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Galaxy S26, S26+ और S26 Ultra: भारत में कीमतें और Snapdragon vs Exynos चिपसेट का मुकाबला

मुंबई  स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Samsung ने Galaxy Unpacked 2026 इवेंट में भारत और ग्लोबल मार्केट में Galaxy S26 सीरीज़ को लॉन्च कर दिया है. इस लाइनअप में Galaxy S26, Galaxy S26+ और Galaxy S26 Ultra मॉडल शामिल हैं. टॉप-स्पेक Galaxy S26 Ultra, Galaxy के लिए कस्टमाइज़्ड Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर के साथ आता है. इसके अलावा, इसमें अपग्रेडेड 200MP क्वाड रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. इसके साथ ही, स्टैंडर्ड और Plus वेरिएंट 2nm Exynos 2600 चिपसेट से लैस हैं और इनमें 50MP ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है. नया लाइनअप Samsung के वन UI 8.5 इंटरफ़ेस के साथ एंड्रॉयड 16 पर चलता है. साउथ कोरियन कंपनी ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन लाइनअप के साथ नई Galaxy Buds4 सीरीज़ को भी बाजार में उतारा है. दोनों TWS में ट्रांसपेरेंट क्लैमशेल-टाइप क्रैडल चार्जिंग केस और इयरपीस पर पिच कंट्रोल एरिया दिया है. जहां Buds4 Pro में Enhanced ANC के साथ Adaptive ANC मिलता है, वहीं Buds4 में सिर्फ Enhanced ANC दिया गया है. Pro मॉडल हैंड्स-फ्री जेस्चर कंट्रोल और नए चौड़े वूफर के साथ भी आता है. Samsung Galaxy S26 सीरीज की कीमत नए Samsung Galaxy S26 Ultra तीन रैम और स्टोरेज वेरिएंट में आता है. इसके 12GB RAM + 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,39,999 रुपये है, जबकि 12GB RAM + 512GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 1,59,999 है. इसके अलावा, 16GB RAM + 1TB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,89,999 रुपये रखी गई है. वहीं, Samsung Galaxy S26 और Galaxy S26+ की बात करें तो ये 12GB RAM के साथ आते हैं. स्टैंडर्ड मॉडल के बेस 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 87,999 रुपये और 512GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,07,999 रुपये रखी गई है, जबकि Plus वेरिएंट के बेस 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 1,19,999 रुपये और 512GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 1,39,999 रुपये रखी गई है. पूरी Galaxy S26 सीरीज़ प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है और इसमें कोबाल्ट वायलेट, व्हाइट, ब्लैक और स्काई ब्लू जैसे शेयर किए गए कलर ऑप्शन हैं. यह डिवाइस पिंक गोल्ड और सिल्वर शैडो कलर में भी खास तौर पर Samsung.com पर उपलब्ध होगा. यह लाइनअप Samsung.com, Amazon, Vijay Sales और Croma जैसे ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म पर प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है. शुरुआती डिलीवरी 6 मार्च, 2026 से शुरू होगी. जो लोग नई स्मार्टफोन सीरीज़ को प्री-ऑर्डर करेंगे, उन्हें फ्री स्टोरेज अपग्रेड मिलेगा, जिसमें 256GB वेरिएंट के बजाय 512GB स्टोरेज मॉडल मिलेगा और 20,000 रुपये की बचत होगी. Samsung खरीद पर 9 महीने की नो-कॉस्ट EMI और Ultra वेरिएंट की खरीद पर 9,000 रुपये तक का कैशबैक भी दे रहा है. Samsung Galaxy S26 सीरीज में क्या है नया Galaxy S26 सीरीज़ में हल्का और स्लीक डिज़ाइन मिलता है, जिसमें गोल कर्वेचर और पूरे लाइनअप में एक जैसी डिज़ाइन पहचान है. Galaxy S26 Ultra अपने पिछले मॉडल से 0.3 mm पतला है और इसका