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आधार सेवा हुई स्मार्ट: गूगल मैप पर एक क्लिक में खोजें नजदीकी सेंटर

नई दिल्ली आधार कार्ड में किसी अपडेट के लिए या फिर नया बनवाने के लिए अकसर लोगों को सेंटर खोजने पड़ते हैं। इसमें उनका काफी वक्त खराब होता है और कई बार तो वे ऐसे पुराने आधार केंद्रों पर पहुंच जाते हैं, जहां पहले कभी काम हुआ करता था, लेकिन अब बंद हो गया है। ऐसी स्थिति से लोगों को बचाने के लिए अब UIDAI ने गूगल के साथ हाथ मिला लिया है। यह पाठक के तौर पर आपके लिए जरूरी और काम की खबर है। इसके चलते अब यदि आपको आधार कार्ड से जुड़ा कोई काम कराना हो तो आसानी से सेंटर पहुंच सकते हैं। इसके लिए आपको बस गूगल मैप पर सर्च करना होगा। यहां आपको आपके नजदीकी आधार केंद्र दिखेंगे। आईटी मिनिस्ट्री की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार अगले कुछ महीनों में गूगल मैप में यह फीचर आ जाएगा। यही नहीं गूगल मैप पर आधार सेंटर सर्च करने पर यह भी पता चलेगा कि किस केंद्र पर वयस्कों का नामांकन होता है। कहां बच्चों का आधार कार्ड बन सकता है और कहां सिर्फ आधार कार्ड में पता या मोबाइल नंबर ही अपडेट हो पाएगा। आईटी मंत्रालय का कहना है कि लोगों को यह भी जानकारी मिल पाएगी कि आधार सेंटर दिव्यांग फ्रेंडली है, वहां पार्किंग की सुविधा है या नहीं। सेंटर कब से तक खुलता है और किन दिनों में छुट्टी रहती है। ऐसी समस्त जानकारियां लोगों को सेंटर सर्च के दौरान ही मिल जाएंगी। े UIDAI का कहना है कि देश भर में 60 हजार आधार सेवा केंद्र हैं। इन तक पहुंचने में लोगों को अकसर परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार गलत जानकारी होने के चलते लोग भटकते रहते हैं। ऐसे में सभी केंद्रों की पूरी जानकारी हो और कहां क्या सेवा प्रदान की जाती है। इसके बारे में पता हो तो लोगों को सुविधा रहेगी। अहम बात यह है कि गूगल मैप पर सिर्फ आधिकारिक आधार सेंटर ही दिखाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों को आधार कार्ड के नाम पर किसी तरह की अवैध वसूली अथवा ठगी से बचाया जा सके। कई बार आधार से जुड़ी सर्विसेज देने के नाम पर रकम वसूलने के मामले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे में लोगों को सुविधाजनक और पारदर्शी व्यवस्था देने के लिए यह फैसला लिया गया है। UIDAI के सीईओ ने बताया, 'हमारा फोकस इस बात पर रहा है कि कैसे आधार नंबर होल्डर्स के लिए प्रक्रिया आसान की जाए। अब इस कोलैबरेशन से लोगों को आसानी से आधार केंद्र पहुंचने में मदद मिलेगी।' गूगल इंडिया के स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप कंट्री हेड रोली अग्रवाल ने कहा कि इससे लाखों लोगों को फायदा मिलेगा। जनता और जरूरी सरकारी संस्थानों के बीच गैप खत्म होगा। आधार कार्ड बनवाना है तो आपके काम की हैं ये बातें… – अब आप आसानी से आधार कार्ड पहुंच सकेंगे। इसके लिए आपको गूगल मैप पर बस यह सर्च करना होगा कि आपके आसपास कौन सा आधार सेवा केंद्र है। आप सही स्थान पर पहुंचेंगे और समय बचेगा। – इसके अलावा UIDAI के वैध केंद्र पर जाने से आप ठगे जाने से भी बच सकेंगे। यही नहीं मैप में ही आपको यह जानकारी भी मिल सकेगी कि किस सेंटर में क्या-क्या सुविधा मिलती है। पार्किंग आदि की सुविधा है या नहीं।  

