिपोर्ट अभी भी गोपनीय है। पीयूष गोयल ने राजीव गांधी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, बोफोर्स डील के समय रक्षा अनुबंध में कथित रूप से कमीशनखोरी और दस्तावेजित लीपापोती शामिल थी। यूनियन कार्बाइड (1984) के दौरान आरोपी वॉरेन एंडरसन को भारत छोड़ने की अनुमति दी गई। वहीं, विदेशी बिचौलिए का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि रक्षा निर्णयों पर करीबी व्यक्तिगत संबंधों के माध्यम से प्रभाव डाला गया। उन्होंने इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान विदेशी फंडिंग, कच्चातीवू और सिक्योरिटी के फैसले में 'कॉम्प्रोमाइज' के आरोप लगाए। सोनिया गांधी को लेकर उन्होंने दावा किया कि शैडो पावर यानी यूपीए के दौरान असली अथॉरिटी प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर काम करती थी। नेशनल हेराल्ड के मामले में पार्टी फंड का इस्तेमाल परिवार के कंट्रोल वाली एंटिटी को एसेट्स ट्रांसफर करने के लिए किया गया था। इसके अलावा, चीन और सोरोस नेटवर्क सहित विदेशी डोनर्स से जुड़े फाउंडेशन ने गंभीर चिंताएं पैदा कीं। एक अन्य पोस्ट में पीयूष गोयल ने लिखा, "राहुल गांधी के भ्रामक बयानों पर भारी कांग्रेस का इतिहास। वो जितना भूलने की कोशिश करें, लेकिन भारत की जनता पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर सोनिया गांधी की ओर से राष्ट्रहित के साथ बार-बार किए गए समझौते को भूल नहीं सकती।"