वज़न 214 ग्राम है. Samsung ने Galaxy S26 Ultra के साथ अपना नया प्राइवेसी डिस्प्ले भी पेश किया है, जो अलग स्क्रीन प्रोटेक्टर की ज़रूरत के बिना साइड-एंगल व्यूइंग को लिमिट करता है. डिस्प्ले सामने से क्लियर रहता है, जबकि साइड से विज़िबिलिटी को कम कर देता है, ताकि आस-पास देखने वालों से ऑन-स्क्रीन कंटेंट को बचाने में मदद मिल सके. Samsung का कहना है कि, "यूज़र्स ज़्यादा आसानी के लिए प्राइवेसी डिस्प्ले को साइड बटन के डबल-प्रेस फ़ंक्शन पर भी असाइन कर सकते हैं." "साइड से देखने पर भी, कंटेंट छिपा रहता है — जिससे यह भीड़-भाड़ वाले पब्लिक ट्रांसपोर्ट या लिफ्ट में खास तौर पर काम आता है." Galaxy S26 सीरीज़ पर Galaxy AI में बेहतर कॉन्टेक्स्ट अवेयरनेस है और इसमें Now Nudge नाम का एक नया फ़ीचर भी है, जिसका मकसद कॉन्टेक्स्ट में ज़रूरी जानकारी दिखाकर ऐप स्विचिंग को कम करना है. उदाहरण के लिए, अगर कोई दोस्त मैसेजिंग ऐप पर शाम के प्लान के बारे में पूछता है, तो Galaxy AI कैलेंडर चेक करता है, कॉन्फ्लिक्ट का पता लगाता है, और एक खास 'Nudge' पॉप-अप दिखाता है. Galaxy S26 सीरीज़ Bixby, Gemini और Perplexity के साथ अपने AI इकोसिस्टम को भी बढ़ाती है, जिससे इसे खास सेटिंग्स को एडजस्ट करने के लिए नेचुरल लैंग्वेज कमांड से कंट्रोल किया जा सकता है, बिना उनका सही नाम जाने भी. उदाहरण के लिए, 'मेरी आंखें थकी हुई लग रही हैं' कहने पर Bixby आई कम्फर्ट शील्ड को एक्टिवेट करने का सुझाव देगा. Galaxy S26 Ultra vs Galaxy S26+ vs Galaxy S26: स्पेसिफिकेशन कैटेगरी Galaxy S26 Ultra Galaxy S26+ Galaxy S26 डिस्प्ले 6.9-इंच QHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz 6.7-इंच QHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz 6.3-इंच FHD+ डायनामिक AMOLED 2X | 120Hz विशेष डिस्प्ले फीचर 10-bit कलर, प्राइवेसी डिस्प्ले (30° रेस्ट्रिक्शन) — — प्रोटेक्शन कॉर्निंग गोरिल्ला आर्मर 2 प्रोसेसर Snapdragon 8 Elite Gen 5 (Galaxy कस्टम) Exynos 2600 Exynos 2600 RAM 16GB तक 12GB 12GB स्टोरेज विकल्प 1TB तक 256GB / 512GB 256GB / 512GB सॉफ्टवेयर One UI 8.5 (Android 16) रियर कैमरा 200MP + 50MP (5x) + 50MP (UW) + 10MP (3x) 50MP + 10MP (3x) + 12MP (UW) फ्रंट कैमरा 12MP बैटरी 5,000mAh 4,900mAh 4,300mAh वायर्ड चार्जिंग 60W 45W 25W वायरलेस चार्जिंग सुपर फास्ट वायरलेस चार्जिंग फास्ट वायरलेस चार्जिंग 2.0 Samsung Galaxy Buds4 सीरीज के स्पेसिफिकेश और फीचर्स भारत में Samsung Galaxy Buds4 की कीमत 16,999 रुपये रखी गई है, जबकि बेहतर Galaxy Buds4 Pro की कीमत 22,999 रुपये है. दोनों TWS 11 मार्च, 2026 से Amazon और Samsung India ऑनलाइन स्टोर से खरीदने के लिए उपलब्ध होंगे. Galaxy Buds4 ब्लैक और व्हाइट कलर में पेश किया गया है, जबकि Galaxy Buds4 Pro एक एक्स्ट्रा पिंक गोल्ड कलर ऑप्शन में मिलेगा. Galaxy Buds4 Pro में कैनाल-फिट आर्किटेक्चर, एक नया इंजीनियर्ड चौड़ा वूफर है, जो स्पीकर एरिया को लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का दावा करता है, और रिच बेस और डिटेल्ड ट्रेबल के लिए टू-वे स्पीकर सिस्टम है, जिसमें 24-bit/96kHz हाई-फाई ऑडियो का सपोर्ट है. इसमें बेहतर Adaptive EQ और Adaptive ANC भी मिलता है, जो कान के आकार और पहनने की कंडीशन के आधार पर समझदारी से एडजस्ट होते हैं, साथ ही हेड जेस्चर कंट्रोल और Bixby, Google Gemini, और Perplexity जैसे AI असिस्टेंट के लिए हैंड्स-फ्री एक्सेस भी है. Galaxy Buds4 में ओपन-फिट डिज़ाइन … Read more

