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संजू सैमसन की पारी फीकी पड़ी? गंभीर बोले- मैच जिताने वाले थे ये दो चौके

कोलकाता गौतम गंभीर का मानना है की टीम गेम में प्रत्येक खिलाड़ी का छोटा या बड़ा योगदान महत्वपूर्ण होता है लेकिन भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से इसका अभाव रहा है। भारत के हेड कोच ने कहा कि अगर शिवम दुबे ने रविवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच में 19वें ओवर दो चौके नहीं लगाए होते तो संजू सैमसन की 97 रन की मैच विजेता पारी की कोई बात नहीं कर रहा होता। गंभीर ने कहा कि जब तक वह कोच हैं, प्रत्येक खिलाड़ी के योगदान का पूरे सम्मान के साथ उल्लेख किया जाएगा। 'सैमसन के 97 रन जितने अहम दो चौके' गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से कहा, ''मुझे खुशी है कि आप सभी के योगदान के बारे में बात कर रहे हैं क्योंकि कई वर्षों से हम केवल कुछ विशेष योगदानों के बारे में ही बात करते रहे हैं। यह एक टीम गेम है और यह हमेशा टीम गेम ही रहेगा।'' उन्होंने कहा, ''मेरे लिए शिवम के दो चौके भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने संजू के 97 रन, क्योंकि अगर उसने वे दो चौके नहीं लगाए होते तो आप उस (97 रन की पारी) के बारे में बात भी नहीं करते।'' गंभीर ने कहा, ''बड़ा योगदान सुर्खियां बटोरता है, लेकिन छोटा योगदान भी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि वह टीम को जीत दिलाने में मदद कर सकता है, उसे लक्ष्य तक पहुंचा सकता है। इसीलिए मैं कहता हूं कि जब तक मैं इस पद पर हूं, हमारी आगे भी यही नीति रहेगी।'' 'सच कहूं तो मुझे आंकड़ों पर भरोसा नहीं' दुनिया भर के कोच आंकडों (डेटा) को महत्वपूर्ण मानते हैं लेकिन इनमें गंभीर शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''सच कहूं तो मुझे आंकड़ों पर भरोसा नहीं है। मैंने कभी आंकड़े देखे ही नहीं। मुझे तो यह भी नहीं पता कि आंकड़े होते क्या हैं। मैं उन पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करता, क्योंकि मुझे लगता है कि वे अधिकतर सहज ज्ञान पर आधारित होते हैं।'' गंभीर की यह टिप्पणी आश्चर्यजनक थी क्योंकि टीम डेटा विश्लेषक हरि प्रसाद पर काफी हद तक निर्भर रहती है। भारतीय कोच ने कहा, ''टी20 क्रिकेट में सहज ज्ञान और उस सहज ज्ञान पर भरोसा करना ही सब कुछ है। खेल और टी20 प्रारूप के बारे में मुझे जो भी जानकारी है, मैं उसे कप्तान को देने और जितना हो सके उनकी मदद करने की कोशिश करता हूं।'' इंग्लैंड सेमीफाइनल को लेकर क्या बोले? उन्होंने कहा, ''लेकिन आखिर में फैसला कप्तान को करना होता है लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मुझे आंकड़ों पर कोई विश्वास नहीं है क्योंकि इन्हें बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। मेरे लिए यह बहुत सौभाग्य की बात है कि हमारे पास विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं।'' इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में होने वाले सेमीफाइनल के बारे में गंभीर ने कहा, ''उनकी (इंग्लैंड) टीम एक विश्वस्तरीय टीम हैं। उनके पास कई बेहतरीन खिलाड़ी भी हैं और हम सभी जानते हैं कि वानखेड़े में खेलना आसान नहीं होता है। उम्मीद है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।''

पढ़ाई का तरीका हुआ आधुनिक, NEP 2020 पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान

