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मुख्य ग्रंथी के पद से विदाई के बाद पंथक राजनीति गरमाई, SGPC फैसले पर विवाद

अमृतसर (पंजाब) शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुवार को श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी और श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह को अनुशासनहीनता और प्रबंधन को चुनौती देने के आरोप में पद से हटाकर जबरन रिटायर कर दिया।  लंबे समय से चल रही तनातनी के बीच हुए इस फैसले ने पंजाब की पंथक राजनीति में हलचल मचा दी है। फिलहाल उनके स्थान पर नए मुख्य ग्रंथी की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने निर्णय को उचित ठहराते हुए कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह ने नियमों के विरुद्ध सार्वजनिक बयानबाजी की और मर्यादा के अनुरूप ड्यूटी नहीं निभाई। हालांकि पंथक हलकों में इसे महज प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि यह कदम शिरोमणि अकाली दल (बादल) और एसजीपीसी के उस गठजोड़ की प्रतिक्रिया है, जो पंथक संस्थाओं पर अपनी पकड़ कमजोर पड़ने से असहज है। क्यों गिरी गाज? हुक्मनामा बना टकराव की जड़ विवाद की जड़ 2 दिसंबर 2024 का वह हुक्मनामा माना जा रहा है, जो ज्ञानी रघबीर सिंह ने अकाल तख्त के जत्थेदार रहते हुए जारी किया था। इसमें शिरोमणि अकाली दल की तत्कालीन नेतृत्व को तनखैया घोषित करते हुए पार्टी के पुनर्गठन के आदेश दिए गए थे। साथ ही प्रकाश सिंह बादल को दिया गया फख्र-ए-कौम खिताब भी वापस लिया गया था। इस फैसले को पंथक राजनीति में ऐतिहासिक और विवादास्पद माना गया। इसके बाद ज्ञानी रघबीर सिंह ने एसजीपीसी में लंगर घोटाले, संपत्तियों की अवैध बिक्री और गोलक के धन में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। पहले उन्हें मार्च 2025 में अकाल तख्त के जत्थेदार पद से हटाया गया और अब 26 फरवरी 2026 को मुख्य ग्रंथी पद से भी सेवामुक्त कर दिया गया। पंथक राजनीति पर असर, संस्थागत साख दांव पर विश्लेषकों के अनुसार, यह निर्णय पंजाब में नए पंथक ध्रुवीकरण को जन्म दे सकता है। यदि सिख संगत इस कार्रवाई को आवाज दबाने के रूप में देखती है तो इसका उल्टा असर अकाली दल (बादल) पर पड़ सकता है। वहीं समर्थक इसे संगठनात्मक अनुशासन की बहाली बता रहे हैं। एसजीपीसी पर एक परिवार के प्रभाव के आरोप भी तेज हो सकते हैं और कमेटी चुनाव की मांग जोर पकड़ सकती है। अमृतसर व ग्रामीण पंजाब में ज्ञानी रघबीर सिंह की छवि बेबाक और मर्यादा के रक्षक की रही है। उन्होंने जाते-जाते कहा है कि वे भ्रष्टाचार के सबूत संगत के सामने रखेंगे। स्पष्ट है कि यह फैसला केवल एक पद परिवर्तन नहीं, बल्कि पंजाब की पंथक राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत है। आने वाले समय में इसका असर एसजीपीसी की विश्वसनीयता और अकाली दल की सियासी स्थिति पर गहरा पड़ सकता है। सच की आवाज दबाई गई, वडाला का एसजीपीसी पर हमला श्री हरिमंदिर साहिब के पूर्व हजूरी रागी और सिख सद्भावना दल के मुखी भाई बलदेव सिंह वडाला ने कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह को पद से हटाकर एसजीपीसी ने साबित कर दिया है कि सच बोलने वालों की आवाज दबाई जाती है। उन्होंने कहा कि जब 2 दिसंबर 2024 को अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार रहते हुए ज्ञानी रघबीर सिंह ने अकाली दल बादल नेतृत्व के खिलाफ हुक्मनामा जारी किया था, तभी तय हो गया था कि उन्हें किसी न किसी बहाने पद से हटाया जाएगा। पहले उन्हें जत्थेदार पद से हटाया गया और अब मुख्य ग्रंथी पद से भी हटा दिया गया। वडाला ने आरोप लगाया कि एसजीपीसी और अकाली नेतृत्व पंथक मर्यादा से समझौता कर रहे हैं, जिसका जवाब पंथ जरूर मांगेगा।   सरबत खालसा बुलाने की उठी मांग, पंथक संगठनों की चुप्पी पर सवाल इंटरनेशनल पंथक दल के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा ज्ञानी रघबीर सिंह को सेवा मुक्त किए जाने के फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश–विदेश की पंथक जत्थेबंदियों और सिख संप्रदायों की चुप्पी ने बादल दल नेताओं को पुनः मनमानी करने का अवसर दिया है। अब समय आ गया है कि श्री अकाल तख्त साहिब पर ‘सरबत खालसा’ बुलाया जाए।  

