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01 मार्च 2026 का राशिफल: जानिए मेष से मीन तक, किसे मिलेगी सफलता और कौन रहेगा सतर्क

मेष आज दिन कामकाज के लिहाज से ठीक रहेगा। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिसे आप अच्छे से निभाएंगे। सीनियर आपकी मेहनत नोटिस कर सकते हैं। पैसों की स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी, रुका हुआ पैसा मिलने की उम्मीद है। प्रेम जीवन में छोटी बातों को तूल न दें। पार्टनर से खुलकर बात करेंगे तो गलतफहमी दूर होगी। घर में माहौल शांत रहेगा। सेहत ठीक है, लेकिन थकान और सिरदर्द से बचने के लिए आराम भी जरूरी है। वृषभ आज थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है। काम में दबाव रह सकता है, लेकिन आप धीरे-धीरे सब संभाल लेंगे। पैसों को लेकर जल्दबाजी में फैसला न लें। निवेश सोच-समझकर करें। प्रेम जीवन में ईगो से बचें, नहीं तो बात बढ़ सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा। सेहत में पेट या गले से जुड़ी हल्की परेशानी हो सकती है, खानपान पर ध्यान दें। मिथुन आज आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। ऑफिस में नई जिम्मेदारी या नया मौका मिल सकता है। आपकी बात को महत्व मिलेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी, अतिरिक्त कमाई के संकेत हैं। प्रेम जीवन में अच्छा समय रहेगा, पार्टनर के साथ कहीं घूमने का प्लान बन सकता है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। सेहत ठीक है, लेकिन देर रात तक जागने से बचें। कर्क आज भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी की चर्चा हो सकती है। खर्चों पर कंट्रोल रखना जरूरी है। प्रेम जीवन में धैर्य रखें, छोटी बात पर बहस न करें। घर में किसी जरूरी विषय पर बातचीत हो सकती है। सेहत के मामले में सावधान रहें, खासकर सीने, पेट या सांस से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। सिंह आज आपका आत्मविश्वास और नेतृत्व दोनों दिखेगा। ऑफिस में आपकी राय को महत्व मिलेगा। प्रमोशन या नई जिम्मेदारी की बात आगे बढ़ सकती है। धन के मामले में दिन अच्छा है। प्रेम जीवन में मिठास रहेगी, पार्टनर से सहयोग मिलेगा। परिवार में कोई खुशखबरी मिल सकती है। सेहत सामान्य है, लेकिन नियमित व्यायाम फायदेमंद रहेगा। कन्या आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप संभाल लेंगे। ऑफिस में मेहनत का फायदा मिलेगा। पैसा आएगा, लेकिन खर्च भी बढ़ सकता है। रिश्तों में भरोसा बनाए रखें। जीवनसाथी के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। परिवार में शांति रहेगी। सेहत सामान्य है, लेकिन नियमित दिनचर्या बनाए रखें। तुला आज काम ज्यादा रहेगा और भागदौड़ भी हो सकती है। समय पर काम पूरा करना जरूरी रहेगा। पैसों की स्थिति स्थिर रहेगी, लेकिन फिजूल खर्च से बचें। रिश्ते में साफ-साफ बात करना जरूरी है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। सेहत में त्वचा या एलर्जी की हल्की समस्या हो सकती है, साफ-सफाई का ध्यान रखें। वृश्चिक आज दिमाग से फैसले लें, भावनाओं में बहने से बचें। करियर में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। प्रेम जीवन में सुधार होगा, पुराने मतभेद खत्म हो सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। सेहत ठीक है, लेकिन आंखों और सिरदर्द से सावधान रहें। धनु आज संतुलन बनाकर चलने का दिन है। काम में नई योजना शुरू हो सकती है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। निवेश का विचार बना सकते हैं, लेकिन सलाह लेकर ही कदम उठाएं। प्रेम जीवन अच्छा रहेगा, अविवाहित लोगों के लिए अच्छा समय है। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का रहेगा। सेहत ठीक है, बस ज्यादा थकान से बचें। मकर आज मेहनत का फल मिल सकता है। ऑफिस में आपकी कोशिशों की तारीफ होगी। धन लाभ के योग बन रहे हैं। प्रेम जीवन में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। जीवनसाथी के साथ समय बिताना फायदेमंद रहेगा। परिवार में किसी अहम मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन तनाव से दूर रहें। कुंभ आज यात्रा के योग बन सकते हैं, खासकर काम के सिलसिले में। करियर में नया अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। निवेश सोच-समझकर करें। प्रेम जीवन में समझदारी दिखाएं। परिवार का सहयोग मिलेगा। सेहत में कमर या जोड़ों का दर्द परेशान कर सकता है, आराम भी करें। मीन आज शांत रहकर सोच-समझकर कदम उठाएं। काम में नई दिशा मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। प्रेम जीवन में गहराई आएगी, पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। घर में धार्मिक या सकारात्मक माहौल रहेगा। सेहत सामान्य है, लेकिन ठंडी चीजों से बचें और आराम करें।