नई दिल्ली केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि वर्ष 2047 तक, जब देश आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। उनका कहना था कि भारत की ताकत उसकी युवा आबादी है। बड़ी संख्या में युवा पढ़ रहे हैं, नए विचार ला रहे हैं और नई तकनीक पर काम कर रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान नई दिल्ली में आयोजित स्टडी इन इंडिया एजु-डिप्लोमैटिक कॉन्क्लेव 2026 में बोल रहे थे। यहां उन्होंने 50 से अधिक देशों के राजनयिकों को संबोधित किया। यहां बताया गया कि सरकार चाहती है कि दुनिया के बड़े विश्वविद्यालय भारत में अपने परिसर खोलें। इसके लिए नियम बनाए गए हैं ताकि प्रक्रिया साफ और समय पर पूरी हो। गौरतलब है कि अगर विदेशी संस्थान भारत आएंगे तो भारतीय छात्रों को बाहर जाए बिना ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई करने के अवसर मिल सकेंगे। नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में यह बड़ा शिक्षा सम्मेलन हुआ। इसमें 50 से ज्यादा देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने खुलकर भारत की शिक्षा व्यवस्था और उसके भविष्य के बारे में बात की। शिक्षा मंत्री ने विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों से भारत की तेजी से विकसित हो रही, नवाचार-आधारित शिक्षा प्रणाली के साथ सहयोग करने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम का मकसद दुनिया को यह बताना था कि भारत अब सिर्फ पढ़ाई करने की जगह नहीं, बल्कि एक बड़ा शैक्षणिक केंद्र बन रहा है। भारत चाहता है कि न केवल विदेशी संस्थान बल्कि दूसरे देशों के छात्र भी यहां आएं, पढ़ें, शोध करें और मिलकर आगे बढ़ें। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 आने के बाद देश की पढ़ाई का ढंग बदल गया है। अब छात्रों को केवल किसी एक विषय तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। छात्र एक साथ अलग-अलग विषय पढ़ सकते हैं। वहीं युवाओं के कौशल पर भी जोर दिया जा रहा है, यानी पढ़ाई ऐसी हो जो सीधे तौर पर भविष्य में काम आए। शिक्षा से सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि काम करने की क्षमता भी मिले। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यूजीसी ने एक पारदर्शी और समयबद्ध नियामक ढांचा तैयार किया है, जिससे विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर स्थापित करने में मदद मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया, इटली, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रमुख संस्थानों के आवेदनों को एक महीने के भीतर मंजूरी दे दी गई है। सम्मेलन में कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई, जिसमें भारतीय ज्ञान परंपरा को दुनिया तक पहुंचाना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक का शिक्षा के क्षेत्र में उपयोग करना शामिल है। इसके अलावा, विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए नियम, कौशल शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर से जोड़ना, और भारत नवाचार 2026 पहल पर भी यहां चर्चा की गई। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि दुनिया में चाहे जितनी अनिश्चितता हो, शिक्षा हमेशा देशों को जोड़ने का काम करती है। पढ़ाई, शोध और ज्ञान का आदान-प्रदान ही असली साझेदारी बनाता है। उन्होंने सभी देशों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने छात्रों और संस्थानों को भारत से जोड़ें। शिक्षाविदों के मुताबिक इस आयोजन का संदेश यह रहा कि भारत अब वैश्विक शिक्षा मंच पर मजबूत दावेदार बनना चाहता है। भारत दुनिया से कह रहा है कि आइए, यहां पढ़िए, शोध कीजिए, नए विचार लाइए और मिलकर आगे बढ़िए।