झारखंड विधानसभा में ओबीसी छात्रों की छात्रवृत्ति पर घमासान

रांची. डुमरी विधायक जयराम महतो ने गुरुवार को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान ओबीसी छात्रों को अब तक छात्रवृत्ति राशि नहीं मिलने का गंभीर मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति में हो रही देरी से हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। जयराम महतो ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा कि आखिर कब तक छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति की राशि मिलेगी? उन्होंने कहा कि यह केवल वित्तीय विषय नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। मंत्री का जवाब: केंद्र से राशि नहीं मिली जवाब में कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि केंद्र सरकार से केंद्रांश की राशि प्राप्त नहीं होने के कारण राज्यांश की राशि भी जारी नहीं की जा सकी है। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग के एक संकल्प के अनुसार जब तक केंद्रांश की राशि प्राप्त नहीं होती, तब तक राज्यांश की निकासी संभव नहीं है। मंत्री ने स्वीकार किया कि इसी प्रक्रिया संबंधी बाध्यता के कारण छात्रवृत्ति भुगतान में विलंब हुआ है। राज्य सरकार कर रही वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार मंत्री चमरा लिंडा ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार इस समस्या के समाधान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रही है। वित्त विभाग के उस संकल्प को शिथिल करने पर मंथन चल रहा है, जिसमें केंद्रांश की राशि मिलने से पहले राज्यांश जारी करने पर रोक है। यदि इस संकल्प में ढील दी जाती है, तो राज्यांश की राशि जारी कर छात्रों को जल्द राहत दी जा सकेगी। ब्याज रहित ऋण का सुझाव, मंत्री ने किया असंभव बहस के दौरान जयराम महतो ने सुझाव दिया कि जब तक छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं होती, तब तक छात्रों को ब्याज रहित ऋण उपलब्ध कराया जाए या विधायक निधि से अस्थायी सहायता दी जाए, ताकि उनकी शिक्षा बाधित न हो। इस पर मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह व्यवस्था संभव नहीं है। उन्होंने दोहराया कि व्यावहारिक समाधान वित्त विभाग के संकल्प में शिथिलता लाने में ही है। छात्रों की निगाह सरकार के फैसले पर ओबीसी छात्रवृत्ति का मामला राज्यभर के हजारों विद्यार्थियों से जुड़ा है। अब सबकी निगाह इस बात पर टिकी है कि सरकार वित्तीय नियमों में कब और कैसे बदलाव करती है, ताकि लंबित छात्रवृत्ति राशि का भुगतान सुनिश्चित हो सके।

शिरोमणि कमेटी के दफ्तरों में अब पजामा-कुरता में ड्यूटी करेंगे कर्मचारी

अमृतसर. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने अपने सभी दफ्तरों में कर्मचारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू करने का निर्णय लिया है। जारी आदेश के अनुसार अब कोई भी कर्मचारी पैंट-शर्ट पहनकर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होगा। सभी मुलाजिमों के लिए पारंपरिक सिख पहनावा पजामा-कुरता पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। यह निर्देश एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की ओर से जारी किए गए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सिख मर्यादा और परंपराओं की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। कमेटी का मानना है कि उसके दफ्तरों और धार्मिक संस्थानों में सिख रीति-रिवाजों और पारंपरिक पहचान की झलक साफ दिखाई देनी चाहिए। हिदायकों का सख्ती से पालन करने का आदेश श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर राजिंदर सिंह रूबी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि ये आदेश प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी द्वारा जारी किए गए हैं। आदेश में हिदायतों की सख्ती से पालना करवाने की बात कही गई है। इन आदेशों को सख्ती से पालन भी करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है और कार्यालयों में पारंपरिक पहनावा अपनाने की व्यवस्था की जा रही है। पारंपरिक वेशभूषा सिख संस्कृति का अहम हिस्सा शिरोमणि कमेटी के अनुसार यह निर्णय संस्था की गरिमा, अनुशासन और सिख पहचान को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है। एसजीपीसी का मानना है कि पारंपरिक वेशभूषा सिख संस्कृति का अहम हिस्सा है और इसे दैनिक कार्यप्रणाली में शामिल करना आवश्यक है। आदेश लागू होने के बाद से अब सभी कर्मचारी निर्धारित ड्रेस कोड में ही एसजीपीसी कार्यालयों में उपस्थित होंगे। शिरोमणि कमेटी ने उम्मीद जताई है कि कर्मचारी इस फैसले का सम्मान करते हुए पूरी जिम्मेदारी से इसका पालन करेंगे। ताकि, सिख मर्यादा और परंपराओं की निरंतरता बनी रहे।