OBC क्रीमी लेयर पर बड़ा सवाल: शादी के बाद महिला की पहचान मायके से या ससुराल से? SC में सुनवाई

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट इस महत्वपूर्ण कानूनी सवाल की जांच करने के लिए सहमत हो गया है कि सरकारी नौकरी में आरक्षण प्राप्त करने के लिए एक विवाहित ओबीसी (OBC) महिला उम्मीदवार के 'क्रीमी लेयर' में आने का निर्धारण किस आधार पर किया जाएगा- उसके पति की आय पर या उसके माता-पिता की आय पर। पहले मामला समझिए रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला कर्नाटक की एक महिला का है, जो न्यायिक अधिकारी (सिविल जज) बनना चाहती है। वह हिंदू नामधारी समुदाय से ताल्लुक रखती है, जो कर्नाटक में आरक्षण की II-A श्रेणी के अंतर्गत आता है। अप्रैल 2018 में, महिला की शादी हो गई। महिला का पति आरक्षण की III-B श्रेणी के अंतर्गत आता है। शादी के बाद से महिला अपने माता-पिता से अलग रह रही है। उसने सिविल जज के पद के लिए आवेदन किया था। इस भर्ती में कुल 57 में से 6 पद II-A श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित थे। अपने चयन के बाद, उसने अपने पति की आय के आधार पर जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन और 'सिंधुत्व' प्रमाण पत्र जारी करने का अनुरोध किया था। विवाद का कारण जिला जाति और आय सत्यापन समिति ने महिला का आवेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह अपने माता-पिता की आय के कारण क्रीमी लेयर के दायरे में आती है, जिससे वह आरक्षण के लिए अयोग्य हो जाती है। महिला की मां कर्नाटक न्यायिक सेवा से जिला न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं, जबकि उसके पिता सहायक वन संरक्षक के पद से रिटायर हुए हैं। कर्नाटक हाई कोर्ट में क्या हुआ? महिला ने कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और यह तर्क दिया कि चूंकि वह शादीशुदा है, इसलिए उसकी पात्रता उसके पति की आय के आधार पर तय होनी चाहिए। उसने दलील दी कि उसके पति की वार्षिक आय उसे क्रीमी लेयर की अयोग्यता से बाहर रखती है। हालांकि, राज्य सरकार ने तर्क दिया कि इस प्रक्रिया में माता-पिता की पेंशन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से सहमति जताते हुए महिला के दावे को खारिज कर दिया और फैसला सुनाया कि माता-पिता की पेंशन को भी परिवार की आय माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में अपील हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ महिला ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। बुधवार को उनकी अपील पर बहस करते हुए, वरिष्ठ अधिवक्ता संजय एम. नुली ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ के सामने कानूनी सवाल उठाए- क्या एक विवाहित महिला उम्मीदवार की क्रीमी लेयर का निर्धारण करने के लिए पति की आय पर विचार किया जाना चाहिए या माता-पिता की आय पर? यदि माता-पिता की आय पर विचार किया जाना है, तो क्या माता-पिता की पेंशन को 'आय' के रूप में गिना जाना चाहिए या नहीं? सुप्रीम कोर्ट का कदम सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इस अपील पर कर्नाटक सरकार को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके बाद, महिला (अपीलकर्ता) को एक सप्ताह के भीतर अपना प्रत्युत्तर (rejoinder) दाखिल करने की अनुमति दी गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को तय की गई है।  

मिडिल ईस्ट तनाव का असर: कच्चे तेल में उछाल, भारतीयों की जेब पर संकट!