भिलाई स्टील प्लांट का ‘फौलाद’ बना हिस्सा, आईएनएस अंजदीप आज भारतीय नौसेना बेड़े में शामिल

भिलाई देश की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात निर्माता कंपनी और महारत्न स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा निर्मित आईएनएस अंजदीप के लिए आवश्यक विशेष-ग्रेड स्टील की पूरी मात्रा उपलब्ध कराई है। आईएनएस अंजदीप भारतीय नौसेना में शामिल होने जा रहा तीसरा एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट कार्वेट है, इससे पहले आईएनएस अरनाला और आईएनएस एंड्रोथ बेड़े में शामिल किए जा चुके हैं। अंजदीप में सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र के अलावा बोकारो व राउरकेला संयंत्र में उत्पादित विशेष ग्रेड का स्टील लगा है। बोकारो, भिलाई और राउरकेला का स्टील लगा पुराने अभय-श्रेणी के जहाजों को बदलने के लिए स्वदेशी एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी कार्वेट का निर्माण किया जा रहा है। इस रणनीतिक परियोजना के लिए सेल ने कुल आठ कार्वेट के निर्माण हेतु लगभग 3,500 टन विशेष-ग्रेड स्टील की आपूर्ति की है। यह स्टील सेल के बोकारो, भिलाई और राउरकेला के संयंत्रों से प्रदान की गई, जो देश की घरेलु सप्लाई चेन की मजबूती को दर्शाती है। इस उपलब्धि से न केवल रक्षा निर्माण में भारत की आत्मनिर्भरता को बल मिला है, बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम हुई है। सेल ने पहले भी आईएनएस विक्रांत, आईएनएस उदयगिरि, आईएनएस नीलगिरी और आईएनएस सूरत जैसी प्रमुख नौसैनिक परियोजनाओं के लिए विशेष-ग्रेड स्टील उपलब्ध कराकर देश के रक्षा स्वदेशीकरण में योगदान दिया है। आत्मनिर्भर भारत को मजबूती INS अंजदीप में पूरी तरह स्वदेशी स्टील का इस्तेमाल भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करता है। इससे विदेशों पर निर्भरता कम होती है और देश की रणनीतिक ताकत बढ़ती है। SAIL इससे पहले भी INS विक्रांत, INS उदयगिरी, INS नीलगिरी और INS सूरत जैसे बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स के लिए स्टील दे चुकी है। INS अंजदीप के नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा और मजबूत होगी। इसे डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। INS अंजदीप की खूबियां- पनडुब्बी रोधी क्षमता: यह जहाज हल्के वजन वाले टारपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट से लैस है, जो पानी के अंदर छिपे दुश्मन का सटीक शिकार कर सकते हैं। माइन्स (Mines): इसमें समुद्र में माइन्स बिछाने की भी क्षमता है, जिससे समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और भी मजबूत हो जाती है। क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS): नजदीकी खतरों और हवाई हमलों से निपटने के लिए इसमें आधुनिक गन सिस्टम लगे हैं। सोनार (Sonar) सिस्टम: यह जहाज उन्नत हल्क-माउंटेड सोनार और 'लो-फ्रीक्वेंसी एक्टिव टोव्ड ऐरे' (LFATA) सोनार से लैस है, जो गहरे और उथले पानी में पनडुब्बियों की आहट को आसानी से पकड़ लेते हैं। उथले पानी का 'किंग': INS अंजदीप को विशेष रूप से शैलो वाटर यानी उथले पानी (तटीय इलाकों) के लिए बनाया गया है, जहाँ बड़े युद्धपोत आसानी से नहीं जा सकते।  

बीजापुर में सुरक्षा बलों ने 2 नक्सलियों को ढेर किया, अन्वेष और उसके 12 साथियों ने किया सरेंडर