कर्नाटक में CM फेस पर नया ट्विस्ट: DK शिवकुमार नहीं, HM के समर्थन में नारे; मंत्रीजी ने किया किनारा

बेंगलुरु कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद का नाटक अभी खत्म नहीं हुआ है। वहां लंबे समय से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार को सीएम बनाने को लेकिर सियासी रस्साकसी जारी है। अब इस नाटक में तीसरे किरदार की एंट्री हुई है। कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर के समर्थकों ने तुमकुरु में उनके सामने ही उनके समर्थन में राज्य के 'अगले मुख्यमंत्री' के नारे लगाए लेकिन बड़ी बात यह है कि परमेश्वर ने समर्थकों द्वारा लगाए गए राज्य के 'अगले मुख्यमंत्री' नारों से खुद को अलग कर लिया है। परमेश्वर ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि वह इस पद के लिए अटकलों को हवा नहीं देंगे और ना ही पैरवी करेंगे क्योंकि कोई भी निर्णय पार्टी के आला कमान का है। परमेश्वर ने बेंगलुरु में पत्रकारों से कहा कि उनके समर्थकों द्वारा लगाए गए नारों में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने दोहराया कि नेतृत्व संबंधी निर्णय उचित समय पर पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि और कोई भ्रम उत्पन्न हो। हमारा आलाकमान उचित समय पर निर्णय लेगा।” मैं कोई पैरवी नहीं करूंगा मंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा कथित पैरवी के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, "मैं कोई पैरवी नहीं करूंगा। कल मैंने जो कहा क्या आपने वह नहीं सुना? किसी ने मुझसे पूछा कि क्या मैं दिल्ली जा रहा हूं। मैं दिल्ली नहीं गया। बस इतना ही।" उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे निर्णय कांग्रेस के आलाकमान पर छोड़ दिए जाते हैं। परमेश्वर ने कहा कि शुभचिंतक अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकते हैं लेकिन उन्होंने उन्हें ऐसा करने से हतोत्साहित किया है। मैं इस भ्रम में शामिल नहीं होऊंगा उन्होंने कहा, "हो सकता है कि हमारे शुभचिंतक यहां अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हों। मैं उन्हें ऐसा करने से कैसे मना कर सकता हूं? मैंने उन्हें ऐसा ना करने के लिए कहा है… लेकिन जैसा कि मैंने कहा, मैं इस भ्रम में शामिल नहीं होऊंगा और न ही इसे बढ़ावा दूंगा।" कर्नाटक के गृह मंत्री ने लापता बच्चों के मामलों के संबंध में कहा कि सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रह रहे विदेशियों का पता लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।  

पर्यटन विशेषज्ञ किर्सी ने ग्रामीण महिलाओं संग किया महुआ संग्रहण, बस्तर की जैव विविधता और लोकसंस्कृति से हुए अभिभूत