नई दिल्ली मध्य पूर्व में तनाव अब खुले युद्ध में बदल चुका है। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं, जिसमें तेहरान समेत कई शहरों में विस्फोट की खबरें हैं। इस घटना ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है। क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और दुनिया भर के निवेशक व आम लोग इस बात से चिंतित हैं कि क्या यह आग भारत की जेब तक पहुंच जाएगी? भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है, और इसमें से बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों (सऊदी अरब, UAE, इराक आदि) से आता है, जो होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है। ईरान: एक प्रमुख तेल उत्पादक देश अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेलने के बावजूद ईरान आज भी दुनिया के शीर्ष 10 तेल उत्पादकों में शामिल है। 'ओपेक' (OPEC) के आंकड़ों के अनुसार, ईरान वर्तमान में लगभग 3.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल का उत्पादन करता है। ग्लोबल रिस्क मैनेजमेंट के मुख्य विश्लेषक अर्ने लोहमैन रासमुसेन के अनुसार, 1974 में ईरान अमेरिका और सऊदी अरब के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक था (6 मिलियन बैरल प्रतिदिन)। ईरान के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार है। सालों के कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद, इसके तेल उद्योग की स्थिति वेनेजुएला जैसे देशों से काफी बेहतर है। होर्मुज जलडमरूमध्य: सबसे बड़ा खतरा तेल बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी है, जिसे ठप करने की धमकी ईरान अक्सर देता रहा है। यह मध्य पूर्व के अमीर तेल उत्पादक देशों को शेष विश्व से जोड़ने वाला मुख्य समुद्री मार्ग है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार, 2024 में इस मार्ग से प्रतिदिन लगभग 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल गुजरा, जो वैश्विक खपत का करीब 20 प्रतिशत है। यह जलमार्ग काफी संकरा (लगभग 50 किलोमीटर चौड़ा) और उथला (अधिकतम 60 मीटर गहरा) है। इस मार्ग पर सुरक्षा को लेकर जरा सा भी संदेह होने पर जहाजों के बीमा प्रीमियम में भारी उछाल आ सकता है। सैक्सो बैंक के विश्लेषक ओले हैनसेन के अनुसार, केवल सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पास ही वैकल्पिक (बाईपास) बुनियादी ढांचा है, जिसकी अधिकतम क्षमता मात्र 2.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन है। अत्यधिक लाभदायक तेल और चीन पर निर्भरता पश्चिमी देशों (कनाडा, अमेरिका) में जहां तेल निकालने की लागत $40 से $60 प्रति बैरल आती है, वहीं ईरान के लिए यह लागत मात्र $10 प्रति बैरल है। 1979 की इस्लामी क्रांति और विशेषकर डोनाल्ड ट्रंप की अधिकतम दबाव नीति के कारण ईरान के पास निर्यात के बहुत कम विकल्प बचे हैं। चीन सबसे बड़ा खरीदार ईरान वर्तमान में 1.3 से 1.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन निर्यात करता है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण इसका 80% से अधिक हिस्सा बाजार मूल्य से कम कीमत पर चीनी रिफाइनरियों मुख्यतः स्वतंत्र टीपॉट रिफाइनरियों को जाता है। पड़ोसी देशों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर खाड़ी देशों से लेकर तुर्की और पाकिस्तान तक, ईरान के पड़ोसी डरे हुए हैं। चूंकि इन देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, इसलिए वे ईरान के जवाबी हमले के निशाने पर आ सकते हैं। भूमध्यसागरीय सामरिक अध्ययन फाउंडेशन के निदेशक पियरे रज़ौक्स के अनुसार, ईरान के पास मध्यम दूरी की मिसाइलें हैं जो हाइड्रोकार्बन हब, बिजली संयंत्रों और समुद्री जल संयंत्रों को नष्ट कर सकती हैं। अगर कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल तक पहुंच जाती है (जो फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से नहीं हुआ है), तो इससे दुनिया भर में महंगाई फिर से बेकाबू हो सकती है। तेल की बढ़ती कीमतें इस साल के अंत में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति ट्रंप को नुकसान पहुंचा सकती हैं, क्योंकि उन्होंने अमेरिकी मतदाताओं से सस्ती ऊर्जा का वादा किया है। भारत पर असर को विस्तार से समझिए अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए इस सैन्य हमले का भारत पर बहुत गहरा और बहुआयामी असर पड़ सकता है। भारत अपनी कच्चे तेल की कुल जरूरत का लगभग 85% आयात करता है, इसलिए मध्य पूर्व में कोई भी अस्थिरता सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापक आर्थिक स्थिरता को चुनौती देती है। इस भू-राजनीतिक संकट का भारत की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला संभावित असर- पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सीधा असर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत अगर $100 प्रति बैरल के पार जाती है, तो भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की रिफाइनिंग लागत में भारी वृद्धि होगी। यदि सरकार उत्पाद शुल्क में कटौती करके इस झटके को खुद नहीं सहती है, तो पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में प्रति लीटर ₹5 से ₹10 तक का उछाल आ सकता है। बता दें कि यह महज अनुमान है। सरकार की ओर से कुछ भी आदेश नहीं आया है। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत ने रूसी तेल का लाभ उठाया था, लेकिन यदि लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो माल ढुलाई और बीमा लागत इतनी बढ़ जाएगी कि कोई भी रियायती तेल अंततः महंगा ही पड़ेगा। भारतीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डीजल की कीमतें बढ़ने से देश भर में माल ढुलाई और ट्रांसपोर्टेशन महंगा हो जाएगा। इसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों, एफएमसीजी (FMCG) उत्पादों, फलों और सब्जियों की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे खुदरा महंगाई दर (CPI) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्धारित लक्ष्य से ऊपर जा सकती है।  

केजरीवाल को मिली राहत पर अन्ना हजारे का बयान—राजनीति से ऊपर उठकर देश के लिए काम करें

नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए शुक्रवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। दिल्ली की एक अदालत द्वारा कथित आबकारी नीति (शराब नीति) मामले में केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य को आरोप मुक्त किए जाने के फैसले का उनके गुरु और प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का भी बयान सामने आया है। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि में पत्रकारों से बात करते हुए अन्ना ने अदालती फैसले का सम्मान करने की बात कही है। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के प्रणेता अन्ना हजारे ने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश की सुचारू व्यवस्था का श्रेय हमारी न्यायपालिका को जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमारा देश न्यायपालिका के दम पर चलता है। यह देश की सर्वोच्च प्रणाली है। यदि हमारे पास एक मजबूत न्यायपालिका नहीं होती, तो अपराधी हावी हो जाते और देश में दंगों जैसी स्थिति पैदा हो जाती। अदालत ने जो फैसला दिया है उसे स्वीकार करना अनिवार्य है।” अन्ना ने आगे कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत का यह निर्णय अंतिम है और इसे चुनौती नहीं दी जानी चाहिए। पिछली आलोचनाओं पर दी सफाई जब मार्च 2024 में केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई थी, तब अन्ना हजारे ने उनकी तीखी आलोचना की थी। उस समय अन्ना ने इसे करोड़ों देशवासियों के भरोसे के साथ विश्वासघात बताया था। शुक्रवार को जब उनसे उनकी पुरानी टिप्पणियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सहजता से जवाब दिया, "उस समय मैंने जो कुछ भी कहा था, वह अदालती फैसले से पहले की बात थी। तब आरोप हवा में थे और कोई कानूनी निष्कर्ष नहीं निकला था। अब चूंकि न्यायपालिका ने अपना फैसला दे दिया है कि उनकी कोई भूमिका नहीं थी, तो हमें उसे मानना होगा।" अन्ना हजारे ने 2011 के 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन के दिनों को याद करते हुए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को अपने कार्यकर्ता के रूप में संबोधित किया। उन्होंने पुरानी यादें साझा करते हुए स्वीकार किया कि ये दोनों नेता उस समय उनके आंदोलन के प्रमुख चेहरे थे, जिसने तत्कालीन यूपीए सरकार की नींव हिला दी थी। हालांकि, अन्ना ने एक बार फिर अपना पुराना रुख दोहराया कि जब आंदोलन ने राजनीतिक मोड़ लिया और 'आम आदमी पार्टी' का गठन हुआ, तब उन्होंने खुद को इससे अलग कर लिया था। जब अन्ना से पूछा गया कि वह अब केजरीवाल को क्या सलाह देना चाहेंगे, तो उन्होंने एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए कहा, "समाज और देश के लिए काम करें। केवल अपने बारे में या अपनी पार्टी के बारे में न सोचें।" अन्ना का संकेत स्पष्ट था कि राजनीति को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के बजाय राष्ट्र निर्माण का जरिया बनाया जाना चाहिए। अदालत ने सीबीआई को लगाई फटकार गौरतलब है कि दिल्ली की अदालत ने इस बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाते हुए सीबीआई (CBI) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि उसे शराब नीति बनाने में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा नहीं मिली। अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था। कुल 155 दिन जेल में बिताने के बाद अब इस मामले से पूरी तरह आरोप मुक्त हो चुके हैं। इस फैसले को आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ी नैतिक और राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।  