ग्रहण समाप्त होते ही क्या करें? घर, मंदिर और रसोई के शुद्धिकरण के आसान उपाय

पंचांग के अनुसार, साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा यानी 3 मार्च 2026 को लगने जा रहा है. हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील समय माना जाता है. इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और भोजन आदि से परहेज किया जाता है. ऐसे में ग्रहण समाप्त होने के बाद घर, मंदिर और रसोई का शुद्धिकरण करना जरूरी माना गया है.आइए जानते हैं कि ग्रहण के बाद शुद्धिकरण कैसे किया जाता है और इसके क्या नियम हैं. क्या है चंद्र ग्रहण का धार्मिक महत्व? हिंदू मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का संबंध राहु और केतु से जोड़ा जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के समय राहु-केतु ने छल से अमृत पान किया था, जिसके बाद उनका सिर और धड़ अलग कर दिया गया. मान्यता है कि वही राहु-केतु समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को ग्रसित करते हैं, जिससे ग्रहण लगता है. इसी कारण ग्रहण काल को नकारात्मक ऊर्जा का समय माना जाता है और इसके बाद शुद्धिकरण की परंपरा निभाई जाती है. मंदिर का शुद्धिकरण कैसे करें?     ग्रहण समाप्त होते ही सबसे पहले घर के सभी सदस्य स्नान करें. गंगाजल मिले पानी से स्नान करना शुभ माना जाता है.     मंदिर की सफाई करें यानी घर के मंदिर को साफ कपड़े से पोंछें.     पूरे मंदिर और घर में गंगाजल छिड़कें.     यदि संभव हो तो मूर्तियों को गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान कराकर फिर से स्थापित करें.     भगवान को ताजे फूल, नए वस्त्र और ताजा भोग अर्पित करें.     शुद्धिकरण के बाद आरती और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है. किचन का शुद्धिकरण कैसे करें?     ग्रहण के दौरान बना हुआ या रखा हुआ भोजन नहीं खाना चाहिए.     चूल्हा, गैस स्टोव, बर्तन आदि अच्छी तरह धो लें.     ग्रहण के बाद ताजा और सात्विक भोजन बनाना चाहिए.     मान्यता है कि ग्रहण से पहले भोजन में तुलसी पत्र डालने से उसका प्रभाव कम होता है. पूरे घर का शुद्धिकरण     घर में गंगाजल या गौमूत्र का छिड़काव करें.     नमक मिले पानी से फर्श पोंछना भी शुभ माना जाता है.     हवन या धूप-दीप जलाकर वातावरण को शुद्ध करें. ग्रहण के बाद क्या करें?     दान-पुण्य करें, विशेषकर अन्न, वस्त्र या धन का दान और गरीबों को भोजन कराना शुभ माना जाता है.     भगवान का ध्यान और मंत्र जाप करें.     ग्रहण के बाद स्नान किए बिना पूजा न करें.  

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरलाइंस को हाईकोर्ट का नोटिस, ग्वालियर एयरपोर्ट की उड़ानों में कमी पर सवाल

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर एयरपोर्ट पर हवाई सेवाओं के विस्तार के बावजूद फ्लाइट्स की कमी पर अब हाईकोर्ट भी चिंतित है. जिसको लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने केंद्र सरकार के साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय और ग्वालियर एयरपोर्ट पर सेवाएं दे रही एयरलाइन कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. नियमित उड़ानों को लेकर लगाई गई जनहित याचिका असल में ये नोटिस एक जनहित याचिका पर चल रही सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर दिए गए हैं. मामला ग्वालियर एयरपोर्ट पर संचालित होने वाली नियमित हवाई उड़ानों को लेकर कोर्ट के संज्ञान में लाया गया था. ये जनहित याचिका कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के अध्यक्ष सुदर्शन झवर द्वारा दायर की गई है. नया एयरपोर्ट, यात्री बढ़े, लेकिन सीमित उड़ाने याचिकाकर्ता की ओर से दायर जनहित याचिका पर पैरवी कर रहे वकील सिद्धार्थ सिजौरिया के मुताबिक, "इस पीआईएल पर याचिकाकर्ता ने अपना पक्ष रखते हुए बताया है की, "ग्वालियर के नए एयरपोर्ट राजमाता विजयाराजे सिंधिया टर्मिनल का निर्माण करीब 450 करोड़ की लागत से कराया गया. इसके बाद ग्वालियर से हवाई सफर करने वालों की संख्या में भी 25 से 26 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हो चुकी है. बावजूद इसके ग्वालियर को पर्याप्त हवाई सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं. देश के कई प्रमुख शहरों के लिए ग्वालियर से कोई सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है. ऐसे में यात्रियों को ट्रेन या सड़क मार्ग पर निर्भर होना पड़ रहा है." एविएशन पॉलिसी लागू फिर भी प्रमुख शहरों के लिए नहीं फ्लाइट्स एडवोकेट सिद्धार्थ राजौरिया ने कोर्ट के सामने पक्ष रखते हुए कहा कि, केंद्र और राज्य सरकारों ने छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए नीतियां बनायी है. मध्य प्रदेश में भी एविएशन पॉलिसी लागु हो चुकी है, लेकिन ग्वालियर से देश और प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ाने अब तक शुरू नहीं हो सकी है. कोर्ट ने संबंधित पक्षों को दिया नोटिस हालांकि इस दौरान वकील ने यह भी बताया कि, इस सुनवाई के लिए याचिकाकर्ता द्वारा नगर निगम को 25 हजार रुपए जमा करने की सहमति दी थी. जिसके बाद कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई योग्य माना और याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित एयरलाइंस कंपनियों से 4 हफ्ते में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किए हैं." 