रायपुर बस्तर की समृद्ध जैव विविधता, जीवंत लोकसंस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मीयता ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी गूंज दर्ज कराई है। संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय पर्यटन विशेषज्ञ एवं ‘हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग’ की संस्थापक  किर्सी ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान ग्रामीण परिवेश को नजदीक से समझते हुए स्थानीय महिलाओं के साथ महुआ संग्रहण में सहभागिता की। प्रवास के तीसरे दिन उन्होंने प्राकृतिक सौंदर्य के बीच ‘नेचर एंड एनवायरमेंट ऑब्जर्वेशन वॉक’ और बर्ड वॉचिंग गतिविधियों से दिन की शुरुआत की। स्थानीय गाइडों के साथ जंगल की पगडंडियों पर चलते हुए उन्होंने बस्तर की जैव विविधता, वन संपदा और पारिस्थितिकी तंत्र की विशेषताओं को समझा। ग्रामीण महिलाओं के साथ महुआ संग्रहण करते हुए वे खासा उत्साहित दिखीं और इसे आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्त उदाहरण बताया। दोपहर के समय बस्तर की सांस्कृतिक विरासत का मनोहारी दृश्य तब सामने आया, जब धुरवा जनजातीय नृत्य दल ने पारंपरिक मंडरी, डंडारी और गुरगाल नाचा की आकर्षक प्रस्तुति दी। पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों की थाप पर प्रस्तुत इन लोकनृत्यों ने विदेशी अतिथि को मंत्रमुग्ध कर दिया। पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों ने उन्हें इन नृत्यों के ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। इसके पश्चात उन्होंने पर्यटन विक्रेताओं, स्थानीय हितधारकों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण संवाद किया। इस दौरान बस्तर में ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं, उत्पादों के परिष्करण, विपणन रणनीतियों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकास पर तकनीकी चर्चा हुई। धुरमारास क्षेत्र में स्थानीय बांस शिल्पियों और कारीगरों के साथ आयोजित ‘तकनीकी इंटरैक्शन’ सत्र में  किर्सी ने बस्तर के प्रसिद्ध बांस हस्तशिल्प की बारीकियों को समझा और उत्पादों के गुणवत्ता संवर्धन एवं वैश्विक बाजार तक पहुंच बढ़ाने के सुझाव दिए। उन्होंने ‘कल्चर वॉक’ के माध्यम से ग्रामीण जीवन के विविध आयामों का अनुभव किया और स्थानीय आतिथ्य की सराहना की। दिन का समापन धुरवा डेरा होमस्टे में आयोजित डिब्रीफ सत्र के साथ हुआ, जहां पूरे दिन की गतिविधियों की समीक्षा की गई। जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस प्रवास का उद्देश्य बस्तर के ग्रामीण पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करना है। विशेषज्ञ ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बस्तर में प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का अद्भुत समन्वय है। यदि इसे सुनियोजित रूप से वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाए, तो यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का आकर्षक केंद्र बन सकता है। बस्तर का यह प्रवास न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीण महिलाओं, कारीगरों और स्थानीय समुदाय के आत्मविश्वास को भी नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ।