क्या भारत रोक पाएगा ऑस्ट्रेलिया का विजय रथ? वनडे सीरीज में करो या मरो की स्थिति

होबार्ट भारतीय टीम पहले दोनों मैच में चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने में नाकाम रही और ऑस्ट्रेलिया ने बिना किसी परेशानी के लक्ष्य हासिल करके श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बनाई। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम को अगर क्लीन स्वीप से बचना है तो उसके बल्लेबाजों को अपने खेल में आमूलचूल सुधार करना होगा। पहले दो मैचों में बुरी तरह हारने के बाद बैकफुट पर खड़ी मौजूदा विश्व चैंपियन भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार को होबार्ट में होने वाले तीसरे और अंतिम महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में साख बचानी होगी। भारतीय महिला टीम को अगर जीत हासिल करके अपनी प्रतिष्ठा कुछ हद तक बचानी है तो उसको अपनी बल्लेबाजी की कमजोरियों को दूर करना होगा। भारतीय टीम पहले दोनों मैच में चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने में नाकाम रही और ऑस्ट्रेलिया ने बिना किसी परेशानी के लक्ष्य हासिल करके श्रृंखला में 2-0 से अजेय बढ़त बनाई। यह लगातार 12वां अवसर है जबकि भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया से वनडे श्रृंखला गंवाई। असल में भारत अभी तक अपने इस प्रतिद्वंदी से द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला नहीं जीत पाया है। पहले मैच में भारत ने पावरप्ले के अंदर ही तीन विकेट गंवा दिए थे और फिर वापसी नहीं कर पाया। भारतीय टीम ने दूसरे वनडे में पहले विकेट के लिए 78 रन की साझेदारी करके अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन मध्य और निचले क्रम के बल्लेबाज इसका फायदा उठाने में नाकाम रहे। भारत ने 17वें और 31वें ओवर के बीच सिर्फ 52 रन पर पांच विकेट गंवा दिए। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर उन्हें ध्यान देने की जरूरत है। पहले वनडे में भारत 214 रन पर आउट हो गया और दूसरे वनडे में नौ विकेट पर 251 रन ही बना पाया। ऑस्ट्रेलिया ने इन दोनों मैच में आसानी से लक्ष्य हासिल किया। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम को अगर क्लीन स्वीप से बचना है तो उसके बल्लेबाजों को अपने खेल में आमूलचूल सुधार करना होगा। युवा सलामी बल्लेबाज प्रतीका रावल ने पहले मैच में शून्य पर आउट होने के बाद शानदार वापसी करते हुए अर्धशतक बनाया, वहीं स्मृति मंधाना ने दोनों मैचों में क्रमशः 31 और 58 रन बनाए। हरमनप्रीत ने भी दो अर्धशतक जड़े। लेकिन जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा जैसी सीनियर बल्लेबाज अभी तक कोई खास योगदान नहीं दे पाए हैं जिससे टीम को नुकसान पहुंचा है। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने दूसरे मैच के बाद कहा, ‘निश्चित रूप से हमने अच्छी बल्लेबाजी नहीं की। हमने फिर से वही गलतियां दोहराई और विकेट गंवाए। इससे हम पर्याप्त स्कोर नहीं बना पाए। पिछले दो मैच में हम अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पाए और उसका हमें खामियाजा भुगतना पड़ा। उम्मीद है अगले मैच में हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’ भारत की गेंदबाजी में भी निरंतरता की कमी दिखी। दीप्ति ने तीन विकेट लिए हैं। श्री चरणी ने पहले मैच में दो विकेट लिए थे, लेकिन दूसरे मैच में वह काफी महंगी साबित हुईं। काशवी गौतम और क्रांति गौड़ की तेज गेंदबाजी जोड़ी को अधिक निरंतरता दिखानी होगी और पावरप्ले में ऑस्ट्रेलिया को हावी होने से रोकने के लिए शुरुआत में ही विकेट लेने होंगे। भारत की फील्डिंग भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, जिसमें गौड़, मंधाना और ऋचा घोष ने कैच छोड़े। इसके विपरीत ऑस्ट्रेलिया ने लगभग सभी विभाग में शानदार प्रदर्शन किया है। जॉर्जिया वोल के दमदार शतक और फीबी लिचफील्ड की प्रवाहमय बल्लेबाजी से ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे वनडे में आसानी से लक्ष्य हासिल किया। बेथ मूनी, एलिसा हीली और एनाबेल सदरलैंड ने पहले मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था। मेगन शट और एशले गार्डनर की अगुवाई में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण ने भी अपने सामूहिक योगदान से प्रभावित किया है। इन दोनों के अलावा अलाना किंग और सदरलैंड ने भी विकेट लिए हैं। भारत ने टी20 श्रृंखला 2-1 से जीती थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की दो वनडे में जीत ने उसे बहु-प्रारूप वाली श्रृंखला में 6-4 की बढ़त दिला दी है। भारत के इस दौरे विजेता ट्रॉफी हासिल करने वाली टीम का निर्धारण तीनों प्रारूप के कुल अंकों के आधार पर होगा। टी20 और वनडे मैच जीतने पर दो अंक जबकि टेस्ट मैच जीतने पर चार अंक मिलेंगे। भारत को अंतिम वनडे और उसके बाद पर्थ में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच में वापसी करने की कोशिश करनी होगी ताकि दौरे का अंत निराशाजनक तरीके से न हो। टीम इस प्रकार हैं: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शैफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, काशवी गौतम, हरलीन देयोल, प्रतिका रावल। ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान), सोफी मोलिनी (उप-कप्तान), डार्सी ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फीबी लिट्चफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलीसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम। समय: मैच सुबह 9.20 बजे शुरू होगा।  

शीघ्र भरे जाएंगे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद

भोपाल  उप मुख्यमंत्री एवं सागर ज़िले के प्रभारी  राजेन्द्र शुक्ल ने सागर में रहस मेले के समापन समारोह में कहा कि सर्वाइकल कैंसर मुक्त मध्य प्रदेश बनाने के लिए बेटियों को वैक्सीन अवश्य लगवाए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद शीघ्र भरे जाएंगे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि पुरानी परंपराओं को जीवंत एवं क्रियान्वित रखना बड़ी बात है। ऐसे कार्य संस्कार को प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने कहा कि सागर के रहस मेले की गौरवशाली परंपरा को बनाये रखने का पुनीत कार्य विधायक एवं वरिष्ठ पूर्व मंत्री  गोपाल भार्गव के द्वारा किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के द्वारा सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 14 एवं 15 वर्ष की देश एवं प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा के लिए आज से सर्वाइकल मुक्त भारत एवं मध्य प्रदेश बनाने के लिए वैक्सीन लगाने का कार्य शुरू किया गया है। जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने अजमेर एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के भोपाल से की है और आज सागर जिले में गढ़ाकोटा से यह शुरुआत की जा रही। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सभी नागरिक स्वस्थ जीवन शैली अपनायें स्वस्थ रहें और आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि गौ माता को आवारा मत छोड़े उनकी सेवा करें। गौ माता यदि दूध नहीं दें फिर भी गोबर और गोमूत्र भी उपयोगी है। गौमाता भारत की समृद्धि की आधारशिला हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल और विधायक एवं पूर्व मंत्री  भार्गव ने रोजगार मेले में चयनित अभ्यर्थियों को उनको नियुक्ति पत्र दिए साथ में शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किया। विधायक एवं पूर्व मंत्री  भार्गव ने कहा कि रहस मेला अंत्योदय मेला का विस्तृत रूप है। इसमें शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार के साथ शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को माध्यम से लाभान्वित करने का कार्य किया जाता है उन्होंने कहा कि एक छत के नीचे शासन की सभी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। दिव्यांग प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य परीक्षण सहित अन्य लाभ प्रदान करने का कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में अत्याधुनिक संसाधन एवं उपकरण के साथा प्रदेश वासियों को अच्छी से अच्छी से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वस्थ रहता है तभी विकास करता है इसलिए स्वस्थ रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर मेला अध्यक्ष  अभिषेक दीपू भार्गव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में जन समुदाय मौजूद था। एचपीए वैक्सीनेशन अभियान का सागर में किया शुभारंभ उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सागर जिले के रहली विधानसभा क्षेत्र के गढ़ाकोटा में एचपीए वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया। 14 वर्षी कक्षा नवमी की छात्रा सु गुनगुन दुबे पिता  सतीश दुबे के वैक्सीनेशन से सागर में एचपीए वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई। उन्होंने प्रदेश एवं जिले के सभी से अपील की की अपने परिवार पड़ोस मोहल्ले में 14 एवं 15 वर्ष की बेटियों को यह वैक्सीन अवश्य लगाए और मध्य प्रदेश को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाने में सहयोग करें। इस अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री  गोपाल भार्गव, अपर कलेक्टर  अविनाश रावत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का कहर, खाड़ी देशों में मचा हड़कंप