जगदलपुर/बीजापुर ओडिशा में माओवादी नेता ने अपने एक साथी को सरेंडर करने से रोकने के लिए उसकी हत्या कर दी और उसके शव को कंधमाल जिले के एक जंगल में दफना दिया। पुलिस ने बताया कि इस घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित की लाश दारिंगबाड़ी पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत अरबाडू जंगल में मिली। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य ओडिशा के कंधमाल जिले में एक नक्सली को उसके ही साथियों ने गोली मारकर दफना दिया। अन्वेष 22 लाख का इनामी था। वह अपने 12 साथियों के साथ जल्द ही आत्मसमर्पण करने वाला था। उससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई। जांगला थाना क्षेत्र के इंद्रावती नदी के जैगुर-डोडुम के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए निकली थी। जवानों को देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी गोलियां दागी। ढेर हुए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल है। सरेंडर करना चाहता था रेणु पुलिस ने बताया कि रेणु की हत्या कथित तौर पर 29 जनवरी को सुकरू ने की थी, जो अभी केकेबीएन डिवीजन का हेड है। उन्होंने बताया कि रेणु के सरेंडर करने का इरादा जताने के बाद सुकरू ने उसकी हत्या कर दी थी। रेणु की बॉडी को जंगल में गहरे दफना दिया गया था। यह मामला तब सामने आया जब सरेंडर करने वाले एक माओवादी ने पूछताछ के दौरान कथित हत्या के बारे में बताया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हमने दरिंगबाड़ी पुलिस स्टेशन में सुकरू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है और जांच शुरू की है। उन्होंने बताया कि बॉडी को पोस्ट-मॉर्टम के लिए बरहामपुर के एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल भेज दिया गया है। जानिए कैसे सरेंडर करने से रोकते थे माओवादी पुलिस ने बताया कि इस हत्या से पता चलता है कि कैसे बड़े माओवादी नेता सिस्टमैटिक तरीके से कैडर को सरेंडर करने से रोकते थे और हथियार डालने की कोशिश करने वालों को मार भी देते थे। उन्होंने बताया कि कई क्राइम सिंडिकेट में ये आम बात है। पुलिस ने रविवार को रायकिया पुलिस स्टेशन के तहत नंदबली रिजर्व फॉरेस्ट में एक ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने दो माओवादियों को मार गिराया था। इस पूरी कार्रवाई के तीन दिन बाद पुलिस ने शव की बरामदगी की थी। पुलिस को मौके से हथियारों, गोला-बारूद और माओवादी सामान का एक जखीरा भी मिला था। पुलिस ने परिवार को सौंपा शव बुधवार को पुलिस ने कानूनी फॉर्मैलिटी पूरी करने के बाद दोनों माओवादियों की बॉडी उनके परिवारों को सौंप दीं। बॉडी लेने के लिए रिश्तेदार छत्तीसगढ़ से फूलबनी आए थे। एक पुलिस ऑफिसर ने बताया कि हमने परिवारों को बॉडी उनके घर ले जाने में मदद करने के लिए एक एम्बुलेंस और पैसे की मदद दी। पुलिस ने बताया कि केंद्र द्वारा निर्धारित 31 मार्च की डेडलाइन को पूरा करने के लिए वे पूरी लगने से काम कर रहे हैं।  इंसास राइफल, बोर बंदूके जब्त एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च अभियान में दो वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए। मौके से एक SLR, एक इंसास राइफल, एक 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग के सामान भी जब्त किए गए हैं। पड़ोसी राज्य में नक्सली की हत्या 26 फरवरी को ओडिशा के कंधमाल जिले में नक्सली को उसके ही साथियों ने मार डाला। पुलिस के मुताबिक, अन्वेष दरिंगबाड़ी थाना क्षेत्र के पाकरी रिजर्व फॉरेस्ट में केकेबीएन ग्रुप के एरिया पार्टी कमांडर था। अन्वेष समर्पण की तैयारी में था। इसी शक में उसे मारकर जंगल में दफना दिया गया। मोस्ट वांटेड नक्सली सुकुरु और अन्य साथियों ने वारदात को अंजाम दिया है। हत्या से पहले दोनों पक्षों में विवाद भी हुआ था। कंधमाल एसपी हरीशा बीसी ने घटना को संगठन की अंदरूनी कलह बताया है। उन्होंने कहा कि, जो लोग अभी भी संगठन में हैं, वे सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर सामान्य जीवन में लौटें। कांकेर में डीवीसीएम मासे ने डाले हथियार कांकेर के छिंदपदर गांव से माओवादी डीवीसीएम मासे बारसा ने एके 47 के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। मासे साल 2003 से दण्डकारणय, अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर में माओवाद संगठन में सक्रिय थी। 26 फरवरी को उसने जंगल के रास्ते हाथों में AK-47 लेकर कांकेर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। 6 फरवरी को 7 नक्सली मारे गए थे इससे पहले 6 फरवरी को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर हुए थे। इनमें 3 महिला नक्सली शामिल थे। वहीं महाराष्ट्र का एक जवान शहीद हो गया था, 1 अन्य जवान घायल था। नक्सलियों की ओर से फायरिंग में गोली कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) को जा लगी। उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर भामरागड़ के अस्पताल लाया गया था। जहां ऑपरेशन के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था।