भारत की ‘धांसू’ मोटरसाइकिल का इजराइल में जलवा, मोदी-नेतन्याहू ने किया खास पोज

नई दिल्ली रॉयल एनफील्ड (Royal Enfield) एक ऐसा इंडियन मोटरसाइकिल ब्रांड है जिसने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है। चेन्नई की इस बाइक बनाने वाली कंपनी ने यूरोप, नॉर्थ अमेरिका और साउथ एशिया के मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। हालांकि, कंपनी को अभी सेंट्रल एशिया और मिडिल ईस्ट के मार्केट में गहराई तक जाना बाकी है। येरुशलम (Jerusalem) में एक टेक एग्जीबिशन में रॉयल एनफील्ड ने गोअन क्लासिक 350 को शोकेस किया है। इस इवेंट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शामिल रहे।   इन दोनों प्रधानमंत्री ने इस मोटरसाइकिल के साथ फोटो खिंचवाने का फैसला किया। PM मोदी इजराइल के दो दिन के दौरे पर हैं, क्योंकि दोनों देश ट्रेड के साथ-साथ कल्चर के मामले में भी रिश्ते बढ़ाने के तरीके ढूंढ रहे हैं। चलिए रॉयल एनफील्ड गोअन क्लासिक 350 के बारे में डिटेल से जानते हैं। रॉयल एनफील्ड गोअन क्लासिक 350 रॉयल एनफील्ड गोअन क्लासिक 350, क्लासिक 350 का बॉबर-स्टाइल लाइफस्टाइल वर्जन है, जिसमें इसके कोर पार्ट्स शेयर किए गए हैं। इसकी खासियतों में टियरड्रॉप शेप का फ्यूल टैंक, कर्व्ड फेंडर, एक फ्लोटिंग सीट और सबसे जरूरी, लंबे एप-हैंगर हैंडलबार शामिल हैं। बाइक में 349 cc, सिंगल-सिलेंडर, एयर-कूल्ड इंजन है जो 20.2 bhp और 27 Nm का पीक टॉर्क देता है। इसे 5-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। गोअन क्लासिक 350 एक डबल क्रैडल फ्रेम पर बनी है जिसे टेलिस्कोपिक फ्रंट फोर्क और डुअल शॉक एब्जॉर्बर से सस्पेंड किया गया है। बाइक में 19-इंच के फ्रंट और 16-इंच के रियर वायर-स्पोक व्हील हैं जिनमें ट्यूबलेस टायर हैं। ब्रेकिंग का काम 300 mm के फ्रंट और 270 mm के रियर डिस्क ब्रेक करते हैं, जिन्हें डुअल-चैनल ABS से मदद मिलती है। इसमें LED लाइट, ट्रिपर नेविगेशन और गियर पोजीशन इंडिकेटर लगे हैं। अभी किन मार्केट में एक्सपोर्ट हो रही भारत के साथ-साथ, गोअन क्लासिक को यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और नॉर्थ अमेरिका जैसे विदेशी मार्केट में भी भेजा जाता है। यह बाइक एक खास पेशकश है जो खास तौर पर डेवलप्ड मार्केट को टारगेट करती है और रॉयल एनफील्ड की बड़ी ग्लोबल स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक गोअन क्लासिक की सेल्स या एक्सपोर्ट के सही आंकड़े नहीं बताए हैं। एनफील्ड अभी दुनिया भर के 80 देशों में काम करती है। रॉयल एनफील्ड की इलेक्ट्रिक बाइक रॉयल एनफील्ड की पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल का इंतजार सभी को है। कई बार टेस्टिंग के दौरान की फोटोज भी सामने आ चुकी है। साथ ही, कंपनी भी इसे शोकेस कर चुकी है। अब लग रहा है कि ये इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। दरअसल, ये इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल अब प्रोडक्शन के करीब आती दिख रही है। आने वाली फ्लाइंग फ्ली (FF C6) को अब चेन्नई में बिना किसी कवर के टेस्टिंग करते हुए देखा गया है, जिससे अब तक की सबसे साफ झलक मिलती है कि भारत के लिए ब्रांड की पहली EV क्या हो सकती है। साथ ही, ये नई झलक इस बात का इशारा है कि लॉन्च की तैयारियां एडवांस स्टेज में हैं।

‘The Kerala Story 2’ पर ब्रेक: केरल हाईकोर्ट बोला- सेंसर बोर्ड ने बिना जांच दी मंजूरी

