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आर्चरी खिलाड़ियों को 5-5 हजार देने की घोषणा

रायपुर आर्चरी खिलाड़ियों को 5-5 हजार देने की घोषणा राज्यपाल रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों से कहा कि अपनी समृद्ध, पारंपरिक संस्कृति को सहेजने के लिए स्थानीय भाषाओं, लोकगीतों, कलाओं और रीति-रिवाजों को संरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने समृद्ध संस्कृति ओर परंपरा को सहेजकर रखनेे का आग्रह करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ते हुए भी अपनी परंपराओं को विलुप्त न होने दें।  राज्यपाल रमेन डेका आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान कोटा विकासखंड के शिवतराई पहुंचकर बैगा और बिरहोर आदिवासियों से शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि बैगा और बिरहोर समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराएं उनकी पहचान हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने आर्चरी के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रत्येक खिलाड़ी को 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने खिलाड़ियों को लोकभवन रायपुर आने का निमंत्रण दिया तथा कलेक्टर को उनके आवागमन सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। आर्चरी खिलाड़ियों को 5-5 हजार देने की घोषणा स्व-सहायता समूह द्वारा आजीविका गतिविधियां संचालित राज्यपाल डेका ने लखपति दीदीमती प्रमिला बैगा से चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे गोंदा स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह कीमती रश्मि मरावी ने बताया कि उनके समूह द्वारा सिलाई-मशीन का काम, अचार-पापड़ निर्माण सहित अन्य आजीविका गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बैगा महिलाओं द्वारा बांस से विभिन्न उपयोगी उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण), राशन की उपलब्धता, पीएम जनमन योजना सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। औरापानी कीमती मंगली ने बताया कि उन्हें आवास योजना का लाभ मिला है। शिवतराई कीमती ममता खुसरो ने बताया कि उन्हें आयुष्मान कार्ड के साथ महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने आयुष्मान कार्ड से अपना अल्सर का ऑपरेशन भी कराया है।  जनमन योजना के तहत 265 आवास स्वीकृत राज्यपाल ने कहा कि बांस के उत्पाद और पारंपरिक गहने बनाना सिखाने के लिए प्रशिक्षक की भी व्यवस्था की जाएगी। राज्यपाल ने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने पर भी जोर दिया। इस दौरान सरपंच ने बताया कि यहां पीएम जनमन योजना के तहत 265 आवास स्वीकृत हुए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में पीवीटीजी समुदाय के लगभग 6400 लोग 54 बसाहटों में निवासरत हैं। पीएम जनमन योजना के तहत लगभग 900 आवास स्वीकृत किए गए हैं तथा 21 सड़कों का निर्माण किया गया है। टाटीधार में बहुद्देशीय केंद्र बनाया गया है। पीवीटीजी बसाहटों में 3 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण और दवाईयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। नियमित रूप से मेडिकल कैंप लगाए      राज्यपाल ने निर्देश दिए कि पीएम जनमन योजना का अधिक से अधिक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए तथा नियमित रूप से मेडिकल कैंप लगाए जाएं। उन्होंने टीबी मरीजों के पोषण के लिए उन्हें गोद लेने की पहल को भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को मोतियाबिंद की समस्या है, तो वे एम्स आ सकते हैं, वहां उनके ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी। राज्यपाल ने बैगा समाज के लोगों को होली पर्व की शुभकामनाएं दीं और उन्हें उपहार भी प्रदान किया।  इस अवसर पर बैगा समाज के प्रमुख लुमन सिंह बैगा ने पलाश के फूलों की माला पहनाकर राज्यपाल का स्वागत किया तथा बैगा महिलाओं ने खुमरी पहनाकर उनका पारंपरिक स्वागत किया। कार्यक्रम में एसएसपी रजनेश सिंह, सीसीएफ मनोज पांडे, एडीएम शिव कुमार बनर्जी सहित बड़ी संख्या में बैगा आदिवासी समाज के लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