रायपुर: किसानों की समृद्धि से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना, बोले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय होली से पहले किसानों को मिलेगी 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धान के अंतर की राशि मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं ने जताया आभार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 फरवरी को बिलासपुर जिले में आयोजित होगा राज्य स्तरीय राशि अंतरण कार्यक्रम रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाता देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है और किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। मुख्यमंत्री से आज उनके निवास कार्यालय में प्रदेश के किसानों ने सौजन्य मुलाकात की और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान के अंतर की 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित करने की घोषणा पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं की ओर से अभिनंदन किया।               मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी सदैव किसानों की चिंता करते हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की उन्नति ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि अटल जी के समय किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होने लगा। इससे पहले किसानों को महाजनों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे आर्थिक शोषण का शिकार होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को ब्याज मुक्त पूंजी की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है और प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि धान के अंतर की लगभग 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। 28 फरवरी को बिलासपुर जिले से इस राशि का अंतरण किया जाएगा और पूरे प्रदेश के विकासखंडों में इसे उत्सव की तरह मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार आगे भी किसानों के हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर सहित प्रदेश भर से आए किसान उपस्थित थे।

खेल महोत्सव मानवीय संकल्प और आत्मविश्वास का प्रतीक, बोले राज्यपाल पटेल

खेल महोत्सव मानवीय संकल्प, आत्मविश्वास और अदम्य साहस का प्रदर्शन : राज्यपाल  पटेल राज्यपाल राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव- 2026 नॉट आउट @100 के समापन समारोह में शामिल हुए भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि मानवीय संकल्प, आत्मविश्वास और अदम्य साहस के अद्भुत प्रदर्शन का मंच है। राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव- 2026  नॉट  आउट @100 का समापन केवल समारोह भर नहीं है, यह आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन का उत्सव है। प्रतियोगिता के प्रत्येक प्रतिभागी खिलाड़ी ने अपनी क्षमता, धैर्य और परिश्रम से यह सिद्ध किया है कि सीमाएँ हमारे विचारों में होती हैं, संकल्प के सामने सब समाप्त हो जाती हैं। राज्यपाल  पटेल गुरुवार को राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव- 2026  नॉट  आउट @100 के समापन कार्यक्रम को पुलिस लाइन स्टेडियम में संबोधित कर रहे थे। प्रतियोगिता का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे न्यास, टास्क इंटरनेशनल, ध्यान-विज्ञान परमार्थ संस्थान एवं विवेकानंद विधिक न्याय केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि संवेदनशील प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने “विकलांग” के स्थान पर “दिव्यांग” शब्द का प्रयोग कर समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने खेल और खिलाड़ी का परिवार के मुखिया के रूप में सहयोग और प्रोत्साहन दिया है। राज्यपाल ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी जी के मंत्रीमण्डल में उन्होंने 14 वर्ष कार्य किया है। गुजरात में खेल प्रतियोगिताओं का व्यापक स्तर पर आयोजन मोदी जी ने शुरू कराया था। आज खेलों इंडिया में सारा देश खेल रहा है। उन्होंने खेल और क्रिकेट के प्रति अपनी अभिरूचि को बताते हुए खेल प्रतियोगिता के मुकाबलों को नहीं देख पाने का अफसोस करते हुए बताया कि कार्यक्रम में समय से पूर्व पहुँचने के उनके प्रयास विपरीत मौसम के कारण सफल नहीं हो सके। बावजूद इसके कि वह समापन समारोह में सीधे विमानतल से आयें है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे के मार्गदर्शन में कार्य की स्मृतियों को बताते हुए कहा कि समाज सेवा के कार्यों में वे उनके प्रेरणा स्त्रोत है। उन्होंने दिव्यांगजन की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के प्रयासों की सराहना करते हुए आयोजनों की निरंतरता की बात कही है।   राज्यपाल दिव्यांग कलाकारों की प्रस्तुतियों से हुए अभिभूत  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने मंचासीन दिव्यांग खिलाड़ी  प्रियेश कुमार ने स्वरबद्ध काव्य का पाठ किया। राज्यपाल  पटेल ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि ईश्‍वर ने उनको दिव्य कंठ प्रदान किया है। उन्होंने प्रियेश कुमार की काव्य रचना को उत्कृष्ट बताते हुए उनकी रचनात्मकता को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने समारोह में जन-गण-मन और वन्दे मातरम् गीत का गायन करने वाली दिव्यांग कलाकार सु फाल्गुनी को मंच पर आमंत्रित कर पौधा और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मंचासीन अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी  शैलेन्द्र यादव ने भी विचार व्यक्त किए। प्रदेश अध्यक्ष भाजपा, विधायक  हेमंत खंडेलवाल  ने कहा कि प्रतियोगिता के दौरान दिव्यांग भाई-बहनों का हौसला अनुकरणीय है। उन्होंने 100 घंटे क्रिकेट को अनूठा आयोजन बताते हुए कहा कि यह अभिनंदनीय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विकास में दिव्यांगजनों के योगदान के अवसर उपलब्ध कराने और उनकी प्रतिभा को पहचानने के प्रयास समाज को मिलकर करने चाहिए। उन्होंने आयोजन के परिकल्पना की सराहना करते हुए आयोजकों को बधाई दी। प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि खेल प्रतियोगिता एक संकल्प था, आत्मविश्वास का साझा उत्सव और साधना थी। प्रतिभागियों ने दिखा दिया कि सीमाएँ परिस्थितियों में हो सकती है, संकल्प में नहीं। उन्होंने बताया कि खेल महोत्सव में 6 प्रकार की दिव्यांगता के कुल 754 खिलाड़ियों ने भाग लिया इसमें 100 से अधिक महिला दिव्यांग खिलाड़ियों ने भी अपनी खेल-कौशल का परिचय दिया। महोत्सव में 32 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों का शॉल एवं पौधा भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल को स्मृति प्रतीक के रूप में ट्रॉफी भेंट की। समापन समारोह में इंडिया एशिया बुक के प्रतिनिधि द्वारा प्रतियोगिता को इंडिया एशिया बुक में विश्व कीर्तिमान के रूप में दर्ज करने की घोषणा की। आभार प्रदर्शन  राम मनोहर सिंह ने किया।     