केरल द केरल स्टोरी 2 की रिलीज पर केरल हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट का कहना है कि सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेशन के समय दिमाग नहीं लगाया। बता दें कि एक बायोलॉजिस्ट ने कोर्ट में फिल्म को बैन करने की याचिका दी थी। कोर्ट ने कहा था कि रिलीज के पहले फिल्म देखकर तय किया जाएगा। 27 फरवरी को मूवी रिलीज होनी थी। कोर्ट ने सीबीएफसी को आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता की आपत्तियों पर गौर करे और इस मामले पर दो हफ्ते के अंदर ले। कोर्ट का कहना है कि जब तक इस केस की जिरह पूरी नहीं होती, फिल्म रिलीज नहीं होनी चाहिए। केरल के शख्स ने दी थी याचिका बता दें कि केरल के 26 साल के बायोलॉजिस्ट श्रीदेव नांबूदीरी ने केरल हाईकोर्ट में याचिका दी थी। उनका कहना था कि फिल्म में केरल को बदनाम करने की साजिश की गई है। उन्होंने सीबीएफसी के U/A सर्टिफिकेशन को भी चुनौती दी थी। श्रीदेव का कहना था कि बोर्ड ने ठीक से मूल्यांकन नहीं किया है। इसके बाद कोर्ट ने रिलीज के पहले फिल्म देखने का फैसला लिया था। शुक्रवार को फिल्म रिलीज होनी थी इससे पहले कोर्ट ने इसकी रिलीज अंतरिम रोक लगा दी है। ट्रेलर आने के बाद से चल रहा बवाल द केरल स्टोरी 2 का ट्रेलर आउट होने के बाद से ही इस पर कॉन्ट्रोवर्सी हो रही है। कई लोगों का आरोप है कि मूवी में एक समुदाय विशेष की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। वहीं केरल के लोगों की शिकायत है कि उनके राज्य का नाम बदनाम किया गया है। सीबीएफसी ने सुझाए थे ये कट्स केरल स्टोरी 2 का रन टाइम 131 मिनट 24 सेकंड था। सेंसर बोर्ड ने इसमें 16 बदलाव बताए थे। फिल्म को U/A और 16+ सर्टिफिकेशन दिया गया था। बोर्ड ने मेकर्स को इसमें महिला को थप्पड़ मारने, रेप, लिप लॉक जैसे सीन्स कट करने के आदेश दिए थे। क्या दिखाया है ट्रेलर में द केरल स्टोरी 2 के ट्रेलर में अलग-अलग राज्यों की कहानी दिखाई गई है। मेकर्स ने कैप्शन में दावा किया है कि यह सच्ची घटनाओं से प्रेरित कहानी है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे मुस्लिम समुदाय के लोग हिंदु लड़कियों को बरगलाकर उनसे शादी करते हैं। इसके बाद उनका मानसिक और शारीरिक शोषण होता है।

वायरल फोटो से सनसनी: स्टीफन हॉकिंग एपस्टीन केस में घिरे, नई तस्वीर ने बढ़ाई हलचल

वॉशिंगटन जब से एपस्टीन फाइल जारी हुई हैं, तब से अमेरिका समेत दुनियाभर में हड़कंप मचा हुआ है। कई नामी-गिरामी लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। अब स्टीफन हॉकिंग की एक तस्वीर सामने आई है, जिसने हंगामा खड़ा कर दिया है। जेफरी एपस्टीन की फाइलों से सामने आई इस फोटो में स्टीफन हॉकिंग दो बिकिनी पहनी महिलाओं के बीच में हैं। हॉकिंग के बगल में लेटीं दोनों महिलाओं की पहचान उजागर नहीं हुई है। एक महिला हॉकिंग के दाएं ओर है, तो दूसरी बाएं ओर लेटी है। तीनों के हाथों में पेय पदार्थ है और स्टीफन हॉकिंग वाला ग्लास उनके अलावा महिला ने भी पकड़ रखा है। दोनो महिलाओं के चेहरे को काले रंग से ढक दिया गया है, ताकि पहचान सामने न आए। दोनों ने ब्लैक कलर की बिकिनी पहन रखी है। जेफरी एपस्टीन की फाइलों के नए बैच से सामने आई इस तस्वीर के बारे में यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि तस्वीर कब और कहां ली गई थी, लेकिन इसका खुलासा होने के बाद यह सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैलने लगी। स्टीफन के परिवार ने द पोस्ट को एक बयान में बताया, “प्रोफेसर हॉकिंग ने 20वीं सदी में फिजिक्स में सबसे बड़ा योगदान दिया, साथ ही वे मोटर न्यूरॉन बीमारी से सबसे लंबे समय तक बचने वाले व्यक्ति भी थे। यह एक ऐसी बीमारी थी जो उन्हें कमजोर कर देती थी और जिसके कारण उन्हें वेंटिलेटर, वॉइस सिंथेसाइज़र, व्हीलचेयर और चौबीसों घंटे मेडिकल केयर पर निर्भर रहना पड़ता था।” साल 2018 में हुई थी हॉकिंग की मौत बयान में आगे कहा कि उनकी तरफ से गलत व्यवहार का कोई भी इशारा गलत और बहुत दूर की कौड़ी है। हॉकिंग की 50 साल तक बीमारी से लड़ने के बाद साल 2018 में 76 साल की उम्र में मौत हो गई। वह दुनिया भर में मशहूर साइंटिस्ट्स के एक ग्रुप में शामिल थे, जिन्होंने मार्च 2006 में एपस्टीन द्वारा फंडेड और होस्ट किए गए एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था- यह उस बदनाम फाइनेंसर पर फ्लोरिडा में प्रॉस्टिट्यूशन के लिए लालच देने का आरोप लगने से पांच महीने पहले की बात है। कैरिबियन आइलैंड सेंट थॉमस पर हुई थी कॉन्फ्रेंस यह कॉन्फ्रेंस कैरिबियन आइलैंड सेंट थॉमस पर हुई थी, जो एपस्टीन के बदनाम प्राइवेट आइलैंड के पास है। बता दें कि हॉकिंग का नाम एपस्टीन की फाइलों में तब भी आया था, जब वर्जीनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि साइंटिस्ट ने एक बार वर्जिन आइलैंड्स में एक नाबालिग ग्रुप पार्टी में हिस्सा लिया था। फाइलों में मौजूद ईमेल के मुताबिक, एपस्टीन ने गिफ्रे के दोस्तों को कैश इनाम देने की पेशकश की थी, अगर वे उसके दावे को गलत साबित करने में मदद कर सकें। हालांकि, हॉकिंग पर कभी भी किसी गलत काम का ऑफिशियली आरोप नहीं लगाया गया और उनकी मौत 2019 में एपस्टीन के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार होने से पहले हुई थी।