Punjab में देश का पहला AI टावर बनाने जमीने होंगी एक्वायर

मोहाली. पंजाब के मोहाली में एयरपोर्ट के पास एक बड़ी एक्सपो सिटी विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत देश का पहला समर्पित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टावर बनाया जाएगा, जहां लगभग 300 AI और टेक्नोलॉजी कंपनियां काम करेंगी। इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवास एवं शहरी विकास विभाग ने करीब 182.88 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जमीन लेने से पहले सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) किया जाएगा, ताकि यह समझा जा सके कि इस परियोजना का स्थानीय लोगों और आसपास के इलाकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। जमीन का अधिग्रहण राइट टू फेयर कंपेंसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट एक्ट, 2013 के तहत किया जा रहा है। उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट में सफीपुर, लंडियाली, धरमगढ़ और रुड़का गांवों की जमीन शामिल की गई है। मास्टर प्लान के अनुसार इस परियोजना को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा और इसे कानून के तहत पब्लिक पर्पस की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए ग्राम सभा की अनुमति जरूरी नहीं होगी, हालांकि प्रभावित पंचायतों और जमीन मालिकों से बातचीत करना अनिवार्य रहेगा। बताया जा रहा है कि सर्वे की प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 6 महीने लग सकते हैं। एक्सपो सिटी में बनने वाला AI टावर पंजाब में टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और इनोवेशन को नई दिशा देगा। इसके साथ ही इससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 10 एकड़ क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एग्जिबिशन ग्राउंड भी विकसित किया जाएगा। यहां बड़े पैमाने पर ग्लोबल एक्सपो, कन्वेंशन, ट्रेड शो और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा, ताकि देश-विदेश की कंपनियां अपने उत्पाद और तकनीक का प्रदर्शन कर सकें। इस एग्जिबिशन ग्राउंड को दिल्ली के प्रगति मैदान के मॉडल पर विकसित करने की योजना है, जिससे यह व्यापार और उद्योग से जुड़े बड़े आयोजनों का प्रमुख केंद्र बन सके। इसके अलावा एक्सपो सिटी में लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में बड़ा शॉपिंग मॉल और रिटेल कॉम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा। यहां हाई एफएसआई वाले क्षेत्रों में ऑफिस स्पेस, होटल, हॉस्पिटैलिटी, रिटेल और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। किया जाएगा सर्वे एक्सपो सिटी प्रोजेक्ट के लिए किए जाने वाले सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) के दौरान कई अहम पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि इस परियोजना से कितने परिवार प्रभावित होंगे और क्या किसी को अपना घर या जमीन छोड़नी पड़ेगी। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि निजी और सरकारी जमीन, मकान, बस्तियों या अन्य संपत्तियों पर इस प्रोजेक्ट का कितना असर पड़ेगा। अध्ययन में यह भी जांच होगी कि परियोजना के लिए वास्तव में कितनी जमीन जरूरी है। अगर किसी अन्य स्थान पर इस प्रोजेक्ट को विकसित करने की संभावना होगी, तो उस विकल्प का भी आकलन किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि परियोजना के खर्च के मुकाबले समाज और अर्थव्यवस्था को कितना फायदा होगा।

किसानों के लिए खुशखबरी: हरियाणा में रबी फसलों की खरीद शुरू, MSP के अनुसार भुगतान होगा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 की फसलों की खरीद प्रक्रिया घोषित कर दी है। राज्य में मसूर की खरीद 20 मार्च से आरंभ होकर 30 अप्रैल तक होगी, जबकि सरसों की खरीद 28 मार्च से आरंभ होकर एक मई तक संचालित होगी। चने की खरीद एक अप्रैल से आरंभ होगी, जो कि 10 मई तक चलेगी। ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद एक जून से 30 जून तक की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने  चंडीगढ़ में सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा की। बैठक के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025-26 में प्रमुख फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि हुई है। सरसों का उत्पादन लगभग 13.17 लाख टन होने का अनुमान है। सूरजमुखी का उत्पादन 0.70 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि चना और मसूर के उत्पादन में भी सुधार दर्ज किया गया है। ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 98 टन तक बढ़ने का अनुमान है। मुख्य सचिव ने उच्च उत्पादन अनुमानों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को बिना किसी विलंब के लाभकारी मूल्य मिल सके। साथ ही, किसानों में एमएसपी और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए। बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की भी समीक्षा की गई। सरसों के लिए एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये, मसूर के लिए 7,000 रुपये, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। 28 मार्च से होगी सरसों की सरकारी खरीद सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू होगी और 1 मई तक अनाज मंडियों में सरसों को खरीदा जाएगा. चने की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होकर 10 मई तक चलेगी जबकि ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद 1 जून से 30 जून तक चलेगी. चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा बैठक बुलाई थी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समयबद्ध तरीके से खरीद सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को बिना किसी देरी के MSP का लाभ मिल सके. साथ ही, किसानों में MSP और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए. यह रहेगा न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की भी समीक्षा की गई. सरसों के लिए MSP 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर के लिए 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. पूर्व वर्षों की खरीद की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा ने मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत प्रभावी खरीद सुनिश्चित की है। वर्ष 2024-25 में 8.12 लाख टन से अधिक सरसों की खरीद की गई। वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार की स्वीकृतियों के अनुरूप खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत निर्धारित 25 प्रतिशत खरीद सीमा सहित सभी मानकों का कड़ाई से पालन करें। यदि आवश्यक हो तो किसानों के हित में इस सीमा से अधिक खरीद के लिए भी आवश्यक वित्तीय प्रविधान सुनिश्चित करें।

राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार को फटकारा, कहा—एग्जाम में शून्य अंक वालों को नहीं मिल सकती सरकारी नौकरी

जयपुर  राजस्थान हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार से यह बताने को कहा कि उसने रिज़र्व कैटेगरी के तहत क्लास IV सरकारी कर्मचारियों की भर्ती के लिए कट-ऑफ मार्क्स ज़ीरो क्यों तय किए हैं. कोर्ट ने यह सवाल विनोद कुमार बेटे प्यारेलाल बनाम राजस्थान राज्य के मामले में सुनवाई के दौरान पूछी है. इस हालात को चौंकाने वाला बताते हुए, जस्टिस आनंद शर्मा ने कहा कि इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत है, क्योंकि यह सरकारी नौकरी में बेसिक स्टैंडर्ड बनाए रखने को लेकर चिंता पैदा करता है। ‘सरकारी कर्मचारी को बेसिक काम तो ठीक से आना ही चाहिए’ कोर्ट ने कहा, ‘अपॉइंटिंग अथॉरिटी के तौर पर, राज्य से उम्मीद की जाती है कि वह रिज़र्व कैटेगरी के लिए भी भर्ती में मिनिमम स्टैंडर्ड पक्का करे, ताकि चुने गए उम्मीदवार बेसिक काम ठीक से कर सकें, चाहे वे क्लास-IV कर्मचारी ही क्यों न हों. जो व्यक्ति लगभग ज़ीरो या नेगेटिव मार्क्स लाता है, उसे सही नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह आदेश एक रिट पिटीशन पर दिया जिसमें कहा गया था कि हाल ही में एक सरकारी डिपार्टमेंट में क्लास-IV एम्प्लॉई के लिए एक रिक्रूटमेंट प्रोसेस में, कुछ रिज़र्व्ड कैटेगरी के लिए कट-ऑफ मार्क्स 0.0033 जितने कम थे। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक उम्मीदवार ने कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें बताया गया कि हाल ही में हुई एक भर्ती प्रक्रिया में कुछ आरक्षित श्रेणियों के लिए कट-ऑफ महज 0.0033 रखी गई थी। माइनस में नंबर, फिर भी नौकरी ना मिलने की शिकायत दिलचस्प बात यह है कि याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा इसलिए खटखटाया क्योंकि उसके अंक शून्य से भी कम थे और इसी आधार पर उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई थी। उसने कोर्ट से शिकायत की कि जब सरकार ने पास होने के लिए कोई न्यूनतम नंबर तय ही नहीं किए हैं, तो उसे फेल क्यों किया गया? जांच में पता चला कि कुछ श्रेणियों में कट-ऑफ महज 0.0033 थी। कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि या तो परीक्षा का पेपर जरूरत से ज्यादा कठिन था या फिर भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि उन्होंने पास होने के लिए कम से कम नंबर की सीमा तय क्यों नहीं की? अब राजस्थान हाईकोर्ट ने संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव से जवाब मांगा है। उन्हें हलफनामा देकर यह बताना होगा कि भविष्य में ऐसी स्थिति को सुधारने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।  

पहले ही फ्रेंडली में छाए भारतीय अंडर-17 खिलाड़ी, म्यांमार को चटाई शिकस्त

म्यांमार भारतीय अंडर-17 पुरुष राष्ट्रीय टीम ने पहले मैत्री मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान म्यांमार को 2-1 से हराया। यांगून के थ्वुन्ना स्टेडियम में मंगलवार को खेले गये मुकाबले के पहले हाफ में वाशिंगटन सिंह न्गांगोम (11वें) और गुनलेइबा वांगखेइराकपाम (24वें) मिनट में गोलकर भारतीय टीम को बढ़त दिलाई। हाफ-टाइम के बाद म्यांमार की ओर म्यिंट म्याट को ने (54वें) मिनट में गोल करके स्कोरशीट में जगह बनाई, लेकिन अंतत: भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-1 जीत दर्ज की। भारतीय टीम इस साल के आखिर में होने वाले एएफसी अंडर-17 एशियन कप सऊदी अरब 2026 की तैयारी कर रहे हैं।  