राष्ट्रपति ने जमशेदपुर में जगन्नाथ आध्यात्मिक केंद्र की रखी नींव

रांची. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को झारखंड के जमशेदपुर स्थित कदमा इलाके में 'श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चैरिटेबल सेंटर' की नींव रखी। राष्ट्रपति ने पुजारियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि भूमि पूजन किया और इसकी आधारशिला रखी। दिग्गज हस्तियां भी रहीं मौजूद इस मौके पर राष्ट्रपति के साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहे। इनके अलावा टाटा स्टील के सीईओ और एमडी टीवी नरेंद्रन ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। इससे पहले, रांची एयरपोर्ट पहुंचने पर मुख्यमंत्री सोरेन और राज्यपाल गंगवार ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। क्या है परियोजना की खासियत? श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एंड कल्चरल चैरिटेबल सेंटर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी और उद्योगपति एस.के. बेहरा ने बताया कि यह प्रस्तावित केंद्र ओडिशा के पुरी में स्थित 12वीं सदी के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर की हूबहू नकल (कॉपी) होगा। इसे खरखाई नदी के किनारे लगभग 2.5 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 100 करोड़ रुपये है। युवाओं के विकास पर जोर इस केंद्र के निर्माण से झारखंड में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य इस केंद्र को युवाओं के चरित्र निर्माण और नैतिक विकास के एक बड़े हब के रूप में विकसित करना है। एस.के. बेहरा के अनुसार, यह केंद्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं के समग्र व्यक्तित्व विकास (होलिस्टिक पर्सनैलिटी डेवलपमेंट) को बढ़ावा देने का काम करेगा। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है। इस आध्यात्मिक केंद्र के बनने से जमशेदपुर की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी।

Sahara Refund: सहारा निवेशकों के लिए खुशखबरी: 45 दिन में 10 लाख तक का रिफंड पाने का तरीका