महिलाओं की सुरक्षा से सशक्त होंगे एमपी के पर्यटन स्थल, भोपाल में तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू

भोपाल  अपर मुख्य सचिव गृह और संस्कृति  शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि जिलों में लगातार पुलिस की सक्रिय भागीदारी और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा रहा है। जब महिलाएं सुरक्षित होती हैं, तब सब सुरक्षित होते हैं। महिला पर्यटक सहित हर महिला और बच्चे का विश्वास, जमीनी स्तर तक सुरक्षित रहना चाहिए। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला एमपीटी होटल पलाश में मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड (एमपीटीबी), पुलिस विभाग और यूएन वूमेन के समन्वय से आयोजित “पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की भूमिका और रणनीति” विषय पर तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। अपर मुख्य सचिव  शुक्ला ने कहा कि पर्यटन विभाग, पुलिस विभाग के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर पर्यटन स्थल पर सुरक्षा तंत्र प्रभावी रूप से कार्य करे। “निर्भया फ्रेमवर्क” जैसी पहल और कैमरा निगरानी प्रणाली में 19 करोड़ रुपये के निवेश से मध्यप्रदेश को महिला सुरक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सुशासन की प्राथमिकता है। यह पर्यटन विकास और जनता के विश्वास से सीधे संबद्ध है। सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड डॉ. इलैया राजा टी. ने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने वाला प्रमुख क्षेत्र है, इसलिए पर्यटकों की सुरक्षा सबसे आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में लोगों में पर्यटन की इच्छा बढ़ रही है। सुरक्षा की भावना, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा, पर्यटन ग्रोथ का निर्णायक कारक है। पुलिस विभाग और यूएन वूमेन सामंजस्य से सकारात्मक वातावरण निर्मित होगा। सचिव डॉ. इलैया ने बताया कि पर्यटन बोर्ड महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है। महिलाओं को ड्राइवर, गाइड और होम-स्टे संचालक के रूप में आगे लाया जा रहा है, क्योंकि सशक्त महिलाएं सुरक्षित पर्यटन स्थलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके साथ ही समुदाय स्तर पर महिलाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, ताकि उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़े और जमीनी स्तर पर सहभागिता मजबूत हो। उल्लेखनीय है कि “सेफ टूरिस्ट डेस्टिनेशन फॉर वीमेन” परियोजना के तहत तीन दिवसीय कार्यशाला 28 फरवरी तक आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना और पूरे प्रदेश में महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित व संवेदनशील वातावरण सुनिश्चित करना है। कार्यशाला में विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) पीएचक्यू भोपाल  अनिल कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक (महिला सुरक्षा शाखा)  संतोष गौर, पुलिस उप महानिरीक्षक (महिला सुरक्षा शाखा) मती किरणलता केरकेट्टा, पुलिस अधीक्षक (महिला सुरक्षा) सु बीना सिंह और सु स्वाति मुराव सहित गृह विभाग, पुलिस विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के पहले दिन पर्यटन विभाग ने समुदाय आधारित पर्यटन मॉडल के तहत महिलाओं की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए की जा रही पहलों की जानकारी दी। पुलिस विभाग के द्वारा कानूनी प्रावधानों, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली, हेल्पलाइन तंत्र और जेंडर-संवेदनशील पुलिसिंग की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। साथ ही धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, पुरातात्विक स्थल, वन क्षेत्र, बड़े आयोजन, एडवेंचर पर्यटन, आतिथ्य संस्थान और साइबर से जुड़ी चुनौतियों जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। शुक्रवार और शनिवार के सत्रों में केस स्टडी, व्यवहारिक अभ्यास और रणनीति आधारित चर्चा होगी, जिनके माध्यम से राज्य के पर्यटन तंत्र में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ठोस और लागू करने योग्य उपाय तैयार किए जाएंगे।  

