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गुड समैरिटन को सम्मान, सड़क हादसे में घायल की मदद पर मिलेगा इनाम

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की ‘राहवीर’ योजना को दिल्ली में लागू करने का फैसला लिया है। जल्द ही योजना को लागू किया जा सकता है। योजना के तहत सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को 25 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। आप सरकार में यह योजना मात्र दो हजार रुपये की थी। साथ ही, कुछ समय से यह योजना बंद भी थी। मानवता का परिचय दे सकें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस मानवीय पहल को प्रोत्साहन देने के लिए आर्थिक पुरस्कार की व्यवस्था की है ताकि आम नागरिक बिना किसी भय के दुर्घटना पीड़ितों की सहायता कर सकें और मानवता का परिचय दे सकें। लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य आम जनता को सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गोल्डन आवर के भीतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का मानना है कि अगर ज्यादा लोग आगे आकर मदद करेंगे तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर लोग कानूनी झंझट या पुलिस कार्रवाई के भय से मदद करने से बचते हैं, लेकिन यह योजना उस भय को दूर कर लोगों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित करेगी। तत्काल अस्पताल पहुंचाने का साहस करेंगे उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में प्रतिदिन हजारों वाहन सड़कों पर चलते हैं, गोल्डन आवर के भीतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होना जीवन और मृत्यु के बीच निर्णायक साबित हो सकता है। यह योजना कई परिवारों को असमय शोक से बचाने में सहायक हो सकती है। मदद करने वाले को प्रोत्साहन राशि और कानूनी संरक्षण मिलने से ज्यादा लोग दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का साहस करेंगे, जिससे अनमोल जीवन बचाए जा सकेंगे। संकटग्रस्त व्यक्ति की स्वेच्छा से सहायता मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि दिल्ली सरकार इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर सड़क सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता दोनों को मजबूत करेगी। इन नियमों के तहत ऐसे नागरिकों को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया है जो किसी घायल, असहाय या संकटग्रस्त व्यक्ति की स्वेच्छा से सहायता करते हैं। गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाने पर पुरस्कार के पात्र होंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत कोई भी व्यक्ति, जिसने किसी गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता दी हो और उसे गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल या ट्रामा सेंटर पहुंचाया हो, वह पुरस्कार के लिए पात्र होगा। ऐसे प्रत्येक मामले में राह-वीर को 25 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति एक ही दुर्घटना में एक से अधिक पीड़ितों की जान बचाता है, तो भी उसे अधिकतम 25 हजार रुपये ही प्रदान किए जाएंगे। इस योजना के तहत वर्ष भर में चयनित 10 सर्वश्रेष्ठ राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख रुपये का विशेष पुरस्कार भी दिया जाएगा। प्रत्येक पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। यहां बता दें इससे पहले दिल्ली में केजरीवाल सरकार के समय सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के ही उद्देश्य से फरिश्ते योजना लागू की गई थी। इसमें केवल 2000 की सम्मान राशि दिए जाने का प्रविधान था। मगर यह योजना कुछ सालों बाद बंद हो गई थी। योजना के क्रियान्वयन को जिलास्तर पर मूल्यांकन समिति बनेगी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी। इस समिति में जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शामिल होंगे। चयनित राह-वीरों को पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खाते में आनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए अलग बैंक खाता रखा जाएगा और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर दर्ज किया जाएगा। केंद्र राज्यों को प्रारंभिक अनुदान भी प्रदान करेगा।  

सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत सोरेन को दी राहत, ED की खिंचाई, CJI ने दी अहम नसीहत

रांची  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज शिकायत वाद पर रांची सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा लिए गए संज्ञान को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने रांची की MP-MLA कोर्ट की विशेष अदालत में चल रही कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी। साथ ही ED को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस आदेश के बाद फिलहाल निचली अदालत में आगे की प्रक्रिया स्थगित रहेगी, जिससे मुख्यमंत्री को अस्थायी राहत मिल गई है। सीजेआई की अगुवाई वाली खंडपीठ में हुई सुनवाई मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई, जिसमें जस्टिस जॉयमंगल बागची भी शामिल थे। मुख्यमंत्री की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता प्रज्ञा सिंह बघेल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि रांची सिविल कोर्ट के सीजेएम द्वारा संज्ञान लिये जाने और उसके बाद MP-MLA कोर्ट में कार्यवाही शुरू होने की प्रक्रिया विधि सम्मत नहीं है। बहस के बाद अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले में हस्तक्षेप करते हुए विशेष अदालत की कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने ED को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में जवाब दाखिल करने को कहा है। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर पहुंचे थे सुप्रीम कोर्ट इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने MP-MLA कोर्ट के आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट के इस निर्णय के खिलाफ मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था। अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आगे की कानूनी दिशा स्पष्ट होगी। सुप्रीम कोर्ट की इस अंतरिम राहत को मुख्यमंत्री के लिए बड़ी कानूनी उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय अभी बाकी है। ED के जवाब के बाद ही मामले में अगली सुनवाई की दिशा तय होगी। फिलहाल, MP-MLA कोर्ट में चल रही कार्रवाई पर रोक से राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है।  