नौसेना को मिली नई ताकत, युद्धपोत अंजदीप से मजबूत हुआ भारत का समुद्री सुरक्षा कवच

चेन्नई भारतीय नौसेना की समंदर में ताकत बढ़ चुकी है। नौसेना को एक और पनडुब्बी रोधी युद्धपोत अंजदीप मिल गया है। उथले पानी में काम करने की क्षमता वाले आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों की श्रृंखला का यह तीसरा युद्धपोत 27 फरवरी को चेन्नई में नौसेना में शामिल किया गया। इस समारोह में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी शामिल हुए। यह जहाज कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया है। 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में डिजाइन यह पोत 'डॉल्फिन हंटर' के रूप में कार्य करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना, उनका पीछा करना और उन्हें नष्ट करना है। यह पोत स्वदेशी, अत्याधुनिक पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली से लैस है। चेन्नई बंदरगाह पर आयोजित एक आधिकारिक समारोह में एडमिरल त्रिपाठी ने नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में औपचारिक रूप से जहाज को कमीशन किया। किस पर रखा गया युद्धपोत का नाम अंजदीप? अंजदीप नाम कर्नाटक के कारवार तट के पास स्थित अंजदीप द्वीप के नाम पर रखा गया है। यह युद्धपोत 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ बना है। इससे देश की रक्षा निर्माण क्षमता को बल मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। अंजदीप नौसेना के इसी नाम वाले पुराने युद्धपोत का नया अवतार है। पुराना युद्धपोत 2003 में रिटायर हो गया था। 77 मीटर लंबे इस जहाज में एक हाई-स्पीड वाटर-जेट प्रोपल्शन सिस्टम लगा है, जो इसे त्वरित प्रतिक्रिया और निरंतर संचालन के लिए 25 समुद्री मील की अधिकतम गति प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। नौसेना ने कहा कि कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा निर्मित, आईएनएस अंजदीप एक अत्याधुनिक पोत है जिसे विशेष रूप से तटीय युद्ध वातावरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिजाइन किया गया है। पनडुब्बी रोधी युद्ध की भूमिका के अलावा यह युद्धपोत तटीय निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों और खोज एवं बचाव अभियानों को अंजाम देने के लिए भी सुसज्जित है। मुख्य विशेषताएं     रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसे डॉल्फिन हंटर के रूप में डिजाइन किया गया है।     जो तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बी का पता लगाकर उसे निष्क्रिय करने में सक्षम है।     करीब 77 मीटर लंबे इस श्रेणी के युद्धपोत वॉटरजेट से चलने वाले नौसेना के अब तक के सबसे बड़े युद्धपोत हैं।     इनमें अत्याधुनिक हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी पनडुब्बी रोधी रॉकेट और उथले पानी में काम करने वाला सोनार सिस्टम लगाया गया है।     इससे समुद्र के काफी अंदर तक मौजूद दुश्मन के खतरों का पता लगाने और उनको नष्ट करने की क्षमता बढ़ेगी।     यह जहाज नौसेना की तटीय निगरानी और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता को भी मजबूत करेगा।