NCP में बड़ा बदलाव: सुनेत्रा पवार को सौंपी गई राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी

मुंबई एनसीपी के मुंबई अधिवेशन में सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। अजित पवार के निधन के बाद उन्हें पहले उपमुख्यमंत्री और अब संगठन की कमान सौंपी गई है। बारामती से उनके चुनाव लड़ने की चर्चा भी तेज है। वहीं पार्थ पवार को भी बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।   महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी में नेतृत्व परिवर्तन के साथ नया राजनीतिक अध्याय शुरू हो गया है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। पार्टी बैठक में लिया गया यह फैसला राज्य की राजनीति में अहम माना जा रहा है। अजित पवार की विमान हादसे में मौत के बाद पार्टी और सत्ता दोनों की जिम्मेदारियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल।   अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति अचानक नए मोड़ पर आ गई थी। उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार को सौंपी गई और अब उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय कमान भी मिल गई है। पिछले कुछ दिनों से एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय की चर्चा चल रही थी, लेकिन अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेताओं ने इसमें खास रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए नया नेतृत्व तय किया और सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का फैसला लिया गया।   मुंबई अधिवेशन में सर्वसम्मति से फैसला एनसीपी का राष्ट्रीय अधिवेशन 2026 मुंबई के वर्ली इलाके में आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी के सभी बड़े नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। अधिवेशन के दौरान सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव को सभी नेताओं ने एकमत से मंजूरी दी। पार्टी नेता प्रफुल्ल पटेल ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की। साथ ही यह भी तय किया गया कि प्रफुल्ल पटेल पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रहेंगे, जबकि महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सांसद सुनील तटकरे संभालेंगे। बारामती से विधायक बनने की चर्चा तेज राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा तेज हो गई है कि सुनेत्रा पवार जल्द ही बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ सकती हैं। यह सीट अजित पवार की राजनीतिक पहचान मानी जाती रही है। अगर उपचुनाव होता है तो सांसद सुप्रिया सुले ने उम्मीद जताई है कि यह चुनाव निर्विरोध भी हो सकता है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि आने वाले समय में सुनेत्रा पवार विधानसभा पहुंचकर राज्य की राजनीति में और मजबूत भूमिका निभा सकती हैं।

जापान की सुपरफास्ट मैग्लेव ट्रेन ने CM योगी को किया इम्प्रेस, 500 KM/H स्पीड पर दिया थम्स अप