Apple का नया आलीशान ऑफिस बेंगलुरु में, ₹2.84 करोड़ मासिक किराया

बेंगलुरु  Apple बेंगलुरु में 10 साल के लिए ऑफिस स्पेस लीज पर लेकर भारत में अपना विस्तार कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, दिग्गज टेक कंपनी ने 'एम्बेसी जेनिथ' (Embassy Zenith) नाम की कमर्शियल ऑफिस टावर में 1.21 लाख वर्ग फुट का वर्कस्पेस हासिल किया है, जिसका मासिक किराया 2.84 करोड़ रुपये है. इस विस्तार के बाद, एप्पल अब इस पूरी इमारत में कुल 3.89 लाख वर्ग फुट क्षेत्र का उपयोग कर रहा है. रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म 'प्रॉपस्टैक' (Propstack) द्वारा प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक, नया लीज समझौता सटीक रूप से 1,21,203 वर्ग फुट के चार्जेबल एरिया के लिए है. एप्पल ने पूरे 10 साल के लिए  ऑफिस लीज पर लिया है. इस जगह का कुल किराया लगभग 1,333 करोड़ रुपये होगा. यह ऑफिस स्पेस इमारत की ग्राउंड फ्लोर से लेकर चौथी मंजिल तक फैला हुआ है. 14.24 करोड़ की सिक्योरिटी जमा की यह प्रॉपर्टी मैक चार्ल्स (इंडिया) द्वारा लीज पर दी गई है और इस लीज की शुरुआत 25 सितंबर 2025 से हो चुकी है. आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, एप्पल पहले ही सिक्योरिटी डिपोजिट के रूप में 14.24 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है.  यह भी रिपोर्ट किया गया है कि 3 अप्रैल 2026 से किराए में हर साल 4.5% की वृद्धि होगी. समझौते में यह भी उल्लेख किया गया है कि एप्पल 2 अप्रैल 2030 से पहले इस लीज को समाप्त नहीं कर सकता है. इसके अलावा, एप्पल 123 पार्किंग स्लॉट के लिए अलग से मासिक शुल्क का भुगतान करेगा, जिसकी कीमत 11.07 लाख रुपये तय की गई है. हालांकि रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स ने विस्तार के इस विवरण का खुलासा किया है, लेकिन एप्पल ने इस नए जोड़े गए स्पेस के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. फिर भी, कंपनी धीरे-धीरे अपने ऑफिस और रिटेल स्टोर नेटवर्क को बढ़ाकर भारत में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रही है.

करकटगढ़ रूट पर पुलिस का एक्शन, बाइक समेत तस्कर दबोचे

चैनपुर थाना क्षेत्र के जगदंहवां डैम वन विभाग चेकपोस्ट के समीप पुलिस ने छापेमारी कर दो तस्करों को देसी और अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार कर लिया। जबकि दो तस्कर मौके पर से भागने में कामयाब हो गए। पुलिस के द्वारा शराब बरामद करते हुए तस्करी में उपयोग की जाने वाली बाइक को भी जब्त कर लिया गया।  गिरफ्तार तस्करों में चंद्रशेखर राय पिता फेंकू राय ग्राम भैसहट एवं आकाश राय पिता सम्बल राय ग्राम सलेमपुर शामिल है। जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली की उत्तर प्रदेश से शराब लेकर दो बाइक पर चार लोग करकटगढ़ के रास्ते जा रहे हैं।  सूचना के सत्यापन के लिए जगदंहवां डैम वन विभाग चेकपोस्ट के समीप पुलिस के द्वारा घेराबंदी की गई तो दो बाइक पर सवार होकर कुल चार लोग आते हुए दिखे। पुलिस को देखकर चालक बाइक मोड कर भागने का प्रयास करने लगे। जिसे पुलिस बल के सहयोग से घेर लिया गया। फिर भी दोनों बाइक पर सवार पीछे बैठे दोनों लोग मौके पर से पहाड़ी क्षेत्र का लाभ उठाकर भाग निकले।  मौके से दो बाइक जब्त जांच के क्रम में ब्लू लाइम देसी शराब के टेट्रा पैक प्रत्येक 200 एमएल कुल 270 पीस एवं 8 पीएम अंग्रेजी शराब के टेट्रा पैक प्रत्येक 180 एमएल कुल 192 बोतल बरामद किए गए। मौके पर से दो बाइक भी पुलिस के द्वारा जब्त किया गया।  चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि दो तस्कर भी गिरफ्तार हुए। जबकि दो लोग भागने में कामयाब हो गए। जिनकी पहचान कर ली गई है। गिरफ्तार दोनों तस्करों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जबकि फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।  