टीम इंडिया का भविष्य संवारने की तैयारी, BCCI ने दिग्गजों को सौंपी जिम्मेदारी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूर्व भारतीय दिग्गज जहीर खान और हरभजन सिंह से बेंगलुरु स्थित 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (सीओई) में विशेष शिविरों में अपनी सेवाएं देने के लिए संपर्क किया है। बीसीसीआई ने इन शिविरों के कुछ खिलाड़ियों की सूची तैयार की है। इस सूची में ऐसे खिलाड़ी शामिल किए गए हैं जो भविष्य में भारत की तरफ से खेल सकते हैं। इन खिलाड़ियों में आयु वर्ग और प्रथम श्रेणी क्रिकेट के अलावा भारत ए और भारत की सीनियर टीम की तरफ से कुछ मैच खेलने वाले खिलाड़ी शामिल हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान युवा तेज गेंदबाजों के साथ पांच दिवसीय शिविर के लिए पहले ही बेंगलुरु पहुंच चुके हैं। ये युवा गेंदबाज सीनियर टीम में जगह बनाने के करीब हैं या उसके लिए कुछ मैच खेल चुके हैं। पता चला है कि सीओई के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी को तैयार करने में मदद करने के लिए अपने पूर्व साथियों से चार से पांच दिन के विशेष शिविरों के लिए संपर्क किया था। इस घटनाक्रम से अवगत बीसीसीआई के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘लक्ष्मण ने विशेष शिविरों के लिए जहीर, हरभजन और अनिल कुंबले से संपर्क किया है। हरभजन ऑफ स्पिनरों के लिए चार या पांच दिवसीय शिविर के लिए अपना कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं। वह उन उभरते हुए खिलाड़ियों की मदद करने के लिए उत्सुक हैं जिन्होंने आयु वर्ग और भारत ए स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है।’ उन्होंने कहा, ‘यह एक स्वागत योग्य पहल है जहां भारत के लिए 100 से अधिक टेस्ट मैच खेल चुके खिलाड़ी अगली पीढ़ी के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे।’ माना जा रहा है कि टेस्ट और वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज अनिल कुंबले से कलाई के स्पिनरों के लिए एक शिविर आयोजित करने का अनुरोध किया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि इंडियन प्रीमियर लीग शुरू होने से पहले विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे क्योंकि इनमें से कई खिलाड़ियों को अपनी-अपनी आईपीएल टीमों से जुड़ना होगा। इस बीच भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वीआरवी सिंह और श्रीनाथ अरविंद उन प्रमुख नामों में शामिल हैं जिन्होंने 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में तेज गेंदबाजी कोच के स्थायी पद के लिए आवेदन किया है। वीआरवी और अरविंद दोनों ने सीओई में विभिन्न आयु वर्ग के शिविरों में काम किया है। बीसीसीआई इंग्लैंड के ट्रॉय कूली की जगह पर तेज गेंदबाजी विभाग के प्रमुख की तलाश में है। स्पिन गेंदबाजी विभाग की कमान फिलहाल पूर्व भारतीय गेंदबाज सुनील जोशी के हाथ में है।

रांची में होली के दिन चटक धूप और गर्मी, मौसम विभाग ने जारी किया ताज़ा पूर्वानुमान

 रांची राजधानी रांची में होलिका दहन की तैयारियां जोरों पर हैं। इस साल होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि होली के दिन मौसम कैसा रहेगा। मौसम विभाग ने त्योहार के दिन के लिए साफ और शुष्क मौसम का अनुमान जताया है। राजधानी रांची में 2 मार्च को होलिका दहन किया जा रहा है। इस बार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण पड़ने के कारण होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। मौसम विभाग के अनुसार, होली के दिन आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 15 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे लोग रंगों का त्योहार खुले दिल से मना सकेंगे। हालांकि दोपहर के समय तेज धूप और गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अधिक देर तक धूप में रहने से बचने की सलाह दी गई है। पानी ज्यादा पीने और सिर को ढककर बाहर निकलने की हिदायत दी गई है। इस साल गर्मी सामान्य से ज्यादा पड़ सकती है मार्च के पहले दिन ही रांची का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल गर्मी सामान्य से ज्यादा पड़ सकती है। फिलहाल मार्च के पहले सप्ताह में मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन इसके बाद तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है। अगले एक सप्ताह में राजधानी का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। राज्य के कई जिलों में भी तापमान 30 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। चाईबासा में तापमान करीब 35 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं जमशेदपुर में 35 डिग्री, डाल्टनगंज में 36 डिग्री और बोकारो में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन जिलों में न्यूनतम तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। लोगों को सावधान रहने की जरूरत मौसम विभाग का मानना है कि मार्च महीना सामान्य रह सकता है, लेकिन अप्रैल और मई में गर्मी का असर ज्यादा दिखेगा। इस दौरान तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है और लू चलने की भी आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को अभी से सावधान रहने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है।  

बड़वानी में आधुनिक सब्जी मंडी से मजबूत होगी कृषि अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