ड्रोन के जरिए हथियार सप्लाई का खुलासा, सरहदी स्कूल बना तस्करों का निशाना

तरनतारन भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास गांव डल के एक प्राइवेट स्कूल में ड्रोन से गिराए गए पैकेट में पिस्टल और गोलियां मिलने से बच्चों और लोगों में डर का माहौल देखने को मिल रहा है। थाना खालड़ा के ASI गुरनाम सिंह ने बताया कि गांव डल के एक प्राइवेट स्कूल में ड्रोन से पैकेट गिराए जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई और जब पैकेट की तलाशी ली गई तो उसमें से एक चीन की बनी पिस्टल, एक मैगजीन और तीन जिंदा राउंड बरामद हुए। इस संबंध में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

गणित पेपर आउट होने से हड़कंप, दादरी में छात्रों और निगरानी स्टाफ पर केस

भिवानी वीरवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का 10वीं का गणित का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसकी पुष्टि करते हुए शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन पवन कुमार ने बताया कि यह पेपर लीक नहीं बल्कि दादरी के गांव रानीला के परीक्षा केंद्र से आऊट हुआ है। पेपर आऊट करने वाले परीक्षार्थियों व पर्यवेक्षकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। प्रश्न पत्र दोपहर 1:56 बजे उनके स्वयं के व्हाट्सएप्प नंबर पर प्राप्त हुआ। इस पर तुरन्त कार्रवाई कर प्रश्न पत्रों पर अल्फा न्यूमेरिक कोड, क्यूआर कोड और हिडन सिक्योरिटी फीचर के माध्यम से ट्रेस आऊट कर पता लगाया गया कि पेपर चरखी दादरी के परीक्षा केन्द्र राकवमावि रानीला-2 के कमरा नंबर 2 व 3 से आऊट किया गया था। जिलाधीश चरखी दादरी ने बताया कि सभी दोषियों के विरुद्ध केस दर्ज करवाया गया है। इसके अलावा संबंधित स्टाफ के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को लिखकर भेज दिया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया है कि सभी दोषियों को कल निलंबित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वीरवार को 10वीं गणित विषय की परीक्षा में अभी तक प्राप्त रिपोर्ट अनुसार अनुचित साधन के 10 केस दर्ज हुए। इनमें करनाल 1, रोहतक 2, सोनीपत 2, पलवल 1, नूंह 1 एवं चरखी दादरी के 3 केस शामिल हैं। प्रदेशभर में गणित विषय की परीक्षा में 1372 परीक्षा केन्द्रों पर 2,89,003 परीक्षार्थी एवं डी.एल.एड. प्रथम वर्ष रि-अपीयर की परीक्षा में 980 छात्र-अध्यापक भी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष विशेष उड़न दस्ता-2 द्वारा नारनौल के परीक्षा केन्द्र रावमावि कोरियावास पर नियुक्त पर्यवेक्षक अनिल कुमार राप्रापाठशाला कोरियावास को उसी स्कूल का होने के कारण कार्यभार मुक्त कर दिया गया। कंट्रोल रूम भिवानी से संचालित आर.ए.एफ.-14 द्वारा परीक्षा केन्द्र रावमावि बनवासा सोनीपत पर तैनात पर्यवेक्षक राजेश, पी. जी.टी., एम.एस.पी.एस., रिढाना को ड्यूटी में कोताही बरतने के कारण कार्यभार मुक्त किया गया।