दो दशक का सफर: इजरायल के साथ पीएम मोदी की हर यात्रा ने रचा इतिहास

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय इजरायल की यात्रा पर हैं। उनकी यह यात्रा ऐतिहासिक होगी। वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे, जो इजरायली संसद 'नेसेट' को संबोधित करेंगे। इसी बीच, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर 'मोदी आर्काइव' नामक अकाउंट ने उनकी ऐतिहासिक इजरायली यात्राओं और उससे जुड़ी तस्वीरों को शेयर किया है। 'मोदी आर्काइव' के अनुसार, नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर 2006 में पहला इजरायल दौरा किया था। वे इजरायल की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय कृषि प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी 'एग्रीटेक-2006' में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ गए थे, जिसमें भारत के कृषि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। बतौर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-इजरायल बिजनेस फोरम में 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' (एक बूंद अधिक फसल) स्लोगन के साथ गुजरात का एग्रीकल्चरल विजन पेश किया। शायद यह पहली बार था, जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस बात को कहा, जो आगे चलकर 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' का आधिकारिक आदर्श वाक्य बन गया। गुजरात डेलीगेशन की इंटरनल रिपोर्ट में बताया गया कि उनके प्रेजेंटेशन को 'सबसे ज्यादा तालियां और तारीफ' मिली। 11 साल बाद 2017 में प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने इजरायल का दौरा किया। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी। मोदी आर्काइव में बताया गया है, "2006 में जो एग्रीकल्चर थीम चली थी, वह इस बार भी जारी रही।" इसमें कहा गया है कि इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू ने तेल अवीव स्थित डेंजीगर फ्लावर फार्म (पुष्प उद्यान) का दौरा किया। यहां इजरायल की लीडिंग फ्लावर जेनेटिक्स कंपनी ने एक नया सफेद गुलदाउदी बनाया था और उसका नाम 'मोदी' रखा। फूलों की खेती इजरायल के सबसे एडवांस्ड एग्रीकल्चरल एक्सपोर्ट सेक्टर में से एक है। फ्लावर फार्म का दौरा इस बात का संकेत था कि इजरायली एग्रीकल्चरल इनोवेशन कहां तक पहुंच गया है। इसमें आगे कहा गया है कि यात्रा के दौरान कृषि क्षेत्र में साइन किया गया 3-साल का वर्क प्रोग्राम उस पहल का औपचारिक संस्थानीकरण था, जिसकी शुरुआत बतौर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से एग्रीटेक-2006 में की थी। 'मोदी आर्काइव' में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने जिस रिलेशनशिप पर काम किया था, वह प्रधानमंत्री के तौर पर 'सरकार-से-सरकार' की रूपरेखा बन गई। बाद में तेल अवीव में भारतीय प्रवासियों को अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में इजरायल का सहयोग भारत को दूसरी ग्रीन रेवोल्यूशन में मदद कर सकता है। 'मोदी आर्काइव' में कहा गया कि 2006 और 2017 की यात्राओं को जोड़ने वाली कड़ी कृषि और जल संसाधन प्रबंधन है। दोनों देश अलग-अलग दृष्टिकोणों से समान समस्याओं पर काम कर रहे थे। भारत के पास व्यापक पैमाना, कृषि भूमि और आवश्यकता थी। वहीं, इजरायल ने सीमाओं को तकनीक में बदलते हुए ड्रिप सिंचाई, वेस्टवॉटर रीसाइक्लिंग और डीसैलिनेशन जैसे सिस्टम विकसित किए। मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने 2006 में ही पहचान लिया था कि ये वही तकनीकें हैं जिनकी गुजरात और भारत को जरूरत है और वे प्रधानमंत्री के रूप में इसे राष्ट्रीय प्रतिबद्धता बनाने के लिए वापस आए। इसमें कहा गया कि जब वे 2017 में पहुंचे तो कृषि सहयोग का एजेंडा राज्य यात्रा की तैयारी कर रहे अधिकारियों की ओर से अचानक तैयार नहीं किया गया था। इसकी रूपरेखा मई 2006 की एक दोपहर से ही बननी शुरू हो गई थी, जब मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने 'एग्रीटेक-2006' में एक हजार से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने प्रेजेंटेशन दी थी और इस विश्वास के साथ लौटे थे कि भारत और इजरायल मिलकर क्या बना सकते हैं। 9 साल के बाद फिर 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल दौरे पर गए हैं। इस बार भी भारत-इजरायल का एजेंडा कृषि, जल प्रबंधन और खाद्य सुरक्षा पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।