50 एकड़ में स्थापित होगा आदर्श बीज उत्पादन केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी कृषि एवं विकास योजनाओं की सौगात राजकीय गरिमा के साथ मनाया गया भगोरिया पर्व : जुलवानिया भगोरिया हाट में उड़ा उल्लास और परंपरा का रंग भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगोरिया केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ आनंद में झूमने का पर्व है। पर्व में महिला और पुरुष समान रूप से कदम से कदम मिलाकर नृत्य करते हैं और पारंपरिक वेशभूषा में लोक संस्कृति की अद्भुत छटा बिखेरते हैं। ताड़ी जैसे पारंपरिक पेय का आनंद भी इस उत्सव का हिस्सा है। जनजातीय संस्कृति की अपनी विशिष्ट पहचान और महत्व है। इसी परंपरा को संरक्षित करने के लिये राज्य सरकार ने इस पर्व को राजकीय पर्व का दर्जा देकर इसकी गरिमा को और बढ़ाया गया है। यह बातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी जिले के जुलवानिया में भगोरिया उत्सव में कही। बड़वानी के जुलवानिया में भगोरिया हाट में उस समय उल्लास और उमंग का अनूठा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय बंधुओं के भगोरिया उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आगमन से पूरा हाट परिसर उत्साह, रंग और पारंपरिक उल्लास से सराबोर हो गया। जनजातीय संस्कृति की जीवंत छटा से सजे इस पारंपरिक पर्व में मांदल की गूंजती थाप, पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित नर्तक-नर्तकियों की मनमोहक प्रस्तुतियां तथा गुलाल से रंगीन वातावरण ने भगोरिया को और भी आकर्षक बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय कलाकारों के साथ मांदल की थाप पर कदम मिलाकर उनकी कला और परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमाड़ क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक समृद्धि, उत्सवधर्मिता और जीवन के प्रति आनंदमयी दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक मौसम के अनुरूप त्यौहारों की परंपरा रही है, जिससे जीवन में उल्लास और सामूहिकता बनी रहे। पूर्वजों द्वारा स्थापित यह आनंदमयी परंपरा आज भी जीवंत है। सदियों से भगोरिया पर्व इस क्षेत्र में हर्ष, उमंग और लोक जीवन की ऊर्जा का प्रतीक बना हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निमाड़ का क्षेत्र, मां नर्मदा के आशीर्वाद से समृद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल प्रबंधन एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से सूखे खेतों तक पानी पहुंचा है और फसलें लहलहा रही हैं। यहां विविध प्रकार की फसलें, फल और सब्जियों का उत्पादन हो रहा है। प्राकृतिक खेती को भी किसान उत्साहपूर्वक अपना रहे हैं, जिसके कारण बड़वानी जिले के फल एवं सब्जियों की मांग देश-विदेश में बनी हुई है। अब लक्ष्य है कि फसल को खेत से कारखाने तक पहुंचाया जाए और फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगोरिया के आनंद और बड़वानी की उन्नत कृषि को सम्मान देने के उद्देश्य से कृषि कैबिनेट का आयोजन किया गया, जिसमें किसान कल्याण वर्ष की पहली कैबिनेट में 27,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के निर्णय लिए गए। किसानों के हित में भावांतर भुगतान योजना में सोयाबीन पर 1,500 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई। लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये 1,500 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को आर्थिक संबल प्रदान कर समान अवसर सुनिश्चित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कैबिनेट के साथ पहली बार भीलट देव के दर्शन कर मन आनंदित हुआ। निमाड़ महान संत सिंगाजी, दादा धूनिवाले जैसी विभूतियों की पावन भूमि है, जिन्होंने समरसता और सद्भाव का संदेश दिया। आपसी द्वेष और मतभेद भुलाकर प्रेम और भाईचारे के साथ होली का त्यौहार मनाने का संदेश देते हुए अग्रिम शुभकामनाएं दी गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वानी जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा अधिक है। इसके विस्तार के लिये कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के साथ आधुनिक सब्जी मंडी की स्थापना की जाएगी। जनजातीय बहुल क्षेत्रों के लिए पानसेमल एवं वरला माइक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजनाओं को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से हजारों हैक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी और जनजातीय किसानों को सीधा लाभ होगा। खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा। प्राकृतिक खेती के विस्तार के लिये 25 किसानों को अन्य राज्यों में प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 50 एकड़ क्षेत्र में आदर्श बीज उत्पादन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पलसूद बायपास एवं ओझर बायपास का निर्माण कराया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा और क्षेत्रीय आवागमन को नई सुविधा मिलेगी। साथ ही एबी रोड से भंवरगढ़ स्थित खाज्या नायक स्मारक तक पहुँच मार्ग का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध हो सके। साथ ही दीवानी से जोगवाड़ा पहुँच मार्ग तक 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा। इन सभी कार्यों से क्षेत्र के विकास, व्यापारिक गतिविधियों और आमजन की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।  