होली स्पेशल ट्रेनें: SECR जोन से 70 ट्रेनें चलने से यात्रियों को मिलेगी राहत

रायपुर होली पर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने खास तैयारियां की हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत कुल 70 होली स्पेशल ट्रेनों के फेरे संचालित होंगे, जिससे यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा कन्फर्म बर्थ और सुविधाजनक यात्रा मिल सके। इन 70 फेरों में से 14 फेरे एसईसीआर के दुर्ग, बिलासपुर और गोंदिया स्टेशनों से बनकर चलेंगे, जबकि 56 फेरे एसईसीआर जोन के विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरेंगे। एसईसीआर से शुरू होने वाली प्रमुख ट्रेनें     दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग: दुर्ग से 1 और 2 मार्च को तथा वापसी में निजामुद्दीन से 2 और 3 मार्च को चलेगी। यह रायपुर, उसलापुर, पेंड्रा रोड होते हुए जाएगी।     गोंदिया-छपरा-गोंदिया: गोंदिया से 1 व 2 मार्च को और वापसी में छपरा से 3 व 4 मार्च को चलेगी।     दुर्ग-मधुबनी-दुर्ग: दुर्ग से 1 मार्च को और मधुबनी से 2 मार्च को झारसुगुड़ा होकर चलेगी। इसका ठहराव रायपुर, बिलासपुर, चाम्पा एवं रायगढ़ में होगा।     गोंदिया-पटना-गोंदिया: गोंदिया से 2 मार्च को और पटना से 3 मार्च को चलेगी।     बिलासपुर-चर्लपल्ली-बिलासपुर : बिलासपुर से 27 फरवरी और चर्लपल्ली से 28 फरवरी को बल्हारशाह होकर चलेगी। जोन से होकर गुजरने वाली स्पेशल ट्रेनों के 56 फेरे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर 56 फेरे अन्य राज्यों को जोड़ने वाली स्पेशल ट्रेनों के गुजरेंगे। जारी सूची के अनुसार, इनमें मुख्य रूप से तिरुपति-रक्सौल, चर्लपल्ली-रक्सौल, पटना-चर्लपल्ली, हटिया-दुर्ग और चर्लपल्ली-दानापुर स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं । ये गुजरने वाली ट्रेनें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, गोंदिया, भाटापारा और रायगढ़ जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेंगी । इस व्यवस्था से दिल्ली, बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को होली के दौरान सफर में राहत मिलेगी।

गाय को कुल्हाड़ी से मार घायल करने पर गुस्साए बजरंग दल वाले थाने मै की शिकायत

गाय को कुल्हाड़ी से मार घायल करने पर गुस्साए बजरंग दल वाले थाने मै की शिकायत चंदिया नगर में हाइवे मील के निकट अज्ञात लोगों द्वारा 3 गायों के साथ कुल्हाड़ी से वार कर घायल कर दिया गया था चोट इतनी गंभीर थी की दो गाय बहोत बुरी तरह से घायल हैं जिन्हें सूचना मिलने पर गऊ रक्षक एवं बजरंग दल के सदस्यों नें तत्काल ज़िला अस्पताल पशु चिकित्सालय ले जाकर गायों का ईलाज कराया और साथ ही चंदिया थाना पहुंच कर थाना प्रभारी को इसकी सूचना दी एवं जिन अज्ञात लोगों नें बुरी तरह गायों को घायल किया उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा कठोर कार्यवाही करवाने के लिए संज्ञान में लेकर जाँच करने के लिए निवेदन किया इनमें सत्यनारायण शर्मा खुल्लू गौरव वर्मा चिराग लोगचंदानी राज कुशवाहा अमर मिश्रा भाजपा युवा मंडल उपाध्यक्ष बिंदु शर्मा रवि गदौलिया अखिल वचन शर्मा एवं अन्य बजरंग दल सदस्य गऊ रक्षकों नें विरोध कर कार्यवाही की मांग की,