 नई दिल्ली अगर आपने सहारा इंडिया (Sahara India) की किसी स्कीम में पैसा लगाया था और अभी तक आपको रिफंड नहीं मिला है, तो आपके लिए बड़ी राहत की खबर है. अब आप क्लेम कर 10 लाख रुपये तक रिफंड पा सकते हैं.  केंद्र सरकार ने सहारा रिफंड पोर्टल (Sahara Refund Portal) पर फिर से आवेदन करने का मौका दिया है. दरअसल, जिन लोगों ने पहले से ही क्लेम किया हुआ है, लेकिन किसी गलती या दस्तावेज की कमी की वजह से रिफंड नहीं मिला है, वे अब उसे सुधारकर दोबारा जमा कर सकते हैं. इस बीच अब क्लेम की राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक कर दी गई है. पहले ये राशि अधिकतम 50 हजार रुपये थी. आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक 19 नवंबर 2025 से 10 लाख रुपये तक रिफंड की सुविधा शुरू की गई है.  सहारा रिफंड को लेकर बिग अपडेट यानी अब सहारा इंडिया निवेशक 10 लाख रुपये तक के दावों के लिए दोबारा अप्लाई कर सकते हैं. केवल ये ध्यान रखना है कि अगर आपने पहले से क्लेम कर रखा है, तो 45 दिन के बाद री-क्लेम कर सकते हैं. पहले अगर आपके दावे में कोई जानकारी गलत थी, दस्तावेज साफ नहीं थे या बैंक डिटेल में गड़बड़ी थी, तो आप उसे सही करके दोबारा आवेदन कर सकते हैं. यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और इसके लिए आपको CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल पर जाना होगा.  सरकार का कहना है कि सही तरीके से दोबारा जमा किए गए दावों को 45 वर्किंग डे के भीतर जांचकर निपटाया जाएगा. इससे पहले कई लोगों को 50,000 रुपये तक की रकम वापस भी मिल चुकी है. लेकिन जिनके आवेदन में कमी पाई गई थी, उन्हें सुधार करने का मौका दिया जा रहा है. अप्लाई का फुल प्रोसेस आवेदन करते समय ध्यान रखें कि सभी जानकारी सही भरें. आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण बिल्कुल सही होना चाहिए. गलत जानकारी देने पर क्लेम फिर से अटक सकता है. वहीं अगर आपने 50 हजार रुपये तक के लिए क्लेम कर चुके हैं तो 45 दिन के बाद स्टेट्स चेक करें.   रीसबमिशन के लिए पोर्टल (https://mocresubmit.crcs.gov.in/resubmission/#/home) पर जाएं. अगर आपको रीसबमिशन प्रक्रिया में कोई तकनीकी कठिनाई या मदद चाहिए, तो आप पोर्टल के हेल्पडेस्क से सहायता ले सकते हैं. इसके लिए पोर्टल हेल्पलाइन नंबर 011-20909044 और 011-20909045 पर संपर्क कर सकते हैं.  सरकारी अनुमान के मुताबिक सहारा-SEBI खाते में करीब 26,000 करोड़ रुपये जमा है, जिसमें से 5,000 करोड़ रुपये रिफंड के लिए अलग किए गए थे. केंद्र सरकार ने साल 2022 में बताया था कि सहारा इंडिया ग्रुप की कंपनियों में कुल निवेशकों का संख्या करीब 13 करोड़ है, और इन निवेशकों के 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक फंसे हुए हैं.  रीसबमिशन से जुड़ी मुख्य बातें फिलहाल,10 लाख रुपये तक के दावों को दोबारा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया जारी है। एक बार जब आप अपना क्लेम सही तरीके से दोबारा जमा कर देते हैं, तो इसे 45 वर्किंग डेज के भीतर प्रोसेस कर दिया जाएगा। यह पूरा प्रोसेस डिजिटल और पारदर्शी तरीके से की जा रही है। अब तक 50000 रुपये तक क्लेम प्रोसेस्ड CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल में जमा किए गए एप्लीकेशन प्रोसेस हो गए हैं और हर एप्लीकेशन पर 50,000 रुपये या उससे कम का पेमेंट उन एलिजिबल डिपॉजिटर्स को किया गया है, जिनके क्लेम वेरिफाई हो सके। जिन डिपॉजिटर्स के क्लेम में कमियों की वजह से वेरिफाई नहीं हो सके, उन्हें “CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल” के जरिए कमी के मैसेज भेजे गए हैं। यह CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल (रीसबमिशन) कमियों को ठीक करने के बाद क्लेम को फिर से जमा करने के लिए शुरू किया गया है। ये डिपॉजिटर्स अपने हर कमी वाले क्लेम की कमियों को ठीक कर सकते हैं और रीसबमिशन पोर्टल के जरिए आगे की प्रोसेसिंग के लिए अपने क्लेम को फिर से जमा कर सकते हैं, जिसे पोर्टल पर लोड को मैनेज करने के लिए धीरे-धीरे कमियों वाले डिपॉजिटर्स के लिए खोला गया है। पोर्टल ऑनलाइन क्लेम दोबारा जमा करने के 45 वर्किंग डेज के अंदर दोबारा जमा किए गए क्लेम को प्रोसेस करेगा। डिपॉजिटर्स से रिक्वेस्ट है कि वे रीसबमिशन एप्लीकेशन फ़ॉर्म में चारों सोसाइटियों से जुड़ी कमियों वाले सभी क्लेम दोबारा जमा करें। केवल पोर्टल के जरिए ऑनलाइन दोबारा जमा किए गए क्लेम ही माने जाएंगे। इसके लिए आप सीधे इस लिंक पर जा सकते हैं: https://mocresubmit.crcs.gov.in/resubmission/#/home कहां करें संपर्क? अगर आपको किसी तकनीकी सहायता या जानकारी की आवश्यकता हो, तो आप पोर्टल हेल्पडेस्क नंबर 01120909044 और 01120909045 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, समितियों के नंबर 0522 6937100, 0522 3108400, 0522 6931000 और 08069208210 पर भी फोन किया जा सकता है। संपर्क करने का समय सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक, सोमवार से शुक्रवार (केंद्र सरकार की छुट्टियों को छोड़कर) है।