क्रैनबेरी: महिलाओं के लिए चमत्कारी फल, इसके हेल्थ बेनिफिट्स जानना है ज़रूरी

आज के समय में हेल्दी लाइफ स्टाइल को अपनाने की चाहत हर किसी की प्राथमिकता बन चुकी है। ऐसे में पौष्टिक और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फूड्स को “सुपरफूड” का दर्जा दिया जाता है। इन्हीं में से एक है क्रैनबेरी। एक छोटा सा लाल रंग का खट्टा-मीठा फल, जो स्वाद के साथ-साथ कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। यह विटामिन सी, ई, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और कई तरह बीमारियों से बचाता है।इससे हमारे शरीर को कई फायदे मिलते हैं। तो आइए जानते हैं इनके फायदों के बारे में- यूटीआई से बचाव क्रैनबेरी महिलाओं में आम यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) को रोकने में काफी प्रभावी है। इसमें मौजूद प्रोस्यानिडिन्स नामक तत्व बैक्टीरिया को मूत्राशय की दीवारों से चिपकने नहीं देते, जिससे इन्फेक्शन नहीं होता है। दिल की सुरक्षा क्रैनबेरी में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल्स हृदय की धमनियों को हेल्दी बनाए रखते हैं, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं और हृदय रोग का जोखिम कम करते हैं। पाचन क्रिया में सुधार इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सफाई करता है और पाचन को सुचारु बनाए रखता है, जिससे कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर रहती हैं। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट इम्यून सिस्टम को मजबूती देते हैं और शरीर को इंफेक्शंस से लड़ने में सहायक बनाते हैं। मुंह और दांतों की देखभाल क्रैनबेरी मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है, जिससे कैविटी, मसूड़ों की सूजन और सांस की बदबू में राहत मिलती है। स्किन को बनाएं ग्लोइंग और जवां जवां इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और उम्र के असर को कम करते हैं, जिससे स्किन ग्लो करती है। कैंसर से बचाव शोध के अनुसार, क्रैनबेरी में मौजूद तत्व ब्रेस्ट, कोलोन और प्रोस्टेट कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि को रोक सकते हैं। वेट लॉस करने में सहायक कम कैलोरी और हाई फाइबर वाले इस फल को नियमित सेवन से भूख नियंत्रित रहती है,जिससे वजन कम करना आसान हो जाता है। कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखे यह बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाता है और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ावा देता है, जिससे आपका दिल हेल्दी रहता है। क्रैनबेरी एक टेस्टी और शक्तिशाली सुपरफूड है, जिसे आप ड्राय फ्रूट, जूस, या स्मूदी में शामिल कर अपनी डाइट को हेल्दी बना सकते हैं। इसका नियमित सेवन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगा और आपको एक्टिव बनाए रखेगा।  