दुबई इजरायली और अमेरिकी हमलों का ईरान ने बड़ा बदला लिया है। उसने शनिवार दोपहर कम से कम आठ देशों में मौजूद अमेरिकी बेस पर हमला किया है। इसमें बहरीन के नेवल बेस, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इजरायल, कुवैत, दुबई आदि शामिल हैं। हमलों के बाद बहरीन ने कहा है कि अमेरिकी नेवी के पांचवें फ्लीट के हेडक्वार्टर को मिसाइल हमलों से निशाना बनाया गया है। कतर में भी धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। हालांकि, किसी भी नुकसान की तुरंत कोई खबर नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अबू धाबी में भी जोरदार धमाका सुना गया है। दुबई में भी धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरान ने खतरनाक मिसाइलों से अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है। मिडिल ईस्ट में कई देशों में अमेरिकी मिलिट्री ने अपने बेस बनाए हुए हैं, जहां पर बड़ी संख्या में सैनिकों और हथियारों की तैनाती है। इससे पहले, अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को पूरे ईरान में टारगेट करते हुए एक बड़ा हमला किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी लोगों से अपनी सरकार पर कब्जा करने की अपील की। पहला हमला तेहरान के डाउनटाउन में ईरान के 86 साल के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर के कंपाउंड को टारगेट करता हुआ लगा। यह तुरंत साफ नहीं था कि वह उस समय वहां थे या नहीं। ईरानी राजधानी से धुआं उठता देखा जा सकता था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “47 सालों से, ईरानी शासन अमेरिका को मौत का नारा लगा रहा है और खून-खराबे और बड़े पैमाने पर हत्या का एक कभी न खत्म होने वाला कैंपेन चलाया है, जिसमें यूनाइटेड स्टेट्स, हमारे सैनिकों और कई, कई देशों के बेगुनाह लोगों को टारगेट किया गया है।” उन्होंने ईरानियों से हमलों के दौरान कवर लेने की अपील की, लेकिन फिर कहा कि जब हम खत्म कर लें, तो अपनी सरकार पर कब्जा कर लें। यह आपकी होगी।” वहीं, इजरायली और अमेरिकी हमलों का ईरान ने जवाब देना शुरू कर दिया है। ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने इजरायल को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइलों की पहली लहर लॉन्च करके जवाब दिया। इस बीच, यमन में ईरान के सपोर्ट वाले हूतियों ने रेड सी शिपिंग रूट और इजरायल पर हमले फिर से शुरू करने की कसम खाई है। ऐसा दो सीनियर हूती अधिकारियों ने कहा। उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर यह बात कही क्योंकि हूती लीडरशिप की तरफ से कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं हुई थी। इसके अलावा, ट्रंप ने वीडियो में कहा कि अमेरिका ने ईरान पर उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर डील के लिए दबाव बनाने की कोशिश में इस इलाके में फाइटर जेट और वॉरशिप का एक बड़ा बेड़ा इकट्ठा करने के बाद ईरान में बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं।  

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कांग्रेस का वार—‘पुराने मित्र देश पर हमला, मोदी क्यों चुप?’

नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच कई दिनों से चले आ रहे तनाव के बाद आखिरकार इजरायल के साथ मिलकर यूएस ने ईरान पर हमला बोल दिया है। तेहरान के साथ-साथ इजरायल में भी कई जगह पर विस्फोटों सुने जाने की खबर है। मध्य-पूर्व में चल रहे इस संघर्ष का असर भारत की राजनीति पर भी देखने को मिल रहा है। कुछ दिन पहले ही इजरायल की यात्रा करके लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने हमला बोलते हुए पूछा है कि क्या पीएम मोदी इजरायल और ईरान के बीच में जारी इस युद्ध का समर्थन करते हैं? कांग्रेस पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया साइट पर एक पोस्ट करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री मोदी के दोस्त बेंजामिन नेतन्याहू ने अब भारत के पुराने दोस्त ईरान पर हमला बोल दिया है। यह प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से लौटने के बमुश्किल दो दिन के बाद हुआ है। रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के बारे में तमाम दिखावे के बाद, मोदी ने अपनी इजराइल यात्रा का उपयोग इजराइल और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए क्यों नहीं किया? क्या वह इस युद्ध का समर्थन करते हैं?" गौरलतब है कि प्रधानमतंत्री मोदी 25 और 26 फरवरी के दिन इजरायल के दौरे पर थे। इस दौरे पर भारत और इजरायल के बीच में कई अहम समझौते हुए और पीएम मोदी ने इजरायली संसद को भी संबोधित किया था। हालांकि, पीएम मोदी के इस दौरे से ईरान पर किए जा रहे हमले को कोई लेना-देना नहीं था। क्योंकि अमेरिका और इजरायल के बीच पीएम के दौरे के बहुत पहले से ही ईरान के खिलाफ मोर्चाबंदी की जा रही थी। जिनेवा में चल रही बातचीत के बीच जब ईरान, अमेरिकी की शर्तों पर खड़ा नहीं उतरा, इसके बाद इजरायल और यूएस ने मिलकर तेहरान के ऊपर हमला बोल दिया। मध्य-पूर्व में इस संकट के बादल पिछले कई महीनों से मंडरा रहे थे। क्या चाहता है अमेरिका? पिछले महीनों ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के जरिए अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर साइट को नष्ट करने की कोशिश की थी। विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका उसमें आंशिक रूप से ही सफल हो पाया। हालांकि, इजरायल भी लगातार ईरानी न्यूक्लियर वैज्ञानिकों, सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाकर ईरान को कमजोर करता आ रहा है, लेकिन अब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने सीधे युद्ध में उतरने की ठान ली है। ईरान पर किए गए हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक वीडियो संदेश के जरिए ईरानी लोगों से भी सड़कों पर उतरकर अपने बेहतर भविष्य के लिए खामेनेई को सत्ता से हटाने की अपील की है। उन्होंने कहा, "अमेरिका आज वह मदद लेकर आया है, जिसका इंतजार आप पिछले कई सालों से कर रहे हैं। पिछला कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति यह नहीं कर पाया है। ऐसे में अब हमारा प्रशासन यह लेकर आया है, अब देखना है कि आप इस पर कैसे रिएक्ट करते हैं।" आपको बता दें, इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद ईरान की तरफ से भी इजरायल को निशाना बनाना शुरू किया जा चुका है। वहीं, दूसरी तरफ ईरान के समर्थन में यमन के हूती विद्रोहियों ने ऐलान किया है कि वह फिर से लाल सागर से जाने वाले जहाजों को निशाना बनाएंगे। इस युद्ध में अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान में सत्ता पलटना और न्यूक्लियर प्रोग्राम को नष्ट करना है। वहीं, दूसरी और खामेनेई के नेतृत्व में ईरान भी अपनी बात पर अड़ा हुआ है।  