वास्तु टिप्स: रसोई में इस जगह रखें हल्दी की गांठ, घर रहेगा पॉजिटिव

वास्तु शास्त्र में रसोई घर को घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है क्योंकि यह हमारे स्वास्थ्य और समृद्धि का केंद्र है। रसोई में रखी जाने वाली मसालों की रानी हल्दी केवल खाने का स्वाद और रंग ही नहीं बढ़ाती बल्कि इसमें अद्भुत औषधीय और आध्यात्मिक गुण भी होते हैं। 2026 के ग्रहों के बदलते प्रभाव और वास्तु गणनाओं के अनुसार, यदि हल्दी का सही इस्तेमाल किया जाए, तो यह घर से दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा को जड़ से खत्म कर सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किचन में हल्दी की गांठ रखने का सही तरीका और इसके चमत्कारी फायदे क्या हैं। हल्दी का ज्योतिषीय और वास्तु महत्व ज्योतिष शास्त्र में हल्दी का संबंध देवगुरु बृहस्पति से माना गया है। बृहस्पति सुख, सौभाग्य, बुद्धि और धन के कारक हैं। वास्तु के अनुसार, किचन में हल्दी का होना सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है लेकिन हल्दी की गांठ का एक विशेष स्थान पर होना आपके जीवन की दिशा बदल सकता है। किचन में कहां रखें हल्दी की गांठ ? अग्नि कोण: किचन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा अग्नि कोण होता है। यदि आपके किचन में वास्तु दोष है, तो एक पीले कपड़े में हल्दी की 5 गांठें बांधकर किचन के इस कोने में लटका दें। यह अग्नि और जल के बीच के संतुलन को बनाए रखता है। चावल के डिब्बे में: किचन में जहां आप चावल रखते हैं, वहां हल्दी की एक साबुत गांठ डाल देना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे 'अन्नपूर्णा दोष' दूर होता है और घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती। उत्तर-पूर्व कोना : यदि किचन उत्तर-पूर्व दिशा में बनी है, तो यहां कांच के एक छोटे बर्तन में हल्दी की गांठें भरकर रखें। यह गुरु ग्रह को मजबूत करता है और घर के सदस्यों की तरक्की के रास्ते खोलता है। मुख्य द्वार पर हल्दी का टीका किचन के प्रवेश द्वार या घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और गंगाजल का लेप लगाकर 'ॐ' या 'स्वास्तिक' का चिन्ह बनाएं। यह किसी भी प्रकार की बुरी नजर या नकारात्मक शक्ति को घर के भीतर आने से रोकता है। हल्दी के पानी का छिड़काव प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद एक तांबे के लोटे में पानी भरकर उसमें चुटकी भर हल्दी मिलाएं और पूरे किचन में उसका छिड़काव करें। यह सूक्ष्म कीटाणुओं के साथ-साथ मानसिक नकारात्मकता को भी समाप्त करता है। नजर दोष से मुक्ति यदि परिवार के किसी सदस्य को बार-बार नजर लगती है या किचन में काम करते समय मन अशांत रहता है, तो एक हल्दी की गांठ को काले धागे में बांधकर किचन की खिड़की पर लटका दें। यह सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।