हर्बल गुलाल बना रही कबीरधाम की महिलाएं, होली पर बढ़ेगी बिक्री और आय

कबीरधाम छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ी कबीरधाम की महिला स्व सहायता समूह महिला सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। जनपद पंचायत बोडला के ग्राम राजा नवागांव की जय गंगा मैया स्वयं सहायता समूह से जुड़ी दीदियों ने रंगोत्सव पर्व होली के लिए हर्बल गुलाल का निर्माण किया है। महिला समूह ने हर्बल गुलाल के व्यवसाय से जुड़कर आजीविका के नए रास्ते खोले हैं। इस गतिविधि में 10 महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी है, जो उनके आय का अच्छा स्रोत है। लाल, गुलाबी, पीले सहित अन्य रंगों और प्रकृति खुशबू से भरपूर हर्बल गुलाल बाजार में आने के लिए उपलब्ध है। इस संबंध में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष होली के अवसर पर जिले की विभिन्न महिला समूह द्वारा हर्बल गुलाल का निर्माण किया जाता है। कलेक्टोरेट, सभी जनपद पंचायत कार्यालय एवं अन्य स्थानों पर उनके द्वारा स्टॉल लगाकर हर्बल गुलाल की बिक्री की जाती है। समूह की दीदियों द्वारा बनाए गए गुलाल पूरी तरह से प्राकृतिक होने के साथ-साथ बाजार में मिलने वाले अन्य रंगों की तुलना में सस्ता होता है। उन्होंने बताया कि हर्बल गुलाल की पैकेजिंग बहुत आकर्षक है और यह उपहार देने के भी बहुत अच्छा है। हर्बल गुलाल अनेक रंगों के साथ अलग-अलग मात्रा में पैकेजिंग सहित उपलब्ध है। गत वर्ष भी हमने देखा है कि समूह की दीदियों द्वारा बनाए गए हर्बल गुलाब को क्षेत्रवासियों ने बहुत पसंद किया है और इस व्यवसाय से जुड़कर हमारी ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही है। हर्बल गुलाल निर्माण के संबंध में चर्चा करते हुए सीईओ जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बहुत से समूह इसका निर्माण करते हैं। प्रत्येक समूह को इस व्यवसाय द्वारा 50 से 60 हजार रुपए का लाभ हो जाता है। हर्बल गुलाल की अच्छी गुणवत्ता और आकर्षक पैकिंग सभी को पसंद आती है। योजना से जुड़े मैदानी कर्मचारियों द्वारा समूह को मौसमी व्यवसाय करने के लिए प्रेरित करते हुए हर्बल गुलाल का निर्माण करने प्रोत्साहित किया जाता है। इसके निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल की उपलब्धता के लिए समूह को सहायता प्रदान की जाती है।