हार हमारे चेहरे पर थप्पड़ की तरह थी: दक्षिण अफ्रीका के कोच शुकरी कॉनराड

कोलकाता दक्षिण अफ्रीका का नॉक आउट गेम्स में हारने का पुराना रिकॉर्ड रहा है। टी20 विश्व कप 2026 में भी इस रिकॉर्ड से दक्षिण अफ्रीका का पीछा नहीं छूटा। बुधवार को कोलकाता में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 9 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका के कोच शुकरी कॉनराड ने इस हार को ‘खूनी मार’ की संज्ञा दी है। मैच के बाद शुकरी कॉनराड ने कहा, “मुझे नहीं पता कि आज रात चोक थी या नहीं। मुझे लगा कि यह एक खूनी मार थी। चोक होने के लिए, आपको गेम में थोड़ी सी भी पकड़ होनी चाहिए। हमें कोई पकड़ नहीं मिली। यह ऐसा था जैसे चेहरे पर थप्पड़ मारा गया हो।” कॉनराड ने कहा, “आज रात बहुत कुछ ठीक नहीं हुआ, लेकिन शायद ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे बहुत अच्छे थे और उन्होंने हमें कभी मौका नहीं दिया। मैं यहां बैठकर बुरी रात के लिए बहाने नहीं बनाऊंगा। हम अच्छे नहीं थे और वे बहुत अच्छे थे। उन्होंने हमें आगे से रोक दिया, हमने विकेट गंवाए और हमें कोई मोमेंटम नहीं मिला।” दक्षिण अफ्रीका के कोच ने कहा, “आज रात की गेंदबाजी की क्षमता और विकेट ने हमारे लिए मैच को मुश्किल बना दिया।” न्यूजीलैंड की तारीफ करते हुए कॉनराड ने कहा, “न्यूजीलैंड ने आज रात सच में बहुत, बहुत अच्छा खेला। उन्होंने हमें बिल्कुल मौका नहीं दिया और सच में बहुत अच्छा दबाव बनाया। उनके स्पिनर बहुत अच्छे रहे।” टी20 विश्व कप 2026 में अजेय रही और ग्रुप स्टेज में न्यूजीलैंड को हरा चुकी दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ एकतरफा हार का सामना करना पड़ा। टॉस गंवाकर दक्षिण अफ्रीका ने 8 विकेट पर 169 रन बनाए थे। फिन एलन के 33 गेंदों पर बनाए 100 रन और टिम साइफर्ट के 33 गेंदों पर बनाए 58 रन की मदद से न्यूजीलैंड ने 12.5 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 173 रन बनाकर मैच 9 विकेट से जीतते हुए फाइनल में जगह बना ली।  

कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने राज्यपाल से की सौजन्य भेंट

रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने मंगलवार को कुलाधिपति एवं राज्यपाल माननीय श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दयाल ने विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्य करने का अवसर देने और विकास के प्रति विश्वास जताने के लिए कुलाधिपति के प्रति आभार व्यक्त किया।  प्रोफेसर दयाल ने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय के हित, प्रगति और शैक्षणिक गुणवत्ता को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सभी प्रयास कुलाधिपति के मार्गदर्शन में किए जाएंगे। भेंट के दौरान विश्वविद्यालय के भावी विकास के लिए तैयार रोडमैप, रूपरेखा और विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दयाल ने उच्च शिक्षा सचिव तथा उच्च शिक्षा आयुक्त से भी मुलाकात कर विश्वविद्यालय की प्रगति, शैक्षणिक गुणवत्ता और विकास संबंधी योजनाओं पर चर्चा की। अधिकारियों ने विश्वविद्यालय की उन्नति के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