लखनऊ जापान दौरे पर गए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी में मैग्लेव ट्रेन में सफर किया। इस दौरान ट्रेन की स्पीड 500 किमी/घंटे की थी। हवा से बातें करती ट्रेन की रफ्तार देख योगी भी दंग रह गए। उन्होने ट्रेन के स्पीड बोर्ड के साथ फोटो भी खिचवाई। और फिर थम्स अप का साइन दिखाया। इस दौरान वे बार-बार ट्रेन की स्पीड देख रहे थे। जो वाकई चौंकाने वाली थी। मुख्यमंत्री ने करीब 100 किमी की दूसरी ट्रेन से तय की। मैग्लेव ट्रेन को आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम का भविष्य माना जा रहा है। चुंबकीय तकनीक के कारण ट्रेन और ट्रैक के बीच प्रत्यक्ष संपर्क समाप्त हो जाता है,जिससे घर्षण लगभग शून्य हो जाता है। यही कारण है कि यह ट्रेन 500 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति हासिल करने में सक्षम है। आपको बता दें सीएम योगी की जापान यात्रा का आज आखिरी दिन है। किस तकनीक पर दौड़ती है मैग्वेल ट्रेन? मैग्लेव ट्रेन शक्तिशाली चुंबकों की मदद से पटरियों के ऊपर तैरते हुए चलती है। ट्रेन और ट्रैक के बीच सीधा संपर्क नहीं होता। यह ट्रेन 500 किमी/घंटा या उससे अधिक की गति हासिल कर सकती है। जापान की मैग्लेव प्रणाली, जिसे Central Japan Railway Company संचालित करती है, विश्व की सबसे तेज़ ट्रेनों में शामिल है। पहियों और पटरी के बीच संपर्क न होने से घर्षण बहुत कम होता है, जिससे गति अधिक और ऊर्जा दक्षता बेहतर होती है। भविष्य की हाई स्पीड ट्रांसपोर्ट तकनीक पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में मैग्लेव में कंपन और शोर कम होता है,जिससे सफर अधिक आरामदायक बनता है। उन्नत नियंत्रण प्रणाली और ट्रैक डिजाइन के कारण दुर्घटना की संभावना बेहद कम मानी जाती है। यांत्रिक घिसावट कम होने से रखरखाव की आवश्यकता भी अपेक्षाकृत कम होती है। तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प होने के कारण मैग्लेव को भविष्य की हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट तकनीक माना जाता है। ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर MoU साइन जापान दौरे के दौरान यूपी सरकार और यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्रों को जापान में उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा और सीखी गई तकनीक को प्रदेश की इंडस्ट्री, सार्वजनिक परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र में लागू किया जाएगा। यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने शासन की कार्यप्रणाली को ‘रिएक्टिव’ से बदलकर ‘प्रोएक्टिव’ बनाया है। उन्होंने जोर दिया कि यही बदलाव प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति की नींव बना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो में जी2जी (गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) स्तर की बैठकों में भाग लिया, जहां जापानी उद्योग समूहों के साथ व्यापक संवाद हुआ।  

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के साथ समन्वय बैठक आयोजित

रायपुर राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग में आज  एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  यशवंत कुमार तथा राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव मती शिखा राजपूत तिवारी सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे  राज्य निर्वाचन आयुक्त ने स्थानीय निकायो के आगामी आम एवं उप निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।  उन्होंने विशेष रूप से निर्वाचक नामावली के अद्यतन कार्य को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिए कि आगामी  आम /अप निर्वाचन हेतु आवश्यक ,निर्वाचक नामावली तैयार करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से विधानसभा क्षेत्रवार निर्वाचक नामावली का अद्यतन डाटा शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उक्त नामावली प्राप्त होते ही जिससे  स्थानीय निकाय के  आगामी निर्वाचन हेतु समयबद्ध एवं त्रुटिरहित निर्वाचक नामावली  तैयार  की जाएगी तथा निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के नगरीय निकायो में  अध्यक्ष के  6 एव पार्षद  के  75 पद तथा ग्रामीण निकायों में  जनपद पंचायत सदस्य के 06 पद, सरपंच के 70 पद तथा पंच के  977 पद रिक्त हैं जिन पर आम/उप चुनाव अपेक्षित हैं ।