आदिवी शेष ने दो अलग-अलग किरदारों को साथ निभाने पर की बात

मुंबई, अभिनेता आदिवी शेष इस समय दो बिल्कुल अलग दुनिया वाली फिल्मों ‘डकैत और जी 2’ में काम कर रहे हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट्स के ज़रिए आदिवी शेष अपने अभिनय की अलग-अलग झलक दिखा रहे हैं।डकैत में वह एक देसी, ग्रामीण और भावनाओं से भरे किरदार में नज़र आएंगे। यह फिल्म कच्ची, धूल-भरी और कठोर दुनिया को दिखाती है, जहां उनका किरदार हालात और जज़्बात के बीच जीने की लड़ाई लड़ता है। यह कहानी भावनाओं और इंसानी संघर्ष पर आधारित है।वहीं जी 2 में उनका अंदाज़ बिल्कुल अलग है। इसमें वह एक स्मार्ट, स्टाइलिश और ग्लोबल इंटेलिजेंस स्पाई के रूप में नज़र आएंगे। यह किरदार दिमाग, रणनीति और बड़े स्तर की कहानी पर आधारित है। आदिवी शेष ने इन दोनों अलग किरदारों को एक साथ निभाने पर कहा, “मुझे सबसे ज़्यादा जो चीज़ उत्साहित करती है, वह है इन दोनों दुनियाओं का अलग होना। डकैत में सब कुछ भावनात्मक, सहज और पूरी तरह देसी है।यह जीने की जंग, दर्द और इंसानी फैसलों की कहानी है। वहीं जी2 में तरीका बिल्कुल अलग है। यह ज़्यादा रणनीतिक, नियंत्रित और इंटेलिजेंस पर आधारित है, जो एक स्टाइलिश और ग्लोबल दुनिया में सेट है। इन दोनों मानसिकताओं के बीच बदलाव करना रचनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण है, लेकिन यही मेरे लिए इस दौर को खास और संतोषजनक बनाता है।” एक तरफ मिट्टी और संघर्ष से जुड़ी कहानी, तो दूसरी तरफ इंटेलिजेंस और रणनीति की तेज दुनिया। आदिवी शेष एक बार फिर साबित कर रहे हैं कि वह अपनी पीढ़ी के सबसे बहुमुखी और दमदार कलाकारों में से एक हैं।  

ईशान किशन की रैंकिंग में छलांग, टॉप-5 में अभिषेक शर्मा भी शामिल; पाकिस्तानी खिलाड़ी से टक्कर

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने बुधवार 25 फरवरी को ताजा टी20 रैंकिंग जारी कर दी है। ईशान किशन ने एक बार फिर आईसीसी टी20 रैंकिंग में छलांग लगाई है। वह अब अभिषेक शर्मा के साथ टॉप-5 में पहुंच गए हैं। वहीं टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जबरदस्त फॉर्म में चल रहे पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को भी फायदा हुआ है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा 283 रन बनाने वाले साहिबजादा फरहान 2 पायदान की छलांग लगाकर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। वह धीरे-धीरे नंबर-1 पर मौजूद अभिषेक शर्मा के लिए खतरा बने जा रहे हैं। अभिषेक शर्मा का बल्ला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एकदम खामोश रहा है, इसका असर उनकी टी20 रेटिंग्स में साफ देखने को मिल रहा है। वह नंबर-1 की पोजिशन पर तो मौजूद हैं, मगर उनकी रेटिंग 891 से घटकर 877 रह गई है। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट 815 रेटिंग्स के साथ दूसरे और साहिबजादा फरहान 810 रेटिंग्स के साथ तीसरे पायदान पर हैं। ईशान किशन 742 रेटिंग्स के साथ पांचवें पायदान पर पहुंच गए हैं। टॉप-10 में साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस की धमाकेदार एंट्री हुई है। वह 10 पायदान की छलांग लगाकर सीधा 9वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वहीं पाकिस्तान के खिलाफ धमाकेदार शतक लगाने वाले हैरी ब्रूक 10 पायदान की छलांग लगाकर 18वें नंबर पर हैं। आईसीसी T20I बॉलिंग रैंकिंग में 2 गेंदबाजों को हुआ जबरदस्त फायदा आईसीसी T20I बॉलिंग रैंकिंग में भारत के वरुण चक्रवर्ती पहले पायदान पर बने हुए हैं। वहीं साउथ अफ्रीका के कॉर्बिन बॉश 21 पायदान की छलांग लगाकर तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं, उनके अलावा वेस्टइंडीज के मैथ्यू फोर्ड ने भी 23 पायदानों की छलांग लगाई है और वह अब 7वें नंबर पर हैं। टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ कमाल की गेंदबाजी की थी। इसका फायदा उन्हें टी20 रैंकिंग में मिला है। वह टॉप-10 गेंदबाजों में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। जसप्रीत बुमराह अब 8वें नंबर पर हैं। सिकंदर रजा बने नंबर-1 ऑलराउंडर पाकिस्तान के सैम अयूब से जिम्बाब्वे के सिकंदर रजा ने आईसीसी टी20 ऑलराउंडर का नंबर-1 का ताज छीन लिया है। सिकंदर रजा के दम पर ही जिम्बाब्वे सुपर-8 में जगह बनाने में कामयाब रहा है।