नागरिक सेवाओं में सुधार का सम्मान: पंजाब को मिला डिजिटल एक्सीलेंस अवॉर्ड

चंडीगढ़ नागरिक-केंद्रित सुधारों के तहत पारदर्शिता, दक्षता और जन सेवाओं की निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए तकनीक के प्रभावी उपयोग में अग्रणी पहलों के चलते पंजाब सरकार को टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान प्रतिष्ठित “डिजिटल एक्सीलेंस” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के डायरेक्टर विशेष सारंगल ने राज्य सरकार की ओर से यह पुरस्कार हैदराबाद में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप द्वारा आयोजित टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान प्राप्त किया। इस समारोह में देशभर के शीर्ष तकनीकी विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। इस पुरस्कार को राज्य के नागरिकों और विभागीय टीम को समर्पित करते हुए सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा पारदर्शी, पेपरलेस और जवाबदेह प्रशासनिक ढांचा स्थापित करने के प्रयासों का परिणाम है। अमन अरोड़ा ने कहा कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार राज्य सरकार के सुशासन और नागरिक-केंद्रित सुधारों के प्रति समर्पण को रेखांकित करता है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय ‘विचौलिया संस्कृति’ को समाप्त करने और नागरिकों को उनके घर-द्वार पर सम्मानजनक एवं सहज सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल परिवर्तन केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था में जनता के विश्वास को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने राज्य सरकार की अभिनव डिजिटल पहलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “भगवंत मान सरकार आपके द्वार” योजना के तहत नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल करके घर बैठे 430 से अधिक सरकारी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि पंजाब के सरपंचों, नंबरदारों और नगर काउंसिलरों (एमसी) को ऑनलाइन आवेदनों की सत्यापन प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया गया है, जिससे आवश्यक प्रमाण-पत्रों के जारी होने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है और तकनीक को जमीनी नेतृत्व से जोड़ा गया है। पटवारियों और फील्ड स्टाफ की सफल ऑनबोर्डिंग के बाद राज्य सरकार द्वारा 12.5 लाख से अधिक आवेदनों पर ऑनलाइन कार्रवाई की जा चुकी है। इस डिजिटल एकीकरण के परिणामस्वरूप लंबित मामलों की दर मात्र 0.33 प्रतिशत रह गई है, जो सिस्टम की दक्षता को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, एम-सेवा और कनेक्ट पंजाब एक एकीकृत मोबाइल प्लेटफॉर्म और मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली प्रदान करते हैं, जिससे नागरिक अपने आवेदनों की ट्रैकिंग कर सकते हैं और वास्तविक समय में फीडबैक दर्ज करा सकते हैं। इससे हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है। भविष्य की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए विशेष सारंगल ने कहा, “हम इस उपलब्धि तक सीमित नहीं रहेंगे। पंजाब की डिजिटल यात्रा के अगले चरण में सेवा वितरण को और अधिक सरल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) को एकीकृत किया जाएगा। हमारा लक्ष्य आय, निवास और जाति प्रमाण-पत्र सहित सभी प्रमुख सेवाओं के लिए 100 प्रतिशत पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस इकोसिस्टम स्थापित करना है। यह पुरस्कार लालफीताशाही को पूरी तरह समाप्त करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा तथा आम नागरिकों के लिए हर सरकारी सेवा को एक क्लिक पर उपलब्ध कराएगा।”

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी की अपील, वैश्विक स्थिरता पर जताई चिंता

ईरान ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की जद में आ चुका है। सोमवार को भी दोनों पक्षों ने एक दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया है और युद्ध के और भयावह होने का खतरा बना हुआ है। एक तरफ ईरान ने इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने का संकल्प लिया है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने B-2 बॉम्बर्स उतार दिए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिका के खाड़ी देशों मे मौजूद ठिकानों और इजरायल को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है। इजरायल में, मिसाइल हमलों या उन्हें रोके जाने के कारण हुए जोरदार धमाकों की आवाजें तेल अवीव में सुनने को मिलीं। वहीं इजराइल की बचाव सेवाओं ने बताया कि मध्य शहर बेत शेमेश में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुए हमले में आठ लोग मारे गए और 28 घायल हो गए, जिससे देश में मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई है। कतर, कुवैत जैसे शहरों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। ईरान पर बमबारी जारी वहीं अमेरिका और इजराइल ने भी रविवार को भी बमबारी जारी रखी। ईरान की राजधानी तेहरान में हुए धमाकों से आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठता दिखा, खासकर उस इलाके में जहां सरकारी इमारतें स्थित हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की हत्या करने वाले अमेरिकी और इजराइली हमलों की शुरुआत से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच ईरानी स्कूल पर हुए हमले में मौत का आंकड़ा 180 तक पहुंच गया है। पीएम मोदी ने नेतन्याहू से की फोन पर बात इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की है और हालिया घटनाक्रम को लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार रात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की थी। पीएम ने खाड़ी देश पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है।