आंगनवाड़ी में 6110 पदों के लिए दोबारा खुली आवेदन विंडो

चंडीगढ़. पंजाब सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास निदेशालय (SSWCD Punjab) ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायक के 6110 पदों पर भर्ती 2026 के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के तहत 12वीं और 10वीं पास योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 25 फरवरी 2026 से दोबारा शुरू हो चुकी है और 11 मार्च 2026 तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती का संक्षिप्त विवरण विवरण     जानकारी पोस्ट नाम     आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWW), आंगनवाड़ी सहायक (AWH) पदों की संख्या     1316 AWW, 4794 AWH (कुल 6110) वेतन     पंजाब सरकार के मानदंडों के अनुसार योग्यता     10वीं, 12वीं उत्तीर्ण आयु सीमा     18 से 37 वर्ष (दिनांक 01-07-2025 तक) ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि     19.11.2025 (सुबह 9:00 बजे) ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि     10.12.2025 (रात 11:59 बजे) पुनः ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि     11-03-2026 आधिकारिक वेबसाइट      sswcd.punjab.gov.in कौन कर सकता है आवेदन? पंजाब सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास द्वारा जारी भर्ती के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWW) के 1316 पद निर्धारित किए गए हैं, जिनके लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। वहीं आंगनवाड़ी सहायक (AWH) के 4794 पदों के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना आवश्यक है। इस भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष तय की गई है। हालांकि, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु में छूट प्रदान की जाएगी। इतना लगेगा आवेदन शुल्क आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 500 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अतिरिक्त जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 250  रुपये शुल्क तय किया गया है। ऐसे करें आवेदन सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नए उम्मीदवार पहले रजिस्ट्रेशन करें। लॉगिन करके ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें। आवश्यक दस्तावेज और प्रमाणपत्र पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करें। यदि लागू हो तो आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। सभी भरी गई जानकारी को दोबारा जांच लें। अंतिम तिथि से पहले आवेदन फॉर्म सबमिट करें। भविष्य के लिए आवेदन पत्र का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

बीकानेर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलते ही मचा हड़कंप

बीकानेर बीकानेर शहर के न्यायालय परिसर में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने की सूचना सामने आई। धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत सक्रिय हो गया और एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली करवाया जाने लगा। ई-मेल के जरिए मिली धमकी मिली जानकारी के अनुसार किसी अज्ञात व्यक्ति ने ई-मेल भेजकर बीकानेर कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं, पक्षकारों और कर्मचारियों को बाहर निकलने के निर्देश दिए गए। मौके पर पहुंची एडीएसपी घटना की सूचना पर एडीएसपी चक्रवती सिंह राठौड़ भी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पुरोहित ने सभी अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों को तुरंत अदालत परिसर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की। सुरक्षा एजेंसियों ने चलाया तलाशी अभियान अजय पुरोहित ने कहा कि अदालत परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, इसलिए सभी लोग तत्काल परिसर खाली कर दें। साथ ही जो अधिवक्ता अभी तक कोर्ट नहीं पहुंचे हैं, उन्हें भी फिलहाल अपने घरों में ही सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। धमकी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

बलतेज पन्नू का बयान: पंजाब सरकार नशा तस्करी के खिलाफ जंग में कड़ी मेहनत कर रही

लुधियाना  आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज और नशा मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने मोहन दई अस्पताल में इलाज करा रहे एक नशा विरोधी कार्यकर्ता से मुलाकात की। बता दें कि यह कार्यकर्ता नशा तस्करी में शामिल लोगों द्वारा किए गए हमले में घायल हो गया था। अपनी इस यात्रा के दौरान बलतेज पन्नू ने पीड़ित और उनके परिवार से मिलकर एकजुटता का इजहार किया और पंजाब सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। बलतेज पन्नू के साथ विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और नशा मुक्ति मोर्चा पंजाब के सदस्य भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार उन लोगों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है जो नशे की इस बुराई का बहादुरी से सामना कर रहे हैं और तस्करी में शामिल लोगों को बेनकाब कर रहे हैं। बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार नशा तस्करों और स्मगलरों के खिलाफ लगातार और बहुआयामी जंग लड़ रही है। उन्होंने कहा कि हम पंजाब से इस अभिशाप को पूरी तरह खत्म करके ही दम लेंगे। उन्होंने दोहराया कि 'नशों के खिलाफ युद्ध' अभियान अपने अंतिम और सबसे गंभीर चरण में प्रवेश कर चुका है और पंजाब सरकार राज्य से नशों के पूर्ण सफाए के लिए दृढ़ संकल्पित है। बलतेज पन्नू ने घायल कार्यकर्ता के परिवार को यह भी भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार को पूरा सहयोग दे रही है। मैं निजी तौर पर उनके लगातार संपर्क में रहूंगा और इलाज के दौरान हर संभव मदद सुनिश्चित करूंगा। नशा तस्करी में शामिल लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि नशा तस्कर या तो पंजाब छोड़ दें या फिर सख्त और बिना किसी समझौते वाली कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि जब तक पंजाब से नशों की बुराई पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां करके, नशा तस्करों की संपत्तियां कुर्क करके, एनडीपीएस एक्ट के तहत सजाएं दिलवाकर और जनभागीदारी के जरिए अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। नशा मुक्ति मोर्चा के लगभग 1.5 लाख वालंटियर पंजाब से नशों के खात्मे के इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग दे रहे हैं।