जांजगीर-चांपा जिले में पदस्थ तहसीलदार, नायब तहसीलदारों का नवीन पदस्थापना

जांजगीर-चांपा कलेक्टर  जन्मेजय महोबे ने जिले में पदस्थ तहसीलदार, नायब तहसीलदारों को प्रशासनिक आधार पर आदेश जारी कर आगामी आदेश पर्यन्त अस्थायी रूप से नवीन पदस्थापना पर पदस्थ किया है।  जारी आदेश के अनुसार  शशिभूषण सोनी को तहसीलदार अकालतरा से तहसीलदार बम्हनीडीह,  अविनाश चौहान को तहसीलदार बम्हनीडीह से तहसीलदार अकालतरा, मती शालिनी तिवारी को अतिरिक्त तहसीलदार अकालतरा से अतिरिक्त तहसीलदार नवागढ़,  महेंद्र लहरे को तहसीलदार पामगढ़ से तहसीलदार शिवरीनारायण,  टिकेन्द्र नुरूटी को तहसीलदार शिवरीनारायण से तहसीलदार बलौदा,  अमरनाथ श्याम को तहसीलदार बलौदा से तहसीलदार पामगढ़,  संजय बरेठ को नायब तहसीलदार शिवरीनारायण से तहसीलदार बम्हनीडीह एवं  चंद्रकुमार साहू नायब को तहसीलदार बहनीडीह से नायब तहसीलदार शिवरीनारायण पर पदस्थ किया है।  

इलाज के बीच मासूम की मौत से भड़का आक्रोश, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में परिजनों का विरोध

कोरबा कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लापरवाही का मामला फिर आया सामने आया है जिससे परिजन काफी आक्रोशित है।परिजनों ने डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही से 13 महीने की मासूम की हुई मौत को लेकर सवाल खड़े कर रहे है। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियो पर कार्यवाही की मांग कर रहे है। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन देने से मासूम कोमा में चली गईं थी मासूम वानिया केवट की तबियत बिगड़ती गई और बुधवार की सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि ईलाज के दौरान ट्रेनी डॉक्टरों के भरोशे जिला मेडिकल कॉलेज में ईलाज चल रहा था।जिसके चलते मासूम की तबियत बिगड़ी और ये हालात सामने आए हैं इसकी शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में भी कल की थी। बच्ची की नानी अमृता निषाद ने बताया कि 20 तारीख को सर्दी खांसी के इलाज के लिए बच्ची वानिया को कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया था। Kenola के बाद सबसे पहले बच्ची को इंजेक्शन लगाया गया जिसके तुरंत बाद ही वह कोमा में चली गई। वही कड़ी इलाज करने के बाद भी बच्ची को नहीं बचा जा सका। 24 फरवरी की रात 9 बजे बच्ची ने दम तोड़ दिया। अमृता ने बताया कि इंजेक्शन मेडिकल कॉलेज की स्टूडेंट ने लगाया था। अमित निषाद ने मेडिकल कॉलेज पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आए दिन यहां ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने मांग की है कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्यवाही होनी चाहिए। पिता संजू केवट ने बताया कि सर्दी खांसी की इलाज के लिए बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे की हालत गंभीर हो चुकी थी उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया था। पिता ने आरोप लगाया है कि एक स्टाफ फोन के माध्यम से नर्स के कहे अनुसार बच्ची का इलाज कर रहा था। पिता ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बच्ची की मां ने बताया कि कनोला इंजेक्शन लगाने के तुरंत बाद बच्ची बेहोश हो गई। मां का कहना है कि इसके शिकायत को लेकर वे कलेक्टर ऑफिस पहुंचे थे जहां कलेक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस घटना के बाद जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ट्रामा सेंटर गेट के सामने मासूम के परिजन और लोग धरने पर बैठ गए है।जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक गोपाल कंवर को परिजनों ने घेरा और कार्यवाही कि मांग कर रहे है। जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक गोपाल कंवर लोगो को देख भागे केबिन की ओर जिसके बाद गुसाये लोगों ने गेट पर बैठ प्रदर्शन शुरु कर दिया। लोगो की मांग है कि दोषी डॉक्टर और कर्मचारियों पर कार्यवाही करे।जब तक कार्रवाई नहीं होगी तब तक मासूम के पोस्टमार्टम करने से परिजनों ने इनकार कर दिया हैं मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक गोपाल कंवर ने बताया कि बच्चों को निमोनिया था और उसका इलाज किया जा रहा था अगर लापरवाही हुई है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।