देवकरण झोरढ़ बने भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल की सहमति से भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जयपाल सिंह चावड़ा ने मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया। घोषित सूची के अनुसार देवकरण झोरढ़ को किसान मोर्चा का प्रदेश मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। संगठन द्वारा की गई इस नियुक्ति को आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और किसान हित से जुड़े मुद्दों के प्रभावी प्रचार-प्रसार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश पदाधिकारियों की घोषणा के साथ ही मोर्चा की आगामी रणनीतियों और कार्यक्रमों को गति देने की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। संगठन ने नव नियुक्त पदाधिकारियों से किसान हितों के संरक्षण एवं संगठन के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा व्यक्त की है।

निर्यात पर मंडराया खतरा: पंजाब के बासमती कारोबारियों को भारी नुकसान की आशंका

चंडीगढ़ भारत से बासमती यूरोपीय संघ, तुर्की और यूके को भी भेजा जाता है। ईरान की बंदरगाह का अफगानिस्तान भी इस्तेमाल करता है जिस कारण वहां के लिए भी बासमती के निर्यात पर असर पड़ेगा। ईरान संकट के बीच पंजाब में बासमती निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि युद्ध के हालात के बीच बासमती के निर्यात पर संकट के बादल छा गए हैं। ईरान व बाकी देशों से 10 लाख टन बासमती के आर्डर हैं जिसमें से अकेले पंजाब से ही तीन लाख टन बासमती का निर्यात लटक गया है। बासमती निर्यातकों का कहना है कि अगर स्थिति सामान्य जल्द न हुई तो घरेलू बाजार में बासमती के दाम गिर जाएंगे जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। अमेरिका-इस्राइल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है जहां से बासमती का निर्यात होता है। यह सिर्फ ईरान ही नहीं बल्कि सऊदी अरब, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों को भी निर्यात के लिए जोड़ता है लेकिन अब इसके बंद होने से गुजरात और ईरान बंदरगाह पर ही माल अटका हुआ है। इससे बासमती के खराब होने का भी डर है। देश से हर साल 20 लाख टन का निर्यात होता है जिसमें से 25 प्रतिशत कुल बासमती का निर्यात ईरान को होता है जबकि 20 प्रतिशत निर्यात इराक को होता है। अकेले पंजाब की निर्यात में 25 से 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है और इसमें से भी सबसे ज्यादा निर्यात ईरान को होता है। बाकी मध्य पूर्वी देशों को भी निर्यात किया जाता है। दोनों बंदरगाह और मिलों में पड़ा बासमती पंजाब बासमती मिलर्स एंड एक्सपोर्ट एसोसिएशन के वित्त सचिव नरेश गोयल ने बताया कि मौजूदा हालात के कारण दोनों बंदरगाह पर पंजाब का बासमती अटक गया है। इसके अलावा मिलों में भी भारी मात्रा में बासमती पड़ा है। अगर जल्द निर्यात शुरू न हुआ तो इसके खराब होने का भी डर है। अदायगी भी रुकने से निर्यातकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिस तरह के हालात बने हैं उससे यह जल्द सामान्य होते दिखाई नहीं दे रहे हैं जिससे आगे संकट और गहरा सकता है। आगे ऑर्डर देने से डर रहे व्यापारी एसोसिएशन के प्रधान बाल कृष्ण बाली ने बताया कि रोज औसत 10 हजार टन बासमती का निर्यात अकेले पंजाब से ही होता है लेकिन मौजूदा हालात में अब ईरान में व्यापारी आगे ऑर्डर देने से डर रहे हैं। वह लगातार उनके संपर्क में हैं लेकिन पोर्ट बंद होने से फिलहाल वह पहले से फंसे माल की अनलोडिंग नहीं कर पा रहे हैं। पिछले साल भी उनके 2 हजार करोड़ रुपये फंस गए थे और अब दोबारा हालात पहले से भी अधिक खराब हो गए हैं। आगे गेहूं की खरीद भी शुरू होनी है लेकिन पहले ही मिलों में चावल का भंडारण किया हुआ है। इससे आगे स्टोरेज संकट का भी सामना करना पड़ सकता है क्योंकि गेहूं के लिए सरकार जगह बनाने की तैयारी कर रही थी।