होली से पहले इंदौर में स्वास्थ्य जांच, दूध, मावा और नमकीन के सैंपल लिए गए

इंदौर  सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर कुल 38 खाद्य नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित डेयरी, नमकीन और मिठाई प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया और मौके से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि होली तक यह विशेष अभियान लगातार जारी रखा जाए। अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिए जाएं, ताकि मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। किस संस्थान पर क्या कार्रवाई की गई     नंदलालपुरा स्थित शिवशक्ति दूध दही भंडार से दूध और दही के 2 नमूने लिए गए। जवाहर मार्ग, नंदलालपुरा सब्जी मंडी के जैन नमकीन भंडार से लौंग सेव का 1 नमूना लिया गया। सपना स्वीट्स (इमली बाजार) से मिठाई के 2 तथा अजय स्वीट्स (सादर बाजार) से दूध कतली और मिल्क केक के 2 नमूने जांच के लिए भेजे गए।     इमली बाजार स्थित किशनलाल मायाराम पुरोहित प्रतिष्ठान से मिल्क केक, मावा, मावा पेड़ा, बेसन चक्की और पनीर सहित 5 नमूने लिए गए। यहां साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिलने पर सुधार सूचना पत्र जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। पिपलियाहाना के फार्मर्स मिल्क कार्ट से पनीर, दही और मावा के 3 नमूने लिए गए।     विधाता स्वीट्स एंड डेयरी (इमली बाजार) से मावा, मिल्क केक, मावा कतली और मावा टिकिया के 4 नमूने, अग्रवाल स्वीट्स प्रोडक्ट प्रा. लि. (स्कीम नंबर 140) से पेड़ा, बेसन लड्डू और काजू कतली के 3 नमूने लिए गए।     ममता डेरी फार्म (148 सादर बाजार) से दही, पनीर और घी के 3 नमूने, आनंद श्री नमकीन एंड स्वीट्स (मरीमाता चौराहा) से मिल्क केक और मलाई टिकिया के 2 नमूने लिए गए। ओम नमकीन (दिलपसंद ग्रीन, स्कीम नंबर 140) से ड्राई फ्रूट चक्की, रतलामी सेव और खट्टा-मीठा नमकीन के 3 नमूने एकत्र किए गए।     गुरु कृपा मिल्क एंड फूड (ब्रह्मबाग कॉलोनी, मरीमाता चौराहा) से घी, पनीर और दही के 3 नमूने लिए गए। राजेश दूध दही भंडार से दूध और दही के 2 तथा जैन मिठाई भंडार (ग्रेटर बृजेश्वरी, पिपलियाहाना) से मिल्क केक, बेसन चक्की और काजू कतली के 3 नमूने जांच हेतु भेजे गए। प्रशासन की सबसे बड़ी कार्रवाई इमली बाजार और नंदलालपुरा क्षेत्र में देखी गई। किशनलाल मायाराम पुरोहित के यहाँ जांच दल को न केवल मावा और पनीर के संदिग्ध नमूने मिले, बल्कि वहां फैली गंदगी देख अधिकारी भड़क गए, जिसके बाद संचालक को तत्काल सुधार का नोटिस थमाया गया। इमली बाजार की ही विधाता स्वीट्स और सपना स्वीट्स से भी मावे की कतली और मिठाइयों के सैंपल लिए गए। वहीं, नंदलालपुरा की शिवशक्ति डेयरी और जैन नमकीन भंडार पर भी जांच टीम ने औचक निरीक्षण कर शुद्धता की पड़ताल की। :: शहर के पॉश इलाकों में भी प्रशासन की धमक; जेएमबी और अग्रवाल स्वीट्स रडार पर :: मिलावट के विरुद्ध यह अभियान केवल पुराने शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पॉश कॉलोनियों में भी प्रशासन की धमक सुनाई दी। टीम ने अग्रवाल स्वीट्स प्रोडक्ट (स्कीम 140), जेएमबी (ग्रेटर बृजेश्वरी) और ओम नमकीन जैसे बड़े आउटलेट्स पर भी दस्तक दी। यहाँ से काजू कतली, बेसन चक्की और रतलामी सेव जैसे उत्पादों के नमूने लिए गए। सदर बाजार की अजय स्वीट्स और ममता डेयरी से घी व मावे के सैंपल लिए गए, जबकि मरीमाता चौराहे पर आनंद श्री और गुरु कृपा मिल्क पार्लर पर भी प्रशासनिक कड़ाई देखने को मिली। इन सभी नमूनों को पूरी पारदर्शिता के साथ सील कर विस्तृत जांच की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। :: रिपोर्ट आते ही होगी सख्त जेल; मिलावटखोरों को कलेक्टर की सीधी चेतावनी :: कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ कर दिया है कि नागरिकों की सेहत के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं होगा। लिए गए सभी 38 नमूनों को विशेष माध्यम से राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि रिपोर्ट में मिसब्रांडेड या अनसेफ सामग्री पाई जाती है, तो संबंधित संचालकों पर भारी जुर्माने के साथ-साथ सीधे वैधानिक कार्रवाई यानी एफआईआर भी की जाएगी। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे खरीदारी करते समय पैकेट पर निर्माण तिथि, एफएसएसएआई नंबर और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें ताकि त्योहारों का आनंद सुरक्षित बना रहे। कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए निर्देश कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुधवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर स्पष्ट किया कि अमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विभिन्न विभागों के संयुक्त दल गठित कर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जाएगी। आगामी त्योहारों को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जाएगा। एफएसएसएआई के रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम (RBIS) के तहत हाई-रिस्क प्रतिष्ठानों का प्राथमिकता से निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक दर्ज मामलों के अलावा आगे भी दोषियों के खिलाफ तत्काल प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। बैठक में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता या मिलावट संबंधी शिकायतों के लिए उपभोक्ता 0731-181 तथा 0755-2840621 पर कॉल कर जानकारी दे सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में महिलाओं को धुएँ से मुक्ति

रायपुर. प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन के संकल्प के साथ प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचे और उनके जीवन में वास्तविक परिवर्तन आए। इसी उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं को रसोई में धुएँ से मुक्ति मिल रही है तथा उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन रहा है। जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा में हाल ही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पात्र महिलाओं को गैस कनेक्शन वितरित किए गए। इस अवसर पर लाभार्थियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। विकासखंड बगीचा निवासी क्रांति यादव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों गैस सिलेंडर प्राप्त कर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि अब उन्हें पारंपरिक चूल्हे के धुएँ से छुटकारा मिलेगा। पहले रसोई में धुएँ के कारण आँखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होती थी, लेकिन अब गैस कनेक्शन मिलने से वे स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में आसानी से भोजन बना सकेंगी। इसी प्रकार ग्राम मड़िया निवासी श्रीमती फूलमती नगेसिया ने बताया कि वे अब तक लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाती थीं। धुएँ के कारण घर का वातावरण खराब हो जाता था और उन्हें काफी असुविधा होती थी। निःशुल्क गैस कनेक्शन मिलने से अब खाना जल्दी और साफ-सुथरे तरीके से बन सकेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके लिए बहुत राहत लेकर आई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि समय और श्रम की भी बचत हो रही है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले की महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।