2 मार्च को जनजातीय अंचल बड़वानी में होगी पहली कृषि केबिनेट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी किसानों की बेहतरी के लिए हम कई प्रकार के नवाचार कर रहे हैं। हमारी सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। राज्य सरकार के 17 अलग-अलग विभागों पशुपालन, उद्यानिकी, सहकारिता, कृषि, उद्योग को साथ लेकर किसानों की समृद्धि के लिए बगीचे से लेकर बाजार तक विस्तृत योजना तैयार की गई है। राज्य में पहली बार कृषि केबिनेट जनजातीय अंचल बड़वानी में 2 मार्च को आयोजित की जा रही है। इसमें हम किसानों को होली की सौगात देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित इस वर्ष में हम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने वाले सभी कार्यों और नवाचारों को प्रोत्साहन देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री से सौजन्य भेंट के बाद यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय गृह मंत्री  शाह से भेंटकर उन्हें अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा विश्व के श्रेष्ठ शासकों में सर्वोच्च स्थान रखने वाले सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित कई आयोजन किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में 40 साल पहले भीषण गैस त्रासदी हुई थी। जिसमें 25 हजार से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई। राज्य सरकार ने बीते साल यूनियन कार्बाइड कारखाने में जमा कचरे का सफलतापूर्वक निष्पादन कराया है। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री की खाली पड़ी जमीन पर एक भव्य स्मारक बनाये जाने के लिये केन्द्रीय गृह मंत्री  शाह से मार्गदर्शन प्राप्त किया है। यहां 87 एकड़ भूमि पर भोपाल गैस त्रासदी स्मारक, साइंस पार्क, कन्वेंशन सेंटर, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए समर्पित आधुनिक प्रयोगशाला, विकास आधारित राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र स्थापित करने की योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश नक्सलवादी अभियान से मुक्त हो गया है। लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है, यह हमारे लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है। प्रदेश में हर तरह की नक्सल गतिविधियों पर नकेल कसी है। बालाघाट ने लंबे समय तक नक्सलवाद का दंश झेला है। क्षेत्र के समग्र विकास के लिए यहां बैगा महोत्सव आयोजित किया जाए, इस दिशा में गृह मंत्री  शाह से मार्गदर्शन लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में आज प्रधानमंत्री  मोदी ने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की शुरूआत की है। इसके अंतर्गत प्रदेश की 8 लाख से अधिक बालिकाओं का नि:शुल्क टीकाकरण किया जाएगा। यह अभियान प्रदेश की 14 से 15 साल की बालिकाओं के लिए एक वरदान साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार हर मुश्किल वक्त में किसानों के साथ खड़ी है। प्राकृतिक आपदा से किसानों को हुई फसल क्षति के मुआवजे के लिए सर्वे के बाद सरकार मदद कर रही है। मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट है। प्रदेश में रबी, खरीफ, ग्रीष्मकालीन फसलों की अच्छी उत्पादकता है। मध्यप्रदेश दलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य है। गेहूं उत्पादन में भी हम देश में दूसरे स्थान पर हैं। प्रदेश में उड़द, मसूर, तुअर पर्याप्त मात्रा में पैदा होती है। मध्यप्रदेश तिलहन में भी प्रथम स्थान रखता है। सोयाबीन और मूंगफली सबसे अधिक मध्यप्रदेश में ही होती है। प्राकृतिक खेती और बागवानी में भी मध्यप्रदेश सबसे आगे है। किसानों की समृद्धि के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। प्रदेश में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय वर्ग के पारम्परिक त्यौहार भगोरिया को राजकीय पर्व के रूप में मना रही है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं शुक्रवार को आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में भगोरिया उत्सव में शामिल हुए और अमर शहीद चंद्रशेखर के बलिदान‍दिवस पर उनकी जन्मस्थली भाभरा में श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि उन्होंने शनिवार को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन को राज्य में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी और उन्हें बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने का निमंत्रण भी दिया।  

क्या बदलने वाली है कप्तानी? अफरीदी ने शादाब को बताया भविष्य का लीडर, सलमान अली पर सवाल

कोलंबो पाकिस्तान की टीम टी20 विश्व कप के सुपर-8 में जगह बना चुकी है और अब तक सेमीफाइनल की रेस में बरकरार है। हालांकि टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। सलमान अली आगा के नेतृत्व में पाकिस्तान की टीम अभी तक ब़ड़ी टीमों के खिलाफ मुकाबला नहीं जीत सकी है। वहीं टीम के कप्तान सलमान अली आगा का प्रदर्शन भी बेहद निराशाजनक रहा है। पाकिस्तान और कप्तान सलमान के टूर्नामेंट में खराब प्रदर्शन की जमकर आलोचना हो रही है और इस बीच शाहिद अफरीदी ने दावा किया है कि अगर माइक हेसन बतौर कोच टूर्नामेंट के बाद बने रहते हैं तो शादाब खान पाकिस्तान की टीम के अगले कप्तान बनेंगे। पाकिस्तान को टी 20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने की हल्की सी उम्मीद मिली है। पाकिस्तान का आज आखिरी सुपर आठ मुकाबला श्रीलंका से है। टी20 विश्व कप में टीम के खराब प्रदर्शन के कारण सलमान अली की कप्तानी भी खतरे में हैं, कईयों का मानना है कि सलमान अली को पद से जल्द ही हटाया जा सकता है। इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराकर पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद जगा दी है। न्यूजीलैंड का रन-रेट (1.390) फिलहाल पाकिस्तान (-0.461) से अच्छा है तो पाकिस्तान को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए श्रीलंका के खिलाफ या तो 64 रनों के अंतर से मैच जीतना होगा आ फिर लक्ष्य को 13.1 ओवर में हासिल करना होगा। शाहिद अफरीदी ने समा टीवी से कहा, ''अगर माइक हेसन कोच बने रहते हैं, फिर मुझे लगता है कि शादाब खान कप्तान बनेंगे। उनका (शादाब और हेसन का) कनेक्शन बहुत पुराना है, जो इस्लामाबाद यूनाइटेड में पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान शुरू हुआ था। शादाब बुरा विकल्प नहीं है, लेकिन अगर उनकी गेंदबाजी का प्रदर्शन बेहतर होता, तो यह बहुत अच्छा होता।" इंग्लैंड की न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत से पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने का भी अब रास्ता खुल गया है। अब पाकिस्तान को अपने आखिरी मुकाबले श्रीलंका पर बेहतर रनरेट के साथ बड़े अंतर से जीत हासिल करने पर उसे सेमीफाइनल में प्रवेश मिल जायेगा।